बंदूक:थानों में ही कैद रहेगा ग्वालियर-चंबल का ‘रसूख’, शादियों में सूने दिखाई देंगे कंधे

ग्वालियर:
ग्वालियर-चंबल का ‘रसूख’ अभी थानों में रखा है, फिलहाल ये आगामी शादियों में कंधे की शान नहीं बन पाएगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि अभी जिले में हुए 3 विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान लाइसेंसी हथियार थानों में जमा हैं। उपचुनाव हो गए हैं, लेकिन प्रशासन ने हथियार वापस करने के आदेश जारी नहीं किए हैं। प्रशासन की मंशा है कि जनवरी में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव के बाद ही हथियार वापस दिए जाएं। ऐसे में नवंबर, दिसंबर और जनवरी के सहालग में चंबल के रसूख कंधों की शान नहीं बन पाएगा।

ग्वालियर जिले में कुल 31529 लाइसेंसी हथियार हैं। इनमें से 15000 से अधिक लाइसेंसी हथियार देहात इलाके और शेष शहर के हैं। हाल ही में जिले में हुए उप चुनाव के चलते 95 फीसदी हथियार थानों में जमा हैं। शेष हथियार फोर्स या विशेष स्थिति में छूट वाले हैं। बीते डेढ़ महीने से ये लाइसेंसी हथियार थानों में जमा हैं। अभी इनके वापस मिलने की संभावना भी नहीं है।

नगरीय निकाय चुनाव के बाद मिलेंगे

17 नवम्बर को ग्वालियर में नगरीय निकाय चुनाव के लिए बैठक हुई है। बैठक में वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई है। साथ ही जनवरी माह के आखिर तक चुनाव होने हैं। जल्द तारीख भी जा जाएगी। ऐसे में इन चुनावों के बाद हथियार थानों से मिल सकेंगे।

शादियों में नहीं दिखा सकेंगे शान

ग्वालियर-चंबल अंचल में शादियों में हथियार लेकर चलना शान माना जाता है। साथ ही हर्ष फायर का भी चलन है। पर इस बार ऐसा नहीं हो सकेगा। नवंबर, दिसंबर और जनवरी के सहालग में कंधे पर बंदूक नहीं दिखेगी। ग्वालियर एसपी अमित सांघी ने कहा कि अभी लाइसेंसी हथियार वापस देने के संबंध में आदेश नहीं आए हैं। जनवरी में नगरीय निकाय चुनाव भी है। इसके बाद ही वापस किए जाएंगे।
हर साल 7 से 8 मौत

शादियों में हर साल हर्ष फायर के चलते ग्वालियर-चंबल अंचल में 7 से 8 मौत होती हैं। 2019 में भिंड, मुरैना और ग्वालियर में 8 मौत हुई थीं। जबकि 20 से 22 लोग घायल होते हैं। जब लाइसेंसी हथियार थानों में जमा हैं तो खुशी के मौके पर हर्ष फायर की जगह आतिशबाजी की डिमांड बढ़ेगी। विकल्प के रूप में लोग हर्ष फायर की जगह आतिशबाजी करेंगे।

अमित शाह और नड्डा ने मिशन बंगाल के लिए तैयार की 11 नेताओं की केंद्रीय कोर टीम

कोलकाता, । बिहार के बाद भाजपा की नजर आगामी वर्ष बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल सरकार के खिलाफ चुनाव में बड़े हमले के लिए भाजपा मैदान तैयार करना शुरू कर दिया। बंगाल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 11 केंद्रीय नेताओं की एक कोर टीम तैयार की है। इनमें से कई नेता बंगाल पहुंच कर अपने मिशन में जुट गए हैं।

दो दिन पहले कोलकाता पहुंचे कोर सदस्य अपना कार्य शुरू कर दिया है। राज्य पार्टी इकाई के इनपुट के आधार पर यह टीम उम्मीदवारों की एक मूल सूची तैयार करने के साथ-साथ केंद्रित अभियान रणनीति के लिए हर सप्ताह की रूप रेखा भी तैयार करेगी। राज्य के 294 विधानसभा क्षेत्रों को पांच भाग में विभाजित किया गया है, जिनमें से प्रत्येक का दायित्व केंद्रीय स्तर के सचिवों को दिया गया है। यह सचिव केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में सभी निर्णयों को अंतिम रूप देंगे।

