कलेक्टर ,एसपी पहुंचे काउंटिंग स्थल,लिया व्यवस्था का जायजा

ग्वालियर 06 नवम्बर 2020/ विधानसभा उप निर्वाचन-2020 में ग्वालियर जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र में हुए मतदान की मतगणना 10 नवम्बर को एमएलबी कॉलेज में होगी। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी के साथ मतगणना स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मतगणना स्थल एमएलबी कॉलेज के निरीक्षण के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आशीष तिवारी, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 15-ग्वालियर के रिटर्निंग ऑफीसर श्री प्रदीप तोमर, विधानसभा क्षेत्र 16-ग्वालियर पूर्व के रिटर्निंग ऑफीसर श्री एच बी शर्मा, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 19-डबरा के रिटर्निंग ऑफीसर श्री प्रदीप शर्मा सहित एडिशनल एसपी श्री पंकज पाण्डेय, अपर आयुक्त नगर निगम श्री आर के श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने तीनों विधानसभा क्षेत्र के लिये निर्धारित काउण्टिंग हॉलों का निरीक्षण किया और मतगणना के लिये की गई व्यवस्थाओं को देखा। तीनों ही विधानसभा क्षेत्र के लिये पृथक-पृथक मतगणना हॉल निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने सभी रिटर्निंग ऑफीसरों को निर्देशित किया कि मतगणना के संबंध में निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का अच्छे से अध्ययन करें और उसका पालन सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मतगणना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में भी पुलिस अधीक्षक से कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से सभी पुख्ता प्रबंध किए जाएँ। मतगणना स्थल पर आने वाले हर व्यक्ति की जाँच भी की जाए और जिन वस्तुओं को मतगणना स्थल पर लाना प्रतिबंधित है वह वस्तुयें मतगणना स्थल पर न आएँ यह सुनिश्चित किया जाए। मतगणना स्थल पर आयोग के निर्देशानुसार मोबाइल लाना प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी मतगणनाकर्मी मोबाइल लेकर न आए, यह सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्रशिक्षण के दौरान ही मतगणना कर्मियों को इसकी जानकारी दी जाए।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मतगणना स्थल पर बनाए जाने वाले मीडिया सेंटर का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मीडिया के साथियों के लिये जो केन्द्र बनाया जा रहा है उसमें सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय रहते पूरी कर ली जाएँ।
मतगणना अमले को यह भी बताया जाए कि मतगणना दिवस को प्रात: 6 बजे अनिवार्यत: मतगणना परिसर में प्रवेश कर लें। मतगणना परिसर में मोबाइल फोन, तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट, माचिस व लाइटर इत्यादि पूर्णत: प्रतिबंधित है। इसलिये मतगणना कर्मी प्रवेश पत्र के अलावा कोई अन्य सामग्री लेकर कदापि न आएँ।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मतगणना केन्द्र प्रभारी एवं सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम वर्मा से कहा कि मतगणना कर्मियों, अधिकारियों और मतगणना एजेंटों के लिये प्रवेश एवं उनके वाहन पार्किंग की व्यवस्था क्या रहेगी, यह तय कर उन्हें मीडिया के माध्यम से प्रकाशित भी कराया जाए। इसके साथ ही किस विधानसभा क्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारी एवं मतगणना एजेंट किस मार्ग से आयेंगे, इसकी भी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी ने निरीक्षण के दौरान बताया कि मतगणना स्थल के साथ-साथ मतगणना स्थल के बाहर भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जायेंगे। इसके साथ ही पार्किंग के लिये भी पृथक से व्यवस्था की जायेगी।
सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम वर्मा ने मतगणना स्थल पर की गई व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

लव जिहाद ने ली एक और निर्दोष युवती की जान, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लव जिहाद का मामला सामने आया है. जहां झांसी की एक युवती को भोपाल का एक लड़का करीब डेढ़ साल पहले बहला-फुसलाकर ले आया था. यहां उसका नाम भी भारती से बदलकर तरन्नुम कर दिया गया. आरोपी के खिलाफ यूपी के झांसी में अपहरण समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज है. पुलिस कई बार आरोपी की तलाश में भोपाल भी आई थी, लेकिन वह नहीं मिला.

