संजय पाठक बोले, कांग्रेस ने मेरी दीवार गिराई थी, भाजपा ने उनकी सरकार गिरा दी

ग्वालियर। कांग्रेस ने मेरी दीवार गिराई थी, भाजपा ने उनकी सरकार गिरा दी। कांग्रेस हर संभव प्रयास कर रही थी कि चुनाव को निजी मुद्दे पर ले जाए, यानी प्रत्याशियों के बीच चुनाव कराए, लेकिन जनता अब अपना भविष्य और अच्छा बुरा सब जानती है। यह बात पूर्व मंत्री व विधायक संजय पाठक ने गुरुवार को ग्वालियर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग चुनाव को भटकाने के लिए कितनी भी अनर्गल बातें कर लें, कितने भी निजी आरोप लगाएं और कितनी भी गंदी भाषा का उपयोग करें, लेकिन जनता इनके बहकावे में नहीं आने वाली है। दिग्विजय सिंह के ऑडियो वायरल मुद्दे पर कहा कि उनके बारे में क्या कहूं, उनकी बातें इतने गलत स्तर की हैं कि कुछ कह नहीं सकता। स्तरहीन इसलिए नहीं कह सकता क्योंकि वह मुझसे बड़े हैं।

बिसाहूलाल साहू की अशोभनीय टिप्पणी के मामले में संजय पाठक ने कहा कि जो शब्दावली गलत है वह गलत है। मप्र के अंदर इस प्रकार की राजनीति कभी नहीं रही है, जैसी कांग्रेस कर रही है। इसकी शुरुआत फूल सिंह बरैया ने की है। उनकी भाषा शैली तो हमेशा देश विरोधी और सभी समाजों की विरोधी रही है। कांग्रेस के लोग जितनी गंदी भाषा शैली का उपयोग कर रहे हैं, इसका जवाब जनता जरूर देगी।

Mayawati ने BSP के 7 बागी विधायकों को निकाला, बोलीं सपा को हराने के लिए BJP के साथ जाने को तैयार

अपनी पार्टी में मचे बवाल के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव से पहले बगावत करने वाले 7 विधायकों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यही नहीं, मायावती ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को हराने के लिए भाजपा उम्मीदवार को वोट कर सकती है। सातों विधायकों पर आरोप था कि वे अखिलेश यादव की पार्टी के साथ मिलकर बसपा को तोड़ना चाहते हैं। इस संबंध में मायावती ने विधायक दल के नेता लालजी वर्मा से रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार को यह कार्रवाई की गई।

मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ बसपा का गठबंठन एक गलत फैसला था। उन्होंने यह भी कहा कि 1995 गेस्ट हाउस कांड का मुकदमा वापस लेना भी गलती थी। बकौल मायावती, सभी सात विधायकों को निलंबित कर दिया गया है। उनकी सदस्यता रद्द की जाएगी। जिन बागी विधायकों को कार्रवाई की गई है, उनके नाम हैं असलम राइनी ( भिनगा-श्रावस्ती), असलम अली (ढोलाना-हापुड़), मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद), हाकिम लाल बिंद (हांडिया- प्रयागराज), हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर), सुषमा पटेल( मुंगरा बादशाहपुर) और वंदना सिंह ( सगड़ी-आजमगढ़)।

प्रियंका गांधी ने पूछा, इसके बाद कुछ बचा है क्या

मायावती के इस बयान पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया आई। प्रियंका ने ट्वीट किया और पूछा कि इसके बाद भी कुछ बाकी है।

बाजवा के पैर कांप रहे थे, चेहरे पर था पसीना…भारत के खौफ से पाकिस्तान ने अभिनंदन को छोड़ा,

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान को अक्सर भारत के हमले का भय सताता रहता है। यह खौफ उस वक्त भी देखने को मिला, जब भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन पाक वायुसेना का पीछा करते-करते पाकिस्तान में चले गए थे। पाकिस्तान को उस वक्त भारत से हमले का डर सता रहा था और इसी खौफ की वजह से उसने अभिनंदन को रिहा किया था। इसका दावा पाकिस्तान के सांसद एयाज सादिक ने किया है। पाकिस्तान के सांसद अयाज सादिक ने भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है और दावा किया है कि भारत से हमले के डर की वजह से पाकिस्तान ने जल्दबाजी में विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा किया था। उन्होंने संसद में बुधवार को यह दावा किया। अभिनंदन को पिछले साल फरवरी में पाकिस्तानी वायुसेना के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के दौरान उनका मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उन्हें पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने पकड़ लिया था।

सांसद अयाज सादिक ने कहा कि भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को लेकर बुलाई गई बैठक में खुद पीएम इमरान खान ने आने से इनकार कर दिया था। उसमें पाक आर्मी चीफ आए तो मगर उनके पैर कांप रहे थे और चेहरे पर पसीना था, कहीं भारत अटैक न कर दे। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि अगर अभिनंदन को सीमा पार नहीं जाने देंगे तो भारत रात 9 बजे पाकिस्तान पर हमला कर देगा।

वह आगे कहते हैं, “कुलभूषण के लिए हम अध्यादेश लेकर नहीं आए थे। इस सरकार ने एक-दो महीने अध्यादेश छिपाकर रखा। हमने इस्लामाबाद हाई कोर्ट में इतनी एक्सेस नहीं दी थी जितनी इस सरकार ने। उन्होंने आगे कहा- ‘मुझे याद है शाह महमूद साहब उसे मीटिंग में थे, जिसमें प्रधानमंत्री साहब ने आने से इनकार कर दिया। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ आए लेकिन उनके पैर कांप रहे थे और पसीने माथे पर थे।’

सादिक ने आगे कहा, ‘विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी साहब ने इस मीटिंग के दौरान कहा कि खुदा का वास्ता है कि अभिनंदन को वापस भारत जाने दें, क्योंकि 9 बजे रात को हिन्दुस्तान पाकिस्तान के ऊपर हमला कर रहा है।’ उन्होंने कहा कि कोई हिन्दुस्तान को कोई हमला नहीं करना था, बल्कि इन्होंने घुटने टेंक कर वापस अभिनंदन को भेजना था। जो इन्होंने किया।

इस दावे के बाद भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला है। संबित पात्री ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘राहुल जी, आप सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे थे ना? जरा देखिए मोदी जी का क्या खौफ है पाकिस्तान में सरदार अयाज सादिक बोल रहे है पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में की पाक के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पैर कांप रहे थे और चेहरे पर पसीना था, कहीं भारत अटैक न कर दे! समझें?’

गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हमला किया गया था, जिसमें 40 अर्धसैनिक बलों के जवान शहीद हुए थे। इसके बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना के जवानों ने इसके जवाब में पाकिस्तान के बालाकोट में आधी रात को हमला कर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविर को ध्वस्त कर दिया था। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर में भारत पर जवाबी कार्रवाई की कोशिश की,, मगर उसके सभी मंसूबों को भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया गया। पाकिस्तान ने एयर टू एयर मिसाइल दागने के लिए अपने सबसे अडवांस विमान एफ-16 का इस्तेमाल किया। वहीं मिराज-IIIएस को ग्राउंड मिसाइल हमले के लिए इस्तेमाल किया।

उसी दौरान भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने अपने मिग-21 से आर-73 मिसाइल दागते हुए पाकिस्तान का एफ-16 लड़ाकू विमान गिरा दिया था। लेकिन इस दौरान उनका मिग-21 विमान क्रैश हो गया और वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जा गिरे थे। वहां पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया था। हालांकि, इसके बाद पाकिस्तान पर काफी दबाव बनाया गया, जिसके बाद अभिनंदन को अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत वापस लौटाया गया था।

केशुभाई पटेल का 92 साल की उम्र में निधन, 2 बार CM बने, लेकिन टर्म पूरा नहीं कर सके

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल का 92 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया। अहमदाबाद के स्टर्लिंग अस्पताल के डॉ. अक्षय किलेदार ने बताया कि हार्ट अटैक के बाद उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। सुबह 11.55 पर उनका निधन हो गया।

