20 नवंबर को गुरु करेंगे मकर राशि में प्रवेश, जानिए किन राशियों को होगा लाभ


बृहस्पति अपनी स्वराशि धनु की यात्रा समाप्त करके 20 नवंबर, शुक्रवार को दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर अपनी नीच राशि मकर में प्रवेश कर रहे हैं। मकर राशि शनि देव की राशि है और शनि स्वयं वर्तमान समय में इसी राशि पर गोचर कर रहे हैं अतः बृहस्पति के आ जाने से शनि और गुरु की एक साथ युति फलित ज्योतिष में अप्रत्याशित परिणाम दिलाने वाली सिद्ध होगी। वक्री-मार्गी अवस्था में गोचर करते हुए गुरु मकर राशि में 20 नवंबर 2021 की रात्रि 11 बजकर 17 मिनट तक रहेंगे। उसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। धनु और मीन राशि के स्वामी गुरु कर्क राशि में उच्चराशिगत एवं मकर राशि में नीचराशिगत संज्ञक होते हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी बारह राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।

मेष राशि
राशि से दशमभाव में बृहस्पति का गोचर आपके लिए कई तरह के शुभ-अशुभ परिणाम दिलाने वाला सिद्ध होगा। इनके द्वारा नौकरी में स्थान परिवर्तन का भी योग बन रहा है। जमीन-जायदाद से जुड़े हुए मामलों का सहजता से निपटारा हो जाएगा। मकान-वाहन खरीदने का भी संकल्प पूर्ण कर सकते हैं। कार्य व्यापार की दृष्टि से तो बेहतर रहेगा किंतु, शीर्ष नेतृत्व से संबंध बिगड़ने न दें। अपनी जिद्द एवं आवेश को नियंत्रण में रखते हुए कार्य करेंगे तो चीजें सुचारू रूप से चलती रहेंगी।

वृषभ राशि
राशि से भाग्यभाव में गुरु का गोचर अप्रत्याशित परिणाम दिलाने वाला सिद्ध होगा। कई बार आपका कार्य होते होते रुक जाएगा और आपके अपने ही लोग अड़चनें पैदा में लगे रहेंगे। धर्म-कर्म के मामलों में भी कुछ उदासीनता आ सकती है इसे बढ़ने न दें। विदेश यात्रा तथा विदेशी नागरिकता से संबंधित कार्य चाह रहे हों तो संपन्न हो जाएंगे। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। शिक्षा प्रतियोगिता में भी आशातीत सफलता मिलेगी। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग।

मिथुन राशि
राशि से अष्टमभाव में नीचराशिगत बृहस्पति कई तरह के मिले-जुले फल प्रदान करेंगे। रोजगार तथा नौकरी में भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा किंतु, आर्थिक पक्ष में मजबूती आएगी। विलासितापूर्ण वस्तुओं का क्रय भी करेंगे। कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह के झगड़े विभाग अथवा आरोप प्रत्यारोप से दूर ही रहें। कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। जोड़ों में दर्द, हृदय विकार तथा गैस आदि की समस्या से परेशानी बढ़ सकती है।

कर्क राशि
राशि से सप्तमभाव में गुरु का गोचर आपकी सामाजिक पद प्रतिष्ठा में अत्यधिक वृद्धि कराएगा। पुरस्कार प्राप्ति के भी योग। कार्यक्षेत्र में भी वर्चस्व  बढ़ेगा। कोई भी बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना चाह रहे हों अथवा किसी बड़े अनुबंध पर भी हस्ताक्षर करना चाहे तो उसदृष्टि से गोचर किसी वरदान से कम नहीं है। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित पड़े हुए कार्यो का निपटारा होगा। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा और विवाह संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी।

सिंह राशि
राशि से छठेभाव में गुरु का गोचर स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता सतर्क रहें। विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए कठिन प्रयास करने होंगे। दैनिक व्यापारियों के लिए भी समय सामान्य ही रहेगा। लेन-देन के मामलों में भी अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है किसी भी तरह की आर्थिक जमानत देने से बचें। यात्रा-देशाटन का लाभ मिलेगा। विदेश यात्रा अथवा वीजा से संबंधित कार्य सुगमता से संपन्न होंगे।

