लौंगेवाला पोस्ट पर दीवाली मना रहे PM Modi, बोले- राष्ट्र रक्षा में जुटे जवानों को नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों की तरफ से राष्ट्र रक्षा में जुटे जवानों और उनके परिवारों को नमन किया। उन्होंने जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जवानों के लिए देशवासियों का प्यार लाए हैं। मेरी दीवाली तो अपनों (जवानों) के बीच ही पूरी होती है, इसलिए इस बार मैं यहां आया हूं। मैं आपके लिए मिठाई लेकर आया हूं, जिसमें आपको देश की हर मां की हाथ की मिठास को महसूस करेंगे।

पीएम मोदी ने लौंगेवाला सीमा पोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए कहा, लौंगेवाला पोस्ट का देश की बॉर्डर पोस्ट में खास महत्व है, क्योंकि यहां गर्मियों में तापमान 50 डिग्री से ज्यादा और ठंड में तापमान शून्य से नीचे चला जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) हर बार की तरह इस बार भी दीवाली का त्योहार सेना के जवानों के साथ मना रहे हैं। वे इस बार जैसलमेर में सेना के जवानों की हौसला-अफजाई कर उनके साथ दीवाली सेलिब्रेट कर रहे हैं। पीएम मोदी के साथ इस दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक राकेश अस्थाना उपस्थित हैं।

पीएम मोदी लौंगेवाला में सेना के कैंप में जाकर बीएसएफ और सेना के जवानों एवं अधिकारियों के साथ दीवाली सेलिब्रेट कर रहे हैं। पीएम मोदी स्पेशल प्लेन से जैसलमेर एयर फोर्स एयरपोर्ट पहुंचें। पीएम मोदी की यात्रा के मद्देनजर जैसलमेर सीमा पर सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। साल 2014 में पीएम पद संभालने के बाद से नरेंद्र मोदी सेना के जवानों के साथ सीमा पर दीवाली मनाते रहे हैं। यह उनका सेना के जवानों के साथ दीवाली मनाने का सातवां साल है।

सर्दियों में खाली पेट भीगे हुए अखरोट खाने के हैं इतने फायदे

क्या आप हर रात कुछ न कुछ सोचते रहते हैं और कई तरह के ख्याल आपकी नींद उड़ा देते हैं? अगर आपका जवाब हां है, तो आप मेडिटेशन के साथ अखरोट खाना शुरू कर दीजिए, इससे आपकी यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। आज हम आपको खाली पेट भिगाए हुए अखरोट खाने के फायदे बता रहे हैं। 

सूखे अखरोट की बजाय खाएं भीगा हुआ अखरोट 
अखरोट को कच्चा खाने की बजाए अगर भिगोकर खाया जाए, तो इसके फायदे कई गुणा बढ़ जाते हैं। इसके लिए रात में 2 अखरोट को भिगोकर रख दें और सुबह के समय खाली पेट इसे खा लें। यकीन मानिए भीगे हुए बादाम खाना जितना फायदेमंद है उतना ही फायदेमंद भीगे हुए अखरोट खाना भी है। भीगा हुआ अखरोट कई बीमारियों से निजात दिलाने में मदद करता है।

डायबिटीज का खतरा करता है कम 
ब्लड शुगर और डायबिटीज से बचना चाहते हैं, तो भीगे हुए अखरोट का सेवन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। बहुत सी स्टडीज में यह बात सामने आयी है कि जो लोग रोजाना 2 से 3 चम्मच अखरोट का सेवन करते हैं, उनमें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम हो जाता है। अखरोट ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है जिससे डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है।

पाचन शक्ति होती है बेहतर 
अखरोट फाइबर से भरपूर होता है, जो आपकी पाचन प्रणाली को दुरुस्त रखता है। पेट सही रखने और कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त चीजें खानी जरूरी है। ऐसे में अगर आप रोजाना अखरोट का सेवन करते हैं, तो आपका पेट भी सही रहेगा और कब्ज भी नहीं होगा। भीगे हुए अखरोट को पचाना भी आसान हो जाता है।

हड्डियों की मजबूती के लिए खाएं अखरोट 
अखरोट में ऐसे कई घटक और प्रॉपर्टीज पाए जाते हैं जो आपकी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं। अखरोट में अल्फा-लिनोलेनिक ऐसिड पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है। इसके अलावा, अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी ऐसिड सूजन को भी दूर करता है।