केशुभाई को कुछ समय पहले कोरोना भी हुआ था, लेकिन रिकवर हो गए थे। वे 2 बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे। 30 सितंबर को ही सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के दोबारा अध्यक्ष चुने गए थे।

दोनों बार मुख्यमंत्री का टर्म पूरा नहीं कर पाए
केशुभाई तख्तापलट के चलते दोनों बार मुख्यमंत्री का टर्म पूरा नहीं कर पाए। 2001 में उनकी जगह नरेंद्र मोदी ने CM पद की शपथ ली। मोदी उन्हें अपना राजनीतिक गुरु भी मानते हैं। प्रधानमंत्री बनने पर उन्होंने कहा भी था कि सूबे की असल कमान केशुभाई के हाथ में ही है।

राजनीतिक सफर

1960 के दशक में केशुभाई पटेल ने जनसंघ कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की थी। वह इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। 1975 में, जनसंघ-कांग्रेस (ओ) गठबंधन गुजरात में सत्ता में आई। आपातकाल के बाद 1977 में केशुभाई पटेल राजकोट से लोकसभा के लिए चुने गए थे। बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया और बाबूभाई पटेल की जनता मोर्चा सरकार में 1978 से 1980 तक कृषि मंत्री रहे। 1979 में मच्छू बांध दुर्घटना, जिसने मोरबी को तबाह कर दिया था, के बाद उन्हें राहत कार्य में शामिल किया गया था।

केशुभाई पटेल 1978 और 1995 के बीच कलावाड़, गोंडल और विशावादार से विधानसभा चुनाव जीते। 1980 में, जब जनसंघ पार्टी को भंग कर दिया गया तो वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ आयोजक बने। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खिलाफ चुनाव अभियान का आयोजन किया और उनके नेतृत्व में 1995 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली थी।

वायरल ऑडियो पर बोले दिग्विजय सिंह, BJP जैसा लालच प्रलोभन नहीं, सामान्य बातचीत है

गुना। मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनाव के चलते नेताओं के कई रूप देखने को मिले हैं. वहीं एक मामला पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ऑडियो वायरल होने का भी सामने आया था. इस ऑडियो के वायरल होने के बाद काफी बवाल मचा था. वहीं इस ऑडियो के मामले में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि उनकी रोशन मिर्जा से बात हुई थी, लेकिन उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि मिर्जा अभी बैठ जाएं, भविष्य में कांग्रेस टिकट देने पर विचार करेगी. दिग्विजय सिंह ने कहा कि ये सामान्य बातचीत है, इसमें लालच प्रलोभन जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं है, जैसा कि भाजपा करती है

ग्वालियर विधानसभा से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रोशन मिर्जा बेग और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का एक ऑडियो जमकर वायरल हो रहा था. जिसमें दिग्विजय सिंह सपा प्रत्याशी को फोन करके घर बैठने के लिए बोल रहे हैं. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सपा प्रत्याशी से कहा है कि ‘तुम अपने टिकट को विड्रॉ कर लो और आगे जाकर मैं पार्षद का टिकट दिलवा दूंगा.’ बताया जा रहा है कि ये ऑडियो उस समय का है जब नामांकन दाखिल किए जा रहे थे. पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह जिस व्यक्ति से बात कर रहे हैं, वो व्यक्ति ग्वालियर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी रोशन मिर्जा बेग हैं.

ऑडियो में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह सपा प्रत्याशी मिर्जा से कह रहे हैं कि चुनाव क्यों लड़ रहे हो? बीजेपी को जिताने के लिए? तुम टिकट विड्रॉ कर लो, तुम जाकर सुनील शर्मा या कांग्रेस जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा से मिल लो और टिकट विड्रॉ कर लो. तो वहीं सपा प्रत्याशी जबरदस्ती से बोल रहा है कि ‘मैं 8 साल से पार्षद की तैयारी कर रहा हूं, लेकिन मुझे पार्टी ने मौका नहीं दिया’ तो इसके एवज में दिग्विजय सिंह उनसे बोलते हुए कह रहे हैं कि ‘पार्षद का टिकट मैं दिलवा दूंगा, हम तुम्हारा ख्याल रखेंगे.

