केंद्र के बिलों के विरोध में प्रस्ताव लाने वाला पंजाब पहला राज्य बना, मुख्यमंत्री ने 3 बिल पेश किए

पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज केंद्र सरकार के कृषि बिलों और प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल के खिलाफ प्रस्ताव (रिजोल्यूशन) पेश किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों कृषि बिल और प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी बिल किसानों और बिना जमीन वाले मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। केंद्र के बिलों के खिलाफ अमरिंदर सरकार ने अपने 3 बिल पेश किए हैं।

संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने खेती-किसानी से जुड़े 3 बिल पेश किए थे। पंजाब कई राज्यों ने इनका विरोध किया था। शिरोमणि अकाली दल ने तो NDA से नाता ही तोड़ दिया था। केंद्र के तीनों बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 29 सितंबर को कानून बन गए थे।

अकाली दल ने कांग्रेस के मेनिफेस्टो की कॉपी जलाई
पंजाब विधानसभा के स्पेशल सेशन का आज दूसरा दिन है। आज विधानसभा सेशन में जाने के पहले शिरोमणि अकाली दल के विधायकों ने 2017 चुनाव के कांग्रेस के मेनिफेस्टो की कॉपियां जलाकर विरोध किया। विधायक विक्रम मजीठिया ने कहा कि कांग्रेस वोट लेने के लिए अपने मेनिफेस्टो में कई तरह की बातें तो लिखती है, लेकिन अपनी सरकार आने के बाद भी अमल नहीं करती।

आप के विधायक सदन में ही धरने पर बैठ गए थे
इससे पहले सोमवार को विधानसभा में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। अकाली नेता ट्रैक्टर और आप विधायक काला चोला पहनकर पहुंचे। राज्य सरकार की ओर से केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ लाए जा रहे बिल की कॉपी न मिलने पर विपक्ष ने काफी हंगामा किया। इसके विरोध में आप विधायक रातभर सदन में ही धरने पर बैठे रहे।

इससे पहले सोमवार को विधानसभा में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। अकाली नेता ट्रैक्टर और आप विधायक काला चोला पहनकर पहुंचे। राज्य सरकार की ओर से केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ लाए जा रहे बिल की कॉपी न मिलने पर विपक्ष ने काफी हंगामा किया। इसके विरोध में आप विधायक रातभर सदन में ही धरने पर बैठे रहे।

यहां बिक रहे हैं गाय के गोबर से बने 12 आइटम, घर बैठें ऐसे खरीदें

नई दिल्ली. दीवाली पर चीन के बने आइटम को टक्कर देने, गौशालाओं की आय का साधन बनाने और गाय के गोबर का महत्व लोगों तक पहुंचाने के मकसद से ‘कामधेनु दीपावली अभियान’ शुरु किया गया है. यह अभियान राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) ने शुरु किया है. इस अभियान के तहत दीवाली से जुड़े 12 आइटम खासतौर से गाय के गोबर से बनाए गए हैं. महिला समूहों को जोड़कर पहले उनहें सामान बनाने की ट्रेनिंग दी गई. उसके बाद समूहों को शहर-शहर में मौजूद गौशालाओं से जोड़ा गया. सामान तैयार किया गया. तैयार सामान आपसी जनसंपर्क और लोकल बाज़ार की मदद से लोगों के बीच बेचा रहा है.

दिवाली के लिए बनाए गए हैं यह 12 आइटम -आरकेए के अध्यक्ष डॉ.वल्लभभाई कथीरिया का कहना है कि ‘कामधेनु दीपावली अभियान’ से पहले हम पीएम नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर गौमाया गणेश अभियान चलाया था. गाय का गोबर मिलाकर मूर्तियां तैयार की गईं थी. अभियान के सफल होने के बाद अब दीवाली के लिए तैयारी की गई है. दीवाली के लिए खास दिये, मोमबत्ती, धूपबत्ती, अगरबत्ती, शुभ-लाभ, स्वस्तिक, समरणी, हार्डबोर्ड, वॉल-पीस, पेपर-वेट, हवन सामग्री, भगवान लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बनाई गई हैं. इस अभियान से पंचगव्य उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा.

