शहर के जाने-माने क्रिमिनल लॉयर मुकेश गुप्ता का हार्ट अटैक से निधन

ग्वालियर,। शहर के जाने-माने क्रिमिनल लॉयर मुकेश गुप्ता का मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात ढाई बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनके निधन से वकीलों में शोक की लहर है। किसी काे भी यकीन नहीं हो रहा है कि उनके बीच मुकेश गुप्ता नहीं रहे हैं। कोर्ट में पक्षकारों की मदद के लिए मुकेश गुप्ता हमेशा आगे रहते थे। गरीबों के केस निशुल्क लड़ते थे। देशभर से क्रिमिनल लॉ की ट्रेनिंग लेने के लिए युवा वकील उनके पास आते थे। 45 साल के अनुभव के पूरे गुर उन्हें सिखाते थे, यह निशुल्क रहता था। कानून की जानकारी के साथ-साथ कोर्ट में उन्हें ट्रेनिंग देते थे। मुकेश गुप्ता वरिष्ठ अभिभाषक जेपी गुप्ता के छोटे भाई थे।

मुकेश गुप्ता के जूनियरों का कहना है कि मंगलवार को न्यायालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केसाें पर बहस भी की। लोगों से जैसे मिलते हैं, वैसे मुलाकात की। चुनावी गौसिप भी की, लेकिन रात में सूचना आई कि मुकेश गुप्ता का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। आधी रात को उन्हें हल्की हिचकी आई, उनकी पत्नी ने उन्हें देखा तो उनका निधन हो चुका था। यह खबर सुनकर हर कोई हैरान रह गया। मुकेश गुप्ता के शहर में करीब 100 से अधिक जूनियर हैं, जिन्हें वकालत करना सिखाया। अब तक देश के बड़े लॉ संस्थान से लॉ की डिग्री लेकर निकले करीब 400 वकीलों को प्रशिक्षण दिया है। इन्हें केस जीतने के गुर सिखाते हैं।

धनतेरस के लिए सजा ग्वालियर सराफा, महाराज बाड़ा हुआ गुलजार

ग्वालियर, । पांच दिवसीय दीपाेत्सव की शुरुआत शुक्रवार काे धनतेरस के साथ हाेगी। काेराेना काल में आर्थिक संकट झेल रहे व्यापारियाें काे दीपावली पर बेहतर काराेबार की उम्मीद है। त्याेहार के लिए खरीददारी करने वालाें से महाराज बाड़ा गुलजार हाे गया है। ग्वालियर, लश्कर आैर मुरार में धनतेरस के लिए सराफा बाजार में तैयारियां शुरू हाे गई हैं। कपड़ा मार्केट, मिठाई की दुकानाें पर भी राैनक लाैटने लगी है।

काेराेना संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन ने व्यापारियाें की कमर ताेड़ दी थी। अब दीपावली पर मार्केट में फिर से बूम आने की उम्मीद है। करवा चाैथ के बाद से बाड़े पर राैनक बढ़ना शुरू हाे गई है। दीपावली के त्याेहार के लिए भारी संख्या में लाेग खरीददारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। बाड़ा, हजीरा आैर मुरार में कपड़ा दुकानाें पर भीड़ लगी हुई है। वहीं धनतेरस काे देखते हुए मुरार सराफा, बाड़ा सराफा आैर किलागेट सराफा में विशेष तैयारियां शुरू हाे चुकी है। दुकानाें पर आकर्षक साज सज्जा की जा रही है।

पिता और भाई को भाजपा ने पार्टी से निकाला फिर भी सतीश ने जीता चुनाव

ग्वालियर पूर्व सीट सिंधिया के लिए तो प्रतिष्ठापूर्ण थी ही क्योंकि यहां से विधायक मुन्नालाल गोयल ने सिंधिया के समर्थन में ही इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन की थी बल्कि इसे भाजपा ने भी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था ।