30 तारीख को है शरद पूर्णिमा, कैसे करें पूजन

पूर्णिमा हर माह पड़ती है इस तरह से वर्ष में 12 पूर्णिमा की तिथियां आती हैं। लेकिन अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को बहुत खास माना जाता है। इसे शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस बार शरद पूर्णिमा अक्तूबर माह में 30 तारीख को पड़ रही है। शरद पूर्णिमा से ही शरद ऋतु का आगमन होता है। शरद पूर्णमा के दिन चंद्रमा की रोशनी से रात्रि में भी चारों और उजियारा रहता है।

सालभर में आने वाली सभी पूर्णिमाओं शरद पूर्णिमा बहुत ही खास मानी जाती है। शरद पूर्णिमा की रात को चांद का सौन्दर्य और आभा एकदम अलग देखने को मिलती है। शास्त्रों में शरद पूर्णिमा के बारे में कहा गया है कि इस रात को चांद की खूबसूरती को देखने के लिए देवतागण स्वर्ग से पृथ्वी पर आते हैं। शरद पूर्णिमा पर यह भी मान्यता है कि देवी लक्ष्मी इस रात को पृथ्वी पर भ्रमण करने आती हैं और हर घर में जाकर देखती हैं कौन-कौन इस रात को जगकर प्रभु का भजन जपता है। इसलिए इसको कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है शरद पूर्णिमा की रात को जो भी व्यक्ति सोता हुआ मिलता है माता लक्ष्मी उनके घर पर प्रवेश नहीं करती हैं। ऐसे में देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने और हर मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए कुछ उपाय किए जाते हैं।

शरद पूर्णिमा की रात को खीर बनाया जाता है और इस खीर को चांद की रोशनी में पूरी रातभर खुले आसमान में रख दिया जाता है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर चांद की किरणें अमृत बरसाती हैं और खीर में अमृत का अंश मिल जाता है। आर्थिक संपन्नता, सुख-समृद्धि और धन लाभ के लिए शरद पूर्णिमा की रात को जागरण किया जाता है। शरद पूर्णिमा की रात देर तक जगने के बाद बिना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का नाम लिए नहीं सोना चाहिए। रात में जगने की वजह से इसको कोजागरी पूर्णिमा यानी जागने वाली रात भी कहते हैं। शरद पूर्णिमा की रात को खुले आसमान के नीचे रखी जाने वाली अमृत तुल्य खीर को प्रसाद में जरूर ग्रहण करना चाहिए। 

शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजन करने से सभी कर्जों से मुक्ति मिलती हैं इसीलिए इसे कर्जमुक्ति पूर्णिमा भी कहते हैं। इस रात्रि को श्रीसूक्त का पाठ,कनकधारा स्तोत्र ,विष्णु सहस्त्र नाम का जाप और भगवान कृष्ण का मधुराष्टकं का पाठ ईष्ट कार्यों की सिद्धि दिलाता है और उस भक्त को भगवान कृष्ण का सानिध्य मिलता है। शरद पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी के स्वागत करने के लिए पूर्णिमा की सुबह-सुबह स्नान कर तुलसी को भोग, दीपक और जल अवश्य चढ़ाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है। इसके अलावा शरद पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी के मंत्र का जाप भी करना चाहिए। मां लक्ष्मी को सुपारी बहुत ही प्रिय होती है। शरद पूर्णिमा पर सुबह माता की पूजा में सुपारी जरूर रखें। पूजा के बाद सुपारी पर लाल धागा लपेट कर उसका अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि से पूजन करके उसे तिजोरी में रखें, धन की कभी कमी नहीं होगी।

शरद पूर्णिमा की रात को जब चारों ओर चांद की रोशनी बिखरी हुई होती है, तब उस समय मां लक्ष्मी का पूजन करने से व्यक्ति को धन लाभ होता है। शरद पूर्णिमा की रात में हनुमानजी के सामने चौमुखा दीपक जलाएं। 

कमलनाथ का कार्यकर्ताओं को संदेश, बीजेपी नोटों की सरकार

भोपाल। मध्यप्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए 3 नवंबर को वोटिंग होगी. मतदान से 5 दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक संदेश जारी कर अपने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि चुनाव के आखिरी दिनों में आपको अपनी पूरी ताकत लगा देनी है. और जनता तक ये संदेश पहुंचाना है, कि बीजेपी की सरकार बोली लगाकर बनाई गई नोटों की सरकार है.

