सिंधिया के गढ़ में सेंध लेकिन शिवराज की बच जाएगी सत्ता!

सदन में भाजपा के 107 विधायक हैं और भाजपा को बहुमत के आंकड़े 115 तक पहुंचने के लिये आठ सीटें और चाहिये.

नई दिल्ली :  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 28 विधानसभा सीटों पर हुए उप चुनाव के नतीजे भी 10 नवंबर को आएंगे. कांग्रेस (INC) को छोड़ बीजेपी (BJP) में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के बड़ा कदम उठाने के बाद हुए उप चुनाव कई मायने में खास रहे. कोरोना काल के दौरान उप चुनावों में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.

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मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुआ था. इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में बीजेपी ने बाजी मारी है. यहां बीजेपी के खाते में 16-18 सीटें और कांग्रेस के खाते में 10-12 सीटें जा सकती हैं. ऐसे में शिवराज सिंह चौहान राज्य में अपनी सरकार बचाते हुए दिख रहे हैं. बीजेपी को 46% वोट तो कांग्रेस को 43% वोट मिलने का अनुमान है. शिवराज सिंह चौहान अपनी सरकार को बचाते तो दिख रहे हैं, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में कमलनाथ सेंध मारते नजर आए.

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भास्कर के एग्जिट पोल के मुताबिक मध्य प्रदेश उपचुनाव में 14 से 16 सीटें भाजपा को वहीं कांग्रेस को 10 से 13 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. दरअसल यहां 69.93% वोटिंग हुई जो 2018 विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर हुई औसत वोटिंग की तुलना में 3% कम है. इस एग्जिट पोल के मुताबिक ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में बराबरी का मुकाबला नजर आ रहा है. यहां 9 सीटों में भाजपा-कांग्रेस को 4 से 5 सीटें मिलती दिख रही हैं तो मालवा में भाजपा मजबूत स्थिति के साथ आगे दिख रही है.

फिलहाल ये स्थिति
सदन में भाजपा के 107 विधायक हैं और भाजपा को बहुमत के आंकड़े 115 तक पहुंचने के लिये आठ सीटें और चाहिये. 25 कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की संख्या घटकर 87 रह गई थी. यानी बीजेपी को सरकार बचाने के लिए बीजेपी को सिर्फ 8 सीटों की आवश्यकता है. वहीं बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए कांग्रेस को 28 सीटों पर जीत की जरूरत होगी.

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