भारत क्यों 800 वर्षों तक रहा गुलाम? फारूक अब्दुल्ला के बयान से मिला जवाब

भारत क्यों 800 वर्षों तक गुलाम रहा?- इसका उत्तर, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के हालिया वक्तव्य में मिल जाता है। एक टीवी चैनल द्वारा पूछे चीन संबंधी सवाल पर अब्दुल्ला कहते हैं, ‘अल्लाह करे कि उनके जोर से हमारे लोगों को मदद मिले और अनुच्छेद 370-35ए बहाल हो।’ फारूक का यह वक्तव्य ऐसे समय पर आया है, जब सीमा पर भारत-चीन युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं। 

यह न तो कोई पहली घटना है और न ही फारूक ऐसा विचार रखने वाले पहले व्यक्ति। वास्तव में, फारूक उन भारतीयों में से एक हैं, जो ‘बौद्धिक दासता’ रूपी रोग से ग्रस्त हैं। यह पहली बार नहीं है, जब ‘व्यक्तिगत हिसाब’, ‘महत्वाकांक्षा’ और ‘मजहबी जुनून’ पूरा करने और सत्ता पाने की उत्कंठा में कोई जन्म से ‘भारतीय’देश के प्रति अपनी संदिग्ध निष्ठा के साथ या विदेशी
शक्तियों के हिमायती के रूप में सामने आया हो।

क्या मीर जाफर ने बंगाल का नवाब बनने की लालसा में प्लासी के युद्ध में अंग्रेजों की मदद नहीं की? क्या यह सत्य नहीं कि जयचंद, पृथ्वीराज चौहान से निजी रंजिश के कारण विदेशी इस्लामी आक्रांता मोहम्मद गौरी से जा मिला? क्या मैसूर के आततायी शासक टीपू सुल्तान ने भी मराठाओं और अंग्रेजों से लड़ने के लिए इस्लाम के नाम पर अफगानिस्तान के शासक जमन शाह दुर्रानी से मदद नहीं मांगी थी? यह अलग बात है कि उसकी यह इच्छा पूरी नहीं हुई।

अफगान शासक अहमद शाह दुर्रानी भी ‘काफिर’ मराठाओं से लड़ने तत्कालीन मुगलों, नवाबों और शाह वलीउल्लाह देहलवी जैसे मौलवियों के कहने पर भारत आया था। 1920 में खिलाफत आंदोलन (1918-24) के समय हजारों भारतीय मुस्लिम ‘दारुल हरब’ भारत से ‘दारुल इस्लाम’ अफगानिस्तान की ओर हिजरत पर निकल गए थे। तब कांग्रेस के नेता और स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद- इस इस्लामी अभियान के मुख्य संचालकों में से एक थे। 

फारूक अब्दुल्ला की मानसिकता का आकलन उनके पारिवारिक इतिहास में निहित है। उनके पिता शेख अब्दुल्ला घोर सांप्रदायिक कश्मीरी नेता थे। दशकों से हम कश्मीर को जिस ‘संकट’ में घिरा देख रहे हैं, उसके मुख्य रचनाकार शेख अब्दुल्ला ही थे, जिन्हें-‘काफिर’ महाराजा हरिसिंह जैसे देशभक्त के खिलाफ मजहबी आंदोलन चलाने, 1947-48 में बढ़ती भारतीय सेना को बिना पूरे कश्मीर को मुक्त कराए युद्धविराम की घोषणा करवाने और अनुच्छेद 370-35ए लागू करवाने में पंडित जवाहरलाल नेहरू का संरक्षण प्राप्त था। 

वास्तव में, शेख अब्दुल्ला कश्मीर में सैयद अहमद खान के विषाक्त विचारों का ही दोहन कर रहे थे- जिन्होंने 1857 की पहली स्वतंत्रता क्रांति के बाद ब्रितानी हितों के प्रति वफादार रहते हुए मुस्लिम अलगाववाद (‘दो राष्ट्र सिद्धांत’) का बीजारोपण किया था। ‘काफिर-कुफ्र’ दर्शन को अब्दुल्ला परिवार ने कालांतर में तत्कालीन केंद्र सरकारों की अनुकंपा से ऐसे पोषित किया कि 1980-90 आते-आते घाटी में कई ऐतिहासिक मंदिरों को तोड़ दिया गया, दर्जनों हिंदू मौत के घाट उतार दिए गए और उनकी महिलाओं से सरेआम बलात्कार किया गया।

