नेपाल की 150 हेक्टेयर जमीन निगल गया पड़ोसी ड्रैगन? थू-थू होने के बाद दिया यह जवाब

पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद के चलते भारत से तनावपू्र्ण माहौल पैदा करने वाले चीन ने एक अन्य पड़ोसी देश नेपाल के साथ भी अपने रिश्तों को बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स से सनसनीखेज जानकारी सामने आई थी कि चीन ने नेपाल की सीमा पर मौजूद 150 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, चारों ओर थू-थू होने के बाद चीन ने इस मामले पर सफाई पेश करते हुए इन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है। चीन ने इन खबरों को ‘पूरी तरह से निराधार’ और ‘शुद्ध अफवाह’ बताया है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था नेपाल के नेताओं ने कहा है कि बीजिंग ने नेपाल-तिब्बत सीमा पर नेपाल की ओर की 150 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा जमा लिया है। इस रिपोर्ट के बारे में जब प्रवक्ता वांग से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”मैं यह बताना चाहता हूं कि रिपोर्ट पूरी तरह से अफवाह है।”

उन्होंने आगे कहा, ”रिपोर्ट तथ्य पर आधारित नहीं है। यह शुद्ध अफवाह है।” पिछले महीने, अक्टूबर में चीन की सरकारी मीडिया ने भी ऐसी रिपोर्ट्स को खारिज किया था, जिसमें कहा गया था कि नेपाल के हुमला जिले की जमीन को चीन ने हड़प लिया है। चीन के प्रोपेगेंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स ने 16 अक्टूबर की रिपोर्ट में कहा था, ”नेपाल में कुछ इमारतों ने चीन पर हुमला जिले में अपनी जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है, जो वास्तव में चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के बुरंग काउंटी में एक नवनिर्मित गांव है।”

उल्टा भारत को ही ठहरा दिया दोषी

ग्लोबल टाइम्स’ ने अपनी रिपोर्ट में भारत को ही दोषी ठहरा दिया था। पूरे मामले में किसी भी तरह का कोई मतलब नहीं रखने वाले भारत को लेकर चीनी अखबार ने नई दिल्ली को आरोप लगाते हुए कहा था कि भारत ने मामले को बढ़ावा दिया। साथ ही नेपाल के विपक्ष पर नई दिल्ली के इशारे पर आरोप लगाने का इल्जाम लगाया। रिपोर्ट में कहा गया, ”नेपाल का मुख्य विपक्ष जोकि पूरे मामले को बढ़ावा दे रहा है, उसका झुकाव भारत की ओर माना जाता है।”

चीन ने और क्या-क्या फैलाया था प्रोपेगेंडा?

चीन ने भारत और नेपाल के सीमा विवाद का जिक्र करते हुए प्रोपेगेंडा फैलाया था। ग्लोबल टाइम्स ने रिपोर्ट में कहा था कि वास्तव में भारत का नेपाल के साथ लंबे समय से क्षेत्रीय विवाद चल रहा है। भारत सरकार ने 2019 में नेपाल के साथ एक विवादित क्षेत्र को अपने नए मैप में शामिल किया, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव शुरू हो गया। जवाब में, नेपाल ने एक नया मैप संसद में पारित करवाया, जिसमें  किया, जिसमें कालापानी और अन्य क्षेत्र शामिल थे।

ब्रिटेन के अखबार की क्या थी रिपोर्ट?

ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ ने चीन और नेपाल को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन ने नेपाल के हुमला जिले में 150 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा कर लिया है। चीन ने अपनी पीएलए के सैनिकों को बॉर्डर पर भेजकर मई महीने से पांच मोर्चों पर यह कब्जा जमाना शुरू किया था। रिपोर्ट में आगे कहा गया, ”हुमला जिले में, पीएलए सैनिकों ने बॉर्डर पार किया और लिमी घाटी व हिलसा में मौजूद पिलर को हटा दिया। इसके बाद, पीएलए ने सैन्य ठिकाने बनाने की शुरुआत कर दी।”

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