इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम और विदिशा में आज से रात 10 से सुबह 6 बजे का नाइट कर्फ्यू

भोपाल : मध्यप्रदेश में कोविड-19 की महामारी की रोकथाम को देखते हुए राज्य सरकार ने फैसला लिया कि प्रदेश में कंटेनमेंट जोन को छोड़कर किसी भी जिले शहर क्षेत्र में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा. अंतरराज्यीय एवं अंतर जिला परिवहन सतत एवं निर्बाध रूप से चल सकेगा. अधिक संक्रमण वाले जिलों में कल 21 नवंबर से आगामी आदेश तक प्रत्येक रात्रि 10:बजे से प्रातः 6:बजे तक दुकानें व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे एवं नागरिक अति आवश्यक होने पर इस अवधि में परिवहन कर सकेंगे. 

इंदौर,भोपाल,ग्वालियर,रतलाम और विदिशा में रात 10 से सुबह 6 बजे तक व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे. औद्योगिक मजदूरों के आवागमन एवं ट्रकों के परिवहन पर कोई रोक नहीं रहेगी. कक्षा 1 से 8 तक के समस्त स्कूल 31 दिसंबर तक बंद रहेंगे. कक्षा 9 से 12 के स्कूली छात्र-छात्राएं एवं कॉलेज के छात्र छात्राएं विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्कूल कॉलेज आ जा सकेंगे.

फेस मास्क का उपयोग पब्लिक प्लेस में समस्त नागरिक करें इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा. प्रदेश के समस्त जिलों में 21 नवंबर से जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों की बैठक आयोजित कर 22 नवंबर तक जिला कलेक्टर सुझाव सरकार को भेजेंगे. क्राइसेस मैनेजमेंट की बैठकों में विवाह सामाजिक आदि कार्यक्रमों में उपस्थिति के अधिकतम सीमा तय की जाएगी. जिलों में कौन कौन से कंटेन्मेंट जोन बनाए जाएं इन बैठकों में तय होगा.

बैठक में सीएम ने ये निर्देश दिए

(1) 9वीं से 12वीं और कॉलेज के छात्र-छात्राएं विभाग द्वारा जारी दिश-निर्देशों के मुताबिक स्कूल-कॉलेज जा सकेंगे।
(2) थिएटरों के लिए पहले की गाइडलाइन जारी रहेगी।
यानी 50% सिटिंग कैपेसिटी की ही इजाजत होगी।
(3) कल से हर जिले में क्राइसिस ग्रुप की रेगुलर बैठक होगी और सिफारिशें सरकार को भेजी जाएंगी।
(4) शादियों में ज्यादा से ज्यादा कितने लोग इकट्ठा हो सकते हैं, इस पर फैसला बाद में होगा।
(5} रात 10 से 6 बजे तक औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
(6) औद्योगिक मजदूरों के आवागमन और ट्रकों के परिवहन पर रोक नहीं रहेगी।
(7) पूरे प्रदेश में मास्क लगाने पर सख्ती बढ़ाई जाएगी।
(8) इसे लागू करने की जिम्मेदार जिला प्रशासन की होगी।सीएम खुद हर एक दिन छोड़कर कोरोना के मामलों का रिव्यू करेंगे।

करंट लगने से मां-बेटी और दामाद की मौत, रिटायर्ड बिजली कर्मचारी के घर हादसा

शिवपुरी। शहर के देहात थाना क्षेत्र के बड़े लुहारपुरा में शुक्रवार की सुबह करंट लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंच गई है. हादसा रिटायर्ड बिजली कर्मचारी काशीराम ओझा के घर घटित हुआ. मृतकों में दो महिलाएं मां-बेटी व दामाद शामिल है, जो ससुराल में घर जमाई बनकर रह रहा था.

जानकारी के अनुसार देहात थाने के पीछे बड़े लुहारपुरा में रहने वाले काशीराम ओझा विद्युत मंडल से रिटायर कर्मचारी हैं. उनके घर में नीचे वाले कमरे में उनकी पत्नी कमला ओझा (उम्र 57 साल) उनकी बेटी नीतू ओझा (उम्र 30 साल) और दामाद मनोज ओझा (उम्र 35 साल) सो रहे थे, तभी कोई स्वीच टच करने को लेकर संभवतः करंट लगा है, जिससे कमला ओझा, मनोज और उनकी पत्नी नीतू की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई.