परिणामस्वरूप, पांच लाख हिंदू कश्मीर से पलायन कर गए। उस समय देश के गृहमंत्री पद पर मुफ्ती मोहम्मद सईद (महबूबा मुफ्ती के पिता) आसीन थे। अनुच्छेद 370-35ए की बहाली हेतु फारूक अब्दुल्ला जिस साम्यवादी चीन से सहयोग मांग रहे हैं, उसका अपना इस्लाम के प्रति ट्रैक रिकॉर्ड क्या है? शेख अब्दुल्ला से लेकर उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की राजनीति मस्जिदों से शुरू होकर ‘इस्लाम खतरे में है’ पर खत्म होती है। वहीं चीन अपने शिनजियांग प्रांत में चीनी समाजवाद को बढ़ावा देने के नाम पर सैकड़ों मस्जिदों को जमींदोज कर चुका है। 

चीन में मुसलमानों की संख्या दो करोड़ है। अपने मुस्लिम विरोधी राजकीय अभियान के अंतर्गत, चीनी सरकार ने इस्लाम के ‘चीनीकरण’ हेतु पंचवर्षीय योजना तैयार की है, जिसमें मुसलमानों के इस्लामी नाम रखने, दाढ़ी बढ़ाने और कुरान पढ़ने पर प्रतिबंध है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिनजियांग में चीनी सरकार ने 10 लाख से अधिक उइगर मुस्लिमों को कट्टरवाद विरोधी गुप्त शिविरों में कैद करके रखा है, जहां उन्हें अपने मजहब की निंदा करने और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति निष्ठा रखने के लिए बाध्य किया जा रहा हैं। यही नहीं, पांच लाख उइगर बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर दिया गया है।

तिब्बत, जो 1950 से साम्राज्यवादी चीन के कब्जे में है- वहां दशकों से चीनी सरकार द्वारा प्रायोजित बौद्ध संस्कृति और पूजा-पद्धति को नष्ट करने का दुष्चक्र चल रहा है। विगत माह ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तिब्बत को एक ‘नया आधुनिक समाजवादी’ क्षेत्र बनाने, वहां अलगाववाद के खिलाफ एक ‘अभेद्य दीवार’ का निर्माण और तिब्बती बौद्ध अनुयायियों के ‘सिनीकरण’ का आह्वान किया है। अर्थात्- शी ने तिब्बती धरती पर तिब्बती पहचान को नष्ट करने का खुला एलान किया है। क्या फारूक अब्दुल्ला को लगता है कि चीनी सरकार, कश्मीर में शिनजियांग और तिब्बत से भिन्न नीति अपनाएगी? उन्हें स्मरण रहना चाहिए कि गद्दार कभी पुरस्कृत नहीं होते- चाहे वह मीर जाफर हो या फिर जयचंद।

दासत्व मानसिकता का अन्य उदाहरण बीते दिनों ही देखने को मिला था। कांग्रेस नीत संप्रगकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे शिवशंकर मेनन ने अमेरिकी पत्रिका के लिए आलेख में लिखा, ‘…अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोदी सरकार को अपने घरेलू एजेंडे लागू करने का फ्री-पास (स्वतंत्रता) दे दिया है।…’ फारूक अब्दुल्ला और शिवशंकर मेनन जैसे ‘विद्वान’ उस विकृत बौद्धिकता का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री को देश में मिले जनादेश पर काम न करके केवल विदेशी शक्तियों के इशारे पर काम करने का दर्शन है। यदि देश में बहुलतावाद, लोकतंत्र और सांविधानिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखना है, तो इस ‘बौद्धिक दासता’ को लगातार बेनकाब करना होगा। 

सीमा विवाद खत्‍म करने को चीन ने रखी शर्त, भारत बोला- पैंगोंग से एक साथ हटें दोनों सेनाएं

