सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से भागा इंजीनियर की हत्या का आरोपी

ग्वालियर। 12 दिन पहले इंजीनियर की प्रेमिका के साथ मिलकर हत्या करने वाल शातिर अपराधी जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से भाग गया है, जबकि सुरक्षा में तैनात गार्ड सोते रह गए हैं। घटना शनिवार-रविवार दरमियानी रात 2 से 4 बजे के बीच की है। घटना का पता चला उस समय चला जब स्टाफ की नजर खाली बेड पर पड़ी। हत्या के आरोपित के भागने का पता चलते ही सुपर स्पेशियलिटी में हंगाम खड़ा हो गया। तत्काल पुलिस पहुंची और जांच के बाद भागे आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। 4 टीमें बनाकर उसके संबंधित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

ग्वालियर थाना क्षेत्र के सागर ताल निवासी वीरेन्द्र परिहार को 16 अक्टूबर को इंजीनियर 25 वर्षीय सचिन शाक्य की हत्या में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वीरेन्द्र ने कुबूल किया था कि उसने अपनी प्रेमिका और प्रेमिका के भाई के साथ मिलकर सचिन की हत्या की थी। पकड़े जाने के बाद वीरेन्द्र परिवार को जेल पहंुचाने से पहले पुलिस ने कोरोना टेस्ट कराया था। जिसमें वह संक्रमित निकला था। जिसके बाद उसे जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी में भर्ती कराया गया था। जहां पर सुरक्षा के लिए 6 पुलिस जवान राउंड द क्लॉक ड्यूटी पर लगाए गए थे। शनिवार रात को वहां आरक्षक नरेश शाक्य व हितेन्द्र निगरानी की ड्यूटी पर थे। रात करीब 2 बजे ड्यूटी पर तैनात आरक्षक नरेश व हितेन्द्र भी वार्ड के बाहर सो गए और इसी बीच वीरेन्द्र चकमा देकर निकल गया। घटना का पता सुबह लगा। जब स्टाफ ने उसे बेड पर नहीं देखा। हालांकि अस्पताल स्टाफ का कहना है कि उसे भागते ही गार्ड ने देखा पकड़ने का भी प्रयास किया है, लेकिन वह सफल नहीं हो सके।

आरोपित के भागने का पता चलते ही पुलिस टीम ने उसके घर सागरताल रोड सरकारी मल्टी, पुरानी छावनी, सिरोल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड सहित अन्य स्थानों पर दबिश दी, लेकिन अभी आरोपित हाथ नहीं आया है।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से भागा इंजीनियर की हत्या का आरोपी

ग्वालियर। 12 दिन पहले इंजीनियर की प्रेमिका के साथ मिलकर हत्या करने वाल शातिर अपराधी जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से भाग गया है, जबकि सुरक्षा में तैनात गार्ड सोते रह गए हैं। घटना शनिवार-रविवार दरमियानी रात 2 से 4 बजे के बीच की है। घटना का पता चला उस समय चला जब स्टाफ की नजर खाली बेड पर पड़ी। हत्या के आरोपित के भागने का पता चलते ही सुपर स्पेशियलिटी में हंगाम खड़ा हो गया। तत्काल पुलिस पहुंची और जांच के बाद भागे आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। 4 टीमें बनाकर उसके संबंधित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

ग्वालियर थाना क्षेत्र के सागर ताल निवासी वीरेन्द्र परिहार को 16 अक्टूबर को इंजीनियर 25 वर्षीय सचिन शाक्य की हत्या में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वीरेन्द्र ने कुबूल किया था कि उसने अपनी प्रेमिका और प्रेमिका के भाई के साथ मिलकर सचिन की हत्या की थी। पकड़े जाने के बाद वीरेन्द्र परिवार को जेल पहंुचाने से पहले पुलिस ने कोरोना टेस्ट कराया था। जिसमें वह संक्रमित निकला था। जिसके बाद उसे जेएएच के सुपर स्पेशियलिटी में भर्ती कराया गया था। जहां पर सुरक्षा के लिए 6 पुलिस जवान राउंड द क्लॉक ड्यूटी पर लगाए गए थे। शनिवार रात को वहां आरक्षक नरेश शाक्य व हितेन्द्र निगरानी की ड्यूटी पर थे। रात करीब 2 बजे ड्यूटी पर तैनात आरक्षक नरेश व हितेन्द्र भी वार्ड के बाहर सो गए और इसी बीच वीरेन्द्र चकमा देकर निकल गया। घटना का पता सुबह लगा। जब स्टाफ ने उसे बेड पर नहीं देखा। हालांकि अस्पताल स्टाफ का कहना है कि उसे भागते ही गार्ड ने देखा पकड़ने का भी प्रयास किया है, लेकिन वह सफल नहीं हो सके।

आरोपित के भागने का पता चलते ही पुलिस टीम ने उसके घर सागरताल रोड सरकारी मल्टी, पुरानी छावनी, सिरोल, रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड सहित अन्य स्थानों पर दबिश दी, लेकिन अभी आरोपित हाथ नहीं आया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *