लद्दाख में बैकफुट पर पहुंचा चीन बौखलाया, कहा- कुछ भारतीयों के दिमाग में हमेशा रहता है युद्ध

पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव पैदा करने के बाद भी सफलता नहीं मिलने की वजह से चीन बौखला गया है। अब वह भारत की अंदरूनी राजनीति पर दखल देने लगा है। चीन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि कुछ भारतीयों के दिमाग में हमेशा युद्ध ही चलता रहता है, फिर चाहे देश के अंदरूनी हालात कैसे भी हों। लेख में यूपी बीजेपी चीफ स्वतंत्र देव सिंह के उस बयान का जिक्र किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान और चीन के साथ युद्ध की कब होगा, इसे तय कर लिया है।

ग्लोबल टाइम्स के लेख में कहा गया, ”भारतीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार बीजेपी उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले से ही तय कर लिया है कि पाकिस्तान और चीन के साथ युद्ध कब होगा। इस तरह के महत्वाकांक्षी दावे भारतीय लोगों के लिए गलत धारणा बना देंगे कि भारत इतना शक्तिशाली है कि अगर वह चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध में जाता है तो वह निश्चित रूप से जीत जाएगा।” ग्लोबल टाइम्स ने लेख में आगे सपने देखते हुए लिखा है, ”लेकिन वे (यूपी बीजेपी चीफ) इस बात का जिक्र करने में विफल रहे कि चीन की सैन्य ताकत सहित राष्ट्रीय ताकत भारत से कहीं अधिक है।”

चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स में यह लेख विश्लेषक वांग वेनवेन ने लिखा है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना है कि राजनीतिक दृष्टि से भारत एक प्रमुख शक्ति है। लेख में उन्होंने दो साल पहले हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा, ”साल 2018 के अंत से बीजेपी पांच राज्यों में सरकार गंवा चुकी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसढ़, महाराष्ट्र और राजस्थान। यह बीजेपी के सरकार चलाने की क्षमता पर संदेह खड़ा करता है।”

भारत की अंदरूनी राजनीति पर टिप्पणी करते हुए वांग ने लेख में लिखा है कि स्वतंत्र देव सिंह ने बीजेपी की प्रतिष्ठा को फिर से स्थापित करने में मदद नहीं की, लेकिन परिणामों को सोचे बिना युद्ध का जिक्र कर दिया है। इससे वर्तमान तनावपूर्ण भारत-चीन संबंधों और भारत में राष्ट्रवादी भावना उत्पन्न करते हुए वह बीजेपी के लिए कुछ समर्थन जरूर जुटा सकते हैं लेकिन वह भारतीयों को एक अव्यवहारिक मार्ग की ओर ले जा रहे हैं।

भारत को गुडविल सिग्नल भेजने की जरूरत’

स्वतंत्र देव सिंह के बयान से बौखलाए चीनी विश्लेषक का कहना है कि भारत को बेलगाम दृष्टिकोण और कट्टर राष्ट्रवादी भावनाओं का सहारा लेने के बजाय गुडविल सिग्नल भेजने की जरूरत है। दुनियाभर में कोरोना वायरस फैलाने वाले चीन ने लेख में आगे कहा है कि अगर भारत लड़ाई जीतना चाहता है तो फिर उसे कोरोना वायरस पर फोकस करने की जरूरत है। दुनिया में सबसे ज्यादा मामलों में भारत दूसरे नंबर पर है। रविवार तक उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 6,882 तक पहुंच गया है। वहीं, इसकी तुलना में चीन में 4,634 लोगों की मौत हुई है।

सिंधिया ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कहा- मुझे बनाओ सीएम, जानें पत्र की हकीकत!

राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फर्जी पत्र लिखने का मामला सामने आया है। इस पत्र में बिहार चुनाव के चलते पीएम मोदी व्यस्तता और अन्य राजनीतिक मसलों का जिक्र किया गया है। साथ ही, ज्योतिरादित्य सिंधिया के फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए हैं। इस मसले पर सिंधिया से बातचीत की गई तो उन्होंने पत्र को फर्जी करार दिया, जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 

यह है मामला

बता दें कि सोशल मीडिया पर भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा लिखे एक पत्र की तस्वीर काफी वायरल हो रही है। कहा जा रहा है कि सिंधिया ने यह पत्र पीएम मोदी को लिखा, जिसमें बीजेपी नेताओं द्वारा अपमानित करने का जिक्र है। साथ ही, प्रधानमंत्री से मुलाकात न होने की बात भी कही गई। 

पत्र में लिखी थीं ये बातें

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र में लिखा है। ‘आदरणीय नरेंद्र मोदी जी, मैंने दिल्ली आकर आपसे बात करने की कोशिश की परन्तु आपके स्वास्थ्य एवं बिहार चुनाव की व्यस्तता के चलते आप समय नहीं दे सके। दूरभाष पर चर्चा करने का संदेश मिला था परन्तु मैंने दूरभाष पर चर्चा करने की बजाय आपको यह गोपनीय पत्र लिखना उचित समझा।’

‘पिछले महीने मैंने मोहन भागवत जी को संघ एवं स्थानीय बीजेपी नेताओं द्वारा किए जा रहे असहयोग एवं मेरे समर्थक प्रत्याशियों के विरोध की विस्तृत जानकारी दी थी, अफसोस के साथ लिखना पड़ रहा है समस्या समाप्त होने की बजाय और अधिक बढ़ गयी है। बीजेपी के चुनाव रथ और प्रचार सामग्री से मेरी तस्वीर हटाकर एवं स्टार प्रचारकों की सूची में मुझे दसवें स्थान पर रखकर बीजेपी नेताओं ने न केवल मुझे अपमानित किया है बल्कि सिंधिया घराने के मान-सम्मान को चोट पहुंचाई है।’

‘नरेंद्र तोमर जी, बीडी शर्मा जी एवं नरोत्तम मिश्रा जी द्वारा उपचुनाव में कांग्रेस के पक्ष में कार्य किया जा रहा है वहीं बीजेपी के अन्य नेता इस उपचुनाव से दूरी बना चुके हैं। नरोत्तम मिश्रा जी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष तौर पर सन्देश दे रहे हैं कि उन्हें केवल एक सीट इसलिए 27 सीटों पर बीजेपी कार्यकर्ता कार्य नहीं करें। इन हालातों ने अब इस चुनाव को सीधे तौर पर सिंधिया परिवार की लड़ाई बनाकर रख दिया है। मुझे खुद अब कहना पड़ रहा है कि यह मेरी लड़ाई है और जनता मुझे देखकर वोट दे।’ 

‘मुझे केंद्र में मंत्री बनाने का आपका वादा अब तक लंबित है। मैं अनुग्रहीत होऊंगा यदि आप मेरी जगह पर शिवराज सिंह चौहान जी को केंद्र में मंत्री बना दें और मुझे मध्यप्रदेश की कमान सौंप दें ताकि मैं सभी विरोधियों की जवाब दे सकूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मैं मध्यप्रदेश की कमान संभालते ही बीजेपी के सभी बिगड़ैल नेताओं को ठीक कर दूंगा। शुभकामनाओं सहित।’

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

सोशल मीडिया पर पत्र वायरल हुआ तो सिंधिया के निजी सचिव तक पहुंच गया। उन्होंने इस मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया से चर्चा की। जब उन्होंने इस तरह का कोई भी पत्र नहीं लिखने की बात कही तो पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल ने मामले की जानकारी ग्वालियर एसपी को दी। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर लिया। गौरतलब है कि इन दिनों मध्य प्रदेश में उपचुनाव का माहौल है। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कमल नाथ के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है।

निकिता मर्डर केसः दिल्ली-मथुरा हाईवे से हटा परिवार, जाम खत्म ‘यूपी जैसे न्याय की मांग’