बजह थी यहां से कांग्रेस प्रत्याशी सतीश सिकरवार । डॉ सिकरवार भाजपा के दिग्गज नेता थे । वे और उनकी पत्नी  कई बार से पार्षद है । वे2018 में भाजपा के टिकिट पर पूर्व से चुनाव भी लाडे थे लेकिन हार गए थे । सिंधिया समर्थक श्री गोयल के भाजपा में आने के बाद उन्हें अपना भविष्य धूमिल लग रहा था लिहाजा उन्होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया और उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बन गए ।

 डॉ सिकरवार का परिवार मुरैना में दशको से भाजपा से जुड़ा है । उनके पिता गजराज सिंह  सुमावली से दो बार विधायक और भाजपा के जिला अध्यक्ष भी रहे । उनके छोटे भाई सत्यपाल सिंह नीटू भी विधायक रहे । सतीश के कांग्रेस के प्रत्याशी बनने से भाजपा ने उनके पिता और भाई को पार्टी से निष्काषित कर दिया था ।

आज आये परिणाम में सतीश सिकरवार ने शानदार जीत हासिल की । ग्वालियर पूर्व को भाजपा की सीट माना जाता है । पिछली बार को छोड़ दें तो यहां से कांग्रेस कभी नही जीती लेकिन सिकरवार ने 11 हजार मतो के भारी अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी सिंधिया समर्थक मुन्नालाल गोयल  को हराकर विजयश्री वरण की ।

अर्णब गोस्वामी की याचिका पर तत्काल सुनवाई क्यों? सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन के अध्यक्ष ने रजिस्ट्री के महासचिव से पूछे कड़े सवाल

नई दिल्ली
वरिष्ठ अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने सुप्रीम कोर्ट के महासचिव को रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्णब गोस्वामी के मामले में बिल्कुल कड़े शब्दों में एक पत्र लिखा है। दवे ने इस चिट्ठी के जरिए अर्णब की जमानत याचिका को सुनवाई के लिए अगले ही दिन लिस्ट करने पर सवाल उठाया है।

रजिस्ट्री के महासचिव से कई कड़े सवाल
दवे ने इस बात पर आपत्ति जताई कि अर्णब की याचिका तो दायर होते ही लिस्ट हो गई, लेकिन ऐसे ही कुछ मामलों में इस तरह की त्वरित कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने रजिस्ट्री के महासचिव से यह भी पूछा कि क्या अर्णब गोस्वामी की याचिका पर तुरंत सुनवाई को लेकर चीफ जस्टिस एस.ए. बोबडे ने तो विशेष निर्देश नहीं दे रखे हैं? गोस्वामी की याचिका पर आज सुनवाई होनी है और दवे ने यह चिट्ठी मंगलवार रात 8.15 बजे लिखी। उन्होंने अपने पत्र में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के महीनों जेल में रहने का भी हवाला दिया।

गोस्वामी से मेरा व्यक्तिगत लेना-देना नहीं’
दवे ने चिट्ठी में कहा, ‘मैं यह पत्र सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन के अध्यक्ष की हैसियत से कल जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की बेंच में सुनवाई के लिए लिस्ट की गई याचिका के खिलाफ कड़ा प्रतिरोध जाहिर करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं। मेरा गोस्वामी से कुछ व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है और मैं सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाने के उसके अधिकार में किसी तरह का हस्तक्षेप करने के मकसद से यह चिट्ठी नहीं लिखी है। सभी नागरिकों की तरह उन्हें भी सर्वोच्च न्यायालय से न्याय की मांग करने का अधिकार है।’

क्या इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश और रोस्टर के मास्टर ने कुछ विशेष आदेश या निर्देश दे रखे हैं? यह अच्छी तरह मालूम है कि अप्रत्याशित तौर पर किसी केस की सुनवाई के लिए तत्काल लिस्टिंग चीफ जस्टिस के विशेष आदेश के बिना नहीं हो सकती है और न होती है।

कोविड महामारी के दौरान निष्पक्षता पर आई आंच!