कन्या राशि
राशि से पंचमभाव में बृहस्पति का गोचर शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता प्राप्त कराएगा। किंतु संतान संबंधी चिंता बढ़ सकती है। प्रेम संबंधी  मामलों में भी मतभेद गहरा सकता है इसे ग्रहयोग समझकर बढ़ने ना दें। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा भाइयों से मतभेद बिगड़ने न दें। केंद्र अथवा राज्य सरकार के प्रमुख विभागों में सर्विस के लिए आवेदन करना भी सफल रहेगा। सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आपके लिए किसी बड़े सम्मान अथवा पुरस्कार की भी घोषणा हो सकती है।

तुला राशि
राशि से चतुर्थभाव में बृहस्पति का गोचर आपके लिए कई तरह की कठिन चुनौतियां सामने लाएगा। किसी न किसी तरह की पारिवारिक समस्या  आपके लिए मानसिक अशांति का कारण बन सकती है इसे ग्रह योग समझकर बिल्कुल भी परेशान न हों। मित्रों तथा संबंधियों से भी बहुत सहयोग की उम्मीद न करें। स्वयं के बलपर लिए गए सभी निर्णय सफल रहेंगे। मकान वाहन खरीदने का संकल्प भी पूर्ण हो सकता है। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। यात्रा सावधानीपूर्वक करें।

वृश्चिक राशि
राशि से पराक्रमभाव में गुरु का गोचर आपको अदम्य साहसी और पराक्रमी बनाएगा। शनि के साथ इनकी युति आपके द्वारा लिए गए निर्णय तथा किए गए कार्यों को सफल बनाने में सहायक सिद्ध होगी। धर्म-कर्म के मामलों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान पुण्य में ही करेंगे। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नवदंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति अथवा प्रादुर्भाव के भी योग। अपनी जिद एवं क्रोध पर नियंत्रण रखें और ऊर्जा शक्ति का पूर्ण उपयोग कार्य व्यापार की उन्नति में करें।

धनु राशि
राशि से धनभाव में गोचर करते हुए बृहस्पति हो सकता है आपके लिए पारिवारिक कलह का कारण बनें किंतु ये आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करेंगे। किसी महंगी वस्तु का क्रय करेंगे और मकान वाहन से जुड़े मामलों का भी निपटारा होगा। अपनी वाणी कुशलता के बल पर विषम हालात को भी नियंत्रित कर लेंगे फिर भी गुप्त शत्रुओं से बचते रहें और कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं। स्वास्थ्य विशेषकर के दाहिनी आंख से संबंधित समस्या, जोड़ों में दर्द तथा वात रोग से सावधान रहें।

मकर राशि
आपकी राशि में गोचर करते हुए बृहस्पति और साथ में राशि स्वामी शनि के सकारात्मक प्रभाव से सफलताओं का सिलसिला चलता रहेगा। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा। विद्यार्थियों के लिए प्रभाव अति अनुकूल रहेगा। शादी विवाह से संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी। संतान संबंधी चिंता से भी मुक्ति मिलेगी। नव दपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के लिए। विदेश यात्रा अथवा विदेशी नागरिकता से जुड़े मामलों का सफलता से निपटारा होगा।

कुंभ राशि
राशि से हानिभाव में गुरु का गोचर बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। यद्यपि धर्म एवं अध्यात्म के प्रति गहरी रूचि रहेगी। मंदिर, अनाथालय, तीर्थक्षेत्र तथा धार्मिक ट्रस्टों में दान पुण्य करेंगे जिसके प्रभाव स्वरूप सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी किंतु इसी के कारण आर्थिक तंगी की भी संभावना रहेगी। बहुत सोच समझकर ही धन व्यय करने की आवश्यकता है। गुप्त शत्रुओं से बचते रहें, आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे। लेन-देन के मामलों में भी सावधानी बरतें अन्यथा धन हानि के योग।

मीन राशि
राशि से लाभभाव में गुरु आर्थिक दृष्टि से मजबूती प्रदान करेंगे। आय के  साधन बढ़ेंगे। काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस आने की उम्मीद। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से भी सहयोग मिल सकता है। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में किसी भी तरह का सरकारी टेंडर आदि डालना हो अथवा किसी बड़े व्यापारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो उस दृष्टि से भी अवसर अनुकूल रहेगा। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। प्रतियोगिता में भी सफलता के योग।

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