वहीं दो दिन पहले युवती को चूनाभट्टी स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर यूपी पुलिस को जानकारी दे दी है. चुनाभट्टी पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें बीमारी के चलते युवती की मौत हुई है. युवती झांसी की रहने वाली थी, और वह प्रेम विवाह करके भोपाल आई थी. प्रेम के लगभग डेढ़ साल बाद युवती की हालत इतनी कमजोर हो गई कि उसने इलाज के दौरान चुना भट्टी में दम तोड़ दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी उसके पति और उसका इस पूरे घटनाक्रम में साथ देने वाले युवक को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि इन्हें रिमांड लिया जाएगा और इनसे सख्ती से पूछताछ की जाएगी.

घटना के बाद से हिंदू संगठनों में आक्रोश

घटना के बाद से राजधानी भोपाल के चुना भट्टी इलाके में मामले की भनक लगते ही हिंदू संगठनों में रोष है. इस दौरान हिंदू संगठन अलग-अलग तरह से मामले की निंदा करते नजर आ रहे हैं. और कानून बनाने की भी मांग कर रहे हैं. वहीं कुछ ही दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गृह मंत्रालय में बैठक के दौरान घोषणा कर दी है कि लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाया जाएगा. अब देखना यह होगा कि यह कानून कब तक बन कर सामने आता है.

मध्य प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ऐलान किया था. लेकिन इसी बीच राजधानी में ही एक लव जिहाद का मामला सामने आया था. उत्तर प्रदेश से एक नाबालिग को ताहिर खान नामक युवक भोपाल भगाकर लाया था. यहां आकर ताहिर खान ने नाबालिग का नाम भी बदल दिया था. और नाबालिग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत भी हो गई. लिहाजा पुलिस ने आरोपी ताहिर खान और उसके परिजनों को गिरफ्तार कर लिया.

नाबालिग का नाम बदलकर रखा तरन्नुम

जानकारी के मुताबिक नाबालिग अपने परिजनों के साथ 15 महीने पहले पैतृक निवास झांसी गई हुई थी. लेकिन वहां से अचानक लापता हो गई. जिसकी रिपोर्ट परिजनों ने झांसी के नवाबाद थाना पुलिस में दर्ज कराई थी. जानकारी के मुताबिक ताहिर खान झांसी से नाबालिग को भगाकर लाया था. और उसे कोलार के गेहूंखेड़ा स्थित मकान में रखा था. हाल ही में अचानक नाबालिग की तबीयत बिगड़ी तो ताहिर खान ने उसे चूना भट्टी स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया. जहां पर नाबालिग का नाम तरन्नुम बताया गया. और उम्र भी 19 साल लिखवाई गई. इलाज के दौरान नाबालिग ने दम तोड़ दिया. जब पुलिस को इसकी भनक लगी तो पुलिस ने अस्पताल पहुंच कर नाबालिग का शव बरामद किया और उसके परिजनों को इसकी जानकारी दी.

हिंदू संगठन ने की शिकायत

राजधानी भोपाल में लव जिहाद का मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठन भी सक्रिय हो गया और संगठन के कार्यकर्ता थाने पहुंच गए. हिंदू संगठन ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराते हुए ताहिर खान और उसके परिजनों पर आरोप लगाया, कि उन्होंने नाबालिग को बंधक बनाकर मारपीट की. जिसके चलते ही नाबालिग की मौत हुई. लिहाजा ताहिर खान और उसके परिजनों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए.