उन्होंने अपनी चिट्ठी में कहा, ‘गंभीर मुद्दा यह है कि आपके नेतृत्व में रजिस्ट्री कोविड महामारी के दौरान पिछले आठ महीनों से केस की लिस्टिंग में निष्पक्षता नहीं बरत रही है। एक तरफ हजारों नागरिक जेलों में बंद हैं और सुप्रीम कोर्ट में दायर उनकी याचिकाएं सुनवाई के लिए हफ्तों और महीनों तक लिस्ट नहीं होती हैं। ऐसे में यह बहुत दुखद है कि गोस्वामी जब भी सुप्रीम कोर्ट से दरख्वास्त करते हैं तो हर बार उनकी याचिका तुरंत क्यों और कैसे लिस्ट हो जाती है।’

दवे का सवाल- क्या चीफ जस्टिस ने अर्णब पर दिया विशेष निर्देश
दवे ने सेक्रटरी जनरल से सवाल किया कि ‘क्या इस संबंध में मुख्य न्यायाधीश और रोस्टर के मास्टर ने कुछ विशेष आदेश या निर्देश दे रखे हैं?’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह अच्छी तरह मालूम है कि अप्रत्याशित तौर पर किसी केस की सुनवाई के लिए तत्काल लिस्टिंग चीफ जस्टिस के विशेष आदेश के बिना नहीं हो सकती है और न होती है।’ दवे ने फिर से सवाल किया, ‘क्या प्रशासकीय प्रमुख के रूप में आप या रजिस्ट्रार गोस्वामी को विशेष महत्व तो नहीं दे रहे हैं?’

पी. चिदंबरम जैसे प्रतिष्ठित वरिष्ठ वकील की याचिका की भी तत्काल लिस्टिंग नहीं हो सकी थी और उन्हें महीनों जेल में गुजारना पड़ा था जब तक कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत के लायक घोषित नहीं किया।

दुष्यंत दवे, अध्यक्ष, SCBA

ऑटोमैटिक सिस्टम से छेड़छाड़ क्यों: दवे
दवे ने पूछा कि जब लिस्टिंग के लिए कंप्यूटराइज्ड सिस्टम है जिसमें काम ऑटोमैटिक लेवल पर होता है तो फिर इस तरह की सेलेक्टिव लिस्टिंग क्यों हो रही है? उन्होंने कहा, ‘ऐसा क्यों हो रहा है कि केस इधर से उधर घूम रहे हैं और वो भी कुछ खास बेंचों में? सभी नागरिकों और सभी ऐडवोकेट ऑन रिकॉर्ड (AORs) के लिए उचित और निष्पक्ष सिस्टम क्यों नहीं है?’

चिदंबरम तक को नहीं मिली प्राथमिकता तो अर्णब को क्यों: दवे
उन्होंने कहा कि सिस्टम की खामियों की वजह से गोस्वामी जैसे लोगों को विशेष सुविधा मिलती है जबकि सामान्य भारतीयों को जेल जाने समेत तमाम तरह की कठिनाइयां झेलनी पड़ती है। कई बार तो उन्हें अवैध और अनाधिकृत तौर पर जेल भेज दिया जाता है। दवे ने सीनियर ऐडवोकेट और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा, ‘यहां तक कि पी. चिदंबरम जैसे प्रतिष्ठित वरिष्ठ वकील की याचिका की भी तत्काल लिस्टिंग नहीं हो सकी थी और उन्हें महीनों जेल में गुजारना पड़ा था जब तक कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत के लायक घोषित नहीं किया।’

