भाजपा नेता सारंग की पार्थिव देह पहुंची भोपाल,सीएम ने एयरपोर्ट पहुंचकर दिया कंधा

भोपाल। पूर्व सांसद कैलाश सारंग की पार्थिव देह मुंबई से विशेष विमान के जरिए भोपाल पहुंच चुकी है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एअरपोर्ट पहुंच कर बाबूजी की पार्थिव देह को कंधा दिया। इस मौके पर भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे ।

जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग के पिता कैलाश सारंग नही रहे । लंबी बीमारी के बाद मुम्बई में उनका दुःखद निधन हो गया । वे लगभग 87 वर्ष के थे । उनके निधन की खबर से भाजपा में शोक की लहर दौड़ गई ।

सव सारंग भाजपा में जनसंघ के जमाने से जुड़े और प्रदेश के शीर्षस्थ नेताओ में शुमार रहे । भाजपा के संगठन विस्तार में सदैव उनकी महती भूमिका रही । कभी भोपाल स्थित उनका घर ही संयुक्त मप्र के जनसंघ और भाजपा नेताओं का टिकासरा रहता था । आज मप्र और छत्तीसगढ़ में ऐसे अनेक वरिष्ठ नेता है जिन्होंने स्व सारंग के घर रहकर सियासत का ककहरा सीखा । आज भले ही राजधानी में भाजपा के पास भव्य और आलीशान दफ्तर हो लेकिन उस काल मे स्व सारंग जी का घर ही भाजपा का दफ्तर होता था । सभी बैठके वहीं होती थी जिनमे कुशाभाऊ ठाकरे और अटल विहारी वाजपेयी जैसे नेता भी शामिल होते थे ।

आज शाम होगी अंत्येष्ठि

स्व सारंग अनेक बीमारियों से ग्रसित थे और पिछले सप्ताह ही उनकी हालत बिगड़ने पर एयर एंबुलेंस से मुम्बई ले जाया गया था जहां उन्होंने कल  अंतिम सांस ली । पारिवारिक सूत्रों के अनुसार स्व सारंग की पार्थिव देह आज रविवार को सुबह विशेष विमान से भोपाल आई । यहाँ एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्वयं कंधा देकर उनकी पार्थिव देह को एम्बुलेंस तक पहुंचाया।

उनकी पार्थिव देह उनके निवास ले जाई गई जहां उसे अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया । इसके बाद भाजपा मुख्यालय ले जाया जाएगा जहां भाजपा कार्यकर्ता श्रद्धांजलि देगे । यही से उनकी अंतिम यात्रा शुरू होगी । सुभाष घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्ठि होगी।

बिहार चुनाव: तेजस्वी के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव, कहा- BJP ने बेईमानी से महागठबंधन को हराया 


यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि महागठबंधन को जनता ने समर्थन दिया. पूरा समर्थन जनता का उनके साथ था. सीटें भी लगभग जीत गए थे. इतना बड़ा धोखा लोकतंत्र में किसी के साथ नहीं हुआ होगा जितना बड़ा धोखा भाजपा ने वहां के लोगों के साथ किया है.

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं. ऐसे में बहुमत लाने वाली एनडीए जहां नए सरकार के गठन की तैयारी में जुटी हुई है, वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन सरकार और चुनाव आयोग पर चुनाव परिणाम में गड़बड़ी करने का आरोप लगा रही है. इसी क्रम में शनिवार को यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के समर्थन में उतरे और उन्हें सही बताते हुए बीजेपी पर हमला बोला है.

यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि महागठबंधन को जनता ने समर्थन दिया. पूरा समर्थन जनता का उनके साथ था. सीटें भी लगभग जीत गए थे. इतना बड़ा धोखा लोकतंत्र में किसी के साथ नहीं हुआ होगा जितना बड़ा धोखा भाजपा ने वहां के लोगों के साथ किया है और महागठबंधन को बेईमानी से हराया है.



इससे पहले शुक्रवार आरजेडी ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा था, ” हार से दुःखी होना एक बात है, पर अपने ही नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी करने वाले चुनाव आयोग और उसे सेवाएं दे रहे नीतीश के चुने हुए प्रशासन के चापलूस और भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा जैसे-तैसे कर जर्बदस्ती हरवा देने से पूरी तरह से असंतुष्ट व क्रुद्ध होना दूसरी बात है.”