काली पूजा, बिरसा मुंडा… बिहार छोड़ बंगाल में यूं ही नहीं घूम रहे BJP के ‘चाणक्य’ शाह, 2 दिन में एक-एक कदम ममता के लिए नई टेंशन

कोलकाता
बिहार में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया जारी है लेकिन केंद्रीय मंत्री अमित शाह इस वक्त बंगाल में मौजूद हैं। खास बात यह है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 6 महीने से ज्यादा का वक्त है लेकिन शाह ने अभी से यहां चुनावी बिगुल बजा दिया है। दो दिन के दौरे के पहले दिन शाह ने राज्य में अगले साल 200 से ज्यादा सीटें जीतने का दावा किया। शाह ने संगठन की शक्ति को मजबूत करने पर जोर देते हुए आदिवासी कार्यकर्ता के घर दोपहर का खाना खाया। उन्होंने पं. बंगाल के लोगों से ममता सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की। ध्यान रहे की बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह का एक-एक कदम चुनावी रणनीति का हिस्सा है। आइए समझते हैं कि शाह की किस कार्यक्रम के क्या मायने हैं…

मां काली के दर्शन और हिंदू मतदाताओं को संदेश
आज दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत अमित शाह ने दक्षिणेश्वर काली मंदिर से की है। उन्होंने यहां मां काली के दर्शन किए। यहां स्वामी विवेकानंद के गुरु परमहंस ने आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की थी। परमहंस हिंदू नवजागरण के प्रमुख सूत्रधारों में से एक माने जाते हैं। 2015 में पीएम मोदी ने भी यहां दर्शन किए थे। अमित शाह ने इस मौके पर चैतन्य महाप्रभु, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और अरबिंदो का जिक्र किया। उन्होंने ममता सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल आध्यात्मिक चेतना का केंद्र रहा है लेकिन आज तुष्टिकरण चरम पर है। स्वाभाविक है कि शाह इस कदम से हिंदू मतदाताओं को संदेश दे रहे हैं।

मतुआ समुदाय के घर भोजन कर मतदाताओं से एकजुट होने की पुकार
अमित शाह दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-आराधना के बाद मतुआ समुदाय के मंदिर में जाएंगे और उनके बीच भोजन करेंगे। मतुआ पश्चिम बंगाल में एससी आबादी का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा है। बंगाल में मतुआ समुदाय के लगभग 72 लाख लोग हैं और आठ से 10 विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव है। बंगाल की पौने दो करोड़ की एससी आबादी में 33 लाख नमोशूद्र है जिसका एक बड़ा हिस्सा मतुआ हैं। 1950 से मतुआ धार्मिक प्रताड़ना के बाद बंगाल आए थे। शाह का साफ संदेश है कि हिंदुओं में अगड़े-पिछड़े की राजनीति खत्म हो और एकजुट होकर ममता सरकार के खिलाफ वोट करें।

”ममता सरकार का मृत्युघंट बज चुका है। सोनार बांग्ला की रचना और बंगाल में परिवर्तन मोदी के नेतृत्व में आ सकता है। ये सरकार को उखाड़कर फेंक दीजिए, एक मौका बीजेपी को दीजिए। 200 से ज्यादा सीटों के साथ बीजेपी यहां सरकार बनाने जा रही है।”

अमित शाह इससे पहले दुर्गा पूजा के मौके पर बंगाल दौरे की तैयारी में थे लेकिन स्वास्थ्य के चलते उनका यह दौरा रद्द हो गया। तब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सिलीगुड़ी दौरे पर आए थे। चुनाव से पहले बीजेपी की कोशिश बंगालियों की भावनाओं को जोड़ने की है। बीजेपी नहीं चाहती कि उस पर हिंदी भाषा की पार्टी या फिर बाहरी होने का आरोप लगे। इसी के चलते अमित शाह अपने दौरे से आदिवासी, दलित और दूसरे छोटे समुदाय को जोड़ रहे हैं।

