मध्यप्रदेश में अब स्कूल खोलने का फैसला दिवाली बाद, 15 नवंबर तक स्कूल नहीं खुलेंगे

भोपाल। कोविड 19 के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए एक बार फिर स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूल खोलने के फैसले को आगे बढ़ा दिया है. कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है.

प्रदेश में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं 15 नवंबर 2020 तक पूरी तरह बंद रहेंगी. वहीं कक्षा 9 से 12वीं तक के सभी स्कूल आंशिक रूप से खुले रहेंगे. नियमित कक्षाओं का संचालन नहीं होगा. ऑनलाइन पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. सभी स्कूलों को स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी एसओपी गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य होगा. अब स्कूल खोलने का फैसला 16 नवंबर को किया जाएगा. उसके बाद तय किया जाएगा कि प्रदेश में स्कूल खुलेंगे कि नहीं. लेकिन यह तय हो गया है कि 15 नवंबर तक मध्य प्रदेश के स्कूल नहीं खुलेंगे.केंद्र की गाइडलाइन के बाद प्रदेश सरकार ने आदेश जारी किया है.

GWALIOR-GUNA रेलवे ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेन चलेगी

ग्वालियर। ग्वालियर से गुना तक का रेलवे ट्रैक इलेक्ट्रिक इंजन के लिए तैयार हो गया है। बीते शनिवार की रात इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन को चलाकर टेस्ट किया गया। टेस्ट सफल रहा। इस रेलवे ट्रैक के इलेक्ट्रिक इंजन कंपैटिबल हो जाने के बाद जहां रेलवे को काफी फायदा होगा वहीं दूसरी ओर शिवपुरी और गुना के रेल यात्रियों को भी लाभ होगा।
कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी का इसी सप्ताह के आखिर निरीक्षण होगा। CRF की हरी झंडी मिलते ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां यहां से गुजरना शुरू हाे जाएंगी। साथ ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए 130 किमी की दूरी घट जाएगी। जो गाड़ियां अभी तक बाया कानपुर, झांसी, बीना से गुना होकर जाती थीं, वे अब सीधे ग्वालियर, शिवपुरी, गुना होते जा सकेंगी। रेलवे लाइन के विद्युतीकरण से शिवपुरी जिले की जनता को नई गाड़ियां सौगात मिलेंगी। वहीं समय और डीजल दोनों की बचत से होने से जनता और रेलवे विभाग को आर्थिक फायदा होगा। बताया जा रहा है कि इसी महीने इलेक्ट्रिक गाड़ियां दौड़ना शुरू हो सकती हैं।
रेलवे सूत्रों के मानें तो कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ट्रैक का जायजा लेने एक सप्ताह के भीतर आएंगे। सुरक्षा संबंधी परीक्षण के बाद इजाजत देने के साथ इसी महीने से इलेक्ट्रिक गाड़ियां दौड़ना शुरू हो जाएंगी। लोको ट्रायल के लिए इलेक्ट्रिक इंजन गुना से चलकर शनिवार शाम 5.30 बजे शिवपुरी पहुंचा और फिर ग्वालियर से रात 10:40 बजे वापस आकर गुना चला गया। इसी के साथ लोको ट्रायल पूरा हुआ। ग्वालियर, झांसी और बीना से गुना होते हुए मेल एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। लंबी दूरी की इन ट्रेनाें की दूरी कम करने रेलवे विभाग पहले से योजना बना रहा है। शिवपुरी से होकर मेल एक्सप्रेस गाड़ियां निकालने पर 130 किमी दूरी का सीधा अंतर आएगा। यानी शिवपुरी जिले के लोगों को फायदा होगा। दिल्ली जाना हो या फिर इंदौर, मुंबई या फिर गुजरात, गाड़ियां सीधे उपलब्ध होंगी। इससे लोगों को सुविधा होगी।