नई दिल्‍ली
पूर्वी लद्दाख सीमा पर तनाव खत्‍म करने को जारी बातचीत में चीन की दाल नहीं गल रही। उसने शर्त रखी थी कि पहले भारतीय सेना पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर ऐडवांस्‍ड पोजिशंस से वापस जाए। भारत ने चीन से दो टूक कह दिया है कि अगर सेनाएं हटेंगी तो दोनों तरफ से हटेंगी। एकतरफा ऐक्‍शन नहीं होगा। द इंडियन एक्‍सप्रेस ने उच्‍चपदस्‍थ सरकारी सूत्रों के हवाले से लिखा है कि भारत ने चीनी अतिक्रमण का जवाब देने के लिए सात जगह पर लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (LAC) को पार किया है।

ऐडवांटेज हमारे पास, इसी वजह से बिफरा है चीन

अगस्‍त के आखिर में भारतीय सैनिकों ने चुशूल सब-सेक्‍टर में अपने पैट्रोलिंग पॉइंट्स से आगे जाकर ऐडवांस्‍ड पोजिशंस पर पैठ बना ली थी। अब इस इलाके में भारत का दबदबा है क्‍योंकि न सिर्फ उसकी नजर स्‍पांगुर गैप पर है, बल्कि मोल्‍दो में चीनी टुकड़ी भी उसकी निगाह में है। इसी घटनाक्रम के बाद चीन के तेवर बदले हुए हैं। अखबार ने सूत्र के हवाले से लिखा है, “हमने सात जगह (LAC) पार की है। क्‍या आपको लगता है कि चीन अब भी बातचीत की मेज पर है?” उन्‍होंने कहा, “ताजा बातचीत में, वे (चीनी) चाहते थे कि भारत पहले दक्षिणी तट की पोजिशंस खाली कर दे। भारत ने मांग की कि एक साथ दोनों पक्ष झील के दोनों किनारों से पीछे हटें।”

India-China Standoff: चीन हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता, देश की सेना हर जवाब देने को तैयार- पूर्व आर्मी चीफ वीपी मलिक

‘चीन पर विश्‍वास नहीं होता है’
भारत और चीन के पास कोर कमांडर स्‍तर पर सात राउंड बातचीत हो चुकी है। राजनीतिक स्‍तर पर भी चीन के रुख को लेकर भारत सतर्क है। मॉस्‍को में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों की बातचीत के बावजूद जमीन पर चीन के तेवर नहीं बदले हैं। एक सूत्र ने द इंडियन एक्‍सप्रेस से कहा, “बीजिंग कहता है कि वह दोनों देशों की सीमा पर शांति और खुशहाली चाहता है। लेकिन भारत भी तो यही चाहता है। वे यह नहीं बताते कि उन्‍होंने इतनी संख्‍या में सैनिक वहां जमा क्‍यों किए।” उन्‍होंने कहा, “कुछ भी हो सकता है। विश्‍वास नहीं होता चीन पर। हम किसी भी तरह की चुनौती के लिए तैयार हैं।”

एलएसी पर आमने सामने हैं भारत-चीन सैनिक

भारतीय सेना के एक अधिकारी ने कहा कि अभी एलएसी पर हालात वैसे ही बने हुए हैं। लेकिन अब धीरे धीरे ठंड बढ़ रही है। कई जगह पर तापमान माइनस 10 तक पहुंच गया है और नवंबर-दिसंबर में यह माइनस 30 से माइनस 40 तक हो जाएगा। मुमकिन है कि उस वक्त चीन अपने सैनिकों की संख्या कुछ कम करे। ईस्टर्न लद्दाख में पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे यानी फिंगर एरिया में फिंगर-4 के पास, पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे रिजांग ला, रिचिंग ला के पास भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। इसके अलावा पीपी-17 और डेपसांग एरिया में भी दोनों देशों के सैनिक आमने सामने हैं। डेपसांग में चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों की पट्रोलिंग रोकी हुई है।

अब BJP से आर-पार की लड़ाई के मूड में LJP? चिराग बोले- हम अगर वोटकटवा तो 2014 से साथ क्यों रखा

