JDU कोटे से शपथ लेने वाले मंत्रियों की पूरी डिटेल्स, लालू के खास की बेटी को हराने वाले मेवालाल भी बने मंत्री

नीतीश कुमार 7वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं। बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार दो चरणों में होगा। राजभवन में सीएम नीतीश के साथ 15 मंत्रियों ने मंत्री पद की शपथ ली है। वहीं, बीजेपी के कोटे से दो लोगों ने डेप्युटी सीएम पद की शपथ ली है। नीतीश कुमार की कैबिनेट में इस बार कई नए चेहरे शामिल हैं। 2015 में महागठबंधन की सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे विजय चौधरी फिर से कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है। वहीं, जेडीयू की तरफ से अशोक चौधरी को भी नीतीश कैबिनेट में फिर से जगह मिल गई है।

कौन हैं विजय चौधरी

समस्तीपुर जिले के सरायरंजन सीट से विजय चौधरी तीसरी बार विधायक बने हैं। नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। नीतीश सरकार में विजय चौधरी जल संसाधन मंत्री भी रहे हैं। 2015 में महागठबंधन की सरकार के दौरान वह विधानसभा अध्यक्ष बने थे। इस बार विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी बीजेपी के खाते में चला गया है। ऐसे में विजय चौधरी को फिर से नीतीश कैबिनेट में जगह मिली है। विजय चौधरी ने राजभवन में आज पद और गोपनीयता की शपथ ली है।

8वीं बार विधायक बने हैं विजेंद्र प्रसाद यादव

नीतीश कुमार के साथ ही सुपौल से 8वीं बार विधायक बने विजेंद्र प्रसाद यादव भी मंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। विजेंद्र प्रसाद यादव नीतीश कुमार के साथ 3 दशक से राजनीति कर रहे हैं। वह सुपौल विधानसभा सीट से 1990 के बाद से लगातार चुनाव जीत रहे हैं। वह जनता दल के समय से नीतीश के साथ हैं। नीतीश कैबिनेट में वह हर बार मंत्री रहे हैं। अभी वह राज्य में उर्जा मंत्री हैं। विजेंद्र प्रसाद यादव की छवि बिलकुल साफ सुथरी है। साथ ही क्षेत्र में भी उन्होंने काफी विकास के काम किए हैं। इसके साथ ही नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद लोगों में से एक हैं।

जेडीयू के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हैं अशोक चौधरी

अशोक चौधरी अभी किसी भी सदन के सदस्य हैं। बिहार चुनाव के दौरान ही उनका कार्यकाल खत्म हो गया था। उसके बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अशोक चौधरी ने पूरी राजनीति कांग्रेस की है। उनके पिता महावीर चौधरी भी आरजेडी की सरकार में मंत्री रहे हैं। लेकिन नीतीश कुमार के साथ अशोक चौधरी भी 2017 में महागठबंधन से अलग हो गए थे। फिर अपने लोगों के साथ अशोक चौधरी में शामिल हो गए थे। अशोक चौधरी बिहार में विभिन्न मंत्रालयों को संभालते रहे हैं। अभी वह जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। सरकार के साथ-साथ अशोक चौधरी संगठन में भी काफी एक्टिव रहते हैं।

लालू के चहेते की बेटी को हरा कर आए हैं मेवालाल चौधरी

इस बार नीतीश कुमार ने तारापुर से विधायक मेवालाल चौधरी को भी बड़ा इनाम दिया है। तारापुर विधानसभा सीट से 2010 से जेडीयू का कब्जा है। मेवालाल चौधरी की पत्नी नीता चौधरी भी यहां से विधायक रही हैं। मेवालाल चौधरी ने इस बार लालू यादव के करीबी जयप्रकाश नारायण यादव की बेटी दिव्या प्रकाश को चुनाव हराया है। शायद मेवालाल चौधरी को उसी का इनाम मिला है। नीतीश की कैबिनेट में पहली बार मेवालाल चौधरी शामिल होने जा रहे हैं।

पहली बार विधायक बनीं शीला मंडल को मौका

नीतीश कुमार ने मधुबनी जिले के फुलपरास सीट पर 2 बार की सीटिंग विधायक गुलजार देवी का टिकट काट कर शीला मंडल को दिया था। शीला मंडल ने फुलपरास सीट पर जेडीयू का कब्जा बरकरार है। शीला कुमारी को जीत का इनाम भी मिला है। नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट में पहली बार चुनाव जीत कर आए शीला कुमारी को मौका दिया है। शीला के खिलाफ चुनावी मैदान में जेडीयू विधायक भी निर्दलीय थीं। इसके साथ ही शीला कुमारी अतिपिछड़ी जाति से आती हैं।

सभी जातियों का रखा है ख्याल

नीतीश कुमार के कोटे से जिन लोगों ने आज मंत्री पद की शपथ ली है। उसमें सभी जातियों को साधने की कोशिश की गई है। नीतीश खेमे से शपथ लेने वाले लोगों में सवर्ण, दलित, अतिपिछड़ा और महिला हैं। यानी की उनकी कोशिश है कि हर तबके के लोगों का प्रतिनिधित्व हो।

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