11 करोड़ परिवार में 33 करोड़ दियों से जगमग होगी दिवाली – आरकेए के अध्यक्ष का कहना है कि वैसे तो डिमांड के हिसाब से जितना माल बन जाए उतना ही अच्छा है. लेकिन फिर भी हमने एक लक्ष्य तय किया है. जैसे देश के 11 करोड़ परिवारों तक 33 करोड़ गाय के गोबर से बने दीए पहुंचाने का लक्ष्य लिया है. इसमे से 3 लाख दीयों का ऑर्डर हमे अयोध्या, एक लाख वाराणसी से पहले ही मिल चुका है. इसके पीछे हमारा सबसे बड़ा मकसद चीन के बने दीयों को खत्म कर अपने लोगों के लिए रोज़गार के रास्ते खोलने हैं.

रोज़गार बढ़ाने के लिए इन्हें जोड़ा गया है ‘कामधेनु दीपावली अभियान’ – आरकेए अध्यक्ष का कहना है कि बेशक शुरुआत के दौरान बने सामानों की संख्या और उसे बनाने वालों की संख्या कम हो, लेकिन हमारा मकसद से बढ़ाकर हर भारतीय घर तक गाय के गोबर से बने यह 12 आइटम पहुंचाने का है. इसी के चलते रोज़गार बढ़ाने और इस अभियान से हर भारतीय को जोड़ने के लिए शुरुआती पहल में हमने डेयरी किसानों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और युवा उद्यमियों, गौशालाओं, गोपालकों, स्वयं सहायता समूहों आदि जैसे और भी दूसरे लोगों को जोड़ने का अभियान जारी है.

अगर कोई किसी की मां-बहन को ‘आइटम’ कहेगा तो… कमलनाथ पर शिवराज का एक और हमला

कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ‘आइटम’ वाले बयान पर बवाल जारी है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ द्वारा ‘आइटम ’वाली टिप्पणी को लेकर स्पष्टीकरण जारी करने के बाद उन पर एक बार फिर से हमला किया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आपको क्या हो गया है। आपने जो कहा है मैं उसे दोहरा भी नहीं सकता। 

सोमवार को एक चुनावी रैली के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर हमला करते हुए कहा, ‘पूर्व सीएम कमलनाथ आपको क्या हो गया है। आप 74 साल के हैं और आपने भाजपा नेता इमरती देवी के बारे में जो कुछ भी कहा, उसे मैं दोहरा भी नहीं सकता।’ उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए आगे कहा कि जब हमने आपत्ति जताई तो उन्होंने बेशर्मी से सभी को खुद सहित एक आइटम कहा … अगर कोई किसी की मां और बहन को ‘आइटम’ कहेगा, तो क्या आप इसे सहन करेंगे?

इससे पहले ग्वालियर जिले के डबरा से भाजपा  प्रत्याशी एवं राज्य की मंत्री श्रीमती इमरती देवी को लेकर की गई टिप्पणी के एक दिन बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था। कमलनाथ ने पत्र में लिखा कि उन्होंने अपने 40 वर्ष के सार्वजनिक जीवन में सदैव महिलाओं का सम्मान किया है और वे सदैव महिलाओं का सम्मान करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लेकिन वह महिलाओं के सम्मान का दिखावा कर कुत्सित राजनीति नहीं करेंगे। कमलनाथ ने पत्र में लिखा है कि उन्होंने डबरा की सभा में अपने संबोधन में कोई भी असम्मानजनक टिप्पणी नहीं की है। 

वहीं, चुनाव आयोग ने कमलनाथ द्वारा की गई टिप्पणी पर सोमवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। कमलनाथ ने ग्वालियर के डबरा में रविवार को एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए भाजपा उम्मीदवार इमरती देवी के बारे में कथित टिप्पणी की थी। इमरती देवी सहित 21 अन्य विधायकों ने मार्च में कांग्रेस से और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद कमलनाथ सरकार गिर गयी थी। इन विधायकों को ज्योतिरादित्य सिंधिया का करीबी माना जाता है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर, हमने एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह मंगलवार को आयोग को मिल जाएगी। इसके आधार पर आयोग विचार करेगा।

कमलनाथ ने क्या कहा था

सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं… ये उसके जैसे नहीं हैं…क्या है उसका नाम…. मैं क्या उसका नाम लूं?…आपको तो मुझे पहले ही सावधान करना चाहिए था…. ये क्या आइटम है….। कमलनाथ ने यह हिंदी में ही कहा, जबकि भीड़ इमरती देवी का नाम ले रही थी। 