बंगाल में ममता सरकार पर तुष्टिकरण के आरोप लगते आए हैं और पिछले दिनों राजनीतिक हिंसा ने राज्य सरकार की खूब किरकिरी भी कराई। ऐसे में बीजेपी भी यह मान रही है कि बंगाल में इस वक्त जो माहौल है, वह पहले कभी देखने को नहीं मिला। पार्टी इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहती है, इसलिए अमित शाह का यह दो दिन का दौरा कई मायनों में अहम है।

बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि के साथ आदिवासी कल्याण पर जोर
दौरे के पहले दिन शाह ने आदिवासी कल्याण पर जोर दिया। अमित शाह के दौरे में दलितों को अपने पाले में करने की पुरजोर कोशिश हुई। दौरे की शुरुआत बांकुरा में अमित शाह ने बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। दोपहर का लंच बांकुरा के एक गांव चतुर डींग में किया। अमित शाह के लंच के लिए यहां मिट्टी के चूल्हे और बर्तन बनाए गए। बंगाली पकवान तैयार किए गए। अमित शाह के स्वागत में यहां भारत माता की जय के नारे लगाए गए। अमित शाह ने लंच डिप्लोमेसी के जरिए बंगाल के वंचित समाज को साथ लेकर चलने का संदेश दिया।

अमित शाह ने देश की सुरक्षा को बंगाल की आंतरिक सुरक्षा से जोड़ते हुए बीजेपी को मौका देने की बात कही। अमित शाह ने कहा, ‘देश की सुरक्षा बंगाल के आंतरिक सुरक्षा के साथ जुड़ी है। देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बंगाल के युवाओं को रोजगार देने के लिए,बंगाल के गरीबों को बाहर निकालने के लिए, एक मौका बीजेपी को दीजिए हम आने वाले दिनों में यहां सोनार बांग्ला की रचना करेंगे।’

बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या से आक्रोश
पिछले दिनों बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्याओं को भी अमित शाह ने अपने दौरे में भुनाया। कोलकाता पहुंचते ही उन्होंने पिछले महीने पुलिस कस्टडी में मारे गए बीजेपी कार्यकर्ता के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद बीती रात कोलकाता में पार्टी पदाधिकारियों और सांसदों के साथ बंद कैमरे में बैठक की।

पार्टी पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक
इस बैठक में पार्टी प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय के अलावा राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष.और बीजेपी के सभी सांसद मौजूद थे। पार्टी इस बार के चुनाव में बंगाल में कमल खिलाने का सुनहरा मौका मान रही है।

ममता ने लगाया केंद्र पर धमकाने का आरोप
बीजेपी की बंगाल जीतने की रणनीति से ममता खेमे की टेंशन बढ़ गई है। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर धमकाने का आरोप लगाया। ममता ने अपने बयान में कहा, ‘हम लोग जैसे केंद्र के काम में हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं, वैसे ही केंद्र सरकार भी संविधान के मुताबिक, हमारे कामों में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। लेकिन पिछले कुछ दिनों से हमें खबर मिल रही है कि राज्य सरकार को बिना सूचना दिए अलग-अलग एजेंसियां अलग-अलग जगहों पर अलग तरह के लोगों को तकलीफ दे रही हैं। अगर नियम के मुताबिक, किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करनी है तो आप कर सकते हैं, लोकल पुलिस को बता सकते हैं। एक सिस्टम होता है काम करने का।’

चीन में भारत, ब्रिटेन, फ्रांस समेत कई देशों के नागरिकों के प्रवेश पर लगी रोक

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में चीनी दूतावास ने कहा है कि चीन ने भारत से विदेशी नागरिकों के देश में प्रवेश को अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला लिया है। कोरोना महामारी को देखते हुए वैध वीजा या रेजिडेंस परमिट धारक विदेशी नागरिक चीन में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। चीन ने जिन देशों के नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला लिया है उनमें भारत के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम तथा फिलीपींस भी शामिल हैं। इस बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीनी दूतावास द्वारा की गई घोषणा एक अस्थायी उपाय है। समय के साथ बदलाव किया जाएगा। यह कदम भारत केंद्रित नहीं है। कई अन्य देश भी ऐसे कदम की घोषणा कर चुके हैं।

