उपचुनावों के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार ,सुबह से शुरू हुआ मतदान सामग्री का वितरण

ग्वालियर। उपचुनावों के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है ग्वालियर के एमएलबी ग्राउण्ड में सुबह से मतदान सामग्री के वितरण का काम शुरू हो गया है जिसके लिए यहंा भारी सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं प्रशासन द्वारा यहंा थीम रोड को भी दौनों तरफ से बंद कर दिया गया है जिससे कि चुनावी कार्य में काई अड़चन नहीं हो सके।

3 नंबर को 1188 पोलिंग बूथ पर 860603 मतदाता करेंगे 35 प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करेंगे। ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व और डबरा विधानसभाओं में कुल मिलाकर 860603 मतदाता हैं, कोरोना काल में पहली बार 11घंटे तक मतदान करने की व्यवस्था की गई है वहीं कोविड से मतदाताओं को सुरक्षित रखने की कवायद, मास्क थर्मल स्क्रीनिंग सैनिटाइजर और ग्लब्स भी रहेंगे वेटिंग हाल बनाए गए हैं। 98 सैक्टर अधिकारियों नियुक्त किए गए हैं जिनमें से हर अधिकारी के पास 15-20 पोलिंग केंद्र हैं। आज सभी टीमें अपने अपने पोलिंग बूथ पर रवाना हो जाएँगी वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 10 कंपनियाँ आर्म्ड फोर्सेज की मिली है और 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 46 माइक्रो ऑब्जर्वर हैं जो मतदान स्थल पर जाकर गड़बड़ियों पर नजर रखेंगे , 335 संवेदनशील मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर 156 मतदान केंद्रों पर हिंसा की आशंका के चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा 273 वाहन अधिग्रहीत किए हैं सभी में जीपीएस लगा दिया गया है जिससे लोकेशन मिले और सुरक्षित रहे उपचुनावों में मतदान को लेकर सभी कर्मचारी अपनी अपनी चुनाव सामग्री और वीवीपेट मशीन को लेकर निकल चुके हैं लेकिन हर मतदान कर्मी चाहे वो पुरूष हो महिला हो सबको इस कोरोना महामारी के दौर में संक्रमित होने का डर बना हुआ है आपको बता दें का ग्वालियर की समेत प्रदेश की 28 विधानसभाओं में चुनाव होने हैं इसे लेकर चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियाँ पूर्ण कर ली हैं हर मतदान केंद्र पर सभी मतदाताओं के लिए हैंड सेनिटाइजर मास्क, ग्लब्स और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है, लेकिन इस सबके बावजूद कर्मचारियों में इसका डर साफ देखा जा सकता है अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि ज्यादा से ज्यादा मतदान कैसे कराया जाए क्योंकि जनता के मन में भी कोरोना का डर लगातार बना हुआ है।

सेंसेक्स में 100 अंकों से ज्यादा की बढ़त, बैंकिंग शेयरों में भी तेजी

कारोबारी हफ्ते के पहले दिन बाजार में खरीदारी है। बीएसई सेंसेक्स 100.09 अंक ऊपर 39,714.16 पर और निफ्टी 11.60 अंक ऊपर 11,654.00 पर कारोबार कर रहे हैं। बाजार की बढ़त को बैंकिंग और ऑटो शेयर लीड कर रहे हैं। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 374 अंकों की तेजी है। जबकि मेटल और आईटी इंडेक्स में गिरावट है।

निफ्टी में आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 6% से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। इंडसइंड बैंक के शेयर में भी 3% से ज्यादा की तेजी है। इसके अलावा हीरो मोटोकॉर्प का शेयर भी 2% ऊपर कारोबार कर रहा है। जबकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2% से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। इसके अलावा एचसीएल टेक का शेयर भी 1% नीचे कारोबार कर रहा है।

शुक्रवार को बाजार का हाल

शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 135.78 अंक नीचे 39,614.07 पर और निफ्टी 28.40 अंक नीचे 11,642.40 पर बंद हुआ था। बाजार की गिरावट को बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने लीड किया था। निफ्टी बैंक इंडेक्स 191अंक नीचे बंद हुआ था। ऑटो इंडेक्स में भी 1.13% की गिरावट देखने को मिली थी। जबकि आईटी और मेटल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए थे। निफ्टी में भारती एयरटेल का शेयर 4% नीचे बंद हुआ था। हीरो मोटोकॉर्प का शेयर भी 3% नीचे बंद हुआ था। जबकि, अदानी पोर्ट का शेयर 4% की बढ़त के साथ बंद हुआ था।​​​​​​​
दुनियाभर के बाजारों में रही गिरावट