लद्दाख के डेमचोक में सेना ने चीनी सैनिक को पकड़ा, मिले अहम दस्तावेज

भारत-चीन में महीनों से चल रहे सीमा विवाद के बीच भारतीय सेना ने चुमार-डेमचोक इलाके में एक चीनी सैनिक को पकड़ा है। चीनी सैनिक के पास से अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जवान के पकड़े जाने के बाद से ही सुरक्षाबल उससे पूछताछ कर रहे हैं। 

न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के अनुसार, यह चीनी सैनिक भारतीय सीमा में पकड़ा गया है। सूत्रों ने कहा, ”हो सकता है कि यह सैनिक अनजाने में भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया हो। पूरी प्रक्रिया का पालन करने के बाद उसे स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार चीनी सेना को वापस किया जाएगा।”

उल्लेखनीय है कि भारत-चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर अप्रैल से तनावपूर्ण स्थिति बरकरार है। यह तनाव जून में तब चरम पर पहुंच गया था, जब गलवान घाटी में दोनों सेनाएं आमने-सामने आ गई थीं। इस दौरान हिंसक टकराव होने की वजह से भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि बड़ी संख्या में चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे। इसके बाद, गत 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात को इलाके में पीएलए के सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों को डराने-धमकाने की कोशिश के बाद भारतीय सैनिकों ने पैंगोंग झील के दक्षिणी तट के आसपास स्थित मुखपारी, रेजांग ला और मगर पहाड़ी इलाकों में नियंत्रण हासिल कर लिया था।

दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव के हालात को कम करने के लिए लगातार कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत हो रही है। दोनों देशों के विदेश मंत्री भी कुछ समय पहले रूस के मॉस्को में सीमा विवाद पर बातचीत कर चुके हैं। वहीं, अब तक सात बार सैन्य कमांडर स्तर की भी वार्ता हो चुकी है। माना जा रहा है कि आठवें दौर की बातचीत अगले सप्ताह हो सकती है जिसमें पूर्वी लद्दाख से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर ध्यान दिया जा सकता है जहां आने वाले समय में कड़ी सर्दियां पड़ने वाली हैं।

यात्रियों को तोहफा: आज से शुरू हुईं रेलवे की 392 त्योहार स्पेशल ट्रेनें

त्योहारी सीजन में भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बड़ा तोहफा दिया है। रेलवे ने अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। यात्रियों की सुविधाओं के लिए आज से 392 विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी। 

पश्चिम रेलवे के मुताबिक इन 392 स्पेशल ट्रेनों में से पांच जोड़ी ब्रांदा टर्मिनस से, दो-दो जोड़ी इंदौर और उधना से चलेंगी। वहीं, एक-एक जोड़ी ओखा, पोरबंदर और गांधीधाम स्टेशनों से चलेंगी। रेलवे के अनुसार, ये सभी गाड़ियां आरक्षित होंगी।

इस तारीख तक करा सकते हैं बुकिंग
रेलवे द्वारा इन सभी स्पेशल ट्रेनों का विशेष किराया वसूला जाएगा। अगर आप भी सफर करना चाहते हैं, तो ध्यान रहे कि इसकी बुकिंग 20 अक्तूबर यानी आज से 22 अक्तूबर के बीच ही की जा सकती है। हालांकि यात्रा के दौरान सभी सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

रेलवे ने एलान किया है कि दुर्गापूजा, दशहरा, दिवाली और छठ को देखते हुए अक्तूबर और नवंबर के बीच रेलवे 392 त्योहार विशेष ट्रेनें चलायी जाएगी। ये ट्रेनें 20 अक्तूबर (आज) से 30 नवंबर के बीच दौड़ेंगी। विशेष ट्रेनें कोलकाता, पटना, वाराणसी, लखनऊ जैसे शहरों के लिए चलेंगी। 

सामान्य ट्रेनों से 30 फीसदी ज्यादा किराया
रेलवे इन स्पेशल ट्रेनों में सामान्य से ज्यादा किराया वसूलेगा। इन स्पेशल ट्रेनों का किराया आम ट्रेनों के मुकाबले 30 फीसदी ज्यादा होगा। यानी इन ट्रेनों में सफर करने के लिए मुसाफिरों को ज्यादा खर्च करना होगा। बता दें कि रेलवे आम दिनों में हर दिन करीब 12 हजार ट्रेनें चलाता रहा है, लेकिन कोरोना संकट के बीच मांग के मुताबिक धीरे-धीरे ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। वहीं, कोरोना को देखते हुए रेलवे ने सख्त यात्रा नियम भी जारी किए हैं। साथ ही हिदायत दी है कि इन निमयों को तोड़ने पर जेल जाना पड़ सकता है। 