नई दिल्ली में चीनी दूतावास ने एक नोट में कहा, ‘कोविड-19 महामारी के कारण यह घोषणा की जाती है कि चीन ने भारत से विदेशी नागरिकों का अपने यहां प्रवेश अस्थायी रूप से निलंबित करने का फैसला लिया है। भारत में चीनी दूतावास, वाणिज्य दूतावास वैध चीनी वीजा या रेजिडेंस परमिट धारक के लिए स्वास्थ्य घोषणा फार्म पर मुहर नहीं लगाएगा।’ यह नोट चीनी दूतावास की वेबसाइट पर पोस्ट किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि इस प्रतिबंध में चीनी राजनयिक, सेवा, शिष्टाचार और सी वीजा धारक विदेशी प्रभावित नहीं होंगे। जिन अन्‍य लोगों की यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनमें ब्रिटेन, बेल्जियम और फिलीपींस शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि चीनी दूतावास और वाणिज्य दूतावास देश में उपर्युक्त श्रेणियों के धारकों के लिए स्वास्थ्य घोषणा पत्र पर मुहर नहीं लगाएंगे।

संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी के यात्रियों को अतिरिक्त स्वास्थ्य परीक्षण रिजल्‍ट पेश करना होगा। चीन ने ब्रिटेन से यात्रा करने वाले गैर चीनी नागरिकों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है भले ही वे वैध वीजा और निवास परमिट रखते हों।

ब्रिटेन में चीनी दूतावास ने कहा कि महामारी के जवाब में किसी भी देश द्वारा लगाए गए सबसे कड़े सीमा प्रतिबंध लगाए हैं। बेल्जियम और फिलीपींस में चीनी दूतावासों ने दोनों देशों के यात्रियों पर प्रतिबंध की घोषणा करते हुए इसी तरह के बयान जारी किए हैं। 

ब्रिटेन से गैर चीनी यात्रियों की अस्वीकृति आई क्योंकि इंग्लैंड ने गुरुवार से शुरू होने वाले एक महीने के लॉकडाउन में प्रवेश किया। ब्रिटेन में कोरोना वायरस से मौत का आंकड़ा यूरोप में सबसे अधिक है और यह रोजाना 20,000 से अधिक नए कोरोना वायरस मामलों से जूझ रहा है। बेल्जियम में कोरेाना के नए मामलों में यूरोप की प्रति व्यक्ति संख्या सबसे अधिक है, जबकि दक्षिण-पूर्व एशिया में फिलीपींस में इंडोनेशिया के बाद संक्रमणों और मौतों की संख्या सबसे अधिक है।

चीन ने रोक हटाते हुए 28 सितंबर को वैध निवास परमिट वाले सभी विदेशियों को प्रवेश की अनुमति दी थी। मार्च में चीन ने महामारी के जवाब में विदेशियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। चीन ने 6 नवंबर से संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और थाईलैंड के सभी यात्रियों को एक न्यूक्लिक एसिड टेस्ट और कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी के लिए एक रक्त परीक्षण अनिवार्य कर दिया है।

लव जिहाद पर बोले अमित शाह- राज्य कानून बनाने के लिए स्वतंत्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की बात कही. उनके बयान के बाद कई अन्य राज्यों में भी इस पर चर्चा होने लगी. इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आजतक से खास बातचीत में कहा कि राज्य कानून बनाने के लिए स्वतंत्र हैं. उन्हें संविधान के दायरे में कानून बनाना चाहिए. 

अमित शाह से सवाल किया गया कि लव जिहाद के खिलाफ कई राज्य आवाज उठा रहे हैं. वो कानून लाने की बात कर रहे हैं. आपे इसे कैसे देखते हैं. गृह मंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था राज्य का मामला है. राज्य कानून बनाने के लिए स्वतंत्र हैं. उन्हें संविधान के दायरे में कानून बनाना चाहिए. 