निकिता की कल गोली मारकर हत्या कर दी गई थी

पीड़ित परिवार फरीदाबाद-मथुरा हाई वे से हटा

पीड़ित परिवार सड़क पर धरने पर बैठ गया था

हरियाणा के बल्लभगढ़ में सरेआम छात्रा की हत्या के मामले में फरीदाबाद-मथुरा हाईवे पर धरने पर बैठा परिवार हट गया है. हाइवे पर जाम खत्म हो गया है.  वहीं निकिता का शव शमशान घाट ले जाया गया जहां, उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

इससे पहले कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़ित परिवार सड़क पर बैठ गया था. परिवार ने दिल्ली-मथुरा हाईवे को जाम कर दिया था. फिलहाल इस वारदात को लेकर लोगों में जबरदस्त गुस्सा है. पुलिस ने भले ही मुख्य आरोपी तौसिफ समेत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन लोगों की नाराजगी बनी हुई है. 

परिवार का कहना था कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हैं कि अगर यूपी में अपराधियों का एनकाउंटर हो सकता है तो हरियाणा में क्यों नहीं हो सकता है. हमें यूपी जैसा न्याय चाहिए. हम हमेशा बीजेपी के साथ खड़े रहे हैं, लेकिन आज हमारे साथ कोई नहीं है. न तो बीजेपी वाले आएं और न ही कांग्रेस या बीएसपी वाले.

निकिता के परिवार का कहना है कि यह लड़का कई साल से निकिता को तंग कर रहा था. हमने 2018 में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी लड़के को गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद लड़के के परिवारवालों ने हाथ-पैर जोड़ लिए. हमने भी सोचा और मामला वापस ले लिया. उसके बाद कोई दिक्कत नहीं थी.

निकिता के परिवार का कहना है कि तौसीफ कुछ दिनों से लड़की पर शादी का दबाव बना रहा था. सोमवार शाम को लड़की पेपर देकर बाहर निकल रही थी. तौसीफ आया और जबरदस्ती गाड़ी में खींचने लगा. जब लड़की नहीं मानी तो उसने गोली मार दी. न तो लड़की, न परिवार और न कोई और, शादी के पक्ष में था.

फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने कहा कि यह एक जघन्य अपराध है, जिसके लिए एसआईटी गठित कर दी गई है और राजपत्रित स्तर के अधिकारी इसकी जांच करेंगे. उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा साक्ष्य जुटाकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की कोशिश रहेगी. इस मामले में सभी लोग संयम बनाए रखे.

कौन है तौसीफ? बताया जा रहा है कि तौसीफ के दादा कबीर अहमद, विधायक रह चुके हैं. तौसीफ के चचेरा भाई आफताब अहमद, इस समय मेवात जिले की नूंह सीट से कांग्रेस विधायक हैं. आफताब अहमद के पिता खुर्शीद अहमद, हरियाणा के पूर्व मंत्री रह चुके हैं. तौसीफ के सगे चाचा जावेद अहमद इस बार सोहना विधानसभा से बसपा की टिकट पर चुनाव लड़े और हार गए थे.

SVANidhi योजना के लाभार्थियों से PM Modi बोले- पहली बार बनी ऐसी योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम स्वनिधि योजना (SVANidhi Scheme) के लाभार्थियों के साथ बातचीत कर की। लाभार्थियों से बात करने के बाद अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि मैंने स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से संवाद करते हुए ये अनुभव किया कि सभी को खुशी भी है और आश्चर्य भी है। पहले तो नौकरी वालों को लोन लेने के लिए बैंकों के चक्कर लगाने होते थे, गरीब आदमी तो बैंक के भीतर जाने का भी नहीं सोच सकता था। लेकिन आज बैंक खुद आ रहा है। उन्होंने बैंक कर्मियों को धन्यवाद दिया और उनके काम की सराहना की।

रेहड़ी-पटरी वालों से हुए इस संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे। पीएम मोदी ने कहा कि इस तरह की योजना आजादी के बाद पहली बार बनी है। मेरे गरीब भाई बहनों को कैसे कम से कम तकलीफ उठानी पड़े, सरकार के सभी प्रयासों के केंद्र में यही चिंता थी। इसी सोच के साथ देश ने 1 लाख 70 हजार करोड़ से गरीब कल्याण योजना शुरू की। संवाद की शुरुआत में आगरा की प्रीति ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस दौरान नगर निगम से मदद मिल और उन्होंने काम फिर शुरू किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाभार्थियों से पूछा की उन्हें लोन लेने के लिए कितनी भाग दौड़ करनी पड़ी। COVID-19 से प्रभावित गरीब स्ट्रीट वेंडरों की मदद के लिए 1 जून 2020 को PM SVANidhi योजना शुरू की गई थी, जो आजीविका गतिविधियों को फिर से शुरू करते हैं। अब तक, इस योजना के तहत कुल 24 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 12 लाख से अधिक को मंजूरी दी गई है और लगभग 5.35 लाख ऋण वितरित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश राज्य में, 6 लाख से अधिक आवेदन आए हैं, जिनमें से लगभग 3.27 लाख मंजूर किए गए हैं और 1.87 लाख ऋण वितरित किए गए हैं।

भारत और अमेरिका ने BECA पर लगाई मुहर, मिसाइलें हो जाएंगी और भी घातक, जानिए समझौते से देश को और क्या फायदे

भारत और अमेरिका ने अपने रिश्तों को नया आयाम देते हुए मंगलवार को बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन अग्रीमेंट (BECA) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। तीसरी ‘2+2’ मंत्री स्तरीय बैठक के लिए भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क टी एस्पर की भारतीय समकक्षों एस जयशंकर और राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस अहम कदम की घोषणा की गई। 

‘टू प्लस टू वार्ता के बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ”हमने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। अमेरिका के साथ बीईसीए समझौता एक महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने यह भी दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए फिर से अपनी प्रतिबद्धता जताई है।  

भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिका के साथ हुए इस समझौते को भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है। द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से लंबित BECA समझौते को अंतिम रूप मिलने से दोनों देश अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, साजोसामान और भू-स्थानिक मानचित्र (जियोस्पेशल मैप) साझा कर सकेंगे।

BECA भारत और अमेरिका के बीच चार मूलभूत समझौतों में से अंतिम है, जिससे दोनों देशों के बीच लॉजिस्टिक्स और सैन्य सहयोग बढ़ेगा। इनमें से पहला समझौता 2002 में हुआ था जो सैन्य सूचना की सुरक्षा से संबंधित था। दो अन्य समझौते 2016 और 2018 में हुए जो लॉजिस्टिक्स और सुरक्षित संचार को लेकर थे। 

BECA समझौता भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में मील का पत्थर माना जा रहा है। इस समझौते की वजह से अब भारत अमेरिका के जियोस्पेशल मैप्स का इस्तेमाल कर सकेगा, जिससे ऑटोमेटेड हार्डवेयर सिस्टम्स और क्रूज-बैलिस्टिक मिसाइलों सहित हथियारों की सटीकता बढ़ जाएगी। यह भारत द्वारा अमेरिका से हथियारों से लैस मानव रहित विमानों (UAVs) की खरीद के लिए भी आधार का काम करेगा। 

ये UAVs दुश्मनों पर आसमान से हमले के लिए अमेरिका के जियोस्पेशल डेटा पर निर्भर करते हैं। यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब भारत अमेरिका से 30 जनरल एटॉमिक्स एमक्यू -9 गार्जियन ड्रोन खरीदने पर विचार कर रहा है। अमेरिका और भारत के बीच पहले भी खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान हो चुका है। 2017 में डोकलाम में चीन के साथ तनातनी के दौरान अमेरिका ने कथित तौर पर भारतीय सेना को चाइनीज सैनिकों के मूवमेंट की खुफिया जानकारी मुहैया कराई थी।