Hathras Case : जेल में आरोपियों से आज फिर पूछताछ कर सकती है CBI

हाथरस केस की सीबीआई जांच कर रही है. हाथरस में मौजूद सीबीआई की टीम मंगलवार को अलीगढ़ का दौरा कर सकती है. बताया जा रहा है कि सीबीआई ने आरोपियों से जेल में सोमवार को गहन पूछताछ की थी. वहीं, 3 दिन ग्रेस पीरियड के बाद स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानि एसआईटी की रिपोर्ट मंगलवार गृह मंत्रालय में दी जा सकती है, जिसके आधार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन लेंगे. इससे पहले भी एसआईटी की प्राइमाफेसी रिपोर्ट के आधार पर 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था. एसआईटी जांच को आधार बनाकर ही लखनऊ बेंच इलाहाबाद हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय में यूपी सरकार अपना पक्ष रखेगी.

बता दें कि हाथरस केस के मुख्य आरोपी संदीप और दूसरे आरोपी लवकुश से सबसे ज्यादा सवालों की बौछार सीबीआई ने की. सोमवार को पांच सदस्यीय टीम ने चारों आरोपियों से पूछताछ की है. सीबीआई की टीम जिला कारागार में करीब सात घंटे तक रही. जेल प्रशासन की ओर से टीम के सदस्यों को चारों आरोपियों को मिलवाने के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी. 

सीबीआई ने संदीप से घटना के बारे में पूछने के साथ ही पीड़िता से उसकी नजदीकियों पर भी सवाल किए. सीबीआई ने सभी जवाब को रिकॉर्ड कर लिया है. इसके बाद टीम के सदस्यों ने लवकुश से सवाल-जवाब किए थे. दावा किया जा रहा था कि उसने तो पीड़िता को घायल अवस्था में पड़ा देखकर पानी लाकर दिया था. 

कोरोना अपडेट: देश में कुल 76 लाख संक्रमित, 24 घंटे में 46 हजार नए मरीज आए, 69 हजार हुए ठीक

नई दिल्ली: भारत में एक दिन में कोरोना से मौत का आंकड़ा 600 से कम हो गया है, लेकिन फिर भी ये संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है. पिछले 24 घंटे में 46,790 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं और 587 कोरोना संक्रमितों ने अपनी जान गंवाई है. देश में रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या भी नए मामलों से ज्यादा आ रही है. बीते दिन 69,720 मरीज ठीक हो गए.

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 75 लाख 97 हजार तक पहुंच गई है. इनमें से एक लाख 15 हजार 197 मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं रिकवरी मामलों की संख्या 67 लाख 33 हजार तक पहुंच गई है और एक्टिव केस की संख्या घटकर 7 लाख 48 हजार पर आ गई है.

संक्रमण के एक्टिव केस की संख्या की तुलना में रिकवर हुए लोगों की संख्या आठ गुना ज्यादा है. महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कोरोना वायरस के एक्टिव केस, मृत्यु दर और रिकवरी रेट का प्रतिशत सबसे ज्यादा है. ICMR के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक कोरोना वायरस के कुल 9 करोड़ 61 लाख सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 10 लाख सैंपल की टेस्टिंग कल की गई. पॉजिटिविटी रेट करीब सात फीसदी है.

सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में एक्टिव केस
देश के एक्टिव केस 6 हफ्ते के बाद 8 लाख से नीचे आए हैं. 22 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में 20,000 से कम एक्टिव केस हैं. केवल केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में 50,000 से ज्यादा एक्टिव मामले रिपोर्ट हो रहे हैं. सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत का दूसरा स्थान है. कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया का दूसरा सबसे प्रभावित देश है. मौत के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत का नंबर है.

राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. मृत्यु दर गिरकर 1.51% हो गई. इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी घटकर 10% हो गई है. इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 88% पर है. भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है

महीनों से बंद शताब्दी एक्सप्रेस आज से शुरू, यात्रियों ने कहा- काफी राहत मिली

लॉकडाउन के चलते महीनों से बंद पड़ी नई दिल्ली-काठगोदाम-शताब्दी एक्सप्रेस आज से पटरी पर दौड़ने लगी.