BJP सांसद की अमित शाह को चिट्ठी

मध्य प्रदेश के उज्जैन से भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनिल फिरोजिया ने लव जिहाद के मसले पर गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है. बीजेपी सांसद की मांग है कि लव जिहाद के खिलाफ संसद में एक सख्त कानून लाया जाए, जिससे पूरे देश में इसे लागू किया जा सके.

बता दें कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाएगा. जिसके बाद पहले हरियाणा और फिर मध्य प्रदेश की सरकारों ने भी ऐसा ही कानून लाने के संकेत दिए थे. 

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने उपचुनाव में प्रचार के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक टिप्पणी का हवाला दिया था, तो वहीं हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने हाल ही में प्रदेश में हुई एक युवती की हत्या के केस को हवाला बनाया था. वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी चुनाव प्रचार के दौरान कानून लाने की बात कही थी.

जनरल नरवाने का नेपाल का तीन दिवसीय दौरे का आज आखिरी दिन, जानें इससे जुड़ी सभी जानकारी

काठमांडू, प्रेट्र। नेपाल ने दशकों पुरानी परंपरा का निर्वाह करते हुए गुरुवार को भारतीय सेना के प्रमुख जनरल एमएम नरवाने को नेपाली सेना के मानद अध्यक्ष की पदवी दी। दिन दिवसीय दौर का आज उनका आखिरी दिन है।  विशेष समारोह में राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने मानद सेनाध्यक्ष की उपाधि से जनरल नरवाने को नवाजा। दोनों देशों की एक-दूसरे के सेना प्रमुख को यह मानद पदवी देने की परंपरा है। दोनों देशों के बीच चल रहे सीमा विवाद और नेपाल सरकार के हाल के महीनों के भारत विरोधी बयानों से इस परंपरा का महत्व इस बार बढ़ गया है।

राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास शीतल निवास में आयोजित समारोह में भंडारी ने जनरल नरवाने को तलवार, अधिकार चिह्न और प्रमाण पत्र दिया। समारोह में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, नेपाल सरकार के मंत्री, भारतीय राजदूत विनय एम क्वात्रा और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

भारत और नेपाल के बीच एक-दूसरे के सेना प्रमुख को मानद सेनाध्यक्ष की पदवी देने की परंपरा 1950 में शुरू हुई थी। यह दोनों देशों के मजबूत प्रगाढ़ रिश्तों की प्रतीक मानी जाती है। भारतीय सेना के जनरल केएम करिअप्पा नेपाली सेना के मानद अध्यक्ष बनने वाले पहले सेना प्रमुख थे। जबकि नेपाली सेना के वर्तमान प्रमुख जनरल पूर्ण चंद्र थापा को जनवरी 2019 में नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय सेना के मानद अध्यक्ष की पदवी से नवाजा था।

नेपाली सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि लंबे समय से जारी यह परंपरा दोनों देशों की सेनाओं के मजबूत संबंधों की प्रतीक है। समारोह के बाद जनरल नरवाने ने राष्ट्रपति भंडारी से मिलकर सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत की। जनरल नरवाने और भारतीय राजदूत क्वात्रा ने भंडारी के साथ दोनों देशों के संबंध और विकसित करने के तरीकों पर भी चर्चा की। इससे पहले जनरल नरवाने और जनरल थापा के बीच मौजूदा चुनौतियों और संबंध बढ़ाने पर चर्चा हुई। जनरल नरवाने ने नेपाली सैनिकों के स्मारक पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