ग्वालियर कांग्रेस ने किया सिंधिया का पुतला दहन, कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई का विरोध

ग्वालियर- ग्वालियर कंाग्रेस अब भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। प्रशासन द्वारा वुधवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक सिंह के रिश्तेदार के मैरिज गार्डन में की गई कार्रवाई के विरोध में कंाग्रेस द्वारा विभिन्न ब्लाॅक में सिंधिया के खिलाफ सुबह से अंादोलन कर पुतला दहन किया जा रहा है इस दौरान यहंा बडी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डाॅ देवेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता मे कल वरिष्ठ कांग्रेसजनो की आपात बैठक में सर्वसम्मती से निर्णय लिया गया कि कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ जंगी आदोलन चलाएगी जिसका शुभांरभ ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुतला दहन से होगा, 21 नवंबर को फूलबाग पर कांग्रेस धरना आयोजित करेगी और चरणबद्ध तरीके से आगे जंगी प्रदर्शन एवं ग्वालियर बंद भी किया जाएगा। ग्वालियर के छप्परवाला पुल पर जमा हुए कंाग्रेस नेताओं द्वारा यहंा सिंधिया का पुतला दहन करते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और उन पर एक तरफा पक्षपतापूर्ण कार्रवाई के लिए प्रशासन पर दवाब बनाने का आरोप लगाया गया।

बढ़ते कोरोना से प्रशासन के हाथ पांव फूले

ग्वालियर में कोरोना संक्रमण के दुबारा पैर पसारने से प्रशासन चिंतित है । चुनाव और त्योहारों में जुटी बेतहाशा भीड़ के कारण संक्रमण विस्तार ने फिर उछाल मार लिया है । बीते एक पखबाड़े से संक्रमितों का आंकड़ा हर रोज औसत सौ निकल रहा है । पीक समय मे।इससे थोड़े ज्यादा ही पॉजिटिव निकल रहे थे । .

कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इंडिया शाम तक डॉट कॉम से माना कि लगातार संकृमितों की संख्या बढ़ने से चिंता बढ़ी है । अगर आंकड़ा और बढ़ता है तो उपचार और संक्रमण रोकने के उपायों को और प्रभावी बनाने के बारे में सोचना पड़ेगा ।  प्रशासन लगातार एक्सरसाइज़ कर रहा है ।

WHO में फिर शामिल होगा अमेरिका, बाइडन ने पलटा ट्रंप का फैसला; चीन के लिए कही ये बात

वाशिंगटन, पीटीआइ। अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के फैसले को पलट दिया है। जो बाइडन ने ऐलान किया है कि अमेरिकी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में फिर से शामिल होगा। इससे पहले ट्रंप सरकार ने डब्ल्यूएचओ पर लगातार कोरोना वायरस को लेकर चीन का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए खुद को अलग कर लिया था। 

अप्रैल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ से हट जाएगा। अमेरिका ने आरोप लगाया था कि स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को लेकर विश्व को गुमराह किया। जिसके कारण इस वायरस से दुनिया भर में लाखों लोगों की जान गई। बाइडेन ने कहा कि उनका प्रशासन पहले दिन से ही विश्व स्वास्थ्य संगठन में फिर से शामिल होने जा रहा है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बाकी दुनिया और हम एक साथ मिलकर काम करें।

वहीं, चीन को लेकर बाइडन ने कहा कि उसे नियमों का पालन करना होगा और उसी के तहत काम करना पड़ेगा। दरअसल, राष्ट्रपति चुनाव की बहस के दौरान उनके बयान को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि क्या दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन पर वो आर्थिक प्रतिबंध या टैरिफ लगाएंगे। इसके जवाब में बाइडन ने कहा था कि जिस तरह से चीन बर्ताव कर रहा है, वह उसे दंडित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चीन को दंडित करने के बारे में नहीं है, बल्कि उसे यह समझाना भी है कि उसे नियमों के तहत ही चलना होगा। यह एक आसान प्रस्ताव है।

बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता में चार साल चीन-अमेरिका संबंधों में सबसे खराब दौर रहा। अपने कार्यकाल के दौरान रिपब्लिकन ट्रंप ने अमेरिका-चीन संबंधों के सभी पहलुओं पर आक्रामक रुख दिखाया। जिसमें विवादित दक्षिण चीन सागर पर चीन की सैन्य पकड़ को चुनौती देना और कोरोना वायरस को ‘चीन वायरस’ के रूप में पेश करना शामिल है। वहीं, चीनी के रणनीतिक विशेषज्ञों का मनना है कि निर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन से उम्मीद की जा रही है कि वे दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संचार को फिर से शुरू करने पर काम करेंगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, मध्यप्रदेश उपचुनाव में भाजपा की जीत का श्रेय यदि किसी को जाता है तो…

भोपाल: भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश में हाल ही में हुए उपचुनाव में भाजपा की जीत का श्रेय प्रदेश की जनता एवं पार्टी के आला नेताओं को दिया. सत्तारूढ़ भाजपा ने तीन नवंबर को 28 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में से 19 सीटें जीती थी, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को मात्र नौ सीटें मिली.सिंधिया इन उपचुनावों के परिणाम आने के बाद पहली बार भोपाल आये. यहां उनका राजा भोज हवाई अड्डे पर पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया, उनके साथ केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी थे.

यहां हवाईअड्डे पर पहुंचने के बाद पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा के राज्यसभा सदस्य सिंधिया ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘इस जीत का श्रेय यदि किसी को जाता है तो सर्वप्रथम मेरी मध्यप्रदेश की जनता को जाता है. जनता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश में सुशासन लाने के लिये आशीर्वाद प्रदान किया है. इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं उनकी नीतियों को भी जाता है.”

उन्होंने कहा कि इस जीत का श्रेय भाजपा के आम कार्यकर्ताओं को भी जाता है, जिन्होंने तन-मन से पूर्ण रुप से चुनाव में कार्य किया है. यह पूछे जाने पर की उपचुनाव में हारे हुए तीन मंत्रियों ने अभी इस्तीफे नहीं दिये हैं, नरेन्द्र सिंह तोमर सवाल टालते नजर आए उन्होंने कहा, ‘‘मेरे से मेरी बात पूछो.” इस उपचुनाव में प्रदेश सरकार में सिंधिया समर्थक दो मंत्री इमरती देवी और गिर्राज दंडोतिया के अलावा एक अन्य मंत्री एदल सिंह कंषाना हार गये थे. इनमें से कंषाना ने इस्तीफा दे दिया है, जबकि अन्य दो मंत्रियों ने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया है.

नेता सुभाषचंद्र बोस की मूर्ति बनाने के लिए इस ऑटोवाले ने अपनी सेविंग्स खर्च कर दी



नेता जी को दुनिया में बहुत से लोगों ने अपना आदर्श माना है। बसीरहाट के अजय कुंडू भी उन्हीं लोगों में से एक हैं जिन्होंने नेता जी को अपना आदर्श माना। पर उनका एक सपना था कि उनके शहर में भी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की एक मूर्ति हो, जो वो खुद लगाना चाहते थे। ये सपना उन्होंने साकार कर लिया। वो पेशे से ऑटोड्राइवर हैं, अपनी जिंदगीभर की बचत लगाकर उन्होंने नेताजी की मूर्ति स्थापित कर दी।


बाकी लोगों ने भी की मदद

अजय ने जहां मूर्ति में अपनी जिंदगीभर की बचत खर्च कर दी, वहीं शिल्पकार की फीस और मूर्ति का बाकी का सौंदर्यीकरण के लिए अजय के दोस्तों, रिश्तेदारों ने उनकी मदद की। अजय ने अपनी सेविंग्स से इस मूर्ति पर 1 लाख 10 हजार रुपये खर्च किए।

चौथी तक ही की है पढ़ाई

अजय ने अपनी पढ़ाई कक्षा चौथी तक ही की है। इसके बाद से ही उन्होंने नेताजी को अपना हीरो मान लिया। वो कहते हैं, ‘मैं कुछ साल ही स्कूल में बिताए हैं। इसके बाद मुझे अहसास हुआ कि नेताजी इस देश के असली हीरो हैं। बाद में मैंने कई लोगों से बात की और ये नतीजा निकला कि उनके बिना हमें आजादी काफी देर से मिलती।’

