पिता और भाई को भाजपा ने पार्टी से निकाला फिर भी सतीश ने जीता चुनाव

ग्वालियर पूर्व सीट सिंधिया के लिए तो प्रतिष्ठापूर्ण थी ही क्योंकि यहां से विधायक मुन्नालाल गोयल ने सिंधिया के समर्थन में ही इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन की थी बल्कि इसे भाजपा ने भी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था ।

बजह थी यहां से कांग्रेस प्रत्याशी सतीश सिकरवार । डॉ सिकरवार भाजपा के दिग्गज नेता थे । वे और उनकी पत्नी  कई बार से पार्षद है । वे2018 में भाजपा के टिकिट पर पूर्व से चुनाव भी लाडे थे लेकिन हार गए थे । सिंधिया समर्थक श्री गोयल के भाजपा में आने के बाद उन्हें अपना भविष्य धूमिल लग रहा था लिहाजा उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया और उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बन गए ।

 डॉ सिकरवार का परिवार मुरैना में दशको से भाजपा से जुड़ा है । उनके पिता गजराज सिंह  सुमावली से दो बार विधायक और भाजपा के जिला अध्यक्ष भी रहे । उनके छोटे भाई सत्यपाल सिंह नीटू भी विधायक रहे । सतीश के कांग्रेस के प्रत्याशी बनने से भाजपा ने उनके पिता और भाई को पार्टी से निष्काषित कर दिया था ।

आज आये परिणाम में सतीश सिकरवार ने शानदार जीत हासिल की । ग्वालियर पूर्व को भाजपा की सीट माना जाता है । पिछली बार को छोड़ दें तो यहां से कांग्रेस कभी नही जीती लेकिन सिकरवार ने 11 हजार मतो के भारी अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी सिंधिया समर्थक मुन्नालाल गोयल  को हराकर विजयश्री वरण की ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *