भितरघात बना मुसीबत ,भाजपा ने अपने पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार नीटू को निकाला

मुरैना की सुमावली विधानसभा के पूर्व विधायक भाजपा से निष्कासित कर दिया गया । सत्यपाल सिंह सिकरवार नीटू पर लगाया अनुशासनहीनता का आरोप है ।भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णदत्त शर्मा ने यज कार्यवाही करते हुए कहा कि पार्टी के निर्देशों की अवहेलना तथा पार्टी प्रत्याशी के विरोध में कार्य किये जाने पर उन्हें  प्राथमिक सदस्यता से  निष्कासि किया गया है ।       गौरतलब है कि सत्यपाल सिंह सिकरवार नीटू के बड़े भाई डॉ. सतीश सिंह सिकरवार ग्वालियर में हैं कांग्रेस प्रत्याशी, इनके पिता एवं पूर्व विधायक गजराज सिंह सिकरवार एवं मुरैना जिला भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता उदयवीर सिंह सिकरवार को प्रदेश के अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में  जिम्मेदारी थी । गजराज सिंह को अनूपपुर में तो नीतू को मांधाता क्षेत्र में प्रचार के लिए जाने को कहा गया था लेकिन वे नही गए । इनके खिलाफ सुमावली से भाजपा प्रत्याशी ऐंदल सिंह कंसाना और ग्वालियर पूर्व से भाजपा उम्मीदवार मुन्नालाल गोयल लगातार शिकायतें कर रहे थे ।

भाजपा में उबाल

सिकरवार परिवार का मुरैना जिले की सियासत में बड़ा दखल है खासकर क्षत्रीय वोटर्स पर अच्छी पकड़ है । यही बजह है कि नीटू के निष्कासन की खबर से भाजपा में उबाल आ गया । इस निर्णय के खिलाफ नीटू समर्थक भाजपा कार्यकर्ताओं ने अनेक स्थानों पर प्रदर्शन कर भाजपा के ध्वज तथा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर और प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा के पुतले फूंके । हालांकि भाजपा नेता इससे होने वाले डेमेज कंट्रोल में जुट गए हैं।

कमलनाथ ने कहा किसी गद्दार की नही होगी कांग्रेस में वापिसी

कमलनाथ ने यह उप चुनाव गद्दार बनाम वफादार का बना दिया । प्रदेश में तीन नवम्बर को 28 सीट पर उप चुनाव होना है जिसमे सर्वाधिक 16 ग्वालियर चम्बल में है । इनके परिणामो पर शिवराज सरकार का भविष्य भी टिका है और ज्योतिरादित्य सिंधिया का । इन्ही की दम पर कमलनाथ फिर से सत्ता पर काबिज होने का सपना पाले बैठे है हालांकि भाजपा इसे मुंगेरीलाल के हसीन सपने करार देती है ।

यही बजह है कि भाजपा हो या कांग्रेस दोनो ने इसी अंचल को अपना केंद्र बनाया । भाजपा के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर ,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया एक पखबाड़े से उड़नखटोला लेकर गांव गांव घूमते रहे । दर्जनों मंत्री,पूर्व मंत्री और सांसद जातियों के हिसाब से प्रचार में जुटे है । उसने तमाम ऐसे नेताओं की पार्टी में वापिसी कर ली जो 2018 के चुनाव में बागी होकर चुनाव लड़ चुके थे । भिंड से नरेंद्र सिंह कुशवाह और ग्वालियर में समीक्षा गुप्ता की भी वापिसी हो गई जबकि प्रचार थमने के कुछ घण्टे फके एक बड़ा फैसला लेते हुए सुमावली से विधायक रहे सत्यपाल सिंह सिकरवार नीटू को भाजपा से निकाल दिया । उनके बड़े भाई डॉ सतीश सिकरवार ग्वालियर पूर्व से काँग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं । शिकायते थी कि वे अपने भाई का प्रचार कर रहे है । भाजपा ने उन्हें मान्धाता जाने को कहा था लेकिन वे नहीं गए ।