ये एक सपना था

वो कहते हैं, ‘हमेशा से ही मुझे लगता था कि बसीरहाट में नेताजी की एक मूर्ति होनी चाहिए। यहां नेताजी के कई छोटी मूर्तियां हैं लेकिन कलकत्ता के श्यामाबाजार में लगी नेताजी की मूर्ति को देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता था। मेरा सपना था कि बसीरहाट में भी वैसी ही एक मूर्ति लगे। बीते साल दिपेंदु जी से अपनी इच्छा जाहिर की और उन्होंने मेरी मदद की।’ विधायक दिपेंदु बिस्वास ने पीडब्लूडी अधिकारियों को चिट्ठी लिखी। इसके बाद अजय को मूर्ति लगाने के लिए प्लॉट देने का निवेदन किया। यहां तक कि उन्होंने अपने विकास फंड से 30 हजार रुपये भी दिए।

20 नवंबर को गुरु करेंगे मकर राशि में प्रवेश, जानिए किन राशियों को होगा लाभ


बृहस्पति अपनी स्वराशि धनु की यात्रा समाप्त करके 20 नवंबर, शुक्रवार को दोपहर 1 बजकर 20 मिनट पर अपनी नीच राशि मकर में प्रवेश कर रहे हैं। मकर राशि शनि देव की राशि है और शनि स्वयं वर्तमान समय में इसी राशि पर गोचर कर रहे हैं अतः बृहस्पति के आ जाने से शनि और गुरु की एक साथ युति फलित ज्योतिष में अप्रत्याशित परिणाम दिलाने वाली सिद्ध होगी। वक्री-मार्गी अवस्था में गोचर करते हुए गुरु मकर राशि में 20 नवंबर 2021 की रात्रि 11 बजकर 17 मिनट तक रहेंगे। उसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। धनु और मीन राशि के स्वामी गुरु कर्क राशि में उच्चराशिगत एवं मकर राशि में नीचराशिगत संज्ञक होते हैं। इनके राशि परिवर्तन का सभी बारह राशियों पर कैसा प्रभाव रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।

मेष राशि
राशि से दशमभाव में बृहस्पति का गोचर आपके लिए कई तरह के शुभ-अशुभ परिणाम दिलाने वाला सिद्ध होगा। इनके द्वारा नौकरी में स्थान परिवर्तन का भी योग बन रहा है। जमीन-जायदाद से जुड़े हुए मामलों का सहजता से निपटारा हो जाएगा। मकान-वाहन खरीदने का भी संकल्प पूर्ण कर सकते हैं। कार्य व्यापार की दृष्टि से तो बेहतर रहेगा किंतु, शीर्ष नेतृत्व से संबंध बिगड़ने न दें। अपनी जिद्द एवं आवेश को नियंत्रण में रखते हुए कार्य करेंगे तो चीजें सुचारू रूप से चलती रहेंगी।

वृषभ राशि
राशि से भाग्यभाव में गुरु का गोचर अप्रत्याशित परिणाम दिलाने वाला सिद्ध होगा। कई बार आपका कार्य होते होते रुक जाएगा और आपके अपने ही लोग अड़चनें पैदा में लगे रहेंगे। धर्म-कर्म के मामलों में भी कुछ उदासीनता आ सकती है इसे बढ़ने न दें। विदेश यात्रा तथा विदेशी नागरिकता से संबंधित कार्य चाह रहे हों तो संपन्न हो जाएंगे। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। शिक्षा प्रतियोगिता में भी आशातीत सफलता मिलेगी। नव दंपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के भी योग।

मिथुन राशि
राशि से अष्टमभाव में नीचराशिगत बृहस्पति कई तरह के मिले-जुले फल प्रदान करेंगे। रोजगार तथा नौकरी में भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा किंतु, आर्थिक पक्ष में मजबूती आएगी। विलासितापूर्ण वस्तुओं का क्रय भी करेंगे। कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह के झगड़े विभाग अथवा आरोप प्रत्यारोप से दूर ही रहें। कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं। स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। जोड़ों में दर्द, हृदय विकार तथा गैस आदि की समस्या से परेशानी बढ़ सकती है।