तनाव को दूर करने में कारगर 
अखरोट खाने से कई मायनों में आपका तनाव और स्ट्रेस कम होता है और आपको अच्छी नींद भी आती है। अखरोट में मेलाटोनिन होता है, जो बेहतर नींद लाने में मदद करता है। वहीं, ओमेगा-3 फैटी ऐसिड ब्लड प्रेशर को संतुलित कर तनाव से राहत दिलाता है। भीगे अखरोट खाने से आपका मूड भी अच्छा होता है और फिर ऑटोमैटिकली आपका स्ट्रेस कम हो जाता है।

वेट लॉस करके आपको फिट रखता है अखरोट 
अखरोट वजन कम करने में अहम भूमिका निभाता है। ये बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और आपकी बॉडी से एक्स्ट्राभ फैट कम करने में हेल्प करता है। इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन व कैलरी होती है, जो वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती है। शोध में भी यह बात साबित हो चुकी है कि अखरोट का सेवन न सिर्फ वजन कम करता है, बल्कि उसे कंट्रोल में रखने में भी मदद करता है।

डोनाल्ड ट्रंप के ‘तख्तापलट’ से सेना की दूरी, US जनरल बोले- ‘किसी तानाशाह के प्रति नहीं है वफादारी’

वॉशिंगटन
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हुए और डेमोक्रैट कैंडिडेट जो बाइडेन को बहुमत मिला। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव के नतीजे से इनकार कर दिया है और हालात ऐसे पैदा हो गए हैं कि ट्रंप के सैन्य तख्तापलट करने की आशंका तक जताई जाने लगी है। इसी बीच देश के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ चेयरमैन जनरल मार्क माइली ने दो टूक कहा है कि सेना किसी राजा-रानी या तानाशाह की नहीं, देश के संविधान की कसम खाती है। उन्होंने कहा कि सेना का हर सदस्य खुद से ज्यादा उसकी रक्षा करेगा।

पेंटागन में ट्रंप ने किए बदलाव
दरअसल, ट्रंप ने हाल ही में पेंटागन में ताबड़तोड़ बदलाव करते हुए रक्षामंक्षी मार्क एस्पर को हटाया और फिर अपने तीन वफादारों को अहम पदों पर नियुक्त कर दिया। इसके बाद ही ऐसी अटकलें लगने लगीं कि ट्रंप अपने कार्यकाल के आखिरी दो हफ्तों में क्या कर सकते हैं। हालांकि, इसका कोई ठोस आधार नहीं है और माइली ने साफ किया है कि किसी भी हालत में ट्रंप को सेना की मदद नहीं मिलेगी।

सेना को नहीं करना फैसला

उन्होंने कांग्रेस को बताया है, ‘चुनाव को लेकर किसी विवाद की स्थिति में समाधान देश की अदालत और संसद को करना होगा, सेना को नहीं।’ उन्होंने कहा कि सेना के सदस्यों को चुनाव के बाद सत्ता के हस्तांतरण में शामिल नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि ट्रंप एस्पर से काफी वक्त से नाराज थे। खासकर जून में जब जनआंदोलन के दौरान सेना के इस्तेमाल की ट्रंप की मर्जी पर एस्पर ने असहमति जताई थी।

क्या करेंगे ट्रंप?
ट्रंप के इस रुख से इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि राष्‍ट्रपति ट्रंप और उनकी पार्टी के नेता सत्‍ता में बने रहने के लिए हर प्रयास करेंगे। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी पिछले दिनों कहा था, ‘ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल के लिए आसानी से सत्‍ता हस्‍तांतरण होगा।’ उधर, अटार्नी जनरल विलियम बार ने भी संघीय अभियोजकों से कहा है कि वे चुनावी धांधली की जांच शुरू करें। सत्‍ता में बने रहने के लिए ट्रंप प्रशासन के इस तमाम दांवपेच के बाद भी अमेरिकी व‍िशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप के पास अब सत्‍ता में बने रहने के लिए कोई विकल्‍प नहीं बचा है।

नरक चौदस पर यमराज के 300 साल पुराने मंदिर में हुई पूजा-अर्चना

ग्वालियर।यमराज का मंदिर सुनने में अजीब जरूर लगता होगा. पर यह बात बिलकुल सही है. ग्वालियर में यमराज का मंदिर है जो लगभग 300 साल पुराना है. दीपावली के एक दिन पहले नरक चैदस पर यमराज की पूजा के साथ उनकी मूर्ति का अभिषेक किया जाता है. साथ ही यमराज से मन्नत मांगी जाती है, कि वह उन्हें अंतिम दौर में कष्ट न दें. इस बार भी सुबह से यहंा भक्तों का पहंुचना शुरू हो गया।

ग्वालियर शहर के बीचों-बीच फूलबाग पर मार्कडेश्वर मंदिर में है, यमराज की यह प्रतिमा. यमराज के इस मंदिर की स्थापना सिंधिया वंश के राजाओं ने लगभग 300 साल पहले करवाई थी.यमराज की पूजा अर्चना भी खास तरीके से की जाती है. पहले यमराज की प्रतिमा पर घी, तेल, पंचामृत, इत्र, फूलमाला, दूध-दही, शहद आदि से यमराज का अभिषेक किया जाता है. उसके बाद दीपदान किया जाता है।. इसमें चांदी के चैमुखी दीपक से यमराज की आरती उतारी जाती है. यमराज की पूजा करने के लिए देशभर से लोग ग्वालियर पहुंचते हैं.यमराज का ये मंदिर देश में अकेला होने के कारण पूरे देश की श्रद्धा का केंद्र है. यहां नरक चैदस पर देश भर से श्रद्धालु आते हैं. मंदिर के पुजारी के अनुसार लोग इसलिए भी यमराज की पूजा-अर्चना करते है कि यमराज उन्हें अंतिम उन्हें कष्ट न दे.

ये है पौराणिक कथा
यमराज की नरक चैदस पर पूजा अर्चना करने को लेकर पौराणिक कथा है. यमराज ने जब भगवान शिव की तपस्या की थी.यमराज की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने यमराज को वरदान दिया था कि आज से तुम हमारे गण माने जाओंगे और दीपावली से एक दिन पहले नरक चैदस पर जो भी तुम्हारी पूजा अर्चना और अभिषेक करेगा उसे जब सांसारिक कर्म से मुक्ति मिलने के बाद उसकी आत्मा को कम से कम यातनाएं सहनी होंगी. साथ ही उसे स्वर्ग की प्राप्ति होगी. तभी से नरक चैदस पर यमराज की विशेष पूजा अर्चना की जाती है.

NDA की बैठक में नहीं बनी बात, गृह व वित्त से ज्यादा महत्वपूर्ण विधानसभा अध्यक्ष व शिक्षा विभाग को लेकर मामला फंसा

NDA की बैठक में नहीं बनी बात, गृह व वित्त से ज्यादा महत्वपूर्ण विधानसभा अध्यक्ष व शिक्षा विभाग को लेकर मामला फंसा


पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सरकार गठन को लेकर सीएम हाउस में शुक्रवार को बुलायी गई बैठक में कुछ मुद्दे सुलझ नहीं सके । इसके कारण 15 नवम्बर को फिर बैठक होगी। चारों दलों के प्रमुख नेताओं ने इस बैठक में भाग लिया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, हम के अध्यक्ष जीतनराम मांझी और वीआईपी अध्यक्ष मुकेश सहनी बैठक में शामिल हुए।

अन्दरखाने से खबर आ रही है कि भाजपा की नजर इस बार विधानसभा अध्यक्ष के पद पर है।

सूत्रों के अनुसार सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा इस बार विधानसभा अध्यक्ष का पद अपने पास रखना चाहती है क्योंकि सरकार को स्थिर रखने में इस बार विधानसभा अध्यक्ष की बड़ी भूमिका रहेगी।

विधानसभा अध्यक्ष को लेकर अंदरखाने यह चर्चा तेज है कि अगर भाजपा विधानसभा अध्यक्ष का पद रख लेती है, तो इस बार पार्टी लंबे समय से महत्वपूर्ण विभाग देख रहे मंत्री को विधानसभा अध्यक्ष बनाएगी।

भाजपा शिक्षा विभाग भी चाहती है। इसके लिए उस पर विचार परिवार का दवाब है। जबसे बिहार में एनडीए की सरकार बनी है, तब से शिक्षा विभाग जदयू के पास ही रहा है।

दूसरी ओर महत्वपूर्ण बात यह है कि वैश्विक पटल पर अगर एनडीए सरकार के किसी विभाग की किरकिरी हुई तो वह है शिक्षा विभाग। चाहे वह मैट्रिक परीक्षा, टॉपर घोटाला, उच्च शिक्षा का गिरता स्तर तथा स्नातक में 3 के बदले 5 वर्ष में डिग्री को लेकर सरकार की काफी किरकिरी हो रही है।

इसलिए भाजपा के मातृसंगठन के द्वारा विद्या भारती, शैक्षिक जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, राष्ट्रवादी शैक्षिक मंच तथा शिक्षा संस्कृति न्यास जैसे संगठनों की आकांक्षा के अनुरूप बिहार में अब तक शिक्षा के क्षेत्र में काम नहीं हो सका है। साथ ही नई शिक्षा नीति को जमीनी स्तर तक पहुंचाना भी एक कारण है।