इंदौर में माफिया जीतू सोनी के करीबी नरेंद्र रघुवंशी ने लगाई फांसी

इंदौर,। शहर के सबसे बड़े माफिया जीतू उर्फ जितेंद्र सोनी के साथी नरेंद्र रघुवंशी ने सोमवार देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नरेंद्र ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें उसने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नरेंद्र होटल मायहोम में पश्चिम बंगाल की युवतियों को बंधक बनाकर उनसे डांस करवाने और देहव्यापार करवाने के आरोप में शामिल था।

अन्नपूर्णा थाना टीआइ सतीश द्विवेदी के मुताबिक नरेंद्र के खिलाफ पलासिया थाना में मानव तस्करी और देहव्यापार का केस दर्ज हो चुका है। पिछले वर्ष पुलिस ने मायहोम में छापा मारकर करीब 60 लड़कियों को मुक्त करवाया था। उस वक्त नरेंद्र को जीतू सोनी के बेटे अमित के साथ गिरफ्तार कर लिया था। कुछ दिनों पूर्व उपचार के लिए नरेंद्र को पेरोल पर छोड़ा गया था। मंगलवार को उसके पैरोल का अंतिम दिन था और उसे जेल दाखिल होना था। संभवतः इसी कारण फांसी लगाकर आत्महत्या की है।

पति ने चिकन बनाने को कहा तो पत्नी फांसी पर झूल गई

ग्वालियर। कंपू थाना क्षेत्र के राजीव नगर में एक विवाहित महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस मामले में सबसे अजीब बात यह है कि महिला खाना पका रही थी और इस प्रक्रिया के बीच में ही उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले पति ने उसे चिकन बनाने के लिए कहा था और चिकन लेने के लिए बाजार चला गया था, वह लौटकर आ पाता है इससे पहले उसे पता चला कि उसकी पत्नी ने सुसाइड कर लिया है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। समाचार लिखे जाने तक आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए थे।
कंपू थाना क्षेत्र के राजीव नगर हनुमान गली गुढ़ा निवासी रवि सिद्दू प्रायवेट जॉब करता है। वह घर पहुंचा, उस समय उसकी पत्नी खाना बनाने की तैयारी कर रही थी। पत्नी को खाना बनाते देखकर सिद्दू ने उससे चिकन बनाने को कहा और बाजार से चिकन लाने चला गया। वह बाजार में चिकन खरीद रहा था कि तभी उसके भांजे ने कॉल कर बताया कि उसकी पत्नी ने फांसी लगाकर जान दे दी है। इसका पता चलते ही वह वापस आया और घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मर्ग कायम कर लिया। फिलहाल पता नहीं चला है कि किन कारणों के चलते उसने फांसी लगाकर जान दी है। 

65 साल के हरीश साल्वे करने जा रहे दूसरी शादी, जानिए कौन हैं उनकी होने वाली पत्नी

पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे अगले हफ्ते विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं. हरीश साल्वे देश के जाने-माने वकील और ब्रिटेन में क्वींस काउंसिल हैं. 65 वर्षीय साल्वे, पिछले महीने ही अपने 38 साल के वैवाहिक जीवन को तिलांजलि देकर अपनी पत्नी मीनाक्षी साल्वे से तलाक लेकर कानूनी तौर पर अलग हो गए थे. हरीश साल्वे और मीनाक्षी की दो बेटियां भी हैं. हरीश साल्वे अपनी दोस्त कैरोलिन ब्रॉसर्ड के साथ 28 अक्तूबर को लंदन के एक चर्च में विवाह करने जा रहे हैं. दोनों का ये दूसरा विवाह है. 