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से संदेश के जरिए अपील करते हुए कहा कि चुनाव के आखरी दिन चल रहे हैं. सभी कार्यकर्ता आखरी दिनों में अपना घर, परिवार, काम भूलकर मतदाता तक ये बात पहुंचाएं, कि ये सरकार बोली और खरीद फरोख्त की सरकार है. ये चुनाव किसी प्रत्याशी का नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के भविष्य का चुनाव है. ये चुनाव सच्चाई और झूठ का है. ये चुनाव मध्यप्रदेश के भविष्य का चुनाव है, इसलिए जनता इन खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों को सबक सिखाए. कमलनाथ ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए सभी विधायकों पर पैसे लेकर पार्टी छोड़ने का आरोप लगाया है.

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भी कई बार मंच से बीजेपी सरकार को नोटों की सरकार कह चुके हैं और विधायकों की बोली लगाकर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कमलनाथ ने एक बार फिर अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है, कि वो जनता को बताएं कि किस तरीके से भारतीय जनता पार्टी ने नोटों के सहारे सरकार बनाई है.

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी पर एक बार फिर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को पता है कि चुनाव में क्या परिणाम आएंगे, इसलिए वो पहले ही बाजार में निकल गए हैं, कि जो मिले उसे खरीद लो. बीजेपी के पास बिकाऊ की राजनीति ही एक मात्र उपाय रह गई है.

भारत-अमरीका समझौते पर चीन की तीखी प्रतिक्रिया

भारत और अमरीका के बीच तीसरी 2+2 मंत्री स्तरीय बैठक के दौरान बेसिक एक्‍सचेंज ऐंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (BECA) समेत कई अहम समझौते हुए. इसके तहत दोनों देश एक-दूसरे को अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, साज़ो-सामान और भू-स्थानिक मानचित्र साझा करेंगे.

भारत और अमरीका से पहले ही ख़राब रिश्तों को लेकर चर्चा में बने हुए चीन ने ताज़ा समझौते को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक़, चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि समझौते ने भारत की रक्षात्मक कमज़ोरी को अमरीका के सामने ला दिया है और “कम्पेटिबिलिटी के मसलों पर अमरीका की सेवाएं भारत की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरेंगी.”

अख़बार का कहना है कि अमरीकी चुनाव के ठीक एक हफ़्ते पहले इस समझौते पर हस्ताक्षर इसलिए हुए हैं ताकि डोनल्ड ट्रंप की जीत की संभावना को बल मिले. चीनी विश्लेषकों के हवाले से अख़बार ने ये भी कहा है कि भारत और अमरीका के गहरे रिश्ते भी अनिश्चित हैं

अमरीकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर

ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि अमरीका मीठी-मीठी बातें करके भारत को फुसला रहा है और चीन और भारत के बीच के रिश्ते ख़राब कर रहा है, “लेकिन भारत ज़ाहिर तौर पर वाशिंगटन के संरक्षण को स्वीकार करके खुश है क्योंकि वो मानता है कि इससे चीन के साथ लंबे समय से चल रहे गतिरोध में जीत के लिए उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा.”

अख़बार के मुताबिक़, शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज़ के इंस्टीच्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेश्स में एक शोधार्थी, हु झींग ने मंगलवार को कहा कि भारत ने धीरे-धीरे गुटनिरपेक्षता के अपने पारंपरिक कूटनीतिक सिद्धांत को छोड़ दिया है और अमरीका के क़रीब चला गया है.

“उनका कहना है कि इस नासमझ चुनाव ने विकासशील देशों की नज़र में भारत की प्रतिष्ठा को बहुत कम कर दिया है और एक पारंपरिक भू राजनीतिक शक्ति का उसका रणनीतिक फोकस धीरे-धीरे खोता जा रहा है.”