अमित शाह और जेपी नड्डा के हाथ है कमान

भाजपा यह जानती है कि बंगाल की लड़ाई उनके लिए आसान नहीं है। पार्टी कमान यहां गुटीय विवादों को लेकर परेशान है। यही कारण है कि भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य पार्टी इकाई के बजाय केंद्रीय नेतृत्व के प्रत्यक्ष प्रभार के तहत विधानसभा चुनाव के लिए कमान रखने का फैसला किया है।

11 सदस्यीय कोर टीम में पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और दुष्यंत गौतम, पांच पार्टी सचिव- सुनील देवधर, विनोद तावड़े, विनोद सोनकर, हरीश द्विवेदी और अरविंद मेनन हैं। इसके अलावा केंद्रीय आइटी और सोशल मीडिया सेल के प्रमुख अमित मालवीय, राज्य के नेता अमित चक्रवर्ती और किशोर बर्मन। देवधर त्रिपुरा में भाजपा को सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

18 से 20 नवंबर के बीच जोनल प्रभारियों की यह होगी रणनीति

कैलाश विजयवर्गीय समन्वयक बनाए गए हैं, जबकि आइटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय, पार्टी सचिव सुनील देवधर, अरविंद मेनन, विनोद तावड़े लड़ाई का मैदान तैयार करने के लिए टीम का हिस्सा हैं। मंगलवार को, सुनील देवधर, अमित मालवीय और बीएल संतोष सहित छह केंद्रीय नेताओं ने कोलकाता में राज्य के नेताओं के साथ एक रणनीति की बैठक की, जिसमें यह भी तय किया गया कि 18 से 20 नवंबर के बीच पांचों जोनल प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र के जिला प्रभारियों के साथ मुलाकात करेंगे। 

इंदौर में एक दर्जन से अधिक गुंडों के अवैध मकान तोड़ना आरंभ

इंदौर,  नगर निगम बुधवार से शहर के सूचीबध्द गुंडों द्वारा किए गए अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके लिए निगम कल से तैयारी कर रहा था। पुलिस प्रशासन ने निगम को 15 बड़े गुंडों और उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माण की सूची सौंपी है, जिन पर अब चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई होगी।

पहले चरण में बुधवार से गुंडे साजिद चंदनवाला और जीतेंद्र उर्फ नानू के अवैध मकानों पर निगम का बुलडोजर चलाने की योजना है। साजिद का अवैध मकान सेंट्रल कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित मच्छी बाजार में है। निचले हिस्से में दुकानें बनी हैं। गुंडे जीतेंद्र का अवैध मकान चंदन नगर थाना क्षेत्र में स्थित है। लंबे समय से प्रशासन गुंडों के अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की योजना बना रहा था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण कार्रवाई लगातार ढलती जा रही थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अब सरकार की तरफ से भी कार्रवाई शुरू करने का इशारा हो गया है।

कार्रवाई के लिए बुधवार सुबह से रिमूवल अमला अधिकारियों के साथ मच्छी बाजार स्थित साजिद के मकान पर पहुंच गया। थोड़ी देर में तोड़फोड़ शुरू होगी। उसके बाद एक अन्य टीम कार्रवाई के लिए चंदन नगर जाएगी। नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब लगभग हर दिन किसी न किसी गुंडे का अवैध निर्माण तोड़ा जाएगा।