दिल्ली। लॉकडाउन के चलते बंद शताब्दी एक्सप्रेस आज से शुरू हो गई. 22 मार्च से बंद नई दिल्ली-काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस ने रफ्तार पकड़ ली. यह ट्रेन नई दिल्ली से सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर चल कर 11 बजकर 40 मिनट पर शताब्दी पहुंचेगी. वहीं शाम 3 बजकर 35 मिनट पर काठगोदाम से चल कर रात 8 बजकर 50 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेगी.

यात्रियों में उत्साह
शताब्दी चलने से यात्रियों में खास उत्साह देखा गया यात्रियों का कहना था वो काफी दिनों से शताब्दी चलने का इंतज़ार कर रहे थे. अब इसके चलने से उन्हें काफी सहूलियत हुई है. वहीं एक यात्री ने बताया कि वो लॉकडाउन के बाद से घर नहीं गया था क्योंकि कोई ट्रेन नहीं चल रही थी. लिहाजा आज जब शताब्दी चली तो वो अपने घर जा रहा है.

कोरोना के चलते स्टेशन पर खास इंतजाम
वहीं दूसरी ओर रेलवे ने भी तमाम खास उपाय किये हैं. जैसे कि ट्रेन चलने से पहले सैनिटाइजेशन हो या फिर यात्रियों के लिए सीट में बैठने से पहले सैनिटाइज हो, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के उप स्टेशन अधीक्षक सुरेन्द्र बत्रा ने बताया कि हमने कोविड का तमाम प्रोटोकाल का पालन किया है और यात्रियों में भी ट्रेन चलने से काफी उत्साह है. बता दें ये ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से छूट कर गाजियाबाद, मुरादाबाद, रामपुर, हल्द्वानी होते हुए काठगोदाम पहुंचेगी.

राफेल के सामने कहीं नहीं टिकता चीनी J-20 फाइटर, एक नहीं कई हैं कारण 

भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े में राफेल के शामिल होने से चीन (China) की भी धड़कनें तेज हैं. चीन भी अपनी ताकत दिखाने कि कोशिश कर रहा है लेकिन सवाल उठता है कि क्या चीन का ये विमान भारत के राफेल से टक्कर ले पाएगा?

नई दिल्ली: भारत के वायु सेना प्रमुख राकेश कुमार सिंह भदौरिया  (Air chief marshal Rakesh Kumar Singh Bhadauria) ने कहा है कि इंडियन एयरफोर्य के बेड़े में राफेल जेट (Rafale jets) का शामिल होना सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है. उन्होंने टाइमिंग को बेहद अहम बताया है. उन्होंने कहा इंडियन एयरफोर्स में 1951 में गठित गोल्डन एरो स्क्वाड्रन (Golden Arrows squadron) पहले से ही लड़ाकू विमान उड़ा रहा है. इसी स्क्वाड्रन ने भारत-पाकिस्तान युद्ध (Bharat Pakistan War) में दुश्मन देश के छक्के छुड़ाए थे.

अब राफेल के शामिल होने से भारत के लड़ाकू विमानों के बेड़े से चीन (China) की भी धड़कनें तेज हैं. चीन भी अपनी ताकत दिखाने कि कोशिश कर रहा है लेकिन सवाल उठता है कि क्या चीन के ये विमान भारत के राफेल से टक्कर ले सकते हैं.

राफेल बनाम चीनी J-20 स्टील्थ!
चीन ने लद्दाख एयरबेस (Ladakh Airbase) से 200 मील की दूरी पर J-20 स्टील्थ फाइटर जेट्स (J-20 stealth fighter jets) तैनात किया है. स्टील्थ फाइटर जेट, जे -20 चीन ने जनवरी 2011 में दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के चेंग्दू में सैन्य एयरबेस पर परीक्षण के दौरान अपने बेड़े में शामिल किया था. मध्य लद्दाख में भारत-चीन गतिरोध के बीच अगस्त में सैटेलाइट पिक्चर्स में दो जेट दिखाई दिए थे. एक रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय वायुसेना ने Su-30 MKI, MiG-29, और मिग -29 K तैनात किया है. साथ ही अंबाला एयरबेस (Ambala Airbase) पर राफेल की तैनाती की गई है. अंबाला एयरबेस चीनी सीमा से सिर्फ 200 किलो मीटर दूर है. यह चीन को टेंशन दे रहा है.