रेलवे और जनता को समय व पैसे की बचतडीजल की बचत: डीजल इंजन बंद होने से डीजल की खपत बंद हो जाएगी। इलेक्ट्रिक इंजन की तुलना में डीजल की ज्यादा खपत होती है। रेलवे को लाइट सस्ती और डीजल मंहगा पड़ता है।समय की बचत: ग्वालियर और गुना में डीजल लोको पर इलेक्ट्रिक की जगह डीजल इंजन बदलने पड़ते थे जिसमें 40 से 45 मिनट का वक्त लगता था। एक ही इंजन लगेगा और रनिंग में सीधे तौर पर डेढ़ घंटे का अंतर आएगा।स्पीड 10% बढ़ेगी: डीजल इंजन की तुलना में इलेक्ट्रिक इंजन की गति ज्यादा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अब स्पीड 10% बढ़ जाएगी। मंजिल तक पहुंचने में यात्रियों पहले से कम समय लगेगा और सफर छोटा हो जाएगा।

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के चेयरमैन बोले- गाय का गोबर रोक सकता है रेडिएशन, मोबाइल में हो इस्तेमाल

गाय के गोबर से बनी चिप का अनावरण

रेडिएशन रोकने का किया गया दावा

गाय को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं. इनमें से कुछ पर विवाद हो चुका है. अब राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के चेयरमैन वल्लभभाई कथीरिया ने गाय के गोबर को लेकर एक अलग दावा किया है, जिस पर विवाद हो सकता है. दरअसल, वल्लभभाई कथीरिया की माने तो गाय का गोबर रेडिएशन रोक सकता है, जिसका इस्तेमाल मोबाइल में होना चाहिए.

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के चेयरमैन वल्लभभाई कथीरिया ने सोमवार को ‘कामधेनु दीपावली अभियान’ के राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान गाय के गोबर से बनी एक चिप का अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने दावा किया कि यह चिप मोबाइल हैंडसेट से निकलने वाले रेडिएशन को काफी कम कर देता है.

वल्लभभाई कथीरिया ने कहा कि गाय के गोबर से बने इस चिप को अपने मोबाइल में रखते हैं, तो यह रेडिएशन को काफी कम कर देता है. अगर आप बीमारी से बचना चाहते हैं, तो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. इस चिप को गौसत्व कवच का नाम दिया गया है. गौसत्व कवच को गुजरात के राजकोट स्थित श्रीजी गौशाला द्वारा निर्मित किया गया है। 

वल्लभभाई कथीरिया ने कहा कि गाय का गोबर सभी की रक्षा करेगा, यह एंटी-रेडिएशन है. यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है. यह एक विकिरण चिप है, जिसका उपयोग विकिरण को कम करने के लिए मोबाइल फोन में किया जा सकता है. यह आपको बीमारियों से सुरक्षित रखेगा.

गौरतलब है कि मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना केंद्र ने फरवरी, 2019 में की थी. इसका उद्देश्य ‘गायों का संरक्षण और विकास’ है. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के चेयरमैन वल्लभभाई कथीरिया हैं.

FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान की खुली पोल, आतंकी फंडिंग को लेकर 40 सिफारिशों में से केवल दो पर किया अमल

फाइनेंशियल ऐक्शन टाक्स फोर्स (FATF)  की अहम बैठक से एक सप्ताह पहले पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा है। एफएटीएप की क्षेत्रीय इकाई एशिया पैसिफिक ग्रुप (APG) की ओर से पाकिस्‍तान के मूल्‍यांकन की पहली फॉलोअप रिपोर्ट को जारी किया गया है। इस रिपोर्ट में पाया गया है कि पाया है कि टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को खत्म करने के लिए दिए गए सुझावों को लागू करने में पाकिस्तान असफल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने एफएटीएफ की ओर से की गई 40 सिफोरिशों में से केवल दो पर ही प्रगति की है।

एफएटीएफ सोमवार से वर्चुअल बैठकें शुरू करेगा जो कि 19 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, नीति विकास, रिस्क और ट्रेंड जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद एफएटीएफ 21-23 अक्टूबर के दौरान अपनी वर्चुअल प्लेनरी बैठक आयोजित करेगा, जो आतंक के वित्तपोषण से लड़ने के लिए पाकिस्तान के कदमों का आकलन करेगा।

