तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत का मंत्री पद से इस्तीफा, कल पूरा हुआ था 6 महीने का कार्यकाल

इंदौर: जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के बाद मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. दोनों ने अपना इस्तीफा सीएम शिवराज सिंह चौहान को भेज दिया है. मीडिया में कल से ही खबरें चल रही थी सिलावट मंत्री और गोविंद सिंह राजपूत पद से इस्तीफा दे सकते हैं, क्योंकि उनका 6 महीने का कार्यकाल मंगलवार को ही पूरा हो गया था. 

दरअसल, कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बीते दिनों राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के पद को खत्म करने की मांग की थी. उन्होंने कहा कि बिना विधायकी के इन्हें मंत्री बनाया जो नियमों के मुताबिक गलत है.

जानें क्या है नियम?

संवैधानिक नियमों  के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति जो किसी भी सदन का सदस्य नहीं है और मंत्री पद की शपथ लेता है तो उसको शपथ लेने के छह महीने के अंदर सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है. लेकिन तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत अभी तक सदन के सदस्य नहीं बन पाए हैं. 

हर रोज करें सुपर फूड मखाने का सेवन, खून की कमी सहित इन बीमारियों में मिलेगी राहत

मखाना कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. मखाना को फॉक्स नट और फूल मखाना के नाम से भी जाना जाता है. यह एक स्वादिष्ट और पौष्टिक खाद्य पदार्थ है.  मखाना एक ऐसा आहार है, जिसे आप कहीं भी, कभी भी स्नैक्स के रूप में खा सकते हैं. मखाना स्वाद में बेहतरीन होता है, कई क्षेत्रों में मखाने की खीर भी लोकप्रिय है. इसके अलावा व्रत के दौरान भी उपवास रखने वाले लोगों के लिए मखाना एक महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ होता है.

मखाने में एंटी ऑक्सीडेंट की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है. एंटी ऑक्सीडेंट मुख्य रूप से हमारे शरीर की त्वचा को निखारने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का कार्य करता है. मखानों में प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट्स, फाइबर, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फास्फोरस, आयरन और जिंक की भरपूर मात्रा पाई जाती है. इन्हीं गुणों की वजह से मखाना को सुपर फूड माना जाता है.

खून की कमी नहीं होगी

अगर आपके शरीर में खून की कमी है तो आप दिन भर अक्सर थका हुआ महसूस करते हैं. मखाने में पर्याप्त रूप से आयरन की मात्रा पाई जाती है. मखाने का सेवन करने से शरीर में खून की कमी का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है.

ब्लड प्रेशर में लाभदायक

इसमें पाया जाने वाला एक विशेष एल्केलाइड हाइपरटेंशन की समस्या को नियंत्रित करने का काम करता है. हाइपरटेंशन के कारण ही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या जन्म लेती है. इसलिए माना जा सकता है, कि इसका उपयोग बीपी की समस्या को नियंत्रित करने में सहायक साबित हो सकता है.

हड्डियां बनेंगी मजबूत

उम्रदराज लोगों को दिन में दो बार मखाने का सेवन करना चाहिए. मखाने में प्रचूर मात्रा में कैल्शियम पाई जाती है. मखाने बढ़ती उम्र में हड्डियों को कमजोर होने से बचाने में मददगार साबित हो सकता है. बुजुर्ग लोगों के अलावा अन्य आयु वर्ग के भी हड्डियां मजबूत करने के लिए इसका नियमित सेवन कर सकते हैं.

डायबिटीज रोगियों को मिलेगी राहत

डायबिटीज की बीमारी से परेशान लोग भी मखाने का सेवन कर सकते हैं. मखाने में लो ग्लाईसेमिक इंडेक्स होता है. यह ब्लड सुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है.

वजन को घटाने में मददगार

मखाने में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है और साथ ही ये लैस कैलोरी होता है इसलिए मखाने का सेवन आप वजन घटाने के लिए भी कर सकते हैं. अगर आप वजन घटाना चाहते हैं, तो रोस्टेड मखानों का सुबह ब्रेकफास्ट में सेवन करें.

JEE Toppers 2020: जानिए टॉपर्स किस IIT में लेना चाहते हैं दाखिला, क्या अब भी IIT खड़गपुर, कानपुर हैं लोकप्रिय?

