टी.वी.,फिल्म कलाकार 🔹मेरे लिए काम ही पूजा है : भूपेन्द्रसिंह पैमाल


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मुबंई।कहते है कि इन्सान जब ठान लेता है कि उसे क्या करना है, क्या बनना है और जब उसे अच्छे लोगों का सपोर्ट मिल जाता है, अपनी लगन मेहनत से वह कुछ बन कर देश का नाम रोशन करता है। जैसे महान राष्ट्रपति अब्दुल कलाम साहब, अभिनय की दुनिया कि मिसाल दूं तो एक शिक्षक किसान का बेटा धर्मेन्द्र आज सफल स्टार है। राजेन्द्र कुमार ने जब सफल फिल्में दी तो जुबली कुमार बन गये और राजेश खन्ना ने जब सफल फिल्में की तो वे सुपर स्टार बन गये। अपनी आवाज के कारण महानायक अमिताभ बच्चन को रेडियो वालों ने बाहर का रास्ता दिखाया था आज वे रेडियो वाले उनकी आवाज के लिए तरसते हैं। आज वे महानायक है। नए लोगों को सही मौका मिलना चाहिये क्या भरोसा कब वो अच्छा कलाकार बन जाये।
इंदौर में जन्मे पले-बढ़े हुए स्कूल-कॉलेज के जलसों में अभिनय किया। कई प्रोडक्ट के लिये मॉडलिंग भी कि और कई धारावाहिकों में अभिनय जैसे ये है मोहब्बतें, बेहद, ना हौंसला हारेंगे हम, इश्कबाज, दिल वाले ओबेरॉय में इंदौर के कलाकार भूपेन्द्रसिंह पैमाल आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है। हाल ही में डायरेक्टर आलोक श्रीवास्तव की रिलीज हुई फिल्म इनकाउंटर में भी अभिनय किया है। भूपेन्द्र सिंह ने हमें बताया मैं इन्दौर सहित देश के कई शहर जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकाता सहित कई जगह पर मॉडलिंग कर चुके हैं। कई शो में वे जज भी बने हैं। पिताजी चाहते थे मैं उनके कारोबार में हाथ बंटाऊं पर मेरा मन अभिनय करने का था सो मैं इस लाईन में आ गया। चालीस से ज्यादा मॉडलिंग शो कर चुका हूं। कई धारावाहिक भी किये। अब मेरा खुद का प्रोडक्शन हाऊस है। मेरे बड़े भाई देव पैमाल मिस्टर इंडिया के साथ टॉप रुप मॉडल रह चुके हैं।
हमारे देश में (लॉक-डाउन) के समय तो फिल्म इंडस्ट्री का पैंटर्न ही बदल गया। स्क्रीप्ट राइटरों को नई-नई कहानियों पर काम करना होता है। फिल्म एवं टेलीविजन इंडस्ट्री को बहुत नुकसान भी हुआ। इस कठिन समय में महानायक अमिताभ बच्चन, सोनू सुद, अक्षय कुमार, नाना पाटेकर जैसे अभिनेताओं ने दरिया दिल दिखाकर जनमानस की मदद भी की। कई नए कलाकार डिप्रेशन में चले गये, कईयों ने आत्महत्या भी की। मैं हमेशा आने वाले कलाकरों को कहता हूं अभिनय की शुरुआत अपने घर से शुरू करें। एक अच्छा इन्सान अच्छा कलाकार वह अपने परिवार से ही बनता है। अभिनय तो अंतर आत्मा से ही निकलता है। मेरे लिये तो अभिनय ही पूजा है या ये कहूं कि अभिनय का काम मेरे लिए पूजा है। आज नये कलाकारों को कई अच्छे अवसर मिल रहे यूट्यूब के साथ वेब सिरीज में भी नये कलाकारों को चान्स मिल रहा है। नए-नए धारावाहिक बन रहे हैं। मैं फिल्मों में ऐसा अभिनय करना चाहता हूं कि परिवार के लोग एक साथ बैठकर देखे, मेरे अभिनय की चर्चा हो। आज वेबसीरीज में ज्यादातर गाली-गलौच होती है वह मुझे पसंद नहीं है। इसलिये वेब सीरीज के कई ऑफर्स मैंने छोड़ दिये। हाल ही में जल्दी ही एक बड़े बजट की फिल्म करने जा रहा हूं। मैं सब तरह के रोल करना चाहता हूं। आप रूला तो सकते है पर हंसाना बहुत मुश्किल है। जल्दी ही फिल्म एवं टीवी सीरियल के लिये अच्छा वक्त आने वाला है। फिल्म एवं टीवी के कई दिग्गज हमें वक्त से पहले छोड़कर चले गये। मुझे बहुत दुख है। मैं अच्छे निर्माता-निर्देशों की फिल्में करना चाहता हूं। भले ही कम फिल्में करूं मगर जो भी करूंगा फिल्में ही करूंगा काफी लोगों से बात चल रही है… बस समय का इन्तजार है।


