ग्वालियर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के आइसीयू में आग, दस मरीज फंसे

ग्वालियर। जयाराेग्य अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के थर्ड फ्लाेर पर शनिवार की दाेपहर भीषण आग लग गई। बताया जाता है कि आग आइसीयू में लगी है, जहां पर काेराेना के करीब दस मरीज भी भर्ती हैं। पहले अस्पताल प्रबंधन ने खुद ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन जब आग बेकाबू हाेने लगी ताे दमकल अमले काे सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ एसएन अयंगर एवं जेएएच अधीक्षक डा आरकेएस धाकड़ भी माैके पर पहुंच गए हैँ। प्रशासन ने दो मरीजो के झुलसने की बात स्वीकारी।

जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में काेराेना मरीजाें काे भर्ती किया जाता है। खबर है कि दाेपहर में करीब दाे बजे अचानक थर्ड फ्लाेर पर बने आइसीयू में आग लग गई। जिसमें वेंटिलेटर धूं-धूं करके जलने लगे। जैसे ही स्टाफ ने वार्ड से धुआं उठते देखा ताे हडकंप मच गया। तत्काल सिक्युरिटी स्टाफ काे सूचना दी गई और आग पर काबू पाने के प्रयास तेज किए गए। हालांकि तब तक आग इतनी फैल चुकी थी कि उस पर काबू पाना मुश्किल हाे रहा था, इसलिए दमकल अमले काे सूचना दी गई। बताया जाता है कि जिस फ्लाेर पर आग लगी है, वहां पर करीब दस काेराेना मरीज भी भर्ती हैं।

मरीजाें काे निकालने के प्रयास तेजः थर्ड फ्लाेर पर आगजनी की घटना के बाद स्टाफ एवं सिक्युरिटी स्टाफ भर्ती मरीजाें काे निकालने के प्रयास में जुट गया। खबर लिखे जाने तक मरीजाें काे निकालने के प्रयास में कामयाबी नहीं मिल सकी थी।

अस्पताल में हडकंपः आगजनी की सूचना मिलते ही जेएएच में हडकंप मच गया। क्याेंकि सुपर स्पेशियलिटी में गंभीर मरीजाें काे रखा जाता है। इनमें से वेंटिलेटर वाले मरीज ताे अपनी जगह से हिल तक नहीं सकते हैं, जबकि कुछ मरीज अॉक्सीजन पर हैं। घटना की सूचना मिलते ही जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ एसएन अयंगर एवं जेएएच अधीक्षक सहित पुलिस फाेर्स भी माैके पर पहुंच गया है।

ग्वालियर में निगम आयुक्त सड़कों पर निकले, लापरवाही पर सफाई दरोगा को हटाया

ग्वालियर में सफाई व्यवस्था को लेकर अब निगम प्रशासन की नींद टूटी है। शनिवार सुबह नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन द्वारा स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त सत्यपाल सिंह चौहान के साथ वार्ड 06 एवं 10 का निरीक्षण किया गया। लापरवाही पर एक सहायक सफाई दरोगा को हटाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सुभाषपुरी घासमण्डी मे गन्दगी का धरनलगा मिला। मौके पर तत्काल सफाई करायी गई, जेटिंग मशीन से शौचालय साफ कराये गये। उसके बाद गली मोहल्लो में घूम कर आवश्यक सफाई के निर्देश दिये।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं

निरीक्षण के दौरान वार्ड 10 के डब्लूएचओ विजय पवार द्वारा लापरवाही बरती गई। न सफाई थी न ही मौके पर मिले। इस पर आयुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुये उपायुक्त स्वास्थ्य को डब्लूएचओ को तत्काल हटाने के निर्देश दिये गये।

घर के बाहर सड़क पर मलवा, जुर्माना

सुभाषपुरी में रोड पर मकान का मलवा डले होने पर आयुक्त द्वारा तत्काल 10 हजार का जुर्माना करने निर्देश मदाखलत अधिकारी महेंद्र शर्मा को दिये गये। जिस पर मदाखलत अधिकारी द्वारा तत्काल 10 हजार वसूल किये गये।

कोरोना संक्रमण के दौरान विटामिन-डी की कमी है खतरनाक, इसकी कमी को पूरा करने के लिए ये खाएं

