ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव निचले सदन में पारित

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेन्टेटिव्स में पारित हो गया है. अब सदन के ऊपरी सदन सीनेट में उन आरोपों पर ट्रायल होगा.

ट्रंप पर पिछले सप्ताह (छह जनवरी) अपने समर्थकों को कैपिटल हिल यानी अमेरिकी संसद परिसर पर हमला करने के लिए उकसाने का आरोप था जिसे सदन में 197 के मुक़ाबले 232 वोटों से पारित कर दिया गया. दस रिपब्लिकन्स सांसदों ने महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन किया.

छह जनवरी को हुई हिंसा में एक पुलिस अधिकारी समेत पाँच लोगों की मौत हो गई थी.

अमेरिका के इतिहास में ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं जिनके ख़िलाफ़ एक ही कार्यकाल में दो बार महाभियोग प्रस्ताव पारित किया गया है.

दिसंबर 2019 में भी उन पर महाभियोग लाया गया था क्योंकि उन्होंने यूक्रेन से बाइडन की जाँच करने का कहकर क़ानून तोड़ा था. हालांकि सीनेट ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया था. लेकिन उस समय एक भी रिपब्लिकन सांसद ने ट्रंप के ख़िलाफ़ वोट नहीं दिया था.

सीनेट में ट्रायल के दौरान अगर दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित होता है तो उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने पद से हटना पड़ेगा. यह भी हो सकता है कि उन्हें अब दोबारा किसी भी पब्लिक ऑफ़िस के अयोग्य ठहरा दिया जाए.

लेकिन ट्रंप का कार्यकाल वैसे भी 20 जनवरी को पूरा हो रहा है और इतने कम समय में सीनेट में उनके ख़िलाफ़ ट्रायल का मुकम्मल होना संभव नहीं है.

सीनेट के रिपब्लिकन लीडर मिच मैक्कॉनेल ने कहा है कि इस हफ़्ते भी सीनेट की बैठक होती है राष्टपति के दफ़्तर छोड़ देने से पहले अंतिम फ़ैसला नहीं हो सकेगा.

मैक्कॉनेल ने बयान जारी कर कहा, “इस सच्चाई की रोशनी में मेरा मानना है कि राष्ट्र के हित में यही होगा कि संसद और कार्यपालिका अगले सात दिनों को आने वाले बाइडन प्रशासन को एक सुरक्षित और सुव्यस्थित सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल करें.”

इससे पहले बुधवार को निचले सदन में कई घंटों तक ख़ूब गर्मागरम बहस हुई.

संसद अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के शब्दों को कोट करते हुए कहा, “हमलोगों के पास अधिकार है और ज़िम्मेदारी भी.”

पेलोसी ने कहा, “हमलोग जानते हैं कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने बग़ावत के लिए उकसाया, हम सभी के देश के ख़िलाफ़ हथियारबंद बग़ावत को हवा दी. उन्हें जाना ही चाहिए. वो राष्ट्र के लिए साफ़ तौर पर एक मौजूदा ख़तरा हैं जिस राष्ट्र से हम सब प्यार करते हैं.”

उन्होंने कहा, “मैं आपके सामने संविधान के एक अधिकारी के तौर पर, एक पत्नी, एक मां, एक दादी मां और एक बेटी के तौर पर खड़ी हूं, जिसके पिता ने इस सदन की गर्व से सेवा की है.”

उन्होंने आगे कहा, “राष्टपति को सीनेट में ज़रूर दोषी क़रार दिया जाना चाहिए. इससे यह सुनिश्चित होगा कि यह गणतंत्र उस व्यक्ति से सुरक्षित रहेगा जो उन चीज़ों को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्हें हम बहुत प्यारा समझते हैं और जो हम सब को एक साथ जोड़े रहता है.”

पेलोसी ने अपने बातों को ख़त्म करते हुए कहा, “मेरे अमेरिकी साथियों, हम इतिहास से बच नहीं सकते. इसलिए आइए हम अपनी ड्यूटी को पूरा करें और इस राष्ट्र ने जो हम पर विश्वास जताया है उसका सम्मान करें.”

ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के कई सांसद भी ट्रंप का बचाव करते नहीं दिखे लेकिन उनका कहना था कि महाभियोग प्रस्ताव को पारंपरिक सुनवाई को बाइपास किया है, इसलिए उन्होंने डेमोक्रैट्स सांसदों से कहा कि राष्ट्रीय एकता की ख़ातिर महाभियोग प्रस्ताव को वापस ले लें.

रिपब्लिक पार्टी के 10 सांसदों ने महाभियोग प्रस्ताव के पक्ष में वोटिंग की. उनके नाम हैं- लिज़ चेनी, एडम किनज़िंगर, जॉन काटको, एंथनी गोनज़ालेज़, टॉम राइस, डैन न्यूहाउस, जेम हेरेरा ब्यूटलर, फ़्रेड उपटन, डेविड वालाडाओ, पीटर माइजर.

एडम किनज़िंगर ने ट्वीट किया, “आज महाभियोग के पक्ष में वोट डालना मेरे लिए संयत कर देने वाला क्षण था, हमारे लोकतंत्र के प्रतीक संसद भवन तक जाना और सिर्फ़ एक हफ़्ते पहले यहां हम सब ने जो हिंसक विद्रोह देखा था उनको याद करना. इस वोट को मैंने हलके में नहीं लिया बल्कि मैंने बहुत ही आत्मविश्वास के साथ यह वोट डाला है. मैं ख़ुद में शांति महसूस कर रहा हूं.”

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