बंगाल में 200 प्लस का लक्ष्य हासिल करने के लिए क्या है बीजेपी का प्लान?

नई दिल्ली/कोलकाता
बिहार में बीजेपी- जेडीयू की सरकार बनने के साथ ही बीजेपी का पूरा फोकस पश्चिम बंगाल पर हो गया है। अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा के चुनाव हैं और इस बार बीजेपी को बंगाल से बहुत उम्मीद है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में 18 सीटें जीती जो तृणमूल कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका था। बीजेपी अब बंगाल में 200 प्लस के नारे के साथ मैदान में है। इसके लिए आक्रामक दिखने से लेकर संशोधित नागरिकता कानून जल्द लागू कराने तक की बात कर रही है।

कोर टीम बनाई, पांच जोन में बांटा
बीजेपी ने बंगाल के लिए कोर टीम का गठन कर लिया है। इसमें 11 लोग हैं। ज्यादातर केंद्रीय नेता इस कोर टीम में हैं। सारे समीकरणों को ध्यान में रखकर यह कोर टीम बनाई गई है। यही कोर टीम हर विधानसभा क्षेत्र का मूड और समीकरण जानकर उम्मीदवारों की एक बेसिक लिस्ट तैयार करेगी। हर सीट पर फूंक फूंक कर कदम रखने की तैयारी है, ताकि किसी भी सीट पर कमजोर उम्मीदवार ना हो।

कोर टीम में ये हैं शामिल
कोर टीम में केंद्रीय टीम से पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और दुष्यंत गौतम, पार्टी सचिव- सुनील देवधर, विनोद सोनकर, हरीश द्विवेदी, विनोद तावड़े, और अरविंद मेनन, आईटी और सोशल मीडिया सेल के प्रमुख अमित मालवीय हैं। पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा क्षेत्र हैं। बीजेपी ने इन क्षेत्रों को पांच जोन में बांटा है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जो कोर टीम में हैं वह एक एक जोन की जिम्मेदारी संभालेंगे। कई जोन प्रभारी मीटिंग भी ले चुके हैं।

ताकि गुटबाजी ना हो
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कई नेता तृणमूल कांग्रेस से आए हैं। पार्टी के भीतर गुटबाजी भी है। कई मौकों पर यह सामने भी आई है। बीजेपी पश्चिम बंगाल में गुटबाजी की वजह से नुकसान का खतरा नहीं लेना चाहती इसलिए केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से गुटबाजी पर लगाम लगाने का प्लान भी तैयार है। सभी नेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि गुटबाजी से बाज आएं।

हर महीने पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे अमित शाह और जेपी नड्डा

इसके साथ ही केंद्रीय नेतृत्व हर छोटे बड़े फैसले पर पूरी नजर ही नहीं रख रहा बल्कि सबकुछ उसकी सहमति से हो रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पूर्व अध्यक्ष अमित शाह खुद पूरी कमान संभाल रहे हैं। माना जा रहा है कि अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा हर महीने पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। इससे न सिर्फ रणनीति बनाने उसे लागू करने में मदद मिलेगी बल्कि समर्थकों के साथ ही मतदाताओं में भी संदेश जाएगा।

आक्रामक प्रचार
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में आक्रामक प्रचार की रणनीति अपनाई है। पार्टी के नेता बयानों के जरिए ऐसा माहौल बना रहे हैं जिससे यह संदेश जा रहा है कि वह लड़ने-भिड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा कोई नई बात नहीं है। जानकारों के मुताबिक बीजेपी अपने आक्रामक रवैये से अपने समर्थकों को यह संदेश देना चाहती है कि वह डरें नहीं।

बीजेपी ने दिया ये नारा
बीजेपी ने वहां नारा दिया है ‘एई बार बांग्ला, पारले सामला’, जिसका मतलब है, ‘अब बंगाल की बारी है, रोक सको तो रोक लो’। यह नारा भी बीजेपी के आक्रामक रवैये को ही दिखाता है। बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष के मुताबिक बीजेपी ने राज्य में 83 फीसदी मतदान केंद्रों तक अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज करा ली है। राज्य में कुल 78 हजार मतदान केंद्र हैं जिनमें से 65 हजार मतदान केंद्रों में बीजेपी प्रतिनिधियों की मौजूदगी है।

मोदी चेहरा, केंद्र की योजनाओं पर फोकस
बीजेपी पश्चिम बंगाल चुनाव भी पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे को सामने रखकर लड़ सकती है। बिहार चुनाव के नतीजों ने यह बात और पुख्ता की है कि मोदी की पॉपुलरटी बरकरार है और वोटर उनके नाम पर वोट देते हैं। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर बीजेपी लगातार हमलावर रही है। लोगों को लगातार यह बताया जा रहा है कि किस तरह ममता सरकार ने केंद्र की योजनाओं का फायदा पश्चिम बंगाल के लोगों तक नहीं पहुंचने दिया। बीजेपी चुनावी अभियान में केंद्र की योजनाओं का जिक्र करेगी।

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