इसलिए विचार परिवार की मेहनत को ध्यान में रखकर भाजपा शिक्षा विभाग अपने पास रखना चाहती है।

यह भी चर्चा है कि भाजपा इस बार गृह विभाग अपने पास रखना चाहती है। इसके बदले भाजपा वित्त विभाग छोड़ सकती है। बहरहाल, गृह व वित्त से ज्यादा महत्वपूर्ण विधानसभा अध्यक्ष व शिक्षा विभाग को लेकर मामला फंसा हुआ है।

Deepawali: भाग्य की रेखा बदलने वाली 4 महारात्रियाँ

दीपावली की रात का जप हजार गुणा फलदायी होता है। 4 महारात्रियाँ हैं – दीवाली, शिवरात्रि, होली और जन्माष्टमी | ये सिद्ध रात्रियाँ कहलाती हैं व साधक के भाग्य की रेखा बदलने वाली रात्रियाँ हैं । दीपावली की रात ‘मुक्तिकारक मुहूर्त’ माना गया है, यह जप-तप के लिए श्रेष्ठ है। लक्ष्मीजी की प्रसन्नता के लिए ‘श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा।’ अधिक से अधिक जप करके इन रात्रियों का लाभ उठाना चाहिए।


घर के बाहर हल्दी और चावल के मिश्रण या केवल हल्दी से स्वस्तिक अथवा ॐकार बना दें। यह घर को बाधाओं से सुरक्षित रखने में मदद करता है। द्वार पर अशोक और नीम के पत्तों का तोरण ( बंदनवार ) बाँध दें | उससे पसार होनेवाले की रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ेगी।

दीपावली की रात्रि जप करने योग्य लक्ष्मी प्राप्ति मंत्र “रात्रि को दीया जलाकर इस सरल मंत्र का यथाशक्ति जप करें : ‘ ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा”

दिवाली की रात कुबेर भगवान ने लक्ष्मी जी की आराधना की थी जिससे वे धनाढ्यपतियों के भी धनाढ्य कुबेर भंडारी के नाम से प्रसिद्ध हुए , ऐसा इस काल का महत्व है।

लक्ष्मी प्रात्ति हेतु दीपावली की संध्या को तुलसी जी के निकट दीया जलाएँ , इससे लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने में मदद मिलती है।

दीपावली की रात इन जगहों पर दीपक जलाना न भूलें | 

नई दिल्लीः 14 नवंबर को शनिवार के दिन दीपावली का त्यौहार मनाया जाएगा। माना जाता है कि दीपावली के दिन माता लक्ष्मी घरों में प्रवेश करती हैं। इस दिन घरों में दीए जलाए जाते हैं ताकि मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहे लेक‍िन ज्‍योत‍िषशास्‍त्र में कुछ ऐसी जगहों का उल्लेख क‍िया गया है जहां दीपक जलाना अत्‍यंत जरूरी होता है। इसके साथ ही यह भी मान्‍यता है क‍ि अगर इन जगहों पर दीपक जलाया जाए तो जीवन में धन-धान्‍य की कमी नहीं होती। साथ ही ईश्‍वर की कृपा भी म‍िलती है। तो आइए जानते हैं यह कौन सी जगहे हैं?यहां दीपक जलाना है बहुत जरूरीदीपावली के द‍िन घर में लक्ष्मीजी के सामने दीपक पूरी रात जलना चाहिए। इसके अलावा घर के आंगन में दीपक जलाना चाहिए। याद रहे यह दीपक रात भर जलना चाहिए।यहां भी जलाएं दीपकदीपावली के द‍िन घर के आस-पास किसी चौराहे पर दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से धन संबंधी समस्या दूर हो जाती है। दीपावली पर घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक जलाना चाहिए।यहां दीपक जलाना कतई न भूलेंदीपावली के द‍िन अगर हो सके तो क‍िसी शमशान में दीपक जलाना चाहिए। यदि ऐसा संभव न हो सके तो किसी सूनसान जगह पर स्थित मंदिर में दीपक जलना चाहिए।यहां दीपक जलाने से म‍िलेगी महादेव की कृपादीपावली के द‍िन बेल के पेड़ के नीचे दीपक जरूर जलाना चाहिए। इससे भगवान महादेव की कृपा म‍िलती है। इसके अलावा घर के आस-पास जो भी मंदिर हो वहां भी दीपक जलाएं।यहां जलाएं दीपक धन की द‍िक्‍कत दूर हो जाएगीदीपावली की रात पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना चाहिए। लेक‍िन ध्‍यान रखें क‍ि वापस लौटते समय पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने से धन संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं।

Diwali 2020: आज है दिवाली, जानें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पूजन सामग्री लिस्ट

दिवाली (Diwali 2020) के दिन मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) और भगवान गणेश (Lord Ganesha) की पूजा की जाती है. चारों तरफ महालक्ष्मी के स्वागत के लिए दीप जलाए जाते हैं. घर के आंगन में और मुख्य दरवाजे पर रंगोली बनाई जाती है.

