26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देख देश बहुत दुखी हुआ; हमारा वैक्सीनेशन प्रोग्राम दुनिया में मिसाल बना,, मन की बात में बोले पी एम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को रेडियो पर मन की बात की। इस साल ये उनका पहला एपिसोड है। प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसात्मक घटना पर दुख जताया। कहा, ‘दिल्ली में 26 जनवरी को तिरंगे का अपमान देखकर देश बहुत दुखी भी हुआ।’

वैक्सीनेशन प्रोग्राम दुनिया में मिसाल बना

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें आने वाले वक्त को नई आशा और उम्मीदों से भरना है। हमने असाधारण क्षमता का परिचय दिया है और आगे भी हमें ऐसा करना है। साल की शुरुआत के साथ ही कोरोना के खिलाफ लड़ाई को भी एक साल पूरा हो गया है। वैक्सीनेशन प्रोग्राम दुनिया में मिसाल बन रहा है।’

भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन प्रोग्राम चला रहा है। हम दुनिया में सबसे तेज गति से अपने नागरिकों का वैक्सीनेशन कर रहे हैं। 15 दिन में ही 30 लाख से ज्यादा कोरोना वॉरियर्स का टीकाकरण हो गया है। अमेरिका को इसी काम में 18 और ब्रिटेन को 36 दिन लगे थे।

मन की बात करता हूं तो लगता है परिवार के बीच हूं

प्रधानमंत्री बोले, ‘जब मैं मन की बात करता हूं तो लगता है कि परिवार को बीच मौजूद हूं। हमारे खट्टे-मीठे अनुभव, जीवन के लिए सीख ही मन की बात है। 2021 की जनवरी का आखिरी दिन है। आप भी मेरी तरह सोच रहे हैं कि पूरा महीना बीत गया। समय की गति यही तो है। कुछ दिन पहले की बात है कि नए साल की शुभकामनाएं दीं, पोंगल, मकर संक्रांति, लोहड़ी, 23 जनवरी नेताजी की जयंती पर पराक्रम दिवस, 26 जनवरी, बजट सत्र जैसी चीजों के बीच एक और काम हुआ। पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई।’

जितने आत्मनिर्भर होंगे, उतना ही मानवता की सेवा कर पाएंगे

मोदी ने कहा कि नमो ऐप पर यूपी से हिमांशु यादव ने लिखा है कि मेड इन इंडिया वैक्सीन से मन में आत्मविश्वास आ गया। मदुरै से कीर्ति जी ने लिखा कि कई विदेशी दोस्तों ने लिखा कि भारत ने जिस तरह कोरोना से लड़ाई में दुनिया की मदद की, उससे उनके मन में भारत की इज्जत और भी बढ़ गई है।

अभी ब्राजील के राष्ट्रपति ने जिस तरह से भारत को धन्यवाद दिया, उससे हर भारतीय को कितना अच्छा लगा है। भारतीयों को रामायण के उस प्रसंग की गहरी जानकारी है, उसका प्रभाव है और ये हमारी संस्कृति की विशेषता है। संकट में भारत दुनिया की सेवा इसलिए कर पा रहा है, क्योंकि हम दवाओं और वैक्सीन को लेकर आत्मनिर्भर है। जितना हम आत्मनिर्भर होंगे, उतना ही दुनिया की और मानवता की सेवा कर पाएंगे।

आजादी की 75वीं सालगिरह पर अमृत महोत्सव शुरू होगा

PM ने कहा कि 23 साल की प्रियंका बिहार के सिवान में रहती हैं और हिंदी साहित्य की विद्यार्थी हैं। वे देश के 15 पर्यटन स्थलों पर जाने के मेरे सुझाव से प्रेरित थीं। एक जनवरी को वे देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के पैतृक निवास पर गईं। उन्होंने लिखा कि देश की महान विभूतियों को जानने में उनका ये पहला कदम था। आपका ये अनुभव दूसरों को प्रेरित करेगा।’

पाकिस्तान में टारगेट क्यों बन रहे हैं ये मुसलमान?