ग्वालियर में फिर शुरू होगी एंटी माफिया मुहिम

ग्वालियर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के निर्देश पर करीब डेढ़ साल से बंद पड़ी एंटी माफिया मुहिम एक बार फिर शुरू होगी, इसमें खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले सरकारी जमीन दबाने वाले और खनन माफिया के खिलाफ खास तौर पर यह मुहिम चलाई जाएगी. हाल ही में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों पर एक ही दिन में 5 प्राथमिकी दर्ज करने और रासुका लगाने से प्रशासन की मंशा साफ हो गई है.
कलेक्टर इसके लिए पहले हर विभाग को अलग से बुलाएंगे और उनके यहां चल रहे कार्य और शिकायतों की समीक्षा होगी. विभाग से ही पहले पूछा जाएगा कि आपके यहां कौन-कौन ऐसे लोग हैं, जो माफिया की श्रेणी में आ रहे हैं. सभी विभागों से रिपोर्ट लेने के बाद ही कार्रवाई फायनल तौर पर शुरु की जाएगी. ग्वालियर जिले में पिछली कार्रवाई में नगर निगम के पास एक-दो नहीं बल्कि 135 अवैध निर्माणों की सूची थी, लेकिन सिर्फ सूची ही बनकर रह गई थी. प्रशासन सिर्फ अवैध जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई तक सिमट कर रह गया था, जबकि दावे तो 11 तरह के माफिया को खत्म करने के थे.दरअसल, हाल ही में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश भर के संभागायुक्त और कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि एंटी माफिया अभियान दोबारा से शुरू किया जाएगा. हर तरह के माफिया और अवैध आय अर्जित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, इसमें मिलावटखोर, भू माफिया, सहकारिता माफिया, चिटफंड में ठगी करने वाले से लेकर हर तरह के माफिया को शामिल किया गया है.

ग्वालियर में नगरीय निकाय चुनाव के लिए हुआ वार्ड आरक्षण

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ग्वालियर। नगरीय निकाय चुनाव के लिए वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया मंगलवार को पूरी हो गई है. इसमें डबरा के 30 वार्ड भी शामिल हैं, जबकि ग्वालियर के 66 वार्ड में वर्ग निर्धारण किया गया है. महिलाओं को 50 फीसदी में स्थान देने की गरज से 33 वार्ड उनके लिए आरक्षित किए गए हैं. अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 17, अनुसूचित जाति के लिए 11 और 1 अनुसूचित जनजाति के लिए वार्ड का आरक्षण किया गया है.

आरक्षित वर्ग के ओबीसी के 17 वार्डों में 9 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि अनुसूचित जाति के 11 वार्डों में से 5 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं. पिछड़े वर्ग के वार्डो के लिए पर्चियां डाली गई थी, जबकि अनुसूचित जाति के वादों को जनसंख्या के आधार पर निर्धारित किया गया है. कई वार्ड जो पहले अनुसूचित जाति के थे उन्हें अब ओबीसी कर दिया गया है. इनमें वार्ड 20 और 21 शामिल है, जबकि पहले सामान्य रहे 11 और 17, 36, 39 वार्ड को हरिजन वार्ड यानी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है. 

ग्वालियर नगर निगम के 60 वार्डों का आरक्षण

एससी वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड: 23, 28, 16, 22,33, 61, 11,36,39 और 17 इन वार्डो से एससी प्रत्याशी से चुनाव लड़ सकेंगे.ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड: 2,5,9, 13,15, 20, 21, 34,27, 31, 38,46,52, 59, 62, 63, 65 इन वार्डो से ओबीसी प्रत्याशी चुनाव लड़ सकेंगे.सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित वार्ड: 3, 8, 14, 18, 21, 30, 32, 33, 34,40, 41, 43,43, 47, 53, 54, 55 ,57 ,66,4, 10, 12, 35,48,50 ,56, 64 इन वार्डों से सामान्य प्रत्याशी चुनाव मैदान में ताल ठोक सकता है.

सामान्य महिला वार्ड

वार्ड नंबर 1,7,19,42,44,49,51,58,66,10,12,48 यह वार्ड सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगे.

Chhath Puja: नहाय-खाय के साथ आज से शुरू होगा 4 दिवसीय छठ महापर्व, सूर्य सहित इन ग्रहों का सुंदर संयोग

Chhath Puja: नहाय-खाय के साथ आज से शुरू होगा 4 दिवसीय छठ महापर्व, सूर्य सहित इन ग्रहों का सुंदर संयोग

Chhath Puja 2020: लोक आस्था के महापर्व छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत बुधवार को नहाय-खाय के साथ होगी। निर्जला अनुष्ठान के पहले दिन बुधवार (18 नवंबर) को व्रती घर, नदी, तालाबों आदि में स्नान कर अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी का प्रसाद ग्रहण करेंगे। 19 नवंबर को खरना करेंगे।