चुनाव से पहले समझौते पर उठाए सवाल

वहीं चीन सरकार से संबद्ध सिना डॉटकॉम ने सोमवार को विश्लेषकों के हवाले से कहा है कि चारों समझौते सैन्य सहयोग के विभिन्न स्तरों को दिखाते हैं.

उनका मानना है कि दोनों पक्ष सैन्य ख़ुफिया जानकारी साझा करने के मामले में कम से कम सैद्धांतिक तौर पर “अर्ध-सहयोगी” के स्तर तक पहुंच गए हैं.

सिना डॉट कॉम का कहना है कि विश्लेषकों का मानना है कि बैठक का समय भी बहुत नाज़ुक है, क्योंकि कुछ दिन बाद ही राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं.

मंगलवार को सिना डॉट कॉम ने लिखा कि नियमित संवाददाता सम्मेलन में विदेश मंत्रालय से एक पत्रकार ने पूछा कि अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के भारत दौर पर चीन का क्या कहना है.

तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि पोम्पियो के चीन पर हमले कोई नई बात नहीं है, “वो बिना तथ्यात्मक आधार के पुराना राग ही अलाप रहे हैं.” प्रवक्ता ने ये भी कहा कि इससे अमरीका की शीत युद्ध वाली मानसिकता और वैचारिक पूर्वाग्रह सबके सामने आ गए हैं.

उन्होंने कहा कि हम पोम्पियो से आग्रह करते हैं कि वो “चीन ख़तरे” की बात को बढ़ा-चढ़ाकर बताना बंद करें और “क्षेत्र में चीन और दूसरे देशों के बीच रिश्ते ख़राब करना बंद करे और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कम करने वाले ग़लत काम करना भी बंद करे.”

चीनी सरकार से संबद्ध एक अन्य समाचार वेबसाइट गुंचा ने मंगलवार को लिखा कि “सुरक्षा और स्वतंत्रता पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के ख़तरे से निपटने और क्षेत्र में शांति और स्थितरता को बढ़ावा” देने के लिए भारत के साथ सहयोग पर चर्चा का दावा करते हुए पॉम्पियों ने एक बार फिर कोविड -19 और चीन के आंतरिक मामलों और कूटनीति जैसे मुद्दों पर चीन को बदनाम करने के लिए टिप्पणी की.

पाकिस्तान में भी भारत और अमरीका के बीच हुए इस समझौते को लेकर काफ़ी चर्चा है. पाकिस्तान की सरकार ने तो इस पर आधिकारिक बयान जारी किया ही है, पाकिस्तानी मीडिया में भी इस पर बातचीत हो रही है.

ज़्यादातर अख़बारों में पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के ज़रिए जारी आधिकारिक बयान को ही प्रमुखता से छापा है. अंग्रेज़ी अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने लिखा है कि भारत का हथियार हासिल करने और अपने परमाणु कार्यक्रम को और बढ़ाने के दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए गंभीर परिणाम होंगे.

डेली टाइम्स ने लिखा है कि अमरीका-भारत सैन्य संधि से क्षेत्र की सामरिक स्थिरता पर बुरा असर पड़ेगा.

उर्दू अख़बार जंग ने लिखा है कि अमरीका और भारत के बीच सैन्य समझौता चीन के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ने की घोषणा है.