पाकिस्तान में पिछले दिनों ISIS के आतंकियों ने हज़ारा समुदाय के दर्जनभर लोगों की हत्या कर दी। खूब हंगामा हुआ। समुदाय के लोग लाशें लेकर सड़कों पर बैठ गए। प्रधानमंत्री इमरान खान को मरने वालों के परिवार से मिलने क्वेटा जाना पड़ा, तब जाकर लाशें दफ़्न की गईं।

यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में हज़ारा मुसलमानों को मुसलमान ही टारगेट कर रहे हैं। पाकिस्तान में मुख्य तौर पर बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में बसी यह आबादी हमेशा से निशाने पर रही है और सिर्फ वहीं नहीं, अफगानिस्तान में भी इन पर खूब अत्याचार होते हैं। तालिबान और आईएसआईएस के आतंकवादियों के अलावा दूसरे मुस्लिम आतंकी संगठन भी जब-तब इस समुदाय पर हमला बोल देते हैं।

इस्लाम के नाम पर अत्याचार किए जाते हैं हज़ारा लोगों पर। तालिबान के शासन के समय जब हालात बदतर हो गए थे तो इस समुदाय का बड़ा हिस्सा जान बचाकर भागा। पाकिस्तान और ईरान में शरण ली। शिया बहुल होने की वजह से ईरान ने तो इन्हें अपना लिया, लेकिन पाकिस्तान नहीं अपना सका।

आपने शिया और सुन्नी मुसलमानों के बारे में ज़रूर होगा। हज़ारा, शिया मुसलमानों की एक कौम है। सुन्नी मुसलमान इन्हें अशुद्ध मानते हैं। इस्लाम के नाम पर इनकी हत्या करने का मक़सद है इस अशुद्ध कौम का खात्मा। अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर, हज़ारा मुसलमान हैं कौन और क्यों इन्हें अशुद्ध कौम माना जाता है?

इसका जवाब जानने के लिए हमें कई सौ साल पीछे जाना होगा। इतिहासकारों का मानना है कि हज़ारा लोग मंगोलों और मध्य एशियाई तुर्कों के वंशज हैं। 1221 में चंगेज़ खान ने अफगानिस्तान के हज़राजट इलाक़े के बामयान शहर को अपने क़ब्ज़े में ले लिया। माना जाता है कि अफगानियों को वहां से निकालने के बाद चंगेज़ खान ने अपने मंगोल सैनिक वहां बसा दिए। उस दौर में मंगोल सेना में हज़ार सैनिकों का दस्ता तैयार किया जाता था। यहीं से निकला ‘हज़ारा’ शब्द। इस तरह वहां बसने वाले कहलाए ‘हज़ारा’।

कुछ विद्वानों का कहना है कि हज़ारा लोग शुद्ध मंगोल नहीं, बल्कि मंगोलों और मध्य एशिया की अन्य प्राचीन जातियों का मिश्रण हैं, जैसे तुषारी, कुषाण या इस क्षेत्र के ईरानी भाषाएं बोलने वाले लोग। वैसे इस समुदाय के लोग शक्ल से भी मंगोल नस्ल के लगते हैं। कुछ-कुछ चीनियों जैसे। दरी फारसी की हज़ारगी उपभाषा बोलते हैं और शिया इस्लाम को मानते हैं। अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान में बड़ी संख्या में रहते हैं ये।

हज़ारा लोगों का ज़िक्र सबसे पहले मुग़ल बादशाह बाबर ने अपनी जीवनी ‘बाबरनामा’ में किया था। ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के मुताबिक, 16वीं शताब्दी के अंत या 17वीं शताब्दी की शुरुआत में ईरान में सफवी राजवंश के प्रभाव में आकर हज़ारा लोगों ने उस दौरान शिया इस्लाम अपनाया। सफवी शासनकाल में पहली बार ईरान में शिया इस्लाम राजधर्म के रूप में स्थापित हुआ था। आज भी ईरान में शिया इस्लाम मानने वाले बड़ी संख्या में है। यही वजह है कि ईरान में हज़ारा समुदाय के लोग अच्छी स्थिति में हैं।