घटनाक्रम से परिचित लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पाकिस्तान को व्यापक रूप से एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में बनाए रखने की उम्मीद है, जिसमें इसे 2018 में शामिल किया गया था। क्योंकि उस समय चीन, तुर्की और मलेशिया का समर्थन मिला था। और अब उसपर ब्लैक लिस्ट में जाने का खतरा मंडरा रहा है। 

पाकिस्तान की ओर से एपीजी की रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में 40 में से चार सिफारिशों पर गैर अनुपालन, 25 पर आंशिक रूप से अनुपान, और नौ पर बड़े पैमाने पर अनुपाल कर रहा था। ये जो निष्कर्ष निकले हैं ये लगभग एक साल पहले निकाले गए निष्कर्षों के समान थे। जबकि दो सिफारिशों का पूरी तरह से अनुपालन किया जा रहा था। 

इसके अलावा एपीजी की 40 सिफारिशें एफएटीएफ की ओर से पाकिस्तान के लिए निर्धारित 27 बिन्दु कार्रवाई से अलग है। इसमें से केवल 14 बिन्दुओं का अनुपालन किया गया था। सिफारिशों में यूएन की ओर से घोषित आतंकियों की संपति को फ्रीज करना, गैर-लाभकारी संगठनों (एनपीओ) के उपयोग के लिए धन जुटाने के लिए आतंकवादी समूहों और यहां तक ​​कि राज्य द्वारा संचालित पाकिस्तान पोस्ट के लिए आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण आवश्यकताओं के अधीन नहीं होने जैसे मुद्दों को कवर करती हैं।

अब क्या करेंगे केपी ओली? नेपाली जमीन पर चीनी कब्जे के खिलाफ अपनी ही पार्टी में उठी आवाज

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अब तक चीनी कब्जे से आंखें मूंदे रहे। मीडिया, जनता और विपक्षी नेताओं की बात को केपी सरकार ने झूठा बता दिया, लेकिन अब उनकी पार्टी के भीतर भी आवाज उठने लगी है। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी और स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य ने ही अपनी सरकार से कहा है कि नेपाल-चीन सीमा विवाद की सच्चाई देश को बताई जाए और हुम्ला में ड्रैगन के कब्जे की ठीक से जांच कराई जाए।

सत्ताधारी पार्टी की स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य भीम रावल ने सरकार से कहा है कि सरकार नेपाल-चीन सीमा मुद्दे पर तथ्यों को सार्वजनिक करे। उन्होंने यह भी डिमांड की कि हुम्ला के नामखा रूरल म्युनिसिपैलिटी में एक टीम से जांच कराई जाए, जिसमें सरकारी अधिकारी, सर्वे डिपार्टमेंट और विदेश मंत्रालय के सदस्य शामिल हों। 

सोमवार को एक ट्वीट में नेता भीम रावल ने कहा कि देश के भौगौलिक अखंडता से जुड़े मुद्दे का समाधान निष्पक्षता से होनी चाहिए। गौरतलब है कि चीन ने नेपाल के हुम्ला जिले में सीमा पार करके 9 इमारतों का निर्माण कर लिया है। पिछले महीने यह बात मीडिया में आई तो नेपाल सरकार ने आनन-फानन में इसका खंडन कर दिया।

इस बीच नेपाली कांग्रेस ने चीन पर हुम्ला से जुड़ी नेपाली भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के केंद्रीय सदस्य और कर्णाली में मुख्य विपक्षी दल के नेता जीवन बहादुर शाही के नेतृत्व में एक टीम ने विवादित क्षेत्र की ऑन-साइट निगरानी करने के बाद रिपोर्ट को सार्वजनिक की है।

नेपाली न्यूज वेबसाइट कांतिपुर के मुताबिक, शाही के नेतृत्व में एक टीम नेपाल-चीन सीमा पर साइट का अध्ययन करने के लिए नाम्खा गांल नगरपालिका -6 में लिमी और लापचा पहुंची थी। टीम ने निष्कर्ष निकाला कि चीनी सरकार ने छह महीने पहले लोलुंगजोग और लिमी-लापचा की सीमा पर एक नया स्तंभ नंबर 12 बनाया है। शाही ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “सरकार की लापरवाही के कारण नेपाली भूमि का अतिक्रमण किया गया है। चीनी बिना किसी बाधा के नेपाली भूमि पर आ रहे हैं, लेकिन हुमला के लोगों को वहां जाने की अनुमति नहीं है।”

अमेरिका को तबाह कर सकती है उत्‍तर कोरिया की दैत्‍याकार मिसाइल, रूस से भी ज्‍यादा ताकत

प्‍योंगयांग
परमाणु हथियारों से लैस उत्‍तर कोरिया की 22 पहिए वाली गाड़ी पर सवार दैत्‍याकार मिसाइल Hwasong-15 के बारे में दुनियाभर में अटकलों का बाजार गरम है। अब विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह मिसाइल अमेरिका के किसी भी कोने में हमला करने में सक्षम है। उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने इस मिसाइल को पिछले दिनों अपनी सैन्‍य परेड में दिखाया था। विशेषज्ञों ने कहा कि यह मिसाइल दुनिया की सबसे लंबी मिसाइलों में से एक है।

किम जोंग उन ने इस विशाल किलर मिसाइल का प्रदर्शन ऐसे समय पर किया है जब अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कई साल तक उन्‍हें परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ने के लिए मनाने का प्रयास किया है। ओपन न्‍यूक्लियर नेटवर्क की डेप्‍युटी डायरेक्‍टर मेल‍िस्‍सा हनहम ने कहा, ‘यह मिसाइल एक राक्षस की तरह से है। वहीं अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि मिसाइल का प्रदर्शन निराश करने वाला है और उन्‍होंने सरकार से आह्वान किया कि पूरी तरह से परमाणु हथियारों के खात्‍मे के लिए बातचीत करे।

सोवियत संघ की मिसाइलों से भी ज्‍यादा ताकतवर
परमाणु हथियारों के अप्रसार से जुड़े विशेषज्ञ माइकल इल्‍लेमन ने मानना है कि उत्‍तर कोरिया की नई मिसाइल 2000 से लेकर 3500 किलोग्राम का वॉरहेड अमेरिका के किसी भी इलाके में गिरा सकती है। इस तरह से किम जोंग उन की नई मिसाइल सोवियत संघ की मिसाइलों से भी ज्‍यादा ताकतवर है और पूरे अमेरिका में कहीं भी तबाही मचा सकती है। अमेरिका के एक खुफिया अधिकारी मारकुस गारलौस्‍कस ने कहा कि इस मिसाइल ने उन सभी संदेहों को खत्‍म कर दिया है ज‍िसमें कहा जा रहा था कि उत्‍तर कोरिया अमेरिका में हमले कर सकता है या नहीं।

इससे पहले किम जोंग ने अपने भाषण के दौरान चेतावनी दी थी कि अगर किसी देश ने उसे धमकी दी गई तो उत्तर कोरिया अपनी परमाणु शक्ति को पूरी तरह से सक्रिय कर देगा। दरअसल, उत्तर कोरिया के तानाशाह ने अपने सैन्‍य परेड के दौरान दुनिया को अपने सबसे महाविनाशकारी हथियारों की झलक दिखाई है। इस दौरान न केवल उत्तर कोरिया की एलीट कमांडो फोर्स ने परेड की बल्कि रूसी अरमाटा की तरह दिखने वाले मेन बैटल टैंक ने भी सबका ध्यान खींचा।