सिंधिया को उन्ही की मांद में चुनौती

उधर कांग्रेस ने भी इसी अंचल को अपना गढ़ बनाकर रखा । उसके अनेक पूर्व मंत्री महीनों से विधानसभा क्षेत्रों में जमे हुए है और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में लगे रहे । पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी अंचल में धुआंधार प्रचार कर बिकाऊ और टिकाऊ और गद्दार का मुद्दा गांव कस्बो तक पहुंचकर रोमांचक बना दिया । शुक्रवार को शिवराज और सिंधिया ने भाजपा के सभी नेताओं के साथ मुरैना,ग्वालियर और मेंहगाव में रोडशो करके एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया तो प्रचार थमने के अंतिम दिन कमलनाथ अपनी रणनीति के चलते चम्बल और ग्वालियर पहुंचे । उन्होंने मुरैना में कांग्रेस प्रत्याशी राकेश मावई के समर्थन में विशाल रोडशो में भाग लिया।

ग्वालियर के इंटक मैदान में उन्होंने सुनील शर्मा के समर्थन में कार्यकर्ताओ की सभा को सबोधित करते हुए कहाकि – मैं ग्वालियर इसलिए आया क्योंकि मैंने तय किया कि खेल जहां से शुरू हुआ है वहीं आकर खत्म करूं। उन्होंने कहाकि कुछ लोगो ने अंचल की पहचान बदल दी । पहले इस क्षेत्र के लोगो को वफादार कहा जाता था लेकिन अब उसे दूसरे नाम से पुकारने लगे । यह चुनाव साबित करने का समय है कि यह क्षेत्र गद्दार नही बल्कि बफादार है । इसे खरीदने और बिकने वालों को जनता सबक सिखाना जानती है ।

कमलनाथ ने मंच से और बड़ी बात कही । विधायक प्रवीण पाठक ने कहाकि अंचल दशाब्दियों बाद महल की गुलामी से आज़ाद हुआ है अब उसे फिर गुलाम नही होने दिया जाएगा ,यह आश्वासन छाते है तो कमलनाथ ने कहाकि लोग भरोसा रखें बिकने वालों और गद्दारी करने वालों के लिए अब कांग्रेस के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो गए हैं।

सिंधिया की फिसली जुबान, BJP की बजाय कांग्रेस के लिए मांगे वोट

. डबरा: मध्य प्रदेश में उपचुन के प्रचार के दौरान बीजेपी (BJP) सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की जुबान फिसल गई. बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने गए सिंधिया ने हाथ के निशान वाले बटन को दबाकर कांग्रेस (Congress) को जिताने की अपील जनता से कर दी. हालांकि तुरंत ही उन्हें अपनी गलती का अहसास ​हो गया और फिर से बीजेपी प्रत्याशी को जिताने का वादा जनता से करने को कहा. सिंधिया के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल (Viral Video) हो रहा है. हालांकि द न्यूज़ लाइट इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जरूर शुरू हो गया है.

वायरल वीडियो में बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुंह से पहले कांग्रेस फिर बीजेपी का नाम सुनाई पड़ता है. चुनाव प्रचार के दौरान सिंधिया कहते हैं कि ‘मुट्ठी बांधकर विश्वास दिलाओ कि 3 तारीख को हाथ के पंजे वाला बटन दबेगा और कांग्रेस…, कमल के फूल वाला बटन दबेगा और बीजेपी को जीत मिलेगी’. सिंधिया के इस बयान का वीडियो ट्विटर पर भी शेयर किया जा रहा है. लोग इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के कमेंट्स करते दिख रहे हैं.

बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के गजल होटल पर चला प्रशासन का बुलडोजर

यूपी के मऊ से बाहुबली विधायक मुख्‍तार अंसारी के होटल गजल पर रविवार सुबह प्रशासन का बुलडोजर चला. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार गजल होटल ढहा दिया गया. ये होटल मुख्तार की पत्नी और बेटे के नाम पर है.

डीएम की अध्यक्षता वाले 8 सदस्यीय बोर्ड ने होटल मालिकानों की अपील को खारिज किया. 8 अक्टूबर को एसडीएम सदर ने ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया था. रविवार सुबह एसपी सिटी और एडीएम के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस फोर्स की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. 