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प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारे पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुनी अरदास

भोपाल। गुरु नानक देव जी की 551वीं जयंती देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है. राजधानी भोपाल में भी सिख समाज के लोग प्रकाश पर्व मना रहे हैं. इस खास मौके पर बीजेपी से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने भोपाल दौरे के दौरान गुरुद्वारे पहुंचे. यहां उन्होंने अपना माथा टेका और गुरूनाक देव को याद किया.

ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने चार समर्थक मंत्रियों के साथ हमीदिया स्थित गुरुद्वारे पहुंचे. यहां पर उन्होंने करीब 15 मिनट तक अरदास सुनी. इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा स्मृति चिन्ह देकर उनका स्वागत किया गया. सिंधिया के साथ मंत्री तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युमन सिंह तोमर भी मौजूद रहे.

इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि गुरु नानक जयंती एक महान पर्व है. सभी को गुरु नानक जी द्वारा बताए गए सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए. आदर्शों और मूल्यों का संकल्प लेकर देश प्रदेश और क्षेत्र की सेवा में जुट जाना चाहिए.

मंत्रिमंडल विस्तार पर नहीं होगी चर्चा- सिंधिया

ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री की मुलाकात को मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि सिंधिया इस बात से साफ इनकार कर रहे हैं कि, मंत्रिमंडल विस्तार पर कोई चर्चा होगी, माना जा रहा है कि, सिंधिया समर्थक दो विधायकों की मंत्री पद सहित अन्य चार विधायकों को निगम मंडल और संगठन में शामिल करने को लेकर चर्चा की जाएगी.

भिंड कांग्रेस जिला अध्यक्ष के सुरक्षा मांगने पर बोले सिंधिया..

भिंड जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा अपनी ही पार्टी के नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने के मामले में कांग्रेस जिला अध्यक्ष से अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है. इस पूरे मामले पर सिंधिया का कहना है, ‘यही तो असलियत है. जो अंदर का खेल है, वो बाहर आ रहा है. ये कांग्रेस की पृष्ठभूमि है. आज ये उजागर होकर बाहर आ रही है. इस बहाने कहीं ना कहीं गोविंद सिंह नेता प्रतिपक्ष की दावेदारी भी जता रहे हैं’

400 साल पुराने कार्तिकेय मंदिर के गेट रात 12 बजे खोले गए, सुबह से भक्तों की भीड़

साल में सिर्फ एक बार कार्तिक पूर्णिमा के दिन खोले जाने वाले भगवान कार्तिकेय मंदिर को रविवार रात 12 बजे खोला गया है। 400 साल पुराने इस मंदिर में सोमवार सुबह 4 बजे से भक्त दर्शन के लिए पहुंचना शुरू हो गए / ऐसा मानना है कि इस दिन भगवान कार्तिकेय के दर्शन मात्र से सारी मन्नत पूरी होती है।