शुक्रवार को दुनियाभर के बाजारों में बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी बाजार डाउ जोंस 0.59% की गिरावट के साथ 157.51 अंक नीचे 26,501.60 पर बंद हुआ था। नैस्डैक इंडेक्स में भी 2.62% गिरावट के साथ 297.80 अंक नीचे 11,053.00 पर बंद हुआ था। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 1.21% की गिरावट के साथ 40.15 पॉइंट नीचे 3,269.96 पर बंद हुआ था।

दूसरी ओर यूरोपियन मार्केट में शुक्रवार को ज्यादातर इंडेक्स फ्लैट ही बंद हुए थे। इसमें ब्रिटेन का FTSE हल्की गिरावट के साथ 5,577.27 अंक पर बंद हुआ था। दूसरी ओर, फ्रांस का CAC इंडेक्स 0.54% की बढ़त के साथ बंद हुआ था। जबकि, जर्मनी का DAX इंडेक्स 0.36% नीचे बंद हुआ था। सोमवार को एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई इंडेक्स 309.37 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हेंगसेंग इंडेक्स भी 162.78 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। जबकि, चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ 3,222.91 पर कारोबार कर रहा है।

गुर्जरों का प्रदर्शन जारी, दिल्ली मुंबई मार्ग पर पटरियां उखाड़ीं, कई ट्रेनें रद्द

राजस्थान में गुर्जर आंदोलन जारी है। अपनी मांगों को लेकर गुर्जर समाज के लोगों ने रविवार को दिल्ली मुंबई रेल मार्ग बाधित कर दिया। यह प्रदर्शन सोमवार को भी जारी है। रेल पटरियांं उखाड़ दी गई हैं। इसका सीधा असर रेल सेवाओं पर पड़ा है। कई ट्रेनें रद्द की गई हैं तो कुछ के मार्ग बदले गए हैं। 2 नवंबर को 02401 कोटा-देहरादून स्पेशल ट्रेन को कैंसल कर दिया गया है। इसी तरह 02059/02060 कोटा-हजरत निजामुद्दीन-कोटा स्पेशल ट्रेन भी आज के लिए रद्द है। साथ ही कई ट्रेनों का रूट बदला गया है। रविवार को भी रेलवे ने तत्काल प्रभाव से सात ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया था। इन्हें अब हिंडौन सिटी बयाना रेल मार्ग से भेजा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान के भरतपुर में रेल पटरियों पर कब्जा कर लिया। राजस्थान में नगर निगम चुनाव के बीच भड़के गुर्जर आंदोलन ने अशोक गहलोत सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वहीं कोरोना महामारी से तो पूरा प्रदेश जूझ ही रहा है। इससे पहले खबर आई थी कि 14 सूत्रीय मांगों को लेकर गुर्जर समाज में दो फाड़ हो गई है। एक वर्ग सरकार की बात मानने को राजी हो गया था, लेकिन दूसरे ने पीलूपुरा में विरोध शुरू कर दिया। कहा जा रहा है कि आंदोलन के अगुवा किरोड़ी बैंसला के निर्देश पर आंदोलन हो रहा है। हालांकि बैंसला के हवाले से कहा जा रहा है कि उन्होंने आंदोलन शुरू करने की अनुमति नहीं दी है।

इन ट्रेनों के रूट बदले गए

इससे पहले रविवार को दिन में गुर्जर नेताओं ने एक बार फिर किरोड़ी बैंसला के नेतृत्व में मंत्री अशोक चांदना को पीलूपुरा गांव बुलाया है। गहलोत सरकार के मंत्री चांदना को 3 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया गया है। इधर पटरियों पर गए युवकों को वापस बुलाया जा रहा है।