क़रीब 200 साल पहले ब्रिटिश हुकूमत के विस्तार के दौरान हज़ारा समुदाय के ज़्यादातर लोग कोयले की खदानों में मज़दूरी किया करते थे। कहते हैं कि ब्रिटिश सरकार ने उनका इस्तेमाल अफगानिस्तान के ख़िलाफ़ जंग में भी किया था। 19वीं सदी में जब ब्रिटिश सरकार ने अब्दुर रहमान खान को अफगानिस्तान का शासक बनाया तो उसने हज़ाराजट और कफीरिस्तान पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश की। 1888 से 1893 तक हज़ारा समुदाय के लोगों ने अब्दुर रहमान के ख़िलाफ़ विद्रोह छेड़ दिया। यही वो वक़्त था जब यह समुदाय चर्चा में आया।

हालांकि, अंत में विजय अब्दुर रहमान को मिली। इसके बाद उसने अपने विरोध में खड़े होने वाले हज़ारा समुदाय पर बड़े अत्याचार किए। कहते हैं कि लगभग 60 प्रतिशत हज़ारा लोगों को उसने मौत के घाट उतरवा दिया था। जो किसी तरह बच गए, उन्होंने ईरान और भारतीय उपमहाद्वीप भागकर अपनी जान बचाई। भारत में शरण लेने वाला समुदाय उन हज़ारा लोगों के ही वंशज हैं, जिन्हें अब्दुर रहमान ने मौत के घाट उतार दिया था। ये सभी अब पाकिस्तान के क्वेटा में रहते हैं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इन पर लगातार हमले होने की वजह है इस समुदाय का शिया इस्लाम से ताल्लुक रखना। इस्लाम में दो प्रमुख विचारधाराएं हैं – शिया और सुन्नी। सुन्नी मुसलमान ख़ुद को इस्लाम की सबसे पारंपरिक शाखा मानते हैं। उन सभी पैगंबरों को मानते हैं, जिनका ज़िक्र क़ुरान में किया गया है।

शिया मानते हैं कि मुसलमानों का नेतृत्व करने का अधिकार अली और उनके वंशजों का है। अली पैग़ंबर मोहम्मद के दामाद थे। दोनों समुदाय में विश्वास और पैग़म्बर मोहम्मद की मौत के बाद उनके उत्तराधिकारी के मुद्दे पर भारी मतभेद हैं। 1980 के दौरान ईरान-इराक और सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान दोनों कौमों के बीच खाई और गहरी होती चली गई।

अफगानिस्तान में तालिबान शासन के दौरान हज़ारा समुदाय के लाखों लोगों का नरसंहार कर दिया गया। इस समुदाय की लड़कियों और महिलाओं को किडनैप कर उनका रेप किया गया। इन्हें क़ाफिर कहा जाता और धमकाया जाता कि या तो वे अफगानिस्तान छोड़ दें या सुन्नी इस्लाम क़ुबूल कर लें।

किसी तरह जान बचाकर भागे हज़ारा लोगों ने तब ईरान और बलूचिस्तान में शरण ली। लेकिन बलूचिस्तान में भी हज़ारा लोगों को चैन से नहीं रहने दिया जा रहा। सुन्नी इस्लाम को मानने वाले आतंकी संगठन आज भी इनके खून के प्यासे हैं।

बाहुबली मुख्तार अंसारी के फरार बेटे अब्बास ने जयपुर में किया निकाह, लखनऊ पुलिस इनाम घोषित कर करती रही तलाशने का दावा

लखनऊ, : उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पुलिस फरार चल रहे बाहुबली नेता और मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की तलाश का सिर्फ दावा ही करती रही। जबकि 25 हजार रुपये के इनामिया अब्‍बास ने जयपुर में बड़ी शान-ओ-शौकत से निकाह भी कर लिया। निकाह के फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होते ही लखनऊ पुलिस सिर्फ हाथ मलती नजर आ रही है। 

अब्बास अंसारी के निकाह की तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर शुक्रवार को वायरल होने के बाद राजधानी पुलिस महकमे में खलबली मच गई। हजरतगंज कोतवाली में आरोपित अब्बास अंसारी, उसके भाई और मां पर शत्रु संपत्ति पर कब्जा करने के मामले में एफआइआर दर्ज कराई गई थी।इससे पहले जिला प्रशासन, एलडीए और पुलिस की टीम ने मुख्तार अंसारी के लखनऊ में अवैध भवन पर बुलडोजर चलवाकर उसे ध्वस्त कर दिया था। हजरतगंज पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू की। इसके बाद अब्बास और उमर अंसारी पर सितंबर 2020 में इनाम घोषित किया गया था। 