शहर के जीवाजीगंज में कार्तिकेय मंदिर है और यहां हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर विशेष आयोजन होते हैं। रविवार रात 12 बजे मंदिर के दरवाजे खोले गए। सबसे पहले भगवान कार्तिकेय के मंदिर को साफ कर धोया गया। इसके बाद उनकी पूजा अर्चना विधि विधान के साथ की गई।जिसके बाद  सुबह 4 बजे से आम भक्तों के लिए दर्शन के लिए मंदिर खोल दिया गया रात 12 बजे तक लोग दर्शन कर सकते हैं।मंदिर प्रबंधन ने बताया है कि इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर मंदिर आने वालों को कोविड गाइड लाइन का पालन करना होगा। मंदिर में बिना मास्क प्रवेश नहीं हो सकेगा। साथ ही सोशल डिस्टेंस भी बनाना होगा।

रेलवे स्टेशन पर दो नाबालिग किशोरियों के पास मिले 50 लाख रुपये

जबलपुर

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान रविवार रात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दो नाबालिग किशोरियों से 50 लाख रुपये बरामद किए हैं। जांच के दौरान एक नाबालिग मौके से फरार हो गई। माना जा रहा है कि यह राशि हवाला की हो सकती है। आरपीएफ ने मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी है। पूछताछ में किशोरी कुछ स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं। हालांकि आरपीएफ ने चेकिंग ब.ढा दी है और हर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

आरपीएफ स्टेशन पर कर रही थी जांच:

जानकारी के अनुसार रात तकरीबन 10.30 बजे रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ जांच कर रही थी। इस दौरान दो किशोरियों को रोका और उनके बैग की जांच की तो उसमें 50 लाख रुपये नकद रखे मिले।

आयकर विभाग को दी गई सूचना :

आरपीएफ डीएससी अरुण कुमार ने मामले की जांच के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों को सूचना दी है। टीम सोमवार को जांच के लिए स्टेशन जाएगी।

संदिग्ध चीज होने पर की गर्इ जांच:

बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन पर लगी चेकिंग मशीन में यात्रियों का लगेज चेक किए जा रहे थे। इस दौरान एक नाबालिग लड़की के बैग की जांच की गई तो उसमें कुछ संदिग्ध चीज होने की जानकारी मिली। आरपीएफ अधिकारियों ने तत्काल बैग की जांच की तो कुछ बंडल नजर आए। जब बंडल खोलकर देखे गए तो उनमें 50 लाख रुपये बंधे मिले। किशोरी ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वह यह राशि किसी के कहने पर कहीं ले जा रही थीं। हालांकि किशोरी ने पूछताछ में कुछ स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।

नेपाल में सेना, RAW चीफ, श्रीलंका में NSA अजित डोभाल, बौखलाए चीन का भारत पर आरोप- ‘छोटे देशों को डरा रहा’

पेइचिंग
पिछले कुछ हफ्तों में भारत के टॉप अधिकारी नेपाल और श्रीलंका के दौरों पर गए हैं। सीमा विवाद के बीच नेपाल पहुंचे भारतीय सेना के चीफ जनरल एमएम नरवणे, भारत के विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला और RAW चीफ सामंत गोयल के दौरों के बाद चीन ने भी ऐलान किया कि उसके रक्षा मंत्री वेई फेंघे भी नेपाल जाएंगे। वहीं, भारत के सुरक्षा सलाहकर अजित डोभाल भी तीनपक्षीय वार्ता के लिए श्रीलंका पहुंचे हैं। इन गतिविधियों पर चीन ने निगाहें टिका रखी हैं और दावा कर रहा है कि भारत चीन के साथ नेपाल और श्रीलंका की बढ़ती नजदीकी से परेशान होकर सक्रियता दिखा रहा है।

चीन के प्रॉपगैंडा अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि चीनी रक्षा मंत्री के नेपाल दौरे के ऐलान के बाद से भारत में इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि इसके मायने क्या हैं। चीन और नेपाल के बीच सैन्य सहयोग को आम बात करार देते हुए ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि इसके बावजूद इनके संबंधों को स्पॉटलाइट में रखा जाता है। अखबार ने खुद पर लगे विस्तारवाद के आरोपों का खंडन करते हुए यहां तक आरोप लगा डाला कि भारत छोटे देशों को डरा रहा है।