इन्हें डिटेक्ट कर खत्म करना भी बेहद मुश्किल
मिसाइलों के दीवाने तानाशाह किम जोंग की सेना ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का प्रदर्शन किया। ट्रांसपोर्टर-इरेक्टर-लॉन्चर पर ICBM को किम इल सुंग स्क्वेयर पर तानाशाह किम जोंग उन के सामने से ले जाया गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नए हथियार में मल्टिपल रीएंट्री वीइकल क्षमता है जिसकी मदद से यह अमेरिका के रक्षा तंत्रों को धता बता सकती है। अभी तक उत्तर कोरिया के पास सिर्फ लिक्विड फ्यूल आधारित मिसाइलें रही हैं जिन्हें तैयार करने में वक्त लगता है और उन्हें रेडी-टू-लॉन्च स्टेट में नहीं छोड़ा जा सकता है। जबकि सॉलिड फ्यूल मिसाइलों को ईंधन भरकर छोड़ा जा सकता है कि जल्दी लॉन्च भी किया जा सकता है। इन्हें डिटेक्ट कर खत्म करना भी मुश्किल होता है।

तनिष्क के नए विज्ञापन पर फूटा लोगों का गुस्सा, कंपनी ने वीडियो हटाया

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन से पहले देश के मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क (Tanishq) ने अपने प्रमोशन के लिए नया विज्ञापन जारी किया, लेकिन वीडियो सामने आते ही लोगों ने ट्विटर पर तनिष्क को ट्रोल करना शुरू कर दिया. इसके पीछे कारण था विज्ञापन में हिंदू लड़की का मुस्लिम लड़के से शादी (Interfaith Marriage) का दिखाया जाना. यूजर्स का गुस्सा इतना ज्यादा था कि ट्विटर पर #BoycottTanishq ट्रेंड करने लगा. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद तनिष्क ने वीडियो को अपने यूट्यूब चैनल से हटा दिया.

क्या है तनिष्क के विज्ञापन में

तनिष्क (Tanishq) के नए विज्ञापन में एक हिंदू महिला को दिखाया गया है, जिसकी मुस्लिम परिवार में शादी हुई है. वीडियो में इस महिला का गोदभराई यानि बेबी शावर (Baby Shower) का फंक्शन दिखाया गया है. मुस्लिम परिवार हिंदू कल्चर के हिसाब से सभी रस्मों को करता है. अंत में प्रेग्नेंट महिला अपनी सास से पूछती है, “मां ये रस्म तो आपके घर में होती भी नहीं है न?” इस पर उसकी सास जवाब देती है, “पर बिटिया को खुश रखने की रस्म तो हर घर में होती है न?” वीडियो में हिंदू-मुस्लिम परिवार को एकजुट दिखाने की कोशिश की गई है.

लोगों को पसंद नहीं आया वीडियो
वीडियो सामने आने के बाद तनिष्क (Tanishq) को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा और उसके बायकॉट की बात करने लगे. लोगों ने हिंदू-मुस्लिम के बारे में बात करते इस एड (Advertisement) को पसंद नहीं किया और इसे लव-जिहाद को बढ़ावा देने वाला करार दिया. ट्विटर पर तनिष्क के खिलाफ मुहिम शुरू हो गई और लोग तनिष्क के गहने ना खरीदने की बात करते हुए इसे बायकॉट करने की मांग करने लगे.

सहारा का दावा, 75 दिन में किया 3,226 करोड़ रुपये का भुगतान

सहारा समूह ने सोमवार को कहा कि उसने अपनी चार सहयोगी सहकारी  ऋण समितियों से जुड़े 10 लाख से अधिक सदस्यों को पिछले 75 दिन में 3,226 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। इनमें उन लोगों को भी आग्रह पर भुगतान किया है जिन्होंने देरी से भुगतान किए जाने की शिकायत की थी। समूह ने कहा है भुगतान में कुछ देरी हुई है। इसकी वजह बताते हुए समूह ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले आठ साल तक उसके भुगतान पर रोक लगा रखी थी जबकि ब्याज सहित करीब 22,000 करोड़ रुपये की राशि सहारा- सेबी खाते में जमा की गई है। यह राशि उसकी दो समूह कंपनियों के बॉन्डधारकों को लौटाने के लिए जमा की गई है। 

सहारा का बयान: भुगतान के लिए कोई भी दावेदार नहीं बचा

सहारा ने एक बयान जारी कर कहा है कि पिछले आठ साल में बार बार प्रयास किए जाने के बावजूद सेबी केवल 106.10 करोड़ रुपये का ही भुगतान बॉन्डधारकों को कर पाया है। समूह का कहना है कि इससे उसके इस दावे की ही पुष्टि होती है कि भुगतान के लिए कोई भी दावेदार नहीं बचा है क्योंकि नियामक द्वारा सहारा समूह को धन उसके पास जमा करने के लिए कहने से पहले ही समूह अधिकतमर बॉन्डधारकों को उनका धन लौटा चुका था। समूह ने उम्मीद जताई है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक जरूरी जांच परख और सत्यापन के बाद यह 22,000 करोड़ रुपये की राशि उसके पास लौट आएगी। 

सहारा समूह ने उस पर लगाई गई रोक के बारे में बताया कि, ”सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक सहकारी समितियों सहित समूह की अथवा उसके संयुक्त उद्यमों से जुड़ी किसी भी संपत्ति की बिक्री अथवा उसे रहन पर रखने से जो भी धन प्राप्त होगा उसे सहारा- सेबी खाते में जमा कराना होगा। समूह ने कहा है, ”हम एक रुपया भी अपने संगठनात्मक कार्य के लिए खर्च नहीं कर सकते हैं, यहां तक कि अपने निवेशकों को भुगतान करने के लिए भी धन का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।

देरी से भुगतान की शिकायत करने वाले मात्र 0.07 प्रतिशत

समूह ने बयान में कहा है कि पिछले 75 दिन में देरी से भुगतान की शिकायत करने वालों को किए गये 2.18 प्रतिशत भुगतान सहित कुल 3,226.03 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है। इसमें सहारा के देशभर के 8 करोड़ निवेशकों में से देरी से भुगतान की शिकायत करने वाले मात्र 0.07 प्रतिशत हैं।  समूह ने बयान में कहा है, ”सहारा ने पिछले 10 साल के दौरान अपने 5,76,77,339 माननीय निवेशकों को 1,40,157.51 करोड़ रुपये की राशि का परिपक्वता भुगतान किया है। इसमें से केवल 40 प्रतिशत मामले ही निवेश को फिर से निवेश करने के रहे हैं शेष को नकद भुगतान किया गया।

सहकारी समितियों के केन्द्रीय पंजीयक ने हाल ही में सहारा समूह से जुड़ी चार सहकारी समितियों द्वारा जुटाई गई 86,600 करोड़ रुपये की रशि में से किए गये निवेश की गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) से जांच की मांग की थी। हालांकि,  ऋण समितियों ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उनका पूरा निवेश कानून के दायरे में नियमों के मुताबिक किया गया है। 

समितियों ने यह भी कहा कि उन्होंने इन आरोपों को लेकर उचित मंच पर विरोध दर्ज किया है।  सहारा समूह ने अपने बयान में यह भी कहा है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में ऐसा आभास दिया गया है कि सहारा चिट फंड के व्यवसाय में है, लेकिन यह पूरी तरह से गलत और भ्रामक सूचना है। ”सहारा कभी भी चिटफंड के कारोबार में नहीं रहा है, न तो पहले और न ही वर्तमान में है। सहारा ने हमेशा से ही नियामकीय कानूनी ढांचे के भीतर रहते हुए काम किया है।

युवा खिलाड़ी अर्जुन और उसकी दादी ने राहुल गांधी को सिखाई देशभक्ति, कहा-आपकी सरकार को 15 मिनट नहीं 60 साल मिले थे