दवे का आरोप- आधिकारिक शक्तियों का दुरुपयोग हो रहा है
दवे ने साफ शब्दों में कहा कि गोस्वामी की याचिका की तत्काल लिस्टिंग आधिकारिक शक्तियों का पूरा-पूरा दुरुपयोग है। इससे ऐसा संदेश जाता है कि कुछ विशेष वकीलों के मुदालयों को स्पेशल ट्रीटमेंट मिलता है। उन्होंने आग्रह किया कि जब तक लिस्टिंग के लिए फुलप्रूफ सिस्टम लागू नहीं हो जाए तब तक गोस्वीम की याचिका की भी लिस्टिंग नहीं होनी चाहिए। दवे ने सेक्रटरी जनरल से कहा कि वो इस चिट्ठी को उस बेंच के सामने पेश करें जो गोस्वामी की याचिका पर सुनवाई करेगी।

मध्य प्रदेश उपचुनाव के नतीजों पर बोले दिग्विजय- नई कांग्रेस खड़ी हो गई, बिहार के सीएम नीतीश कुमार को दी ये सलाह

भोपाल।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एमपी उपचुनावों के नतीजों (MP Bypolls Results 2020) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बीजेपी ने धनबल के सहारे जीत मिली है। दिग्विजय ने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नीतीश कुमार को एक सलाह भी दी है। उन्होंने नीतीश कुमार से केंद्र की राजनीति में आने और धर्मनिरपेक्ष समाजवादी धड़े को मजबूत करने में भूमिका निभाने का आग्रह किया है।

दिग्विजय ने ट्विटर (Digvijay Singh Tweet) पर लिखा कि एमपी उपचुनाव में नतीजे कांग्रेस के पक्ष में नहीं गए। इसका विश्लेषण होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सिंधिया के जाने के बाद लोग कांग्रेस के खत्म होने की बात कर रहे थे, लेकिन इन चुनावों में एक नई कांग्रेस खड़ी हो गई।

दिग्गी ने लिखा कि बीजेपी जनबल को दबाने के लिए धनबल का सहारा लेगी, लेकिन नेहरू-गांधी परिवार के नेतृत्व में कांग्रेस फिर से लोगों का विश्वास हासिल करेगी। उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार के नेतृत्व की तारीफ भी की।

दिग्विजय ने बिहार चुनाव के नतीजों (Bihar Assembly Election Result 2020) को लेकर भी बीजेपी पर तंज कसा है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Digvijay advice to nitish kumar) को एक सलाह दी है। दिग्विजय ने नीतीश से बीजेपी-संघ को छोड़कर समाजवादी धर्मनिरपेक्ष धड़े को मजबूत करने में योगदान देने की अपील की है। दिग्गी ने लिखा कि नीतीश कुमार के लिए बिहार अब छोटा हो गया है। वे केंद्र की राजनीति में आएं और बिहार में तेजस्वी यादव को अपना आशीर्वाद दें।

ग्वालियर पूर्व:रात 1 बजे तक चली ग्वालियर पूर्व सीट की मतगणना; एक ईवीएम खराब होने से परिणाम में देरी

ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व और डबरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए डाले गए मतों की गिनती मंगलवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई और रात 12 बजे तक चली। सबसे पहले ग्वालियर सीट का परिणाम आया। इसके बाद डबरा और सबसे आखिर में ग्वालियर पूर्व विधानसभा के मतों की गिनती पूरी हुई। जैसे-जैसे प्रत्याशी जीतते गए, मिठाई खाने खिलाने, आतिशबाजी का सिलसिला शुरू हो गया। भाजपा के प्रद्युम्न सिंह ने जुलूस निकाला तो कांग्रेस के सतीश समर्थकों ने रात 1 बजे के बाद भी जश्र मनाया।

ग्वालियर पूर्व: एक ईवीएम खराब होने से परिणाम में देरी, देर रात तक गिनीं गईं वीवी पैट की पर्चियां
ग्वालियर पूर्व विधानसभा में मतों की गिनती के दौरान टेबल क्रमांक 14 में एक ईवीएम खराब हो गई। इसका असर ये हुआ कि 32वें राउंड की मतगणना के बाद भी परिणाम नहीं आ सका। इस ईवीएम में 300 वोट डाले गए थे। बैसे रात 12.05 बजे सभी राउंड गिन लिए गए थे लेकिन एक ईवीएम के मतों की गिनती अटकने से फाइनल परिणाम नहीं आ सका। हालांकि मतगणना स्थ्ल के बाहर कांग्रेस प्रत्याशी सतीश सिकरवार के समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया था।

कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों से इस समस्या को हल करने के लिए वीवी पैट की पर्चियों को गिनने का काम शुरू कराया, जो रात 1 बजे के बाद भी चला। गौरतलब है कि ग्वालियर पूर्व सीट पर ही सबसे अधिक 32 राउंड थे। इस कारण पहले से ये तय था कि इस सीट का परिणाम देरी से आएगा, लेकिन एक ईवीएम खराब होने के कारण इसमें और देरी हुई।

कांग्रेस

जीत-हार पर किसने क्या कहा
कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता का भरोसा ही मेरी जीत का आधार
कार्यकर्ताओं की मेहनत और क्षेत्र के लोगों का मुझ पर भरोसा ही जीत का आधार है। विरोधियों ने कई तरह के आरोप लगाकर क्षेत्र के लोगों को बरगलाने का प्रयास किया, लेकिन जनता का स्नेह और आशीर्वाद मुझे मिला।
-प्रद्युम्न सिंह तोमर, भाजपा, ग्वालियर विधानसभा

भाजपा ने सरकारी मशीनरी का खुलेआम दुरुपयोग किया
सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग और धनबल से भाजपा की स्थिति मजबूत हुई। इसके बाद भी 63 हजार लोगों ने मुझ पर विश्वास जताया। मैं उन सभी लोगों का दिल से आभारी हूं।
-सुनील शर्मा, कांग्रेस, ग्वालियर विधानसभा

कोरोनाकाल में जनता की सेवा करने का फल जीत के रूप में मिला
हमारे कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत से अच्छे परिणाम आए हैं। काेरोना काल में जब भाजपा प्रत्याशी बेंगलुरू में बैठे थे, तब हम यहां क्षेत्र के परेशान लोगों की सेवा में थे, इसका ही फल हमें जीत के आशीर्वाद के रूप में मिला।
-सतीश सिकरवार, कांग्रेस, ग्वालियर पूर्व

मंत्री बनने के बाद इमरती देवी के तानाशाहीपूर्ण रवैये से लोग परेशान थे
मंत्री बनने के बाद भाजपा प्रत्याशी के तानाशाहीपूर्ण रवैये से लोग परेशान थे। साथ ही पूरे कार्यकाल में क्षेत्र में विकास कार्य नहीं कराए गए। हमारे कार्यकर्ताओं ने भी कड़ी मेहनत की, जिससे हमें सफलता मिली।
-सुरेश राजे, कांग्रेस, डबरा विधानसभा

(भाजपा की इमरती देवी और मुन्नालाल गोयल के मोबाइल बंद होेने के कारण बात नहीं हो पाई।)

पहले किया अभिषेक, फिर लिया प्रमाण-पत्र

झलकियां {ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस प्रत्याशी डाॅ. सतीश सिकरवार 24 वें राउंड से अंत तक मीडिया सेंटर में बैठकर अपनी बढ़त का आंकलन करते रहे। {ग्वालियर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर मतगणना कक्ष में एजेंटों के पास पहुंचे। उन्होंने वहां एजेंटों का धन्यवाद दिया। {भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर के पुत्र रिपुदमन तोमर और ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस प्रत्याशी डाॅ. सतीश सिकरवार के पुत्र आदित्य सिंह सिकरवार मतगणना कक्ष के बाहर एक-दूसरे से अपने-अपने पिता की जीत के बारे में बातचीत करते रहे। {डबरा से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे जीत का अंतर बढ़ने पर अपने समर्थकों के साथ मतगणना स्थल पर पहुंचे। {ग्वालियर सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर की जीत की खबर पर उनके भाई देवेंद्र सिंह तोमर भी मतगणना स्थल पर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठे रहे। {मतगणना स्थल पर भाजपा के जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी खड़े थे, तभी भाजपा प्रत्याशी डाॅ. सतीश सिकरवार ने जिलाध्यक्ष कहकर श्री माखीजानी को पुकारा। वे उनसे मिलने के लिए आगे बढ़े, लेकिन मीडिया को देखकर रुक गए। इसके बाद डाॅ. सिकरवार खुद उनके पास पहुंचे और फिर दोनों में हंसी ठिठोली होती रही।