चीन मानता है अपना ब्रह्मास्त्र
दरअसल ड्रैगन के शस्त्रागार में J-20 सबसे लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता वाला उन्नत फाइटर जेट माना जाता है. चीन के पास कम से कम 20 J-20 जेट हैं. महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या जे -20 जो युद्ध की परिस्थितियों में अनटेस्टिड है वो हिमालय (Himalaya) की चोटियों को पार कर पाएगा? क्योंकि यह ‘चौथी पीढ़ी’ का फाइटर है न कि अपडेटेड ‘पांचवी पीढ़ी’ का. भले ही चीनी वायु सेना J-20 की तुलना US F-22 और F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमानों से करता हो लेकिन पश्चिमी विशेषज्ञ ऐसा नहीं मानते. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि किसी ने इन दावों के मुताबिक असल परीक्षण देखा ही नहीं है.

चीन करता है अमेरिका से तुलना
चीन अपने इस फाइटर विमान को अमेरिकी फाइटर विमानों जैसा बताता है. दावा किया जाता है कि J-20 304 मील प्रति सैकंड की दर से 2100 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है. सिंगल सीटर फाइटर जेट का निर्माण चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री ग्रुप (CAIG) ने किया है. चीन ने अपने सहयोगी पाकिस्तान को जेएफ -17 जेट्स की तकनीक आउटसोर्स भी की है. खबरें हैं कि चीन से जे -17 जेट का पहला बैच पाकिस्तान को मिल चुका है. कहा जाता है कि इसी जेएफ -17 जेट का प्रयोग पाकिस्तानी वायु सेना द्वारा पिछले साल बालाकोट में किया था.

भारत की ताकत राफेल की खूबियां अपार
बात करें भारत की तो रूस से सुखोई जेट आयात करने के बाद 23 वर्षों में राफेल भारत का पहला बड़ा लड़ाकू विमान बेड़े में शामिल हुआ है. राफेल जेट कई शक्तिशाली हथियारों को ले जाने में सक्षम है. राफेल उल्का पिंड से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइल ले जा सकता है. जिसकी रेंज 250 से 300 किलोमीटर तक होती है. यूके, जर्मनी, इटली, फ्रांस, स्पेन और स्वीडन के सामने आने वाले आम खतरों का मुकाबला करने के लिए एमबीडीए द्वारा यह विकसित किया गया था. राफेल 50,000 फीट प्रति मिनट की गति से चढ़ाई कर सकता है. इस दौरान हवा से हवा में मार कर सकता है.

राफेल एक साथ हवा में कई हमले कर सकता है जिनमें एयर टू एयर फायरिंग भी शामिल है. यह एयर-टू-ग्राउंड स्ट्राइक को भी अंजाम दे सकता है. राफेल की मिशन प्रणाली में विभिन्न प्रकार के वर्तमान और भविष्य के हथियारों को एकीकृत करने की क्षमता है.

खास है डिजायन
यह MICA एयर-टू-एयर ‘बियॉन्ड विजुअल रेंज’ (BVR) इंटरसेप्शन, कॉम्बैट और सेल्फ डिफेंस मिसाइलों जैसे हथियारों को संचालित करने में सक्षम है. लंबी दूरी तक हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल METEOR, हैमर मॉड्यूलर, रॉकेट, लेजर बम भी इसकी ताकत हैं. राफेल को 14 हार्डपॉइंट्स के साथ फिट किया गया है, जिनमें से पांच ड्रॉप टैंक हैं जो भारी अस्त्र ढोने में सक्षम हैं. इसकी कुल बाहरी भार क्षमता नौ टन से अधिक है. इसका मतलब हुआ कि राफेल अपने खुद के खाली वजन के बराबर वजन उठा सकता है. इसके कॉकपिट का डिज़ाइन भी बेहद खास है जिसमें काफी स्पेस है.

राफेल के सभी ऑपरेशन सफल
राफेल युद्ध के लिए तैयार है, इसका पहले ही युद्ध की परिस्थितियों में प्रयोग हो चुका है. अफगानिस्तान, बेंगाजी, इराक और सीरिया में अलग-अलग इलाकों में चले ऑपरेशनों में राफेल गरज चुका है. इस हिसाब से चीनी J-20 इसके सामने कहीं नहीं टिकता. इसके अलावा राफेल के भारतीय वायुसेना में शामिल होने को रूस द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में एक नया अध्याय बता रहा है.