उधर, एक ही लाइसेंस पर कई असलहे रखने के मामले में भी अब्बास पर एफआइआर दर्ज है। इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही थी और उसने न्यायालय में आरोपित के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। आठ जनवरी को आरोपित को कोर्ट में हाजिर होना था लेकिन नहीं आया। 

इंस्पेक्टर हजरतगंज श्याम बाबू शुक्ला के मुताबिक मामले की विवेचना की जा रही है। निकाह की पुष्टि नहीं हो सकी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

यह है मामला: मुख्तार और उसके बेटों ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान बना लिया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर हजरतगंज कोतवाली में बाहुबली विधायक व गैंगस्टर मुख्तार अंसारी, उनके बेटे अब्बास और उमर अंसारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी। 

प्रभारी लेखपाल जियामऊ सुरजन लाल की तहरीर पर यह रिपोर्ट लिखी गई थी। आरोप है कि डालीगंज स्थित मोहम्मद वसीम के नाम दर्ज जमीन को उनके पाकिस्तान जाने के बाद जालसाजी कर अपने नाम करवाया था। 

दीप सिद्धू ने वीडियो जारी कर कहा- परिवार को न करें परेशान, 2 दिन बाद पुलिस के सामने होऊंगा पेश

गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले में मचे उत्पात को लेकर पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. इस बीच, दीप सिद्धू की ओर से एक और वीडियो जारी किया गया है. इसमें एक्टर ने कहा है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है. वह दो दिन बाद पुलिस के सामने पेश हो जाएंगे. 

एक्टर दीप सिद्धू ने वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, इसलिए उन्हें कोई डर नहीं है. वह मामले से जुड़े सबूत जुटा रहे हैं और 2 दिन बाद पुलिस के सामने पेश हो जाएंगे. एक्टर ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां उनके परिवार को परेशान न करें. 

इससे पहले फेसबुक पर जारी वीडियो में दीप सिद्धू ने कहा था कि मेरे बारे में लगातार झूठ फैलाया जा रहा है, ऐसे में सच इकट्ठा करना जरूरी है. जो मेरे ऊपर केस लगाए गए हैं, मैं उनको लेकर अपने सबूत पेश करूंगा. मालूम हो कि लाल किला हिंसा मामले में पुलिस ने सिद्धू के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट और लुकआउट नोटिस जारी किया है. 

गौरतलब है कि दीप सिद्धू किसान आंदोलन से जुड़ा रहा है. 26 जनवरी को निकली ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर काफी हिंसा हुई और झंडा फहराया गया. आरोप है कि सिद्धू ने ही लोगों को झंडा फहराने के लिए उकसाया. इसी के बाद दिल्ली पुलिस की ओर से दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज किया गया. फिलहाल, सिद्धू की तलाश जारी है और लुक आउट नोटिस जारी किया गया है.

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गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले में मचे उत्पात को लेकर पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. इस बीच, दीप सिद्धू की ओर से एक और वीडियो जारी किया गया है. इसमें एक्टर ने कहा है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है. वह दो दिन बाद पुलिस के सामने पेश हो जाएंगे. 

एक्टर दीप सिद्धू ने वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, इसलिए उन्हें कोई डर नहीं है. वह मामले से जुड़े सबूत जुटा रहे हैं और 2 दिन बाद पुलिस के सामने पेश हो जाएंगे. एक्टर ने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां उनके परिवार को परेशान न करें. 

इससे पहले फेसबुक पर जारी वीडियो में दीप सिद्धू ने कहा था कि मेरे बारे में लगातार झूठ फैलाया जा रहा है, ऐसे में सच इकट्ठा करना जरूरी है. जो मेरे ऊपर केस लगाए गए हैं, मैं उनको लेकर अपने सबूत पेश करूंगा. मालूम हो कि लाल किला हिंसा मामले में पुलिस ने सिद्धू के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट और लुकआउट नोटिस जारी किया है. 