कोरोना ने एक बार फिर से तांडव मचाना शुरू कर दिया है। हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे कोरोना वायरस की दूसरी लहर का नाम दे रहे हैं। बीते कुछ दिनों से कोविड-19 के केसों की संख्या में बड़ा इजाफा देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना से स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। ऐसे में जरूरी है कि हम सभी घरों में रहकर अपना बचाव करें। वैज्ञानिकों द्वारा की गई अलग-अलग रिसर्च में ये पाया गया है कि विटामिन-डी की कमी से जूझ रहे लोगों के कोविड-19 की जद में आने का खतरा ज्यादा रहता है। विटामिन-डी हमारी प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाता है जो किसी भी प्रकार के वायरस से लड़ने की क्षमता रखता है।

दरअसल, हमारा शरीर हर रोज हजारों वायरस से लड़ता है, जिसमें विटामिन-डी लड़ने में मदद करता है। ऐसे में जरूरी है कि हमारे शरीर को सही मात्रा में यह विटामिन मिले। हमे विटामिन-डी आमतौर पर सूर्य की किरणों और मीट से मिलता है। लेकिन, जो लोग धूप में बैठने का समय नहीं निकाल पाते हैं उनके लिए जरूरी है कि वो अपने आहार में विटामिन-डी जरूर ऐड करें या फिर वो ऐसी चीजें खाएं जिनमें विटामिन की मात्रा ज्यादा हो। 
 
कैसे पता करें आपके शरीर में है विटामिन-डी की कमी?

(1) यदि आप हर वक्त थकावट और बीमार महसूस करते हैं तो आपको इसकी जांच करवानी चाहिए।

(2)  लगातार जोड़ों में, मांसपेशियों में दर्द, या शरीर में कमजोरी महसूस करना। सीढ़ियों पर चढ़ते हुए जल्दी थकावट महसूस करना।

(3) सामान्य से अधिक बाल झड़ना भी विटामिन-डी की कमी के कारण हो सकता है।

(4) अगर चोट लगने के बाद आपके घाव जल्दी नहीं भर रहे हैं, तो यह विटामिन-डी की कमी से हो सकता है। 

(5)  विटामिन-डी की कमी के कारण आप डिप्रेशन का भी शिकार हो सकते हैं। 

विटामिन-डी की कमी को पूरा करने के लिए क्या खाएं?

(1) मीट और सब्जियां

मीट में अधिक मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है। यदि आप शाकाहारी हैं तो आप मशरूम और शकरगन्द खा सकते हैं यह आपके शरीर में हुई विटामिन की कमी को पूरा करेगा। 

(2) ऑरेंज जूस

आप फोर्टिफाइड ऑरेंज जूस को सेवन कर सकते हैं। यह आप कहीं से भी ले सकते हैं। मार्किट में मिलने वाले पैक्ड ऑरेंज जूस में संतरे की अधिक मात्रा वाले जूस को आप पी सकते हैं। यह लगभग 10-12 प्रतिशत तक आपके शरीर से विटामिन-डी की कमी को पूरा कर दे

(3) अंडे की जर्दी

अंडा आपके शरीर से इसकी कमी पूरा कर सकता है। अंडे के अंदर मौजूद उसका पीला भाग काफी पोष्टिक और प्रोटीन से भरपूर होता है। इसको खाने से आपके शरीर को विटामिन-डी मिलता है।  

(4) मछली खाएं

नॉन-वेजिटेरियन लोगों के लिए मछली एक अच्छा विकल्प है। सैल्मन, टूना फिश, कोड लिवर ऑइल, हेरिंग फिश आदि में विटामिन-डी अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है। इनका सेवन करने वाले लोगों के शरीर में विटामिन-डी की कमी नहीं पाई जाती। 

(5) गाय का दूध

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गाय के दूध में प्रचुर मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है, जो आपकी 20 प्रतिशत तक की कमी को पूरा कर देता है। 

(6) दही

दही खाने से भी आपके शरीर को विटामिन-डी मिलता है। इसलिए कोशिश करें कि आप अपनी डाइट में इसे भी शामिल करें ताकि आपके शरीर में इसकी कमी न हो।

