BJP ने अगर RJD को तोड़ दिया तो नीतीश कुमार कहां जाएंगे? 

भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) का एक ही बयान नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) दोनों के हिस्से में बराबर फिट बैठता है – RJD में टूट होने पर जेडीयू और बीजेपी में फासला तो बढ़ेगा ही, नीतीश कुमार के रास्ते भी बंद हो जाएंगे.

होली और ईद को दोस्तों के साथ साथ दुश्मनों के बीच का फासला मिटाने वाला त्योहार माना जाता है – बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति, खिचड़ी के नाम से ज्यादा मशहूर, के दही-च्यूड़ा भोज का भी बरसों से यही रोल रहा है. अफसोस की बात ये है कि 2021 में ये आयोजन नहीं होने जा रहा है.

तीन साल पहले भी बिहार में मुख्यमंत्री तो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ही थे, लेकिन सरकार महागठबंधन की थी. सरकार बने साल भर ही हुए थे और तनातनी इतनी तो हो ही चुकी थी कि लालू प्रसाद यादव के भोज से नीतीश कुमार दूरी बना लें, लेकिन 14 जनवरी, 2017 को राबड़ी देवी को खातिरदारी से नीतीश कुमार ने महरूम नहीं किया – और न ही लालू यादव को दही का टीका लगाने से. 

खिचड़ी भोज रद्द किये जाने के पीछ वजह तो कोविड 19 ही बतायी जा रही है, लेकिन ये अकेला खतरा नहीं लगता – जो सबसे बड़ा खतरा महसूस हो रहा है, वो राष्ट्रीय जनता दल में संभावित तोड़-फोड़ को लेकर बीजेपी का दावा है. बीजेपी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) ने दावा किया है कि खिचड़ी को खत्म होने वाले खरमास के बाद तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) की आरजेडी में टूट होना तय है.

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