भारत को चीन-नेपाल संबंधों से परेशानी
भारत के सेना चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे तीन दिन के दौरे पर नेपाल गए थे। चीन का कहना है कि नेपाली पक्ष से दबाव कम करने के लिए यह दौरा किया गया था। उसका दावा है कि नई दिल्ली को चीन-नेपाल के बीच रक्षा सहयोग से परेशानी हो रही है क्योंकि नेपाल की ज्यादातर हथियारों की डील भारत से होती थीं। 1980 के बाद से यह जगह पेइचिंग ने ले ली तो दिल्ली को गुस्सा आ गया।

अखबार का कहना है कि सैन्य सहयोग में विकास चीन और नेपाल के लिए अहम है। नेपाल की भूगोलिक स्थिति की वजह से वहां जाकर बसने वाले तिब्बत से निर्वासित अलगगाववादियों से चीनी सीमाओं को सुरक्षा दी जा सकती है। इसके जरिए तिब्बत ऑटोनॉमस क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सकती है। वहीं, चीन के साथ सैन्य सहयोग से नेपाल में भी स्थिरता रह सकती है।

भारत ने बाद में तय किए दौरे
अखबार ने आरोप लगाया है कि नेपाल ने भारत पर सैन्य मुद्दों और दक्षिणी क्षेत्रों के लिए भारत का सहारा किया है। नेपाल के सैनिकों को भारत में ट्रेनिंग मिलती है और भारत नेपाल के घरेलू मुद्दों में दखल भी देता रहा है। चीन का आरोप है कि ये सभी फैक्टर नेपाल की राष्ट्रीय स्थिरता के लिए अनुकूल नहीं रहे हैं। वेई का दौरा हर्षवर्धन श्रृंगला और नरावे के दौरे के बाद किया जाना इत्तेफाक बताते हुए ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया गया है कि ऐसे दौरे काफी पहले से तय किए जाते हैं। यहां तक दावा कर दिया कि भारत ने चीन के दौरे के बारे में जानकारी मिलने के बाद पहले ही अपने अधिकारी नेपाल भेज दिए।

श्रीलंका में चीन की भूमिका से परेशान भारत
दूसरी ओर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के श्रीलंका दौरे पर भी ग्लोबल टाइम्स ने भारत पर आरोप लगाया है। अखबार का कहना है कि
भारत को चीन का श्रीलंका से सहयोग परेशान करता है और वह चाहता है कि श्रीलंका को रोका जा सके। अखबार ने आरोप लगाया कि भारत चीन के बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (BRI) को रोकना चाहता है ताकि दक्षिण एशिया में उसकी स्थिति मजबूत हो।

अखबार के मुताबिक डिप्लोमैट मैगजीन ने शनिवार को कहा कि भले ही श्रीलंका ‘भारत पहले’ की नीति के प्रति समर्पण का दावा करता हो, उसने साफ किया है कि वह दूसरी बड़ी शक्तियों के साथ आर्थिक व्यवहार के लिए काम करेगा। उसने लिखा है कि चीन और श्रीलंका एक-दूसरे के अच्छे दोस्त हैं और दोनों के आर्थिक सहयोग के लिए BRI फ्रेमवर्क गहराएगा।

‘कर्ज के जाल में नहीं फंसा रहा चीन’
ग्लोबल टाइम्स का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ मलक्का और पारस की खाड़ी को जोड़ता है। श्रीलंका इंडोपैसिफिक क्षेत्र में आता है जिस पर दुनियाभर की निगाहें रही हैं। श्रीलंका ने इस आरोप से इनकार किया है कि चीन कर्ज के जाल में देशों को फंसा रहा है। वहीं, अखबार ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के साथ मिलकर भारत जियोपॉलिटिकल दबाव बढ़ा रहा है और इसका श्रीलंका के साथ उसके संबंधों पर असर हो सकता है।