हाथरस कांड में क्या PFI और भीम आर्मी के बीच कोई कनेक्शन? ED को मिले कई अहम सबूत, जांच जारी

हाथरस कांड को लेकर प्रवर्तन निदेशाल (ईडी) के हाथ कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। इस साक्ष्यों में जातीय हिंसा फैलाने की बात है। इसमें पीएफआई और भीम आर्मी के बीच आर्थिक रिश्तों की बात भी सामने आई है। ईडी ने इस मामले जांच शुरू कर दी है। 

ईडी को जांच के दौरान पीएफआई के पदाधिकारियों से कुछ विश्वसनीय साक्ष्य मिले हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर पीएफआई और भीम आर्मी के बीच आर्थिक लेन-देने की जांच की जा रही है। पीएफआई के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ईडी ने पिछले दिनों हाथरस कांड में उसकी भूमिका भी की जांच की थी। ईडी की टीम ने दिल्ली से हाथरस जाते समय मथुरा में गिरफ्तार किए पीएफआई के चारों कथित सदस्यों से पूछताछ भी की थी। ईडी एक वेबसाइट के माध्यम से एकत्रित धन के लाभार्थियों की भी जांच कर रहा है। 

हाथरस पुलिस ने जातीय हिंसा भड़काने के मकसद से वेबसाइट बनाकर दुष्प्रचार किए जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया हुआ है। इस मामले की जांच अब एटीएफ कर रही है। वेबसाइट के माध्यम से धन जुटाए जाने के आरोप भी हैं। हाथरस कांड के बाद भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं की भूमिका भी एसटीएफ की जांच के दायरे में है। इससे पहले शासन स्तर से गठित एसआईटी ने भी अपनी जांच रिपोर्ट में हाथरस कांड के बाद सुनियोजित साजिश रचे जाने की बात कही थी। हाथरस कांड के बाद विरोध प्रदर्शन के लिए लोगों को उकसाने के मकसद से बनाई गई यह वेबसाइट एसटीएफ के भी निशाने पर हैं। यह वेबसाइट ‘जस्टिस फॉर हाथरस विक्टिम’ नाम से बनाई गई थी। 

क्या है हाथरस केस

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले  में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ कथित गैंगरेप हुआ था। 29 सितंबर को पीड़िता की दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में मौत हो गई थी। इस केस ने पूरे देश को हिला दिया था। इस मामले में सियासत तेज हुई। योगी सरकार को निशाने पर लिया गया।

मामला तब और तूल पकड़ा जब जिला प्रशासन और पुलिस ने जबरन पीड़िता का शव जला दिया और गांव में मीडिया, नेताओ और अन्य लोगों की एंट्री बैन कर दी। इसके बाद इस घटना को साजिश करार दिया गया। घटना की जांच के लिए एसआईट गठित की गई। इसके बाद सीबीआई और ईडी की एंट्री हुई। एसआईटी अपनी रिपोर्ट सरकार को दे चुकी है।

वहीं  सीबीआई और ईडी जांच चल रही है। बाजरा के खेत में 14 सितंबर की सुबह आखिर क्या हुआ था इसकी सच्चाई पता लगाने में सीबीआई लगातार जुटी है। पूछताछ जारी है। कई चीजों को जब्त कर उनके बारे में भी पूरी तहकीकात की जा रही है। सीबीआई ने हाथरस के कृषि विभाग के कार्यालय में अपना कैंप ऑफिस बनाकर डेरा डाला हुआ है। कोतवाली चंदपा में भी सीबीआई के अफसर पड़ताल कर रहे हैं। 

नगरोटा मुठभेड़ के बाद सख्‍त हुआ भारत, पाकिस्‍तानी उच्‍चायोग के अधिकारी को तलब कर जताई आपत्ति