एसडीएम के नोटिस पर मुख्तार अंसारी का पक्ष हाई कोर्ट गया था. हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को डीएम के समक्ष अपील करने का दिया निर्देश दिया था. अपील निरस्त होने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. शनिवार को ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि माफियाओं की संपत्ति पर गरीबों के मकान बनाएंगे.  

कई संपत्तियों पर सरकार की नजर

बता दें कि यूपी सरकार की ओर से बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी पर शिकंजा कसा जा रहा है. मुख्तार अंसारी की अब तक कई संपत्तियों पर सरकार का बुलडोजर चल चुका है, इसके अलावा कई करीबियों की संपत्तियों पर भी सरकार की नजर है. कुछ वक्त पहले ही लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस मामले में कानूनी राय लेना शुरू किया था. जिसके बाद मुख्तार अंसारी के करीबियों को नोटिस भेजा गया था. 

लाहौर की सड़कों पर क्यों लगे विंग कमांडर अभिनंदन और पीएम मोदी के पोस्टर, जानें पूरा मामला

लाहौर
पाकिस्तान में फिर एक बार भारतीय वायुसेना के पराक्रमी पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान चर्चा का विषय बने हुए हैं। उनके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई पोस्टर लाहौर की सड़कों पर लगे दिखे हैं। इन पोस्टरों के जरिए नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता अयाज सादिक पर निशाना साधा गया है। कई पोस्टरों में अयाज सादिक को कौम का गद्दार बताते हुए मीर जाफर से तुलना की गई है। अयाज सादिक ने ही पाकिस्तानी संसद में अभिनंदन की रिहाई को लेकर इमरान खान सरकार की पोल खोली थी।

अयाज सादिक के निर्वाचन क्षेत्र में लगी तस्वीरें

अयाज सादिक के निर्वाचन क्षेत्र लाहौर की सड़कों के किनारे लगे इन पोस्टरों में विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान और पीएम मोदी की तस्वीरें जानबूझकर लगाई गई हैं। इसमें ऊर्दू में पीएमएल-एन पार्टी के नेता अयाज सादिक को देशद्रोही करार दिया गया है। कुछ पोस्टरों में सादिक को वर्धमान के रूप में दिखाया गया है। कई पोस्टरों में उन्हें भारत समर्थक भी करार दिया गया है।

इमरान के मंत्री ने भारत भेजने की कही बात

पाकिस्तान के गृह मंत्री (आंतरिक मंत्री) एजाज अहमद शाह ने एक जनसभा के दौरान कहा कि अयाज सादिक को हिंदुस्तान चले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी फौज के खिलाफ जो बात उन्होंने संसद में कही है उसे वो अमृतसर जाकर कहें। पूरे पाकिस्तान में अयाज सादिक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इमरान सरकार के मंत्री तो उनके खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठ गए हैं।

अपने बयान पर कायम हैं सादिक

अयाज सादिक पाकिस्तान की संसद में दिए गए अपने बयान पर अब भी कायम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास कई राज आज भी दफन हैं, लेकिन कभी भी कोई गैरजिम्मेदाराना बयान नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने राजनीतिक मतभेद के चलते यह बयान दिया था। इसे पाकिस्तानी सेना के साथ जोड़ना सही नहीं है। मैं अपने रुख पर खड़ा हूं और आप इसे भविष्य में देखेंगे। मैंने पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति का नेतृत्व किया है। हम राजनीतिक लोग हैं और अतीत में राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बयान देते रहे हैं। हम भविष्य में भी ऐसा करना जारी रखेंगे, लेकिन जब पाकिस्तान या हमारी एकता या संस्थानों की बात आती है तो भारत के लिए पाकिस्तान का संदेश बहुत स्पष्ट है।