28 विस क्षेत्रो के लिए भाजपा ने जारी किया तीन साल का संकल्प पत्र

ग्वालियर 28 अक्टूबर। संकल्प पत्र उपचुनाव वाले क्षेत्रों में चहुमुंखी विकास का घोषणा पत्र है जिसे शिवराज सरकार आने वाले तीन वर्षों में साकार रूप देगी। आने वाले वक्त में सभी 28 क्षेत्रों में विकास की अनुकरणीय कहानी लिखने के लिए प्रदेश की जनता इस संकल्प पत्र पर भरोसा कर बीजेपी को शिवराज सिंह के नेतृत्व में जिताने जा रही है। यह बात आज भाजपा चुनावी कार्यालय में संकल्प पत्र जारी करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री श्री अजय विश्नोई ने कही।
श्री विश्नोई ने कहा कि यह उपचुनाव अत्याधिक महत्पवूर्ण है। प्रदेश में विकास की गति जारी रहने के लिए यह चुनाव है। यह उपचुनाव मध्यप्रदेश को स्थायित्व देगा। 15 वर्ष की शिवराज सरकार और 15 माह की कमलनाथ सरकार ने स्पष्ट अंतर दिखता है। उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार की सक्रियता के कारण हमने कोराना पर काफी नियंत्रण किया। हमने प्रदेश में आॅक्सीजन, दवाईयां की कमी नहीं होने दी। उन्होंने कहा कि जैसे ही वैक्सीन आएगी, मप्र में हम प्रत्येक नागरिक को निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार ने प्रदेश की जनहितैषी अनेक योजनाओं को अपने 15 माह के शासन में जो बंद कर दिया था उन कल्याणकारी योजनाओं को हमने पुनः चालू कर दिया है।
उन्होंने योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि फसल बीमा योजना के वर्ष 2018 और 2019 के 31 लाख किसानों के 6675 करोड़ रूपये जिसका भुगतान कमलनाथ सरकार ने रोक रखा था उसे शिवराज सिंह जी ने मुख्यमंत्री बनते ही तुंरत करने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि किसानों को 0 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की महत्वपूर्ण योजना फिर से शुरू की है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत लगभग 47 लाख 17 हजार हितग्राहियों के खातों में 1988 करोड़ रूपये की पेंशन राशि जमा कराई गई। निर्धन वर्ग के बच्चों तथा अन्य सभी वर्ग के बच्चों को 523 करोड़ रूपये से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। पिछली सरकार द्वारा मेरिट में आए विद्यार्थियों को लैपटाॅप देेने की योजना बंद कर दी थी, हमारी सरकार ने इसे पुनः प्रारंभ किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना कमलनाथ सरकार द्वारा रोक दी गई थी जिसे फिर से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने चालू कर दिया है। 17 लाख से अधिक आवास निर्मित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मप्र में कोरोना संकट के दौरान 37 लाख गरीब परिवारों को जिसके पास राशन कार्ड नहीं था उनको खाद्यान्न पर्ची देकर नियमित राशन दिया।
इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी श्री मुन्नालाल गोयल एवं श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि हम अपने विधानसभा क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे।
श्री मुन्नालाल गोयल ने कहा कि थाटीपुर डिस्पेंसरी में हमने 50 बेड का प्रस्ताव भेजा है। 700 भूमिहीन गरीब परिवारों को पट्टे दे दिए हैं, बाकी बचे 700 परिवारों को हम चुनाव बाद पट्टे देंगे। मेरी विधानसभा में 19 पार्कों के लिए 4 करोड़ का सौंदर्यीकरण प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। मेरी विधानसभा क्षेत्र में जहां-जहां पेयजल संकट है वहां 42 नलकूप खनन मंजूर हो चुके है, जिससे पानी की समस्या का निदान हो जाएगा। स्पोट्र्स काॅम्प्लैक्स हुरावली में बनाया जाएगा। जिला चिकित्सालय मुरार में 300 बैड बनाने की मंजूरी मिल गई है। इस तरह उन्होंने ग्वालियर पूर्व के लिए कई संकल्पों की जानकारी उपस्थित पत्रकारों को दी।
श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि जेसी मिल के मजदूरों को उनका हक दिया जाएगा। जेसीमिल के मजदूरों को घर के पट्टे दिए जाएंगे। विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक परिसर स्थापित किया जाएगा। विधानसभा क्षेत्र के अंदर आने वाले चारांे मुक्तिधामों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। बिरलानगर प्रसूति ग्रह में 50 बिस्तर अस्पताल का उन्नयन किया जाएगा।
इस अवसर पर वरिष्ठ नेता श्री उमाशंकर गुप्ता, श्री गौरीशंकर बिसेन, सांसद श्री विवेक शेजवलकर, सांसद रीति पाठक, श्री माखन सिंह जी, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री लोकेंद्र पाराशर, जिलाध्यक्ष श्री कमल माखीजानी, महामंत्री शरद गौतम, वार्ताकार आशीष अग्रवाल उपस्थित थे।