नई दिल्‍ली
नगरोटा में पाकिस्‍तान समर्थित आतंकवादियों की बड़ी साजिश का पर्दाफाश होने के बाद भारत ने सख्‍ती बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्‍तान उच्‍चायोग के अधिकारी को तलब किया है। भारत ने आतंकी हमले की साजिश को लेकर पाकिस्‍तान को लताड़ते हुए कहा कि वह आतंकियों को अपनी जमीन पर पालना बंद करे। न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा कि भारत सरकार राष्‍ट्र की सुरक्षा के लिए जरूरी सभी कदम उठा रही है। नगरोटा मुठभेड़ में आतंकियों के पास से पाकिस्‍तान में बनी कई चीजें बरामद हुई थीं। मारे गए सभी चारों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। प्रधानमंत्री मोदी ने मुठभेड़ के बाद एक उच्‍चस्‍तरीय बैठक बुलाकर हालात के बारे में जानकारी हासिल की थी। बाद में उन्‍होंने सुरक्षा बलों की तारीफ करते हुए कहा कि बहादुर जवानों की सतर्कता से नापाक साजिश विफल हो गई।

बड़ी तबाही मचाने की कोशिश फिर विफल: मोदी
आतंकी साजिश नाकाम होने के बाद पीएम मोदी ने अहम बैठक की। इसके बाद उन्‍होंने कहा था, “पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 4 आतंकवादियों के मारे जाने और भारी मात्रा में हथियारों और विस्फोटकों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि बड़ी तबाही मचाने की उनकी कोशिशों को फिर से विफल कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरे ट्वीट में कहा, “हमारे सुरक्षा बलों ने एक बार फिर अत्यंत बहादुरी और प्रोफेशनलिज्म प्रदर्शित किया है। उनकी सतर्कता ने जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर के लोकतांत्रिक अभ्यासों को निशाना बनाने की एक नापाक साजिश को हराया है।”

पुलिस ने बताई पूरी कहानी, कैसे मारे गए आतंकी
जम्मू के आईजी मुकेश कुमार ने कहा, “आतंकियों के इस मूवमेंट के बारे में हमें खास इनपुट मिला था। हमें पता चला था कि ये आतंकवादी आगामी जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों में रुकावट डालने की योजना बना रहे थे। इनपुट मिलने के बाद राजमार्ग पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई और वाहनों की पूरी जांच की जा रही है।” उन्होंने कहा कि सुबह 5 बजे के आसपास आतंकियों को ले जा रहे ट्रक को जब रोका गया तो पूछताछ करने पर ड्राइवर अचकचा गया और कूदकर भागने लगा।

पुलिस की टीम पर ट्रक के अंदर से गोली चली और फिर जवाबी कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के 4 आतंकवादी मारे गए। उनके पास से 11 एके-47 राइफल और 3 पिस्तौल सहित भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। इस साल जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह दूसरी ऐसी मुठभेड़ है। इससे पहले जनवरी में 3 आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था, जब वे इसी तरह ट्रक के अंदर छुपकर जा रहे थे।

पाकिस्तान के इस जिले में मिला भगवान विष्णु का 1300 साल पुराना मंदिर जानें इतिहास

पेशावर: उत्तर पश्चिम पाकिस्तान  के स्वात जिले के एक पहाड़ में पाकिस्तानी और इतालवी पुरातात्विक विशेषज्ञों ने 1300 साल पहले बने एक हिंदू मंदिर  को खोज निकाला है. बारिकोट घुंडई  में खुदाई के दौरान विशेषज्ञों को इस मंदिर का पता लगा है.

1300 साल पुराना भगवान विष्णु का मंदिर
खैबर पख्तूनख्वा के पुरातत्व विभाग के फजल खलीक  ने खोज की घोषणा करते हुए बताया कि यह मंदिर भगवान विष्णु  का है. उन्होंने कहा कि यह मंदिर हिंदुओं द्वारा 1300 साल पहले हिंदू शाही काल के दौरान बनाया गया था.

हिंदू शाही या काबुल शाही ने किया था शासन
हिंदू शाही या काबुल शाही ( (850-1026 ई) एक हिंदू राजवंश था, जिसने काबुल घाटी (पूर्वी अफगानिस्तान), गंधार (आधुनिक पाकिस्तान) और वर्तमान उत्तर पश्चिम भारत में शासन किया था.

मंदिर के आसपास मिली ये चीजें
खुदाई के दौरान पुरातत्वविदों को मंदिर स्थल के पास छावनी और प्रहरी की मिनारें (Watchtowers) भी मिली हैं. इसके अलावा विशेषज्ञों को मंदिर के पास एक पानी का कुंड भी मिला है, जिसे हिंदुओं द्वारा पूजा से पहले स्नान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था.