आयुर्वेद की चार दवाएं कोरोना के इलाज में पाई गईं कारगर, जानिए उनके नाम

आयुर्वेद की चार दवाओं के इस्तेमाल से कोरोना के हल्के एवं मध्यम लक्षणों वाले रोगियों का उपचार संभव है। आयुष मंत्रालय के दिल्ली स्थित अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) के जर्नल आयु केयर में प्रकाशित एक केस स्टडी में यह दावा किया गया है। ये चार दवाएं हैं आयुष क्वाथ, संशमनी वटी, फीफाट्रोल और लक्ष्मीविलास रस। आयु केयर जर्नल के ताजा अंक में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार यह केस स्टडी एक 30 वर्षीय स्वास्थ्यकर्मी की है, जो कोरोना से संक्रमित था और मध्यम लक्षणों वाला रोगी था।

दो दिनों के संक्रमण के बाद उसे भारतीय आयुर्वेद संस्थान में भर्ती किया गया। एआईआईए के रोग निदान एवं विकृति विज्ञान विभाग के डा. शिशिर कुमार मंडल के नेतृत्व में डाक्टरों की एक टीम ने तीसरे दिन से रोगी का उपचार शुरू किया। उसे दिन में तीन बार 10 मिली लीटर आयुष क्वाथ,  दो बार 250 मिग्रा संशमनी वटी और लक्ष्मीविलास रस दिया गया। जबकि फीफाट्रोल की 500 मिग्रा की टेबलेट दिन में दो बार दी गई। चौथे दिन से ही उसकी स्थिति में सुधार देखा गया।

बुखार, सांस लेने में तकलीफ, गले की खराश एवं खांसी में कमी आ गई। इसी प्रकार सिरदर्द, बदन दर्द में भी कमी का रुझान देखा गया तथा स्वाद खोने की स्थिति भी सुधरने लगी। यह उपचार छठे दिन तक जारी रखा गया और छठे दिन ही उसका कोरोना टेस्ट निगेटिव निकला।

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फीफाट्रोल पांच प्रमुख जड़ी-बूटियों सुदर्शन घन वटी, संजीवनी वटी, गोदांती भस्म, त्रिभुवन कीर्ति रस तथा मत्युंजय रस से निर्मित है। जबकि आठ अन्य बूटियां तुलसी, कुटकी, चिरायता, गुडुची, दारुहरिद्रा, अपामार्ग, करंज तथा मोथा के अंश भी शामिल हैं। एमिल फार्मास्युटिकल ने लंबे शोध एवं अनुसंधान से इस फार्मूले को तैयार किया है। जबकि आयुष क्वाथ दालचीनी, तुलसी, काली मिर्च तथा सुंथी का मिश्रण है। संशमनी वटी को गिलोय की छाल से तैयार किया गया है। जबकि लक्ष्मीविलास रस में अभ्रक भस्म से 13 तत्व मिलाए गए हैं। इस अध्ययन से साफ है कि यदि आयुर्वेदिक दवाओं पर और अध्ययन किए जाएं तो इसके नतीजे सार्थक निकल सकते हैं

फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुसलमानों से कहा- कार्टून नहीं हो सकता है हिंसा का बहाना, नहीं किया जाएगा बर्दाश्त

फ्रांस के राष्ट्रपत इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को कहा कि वह पैगंबर मोहम्मद के कार्टून से क्षुब्ध मुसलमानों का सम्मान करते हैं लेकिन यह हिंसा के लिए बहाना नहीं हो सकता है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून से उपजे विवाद के बीच फ्रांस में पहले शिक्षक पैटी और फिर नीस के चर्च में तीन लोगों की हत्या के बाद ये बातें कही हैं। इसके अलावा इस्लामिक देशों ने मैक्रों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बीच फ्रांस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 

फ्रांस के इरादों को लेकर इस्लामिक देशों में बनी गलतफहमी को दूर करने के प्रयास के तहत मैक्रों ने अरबी टेलिविजन नेटवर्क अल जजीरा को इंटरव्यू दिया है, जिसे शनिवार को प्रसारित किया गया। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस हिंसा के सामने नहीं झुकेगा और कार्टून के प्रकाशन सहित स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार का बचाव करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि वह या उनके अधिकारी कार्टून का समर्थन करते हैं, जिसे मुस्लिम ईशनिंदा समझते हैं, या फ्रांस किसी भी तरह से एंटी मुस्लिम है। 