इस दिन व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद शाम को दूध और गुड़ से बनी खीर का प्रसाद खाकर चांद को अर्घ्य देंगे और लगभग 36 घंटे का निर्जला व्रत उपवास शुरू करेंगे। 20 नवंबर को व्रती डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगे और 21 नवंबर को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ महाव्रत संपन्न करेंगे। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद प्रसाद वितरण करेंगे और अन्न-जल ग्रहण(पारण) कर चार दिवसीय अनुष्ठान समाप्त करेंगे। वृश्चिक राशि में हैं सूर्य :इस बार होना वाला छठ व्रतियों, श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए कल्याण कारक है।

16 नवंबर को शाम 6.32 बजे से सूर्य का राशि परिवर्तन हुआ है। अब सूर्य वृश्चिक राशि में आ चुके हैं। सूर्य अपने मित्र के घर में होने से अच्छा संदेश दे रहे हैं। ज्योतिष कहती है कि यह व्रत आरोग्य, संतान, यश, कीर्ति के लिए कार्तिक शुक्ल षष्ठी व सप्तमी को किया जाता है। 20 नवंबर को सुबह सूर्य के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा होने एवं शुक्र, गुरु, शनि व स्वगृही होने से बहुत सुंदर संयोग बन रहा है। इस दिन सूर्य से बनने वाला वरिष्ठ योग का भी निर्माण हो रहा है।

20 नवंबर को सूर्य के तीसरे स्थान पर चन्द्रमा है। इस दिन आम लोगों को आदित्य हृदय स्रोत और गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। पूर्वाभिमुख उपासना से उन्नति व पश्चिमाभिमुख उपासना से दुर्भाग्य का अंत होता है।

कब क्या होगा : तिथि दिन छठ व्रत समय 18 नवंबर बुधवार नहाय-खाय 5.15 सुबह के बाद 19 नवंबर गुरुवार खरना 4.56 शाम के बाद20 नवंबर शुक्रवार डूबते सूर्य को अर्घ्य 5.26 शाम 21 नवंबर शनिवार उगते सूर्य को अर्घ्य 6.49 सुबह (नोट : विशेषज्ञों से बातचीत पर आधारित) व्रत की तिथि व कार्य

चतुर्थी : स्नान कर, चावल, दाल, कद्दू की सब्जी, सेंधा नमक खाया जाता है

पंचमी : स्नान आदि से शुद्ध होकर चंद्रोदय पर शुद्ध घी लगी गेहूं की रोटी व खीर खाया व प्रसाद वितरण किया जाता है।

षष्ठी : ठेकुआ पकवान बनाया जाता है यह पकवान संपूर्ण पूजा का मुख्य प्रसाद होता है। नारियल, केला, निंबू, ईख और ऋतुफल का भी प्रसाद तैयार किया जात है। सायंकालीन अर्घ्य दिया जाता है।सप्तमी : इस दिन सुबह को अर्घ्य दिया जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के इन उपायों से शीघ्र विवाह के योग बनने की है मान्यता, जानिए 

ज्योतिष शास्त्र के उपायों को श्रद्धा से किया जाए तो शीघ्र विवाह के योग भी बनाए जा सकते हैं। जानकारों का मानना है कि जो भी व्यक्ति शादी करना चाहता हो वो स्वयं या उसके परिवार के सदस्य उसके निमित्त उपाय करें तो शीघ्र विवाह के योग बन सकते हैं।


Vivah Ke Yog: ज्योतिष शास्त्र में व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति के मुताबिक यह पता करने की कोशिश की जाती है कि किस व्यक्ति को किस उम्र में सुख-दुख, कामयाबी और पढ़ाई का सुख प्राप्त होगा। साथ ही इस शास्त्र के माध्यम से विवाह के बारे में भी जाना जा सकता है। बताया जाता है कि ज्योतिष शास्त्र के उपायों को श्रद्धा से किया जाए तो शीघ्र विवाह के योग भी बनाए जा सकते हैं। जानकारों का मानना है कि जो भी व्यक्ति शादी करना चाहता हो वो स्वयं या उसके परिवार के सदस्य उसके निमित्त उपाय करें तो शीघ्र विवाह के योग बन सकते हैं।