भारतीय सेना प्रमुख तीन दिवसीय दौरे पर नेपाल में हैं। उनके दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के रिश्ते में सीमा विवाद के चलते पैदा हुई कड़वाहट को खत्म करना है। इस साल की शुरुआत में नेपाल सरकार ने उत्तराखंड के कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा पर अपना दावा करते हुए उन्हें अपने मानचित्र में शामिल कर लिया था। इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। हाल के वर्षो में नेपाल में चीन का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। लेकिन अब भारत के सक्रिय होने से साफ हो गया है कि नेपाल के साथ उसके संबंधों में पुरानी गर्माहट बाकी है।

Bihar Election : तीसरे चरण के मतदान से जोल से बाहर आ सकते हैं लालू, अहम हैं ये तीन कारण


Bihar Election आरजेडी को मिल सकती है बड़ी राहतचुनाव के अंतिम चरण के मतदान से पहले जेल से बाहर आ सकते हैं आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादवतीन कारणों के चलते आसान हो सकती है जेल से बाहर आने की राह

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव ( Bihar Election 2020 )में तीसरे चरण के मतदान से पहले राष्ट्रीय जनता दल को बड़ी राहत मिल सकती है। दरअसल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। चारा घोटाले के चार अलग-अलग मामलों में सजा काट रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खिलाफ दुमका कोषागार से गबन के मामले में जमानत याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई होगी।

इस मामले में लालू के जमानत पर बाहर आने के अवसर ज्यादा हैं। ऐसे में अगर उन्हें कोर्ट से जमानत मिल जाती है तो बिहार के फाइनल राउंड की वोटिंग से पहले आरजेडी और महागठबंधन को इसका फायदा मिल सकता है। आईए इन तीन कारणों से जानते हैं क्यों लालू को जमानत मिलने के आसार हैं।

ये है पहली बड़ी वजह
दरअसल लालू प्रसाद यादव दुमका ट्रेजरी मामले में अपनी आधी सजा काट चुके हैं। वे पिछले 42 महीनों से जेल में हैं। लालू के वकील देवर्षि मंडल के मुताबिक दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में आधी सजा काटने के आधार पर जमानत देने की गुहार लगाई गयी है। कोर्ट सुबह 10.30 बजे खुलेगा। मामला कॉज लिस्ट में 17 नंबर है। सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी।

दूसरी वजह जिसके चलते बाहर आ सकते हैं लालू
सजा की आधी अवधि काट लेने के आधार के अलावा भी लालू के वकीलों ने एक और आधार अपनी अपील में सामने रखा है। इसके तहत लालू की गंभीर बीमारियों का हवाला दिया है। दरअसल लालू प्रसाद यादव किडनी, हृदय रोग और शुगर सहित 16 तरह की बीमारियां से ग्रसित हैं। ऐसे में उनकी इन्हीं बीमारियों को आधार बता कर उन्हें जमानत देने की अपील की गई है।

तीसरी वजह अहम वजह
दरअसल चारा घोटाला के चार अलग-अलग मामलों में से चाईबासा के दो मामले और देवघर के एक मामले में लालू को पहले ही जमानत मिल चुकी है। ऐसे में दुमका कोषागार मामले पर ही सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
इस मामले में कोर्ट लालू की जमानत मंजूर कर लेता है तो उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो जाएगा। तीसरे चरण के मतदान से पहले आरजेडी के लिए ये बड़ी राहत होगी।

अब पैसे निकलवाने के लिए नहीं पड़ेगी मोबाइल और ATM कार्ड की जरूरत, बस करना होगा ये काम



कभी सफर कर रहें हो या घर से बाहर अचानक पैसों की जरुरत पड़ जाए, लेकिन पैसे निकलवाने के लिए ना आपके पास आपका फोन हो और ना ही एटीएम कार्ड तो आप क्या करेंगे ? आप कहेंगे की बिना मोबाइल और कार्ड के पैसे निकलवाना नामुमकिन है, लेकिन अब आप बिना इन दोनों चीजों के आसानी से अपने पैसे निकाल सकते हैं।