साल्वे भी धर्म बदलकर अब ईसाई बन चुके हैं. अपनी होने वाली पत्नी कैरोलिन के साथ वे पिछले दो सालों से नियमित रूप से उत्तरी लंदन के चर्च में जाते रहे हैं. हरीश साल्वे और कैरोलिन दोनों का ये दूसरा विवाह है. दोनों की पूर्व विवाह से संतानें भी हैं. पेशे से कलाकार कैरोलिन 56 साल की हैं और एक लड़की की मां हैं. हरीश साल्वे की कैरोलिन से मुलाकात आर्ट एग्जीबिशन में हुई थी. दोनों के बीच की यह मुलाकात धीरे-धीरे और गहरी हो गई. 

बकौल साल्वे तलाक के बाद लंदन में बच्चों से दूर रहते हुए भी कैरोलिन ने उन्हें भावनात्मक रूप से काफी संभाला. दोनों के बीच अंडरस्टैंडिंग जमी और बात आगे की जिन्दगी एक साथ गुजारने तक आ पहुंची.  

चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे और साल्वे दोनों की पढ़ाई एक ही स्कूल में हुई है. दोनों महाराष्ट्र के नागपुर शहर में पढ़ाई करते थे. 1976 में साल्वे दिल्ली आए गए और बोबडे मुंबई हाई कोर्ट. बाद में बोबडे हाई कोर्ट जज बन गए और साल्वे सीनियर एडवोकेट और फिर  सॉलिसिटर जनरल.
हरीश साल्वे शुरू से ही अपनी प्रतिभा की बदौलत नामी वकील रहे हैं. यही वजह थी कि उन्हें भारत सरकार ने सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया था. साल्वे, कुलभूषण जाधव सहित कई अंतर्राष्ट्रीय मामलों में भारत सरकार की पैरवी कर देश को गौरवान्वित कर चुके हैं. भारत सरकार की विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज के आग्रह पर उन्होंने इस केस की सुनवाई के लिए सिर्फ एक रुपए फीस ली थी. 

देश दुनिया के नामी उद्योगपतियों और कंपनियों वोडाफोन, रिलायंस, मुकेश अंबानी, रतन टाटा जैसे सभी बड़े नामों के कानूनी मामलों की कोर्ट में नुमाइंदगी भी साल्वे ने ही की है. 

कैसे जानें कि कहां खजाना गड़ा हुआ है?


प्राचीनकाल के लोगों के शरीर पर तीन-चार किलो सोना लदा होना सामान्य बात थी। स्वर्ण मुद्राएं चलती थी और लोग सोने का मुकुट पहनते थे। मंदिरों में टनों सोना रखा रहता था। सोने के रथ बनाए जाते थे और प्राचीन राजा-महाराजा स्वर्ण आभूषणों से लदे रहते थे। सैंकड़ों वर्षों की लूट के बावजूद भारत में आज भी टनों से सोना, चांदी, जेवरात, गिन्नियां आदि गड़ा हो सकता है। आजो जानते हैं कि किस तरह जाना जा सकता है कि कहां खजाना गड़ा हुआ है और आपको वह मिलेगा या नहीं?

कौतुक चिंतामणी, रावण संहिता और वराह संहिता के अनुसार निम्नलिखित स्थित में गड़ा धन हो सकता है।

*जिस भूमि के आसपास जल स्रोत नहीं होने पर भी वह भूमि नम दिखाई दे और साथ ही आसपास किसी काले सर्प के होने की निशानी दिखाई दे तो निश्चित ही जान लो कि वहां पर गड़ा धन होगा।

*जहां की मिट्टी में कमल के फूल जैसी सुगंध आती है। वहां पर धन संपदा छिपी हो सकती है।

*ऐसा भी कहा जाता है कि किसी स्थान पर बाज, कौआ, बगुला या अन्य बहुत सारे पक्षी बहुतायत में बैठते हैं वहां भी धन संपदा के होने की संभावना प्रबल रहती है।