शीघ्र विवाह के योग बनाने के उपाय (Vivah Ke Yog Banane Ke Upay)
जिस व्यक्ति की शादी में अड़चनें आ रही हो उसे अपने नहाने के पानी में हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए। बताया जाता है कि इससे बृहस्पति ग्रह मजबूत हो उच्च स्थिति में आ जाता है जिससे विवाह के योग जल्दी बनने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
रंग के कपड़े दान करें।

Aaj Ka Panchang: 18 नवंबर 2020 पंचांग- आज है छठ पूजा का पहला दिन नहाय-खाय, जानें शुभ और अशुभ समय

आज का पंचांग (Panchang Today) 18 नवंबर 2020 जानें आज का पंचांग


आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 18 November: आज 18 नवंबर को बुधवार है. इसके साथ ही आज से छठ महापर्व की शुरुआत भी है. आज छठ पूजा का पहला दिन है जिसे नहाय-खाय कहते हैं.  आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल…

18 नवंबर 2020- आज का पंचांग

आज की तिथि: चतुर्थी – 23:18:06 तक


आज का नक्षत्र: मूल – 10:40:12 तक
आज का करण: वणिज – 12:13:39 तक, विष्टि – 23:18:06 तक
आज का पक्ष: शुक्ल
आज का योग: धृति – 12:29:25 तक

आज का वार: बुधवार

आज सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय: 06:46:28


सूर्यास्त: 17:26:04
चन्द्रोदय: 10:00:00
चन्द्रास्त: 20:26:00
चन्द्र राशि: धनु

हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत: 1942 शार्वरी
विक्रम सम्वत: 2077
काली सम्वत: 5122
दिन काल: 10:39:36
मास अमांत: कार्तिक
मास पूर्णिमांत: कार्तिक
शुभ समय: कोई नहीं

अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त: 11:44:57 से 12:27:35 तक
कुलिक: 11:44:57 से 12:27:35 तक
कंटक: 16:00:48 से 16:43:26 तक
राहु काल: 12:06:16 से 13:26:13 तक
कालवेला / अर्द्धयाम: 07:29:06 से 08:11:44 तक
यमघण्ट: 08:54:23 से 09:37:01 तक
यमगण्ड: 08:06:25 से 09:26:22 तक
गुलिक काल: 10:46:19 से 12:06:16 तक 

लकवा (Paralysis) का अटैक आते ही करे ये उपाय ! लकवे से बच जाओगे 

किसी अंग की मांसपेशियों का पूर्ण रूप से कार्य ना कर पाना पैरालिसिस या लकवा मारना या पक्षाघात कहते है इस रोग को ठीक किया जा सकता है बशर्ते मरीज अगर हिम्मत न हारे तो। पैरालिसिस या लकवा का अटैक कभी भी आ सकता है जब उस अंग की सवेदना कमजोर होगी तो लकवा का सही समय पर इलाज न होने से रोगी एक अपाहिज की जिन्दगी जीने को मजबूर हो जाता है ,इसीलिए समय रहते ही पैरालिसिस या लकवा मारना या पक्षाघात का उपचार करना जरुरी है।


लकवा (Paralysis) एक प्रकार से गंभीर बीमारी है जिससे मरीज के किसी अंग शून्य हो जाता है। लकवा को अंग्रेजी में पैरालिसिस भी कहते हैं, जो अधिकतर 50 वर्ष से अधिक उम्र के इंसान को होता है। ऐसा नहीं है कि यह केवल 50 वर्ष की उम्र में ही हो बल्कि अगर कुछ सावधानी न बरती जाये तो लकवा किसी भी उम्र के मनुष्य को हो सकती है।

जीवन मे चाहे धन, एश्वर्य, मान, पद, प्रतिष्ठा आदि सभी कुछ हो, परंतु शरीर मे बीमारी है तो सब कुछ बेकार है ओर जीवन भी नीरस है। ऐसी ही एक बीमारी है लकवा (पेरालाइसिस), जिससे पीड़ित व्यक्ति जीवनभर सारे परिवार पर बोझ बन जाता है।