तेजस्वी के मुरीद हुए NCP नेता शरद पवार, कहा- ये लड़ाई तेजस्वी बनाम BJP थी, युवाओं को प्रेरणा मिलेगी

बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर शरद पवार ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे जो भी हों लेकिन यह तो साफ है कि बिहार में परिवर्तन हो रहा है. बिहार चुनाव तेजस्वी बनाम बीजेपी था. तेजस्वी युवा पीढ़ी के नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत

मुंबई

शरद पवार ने की तेजस्वी की तारीफपवार बोले- बिहार में परिवर्तन के रास्ते खुलेतेजस्वी से मिलेगी युवाओं को मिलेगी प्रेरणा- पवार

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को कड़ी चुनौती पेश करने को लेकर एनसीपी नेता शरद पवार ने तेजस्वी यादव की तारीफों के पुल बांधे हैं.बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर शरद पवार ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे जो भी हों लेकिन यह तो साफ है कि बिहार में परिवर्तन का रास्ता खुल रहा है. बिहार चुनाव तेजस्वी बनाम बीजेपी था. तेजस्वी अकेले थे और उनके खिलाफ सारे अनुभवी नेता एकजुट थे.

उन्होंने कहा कि इस चुनाव में खुद प्रधानमंत्री मोदी काफी दिलचस्पी ले रहे थे. एक तरफ कम अनुभव वाले तेजस्वी थे तो दूसरी तरफ गुजरात के सीएम और फिर पीएम बने नरेंद्र मोदी. नीतीश कुमार भी दो तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं और केंद्र में भी मंत्रालय संभाला है. इनके सामने एक युवा था जो पहली बार चुनाव लड़ रहा है. ऐसे में तेजस्वी को जितनी भी सीटेें मिले काफी हैं. यह युवा पीढ़ी के नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा.

 बिहार में एनसीपी ने बिहार चुनाव पर ज्यादा ध्यान इसलिए नहीं दिया क्योंकि हमें लगा कि यहां एक युवा नेतृत्व का उभार हो रहा है. हम इसमें रुकावट नहीं डालना चाहते थे. इसलिए मैंने कहा वरिष्ठ नेताओं से चुनाव ना लड़ने की अपील की और युवा नेतृत्व को बिहार चुनाव में मौका देने पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी के आक्रामक प्रचार के कारण बीजेपी को फायदा हुआ. जिस तरह से पीएम कह रहे थे कि बिहार में जंगल राज है, मैं 3 बातें कहना चाहता हूं. यह नीतीश थे जो बिहार के प्रभारी थे. लेकिन जब पीएम मोदी कहते हैं तो लोग विश्वास करते हैं. बीजेपी को इससे फायदा हुआ.

एमपी में सिर्फ दो ही गद्दार, कमलनाथ और दिग्विजय बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया

चुनाव नतीजों के बीच बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में आज अगर कोई गद्दार है तो सिर्फ दो लोग हैं- कमलनाथ और दिग्विजय सिंह.

नई दिल्ली,

चुनाव नतीजों के बीच आजतक से सिंधिया की बातचीतसिंधिया ने कहा कि मेरा और शिवराज का एक लक्ष्य

मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को तगड़ी बढ़त मिली है. एक ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे जनता की जीत बताया तो दूसरी ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोल दिया. उन्होंने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को सबसे बड़ा गद्दार बताया है.