अभिनंदन की रिहाई पर खोली थी पाकिस्तान की पोल

अयाज सादिक ने कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कहा था कि भारत के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की रिहाई भारत के हमले के डर से की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि शाह महमूद कुरैशी उस बैठक में थे जिसमें इमरान खान ने आने से इनकार कर दिया। कुरैशी के पैर कांप रहे थे, उनके माथे पर पसीना था। कुरैशी ने कहा खुदा का वास्ता अब इसको वापस जाने दें क्योंकि 9 बजे रात को हिंदुस्तान पाकिस्तान पर हमला कर रहा है।

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इस्लाम के ठेकेदारों को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली: कट्टरवाद के खिलाफ फ्रांस (France) की कार्रवाई के विरोध में इस्लामिक देशों में घमासान मचा हुआ है. लोग सड़कों पर फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में केरल के राज्यपाल (Kerala Governor) ने इस्लाम के ठेकेदारों को करारा जवाब देकर उनकी बोलती बंद की है. 

इस्लाम के ठेकेदारों पर साधा निशाना
शनिवार को सरदार पटेल की जयंती के कार्यक्रम में शरीक होने आए केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) ने इस्लाम के ठेकेदारों पर हमला बोला. आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, ‘वो कह रहे हैं कानून अल्लाह का है, लागू हम करेंगे. तुम कौन हो. तुम्हारे पास कोई APPOINTMENT लेटर है.’ इस्लाम के नाम पर जबरदस्ती करने और अपनी ही बात को सही ठहराने वालों को भी आरिफ मोहम्मद खान ने निशाने पर लिया. उन्होंने ऐसे लोगों को शरीयत और कुरान का फर्क समझाया.

कुरान के बारे में दी जानकारी

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, ‘जिसको शरीयत कहते है. वो शरीयत नहीं है. वो इंसानों का लिखा हुआ कानून है. कुरान शरीयत है और कुरान के मुताबिक कोई जोर जबरदस्ती हो ही नहीं सकती है.’ आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि अल्लाह और इंसान के बीच कोई नहीं. इस्लाम यही कहता है. लेकिन कट्टरपंथी अपने निजी फायदों के लिए लोगों को भड़काकर गलत रास्ते पर ले जा रहे हैं.

मुल्ला-मौलवियों पर किया कटाक्ष
उन्होंने मुल्ला-मौलवियों के अधूरे ज्ञान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘बीच वाले कहां से आ गये इस्लाम के बारे में बोलने वाले. मेरी राय है कि हर किसी को यह हक है कि वो मुझसे डिफर कर सकता है. इस्लाम इसकी गुंजाइश ही नहीं छोड़ता है कि मिडिल आदमी बीच में आए.’ आरिफ मोहम्मद खान ने आरोप लगाया कि ऐसे ही कट्टरपंथियों ने देश में नागरिकता कानून और तीन तलाक खत्म करने के कानून का भी विरोध किया था. कार्यक्रम में मौजूद आरएसएस के प्रचारक इंद्रेश कुमार ने भी पाकिस्तान में मुसलमानों के बदतर हालात को बयां किया. 

आरएसएस ने कट्टरवाद पर जताई चिंता
इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘कट्टरवाद के नाम पर दुनिया आज दो धड़ों में बंटी हुई है. ऐसे में अब वक्त आ गया है कि आम मुसलमान न सिर्फ इस्लाम को सही मायने में समझें बल्कि इस्लाम के नाम पर अपने ही लोगों को गुमराह करने वालों के खिलाफ आखिरी जंग का ऐलान भी करें.’

स्टार प्रचारक का दर्जा छीनने का मामला:तन्खा बोले – प्रचारक कौन होगा यह पार्टी तय करती है, यह EC के अधिकार क्षेत्र में नहीं

कमलनाथ को स्टार प्रचारक की सूची से हटाने के मामले में हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं, संभवत: रात तक पिटीशन फाइल हो भी जाए। हमने इसमें कुछ अच्छे मुद्दे उठाए हैं। जैसे फ्रीडम ऑफ स्पीच और एक्सप्रेशन, इलेक्शन के दौरान आप लीडर पर जो अंकुश लगाना चाहते हो, वो किन बातों पर लगाओगे। स्टार प्रचारक कौन होगा यह पार्टी तय करती है। इलेक्शन कमीशन इसमें ना किसी को जोड़ सकती है और ना ही किसी को बाहर कर सकती है। यह इलेक्शन कमिशन के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यह बता शनिवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विवेक तन्खा ने कही।