किसान आंदोलन का 5वां दिन :किसान दिल्ली सील करने की तैयारी में, पुलिस ने सिंघु-टिकरी सीमा बंद की; शाह से मिलने पहुंचे तोमर

केंद्र के कृषि बिलों के खिलाफ किसानों केसा आंदोलन का आज 5वां दिन है। दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। आज वे दिल्ली के 5 एंट्री पॉइंट्स को सील करने की तैयारी में हैं। किसानों के जमावड़े को देखते हुए पुलिस ने सिंघु और टिकरी बॉर्डर को आवाजाही के लिए बंद कर दिया है। वहीं, प्रदर्शन को लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

सरकार चाहती है कि सभी किसान बुराड़ी पहुंचें तो बातचीत की जाए, लेकिन किसानों ने रविवार को कहा था कि बुराड़ी नहीं जाएंगे और दिल्ली की घेराबंदी के लिए 5 एंट्री पॉइंट्स पर धरना देंगे। किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा बोले- हमारे पास इतना राशन है कि 4 महीने भी हमें रोड पर बैठना पड़े, तो बैठ लेंगे। गाजियाबाद बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों की पुलिस से हाथापाई हुई। हालांकि, बाद में यहां किसानों ने भजन भी गाए। उधर, सरकार अपनी स्ट्रैटजी बनाने में जुटी है। गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर रविवार रात बैठक की।

हाईवे पर मिनी पंजाब जैसा नजारा
किसान आंदोलन के चलते हाईवे का नजारा मिनी पंजाब जैसा हो गया है। ट्रॉलियों को ही किसानों ने घर बना लिया है। यहीं खाना बन रहा है तो यहीं नहाने और कपड़े धोने का इंतजाम है। जगह-जगह लंगर लगे हैं। धरने वाले धरने पर बैठे हैं। खाना बनाने वाले खाना बना रहे हैं। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है।

किसान संगठनों के 3 ऐलान

  1. बुराड़ी ओपन जेल, वहां नहीं जाएंगे: किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने कहा- सरकार ने यह शर्त रखी थी कि हम हाईवे खाली कर बुराड़ी जाएं। शर्त अपमानजनक है। हम बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे, क्योंकि वह ओपन जेल है। इसका सबूत भी है हमारे पास। उत्तराखंड के तेजिंदर सिंह विर्क की अगुआई में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर जाना चाहते थे। दिल्ली के प्रशासन और पुलिस ने उनके साथ धोखा किया। उन्हें जंतर-मंतर न ले जाकर बुराड़ी पार्क में कैद कर दिया।

2, पांच एंट्री पॉइंट्स से करेंगे दिल्ली का घेराव, लंबी लड़ाई की तैयारी
सिरसा ने कहा- हम ओपन जेल में जाने की बजाय सोनीपत, रोहतक के बहत्तर गढ़, जयपुर से दिल्ली हाईवे, मथुरा-आगरा से दिल्ली हाईवे, गाजियाबाद से आने वाला हाईवे जाम करेंगे और दिल्ली की घेराबंदी करेंगे। 5 एंट्री पॉइंट्स पर धरना देंगे। हमने रहने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को घर जैसा बना रखा है। हम लंबे दौर की तैयारी करके आए हैं।

3, हमारे मंच से कोई राजनीतिक दल स्पीच नहीं देगा
किसानों ने कहा कि हमने एक कमेटी बनाई है। यही पांचों पॉइंट्स पर धरने-प्रदर्शन का संचालन करेगी। किसी भी राजनीतिक दल को स्टेज पर बोलने की इजाजत नहीं है। कांग्रेस, आप या कोई भी राजनीतिक दल के लोग हमारे स्टेज पर स्पीकर के तौर पर नहीं बोलेंगे। इनके अलावा दूसरे संगठनों के जो संचालन कमेटी के तय नियमों को मानेंगे, उन्हें बोलने की इजाजत दी जाएगी।

