विधायक रघुवंशी की रेत माफियाओं को चेतावनी

कोलारस।
कोलारस विधायक ने रेत माफियाओं को प़ेस कांन्फ्रेंस के जरिए चेतावनी दी है। साथ ही जो ट्रेक्टर ट्राली खेती कार्य के लिए पंजीयित हैं और व्यवसायिक रूप से रेत का परिवहन कर रहे उनको जब्त कर कानूनी कार्रवाई करने की परिवहन विभाग से मांग की है।

अभी पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार हो रहे दुष्प्रचार को लेकर भी उन्होंने अपनी बात को रखा। रघुवंशी के अनुसार उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उनके एवं उनके परिवार के किसी भी सदस्य के रेत खनन में शामिल होने के प्रमाण अगर कोई देता है तो वह ₹100000 की राशि देने को तैयार है।

साथ ही उन्होंने रेत खनन को लेकर आज एक पत्र भी प्रकाशित किया है जिसमें शासन से अपील की गई है कि कोलारस विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सिंध के 5 घाट जहां से रेत का खनन हो रहा है उनको तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए सरेंडर किया जाए रेत खनन के मामले में बड़ी-बड़ी मशीनों से हो रहे खनन को लेकर दलित आदिवासियों के मजदूरी छिन जाने के डर से तथा उनके पलायन के खतरे के सवाल पर ने बताया कि प्रशासन को इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाएगा तथा निर्धारित शासन की निर्धारित रायल्टी को लेकर ही आम उपभोक्ता बजरी का परिवहन करें तथा शासन को निर्देश भी दिए कि रास्ते में रोककर ट्रैक्टरों को चेक किया जाए कि इनके पास ऑनलाइन रोल्टी है या नहीं तथा चंद घाटों पर जाकर जो हेवी मशीन का उपयोग हो रहा है उनको जप्त किया जाए ऐसा निर्देश भी एसडीएम कोलारस गणेश जायसवाल को दिए गए हैं तथा साथ ही साथ रेत खनन में शामिल माफियाओं को चेतावनी दी कि अगर किसानों के हित के लिए बनाए गए स्टॉप डैम को क्षति पहुंचाने की कोशिश की तो सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

अभी कुछ दिन पहले रेत माफियाओं ने सिंध नदी पर बने स्टाप डेम को क्षतिग्रस्त कर दिया था ‌। जिससे नदी का पानी बह गया और अब उसी क्षेत्र में रेत माफियाओं ने खनिज विभाग को ढाल बना लीज के नाम पर रेत का उत्खनन शुरू कर दिया है।
विधायक की चेतावनी के बाद भी रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
ट्रेक्टरों का उपयोग रेत परिवहन में व्यापारिक तौर पर ग़लत है। परिवहन विभाग को ऐसे ट्रेक्टर ट्राली जब्ती कर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए जो कृषि कार्य के लिए पंजीयित हैं और व्यवसायिक रूप में रेत का परिवहन कर रहे।
रेत माफियाओं के आगे ऐसा लगता है कि क्षेत्र के विधायक ऊंची पहुंच के कारण विवश हों।
एक तरफ मुख्यमंत्री माफियाओं के खिलाफ हूंकार भरते हैं और दूसरी तरफ इनके आगे विवश नज़र आते हैं।

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