मीडिया से बात करते हुए तन्खा ने कहा कि हमारे प्रत्याशी के बहुत सारे मामले थे, जिस पर चुनाव पर्यवेक्षक से हमने बात की है। इसमें पाेलिंग बूथ की नोटिफिकेशन को लेकर, वैलेट पेपर को लेकर, कांग्रेसियों पर दर्ज हो रहे मामलों को लेकर, नोटिस देने को लेकर हमने बात की है। हमने उसने कहा कि सब पार्टियों पूरी सुविधा और आराम से चुनाव लड़ने का मौका दो। यह प्रजातंत्र के लिए ठीक नहीं है। हम उनके आश्वासन के बाद संतुष्ट हैं।

कमलनाथ पूरे कैंपेन को लीड कर रहे थे

तन्खा ने कहा – जिस प्रकार से ऑर्डर शुक्रवार को निकला, शनिवार और रविवार को कोर्ट बंद है। कमलनाथ जी हमारे स्टार प्रचारक नहीं थे, वे पूरे कैंपेन को लीड कर रहे थे। जिस प्रकार से लोग उन्हें सुनने आ रहे थे। यह भाजपा की साजिश थी कि उन्हें रोका जाए। उन्हें लगा कि जितनी पब्लिक उन्हें सुनने आएगी, उतने लोग भाजपा के खिलाफ जाएंगे। पर भाजपा को यह भ्रम है। वह हमें जिनता रोकने की कोशिश करेगी, लोग उनके खिलाफ और बोलेंगे। यही प्रजातंत्र की शक्ति है।

भाजपा लीडर के बयानों को पिटीशन में डाल रहे

विजयवर्गीय के चुन्नू-मुन्नू वाले बयान को लेकर कहा कि हम उन सभी बयानों को अपनी पिटीशन में डाल रहे हैं, जो भाजपा नेताओं ने दिए हैं। हम उन्हें बताने वाले हैं कि जब भाजपा के लोग कहते हैं तो आप कुछ नहीं कहते हो। जब कांग्रेसी कुछ कहता है तो आप आचार संहिता का उल्लंघन बता देते हो। प्रचार के अंतिम दौर में बिना नोटिस दिए कमलनाथ को स्टार प्रचार की सूची से हटा दिया। इमरती देवी की शिकायत पर कमलनाथ को 48 घंटे का नोटिस दिया गया था और उस पर जवाब भी दे दिया गया था। अभी जो एक्शन लिया गया, इस बात पर कोई नोटिस नहीं दिया गया। न्याय प्रणाली में बिना किसी से पूछे, सूचना दिए आप कैसे एक्शन ले सकते हो। आप एक घंटे या छह घंटे की सूचना दे देते। तीन दिन पहले ही आपने उन्हें एक एडवाइजरी दी थी।

इस चुनाव में भाजपा की बौखलाहट दिख रही
उन्होंने कहा – जब चुनाव शुरू हो रहा था, तब कमलनाथ ने मुझसे पूछा था कि आपको कितनी सीटें लगती हैं। मैंने 50-50 कहा तो उन्होंने कहा था कि 20 के ऊपर आंकड़ा जाएगा। जब भीड़ आने लगी तो भाजपा वाले ही कहने लगे कि यह तो कांग्रेस के प्रति झुकाव दिख रहा है। आज के दिन भाजपा समझ रही है कि यह एकतरफ चुनाव हो गया है। कल जो कमलनाथ को ऑर्डर दिया गया, वह उनकी बौखलाहट का प्रतीक है। वह हारने से डर रही है। इस हार से उनकी सत्ता खत्म हो जाएगी। पिटीशन में सुनवाई कब होगी, इससे हमें ज्यादा अंतर इसलिए नहीं पड़ता, क्योंकि कमलनाथ जी का कार्यक्रम जारी है। ज्यादा क्या होगा आप खर्च में जोड़ लोगे। दूसरे स्टार प्रचारकों का प्लेन आ रहा है। हमें देश के कानून के बारे में पता है, हमारे पास इसे एक्सप्लेन करने के बहुत से तरीके हैं।