गौरतलब है कि दीप सिद्धू किसान आंदोलन से जुड़ा रहा है. 26 जनवरी को निकली ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर काफी हिंसा हुई और झंडा फहराया गया. आरोप है कि सिद्धू ने ही लोगों को झंडा फहराने के लिए उकसाया. इसी के बाद दिल्ली पुलिस की ओर से दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज किया गया. फिलहाल, सिद्धू की तलाश जारी है और लुक आउट नोटिस जारी किया गया है.

23 राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि, 10 में पोल्ट्री फार्म्स में पहुंचा संक्रमण, जानें अपने राज्य का हाल

नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने शनिवार को बताया कि 10 राज्यों में पोल्ट्री बर्ड्स में बर्ड फ्लू फैलने की पुष्टि हुई है, जबकि 13 राज्यों में कौवे, प्रवासी और जंगली पक्षियों में इस बीमारी की जानकारी मिली है। प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।

केरल, हरियाणा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब और जम्मू-कश्मीर ने पोल्ट्री पक्षियों में एवियन इंफ्लूएंजा फैलने की पुष्टि की है। वहीं मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और बिहार में कौवे, प्रवासी और जंगली पक्षियों में बर्ड फ्लू की सूचना मिली है।

जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में घरेलू मुर्गी में एवियन इंफ्लूएंजा फैलने की पुष्टि हुई है। पशुपालन और डेयरी विभाग ने एक बयान में कहा, इसके अलावा हिमाचल के हमीरपुर जिले में कौवे में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई और बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में यह बीमारी एक मोर में पाई गई।

बयान में कहा गया है कि हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब और उत्तर प्रदेश के प्रभावित केंद्रों में नियंत्रण और रोकथाम अभियान (सफाई और कीटाणुशोधन) चल रहे हैं। उन स्थानों पर निगरानी कार्य चल रहा है, जहां मुर्गी पालन को छोड़कर बाकी पक्षियों की प्रजातियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

जिन किसानों के मुर्गी पक्षियों, अंडे और मुर्गी पालन आहार को राज्य सरकार के निर्देश पर मारा या निस्तारित किया जाता है, उन्हें मुआवजा दिया जा रहा है। सभी राज्य हर रोज बर्ड फ्लू की रोकथाम, नियंत्रण और रोकथाम के लिए संशोधित कार्य योजना पर अपनाए गए नियंत्रण उपायों के बारे में सूचित किया जा रहा है।

किसान आंदोलन: महात्मा गांधी का जिक्र कर BJP पर बरसे दिग्विजय, बोले- पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे…

नई दिल्ली: केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन  का 67वां दिन है. कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसान, कानूनों को रद्द करने से कम पर मानने को तैयार नहीं हैं. इस बीच, विपक्षी दल और उनके नेता भी सरकार को कटघरे में खड़े करने की कोशिश में जुटे हुए हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा किया यदि महात्मा गांधी होते तो किसानों के पक्ष में सत्याग्रह करते होते, फिर बीजेपी-संघ ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया होता. 

दिग्विजय सिंह ने रविवार को अपने ट्वीट में लिखा, “यदि बापू होते तो किसानों के पक्ष में सत्याग्रह करते होते, फिर भाजपा/संघ द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया होता. भाजपा/संघ हमें फिर से लोकतंत्र से एकतंत्र की तरफ़ ले जा रही है, पर घबराने की बात नहीं है क्योंकि “पहले लड़े थे गोरों से, अब लड़ेंगे चोरों से”.

इस बीच, भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने सरकार से पूछा है कि वह कृषि कानूनों को वापस क्यों नहीं ले सकती है? टिकैत ने शनिवार को केन्द्र सरकार से कहा कि वह खुद किसानों को बताये कि वह कृषि कानूनों को वापस क्यों नहीं लेना चाहती और ‘‘हम वादा करते हैं कि सरकार का सिर दुनिया के सामने झुकने नहीं देंगे.” टिकैत ने कहा, “सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि वह नये कृषि कानूनों को निरस्त नहीं करने पर अड़ी हुई है?”