जानिए सुबह- सुबह सूर्य को जल चढ़ाना क्यों होता है शुभ

भारतीय संस्कृति में सूर्य को जल चढाने की मान्यता है. हिन्दू धर्म में सूर्य देव को सभी ग्रहो का स्वामी माना जाता है. वही विज्ञानं भी मानता है सूरज को जल चढाने से भी सीधा फायदा पहुचता है. इस तरह सूर्य को जल चढाने से आध्यात्मिक और स्वास्थ्य से जुड़े कई फायदे होते है. जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है.

– सुबह सुबह सूर्य को जल चढाने से सुबह सुबह हमे ताज़ी हवा मिलती है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होती है.

– सुबह सुबह सूर्य की किरणों में टहलना आपको स्वास्थ्य को अत्यंत लाभ पहुचता है. इससे आपकी त्वक्च में निखार के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

– सुबह सुबह सूर्य को जल चढाने से दिनभर मन शांत रहता है.

– सूर्य की किरणों में विटामिन D पाया जाता है,. जो हमारे लिए काफी फायदेमंद रहता है.

– तांबे के बर्तन में चाव, फूल-पत्तियां दाल कर सूर्य को चढाने से सूर्य देवता प्रसन्न होते हैं.

बड़े काम की चीज़ है आंवला, इन 5 बीमारियों को करता है जड़ से ख़त्म

विटामिन-सी से भरपूर आंवला, प्रत्येक मौसम में फायदेमंद होता है। यह आंखों, बालों और त्वचा के लिए तो लाभकारी है ही, साथ ही इसके और भी कई फायदे हैं, जो आपके शरीर को सेहतमंद बनाए रखने में मदद करते हैं। आमतौर पर आंवले का इस्तेमाल अचार, मुरब्बा या चटनी के रूप में किया जाता है, किन्तु इसका अलग-अलग तरह से सेवन आपके लिए बेहद फायदेमंद है। यदि आप नहीं जानते इस अनमोल फल के बारे में तो अवश्य पढ़ि‍ए –

1 डायबिटीज के मरीजों के लिए आंवला बहुत फायदेमंद चीज है। पीड़ि‍त व्यक्ति अगर आंवले के रस का प्रतिदिन शहद के साथ सेवन करे तो बीमारी में आराम मिलता है।

2 एसिडिटी की तकलीफ होने पर आंवला बेहद फायदेमंद होता है। आंवला का पाउडर, चीनी के साथ मिलाकर खाने या पानी में डालकर पीने से एसिडिटी में राहत मिलती है। इसके अलावा आंवले का जूस पीने से पेट की सारी समस्याओं से छुटकारा मि‍लता है।

3 पथरी की दिक्कत में भी आंवला असरदार उपाय साबित होता है। पथरी होने पर 40 दिन तक आंवले को सुखाकर उसका पाउडर बना लें, और उस पाउडर को हर दिन मूली के रस में मिलाकर खाएं। इस उपाय से कुछ ही दिनों में पथरी गल जाएगी।

4 खून में हीमोग्लोबिन की कमी होने पर, रोज़ाना आंवले के रस का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है। यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मददगार होता है, और खून की कमी नहीं होने देता।

5 आंखों के लिए आंवला अमृत समान माना गया है, यह आंखों की रौशनी को बढ़ाने में सहायक होता है। इसके लिए हर दिन एक चम्मच आंवला के पाउडर को शहद के साथ लेने से लाभ मिलता है और मोतियाबिंद की बीमारी भी खत्म हो जाती है।

जानिए सरसों के तेल का दीया जलाने का महत्व

भगवान के सामने दीया जलाने का विशेष महत्व है। भगवान के सामने जलाया जाने वाला दीया ना केवल आपके आसपास का अंधेरा हटाता है बल्कि आपकी जिन्दगी में सुख, समृद्धि भी लाता है।

भगवान के सामने दीया जलाने का विशेष महत्व है। भगवान के सामने जलाया जाने वाला दीया ना केवल आपके आसपास का अंधेरा हटाता है बल्कि आपकी जिन्दगी में सुख, समृद्धि भी लाता है। दीपक जलाकर हम लोग ईश्वरीय शक्ति, पूजा और प्रकाश से संबंध स्थापित करते हैं। शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि आपके द्वारा सही ढंग से किया गया दीपदान कभी भी नि:सफल नहीं होता। और आपके जीवन में सुखों की प्राप्ति होती है। ज्योतिष के अनुसार दीपदान को सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। अगर पूजा के दौरान जलाया गया दीपक कई घंटों तक जलता रहे तो ये शुभ माना जाता है। लेकिन इसके लिए आपको कुछ नियमों का पालन भी करना जरुरी होता है।