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में टिकट बंटवारे में विवाद के बाद लोजपा के एनडीए गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद से ही लोजपा और एनडीए के भाजपा, जदयू और हम में सियासी जंग छिड़ी हुई है। ये जंग धीरे-धीरे तीखी बयानबाजी में तब्दील होती जा रही है।

भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के वोटकटवा वाले बयान को लेकर लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने शनिवार को पलटवार किया है। कहा है कि मुझे उनसे ऐसे बयान की उम्मीद नहीं थी। चिराग ने बातचीत में कहा कि भाजपा नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दबाव में आकर ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। चिराग ने नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा नेता अपने विवेक का इस्तेमाल करें।

चिराग ने कहा कि यदि हम वोटकटवा थे तो भाजपा ने हमें साथ क्यूं रखा। लोजपा प्रमुख ने एक बार फिर से कहा कि मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा है। चिराग ने कहा कि यदि नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बनते हैं तो मैं विपक्ष में बैठूंगा।

आपको बता दें कि गुरुवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लोजपा को मात्र एक वोटकटवा पार्टी करार दिया था। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी शुक्रवार को एक ऐसा ही बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा के बड़े नेताओं का नाम लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। लोजपा बस एक वोटकटवा पार्टी बनकर रह जाएगी।

जावडेकर ने कहा, ‘चिराग पासवान ने बिहार में एक अलग रास्ता चुन लिया है। वे भाजपा के बड़े नेताओं का नाम लेकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। हमारी कोई भी B और C टीम नहीं है। बिहार में एनडीए को तीन चौथाई बहुमत मिलने जा रहा है। चिराग पासवान की लोजपा बस एक वोटकटवा पार्टी बन कर रह जाएगी।’

इससे पहले गुरुवार को बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा था कि लोजपा और भाजपा के बीच कोई भी डील नहीं है। इस तरह की बातें प्रचारित की जा रही हैं, लेकिन उसके पीछे भी लोगों के अपने हित हैं। मोदी ने कहा कि लोजपा एक वोटकटवा पार्टी की तरह है। अगर वह किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है तो उसकी ताकत दो-तीन सीटों से अधिक जीतने की नहीं है। डिप्टी सीएम ने लोगों से यह भी अपील की कि आप लोजपा के उम्मीदवारों को वोट देकर अपने मत को बर्बाद न करें।

मुंबई: बांद्रा कोर्ट ने कंगना रनौत के खिलाफ FIR करने के दिए आदेश

मुंबई में बांद्रा कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ एक मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. बांद्रा कोर्ट में मुन्ना वराली और साहिल अशरफ सैयद ने याचिका दायर की है.

दायर याचिका पर कोर्ट आदेश में कहा गया है कि कंगना रनौत लगातार बॉलीवुड को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं. सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म से लेकर टीवी तक, हर जगह वह बॉलीवुड के खिलाफ बोल रही हैं. वह लगातार बॉलीवुड को नेपोटिज्म और फेवरेटिज्म का अड्डा बता रही हैं.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि कंगना ने बॉलीवुड के हिंदू और मुस्लिम कलाकारों के बीच खाई पैदा की है. वह लगातार आपत्तिजनक ट्वीट कर रही हैं जिससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हुई बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में कई लोग इससे आहत हैं.

असल में, इस सिलसिले में बांद्रा पुलिस स्टेशन ने कंगना के खिलाफ संज्ञान लेने से मना कर दिया. जिसके बाद याचिकाकर्ता ने मामले में जांच के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. कोर्ट ने कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. 