नई दिल्ली: जेईई-एडवांस्ड परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. इस बार दो ही आईआईटी संस्थान टॉपर्स की पहली पसंद बने हैं. पहला आईआईटी बॉम्बे है, जहां 100 में से 61 टॉपर्स दाखिला लेना चाहते हैं. वहीं दूसरा है आईआईटी दिल्ली, जिसे 30 बच्चों ने चुना है. बाकी बचे नौ छात्रों में सात ने आईआईटी मद्रास को चुना है. वहीं दो छात्रों ने अपनी आगे की शिक्षा अमेरिका में करने का मन बनाया है.

IIT खड़गपुर और कानपुर की लोकप्रियता में आई कमी

शीर्ष 100 रैंकर्स की तरफ से दिए गए विकल्पों से पता चलता है कि खड़गपुर और कानपुर, जिन्हें कभी सर्वश्रेष्ठ आईआईटी संस्थान माना जाता था, अब उनकी लोकप्रियता में कमी आई है. करीब 30 सालों से आईआईटी खड़गपुर इंजीनियरिंग के लिए सबसे प्रख्यात केंद्र माना था, लेकिन इस बार इस संस्थान को शीर्ष 100 में से एक भी छात्र नहीं मिला.

IIT बॉम्बे, दिल्ली और मद्रास जाना चाहते हैं ज्यादातर छात्र

वहीं, अगर शीर्ष 500 या एक हजार छात्रों के विकल्पों पर गौर किया जाए तब भी ज्यादातर छात्र आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली और आईआईटी मद्रास को पहली पसंद चुनना चाहते हैं.

बता दें कि इस साल जेईई-एडवांस्ड परीक्षा के लिए कुल 1.6 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था और 1.5 लाख छात्र इसमें शामिल हुए थे. परीक्षा में 6,707 लड़कियों समेत 43,000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने सफलता हासिल की है.

India China Faceoff: भारत ने चीन को उसका सैनिक लौटाया, LAC पार कर आ गया था लद्दाख

भारतीय सेना ने चीन को उसके सैनिक को लौटा दिया है, जो वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पार कर लद्दाख आ गया था। कल रात चुशूल मोल्दो में बैठक स्थल पर चीनी सेना के कॉर्पोरल वांग हां लॉन्ग को चीनी सेना को सौंप दिया।

आपको बता दें कि पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर जारी तनातनी के बीच भारतीय सेना ने एक चीनी सैनिक को पकड़ा था। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उसका एक सिपाही रविवार रात को सीमा के पास से लापता हो गया।

चीन ने भारतीय सेना से प्रोटोकॉल के हिसाब से अपने सैनिक को लौटाने की गुहार लगाई थी। भारतीय सेना ने सोमवार को कहा था कि उसने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के एक सैनिक को पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में सोमवार को पकड़ा है, जिसकी पहचान कर्नल के रूप में हुई है।

चीन ने कहा था- याक की खोज में सीमा पार हुआ, प्लीज लौटा दें

पश्चिमी थिएटर कमान के प्रवक्ता कर्नल झांग शुइली ने सोमवार रात को लापता पीएलए सैनिक पर एक बयान जारी किया और कहा कि हमारा एक चीनी सिपाही उस वक्त लापता हो गया, जब वह 18 अक्टूबर की रात एक चरवाहे को अपना खोए हुए याक को खोजने में मदद कर रहा था। हालांकि, उन्होंने अपने सैनिक की पहचान नहीं की है। पश्चिमी थिएटर कमान के प्रवक्ता कर्नल झांग ने बयान में आगे कहा कि घटना के तुरतं बाद ही चीनी सीमा रक्षकों ने भारतीय पक्ष को घटना की सूचना दे दी थी और उम्मीद जताई कि भारतीय पक्ष चीनी सैनिक को खोजने और उसे रेस्क्यू करने में मदद करेगा। 

शिवराज ने सरकारी कर्मचारियों को दिया तोहफा: दीवाली से पहले देंगे 7वें वेतन एरियर की तीसरी किश्त, इनको मिलेगा 10 हजार फेस्टिव एडवांस

शिवराज ने सरकारी कर्मचारियों को दिया तोहफा: दीवाली से पहले देंगे 7वें वेतन एरियर की तीसरी किश्त, इनको मिलेगा 10 हजार फेस्टिव एडवांस

भोपाल। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों प्रदेश की जनता पर खासा मेहरबान हैं। वह आए दिन जनता के हितार्थ घोषणाएं कर रहे हैं। पहले उन्होंने बिजली बिल में प्रदेश की जनता को राहत दिया, फिर किसान को 4 हजार रूपए देने की घोषणा की। अब वह इस दीवाली सरकारी कर्मचारियों को तोहफा देने जा रहे हैं।