स्वात में गंधार सभ्यता का पहला मंदिर
फजल खलीक ने कहा, ‘स्वात जिला हजार साल पुराने पुरातत्व स्थलों का घर है और इलाके में पहली बार हिंदू शाही काल के निशान मिले हैं.’ इतालवी पुरातात्विक मिशन के प्रमुख डॉक्टर लुका ने कहा, ‘यह स्वात जिले में मिला गंधार सभ्यता का पहला मंदिर है.’

स्वात जिले में कई पर्यटन स्थल हैं मौजूद
स्वात जिला पाकिस्तान के शीर्ष 20 स्थलों में से एक है, जो प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और पुरातात्विक स्थलों जैसे हर तरह के पर्यटन का घर है. स्वात जिले में बौद्ध धर्म (Buddhism) के भी कई पूजा स्थल स्थित हैं.

लव जिहाद’ क्या सिर्फ बीजेपी का एजेंडा है? गहलोत गरम, क्या करेंगे नीतीश

पटना
‘लव जिहाद’ (Love Jihad) के मुद्दे पर जिस तरह से मध्य प्रदेश समेत कई बीजेपी शासित राज्य कानून बनाने की योजना पर विचार कर रहे हैं इसको लेकर सियासत गरमाने लगी है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘लव जिहाद’ बीजेपी का देश को बांटने के लिए बनाया गया एक शब्द है। गहलोत (Ashok Gehlot) ने ट्वीट में कहा कि शादी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है, इसे रोकने के लिए कानून लाना पूरी तरह असंवैधानिक है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री असलम शेख ने भी कहा कि उनकी सरकार अपना काम कुशलता से कर रही है और उसे ऐसे कानून लाने की जरूरत नहीं है। इस बीच बिहार में भी ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून की मांग जोर पकड़ने लगी है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) ने बिहार में लव जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने का समर्थन किया है। हालांकि, इस पर जेडीयू की ओर से प्रतिक्रिया भी दी गई है। लेकिन जिस तरह से पूरा मामला सामने आया है उसको लेकर सवाल उठ रहे हैं कि ‘लव जिहाद’ क्या सिर्फ बीजेपी का एजेंडा है?

शिवराज सरकार ने की ‘लव जिहाद’ पर कानून बनाने की पहल

लव जिहाद’ को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने कानून बनाने का दावा किया है। इस मामले में सबसे पहले मध्य प्रदेश सरकार ने ही पहल की है। राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने हाल ही ऐलान किया कि जल्द ही इससे जुड़ा कानून विधानसभा में पेश किया जाएगा। ये गैर जमानती अपराध होगा और दोषियों के लिए पांच साल तक की सजा का प्रावधान होगा। इसके बाद उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार भी इसको लेकर कानून पर विचार कर रही है।

गिरिराज सिंह ने नीतीश सरकार से की लव जिहाद पर कानून बनाने की अपील

सिर्फ यूपी ही नहीं कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश में भी लव जिहाद के खिलाफ कानून लाए जाने पर विचार शुरू हो गया है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और दिग्गज बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने बिहार में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार से अनुरोध किया कि वह लव जिहाद (Love Jihad)पर कानून बनाएं। उन्होंने दावा किया कि यह विषय देश के राज्यों में परेशानी का सबब बन गया है। लव जिहाद वाली समस्या को जड़ से समाप्त करना होगा और अगर बिहार में लव जिहाद को रोकने के लिए कानून लाया जाए तो अच्छा होगा। राज्य सरकार को समझना चाहिए कि लव जिहाद को रोकना और जनसंख्या नियंत्रण का संबंध सामाजिक समरसता से है ना कि यह सांप्रदायिकता को बढ़ावा देना है।

जेडीयू ने कहा- हमारा विश्वास सद्भाव में

हालांकि, गिरिराज सिंह के ‘लव जिहाद’ पर कानून लाने की मांग पर जेडीयू ने कहा कि हमारा विश्वास सद्भाव में है। जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि हमारे नेता नीतीश कुमार सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर चलने वाले व्यक्ति हैं। कोई सरकार क्या फैसला ले रही है, यह उनका मामला है। लव जिहाद पर हमारी सरकार को निर्णय लेना है। संजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने कभी भी दबाव की राजनीति नहीं की है। उन्होंने कहा कि समाज को तोड़ने वाला कोई भी प्रस्ताव आएगा तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री बोले- हमें ऐसे कानून लाने की जरूरत नहीं