इस बार एक तरफा चुनाव

उन्होंने कहा कि पिटीशन पर जल्द बहस होने की मांग रखेंगे। इलेक्शन कमीशन पर दबाव को लेकर बोले – अब सुप्रीम कोर्ट को गाइड लाइन देना चाहिए, जिससे कि चुनाव कैसे हो पता चले, चुनाव एक प्रकार से फेस्टिवल है। चंबल से जो खबरें आ रही हैं वो एक तरफा चुनाव की आ रही हैं, अब जब चुनाव में दबाव डाला गया है, तब पब्लिक ने जवाब दिया है, हमें मध्यप्रदेश की जनता पर भरोसा है। इस केस में कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा बहस करेंगे।

मध्य प्रदेश उपचुनाव: कमलनाथ के बयान पर भड़के ज्योतिरादित्य सिंधिया, बोले- हां मैं कुत्ता हूं

भोपाल

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए 3 नवंबर को होने जा रहे उपचुनाव में नेताओं के बीच जुबानी जंग और तेज होती जा रही है और बयानों का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। चुनाव आयोग की कार्रवाई के बीच यह बदजुबानी जारी है। शनिवार को बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सीनियर कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर कुत्ता कहने का आरोप लगाया और कहा कि हां वह कुत्ता हैं, जो हमेशा अपने मालिकों के लिए वफादार रहता है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- “कमलनाथ जी ने मुझे कुत्ता कहा। हां, मैं कुत्ता हूं क्योंकि मेरा मालिक मेरी जनता है और मैं उसकी सेवा करता हूं…। हां, कमलनाथ जी मैं कुत्ता हूं क्योंकि कुत्ता अपने मालिक और अपने दाता की रक्षा करता है। हां, कमलनाथ जी मैं कुत्ता हूं क्योंकि अगर कोई भी व्यक्ति मेरे मालिक को ऊंगली दिखाए और मालिक के साथ भ्रष्टाचार और विनाशकारी नीति दिखाए तो कुत्ता काटेगा उसे।”

गौरतलब है कि कमनलाथ ने एक चुनावी रैली के दौरान शिवराज सरकार में महिला विकास मंत्री पद पर तैनात इमरती देवी को ‘आइटम’ कह दिया था। इसके बाद सियासी बवाल पैदा हो गया और चुनाव आयोग ने कमलनाथ पर कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को उनका स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द कर दिया।

हालांकि, चुनाव आयोग की कार्रवाई के बाद कमलनाथ सवाल किया कि आखिर चुनाव प्रचार के आखिरी दो दिनों से पहले उनके ऊपर इस तरह की कार्रवाई क्यों की गई। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग के इस कदम के खिलाफ कोर्ट से गुहार लगाई है।

इससे पहले, कांग्रेस से राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि चुनाव आयोग की कार्रवाई अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा, ”आयोग ने बिना नोटिस दिए कमलनाथ को स्टार प्रचारक की सूची से अलग कर दिया। अब हमारी लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा के लिए है।” 

दिवाली की रात धन प्राप्ति की अद्वितीय साधनाएं

दिवाली विशेष अचूक तांत्रिक साधना

– डॉ पवन शास्त्री

शाबर मंत् र
लक्ष्मी प्राप्ति की अचूक साधनाएं : वैदिक अथवा तांत्रोक्त अनेक ऐसे मंत्र हैं, जिसमें साधना करने के लिए अत्यंत सावधानी की जरूरत होती है। असावधानी से कार्य करने पर प्रभाव प्राप्त नहीं होता अथवा सारा श्रम व्यर्थ चला जाता है, परंतु शाबर मंत्रों की साधना या सिद्धि में ऐसी कोई आशंका नहीं होती। यह सही है कि इनकी भाषा सरल और सामान्य होती है।