मैक्रों के दफ्तर की ओर से जारी ट्रांसक्रिप्ट में कहा गया है, ”इसलिए मैं समझता हूं और सम्मान करता हूं कि लोग इन कार्टूनों से आहत हो सकते हैं, लेकिन मैं इसके कभी स्वीकार नहीं करूंगा कि कोई इन कार्टूनों पर शारीरिक हिंसा कर सकता है, और मैं हमेशा अपने देश में लिखने, सोचने और चित्रकारी की आजादी की रक्षा करूंगा।” उन्होंने आगे कहा, ”मेरी भूमिका चीजों को शांत करने की है, जो मैं कर रहा हूं, लेकिन मेरा काम अधिकारों की रक्षा करना भी है।”

गौरतलब है कि इस समय फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ दुनियभार के मुसलमान आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। इसकी वजह है पैगंबर मोहम्मद के कार्टून बनाने वालों का बचाव करना। शार्ली हेब्दो में दोबारा कार्टून छापे जाने के बाद हमला हुआ तो एक शिक्षक की ओर से स्कूल में पैगंबर का कार्टून दिखाए जाने पर एक कट्टरपंथी ने उनका गला रेत दिया। मैक्रों ने शिक्षक सैमुअल पैटी को मरणोपरांत सम्मानित किया। इसको लेकर दुनियाभर के मुसलमान आक्रोशित हो उठे। 

फ्रांस के खिलाफ पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब, मलेशिया जैसे इस्लामिक देशों ने मोर्चा खोल दिया। इस बीच फ्रांस के नीस शहर में एक चर्च के भीतर महिला सहित तीन लोगों को हत्या कर दी गई। फ्रांस ने कट्टरपंथियों और आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। भारत ने भी आतंकवाद के खिलाफ जंग में फ्रांस का साथ देने की बात कही है।

इमरती देवी को बयानबाजी पड़ी महंगी, EC ने प्रचार पर लगाई 24 घंटे के लिए रोक

ग्वालियर: डबरा से भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी अब प्रचार नहीं कर सकेंगी. चुनाव आयोग ने इमरती देवी के प्रचार पर 24 घंटे के लिए रोक लगा दी है. जिसके चलते वह आज प्रचार नहीं करेंगी. दरअसल इमरती देवी ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके परिवार पर आपत्तिजनक बयान दिए थे. जिसकी शिकायत कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की थी. जिसके बाद चुनाव आयोग ने ये एक्शन लिया है. 

बता दें कि कमलनाथ के आयटम वाले बयान के जवाब में इमरती देवी ने कमलनाथ के साथ-साथ उनकी मां और बहन के बारे में भी अपशब्द कह डाले. लंबे समय से राजनीति में होने के बावजूद भी उन्होंने शब्दों की मर्यादा लांघी.आयटम बोलने के बदले इमरती देवी ने कमलनाथ की मां-बहन को बंगाल की आइटम कहा. इतना ही नहीं वह कमलनाथ को राक्षस,पागल,गंदा आदमी,शराबी,कबाड़ी,लुच्चा-लफंगा बोल चुकी हैं. 

जिसके बाद चुनाव आयोग (Election Commission) ने इमरती देवी को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए नोटिस जारी किया था. EC ने  27 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा था.

जिस आयटम वाले बयान को लेकर ये मुद्दा शुरू हुआ. उसके लिए कमलनाथ को कैसे बख्शा जा सकता है. EC ने कमलनाथ से भी स्टार प्रचारक होने का दर्जा छीन लिया है. जिसके बाद कांग्रेस तिलमिलाई हुई है, और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कह रही है. हालांकि भाजपा का आरोप है कि बैन होने के बाद भी कमलनाथ प्रचार कर रहे हैं.

आर्मी चीफ के नेपाल दौरे से फिर पटरी पर लौटेगा रिश्ता? जानिए क्या हो सकता है केपी ओली का रुख

काठमांडू के साथ 45 दिन तक चली ‘बैक चैनल डिप्लोमैसी’ की परीक्षा इस सप्ताह उस समय होगी, जब सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से मुलाकात करेंगे और तिब्बत में मानसरोवर यात्रा के लिए लिपुलेख होते हुए सड़क निर्माण से शुरू हुए विवाद को दफनाने की कोशिश करेंगे। इस दौरान जनरल नरवणे को राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी नेपाल सेना प्रमुख की मानद उपाधि देंगी। भारतीय सेना प्रमुख का तीन दिवसीय नेपाल दौरा 4 नवंबर को शुरू होने जा रहा है। 

अलंकरण समारोह के बाद पीएम ओली रक्षा मंत्री की हैसियत से आर्मी चीफ से मुलाकात करेंगे। इस बात के कई संकेत मिल रहे हैं कि जनरल नरवणे का काठमांडू में रेड कार्पेट से स्वागत होगा, क्योंकि ओली सरकार महाकाली नदी पर पंचेश्वर बहुउद्देश्यीय परियोजना के अलावा भारत के साथ कई दूसरे हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रॉजेक्ट शुरू करना चाहती है। 
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पंचेश्वर ड्राफ्ट डीपीआर पर दोनों देशों की टेक्निकल टीमें चर्चा कर रही हैं और 80 फीसदी मुद्दे आपसी विचार-विर्मश से सुलझाए जा चुके हैं। भारत की एसजेवीएन 900 मेगावाट का अरुण-3 प्रॉजेक्ट का निर्माण कर रही है और जीएमआर की ओर से 900 मेगावाट का करनाली हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ रहा है। 

भारत मानता है कि कालापानी नक्शाविवाद नेपाल की घरेलू राजनीति का परिणाम है और इसलिए काठमांडू से दोस्ती का हाथ मिलाना चाहता है। दो करीबी पड़ोसियों के बीच सदियों पुराने संबंधों को बहाल करने के लिए आंतरिक तकरार से ऊपर उठना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद नेपाल के साथ संबंधों को गहरा बनाने में रुचि रखते हैं और उन्होंने यह साफ किया है कि काठमांडू का नई दिल्ली के साथ एक विशेष स्थान है, चाहे सत्ता में कोई भी पार्टी रहे। 

वास्तव में भारत नेपाल में शिक्षा, स्वास्थ्य और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में महत्वपूर्ण योगदान के प्लान पर विचार कर रहा है।

एजुकेशन: भारत ने पिछले सालों में काफी निवेश किया है, लेकिन स्कूल और अकादमिक संस्थाओं के निर्माण में नेपाल की मदद की बहुत आवश्यकता है। भारत नेपाल के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में भी शिक्षा के लिए सुविधाओं का विकास कर सकता है, जबकि भारत में अध्ययन के लिए बड़ी संख्या में हिमाल क्षेत्र के विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दे सकता है। 

स्वास्थ्य: भारत स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में भी नेपाल की मदद कर सकता है। सुदूर उत्तरी इलाकों में छोटे-छोटे विशेषज्ञ अस्पताल बनाए जा सकते हैं। हिमालयी गणराज्य में प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए दोनों देशों के चिकित्सकों के बीच गहन जुड़ाव की आवश्यकता है और नई दिल्ली से महत्वपूर्ण मेडिकल आपूर्ति की मदद की जरूरत है। 

इन्फ्रास्ट्रक्चर: भारत और नेपाल को दूरदराज के इलाकों में सड़क, पुल, आधारिक संरचना बनाने की आवश्यकता है। चीन पहले ही इस क्षेत्र में घुस चुका है और उसने काठमांडू के चारों ओर रिंग रोड का निर्माण किया है। दोनों देश को ऐसे जगहों की पहचान करनी है जहां बांधों को मजबूत किया जाना है ताकि बाढ़ों को रोका जा सके। 

पानी की कमी: भारत को नेपाल के साथ ऊंचे इलाकों में पानी की कमी को दूर करने के लिए विशेषज्ञता साझा करने की आवश्यकता है। 

कृषि: भारत नेपाल के लिए खाद की आपूर्ति करता रहा है, लेकिन नई दिल्ली पर पुराने अग्रीमेंट को रिन्यू नहीं किए जाने का आरोप लगाए जाने के बाद से यह रुका हुआ है। इस मुद्दे को प्राथमिकता पर सुलझाए जाने की जरूरत है क्योंकि काठमांडू इस कमी को पूरा करने के लिए चीन या बांग्लादेश की ओर देख रहा है। 

दोनों देशों को सीमा आर-पार कनेक्टिविटी को बढ़ाने की जरूरत है, इसके लिए सीमा पर व्यापार केंद्रों में वृद्धि की जा सकती है और साथ में आव्रजन और सीमा शुल्क सुविधाओं का विकास किया जा सकता है। इसके अलावा भारत और नेपाल सिमकोट और नेपालगंज एयरपोर्ट्स का विकास कर सकते हैं, जिनका इस्तेमाल भारतीयों की ओर से मानसरोवर यात्रा के लिए किया जाता है।  