दरअसल, चुनाव नतीजों के बीच आजतक से बातचीत में बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस सफलता के लिए मध्य प्रदेश की जनता का धन्यवाद है. इसका पूरा श्रेय बीजेपी को कार्यकर्ताओं को जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का केंद्रीय नेतृत्व और एमपी में शिवराज सिंह का नेतृत्व इस जीत के लिए प्रेरक है.

वहीं कांग्रेस के हाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब मेरा अतीत है. उस पर टिप्पणी नहीं करना है. उनको अपना घर देखना है मुझे अपना घर देखना है, मेरा घर अब बीजेपी है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आगे बढ़ना ही एक नियम होना चाहिए.

इसके अलावा कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस को जनादेश जनता का काम करने के लिए कहा गया था. लेकिन जब मैंने जनता की मांगे उठाईं तो मुझे सड़क पर उतरने के लिए कहा गया और मैं उतर गया. मध्य प्रदेश की जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में आज अगर कोई गद्दार है तो सिर्फ दो लोग हैं- कमलनाथ और दिग्विजय सिंह.

सिंधिया ने कहा कि मेरा और शिवराज सिंह चौहान का एक लक्ष्य है. मध्य प्रदेश की जनता और किसानों के हितों को पूरा करना. देश के ह्रदय मध्य प्रदेश को खुशहाल बनाना और केंद की तमाम योजनाओं को हरहाल में लागू करना.

इससे पहले एमपी उपचुनाव नतीजों पर शिवराज ने कहा कि ये जनता की जीत है, भाजपा में उनके विश्वास की जीत है. कांग्रेस ने मुद्दों से ध्यान भटका कर बयानों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश की लेकिन जनता ने विकास की राजनीति को चुना. सिंधिया जी इसी राजनीति को छोड़कर भाजपा में आए थे और अब तो भाजपा में ज्योतिरादित्य सिंधिया ऐसे घुल मिल गए हैं जैसे दूध में शक्कर घुल जाती है, भारतीय जनता पार्टी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है.

बांग्लादेश से वाराणसी भेजी जा रही थीं सोने की 3 ईंट, कीमत 1.31 करोड़

वाराणसी में एक्सयूवी कार से विदेशी सोने की तीन ईटों को जब्त किया गया. सोने की ईटों को कार की सीट के नीचे बने गुप्त जगह में छिपाया गया था. जिनकी बाजार में कीमत 1.31 करोड़ रुपये है.


वाराणसी

दो गिरफ्तार लोगों को भेजा गया जेलसोने की ईंट को कार की सीट के नीचे छिपाया था

वाराणसी में एयूवी कार से विदेशी सोने की तीन ईंटों को जब्त किया गया. सोने की ईंटों को कार की सीट के नीचे बने गुप्त जगह में छिपाया गया था. जिनकी बाजार में कीमत 1.31 करोड़ रुपये है.  इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिन्हें मंगलवार को जेल भेज दिया गया. 

दरअसल, राजस्व खुफिया निदेशालय की वाराणसी इकाई को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में विदेशी सोने की ईटें हावड़ा से वाराणसी लाई जा रही हैं. राजस्व खुफिया निदेशालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राजघाट वाराणसी से एक महिंद्रा एक्सयूवी से दो व्यक्तियों को 8 नवम्बर की रात को गिरफ्तार किया.  

सोने की 3 ईटें को बरामद

पकड़े गए यात्री वाराणसी शहर के ही निवासी हैं. कार की तलाशी में सीट के नीचे बने गुप्त जगह से विदेशी  सोने को बरामद किया गया. जिनकी कीमत लगभग 1.31 करोड़ रुपए है. सोने की ईटों को बांग्लादेश के रास्ते कोलकाता लाया गया था. जहां से वाराणसी लाया जा रहा था. 

बरामद सोना जब्त कर लिया गया है, वहीं दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को जिला अदालत वाराणसी में पेश किया गया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है. व्यक्तियों से पूछताछ के बाद छापे की कार्रवाई की जा रही है.