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को घोषणा की है कि प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को दीवाली से पहले 7वें वेतन आयोग की तीसरी किश्त दी जाएगी। साथ ही सीएम ने यह भी घोषणा की है कि जिन प्रदेश के कर्मचारियों की वेतन 40 हजार से कम है। उन्हें 10 हजार रूपए एडवांस के दिया जाएगा। जिसे वह इस वित्तीय वर्ष यानी कि 31 मार्च तक कभी भी ले सकते हैं।

800 करोड़ का पड़ेगा भार

सीएम शिवराज की इस घोषणा का लाभ प्रदेश के 4.37 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। इन सभी कर्मचारियों के खाते में दीवाली से पहले 7वें वेतन आयोग की तीसरी किश्त ट्रांसफर की जाएगी। खबर तो यह भी है कि इसी वित्तीय वर्ष में पूरे एरियर का भुगतान किए जाने की योजना है। जिससे सरकार के खजाने में 800 करोड़ रूपए का अतिरिक्ता भार पड़ेगा।

10 हजार मिलेगा अतिरिक्त

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सभी की दीवाली अच्छे से मने, किसी को भी कोई दिक्कत न हो। इसे देखते हुए हमने फैसला लिया है कि जिन प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के वेतन 40 हजार से कम है। उन्हें 10 हजार रूपए फेस्टिव एडवांस के रूप में दिया जाएगा। यह एडवांस कर्मचारी 31 के अंदर कभी भी ले सकेंगे।

यह कर चुके हैं घोषणा

सीएम शिवराज सिंह चैहान बीते अगस्त माह से अब तक कई घोषणाएं कर चुके हैं। जिसमें किसान सम्मान निधि के रूप में प्रदेश के किसानों को 4 हजार रूपए, नगरीय क्षेत्र में प्राॅपटी खरीदी एवं बिक्री में पहले 3 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी ली जाती थी जिसे शिवराज ने घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया है। इसी तरह शिवराज सरकार ने कहा था कि राज्य की नौकरी सिर्फ प्रदेश की युवाओं के लिए होगी।

इसके लिए जरूरत पड़ी तो वह कानून भी बनाएंगे। सीएम की अगली घोषणा थी बिजली बिल। उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सीएम ने कहा था कि अब बकाया बिल के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। क्योंकि सरकार इसे माफ करने जा रही है। सीएम ने यह भी कहा थ कि आने वाले समय में एक माह का ही बिल देना होगा। इसी तरह सीएम ने स्वतंत्रा दिवस पर दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की थी। जिससे 48 हजार कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

नवाज शरीफ के दामाद की गिरफ्तारी पर पाकिस्‍तान में भूचाल, सेना के खिलाफ सिंध पुलिस का ‘विद्रोह’

इस्‍लामाबाद
पाकिस्‍तान में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दामाद कैप्टन सफदर की गिरफ्तारी से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस पूरे बवाल में पाकिस्‍तानी सेना केंद्र में है और इमरान खान सरकार का बचाव करना उसके लिए बड़ा भारी पड़ रहा है। हालात इतने खराब हो गए कि सिंध प्रांत की पुलिस ने एक तरह से पाकिस्‍तानी सेना के बढ़ते हस्‍तक्षेप के खिलाफ ‘विद्रोह’ कर दिया। विपक्ष और मीडिया के चौतरफा दबाव के बाद पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को आनन-फानन में जांच के आदेश देने पड़े हैं। आइए विस्‍तार से जानते हैं क्‍या है पूरा विवाद….

पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत की राजधानी कराची में 11 विपक्षी दलों के महागठबंधन ‘पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट’ (PDM) का 18 अक्टूबर को विशाल जलसा हुआ। मरियम नवाज ने रैली में प्रधानमंत्री इमरान खान को ‘कायर और कठपुतली’ करार दिया था तथा फौज के पीछे छिप जाने वाला बताया था। इससे पहले गुजरांवाला में हुई जनसभा में नवाज शरीफ ने भी सेना और इमरान खान पर जमकर हमला बोला था।