योगी के बाद हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज बोले- ‘लव जिहाद’ के खिलाफ ला सकते हैं कानून

चंडीगढ़
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने पर विचार कर रही है। विज ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘हरियाणा में लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने पर विचार किया जा रहा है।’’ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा था कि वह ‘लव जिहाद’ को सख्‍ती से रोकने के लिए प्रभावी कानून बनाएंगे। उन्‍होंने चेतावनी दी थी कि जो लोग बहू-बेटियों की इज्‍जत से खिलवाड़ करते हैं, वे अगर सुधरे नहीं तो ‘राम नाम सत्‍य है’ की उनकी अंतिम यात्रा निकलने वाली है।

योगी ने किया था दोषियों के पोस्‍टर लगाने का ऐलान
उत्तर प्रदेश के देवरिया और जौनपुर में उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्‍मीदवारों के पक्ष में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए योगी ने कहा था कि ‘लव जिहाद’ में शामिल लोगों के पोस्‍टर चौराहों पर लगाए जाएंगे। पिछले सप्ताह हरियाणा के बल्लभगढ़ में कॉलेज की 21 वर्षीय छात्रा निकिता की एक व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपी व्यक्ति उसपर शादी करने के लिए इस्लाम अपनाने का दबाव बना रहा था।

निकिता मर्डर केस को ‘लव जिहाद’ का मामला बता रहे हिंदू संगठन
कुछ हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया है कि लड़की की हत्या ‘‘लव जिहाद’’ का मामला है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने शुक्रवार को मृतका के परिवार से मुलाकात की थी और ‘‘लव जिहाद’’ की घटनाओं को लेकर चिंता जताई थी। हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों-मुख्य आरोपी तौसीफ और रेहान को गिरफ्तार किया है। तीसरे व्यक्ति को मुख्य आरोपी को हथियार उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

हरियाणा राज्य महिला आयोग की कार्यवाहक अध्यक्ष प्रीति भारद्वाज दलाल ने कहा है कि फरीदाबाद की छात्रा निकिता तोमर की हत्या एक जघन्य घटना है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गृह मंत्री ने भी यह मामला फास्ट ट्रैक अदालत में चलाने के निर्देश दिए हैं।

प्रमोद कृष्णम ने किया सीएम पर अभद्र टिप्पणी, चुनाव आयोग ने मांगा 48 घंटे में स्पष्टीकरण

ग्वालियर
मध्यप्रदेश चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को नोटिस जारी किया है। 27 अक्टूबर को आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मुरैना की जौरा विधानसभा सीट पर एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ अपमानजनक भाषा का उपयोग किया था।
मुरैना के जौरा में सभा करने पहुंचे कृष्णम ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तुलना कंस,शकुनी और मारीच से की थी। इस सभा में राजस्थान के पूर्व उप.मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी मौजूद थे। आचार्य प्रमोद के इस बयान के बाद बीजेपी ने चुनाव आयोग में शिकायत की थी। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए भारतीय चुनाव आयोग ने 48 घंटे के भीतर कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम से स्पष्टीकरण मांगा है।

कांग्रेस स्टार प्रचारक कृष्णम ने चुनावी सभा के दौरान ये भी कहा था कि उपचुनाव इसलिए नहीं हो रहे हैं कि यहां के विधायक की मृत्यु हो गई है, बल्कि ये उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं, क्योंकि विधायक तो जिंदा हैं, लेकिन उनका जमीर मर गया है,उनकी अंतरात्मा मर गई है।  उन्होंने कहा कि हम बच्चों को शिक्षा देते हैं कि झूठ मत बोलना, गद्दारी मत करना लेकिन यह परीक्षा की घड़ी आम जनता की है। जनता को याद रखना चाहिए कि वे किसके साथ खड़े होंगेए जिन्होंने कमलनाथ की पीठ में खंजर भोंका या उसके साथ जिसने खंजर को झेला है। जनता को झूठ का फैसला करना है।

बता दें राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और आचार्य प्रमोद कृष्णम ग्वालियर में चुनावी सभा करने पहुंचे थे। जहां सबसे पहले सभा को संबोधित करते हुए आचार्य ने सीएम शिवराज को त्रेता युग के मारीचए महाभारत काल के शकुनि और द्वापर युग के कंस मामा का मिला.जुला मिश्रण बताया था।