बुराड़ी से अपने साथियों को वापस बुलाएंगे
इसके साथ ही किसानों ने यह भी कहा कि वे बुराड़ी में मौजूद अपने साथियों को वापस बुलाएंगे। बुराड़ी में किसानों का एक ग्रुप पहले से ही डेरा डाले हुए है। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि किसान बुराड़ी मैदान पर इकट्ठे हों। इसके बाद उनसे बात की जाएगी। किसान संगठन पहले ही कह चुके हैं कि वे दिल्ली घेरने आए हैं, न कि दिल्ली में घिर जाने के लिए।

सरकार ने फिर दिया बातचीत का प्रस्ताव
यूनियन होम सेक्रेटरी अजय भल्ला ने पंजाब के 32 किसान यूनियनों को बातचीत के लिए दिल्ली के बुराड़ी बुलाया था। उन्होंने बताया कि जैसे ही किसान बुराड़ी शिफ्ट होंगे, अगले ही दिन सरकार विज्ञान भवन में किसानों के प्रतिनिधिमंडल और मंत्रियों के बीच चर्चा के लिए तैयार है। इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा था कि सरकार तय दिन 3 दिसंबर से पहले भी किसानों से बातचीत के लिए तैयार है।

प्रदीप वर्मा के घर से गायब हुए करोड़ों के गोल्ड की EOW को तलाश, घर की तलाशी में एक तौला सोना नहीं मिला –

ग्वालियर। भ्रष्टाचार के मामले में EOW द्वारा गिरफ्तार किए गए नगर निगम के सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा के घर EOW की टीम को एक तोला सोना भी नहीं मिला। EOW अधिकारियों का विश्वास है कि भारत में ऐसा कोई घर नहीं हो सकता जहां गोल्ड ना हो। प्रदीप वर्मा के परिवार वालों ने सोने के भंडार को कहीं छुपा दिया है, EOW उसकी तलाश कर रही है।

EOW की टीम को 10 फुट ऊंची दीवार फांद कर घर में घुसना पड़ा

नगर निगम के भ्रष्ट अफसर प्रदीप वर्मा के घर की तलाशी लेने के लिए ईओडब्ल्यूू टीम को दस फीट ऊंची दीवार फांदकर घर में घुसना पड़ा। ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि घर वालों को इस बात की भनक लग चुकी थी कि घर का मुखिया भ्रष्टाचार करते हुए पकड़ा जा चुका है और अब कभी भी ईओडब्ल्यू की टीम घर पर पहुंच सकती है। ईओडब्ल्यूू ने जब आधी रात को लिखा-पढ़ी पूरी कर इसका घर छोड़ा तो पाया कि इसके वेतन और जीवन शैली में कोई समानता ही नहीं है। 

घर के कोने-कोने में लाखों का सामान लेकिन एक तोला सोना नहीं मिला

सबसे अहम बात यह रही कि प्रदीप वर्मा के पूरे घर की तलाशी लेने के बाद भी पुलिस को सुई बराबर सोना नहीं मिला। ईओडब्ल्यू टीम ने जो सुनार बुलाया था उसने सोने जैसे दिखने वाले जेवर टेस्ट करने के बाद बताया कि यह सब तो नकली हैं। ईओडब्ल्यू टीम का मानना है कि भरे पूरे परिवार के पास सोना ना हो, ऐसा तो हो नहीं सकता। इसके लिए अब इसके लॉकर खंगाले जाएंगे। घर से 15 पास बुक मिली हैं। इन पास बुक की एंट्री को देखने बाद पता चलेगा कि प्रदीप वर्मा के किन-किन बैंकों में लॉकर हैं। छापे से जुड़े अफसरों ने कहा कि अभी बैंक की छुट्टी है और जैसे ही बैंक खुलेंगे इसके खाते सीज करने की कार्रवाई कर दी जाएगी। 