लव जिहाद के खिलाफ कानून पर महाराष्ट्र सरकार ने भी अपना रुख स्पष्ट किया है। उद्धव सरकार में मंत्री असलम शेख ने कहा कि जो सरकारें अपनी अक्षमताओं को छिपाना चाहती हैं, वे ऐसे कानूनों को ला रही हैं। महाराष्ट्र सरकार अपना काम कुशलता से कर रही है, और उसे ऐसे कानून लाने की जरूरत नहीं है।

राजस्थान के सीएम गहलोत का बीजेपी पर निशाना

बिहार में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून की मांग को लेकर एनडीए में सहयोगी जेडीयू ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। हालांकि, सीएम नीतीश कुमार का इस पर क्या फैसला रहेगा ये देखना दिलचस्प होगा। दूसरी ओर ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून के मुद्दे पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ‘लव जिहाद’ बीजेपी के जरिये देश को विभाजित करने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का बनाया गया शब्द है। गहलोत ने कहा कि शादी-विवाह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है, उस पर अंकुश लगाने के लिए कानून लाना पूरी तरह से असंवैधानिक है और यह कानून किसी भी अदालत में नहीं टिकेगा। प्यार में जिहाद की कोई जगह ही नहीं है।

गहलोत का ट्वीट- प्यार में जिहाद की कोई जगह नहीं

अशोक गहलोत ने एक और ट्वीट में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे देश में एक ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां वयस्क सहमति के लिए राज्य की सत्ता की दया पर निर्भर होंगे। विवाह एक व्यक्तिगत फैसला है और वे इस पर अंकुश लगा रहे हैं, यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता को छीनने जैसा है। उन्होंने आगे कहा कि यह सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने और सामाजिक संघर्ष को बढ़ावा देने और संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना करने वाला है। राज्य नागरिकों के साथ किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं करता है। फिलहाल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सीधे तौर पर बीजेपी को घेरा है। अब देखना होगा कि बीजेपी का इस मुद्दे पर आने वाले दिनों क्या स्टैंड रहने वाला है।

लॉकडाउन से बच रहे दिल्ली, मध्य प्रदेश, गुजरात और अमेरिका भी? फिर कैसे रुकेगा कोरोना

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के सामने यूरोप और अमेरिका बेबस पड़ गए हैं। अमेरिका के साथ मैक्सिको में बहुत मौतें हो रही हैं। वहीं भारत में भी अन्य राज्यों के आंकड़ों से पता चलता है कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर शुरू हो सकती है। उधर, भारत के कई राज्यों में कोरोना की तीसरी लहर चल रही है पर दोबारा से लॉकडाउन लगाने से कई मख्यमंत्री मना कर रहे हैं।

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने लॉकडाउन से किया इनकार
गुजरात सरकार ने शुक्रवार को कोरोना वायरस के प्रसार पर रोक के लिए राज्य में ताजा लॉकडाउन से इनकार किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि उनकी सरकार राज्यव्यापी लॉकडाउन पर विचार नहीं कर रही है। वहीं कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बाद अहमदाबाद शहर में 57 घंटे के कर्फ्यू लगाया गया है। 

रूपाणी ने कहा कि इसके अलावा, पुलिस को उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है जो फेस मास्क के बिना घूमते और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियमों का उल्लंघन करते पाये जाएंगे। अहमदाबाद शहर में कर्फ्यू शुक्रवार रात नौ बजे (20 नवंबर) से शुरू होगा और सोमवार (23 नवंबर) को सुबह छह बजे समाप्त होगा। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने शुक्रवार को कहा कि उसके द्वारा संचालित 600 सिटी बसें कर्फ्यू की अवधि के दौरान नहीं चलेंगी। एएमसी ने घोषणा की थी कि इस पूर्ण कर्फ्यू के दौरान, केवल दूध और दवा की दुकानें खुली रहेंगी।