औषधीय गुणों से भरपूर हैं नीम के पत्ते, यहाँ जानिये इससे होने वाले अनेक लाभ के बारे में… 


नीम के पत्ते, छाल, टहनी, जड़ और फल सभी औषधीय गुणों से भरपूर हैं. इसका स्‍वाद भले ही काफी कड़वा होता है, लेकिन यह बहुत गुणकारी है.अगर आप खाना बनाते वक्त या किसी दूसरे कारण से अपना हाथ जला बैठी हैं तो तुरंत उस जगह पर नीम की पत्तियों को पीसकर लगा लें. इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण घाव को ज्यादा बढ़ने नहीं देता है.

नीम के पत्ते एंटी फंगल जीवाणुरोधी और एंटी इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में काम करते हैं। नीम की पत्ती खाने के फायदे विभिन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने और सौंदर्य को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं।

यह एक औषधीय पेड़ है जो विभिन्‍न रोगो जैसे मधूमेह, अस्‍थमा, रक्‍त परिसंचरण, मलेरिया, फंगल संक्रमण, कैंसर, गठिया आदि बीमारियों के प्रभावों को कम करने में मदद करता है।

नीम दांतो से जुड़ी कई परेशानियों से छुटकारा दिला सकता है। दांत में अगर कीड़े लगे हो, दांतों में अगर पीलापन हो, या मुंह से बदबू आती हूं। यह सारी परेशानियों को नीम ठीक कर सकता है।

नीम में एंटीबायोटिक तत्व भरपूर होता हैं और यह तत्व रोगों को दूर करने में मदद करते हैं. रोज नीम का सेवन करने से वायरल व फंगल इंफेक्‍शन और घाव ठीक किए जा सकते हैं.

ब्लड में मौजूद टॉक्सिन से बहुत सारे अंगों के काम रूक जाते हैं और एलर्जी, थकान, सिरदर्द जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं. इन्हें दूर करने के रोज सुबह नीम का पानी जरूर पिएं.

अपनाएं जापानी वॉटर थेरेपी,तेजी से वजन घटाने चाहते हैं तो…… 


आधुनिक समय में वजन घटाने के लिए लोग नाना प्रकार के जतन करते हैं। कुछ लोग डाइटिंग करते हैं, तो कुछ लोग

दिनचर्या में बदलाव करते हैं। हालांकि, वेट लॉस के लिए डाइट और दिनचर्या में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से जरूर

सलाह लें। विशेषज्ञों की मानें तो कैलोरीज गेन के समानुपात में कैलोरीज बर्न करने से बढ़ते वजन को कंट्रोल करने में

मदद मिलती है। इसके लिए कैलोरीज काउंट और वर्कआउट पर जरूर ध्यान देने की जरूरत है। इसके अतिरिक्त इंस्टेंट

वजन घटाना के लिए जापानी वॉटर थेरेपी भी कारगर है।

जापानी वॉटर थेरेपी क्या है

जापान में लोग सेहतमंद रहने के लिए चाय और पानी का अधिक सेवन करते हैं। हालांकि, जापानी लोग दूध वाली चाय की

जगह हर्बल चाय का सेवन करते हैं। वहीं, बढ़ते वजन को कम करने के लिए वॉटर थेरेपी तकनीक को अपनाते हैं। इस

तकनीक के तहत रोजाना सुबह में उठने के बाद खाली पेट कमरे के तापमान समतुल्य पानी पीने की सलाह दी जाती है।

इसके बाद तकरीबन 45 मिनट तक भूखे-प्यासे रहना पड़ता है। साथ ही खाना महज 15 मिनट की अवधि में खाना रहता

है। वहीं, अगले दो घंटे तक फिर से कुछ नहीं खाना रहता है।

जापानी वॉटर थेरेपी और वेट लॉस

पानी पीना वजन घटाने और बढ़ाने दोनों के लिए फायदेमंद होता है। जब बात जापानी वॉटर थेरेपी की आती है, तो इस

तकनीक में पानी पीने पर बल दिया जाता है। इससे शरीर हायड्रेट रहता है और पाचन तंत्र मजबूत होता है। साथ ही

मेटाबॉलिज़्म सक्रिय होता है। इससे फैट बर्न होता है जो बढ़ते वजन को कंट्रोल करने में सहायक होता है।