किडनी हुई ट्रांसप्लांट पर घूसखोरी में दम

प्रदीप वर्मा की किडनी खराब होने पर किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की नौबत आई। तब इसकी मां ने इसे किडनी दान दी। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद भी इसकी घूसखोरी कम नहीं हुई। चूंकि ईओडब्ल्यू टीम को यह बात मालूम थी, इसलिए ईओडब्ल्यू टीम ने प्रदीप वर्मा की मां को अपनी कार्रवाई के दौरान दूर ही रखा ताकि उन्हें कोई सदमा ना बैठ जाए। वहीं पूरी कार्रवाई के दौरान प्रदीप वर्मा बार-बार अपने दिल पर हाथ रखता नजर आया तो ईओडब्ल्यू टीम में शामिल अफसर इससे पूछते रहे कि तबियत बिगड़ रही हो तो डॉक्टर बुलाएं क्या? 

30 लाख वेतन करोड़ों की दौलत

ईओडब्ल्यू ने जो आकलन किया है उसके मुताबिक टाइम कीपर के पद पर 1995 में सरकारी नौकरी शुरु करने वाले प्रदीप वर्मा को शुरुआत में अधिकतम एक हजार रुपए वेतन मिलता होगा जो अब बढ़-बढक़र पचास हजार हो गया। यदि 25 साल में मिला कुल वेतन जोड़ा जाए तो यह 30 लाख के आसपास ही होता है पर इसकी संपत्ति का जो प्रारंभिक आकलन है वह कई करोड़ है। इनमें विनय नगर में आलीशान मकान है। जिसके हर कमरे में शानदार इंटीरियर-एसी है। इस मकान के पीछे ही एक खाली प्लाट भी इसका है। बैंक खाते 15 मिले हैं। इन्हें मंगलवार को खंगाला जाएगा। इनमें हुआ लेन-देन परखा जाएगा। 

जो बाइडेन की हड्डी टूटी, कुत्‍ते के साथ खेल रहे थे US के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति

वॉशिंगटन
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) अपने कुत्‍ते के साथ खेलते समय दुर्घटना के शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि उनके दाहिनी पैर की हड्डी में हल्‍का सा क्रैक आ गया है और आने वाले कई सप्‍ताह तक बिना सहारे के नहीं चल पाएंगे। घटना के समय बाइडेन अपने जर्मन शेफर्ड कुत्‍ते ‘मेजर’ के साथ खेल रहे थे। जो बाइडेन के पास ऐसे दो कुत्‍ते हैं। उधर, इस हादसे के बाद राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने बाइडेन के जल्‍द स्‍वस्‍थ होने की कामना की है।

जो बाइडेन के न‍िजी चिकित्‍सक केविन ओ कॉर्नर ने कहा कि नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति के पैर में मोच आया है और इसी वजह से एक्‍सरे में यह पकड़ में नहीं आया। हालांकि बाद में सीटी स्‍कैन में खुलासा हुआ कि बाइडेन के दाहिने पैर की हड्डी में क्रैक आया है। उन्‍होंने कहा कि बाइडेन का आने वाले कई सप्‍ताह तक सहारे के साथ चलना पड़ सकता है।

बताया जा रहा है कि 78 साल के बाइडेन अपने कुत्‍ते के साथ खेलते समय गिर पड़े। जो बाइडेन का नेवार्क में विशेषज्ञों की नजर में रविवार को एक घंटे तक इलाज चला। बाइडेन जब अस्‍पताल से लौट रहे थे तब वह वैन में थे जिससे उन्‍हें देखा नहीं जा सका। बता दें कि चुनाव में जीत के बाद अब 20 जनवरी को जो बाइडेन राष्‍ट्रपति पद की शपथ लेंगे। उन्‍होंने अपने मंत्रियों का चुनाव तेज कर द‍िया है। उधर, डोनाल्‍ड ट्रंप भी अब धीरे-धीरे ही सही हार मानने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

PM पहली बार संसदीय क्षेत्र में बोट से दौरा करेंगे; वाराणसी के 84 घाटों पर रोशन होंगे 15 लाख दीये

