अफगानिस्‍तान के जोरदार हवाई हमले में 9 पाकिस्‍तानी आतंकी ढेर, कई तालिबानियों का भी खात्मा

तालिबान
अफगानिस्तान में आतंक का पर्याय बने पाकिस्तानी मूल के 9 आतंकवादी हवाई हमले में मारे गए हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि शनिवार रात निमरोज प्रांत में आतंकवादियों को निशाना बनाकर किए गए एयरस्ट्राइक में ये आतंकी मारे गए। इनमें नौ पाकिस्तानी और पांच तालिबान से जुड़े हुए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि इस हवाई हमले में 18 आम नागरिक मारे गए हैं।

18 आम नागरिकों के मारे जाने की खबर
गजनी में प्रांतीय परिषद के प्रमुख बाज मोहम्मद नासिर ने कहा कि मारे गए सभी लोग एक ही परिवार के हैं। उन्होंने कहा कि यह हवाई हमला खशारोड जिले के मुनाज़ारी गांव को निशाना बनाकर किया गया था। मारे गए लोगों में आठ बच्चे, सात महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पीड़ितों के रिश्तेदार न्याय की मांग के लिए 18 शवों को लेकर निमरोज की राजधानी जारंज पहुंचे हैं।

अफगानिस्तान एयरफोर्स ने शुरू की जांच
अफगानिस्तान एयरफोर्स की एएनए 215 वीं वाहिनी ने एक बयान में कहा कि है शनिवार रात को खाशारोड जिले में तालिबान के ठिकानों पर किए गए हवाई हमले में कई आतंकवादी मारे गए हैं। स्थानीय लोगों के आरोपों पर एयरफोर्स ने कहा कि उनकी टीम आम लोगों के हताहत होने के दावे की जांच कर रही है।

अफगानिस्तान में सक्रिय हैं पाकिस्तानी आतंकी
गौरतलब है कि जुलाई में जारी की गई संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान के करीब 6,000-6,500 आतंकवादी पड़ोसी अफगानिस्तान में सक्रिय हैं जिनमें से अधिकतर का संबंध ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ से है और वे दोनों देश के लिए खतरा हैं। वहीं, अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन (Pentagon) ने भी अफगानिस्तान पर जारी अपनी रिपोर्ट में अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा क्षेत्र को आतंकी संगठनों के लिए सुरक्षित ठिकाना बताया था।

अलकायदा भी है सक्रिय
यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान के 12 प्रांतों में अलकायदा के आतंकी गुप्त रूप से सक्रिय है और इसका सरगना ऐमन अल-जवाहिरी यहीं छिपा हुआ है। निगरानी टीम का अनुमान है कि अफगानिस्तान में अल-कायदा लड़ाकों की कुल संख्या 400 से 600 के बीच है। निगरानी टीम का यह भी अनुमान है कि अफगानिस्तान में आईएसआईएल-के के मौजूदा सदस्यों की संख्या 2,200 है। इसका सरगना शेख मतिउल्ला कमाहवाल है जो पूर्व में कुनार में आईएसआईएल-के का सरगना था।

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