मां लक्ष्मी शांतिप्रिय हैं इसीलिए मां लक्ष्मी को अपने घर बुलाना चाहते हैं तो घर में बिल्कुल भी कलह न करें.

आज 14 नवंबर को देशभर में दिवाली (Diwali 2020) का त्योहार मनाया जा रहा है. दिवाली के दिन मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) और भगवान गणेश (Lord Ganesha) की पूजा की जाती है. चारों तरफ महालक्ष्मी के स्वागत के लिए दीप जलाए जाते हैं. घर के आंगन में और मुख्य दरवाजे पर रंगोली बनाई जाती है. इस दिन मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जाते हैं. दिवाली का त्योहार हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है. दिवाली की रात सर्वार्थ सिद्धि की रात मानी जाता है. अगर आप भी दिवाली पर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाना चाहते हैं तो आइए आपको बताते हैं कि दीपावली के दिन किस शुभ मुहूर्त और किस विधि से आप उनकी पूजा कर सकते हैं.

दिवाली की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री

घर पर दीपावली पूजा का शुभ मुहूर्त-

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 14 नवंबर की शाम 5:28 बजे से शाम 7:30 बजे तक
प्रदोष काल मुहूर्त- 14 नवंबर की शाम 5:33 बजे से रात 8:12 बजे तक

महानिशीथ काल मुहूर्त ( काली पूजा)
महानिशीथ काल मुहूर्त: रात 11:39 बजे से रात 00:32 बजे तक
सिंह काल मुहूर्त: रात 12:15 बजे से रात 02:19 बजे तक.

व्यापारिक प्रतिष्ठान पूजा मुहूर्त
सर्वश्रेष्ठ अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12:09 बजे से शाम 04:05 बजे तक

लक्ष्मी पूजा 2020- चौघड़िया मुहूर्त
दोपहर- (लाभ, अमृत) 14 नवंबर की दोपहर 02:17 बजे से शाम 04:07 बजे तक
शाम- (लाभ) 14 नवंबर की शाम 05:28 बजे से शाम 07:07 बजे तक
रात- (शुभ, अमृत, चल) 14 नवंबर की रात 08:47 बजे से देर रात 01:45 बजे तक
सुबह- (लाभ) 15 नवंबर को सुबह 05:04 बजे से सुबह 06:44 बजे तक

दिवाली पूजन सामग्री लिस्ट
मां लक्ष्मी की प्रतिमा (कमल के पुष्प पर बैठी हुईं), गणेश जी की तस्वीर या प्रतिमा (गणपति जी की सूंड बांयी ओर होनी चाहिए), कमल का फूल, गुलाब का फूल, पान के पत्ते, रोली, सिंदूर, केसर, अक्षत (साबुत चावल), पूजा की सुपारी, फल, फूल मिष्ठान, दूध, दही, शहद, इत्र, गंगाजल, कलावा, धान का लावा(खील) बताशे, लक्ष्मी जी के समक्ष जलाने के लिए पीतल का दीपक, मिट्टी के दीपक, तेल, शुद्ध घी और रुई की बत्तियां, तांबे या पीतल का कलश, एक पानी वाला नारियल, चांदी के लक्ष्मी गणेश स्वरुप के सिक्के, साफ आटा, लाल या पीले रंग का कपड़ा आसन के लिए, चौकी और पूजा के लिए थाली.

मां लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि
-सबसे पहले पूजा का संकल्प लें.
-श्रीगणेश, लक्ष्मी, सरस्वती जी के साथ कुबेर जी के सामने एक-एक करके सामग्री अर्पित करें.
-इसके बाद देवी-देवताओं के सामने घी के दीए प्रवज्जलित करें.
-ऊं श्रीं श्रीं हूं नम: का 11 बार या एक माला का जाप करें.
-एकाक्षी नारियल या 11 कमलगट्टे पूजा स्थल पर रखें.
-श्री यंत्र की पूजा करें और उत्तर दिशा में प्रतिष्ठापित करें.
-देवी सूक्तम का पाठ करें.