बिहार चुनाव में महागठबंधन का घोषणा पत्र जारी, फीस माफी, 10 लाख नौकरी सहित जानिए क्या-क्या किए वादे

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने नवरात्र के पहले दिन अपना घोषणा पत्र जारी किया। महागठबंधन ने साझा घोषणापत्र को बदलाव के संकल्प पत्र का नाम दिया है। आरजेडी के साथ-साथ कांग्रेस और वाम दलों में सरकार गठन के बाद बिहार के लिए जो प्राथमिकताएं तय की है उसका जिक्र इस घोषणापत्र में किया गया है।  तेजस्वी यादव ने ककहा कि आज शुभ दिन है, नवरात्र की शुरुआत है, कलश की स्थापना की गई है। कलश स्थापना के दिन संकल्प लिया जाता है।हम प्रण हमारा, संकल्प बदलाव का जारी कर रहे हैं। 

पटना के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत वाम दलों के प्रमुख नेताओं के साथ साझा घोषणापत्र को जारी किया गया। तेजस्वी ने कहा कि पहली कैबिनेट में ही दस लाख युवाओं को नौकरी दी जाएगी। और फीस माफी की भी घोषणा होगी। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि ये चुनाव नई दशा बनाम दुर्दशा का चुनाव है, ये चुनाव नया रास्ता और नया आसमान बनाम हिन्दू-मुसलमान का चुनाव है, ये चुनाव नए तेज़ बनाम फ़ेल तजुर्बे की दुहाई का चुनाव है, ये चुनाव खुद्दारी और तरक्की बनाम बंटवारा और नफरत का चुनाव है। घोषणा पत्र जारी करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, ‘बिहार में डबल इंजन की सरकार है। पिछले 15 साल से नीतीश कुमार बिहार में सरकार चला रहे हैं, लेकिन आज तक वो हमारे प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिला पाए। विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका से आकर बातचीत नहीं करेंगे।। हम वादा करते हैं कि कैबिनेट के पहले फैसले में ही बिहार में युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरी दी जाएंगी। इसके अलावा बिहार में हमारी सरकार बनने के बाद हम प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाएंगे।

ये हुए वादे : 

  • पहली कैबिनेट में दस लाख नौजवानोंं को रोजगार 
  • परीक्षा के लिए भरे जाने वाले आवेदन फार्म पर फीस माफ 

परीक्षा केंद्रों तक जाने का किराया सरकार देगी

  • हमारा संकल्प है कि पलायन रोकेंगे 
  • कर्पूरी श्रम सहायता केंद्र खोलेंगे, इससे लोगाें की मदद करने में आसानी होगी 

शिक्षकों के लिए सामान काम सामान वेतन का वादा पूरा करेंगे

-जीविका दीदियों का मानदेय दोगुना करने का वादा 

–  पहले विधानसभा सत्र में केंद्र के कृषि संबंधी तीनों बिल के प्रभाव से बिहार के किसानों को मुक्ति दिलाने का वादा किया गया है।

हाथरस केस में सनसनीखेज खुलासा, खेत से चीख सुनकर पहुंचने वाले छोटू ने सुनाई पूरी कहानी

हाथरस के बूलगढ़ी कांड में खुद को खेत मालिक का बेटा बताने वाले ने एसआईटी से सनसनीखेज खुलासा किया है। उसने दावा किया है कि जब उसने युवती की चीख पुकार सुनी तो वह मौके पर आ गया। देखा तो युवती जमीन पर पड़ी हुई थी। उसकी मां और बड़ा भाई पास ही खड़े हुये थे। उसके बाद भाई अचानक वहां से चला गया। काफी देर बाद वह दोबारा घटनास्थल पर लौटकर आया।

14 सितम्बर को चंदपा क्षेत्र के गांव बूलगढ़ी में हुई वारदात के बाद गांव के एक छोटू का नाम बार-बार सामने आ रहा था। आज तक छोटू पुलिस या मीडिया के सामने नहीं आया था। लेकिन अब छोटू मीडिया के सामने आया है। छोटू का कहना है कि 14 सितम्बर के दिन वह अपने खेत में घटनास्थल से करीब बीस से पच्चीस कदम दूरी पर चारा काट रहा था। उससे थोड़ी दूरी पर ही गांव की युवती अपनी मां के साथ चारा काट रही थी। जब उसने चीखने चिल्लाने की आवाज सुनी तो वह मौके पर पहुंच गया। देखा तो युवती जमीन पर लेटी थी। पास में पीड़िता की मां और भाई खड़े थे। इसके बाद वह लवकुश और उसकी मां को बुलाने के लिए खेत पर चला गया, क्योंकि थोड़ी दूरी पर ही लवकुश और उसकी मां चारा ले रही थी। जब वह लौटकर आया तो पीड़िता का भाई वहां नहीं था। घायल युवती की मां ने कहा कि घर जाकर उसके बेटे को बुला लाओ। इसलिए वह पीड़िता के भाई को बुलाने के लिए उसके घर जा रहा था। रास्ते में संदीप के पिता गुड्डू मिले और उन्हें इस घटना के बारे में बताया तो उन्होंने भी यहीं कहा कि तुरन्त उसके भाई को जाकर बताओ। जब वह पीड़िता के भाई के पास पहुंचा तो उसने जबाव दिया कि जब चार छह लोग पहुंच जायेंगे तब वह जाएगा।