मरियम नवाज ने पाकिस्‍तानी सेना, इमरान पर बोला हमला
मरियम नवाज ने इमरान खान पर जमकर निशाना साधा और कहा कि इमरान खान अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए पाकिस्‍तानी सेना के पीछे छिप रहे हैं। इससे पाकिस्‍तानी सेना की छवि पर बट्टा लग रहा है। उन्‍होंने इमरान खान के बारे में कहा, ‘जब आपसे जवाब मांगा जाता है तो आप सेना के पीछे छिप जाते हो। आप कायर हो। आपने सेना का नाम बदनाम कर दिया।’ मरियम ने प्रधानमंत्री इमरान खान को चुनौती दी थी कि उन्हें गिरफ्तार कराके दिखाएं और वह जेल जाने से नहीं डरतीं। कराची के जलसे को संबोधित करने के बाद मरियम नवाज अपने पति के साथ होटल पहुंचीं।

इस बीच रात को ही कराची पुलिस ने मरियम नवाज के पति कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद सफदर को अरेस्‍ट कर लिया। मरियम ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने कराची में होटल के उस कमरे का दरवाजा तोड़ दिया जिसमें मैं ठहरी हुयी थी और कैप्टन सफदर को गिरफ्तार कर लिया। उन पर पुलिस ने कथित रूप से कायद-ए-आजम की कब्र की पवित्रता की अवहेलना करने का आरोप लगाया गया। हालांकि विपक्ष के चौतरफा दबाव और ठोस सबूत नहीं होने की वजह से पुलिस को उन्‍हें कुछ घंटे में रिहा भी करना पड़ा।

सफदर की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक भूचाल
कैप्‍टन सफदर की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक भूचाल आ गया। विपक्ष और मीडिया ने आरोप लगाया कि पाकिस्‍तानी सेना के अधिकारियों ने 18 अक्‍टूबर की रात को सिंध के आईजीपी मुश्‍ताक महार का अपहरण कर लिया और उनसे जबरन सफदर के खिलाफ एफआईआर पर हस्‍ताक्षर कराया। विपक्ष के आरोपों को उस समय दम मिला जब सिंध पुलिस के आईजीपी मुश्‍ताक महार अपने अपहरण से दुखी होकर छुट्टी पर चले गए। आईजीपी मुश्‍ताक के छुट्टी पर जाने के बाद सिंध के 70 से ज्‍यादा शीर्ष पुलिस अधिकारी छुट्टी पर चले गए।

सिंध पुलिस के आला अधिकारियों के छुट्टी पर जाने के बाद विपक्ष ने पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा पर सीधे-सीधे हल्‍ला बोल दिया। नवाज शरीफ ने ट्वीट करके कहा, ‘कराची की घटना से इस विचार को बल मिलता है कि राज्‍य से ऊपर राज्‍य (पाकिस्‍तान में) है। आपने प्रांतीय सरकार को मिले जनमत का मजाक उड़ाया, परिवार की निजता को तार-तार कर दिया, अपने आदेश को मनवाने के लिए सीनियर पुलिस अधिकारी का अपहरण कर लिया। हमारी सेना की छवि खराब कर दी। आईजीपी का पत्र इस बात की तस्‍दीक करता है कि आपने संविधान को ताक पर रख दिया।’

बिलावल भुट्टो जरदारी ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख से बात की


इसी बीच विपक्षी नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा और आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद से बात की। उन्होंने बिलावल ने आरोप लगाया था कि जिस कराची से नवाज के दामाद को गिफ्तार किया गया वह सिंध प्रांत में आता है और इस प्रांत में हमारी पार्टी की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसियों ने इसकी जानकारी राज्य सरकार को नहीं दी थी। इसलिए यह एक साजिशन गिरफ्तारी का मामला है।

बिलावल भुट्टो ने बाजवा को इशारों ही इशारों में चेतावनी दी कि इस तरह से सफदर की गिरफ्तारी गलत थी और इससे सेना की विश्वसनीयता को खतरा पैदा हो सकता है। उनकी गिरफ्तारी की जानकारी सिंध पुलिस के प्रमुख तक को नहीं थी। बिलावल ने सेना प्रमुख बाजवा और जनरल फैज हामिद से जांच की मांग की। विपक्ष और मीडिया के जोरदार हमले से डरे पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा ने आनन-फानन में इस मामले की जांच के आदेश दे दिए।

पूरे मामले को लेकर जनरल बाजवा की देशभर में थू-थू
पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बयान जारी कर कहा है कि कराची कॉप्स कमांडर को परिस्थितियों का तुरंत पता लगाने और जल्द से जल्द वापस रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। सेना के इस कदम के बाद आईजीपी मुश्‍ताक ने अपनी छुट्टी को रद्द कर दिया है। उधर, इस पूरे मामले को लेकर जनरल बाजवा की देशभर में थू-थू हो रही है। विपक्ष सेना से राजनीति से दूर रहने के लिए कह रहा है।