कर्क राशि
राशि से सप्तमभाव में गुरु का गोचर आपकी सामाजिक पद प्रतिष्ठा में अत्यधिक वृद्धि कराएगा। पुरस्कार प्राप्ति के भी योग। कार्यक्षेत्र में भी वर्चस्व  बढ़ेगा। कोई भी बड़े से बड़ा कार्य आरंभ करना चाह रहे हों अथवा किसी बड़े अनुबंध पर भी हस्ताक्षर करना चाहे तो उसदृष्टि से गोचर किसी वरदान से कम नहीं है। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में प्रतीक्षित पड़े हुए कार्यो का निपटारा होगा। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा और विवाह संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी।

सिंह राशि
राशि से छठेभाव में गुरु का गोचर स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता सतर्क रहें। विद्यार्थियों अथवा प्रतियोगिता में बैठने वाले छात्रों के लिए परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए कठिन प्रयास करने होंगे। दैनिक व्यापारियों के लिए भी समय सामान्य ही रहेगा। लेन-देन के मामलों में भी अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है किसी भी तरह की आर्थिक जमानत देने से बचें। यात्रा-देशाटन का लाभ मिलेगा। विदेश यात्रा अथवा वीजा से संबंधित कार्य सुगमता से संपन्न होंगे।

कन्या राशि
राशि से पंचमभाव में बृहस्पति का गोचर शिक्षा प्रतियोगिता में अच्छी सफलता प्राप्त कराएगा। किंतु संतान संबंधी चिंता बढ़ सकती है। प्रेम संबंधी  मामलों में भी मतभेद गहरा सकता है इसे ग्रहयोग समझकर बढ़ने ना दें। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा भाइयों से मतभेद बिगड़ने न दें। केंद्र अथवा राज्य सरकार के प्रमुख विभागों में सर्विस के लिए आवेदन करना भी सफल रहेगा। सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आपके लिए किसी बड़े सम्मान अथवा पुरस्कार की भी घोषणा हो सकती है।

तुला राशि
राशि से चतुर्थभाव में बृहस्पति का गोचर आपके लिए कई तरह की कठिन चुनौतियां सामने लाएगा। किसी न किसी तरह की पारिवारिक समस्या  आपके लिए मानसिक अशांति का कारण बन सकती है इसे ग्रह योग समझकर बिल्कुल भी परेशान न हों। मित्रों तथा संबंधियों से भी बहुत सहयोग की उम्मीद न करें। स्वयं के बलपर लिए गए सभी निर्णय सफल रहेंगे। मकान वाहन खरीदने का संकल्प भी पूर्ण हो सकता है। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। यात्रा सावधानीपूर्वक करें।

वृश्चिक राशि
राशि से पराक्रमभाव में गुरु का गोचर आपको अदम्य साहसी और पराक्रमी बनाएगा। शनि के साथ इनकी युति आपके द्वारा लिए गए निर्णय तथा किए गए कार्यों को सफल बनाने में सहायक सिद्ध होगी। धर्म-कर्म के मामलों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और दान पुण्य में ही करेंगे। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। नवदंपत्ति के लिए संतान प्राप्ति अथवा प्रादुर्भाव के भी योग। अपनी जिद एवं क्रोध पर नियंत्रण रखें और ऊर्जा शक्ति का पूर्ण उपयोग कार्य व्यापार की उन्नति में करें।

धनु राशि
राशि से धनभाव में गोचर करते हुए बृहस्पति हो सकता है आपके लिए पारिवारिक कलह का कारण बनें किंतु ये आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करेंगे। किसी महंगी वस्तु का क्रय करेंगे और मकान वाहन से जुड़े मामलों का भी निपटारा होगा। अपनी वाणी कुशलता के बल पर विषम हालात को भी नियंत्रित कर लेंगे फिर भी गुप्त शत्रुओं से बचते रहें और कोर्ट कचहरी के मामले भी बाहर ही सुलझाएं। स्वास्थ्य विशेषकर के दाहिनी आंख से संबंधित समस्या, जोड़ों में दर्द तथा वात रोग से सावधान रहें।

मकर राशि
आपकी राशि में गोचर करते हुए बृहस्पति और साथ में राशि स्वामी शनि के सकारात्मक प्रभाव से सफलताओं का सिलसिला चलता रहेगा। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार में मांगलिक कार्यों का सुअवसर आएगा। विद्यार्थियों के लिए प्रभाव अति अनुकूल रहेगा। शादी विवाह से संबंधित वार्ता भी सफल रहेगी। संतान संबंधी चिंता से भी मुक्ति मिलेगी। नव दपति के लिए संतान प्राप्ति एवं प्रादुर्भाव के लिए। विदेश यात्रा अथवा विदेशी नागरिकता से जुड़े मामलों का सफलता से निपटारा होगा।

कुंभ राशि
राशि से हानिभाव में गुरु का गोचर बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता। यद्यपि धर्म एवं अध्यात्म के प्रति गहरी रूचि रहेगी। मंदिर, अनाथालय, तीर्थक्षेत्र तथा धार्मिक ट्रस्टों में दान पुण्य करेंगे जिसके प्रभाव स्वरूप सामाजिक पद प्रतिष्ठा बढ़ेगी किंतु इसी के कारण आर्थिक तंगी की भी संभावना रहेगी। बहुत सोच समझकर ही धन व्यय करने की आवश्यकता है। गुप्त शत्रुओं से बचते रहें, आपके अपने ही लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे। लेन-देन के मामलों में भी सावधानी बरतें अन्यथा धन हानि के योग।

मीन राशि
राशि से लाभभाव में गुरु आर्थिक दृष्टि से मजबूती प्रदान करेंगे। आय के  साधन बढ़ेंगे। काफी दिनों का दिया गया धन भी वापस आने की उम्मीद। परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तथा बड़े भाइयों से भी सहयोग मिल सकता है। केंद्र अथवा राज्य सरकार के विभागों में किसी भी तरह का सरकारी टेंडर आदि डालना हो अथवा किसी बड़े व्यापारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर करना हो तो उस दृष्टि से भी अवसर अनुकूल रहेगा। संतान संबंधी चिंता से मुक्ति मिलेगी। प्रतियोगिता में भी सफलता के योग।

ऊपर वाले ने दिया तो ‘छत फाड़कर’ दिया, आसमान से ऐसा खजाना गिरा कि कंगाल बन गया करोड़पति

ऊपर वाले ने दिया तो ‘छत फाड़कर’ दिया, आसमान से ऐसा खजाना गिरा कि कंगाल बन गया करोड़पति


एक कहावत आपने जरूर सुनी होगी ऊपर वाला जब भी देता है छप्पर फाड़ के देता है. यह बिल्कुल सच साबित हुआ इंडोनेशिया के एक युवक जोसुआ हुतागलंगु के साथ जो ताबूत बनाने का काम करता था और चंद मिनटों में कंगाल से सीधे करोड़पति बन गया.


दरअसल, 33 साल के जोसुआ जब अपने घर में एक दिन काम कर रहे थे उसी दौरान उनके घर में आसमान से एक ऐसी चीज गिरी जिसने उन्हें 10 करोड़ रुपये का मालिक बना दिया.


जोसुआ के घर में आकाश से बेहद दुर्लभ उल्कापिंड का एक ऐसा टुकड़ा गिरा जिसने उन्हें कंगाल से करोड़पति बना दिया. यह उल्कापिंड का टुकड़ा करीब 4 अरब साल पुराना था जिस वजह से इसकी कीमत 10 करोड़ रुपये आंकी गई.


उल्कापिंड के गिरने से जोउसा के कोलांग स्थित घर की छत में छेद हो गया. जिस वक्त ये पत्थर आसमान से गिरा उस वक्त जोउसा ताबूत बनाने का ही काम कर रहे थे. उल्कापिंड का वजन 2 किलो से ज्यादा और जब यह छत तो तोड़ते हुए गिरा तो यह 15 सेंटीमीटर तक जमीन में धंस गया.


इस उल्कापिंड के बदले जोसुआ को करीब 14 लाख पाउंड ( 10 करोड़ रुपये) मिले. यह अत्यंत ही दुर्लभ प्रजाति गपाना का बताया जाता है जिसकी वजह से इसकी कीमत 857 डॉलर प्रति ग्राम है. जोसुआ ने बताया कि पत्थर जिस वक्त गिरा उस वक्त बेहद गर्म था लेकिन बाद में वो ठंडा हो गया