मध्यप्रदेश में नहीं लगेगा लॉकडाउन : चौहान
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगेगा, लेकिन मास्क के उपयोग को सख्ती से लागू किया जाएगा और इस मामले में ढिलाई बरतने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। चौहान ने यह बात यहां कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में आपदा प्रबंधन समूह की बैठक बुलाकर कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति के संदर्भ में सुझाव प्राप्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संक्रमण की स्थिति को गत आठ माह में नियंत्रित रखते हुए सर्वोत्तम प्रबंधन किए गए और प्रदेशवासियों ने भी सहयोग देते हुए जागरुकता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जागरुकता प्रयासों को निरंतर जारी रखेगी। अर्थव्यवस्था प्रभावित न हो और कोरोना वायरस संक्रमण भी नियंत्रित रहे, इस संतुलन को बनाए रखा जाए। चौहान ने कहा कि प्रदेश में निषिद्ध क्षेत्र को छोड़कर शेष किसी भी जिले, शहर या क्षेत्र में लॉकडाउन नहीं लगाया जायेगा।

लॉकडाउन से कोरोना डिले हो सकता, खुलेगा तो फिर फैलेगा: अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन से कोरोना खत्म नहीं हो सकता है। लॉकडाउन से कोरोना संक्रमण को तेजी से फैलने में देरी हो सकती है, जिस दिन सबकुछ खुलेगा उस दिन से वह फिर तेजी से बढ़ेगा। दिल्ली में लॉकडाउन के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी दिल्ली को चिंता करने की जरूरत नहीं है। हमारे पास अभी भी 7500 कोविड बेड, 450 आईसीयू बेड खाली है। उन्होंने कहा कि महामारी मारी में हमें दो बात का ध्यान रखना है। पहला कोरोना से  बचाना है दूसरा अर्थव्यवस्था को भी बचाना है। क्योंकि लोगों की हालत बेहद खराब है। बगैर सोचे समझे अगर लॉकडाउन हुआ तो सभी की जिंदगियों पर असर पड़ेगा। 

बाइडन ने अमेरिका में लॉकडाउन की संभावना से इनकार किया

अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने देशव्यापी लॉकडाउन की संभावना से इनकार कर दिया है। उन्होंने अमेरिका में कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर मास्क को बेहज जरूरी बताया है। अमेरिका में कोरोना वायरस से अब तक ढाई लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जो बाइडन ने विलमिंगटन, डेलावेयर में संवाददाताओं से कहा कि देश में कोई लॉकडाउन नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई परिस्थिति नहीं है जिसे मैं देख सकता हूं कि राष्ट्रीय बंद की आवश्यकता होगी। मुझे लगता है कि यह प्रतिशोधात्मक होगा, लेकिन ऐसी बाधाएं हैं जिनमें व्यवसाय को खोलने की संभावना हो सकती है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के डाटा के अनुसार, अमेरिका में कोरोना से मौत का आंकड़ा दो लाख 50 हजार 537 हो गया है। दुनिया में कोरोना के कहर से अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित है। इस महामारी से इतनी बड़ी संख्या में मौत किसी दूसरे देश में नहीं हुई है। सबसे ज्यादा संक्रमित भी इसी देश में पाए जा रहे हैं। जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर जोनाथन रेनर ने बुधवार को आगाह किया कि हालात निरंतर बदतर होते जा रहे हैं।

95 प्रतिशत लोग मास्क पहनें तो लॉकडाउन की जरूरत नहीं:डब्ल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) यूरोप क्षेत्र के  निदेशक हंस क्लूग ने कहा कि अगर 95 प्रतिशत लोग सुरक्षित मास्क पहनते हैं तो देश के किसी भी हिस्से में कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन लगाये जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्लूग ने कहा कि अगर हम सभी अपने हिस्से का काम करें यानी सुरक्षित मास्क पहने तो लॉकडाउन से बचा जा सकता है। मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि लॉकडाउन कोरोना वायरस के खिलाफ उठाया जाने वाला अंतिम उपाय है। मास्क पहनना हालांकि कोरोना वायरस के खिलाफ एक पूर्ण बचाव के रूप में काम नहीं करता है। इसके साथ सोशल डिस्टेंशिंग और हाथों को सेनिटाइज करने से लेकर तमाम अन्य उपायों को भी अपनाना अनिवार्य है। हां,लेकिन मास्क जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए स्कूलों को बंद करने को प्रभावी कदम नहीं माना जा सकता। निदेशक ने कहा कि बच्चों और किशोरों को  कोरोना संक्रमण का प्राथमिक वाहक नहीं माना गया है। स्कूलों को बंद करने को कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय नहीं माना जा सकता। जो भी देश स्कूलों को बंद करने के बारे में विचार कर रहे हैं, उनसे मेरी प्रार्थना है कि वे इसके बुरे प्रभाव पर गौर करें। बच्चों को जो हानि होगी, उस पर विचार करें। स्कूल बंद करने से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सेहत पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।