मंत्रों को पढ़ने पर ऐसा कुछ भी अनुभव नहीं होता कि इनमें कुछ विशेष प्रभाव है, परंतु मंत्रों का जप किया जाता है तो असाधारण सफलता दृष्टिगोचर होती है। कुछ मंत्र तो ऐसे हैं कि जिनको सिद्ध करने की जरूरत ही नहीं है, केवल कुछ समय उच्चारण करने से ही उसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई देने लगता है। यदि किसी मंत्र की संख्या निर्धारित नहीं है तो मात्र 1008 बार मंत्र जप करने से उस मंत्र को सिद्ध समझना चाहिए।

दूसरी बात शाबर मंत्रों की सिद्धि के लिए मन में दृढ़ संकल्प और इच्छा शक्ति का होना आवश्यक है। जिस प्रकार की इच्छा शक्ति साधक के मन में होती है, उसी प्रकार का लाभ उसे मिल जाता है। यदि मन में दृढ़ इच्छा शक्ति है तो अन्य किसी भी बाह्य परिस्थितियों एवं कुविचारों का उस पर प्रभाव नहीं पड़ता।

धन प्राप्ति मंत्र : यह मंत्र महत्वपूर्ण है। इस मंत्र का जप दिवाली की अर्द्ध रात्रि को किया जाता है। यह साधना 22 दिन की है और नित्य एक माला जप होना चाहिए। अगर दिवाली पर नहीं कर सकें तो शनिवार या रविवार से इस प्रयोग को प्रारंभ किया जाना उचित रहता है। इसमें व्यक्ति को लाल वस्त्र पहनने चाहिए और पूजा में प्रयुक्त सभी सामान को लाल रंग में रंग लेना चाहिए।

यदि दीपावली की रात्रि को इस मंत्र की 21 माला फेरे तो उसके व्यापार में उन्नति एवं आर्थिक सफलता प्राप्त होती।

ॐ नमो पद्मावती पद्मनये लक्ष्मी दायिनी वांछाभूत प्रेत
विंध्यवासिनी सर्व शत्रु संहारिणी दुर्जन मोहिनी ऋद्धि-सिद्धि
वृद्धि कुरू कुरू स्वाहा। ॐ क्लीं श्रीं पद्मावत्यैं नमः ।

सर्व कार्य सिद्ध मंत्र : आर्थिक, व्यावसायिक या व्यापारिक दृष्टि से किसी भी प्रकार की सफलता एवं उन्नति के लिए इस मंत्र का प्रयोग किया जा सकता है। 31 माला मंत्र जप करने पर यह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दीपावली की रात्रि को इस मंत्र का प्रयोग किया जाता है। किसी भी प्रकार की माला का प्रयोग साधक कर सकता है। आसन किसी भी प्रकार हो सकता है। यदि रात्रि में इस मंत्र को सिद्ध किया जाए तो विशेष सफलता प्राप्त होती है।

ॐ नमो महादेवी सर्वकार्य सिद्धकारिणी जो पाती पूरे
विष्णु महेश तीनों देवतन मेरी भक्ति गुरु की शक्ति श्री
गुरु गोरखनाथ की दुहाई फुरोमंत्र ईश्वरो वाचा।

बिक्री बढ़ाने का मंत्र : व्यापार में बिक्री बढ़ाने का यह अद्भुत एवं अचूक मंत्र है। इसका प्रयोग अगर दिवाली को ना कर सकें तो मात्र रविवार के दिन ही किया जाता है।

किसी भी रविवार को प्रातः उठकर अपने हाथ में काले उड़द लेकर इस मंत्र का 21 बार जप करके उन उड़दों को व्यापार स्थल पर डाल दें, इस प्रकार केवल रविवार या दिवाली के करीब आने वाले रविवार को करें अर्थात् यह प्रयोग केवल रविवार के दिन ही किया जा सकता है। ऐसा करने पर उसके व्यापार में उन्नति होती है और आश्चर्यजनक रूप से बिक्री बढ़ती है।

भंवर वीर तूं चेला मेरा, खोल दुकान कहा कर मेरा, उठे
जो डंडी बिकै जो माल भंवर वीर खाली नहीं जाय।