*ऐसा भी कहते हैं कि यदि किसी एक ही जगह पर बहुत सारे पेड़ हों, लेकिन उनमें भी किसी एक ही जगह पर पक्षी बैठता हों और वह भी यदि कोई बाज और कबूतर एक साथ बैठे हो तो उस जगह पर निश्चित ही भूमि में धन छिपा होता है।

*जहां बारिश होने पर पानी वाली जगह पर घास न उगती हो लेकिन गर्मी के मौसम में धूप में भी घास उगती हो वहां ज़मीन के अंदर संपत्ति की संभावना।

*जहां सांप, नेवले या गिरगट निकलते हों या उनके बिल हों वहां भी गड़ा धन होने की संभावना बतायी जाती है।

*इसी तरह जहां पौधे प्राकृतिक कद से ऊंचे हों वहां भी गड़ी संपत्ति मिलने की संभावना रहती है।

किस्मत का धन : किस्मत का धन या गड़ा खजाना सिर्फ उसे ही मिलता है जो छल कपट से परे है या जिसके पूर्वज उसके लिए खजाना छोड़कर गए हैं। यदि आपको यह पता चले कि अमुक भूमि के नीचे खजाना है तो भी आप उसे हासिल नहीं कर सकते जब तक की आपका मन निर्मल और आपका उद्येश्य सही नहीं है। उक्त खजाने को निकालने की पूजा विधि भी होती है।

* कहते हैं कि यदि आपकी किस्मत में गड़ा हुआ धन लिखा है तो वह कहीं पर भी होगा तो खुद ब खुद चलकर आपके पास तक आ जाएगा या आप अनजाने में ही उसके पास चलें जाएंगे। अत: यह जानना जरूरी है कि जो व्यक्ति खजाने की खोज में निकला है हो सकता है कि उसकी किस्मत में खजाना न हो?

* अगर आपको सपने में कमल का फूल दिखे या आप कमल के पत्ते पर स्वयं को भोजन करते देखें तो ये भी इस बात का संकेत है कि आपको भविष्य में कहीं से गड़ा धन मिल सकता है। 

*कहते हैं कि गुप्त धन प्राप्ति के लिए माता का एक मंत्र ॐ ह्रीं पद्मावति देवी त्रैलोक्यवार्ता कथय कथय ह्रीं स्वाहा।। इस मंत्र को रात्रि में सोने से पूर्व एक माला रोज जपे। कुछ दिनों बाद गड़ा धन कहां है इसकी आपको स्वप्न में जानकारी मिल जाएगी।

* रावण संहिता के अनुसार सपने, शगुन और स्वर विज्ञान के माध्यम से व्यक्ति को यह संकेत मिल जाते हैं कि उसे सोने के जेवहरातों से भरा चांदी का घड़ा या खजाना मिल सकता है। कहते हैं कि कुछ लोगों को सपने में अक्सर सफेद सांप या जलता हुआ दीपक दिखाई देता है। इसका मतलब यह कि उनके लिए को खजाना गाड़ कर गया है, जो संकेत दे रहा है।

* रावण और वाराह संहिता के अनुसार अगर आपके भाग्य में गड़ा धन मिलना लिखा है तो आपको सपना आएगा। इस सपने में जिस स्थान पर धन गड़ा हुआ है वहां सफेद नाग दिखाई देगा। ऐसी संभावना होती है कि आपके पितरों ने सफेद नाग के रुप में दर्शन देकर उस जगह का पता बताया है जहां उन्होने आपके लिए धन गाड़ कर रखा होगा। ये सफेद नाग रुपी पितर उस खजाने की रक्षा करते रहते हैं। 

* सपने में अगर आपको पुराना मंदिर, आभूषण से भरा बॉक्स, शंख और कलश जैसी चीजें दिखें तब भी समझें कि आपके भाग्य में अचानक कहीं से पैतृक संपत्ति मिलने के योग हैं। 

* यदि कोई सपने में देखे कि उस पर कानूनी मुकदमा चलाया जा रहा है, जिसमें वह निर्दोष छूट गया है, तो उसे अतुल धन संपदा की प्राप्ति होती है।