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आएंगे। बतौर PM उनका यह 23वां दौरा है, जबकि दूसरे कार्यकाल में तीसरी बार आ रहे हैं। आखिरी बार वे 16 फरवरी को काशी आए थे। PM मोदी पहली बार देव दीपावली (कार्तिक पूर्णिमा) पर आ रहे हैं। वहीं, पहली बार वे गंगा मार्ग से काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे। विश्वनाथ कॉरिडोर के विकास कार्यों को जायजा लेते हुए वे बाबा विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे और वहां पूजा-अर्चना करेंगे।

अलकनंदा क्रूज से PM काशीपति भगवान शिव के दरबार पहुंचेंगे
कार्तिक पूर्णिमा पर प्रधानमंत्री मोदी सोमवार दोपहर वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उनकी अगवानी करेंगे। यहां से PM खजुरी जाएंगे। यहां प्रयागराज-वाराणसी 6 लेन हाईवे का लोकार्पण करने के साथ ही उनकी जनसभा होगी। इसके बाद वे हेलिकॉप्टर से डोमरी जाएंगे। फिर यहां से वे सड़क मार्ग से भगवान अवधूत राम घाट जाएंगे और अलकनंदा क्रूज पर सवार होकर ललिता घाट पहुचेंगे।

ललिता घाट से उनका काफिला विश्वनाथ मंदिर आएगा। यहां दर्शन-पूजन कर कॉरिडोर के विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। क्रूज से वापस राजघाट पहुचेंगे और दीप जलाकर दीपोत्सव की शुरुआत करेंगे। यहीं पावन पथ वेबसाइट का लोकार्पण होगा। राजघाट से ही प्रधानमंत्री मोदी क्रूज से रविदास घाट के लिए रवाना होंगे। चेत सिंह घाट पर 10 मिनट का लेजर शो देखेंगे।

रविदास घाट पहुंच कर कार से भगवान बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ के लिए रवाना हो जाएंगे। यहां वे लाइट एंड साउंड शो देखेंगे और इसके बाद बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्ली वापस लौट जाएंगे। PM मोदी करीब सात घंटे काशी में रहेंगे।

पिछली बार से डेढ़ गुना ज्यादा जलेंगे दीप

देव दीपावली पर काशी के सभी 84 घाट दीपकों से रोशन होते हैं। हर साल लाखों लोग इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन कोरोना संकट के चलते इस बार श्रद्धालुओं की संख्या सीमित कर दी गई है। हर एक शख्स के लिए मास्क अनिवार्य है। पिछले साल यहां 10 लाख दीये जलाए गए थे। लेकिन इस बार दीपों की संख्या में 5 लाख की बढ़ोत्तरी कर दी गई है। 20-25 घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।

21 बटुक और 42 कन्याएं कराएंगी आरती

इस दौरान 16 घाटों पर उनसे जुड़ी कथा की बालू से कलाकृतियां बनाई गई हैं। जैन घाट के सामने भगवान जैन की आकृति, तुलसी घाट के सामने विश्व प्रसिद्ध नाग नथैया के कालिया नाग की आकृति और ललिता घाट के सामने मां अन्नपूर्णा देवी की आकृति भी बनाई गई है। देव दीपावली पर प्रधानमंत्री खुद भी दीपदान करेंगे। दशाश्वमेध घाट पर महाआरती के दौरान 21 बटुक और 42 कन्याएं आरती में शामिल होंगी। सुरक्षा के लिहाज से एक दिसंबर तक काशी में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

देव दीपावली की अहमियत

मान्यता है कि देव दीपावली के दिन सभी देवता बनारस के घाटों पर आते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का वध किया था। त्रिपुरासुर के वध के बाद सभी देवी-देवताओं ने मिलकर खुशी मनाई थी। काशी में देव दीपावली का अद्भुत संयोग माना जाता है। इस दिन दीपदान करने का पुण्य फलदायी और विशेष महत्व वाला होता है। मान्‍यता है कि भगवान भोलेनाथ ने खुद धरती पर आकर तीन लोक से न्यारी काशी में देवताओं के साथ गंगा घाट पर दिवाली मनाई थी। इसलिए इस देव दीपावली का धार्मिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है।