चीन में अब ‘ब्रुसेलोसिस’ बीमारी का कहर तेज, कई राज्यों में हजारों लोग संक्रमित

पेइचिंग
चीन में कोरोना वायरस के बाद अब ‘ब्रुसेलोसिस’ नाम का बैक्टीरिया से संक्रमण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। चीन के कई नए राज्यों में इस बैक्टीरिया से संक्रमित लोगों की तादात लगातार बढ़ रही है। चीनी अधिकारियों के अनुसार, इस बीमारी का पहला मामला पिछले साल जुलाई में एक बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी में रिसाव के बाद सामने आया था। पिछले महीने ही गांसु प्रांत की राजधानी लान्चो के स्वास्थ्य आयोग ने बताया था कि अबतक 3,245 लोग इस बैक्टीरिया से संक्रमित हो चुके हैं।

कई नए राज्यों में फैली बीमारी

हाल के दिनों में चीन के गांसु प्रांत, शाक्सनी प्रांत और इनर मंगोलिया में बैक्टीरियल ब्रुसेलोसिस के कई मामलों की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रोग कुछ हफ्तों, महीनों या वर्षों तक रह सकता है। इस बीमारी से संक्रमित मरीज को पसीने के साथ-साथ जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होता है। सितंबर की शुरुआत में चीनी मीडिया ने बताया था कि उत्तर-पश्चिमी चीन के सबसे बड़े बच्चों के अस्पताल में पांच बच्चे इस बीमारी से संक्रमित हुए हैं।

क्या है यह बीमारी

ब्रुसेलोसिस एक जूनोटिक रोग है जो पशुओं और कुत्तों सहित जानवरों को प्रभावित करता है। अगर इसके सीध संपर्क में इंसान आते हैं तो यह बैक्टीरिया उन्हें भी संक्रमित कर सकता है। यह बीमारी संक्रमित पशु का दूध पीने या मीट खाने से भी मनुष्य में फैलती है। इस बीमारी से ग्रसित होनेवाले इंसान को ठंड लगकर बुखार आता है। बहुत अधिक कमजोरी और थकान के कारण मरीजअचानक से चक्कर आकर बेहोश भी हो जाता है।

एक्सपायर्ड डिसइन्फेक्टेंट इस्तेमाल

अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल ऐंड प्रिवेन्शन (CDC) के मुताबिक इन्फेक्शन होने पर कुछ लक्षण लंबे वक्त के लिए रह सकते हैं जबकि कुछ ऐसे भी हो सकते हैं कि कभी पूरी तरह से जाएं ही ना, जैसे अर्थराइटिस या किसी अंग में सूजन। चीनी प्रशासन ने पाया है कि बायोफार्मासूटिकल प्लांट ने एक्सपायर हो चुके डिसइन्फेक्टेंट का इस्तेमाल किया था। यहां Brucell वैक्सीन बनाई जा रही थीं। इसकी वजह से फैक्ट्री के एग्जॉस्ट से बैक्टीरिया कभी पूरी तरह से साफ ही नहीं हुआ।

NEET परीक्षाओं के परिणाम में बड़ी खामी का खुलासा, टॉपर को ही बता दिया फेल

नई दिल्ली:  नीट परीक्षा (NEET 2020) के परिणाम में बड़ी खामी का खुलासा हुआ है. एसटी कैटेगरी के टॉपर मृदुल रावत को NEET 2020 के रिजल्ट में फेल बता दिया गया. इसके बाद जब आंसर की और रिकॉर्डेड रिस्पोंसेबल शीट चेक हुई तो मृदुल न सिर्फ पास हुए बल्कि वह एसटी कैटेगरी के टॉपर निकले. इसके बाद नीट के रिजल्ट को लेकर कई कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

16 अक्टूबर को देशभर में NEET परीक्षाओं के परिणाम (Neet Exam Result 2020) सामने आए थे. जिसमें सफल होने वाले अलग अलग बच्चों ने अपनी कामयाबी की कहानी सुनाई. इन परिणामों में एक बड़ी खामी सामने आई है. दरअसल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की लिस्ट में मृदुल रावत को फेल बता दिया गया जबकि वो ST कैटेगरी में ऑल इंडिया टॉपर थे.  

मृदुल को 650 अंक मिले
NEET के रिजल्ट में मृदुल रावत को 329 अंक मिले मगर जैसे ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA ) की ओर से आंसर की और रिकॉर्डेड रिस्पोंसेबल शीट जारी हुई तो पता चला कि मृदुल को 650 अंक मिले हैं. यही नहीं इन अंकों के हिसाब से वो ST कैटेगरी में ऑल इंडिया टॉपर हैं.

अपना रिजल्ट देखने के बाद मृदुल काफी परेशान हो गए थे कि उन्हें इतने कम नंबर कैसे मिल सकते हैं. यहां तक कि मृदुल ने खाना भी नहीं खाया. अब इस खुलासे के बाद NEET परिणामों में आई इतनी बड़ी खामी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

पीएम मोदी का संबोधन: जब तक दवाई नहीं, ढिलाई नही

“अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आप को, अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों को, बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं.”

कोरोना महामारी को लेकर लोगों को एहतियात बरतने की सलाह देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के नाम अपने संबोधन में कहा कि हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है.

मोदी के संबोधन की ख़ास बातें

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता कर्फ्यू से लेकर आज तक हम भारतवासियों ने बहुत लंबा सफर तय किया है. समय के साथ आर्थिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं. हम में से अधिकांश लोग, अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए, फिर से जीवन को गति देने के लिए, रोज घरों से बाहर निकल रहे हैं.त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है. लेकिन हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है. बीते 7-8 महीनों में, प्रत्येक भारतीय के प्रयास से, भारत आज जिस संभली हुई स्थिति में हैं, हमें उसे बिगड़ने नहीं देना है

आज देश में रिकवरी रेट अच्छी है, मृत्यु दर कम है. दुनिया के साधन-संपन्न देशों की तुलना में भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का जीवन बचाने में सफल हो रहा है. कोविड महामारी के खिलाफ लड़ाई में टेस्ट की बढ़ती संख्या हमारी एक बड़ी ताकत रही है.सेवा परमो धर्म: के मंत्र पर चलते हुए हमारे डॉक्टर्स, नर्स, हेल्थ वर्कर्स इतनी बड़ी आबादी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं. इन सभी प्रयासों के बीच, ये समय लापरवाह होने का नहीं है. ये समय ये मान लेने का नहीं है कि कोरोना चला गया, या फिर अब कोरोना से कोई खतरा नहीं है.हाल के दिनों में हम सबने बहुत सी तस्वीरें, वीडियो देखे हैं जिनमें साफ दिखता है कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है. ये ठीक नहीं है. अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आप को, अपने परिवार को, अपने परिवार के बच्चों को, बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं.

आप ध्यान रखिए, आज अमरीका हो, या फिर यूरोप के दूसरे देश, इन देशों में कोरोना के मामले कम हो रहे थे, लेकिन अचानक से फिर बढ़ने लगे. जब तक सफलता पूरी न मिल जाए, लापरवाही नहीं करनी चाहिए. जब तक इस महामारी की वैक्सीन नहीं आ जाती, हमें कोरोना से अपनी लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देना है.बरसों बाद हम ऐसा होता देख रहे हैं कि मानवता को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है. अनेक देश इसके लिए काम कर रहे हैं. हमारे देश के वैज्ञानिक भी वैक्सीन के लिए जी-जान से जुटे हैं. भारत में अभी कोरोना की कई वैक्सीन्स पर काम चल रहा है. इनमें से कुछ एडवान्स स्टेज पर हैं.कोरोना की वैक्सीन जब भी आएगी, वो जल्द से जल्द प्रत्येक भारतीय तक कैसे पहुंचे इसके लिए भी सरकार की तैयारी जारी है. एक-एक नागरिक तक वैक्सीन पहुंचे, इसके लिए तेजी से काम हो रहा है. याद रखिए, जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं.एक कठिन समय से निकलकर हम आगे बढ़ रहे हैं, थोड़ी सी लापरवाही हमारी गति को रोक सकती है, हमारी खुशियों को धूमिल कर सकती है. जीवन की ज़िम्मेदारियों को निभाना और सतर्कता ये दोनो साथ साथ चलेंगे तभी जीवन में ख़ुशियाँ बनी रहेंगी. दो गज की दूरी, समय-समय पर साबुन से हाथ धुलना और मास्क का ध्यान रखिए.