हाथरस केस: सच्चाई जानने के लिए अब गांव के लोगों की नजरें सीबीआई जांच पर

हाथरस के कथित गैंगरेप में की जांच करते हुए सीबीआई को 17 दिन बीत चुके हैं। अब गांव के लोगों के साथ ही आसपास के लोगों की नजरें सीबीआई की जांच पर हैं। सभी जल्द ही इसकी सच्चाई जानने के लिए उत्सुक है। 

हाथरस में पहली किसी मामले की सीबीआई जांच कर रही है। मामला पेचीदा होने के कारण हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि वास्तव में मामला क्या है, क्योंकि एसआईटी अपनी जांच पूरी करने के बाद वापस जा चुकी है। सरकार ने एसआईटी की रिपोर्ट भी उजागर नहीं की है। जबकि एसआईटी ने इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका की जांच की थी। इसलिए किसी को यह पता भी नहीं हो सका है कि इस पूरे प्रकरण में और कितने पुलिसकर्मी दोषी हैं। बात अगर सीबीआई की करें तो शुरुआत में केंद्र सरकार ने कहा था कि पंद्रह दिन के अंदर सीबीआई अपनी जांच पूरी करेगी, लेकिन मामला फंसता ही नजर आ रहा है। यही कारण है कि सीबीआई अभी तक जांच पड़ताल में जुटी है। गुरुवार को गांव में हर जगह यही चर्चा थी कि आखिर कब सच्चाई सामने आयेगी। 

बाजरे की करब को इकट्ठा करने पहुंचा पीड़ित परिवार 

पीड़ित परिवार ने गुरुवार को पुलिस सुरक्षा के बीच अपने खेत पर जाकर बाजरे की करब को इकठ्ठा किया। इस बीच पूरा परिवार पुलिस के घेरे में रहा। बाहरी किसी व्यक्ति को प्रवेश नहीं करने दिया।दो दिन पहले पीड़ित परिवार ने अपने खेत में खड़ी बाजरे की फसल को काटा था। बाजरे को परिवार के लोग निकालकर अपने घर ले आये थे,लेकिन बाजरे की करब खेत में ही पड़ी थी। गुरुवार की सुबह पीड़ित परिवार ने पुलिस से कहा कि वह अपने करब को इकठ्ठा करने के लिए जायेगे तो पुलिसकर्मी पीड़िता के पिता, दोनों भाईऔर मां को अपने साथ खेत पर ले गये। खेत के आसपास पुलिसकर्मी घेरा बनाकर खड़े हो गये। उसके बाद पीड़ित परिवार ने पूरी करब को इ कठ्ठा किया और बाद में दोपहर को अपने घर आ गये। 

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