अमित शाह के तमिलनाडु दौरे से पहले AIADMK ने की बैठक, EPS को सीएम मानने पर जोर

चेन्नई. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) की तमिनलाडु यात्रा से पहले ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK)  ने बैठक की. इस बैठक में कई वरिष्ठ अन्नाद्रमुक नेताओं ने शुक्रवार को पार्टी की सलाहकार बैठक के दौरान असंतोष व्यक्त किया कि उनकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आगामी 2021 में होने वाले चुनाव के लिए मुख्यमंत्री एडापडी पलानीस्वामी (ईपीएस) को उम्मीदवार के रूप में स्वीकार नहीं कर रही है.

सीएम पलानीस्वामी, उनके डिप्टी ओ पनीरसेल्वम (OPS), वरिष्ठ मंत्रियों, जिला सचिवों और जोनल-प्रभारी के साथ पार्टी मुख्यालय में AIADMK की बैठक इसलिए भी अहम है, क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चेन्नई यात्रा पर आने से एक दिन पहले बैठक हुई. बता दें गृह मंत्री यहां सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेने और भाजपा की तमिलनाडु इकाई के साथ आंतरिक बैठक करने के लिए आ रहे हैं.

बैठक में शामिल एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘जो ईपीएस को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार करते हैं, वे हमारे साथ बने रह सकते हैं.’ पार्टी के एक अधिकारी ने कहा कि इस बीच पलानीस्वामी ने स्थिति को शांत किया. उन्होंने कहा कि भाजपा के राज्य और केंद्रीय नेतृत्व ने उनके समक्ष कोई परेशानी नहीं पैदा की.

रोक लगाए जाने के बावजूद भाजपा की ‘वेल यात्रा’

बता दें तमिलनाडु सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद भाजपा की ‘वेल यात्रा’ को मजबूत करने के साथ विभिन्न विषयों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और शाह के बीच चर्चा होगी. पार्टी सूत्रों ने इस बारे में बताया. ऐसी भी संभावना है कि राज्य के अपने दौरे के दौरान शाह अभिनेता रजनीकांत से भी मुलाकात कर सकते हैं. शाह एक साल से ज्यादा समय बाद 21 नवंबर को राज्य का दौरा करने वाले हैं. इस दौरान वह प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों और कोर कमेटी को भी संबोधित करेंगे.

पदाधिकारियों के साथ मुलाकात के एजेंडा के बारे में पार्टी सूत्रों ने बताया कि वेतरीवेल यात्रा, आगामी विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी के संगठन को मजबूत करने और अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन करने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी. रजनीकांत जैसी शख्सियतों से मुलाकात की संभावना के बारे में पूछे जाने पर प्रदेश भाजपा के महासचिव के टी राघवन ने कहा, ‘मैं यह नहीं कहूंगा कि वह रजनीकांत से नहीं मिलेंगे.’

प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एल मुरुगन के नेतृत्व में पार्टी ने छह नवंबर से राज्यस्तर पर वेल यात्रा निकालने की कोशिश की लेकिन राज्य सरकार ने कोरोना वायरस महामारी का हवाला देते हुए इस पर रोक लगा दी. हालांकि पार्टी ने जन सभाओं के जरिए वेल यात्रा आयोजित कर कई जगहों पर गिरफ्तारियां दी है. वेल यात्रा के जरिए भगवा पार्टी संगठन को मजबूत करना चाहती है और लोगों का ध्यान खींचना चाहती है.