जी हां, भारत में निजी क्षेत्र के डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक आपको ये सुविधा दे रहा है। ये बैंक अब से नहीं बल्कि मुंबई में जब साल 2016 में जब पहला आधार बेस्ड एटीएम लगाया था, तब से ये बैंक इस सुविधा की शुरुआत कर चुका है। इस सिस्टम के अंतर्गत बैंक अकाउंट होल्डर की पहचान उसके फिंगरप्रिंट, रेटीना स्कैन के जरिए की जाती है।

डीसीबी बैंक के एटीएम में आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन की सुविधा मौजूद है, जिसकी मदद से बिना एटीएम कार्ड से बैंक का कोई कस्टमर पैसे निकाल सकता है। हालांकि इस सुविधा के लिए कस्टमर का अकाउंट आधार नंबर से लिंक होना जरूरी है। डीसीबी बैंक के कस्टमर को एटीएम मशीन पर कार्ड लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ फिंगरप्रिंट से अकाउंट होल्टर की पहचान कर ली जाएगी।

बैंक में बायोमेट्रिक सिस्टम पहचान दर्ज करने का एक तरीका है। इस सिस्टम के अंतर्गत बैंक अकाउंट होल्डर की पहचान उसके फिंगरप्रिंट, रेटीना स्कैन आदि के जरिए की जाती है। फिलहाल डीसीबी बैंक अपने एटीएम मशीन पर फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन की सुविधा दे रही है।

एक लौंग पलट देगी आपकी किस्मत, करें यह आसान सा अचूक उपाय

लौंग मनुष्य के लिए बहुत ही गुणकारी और लाभकारी चीज होती है। खाए तो शरीर में कई बीमारियों को दूर करने में रामबाण साबित होती है और अगर ज्योषि के अनुसार प्रयोग करें तो देखते ही देखते सारे काम पूरे हो जाते हैं….

लौंग मनुष्य के लिए बहुत ही गुणकारी और लाभकारी चीज होती है। खाए तो शरीर में कई बीमारियों को दूर करने में रामबाण साबित होती है और अगर ज्योषि के अनुसार प्रयोग करें तो देखते ही देखते सारे काम पूरे हो जाते हैं। हिंदू ज्योतिष शास्त्र, वास्तु शास्त्र और सामुद्रिक शास्त्र में कुछ ऐसी ही विधाएं हैं, जिनके प्रयोग से हम जीवन में कई संकटों का रुख मोड़ सकते हैं। आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं, जिससे आपके रूके सारे काम पूरे होंगे और अपार धन की प्राप्ति होगी।

कैसे आएगा पैसा
आम इंसान की जिंदगी में जरूरतें पूरा करने के लिए सबसे जरूरी होता है पैसा। लोग दिन-रात पैसे कमाने के लिए कड़ी मेहनत करते है, लेकिन फिर भी जरूरतें पूरी नहीं होती। अगर आप ज्योतिष शास्त्र में विश्वास रखते हैं तो आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं, जिससे आपकी द्ररिदता दूर जाएगी और घर में सुख-चैन का आगमन होगा।

क्या है वो कारगर उपाय
अब आप सोच रहे होंगे आखिरकार वो कौनसा उपाय है, जिससे घर में पैसा और सुख-शांति का आगमन होता है। तो चलिए बता दें कि इस काम में आपको ना तो मेहनत करनी पड़ेगी और ना ही कोई भारी-भरकम पैसा खर्च होगा। इस उपाय के लिए बस आपको एक लौंग और एक लाल कपड़े की जरूरत पड़ेगी। एक लौंग ही आपकी किस्मत का ताला खोल देगी। आपके घर में सुख-चैन लौटेगा और माता लक्ष्मी की अशीम कृपा होगी। आपको बस इतना सा करना है कि लाल कपड़े में एक लौंग बांधकर माता लक्ष्मी का ध्यान धरते हुए इसे तिजोरी में रखना है, बस इतना सा टोटका आपकी किस्मत खोल देगा और आपको वारे-न्यारे हो जाएंगे।