जो बाइडेन की जीत लगभग पक्‍की, भारत के लिए टेंशन भरे रहे हैं उनके और कमला हैरिस के ये 5 बयान

अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव 2020 (US President Election) में डेमोक्रेट्स को जीत मिलने की पूरी संभावना है। जो बाइडेन अब बहुमत के आंकड़े से ज्‍यादा दूर नहीं। (ताजा नतीजे देखने के लिए क्लिक करें) बाइडेन ने कमला हैरिस को उप-राष्‍ट्रपति उम्‍मीदवार चुना है। विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) कह चुके हैं कि रिपब्लिकन हो या डेमाक्रेट, अमेरिकी राष्‍ट्रपतियों के लिए भारत एक अहम पॉइंट है। बाइडेन और हैरिस, दोनों ही पिछले कुछ मौकों पर ऐसे बयान दे चुके हैं जो भारत के स्‍टैंड से ठीक उलट था। दोनों जब अमेरिका के शीर्ष दो पदों पर बैठेंगे तो भारत को उनके इन बयानों के पीछे का मंतव्‍य समझकर आगे बढ़ना होगा।

CAA, NRC की मुखालफत कर चुके हैं डेमोक्रेट जो बाइडेन

डेमोक्रेटिक जो बाइडेन भारत सरकार के दो फैसलों की खुलेआम आलोचना कर चुके हैं। उन्‍होंने कश्‍मीर में भी पुरानी स्थिति बहाल करने को कहा था। बाइडेन की चुनावी वेबसाइट पर मुस्लिम-अमरीकियों के लिए एजेंडा में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्‍ट्रीय नागरिक रजिस्‍टर (NRC) का विरोध किया गया था। बाइडेन की तरफ से कहा गया था कि CAA और NRC, भारत में सेक्‍युलरिज्‍म की परंपरा से मेल नहीं खाते।

CAA-NRC पर बाइडेन कैम्‍पेन टीम ने क्‍या कहा?

भारत सरकार को कश्मीर के लोगों के अधिकारों को बहाल करने के लिए सभी जरूी उपाय करने चाहिए। असहमति पर प्रतिबंध जैसे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को रोकना या इंटरनेट को बंद या धीमा कर देना लोकतंत्र को कमजोर करता है…. जो बाइडेन भारत सरकार के असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NCR) और बाद में नागरिकता संशोधन अधिनियम पारित करने के तरीकों से निराश हैं।

पाकिस्‍तान के प्रति नरम रहे हैं बाइडेन, अरबों डॉलर द‍िए

जो बाइडेन खांटी डिप्‍लोमेट हैं। पाकिस्‍तान की कई मौकों पर तरफदारी कर चुके हैं। 2008 में उन्‍हें ‘हिलाल-ए-पाकिस्‍तान’ से नवाजा गया था। पाकिस्‍तान को 4 सालों तक 7.5 बिलियन डॉलर की सैन्‍य सहायता दिलाने वाला बिल साइन कराने में भी बाइडेन का खास रोल था। पाकिस्‍तान में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अगर बाइडेन चुने जाते हैं तो वह कश्‍मीर मुद्दा उठाएंगे।

कश्‍मीर पर कमला हैरिस दे चुकी हैं हस्‍तक्षेप के संकेत

भारत के संविधान से अनुच्‍छेद 370 हटाने का कमला हैरिस विरोध कर चुकी हैं। पिछले साल अक्‍टूबर में उन्‍होंने कहा था कि ‘अगर हालात बने तो हस्‍तक्षेप’ की जरूरत पड़ेगी।’ सितंबर 2020 में प्रचार के दौरान कमला हैरिस से कश्‍मीर को लेकर सवाल किया गया था। उन्‍होंने जवाब में कहा, ‘मैं उन लोगों से कहना चाहती हूं कि वे अकेले नहीं हैं। हम देख रहे हैं।’ उन्‍होंने कहा था कि अगर अमेरिका किसी तरह से कश्‍मीर में होने वाली घटनाओं पर असर डाल सकता है कि उसके लिए उनका एक प्रति‍निधि वहां होना चाहिए। हैरिस ने कहा था, “हमारे आदर्शों का हिस्‍सा है कि हम मानवाधिकार के उल्‍लंघन का विरोध करते हैं और जरूरत पड़ने पर दखल भी।” हैरिस के मुताबिक, बतौर कमांडर इन चीफ वह इसी हिसाब से चलेंगी।

कमला हैरिस CAA के भी खिलाफ

कमला हैरिस उन अमेरिकी सीनेटर्स में थीं जिन्‍होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ आवाज उठाई1 उन्‍होंने दिसंबर 2019 में एक प्रस्‍ताव पेश किया था। इसी के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीनेटर प्रमिला जयपाल से मिलने पर इनकार कर दिया था। हैरिस ने जयपाल के समर्थन में ट्वीट किया था।

प्रचार के दौरान कश्‍मीर पर क्‍या बोली थीं कमला

हम लोगों को यह बताना चाहते हैं कि वे अकेले नहीं हैं, हम नजर बनाए हुए हैं। हम मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में बोलते हैं और जहां जरूरी होता है, हम हस्तक्षेप भी करते हैं। एक राष्ट्र के तौर पर यह हमारे मूल्यों का हिस्सा है।

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