गैस सिलेंडर से लेकर ATM से पैसे निकालने तक, एक फरवरी से बदल जाएंगे ये नियम


बिजनेस डेस्कः एक फरवरी 2021 से कई बड़े बदलाव होने वाले हैं। इन नए नियमों से एक ओर जहां आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इनमें PNB खाताधारकों के लिए एटीएम से पैसे निकालने के नियम, रसोई गैस सिलेंडर के दाम, वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जाने वाला बजट, नई उड़ानें आदि शामिल हैं। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में।


वित्त मंत्री पेश करेंगी बजट
एक फरवरी 2021 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश करेंगी। इस साल पहली बार यह बजट पेपरलेस होगा। माना जा रहा है कि कोरोना की मार झेल करे लोगों को बजट में काफी राहत मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स में कटौती हो सकती है। कारोबारियों के लिए भी राहतों का एलान हो सकता है। कुछ चीजें महंगी भी हो सकती हैं और कुछ सामानों पर कर घटाया जा सकता है। सरकार कई वस्तुओं पर सीमा शुल्क में कटौती कर सकती है। कोरोना के चलते इस बजट का महत्व और भी ज्यादा है। ‘यूनियन बजट मोबाइल एप’ के जरिए सासंद और आम जनता बजट से जुड़े दस्तावेज पा सकेंगे। 

PNB खाताधारक इन ATM से नहीं निकाल पाएंगे पैसे
देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने खाताधारकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। एक फरवरी 2021 से पीएनबी ग्राहक नॉन-ईएमवी एटीएम मशीनों से लेनदेन नहीं कर पाएंगे यानी आप नॉन-ईवीएम मशीनों से पैसों की निकासी नहीं कर पाएंगे। हाल ही में पंजाब नेशनल बैंक ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडिल पर इसकी जानकारी दी थी। इस संदर्भ में पंजाब नेशनल बैंक ने ट्वीट करके बताया कि, ‘अपने ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए PNB नॉन-ईएमवी एटीएम मशीनों से 01.02.2021 से लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय) को प्रतिबंधित करेगा। गो-डिजिटल, गो-सेफ…!’

नॉन-ईएमवी एटीएम वह होते हैं, जिनमें लेनदेन के दौरान कार्ड नहीं रखा जाता है। इसमें मैग्नेटिक स्ट्रिप के जरिए डाटा को रीड किया जाता है। इसके अतिरिक्त ईएमवी एटीएम में कार्ड को कुछ सेकेंड्स के लिए लॉक हो जाता है।

LPG के दाम
तेल कंपनियां हर महीने एलपीजी सिलेंडर के दामों की समीक्षा करती हैं। हर राज्य में टैक्स अलग-अलग होता है और इसके हिसाब से एलपीजी के दामों में अंतर होता है। मौजूदा समय में सरकार एक वर्ष में प्रत्येक घर के लिए 14.2 किलोग्राम के 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी प्रदान करती है। अगर ग्राहक इससे ज्यादा सिलेंडर लेना चाहते है, तो वे उन्हें बाजार मूल्य पर खरीदते हैं। गैस सिलेंडर की कीमत हर महीने बदलती है। इसकी कीमत औसत अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विदेशी विनिमय दरों में बदलाव जैसे कारक निर्धारित करते हैं। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत चेक करने के लिए आपको सरकारी तेल कंपनी की वेबसाइट पर जाना होगा। यहां पर कंपनियां हर महीने नए रेट्स जारी करती हैं। (https://iocl.com/Products/IndaneGas.aspx) इस लिंक पर आप अपने शहर के गैस सिलेंडर के दाम चेक कर सकते हैं।

नई उड़ानें शुरू करेगी एयर इंडिया 
एयर इंडिया और इसकी लो कॉस्ट सब्सिडियरी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की घोषणा की है। मालूम हो कि जनवरी में भी एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कई उड़ानें शुरू की थीं। एयर इंडिया एक्सप्रेस फरवरी से 27 मार्च 2021 के दौरान त्रिची और सिंगापुर के बीच प्रतिदिन उड़ान शुरू करने जा रही है। रूट में और भी कनेक्शन होंगे जैसे- कुवैत से लेकर विजयवाड़ा, हैदराबाद, मंगलोर, कोझिकोड़, कुन्नूर और कोच्चि।