1. घर में मंदिर का निर्माण हमेशा ईशान कोण में होना चाहिए।

2. जब भी आप पूजा करते हो तो दीपक की लौ हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहनी चाहिए। इससे धन प्राप्ति और मनोकामना पूर्ण होने के योग बनते हैं।

3. आमतौर पर घी या तेल का दीपक जलाने की परंपरा है। कहा जाता है कि जब आप घी का दीपक जलाते हैं तो इसकी पवित्रता स्वर्ग लोक तक पहुंचने में सक्षम होती है। और बूझने के बाद भी यह दीपक अपनी सात्विक ऊर्जा को कुछ घंटे तक वातावरण में बनाए रखता है।

4. दीपक जलाने के लिए बहुत से लोग घी का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कुछ अवसर ऐसे भी है जिसमें सरसों के तेल का दीपक जलाया जाता है। जैसे दिवाली के पर्व पर सरसों के तेल का दीपक जलाया जाता है।

5. तेल शनि से संबंधित पदार्थ है इसलिए सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। और भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं।

6. शनिदेव की कृपा बनाए रखने के लिए और शनि ग्रह को शांत रखने के लिए शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है।

7. किसी भी प्रकार की साधना और सिद्धि की प्राप्ति के लिए आटे का दीपक जलाना बहुत ही लाभकारी होता है।

8. सूर्यदेव अग्नितत्व के प्रधान देवता हैं इसलिए शत्रुओं को पराजित करने के लिए सूर्य पूजा में सरसों के तेल का दीया जलाया जाता है।

9. जीवन में सौभाग्य बढ़ाने के लिए शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

10. हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए।  

बहुमत न होने के बाद भी सरकार बनाकर मुख्यमंत्री बन सकते हैं तेजस्वी यादव, ये हैं 4 विकल्प 



बिहार में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बहुमत के लिए एनडीए ने 243 विधानसभा सीटों में 125 सीटें हासिल की. आरजेडी का नेतृत्व करने वाले गठबंधन 110 सीटों को जीता है. तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि बिहार में उनकी ही सरकार आएगी. अब सवाल यह है कि क्या ऐसा संभव हो सकता है? गठबंधन में अभी तक सिर्फ 110 सीटें ही है बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए लगभग 122 सीटों की आवश्यकता है. तेजस्वी यादव सरकार बनाने के लिए 12 विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी. यहां पर कुछ विकल्प है जिनसे यह संभव हो भी सकता है-

— तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद हासिल करने के लिए पहले दूसरी पार्टियों के 8 विधायकों को अपने साथ लाना आवश्यक है. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम के 4 विधायकों का साथ लेना भी बहुत आवश्यक है. इससे यह संभव हो सकता है. 110+ 8+ 4= 122

— तेजस्वी यादव मुकेश साहनी को मंत्रिमंडल पद पर भरोसा देते हुए उनका साथ लेना चाहिए, यदि वे समर्थन देते हैं तो ऐसा संभव हो सकता है. 110+ 8+ 4= 122

— NDA में शामिल हुए हम और वीआईपी तेजस्वी यादव के गठबंधन को सपोर्ट दे और अन्य पार्टियों में चार विधायकों का साथ मिलना बहुत जरूरी है. 110+ 4+ 4+4 = 122

— चिराग पासवान की लोजपा को रोकने के लिए भाजपा ने प्रयास नहीं किए, जिसके कारण नीतीश कुमार भी काफी नाराज हैं, ऐसे में जदयू को 26 सीटों का नुकसान हुआ. एनडीए छोड़कर यदि नीतीश कुमार गठबंधन की तरफ जाते हैं तो यह भी एक विकल्प है. 110+43 = 153

इस तरह से तेजस्वी यादव को कुछ विकल्प मिलते हैं, जिससे वह अपना दावा पूरा कर सकते हैं. सुभाष कश्यप का इस मामले में कहना है कि, तेजस्वी यादव सिर्फ राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस तरह का दावा कर रहे हैं. चुनाव से पहले बन चुके गठबंधन में से एक गठबंधन यानी एनडीए को बहुमत मिल चुका है. तेजस्वी यादव के पास ना तो कोई रास्ता है और ना ही बहुमत है. राज्यपाल के सबसे बड़े गठबंधन के नेता को पहले सरकार बनाने के लिए बुलावा भेजेंगे. विधानसभा कार्यकाल खत्म होने से पहले सरकार बनने का दावा नहीं किया गया तो परंपरा के मुताबिक भाग सबसे बड़ी पार्टी को बुलावा भेजेंगे. महाराष्ट्र में भी इस तरह की प्रक्रिया का पालन किया गया था.