* कहीं जाते समय नेवले द्वारा रास्ता काटना या नेवले का दिखना शुभ संकेत होता है। नेवला दिखना धन लाभ का संकेत होता है। आप सोकर उठे हों और उसी समय नेवला आपको दिख जाए तो गुप्त धन मिलने की संभावना रहती है।

*किसी जातक की जन्म कुण्डली में यदि चन्द्रमा ग्रह बृहस्पति के स्वामी भाव में युग्म में स्थित हो तो ऐसे जातक को गडे हुए धन की प्राप्ति होती है।

*यदि अष्टम भाव का मालिक उच्च का हों तथा धनेश व लाभेश के प्रभाव में हों तो व्यक्ति को निश्चित रूप में अचानक धन लाभ होता हैं। पूर्व समय में इस योग को गढेे धन प्राप्‍ति के लिये अहम माना जाता था। इस योग की खासियत होती हैं कि ये अचानक  प्राप्त होता है।

*मस्तिष्क रेखा सही स्थिति में हो यानी कि टूटी या कटी हुई नहीं हो। साथ ही भाग्य रेखा की एक शाखा जीवन रेखा से निकलती हो। हथेलियां गुलाबी व मांसल हो तो करोड़ों में संपदा होने का योग बनता है।

*सपनों या दूसरे चिन्हों के आधार पर आपको गड़े धन वाले स्थान का पता चल जाए तो इसके लिए आपको पहले पता करना होगा कि क्या वाकई जहां आप गड़े धन की संभावना देख रहे हैं, वहां गड़ा धन है भी या नहीं? इसके लिए आपको धन का अंदेशा होने वाले स्थान पर 40 दिन तक शु्द्ध घी का दीप एक लौंग के साथ जलाना चाहिए। 40 दिन के अंदर ही आपको सपने में इस बात के संकेत मिल जाएंगे कि आपको उस स्थान की खुदाई करनी है या नहीं? 

*दूसरा तरीका ये है कि आप धन होने की संभावना वाली जगह पर एक लकड़ी की चौकी रखें। उस पर पान या पीपल का पत्ता रख कर उस पर एक सुपारी रखें। फिर हल्दी, कुंकुम, अक्षत और सुपारी रख कर घी का दीप जलाएं। ऐसा 40 दिन तक करें। बाद में सारे पत्ते और सुपारी को विसर्जित करते हुए ये प्रार्थना करें कि कोई अज्ञात शक्ति आपको गड़े धन का संकेत दे। अगर उस स्थान पर धन होगा तो आपको सपने में या फिर किसी दूसरी तरह से संकेत मिल जाएगा। 

*यदि आपको ऐसा लगता है कि किसी स्थान पर धन गढ़ा हुआ है और आप वह धन प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए एक मंत्र है ‘मंत्र: ऊं नमो विघ्नविनाशाय निधि दर्शन कुरु कुरु स्वाहा।’ इसे दस हजार बार विधिवत जपने के बाद किसी जानकार से उक्त भूमि की शुद्धि करायी जाती है और वहां से सभी तरह की आपदा को हटाया जाता है। लेकिन यदि जानकार सही नहीं है तो इसके दुष्‍परिणाम भी भुगतने होते हैं।

* मान्यता है कि जानबूझकर छिपाकर रखे गए अधिकतर धन के भंडार को मंत्रों से बांधा गया है। ऐसे धन को प्राप्त करने के लिए किसी जानकार से उक्त मंत्रों को जानकर ही उस खजाने को पाया जा सकता है। कहते हैं ऐसे कुछ बंधन के रक्षक कोई भूत या प्रेत भी हो सकते हैं। खजाने के मालिक किसी जानकार से जमीन में गाड़ने के बाद उस जमीन के आस-पास तंत्र-मंत्र द्वारा ‘नाग की चौकी’ या ‘भूत की चौकी’ बिठा देते थे। हालांकि ऐसे धन को प्राप्त करना खतरनाक होता है।