एसआईटी को दिये छोटू ने बयान
छोटू की मानें तो उसने एसआईटी को पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया है। एसआईटी के अधिकारियों ने उसे पुलिस लाइन में बुलाया था। जो भी घटनाक्रम था उसने सबकुछ बता दिया था।

लाल रंग निशान लगे कपड़े साथ ले गई सीबीआई

सीबीआई की टीम ने जब आरोपियों  के घर पर पूछताछ की तो कुछ संदिग्ध सामान भी अपने साथ ले गई। इनमें आरोपी लवकुश के घर से मिले कपड़े भी शामिल हैं। बताया गया है कि इनपर लाल रंग के निशान लगे थे। परिवार, इन्हें पेंट के निशान बता रहा है। गुरुवार को सीबीआई पीड़िता के गांव पहुंची थी। 14 तारीख को युवती के साथ घटना का अंजाम देने वाले चारों आरोपी भी इसी गांव बूलगढ़ी के ही हैं। गांव में घुसते ही आरोपी संदीप, रामू व रवि का घर है। जबकि थोड़ा अंदर जाने पर लवकुश का घर आता है। गुरुवार को करीब सवा तीन घंटे तीनों आरोपियों के यहां और लवकुश के यहां एक टीम ने करीब तीन घंटे पूछताछ की थी। इस दौरान टीम ने 14 सितंबर को आरोपियों के पहने हुए कपड़ों के बारे में पूछताछ की और उन कपड़ों को देखा। लवकुश के घर पर जांच के दौरान टीम को कपड़ों पर लाल रंग के निशान दिखे। इन कपड़ों को टीम अपने साथ ले गई। बाद में लवकुश के भाई ने बताया कि उसका एक भाई पेंटर है। उसी के कपड़ें पर पेट लगा हुआ था। सीबीआई उन्हीं को ले गई है।

नवरात्रि के पहले दिन करें ये उपाय, नेगेटिविटी दूर हो खुशियों का होगा आगमन

नवरात्रि का त्योहार कल यानि 17 अक्तूबर से पूरे भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। यह पावन त्योहार पूरे नौ दिनों तक मनाया जाता है। लोग देवी मां को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा करने के साथ व्रत भी रखते हैं। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे वास्तु उपाय बताते हैं, जिसे नवरात्रि के पहले दिन में करने से ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ अन्न व धन से जुड़ी परेशानियां दूर खुशियों का आगमन होगा। तो चलिए जानते हैं उन उपायों को बारे में…

मुख्य द्वार पर बनाएं स्‍वास्तिक 

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापित करने के बाद रोली से अपने मुख्य द्वार पर स्‍वास्तिक का चिह्न बनाएं। साथ ही पूरे नवरात्रि के दिनों में देवी मां की पूजा करने के बाद स्‍वास्तिक को लोटे की मदद से थोड़ा- थोड़ा जल अर्पित कर पूजा करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ सभी रूके हुए कार्य जल्द बनने लगेंगे। 

तोरण से सजाएं

घर के मुख्य द्वार पर आम, अशोक आदि के पत्तों से तैयार तोरण लगाना भी बेहद शुभ माना जाता है। इससे घर में फैली नकारात्मक ऊर्जा दूर होने में मदद मिलती है। साथ ही घर- परिवार में सुख- समृद्धि व शांति का संचार होता है। घर के चारों ओर खुशियों भरा माहौल स्थापित होता है। आप चाहे तो तोरण को अपने मनपसंद फूलों से भी बना सकते हैं। 