लकवा (पेरालाइसिस)  होने का 3 प्रमुख कारण :-

किसी अंग का दबना :-

शरीर के किसी अंग का लगातार अधिक समय तक दबे रहने से भी लकवा हो सकता है। दरअसल किसी अंग के लगातार दबने से उस हिस्से पर रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता, जिसकी वजह से हमारा दिमाग उस हिस्से पर रक्तसंचालन को रोक देता है। रक्तसंचालन रुकने के बाद उस हिस्से पर तंत्रिका तंत्र भी शून्य हो जाता है और हमें लकवाग्रस्त जगह शून्य होने की वजह से एकदम भारीपन लगता है।

अम्लीय पदार्थ का सेवन :-

अम्लीय पदार्थ के सेवन से रक्त पर अम्ल की मात्रा बढ़ जाती है, जिसकी अशुद्धियाँ धमनियों रुक     जाती है और उनमें रक्त प्रवाह बाधित होता है और लकवा हो जाता है।

ज्यादा तनाव में रहने से :-

कभी-कभी ज्यादा तनाव में रहने से मस्तिष्क में खून जम जाता है, जिसके कारण पैरालिसिस होने की  संभावना बढ़ जाती है। इसलिए ज्यादा चिंता या तनाव में नहीं रहना चाहिए।

लकवा (पेरालाइसिस) होने पर तुरंत करें ये उपाय :-

लकवा होने पर मरीज को तुरंत एक चम्मच शहद में 2 लहसुन मिलकर खिलाये. इससे लकवा से छुटकारा मिल सकता है।

कलौंजी के तेल से लकवे वाली जगह पर मालिश करें।

लकवा (पेरालाइसिस)  की पहचान :-

जैसे किसी का मुह टेढ़ा हो जाना, आँख का टेढ़ा हो जाना, हाथ या पैर का टेढ़ा हो जाना, या शरीर किसी एक साइड से बिलकुल काम  करना बंद कर दे, ये सामान्यतया पक्षाघात की पहचान है।

लकवा (पेरालाइसिस) का एकदम प्रमाणिक और राम-बाण इलाज़ :-

अगर मेरा कोई भाई बहिन लकवा (पेरालाइसिस) से पीड़ित है तो कहीं जाने की जरूरत नहीं है। अगर शरीर का कोई अंग या शरीर दायीं तरफ से लकवाग्रस्त है तो उसके लिए व्रहतवातचिंतामणि रस (वैदनाथ फार्मेसी) की ले ले। उसमे छोटी-छोटी गोली (बाजरे के दाने से थोड़ी सी बड़ी) मिलेंगी। उसमे से एक गोली सुबह ओर एक गोली साँय को शुद्ध शहद से लेवें।

अगर कोई भाई बहिन बायीं तरफ से लकवाग्रस्त है उसको वीर-योगेन्द्र रस (वैदनाथ फार्मेसी) की सुबह साँय एक एक गोली शहद के साथ लेनी है।

अब गोली को शहद से कैसे ले..? उसके लिए गोली को एक चम्मच मे रखकर दूसरे चम्मच से पीस ले, उसके बाद उसमे शहद मिलकर चाट लें। ये दवा निरंतर लेते रहना है, जब तक पीड़ित स्वस्थ न हो जाए।

पीड़ित व्यक्ति को मिस्सी रोटी (चने का आटा) और शुद्ध घी (मक्खन नहीं) का प्रयोग प्रचुर मात्र मे करना है। शहद का प्रयोग भी ज्यादा से ज्यादा अच्छा रहेगा।

लाल मिर्च, गुड़-शक्कर, कोई भी अचार, दही, छाछ, कोई भी सिरका, उड़द की दाल पूर्णतया वर्जित है। फल मे सिर्फ चीकू ओर पपीता ही लेना है, अन्य सभी फल वर्जित हैं।

शुरुआती दिनों मे किसी भी मालिस से परहेज रखें। तब तक कोई मालिस न करें जब तक पीड़ित कम से कम 60% तक स्वस्थ न हो जाए।

ये दवा लाखों पीड़ित व्यक्तियों के लिए जीवनदायिनी रही है। जो आज स्वस्थ जीवन जी रहे है।

स्वास्थ्य वह मूल तत्व है जो जीवन की सारी खुशियों को जीवंत बनाता है और स्वास्थ्य के बिना वे सभी नष्ट और नीरस होती हैं। सुखी होना है तो प्रसन्न रहिए, निश्चिन्त रहिए, मस्त रहिए।