तुलसी का पौधा लगाएं

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद ही पवित्र माना जाता है। ऐसे में इसे नवरात्रि के पहले दिन पर घर में स्थापित करना शुभकारी होती है। ऐसे में रोजाना सुबह- शाम तुलसी के पौधों को जल अर्पित करने के साथ घी का दीपक जलाना जलाना चाहिए। माना जाता है कि इसमें देवी- देवता का वास होता है। ऐसे में घर पर तुलसी का पौधा होने से वातावरण शुद्ध रहने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही श्रीहरि और मां लक्ष्मी को यह पौधा अतिप्रिय होने से धन की समस्या रिश्तों में मिठास आती है। 

देवी लक्ष्मी की करें पूजा 

धन की देवी लक्ष्मी को मां दुर्गा का ही रूप माना जाता है। ऐसे में उनकी कृपा पाने के लिए नवरात्रि के पहले दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें। इसके लिए घर के मुख्य द्वार पर चंदन और रोली को मिलाकर देवी लक्ष्‍मी के पैर बनाएं और रोजाना उनकी पूजा करें। इससे धन की जुड़ी परेशानी दूर हो आय के नए स्त्रोत बनेंगे। साथ ही घर का वातावरण खुशनुमा बना रहेगा। 

मंदिर जाएं 

नवरात्रि के पावन दिनों में घर पर पूजा- पाठ करने के साथ देवी लक्ष्मी के मंदिर भी जाना चाहिए। मां लक्ष्मी को सफेद रंग की मिठाई का या केसर वाले चावल का भोग लगाने से घर में अन्न व धन के भंडार भरे रहते हैं। घर का माहौल खुशनुमा होने के साथ बुरी नजर से बचाव रहता है।

Indore : मोबाइल लूट की रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंचे IG, एएसआइ बोला, आवेदन दे जाओ


इंदौर आम जनता के साथ पुलिस कैसा व्यवहार करती है, यह जानने आइजी योगेश देशमुख सादे कपड़ों में मुंह पर मास्क लगाकर सिपाही की बाइक पर बैठकर ग्वालटोली थाने जा पहुंचे। आइजी ने ड्यूटी अफसरों से कहा मधुमिलन चौराहे पर बाइक सवार बदमाशों ने मेरे भतीजे का मोबाइल लूट लिया है। पहले तो पुलिसकर्मी सवाल-जवाब करते रहे। बाद में एएसआइ केके तिवारी से मिलने को कह दिया। वाकया मंगलवार रात पौने नौ बजे का है। आइजी सरकारी कार, गनमैन और ड्राइवर को रेसीडेंसी परिसर में ही छोड़ आए थे। पुलिसकर्मी उन्हें न पहचान पाएं इसलिए मास्क पहन लिया था।

30 फीसद को यह शिकायत

एएसआइ ने पहले साथ आए सिपाही से घटनाक्रम जाना। बाद में कहा कि रिपोर्ट लिखवाने से बेहतर है सिटीजन कॉप पर शिकायत कर दो। क्राइम ब्रांच की साइबर सेल तत्काल मोबाइल तलाशने में जुट जाएगी। रिपोर्ट लिखवाने से मोबाइल नहीं मिलता है। आइजी ने हस्तक्षेप किया और कहा कि हमारा तो मोबाइल गया है। शिकायत क्यों रिपोर्ट लिखनी पड़ेगी। एएसआइ ने टीआइ संजय शुक्ला को फोन कर बताया और कहा फरियादी रिपोर्ट पर अड़ा है। टीआइ ने कहा दोनों को मेरे पास लेकर आओ। मैं घटना की तस्दीक करूंगा।

थाने की जीप में बैठे आइजी, टीआइ के सामने हाथ बांधे खड़े रहे

टीआइ उस वक्त पटेल ब्रिज के समीप वाहन चेकिंग करवा रहे थे। एएसआइ आइजी और सिपाही को थाने की जीप से मौके पर ले गया। फरियादी (सिपाही) ने विस्तार से घटनाक्रम बताया और कहा कि मैं एमवाय अस्पताल की तरफ से आ रहा था। मधुमिलन चौराहे पर फोन पर बात कर रहा था। सफेद रंग की बाइक (अपाचे) से आए दो बदमाश मोबाइल छीन ले गए। मैंने पीछा किया लेकिन अचानक गायब हो गए।

टीआइ ने भी सिटीजन कॉप पर शिकायत करने की सलाह दी। लेकिन आइजी बीच में बोल पड़े हमें तो रिपोर्ट ही चाहिए। टीआइ ने परिचय पूछा तो कहा यह (सिपाही) मेरा भतीजा है और रामकृष्ण बाग में किराना की दुकान चलाता है। टीआइ ने रिपोर्ट लिखने के निर्देश दिए और आइजी से कहा कि अनलॉक के बाद घटनाएं बढ़ रही हैं। थोड़ा संभलकर रहने की आवश्यकता है। आइजी ने मास्क हटा लिया और कहा मैं योगेश देशमुख हूं, इंदौर आइजी। टीआइ सकपका गए और सैल्यूट किया।

चौराहे पर लगाइ परेड, पुलिसवालों को सजा भी सुनाई

आइजी ने टीआइ की काउंसिलिंग की सराहना की और सभी पुलिसवालों को बुलाया। उन्हें कतार में खड़ाकर टर्न आउट देखा। जूते, बेल्ट, नेमप्लेट, वर्दी भी देखी। कैप नहीं पहने पुलिसकर्मी बनेसिंह व स्वरूप को निंदा की सजा सुनाई। वहीं संजय चतुर्वेदी और सोमवीर को इनाम देने की घोषणा की। इसके बाद आइजी थाने की जीप से रेसीडेंसी चले गए।

LPG सिलेंडर की होम डिलीवरी का बदला नियम, 1 नवंबर से ये काम करना हुआ जरूरी वरना नहीं मिलेगा सिलेंडर

अब सिर्फ फोन पर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करा लेने से होम डिलीवरी नहीं हो जाएगी. बुकिंग कराने के बाद आपको एक और काम करना भी जरूरी होगा.

नई दिल्ली: LPG सिलेंडर की होम डिलीवरी का सिस्टम अब अगले महीने से बदल रहा है. चोरी रोकने और सही ग्राहक की पहचान के लिए तेल कंपनियां एक नवंबर से नया डिलीवरी सिस्टम लागू कर रही हैं. इस नए सिस्टम को डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) नाम दिया गया है. इस सिस्टम के तहत बिना ओटीपी के एलपीजी सिलेंडर आने वाले दिनों में नहीं मिलेगा.

क्या है होम डिलीवरी का सिस्टम
अब सिर्फ फोन पर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करा लेने से होम डिलीवरी नहीं हो जाएगी. बुकिंग कराने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड आएगा. ये कोड डिलीवरी ब्वॉय को देना होगा. अगर कोड नहीं दिया, तो सिलेंडर नहीं मिल पाएगा. कोड बताने के बाद ही सिलेंडर मिलेगा. ये सिस्टम सिर्फ डोमेस्टिक सिलेंडर पर ही लागू होगा, कमर्शियल सिलेंडर पर नहीं.

अगर सिस्टम में कोई पुराना मोबाइल नंबर दर्ज है तो रियल टाइम अपना मोबाइल नंबर अपडेट करा सकते हैं. डिलीवरी ब्वॉय के पास ऐप होगा, उस ऐप के जरिए रियल टाइम अपना नंबर अपडेट करवा सकते हैं. इसके बाद तुरंत कोड जनरेट हो जाएगा. ये कोड दिखाकर अपने सिलेंडर की डिलीवरी ले लीजिए.

ना आए कोई दिक्कत इसके लिए करें ये काम

असुविधा से बचने के लिए आप पहले ही अपना मोबाइल नंबर और घर का पता अपडेट करा सकते हैं. ताकि डिलीवरी के समय कोई दिक्कत न आएं. हालांकि ये सिस्टम शुरुआत में 100 स्मार्ट सिटी में ही लागू होगा. इसके बाद धीरे-धीरे बाकी शहरों और कस्बों में लागू किया जाएगा.