नई दिल्ली
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्षराहुल गांधी पीएम नरेंद्र मोदी पर चीन समेत देश के कई अंदरूनी मामलों को लेकर लगातार हमला करते रहते हैं। हाल में उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर उनकी सरकार होती तो 15 मिनट में चीन के सैनिकों को खदेड़ देते। अब उनके इस बयान ने तूल पकड़ा लिया है। राहुल गांधी के इस बयान को लेकर देश में उनकी आलोचना हो रही है। उधर, एक 16 साल के युवा खिलाड़ी ने उन्हें सोशल मीडिया के जरिए समझाने के लिए सामने आया है। इस युवा खिलाड़ी का नाम अर्जुन भाटी है। इसने अपनी दादी के साथ मिलकर राहुल गांधी को संदेश दिया है।

अपनी वीडियो शेयर करते हुए अर्जुन ने लिखा, ‘आदरणीय राहुल गांधी जी कोशिश करता हूं कि आपका दिल से सम्मान करूं। लेकिन जब आपकी बात सुनता हूं तो दुख होता है, आप राजनीति करो सवाल करो सरकार की गलत बातों का विरोध करो ये सही है लेकिन आपको खुद ही नहीं पता आप नरेन्द्र मोदी जी की खिलाफ में देश के लिए भी ग़लत बोलते हो। ऐसा ना करो।’

वीडियो में अर्जुन सीधे राहुल गांधी से सवाल पूछते हैं। वह कहते हैं, कल मैंने एक वीडियो देखी जिसमें आपने देश, देश की सेना और आदरणीय प्रधानमंत्री जी के बारे में गलत शब्दों का प्रयोग किया।’ अर्जुन ने कहा, ‘मुझे भी दुख होता है कि पूरा देश आपकी बातों और भाषणों पर आपका मजाक उड़ाता है, आपके जोक्स बनाता है और आपको ट्रोल करता है। और इसका कारण भी है, क्योंकि देश देश की सेना की तौहीन करते हैं, उसका मनोबल तोड़ते हैं और आप ये भी कहते हैं कि अगर आपकी सरकार को 15 मिनट मिल जाते तो आप चाइना को उखाड़ कर फेंक देते। आप उनको पीछे हटा देते।

अर्जुन वीडियो में राहुल से सवाल करते हैं, ‘आपकी सरकार को तो 60 साल मिले थे फिर आखिर 15 मिनट की ही क्या कमी रह गई? आप हमारी देश की सेना को सबसे कमजोर समझते हैं। सबसे कायर समझते हैं और आप चाइना की तारीफ करते हैं। आप कैसे देशभक्त हैं? आप अपने आपको भारत माँ का सच्चा बेटा कैसे कह सकते हैं? अगर आप रिसर्च करेंगे, तो आपको पता चलेगा कि हमारे देश की सेना सबसे बहादुर है। भारत बहादुर है, था और रहेगा। बेशक मैं अभी 16 साल का हूँ, बेशक मैं छोटा हूँ। लेकिन अगर कोई मेरे देश की तौहीन करेगा, कोई मेरे परिवार के बारे में कुछ बोलेगा तो मैं चुप नहीं बैठूंगा। ऐसा कभी नहीं होता कि कोई कभी किसी के बारे में गलत बोले और वो उसे बड़े होने का इंतजार करे।’

दादी ने भी सुनाई खरी खोटी
अर्जुन बताते हैं कि उनके दादाजी फौज में थे और उन्होंने जब अपनी दादी को वीडियो दिखाई तो उन्हें भी बहुत गुस्सा आया और उन्हें भी बहुत दुख हुआ। अर्जुन की दादी इस वीडियो में कहती हैं, ‘राहुल गांधी देश के लिए बहुत उल्टी सीधी बातें करते हैं। फौजियों को भी कहते हैं। उन्हें यह सब नहीं करना चाहिए। फौजी अपनी जान की बाजी लगाते हैं। अपने बच्चों को छोड़कर सीमा पर रहते हैं। देशभक्ति ऐसे नहीं होती है। आप उल्टी सीधी बात करते हो।’बता दें कि अर्जुन की वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। देखने वाले उनकी तारीफ और राहुल गांधी की आलोचना करते नहीं थक रहे।

भारत के जूनियर गोल्फर अर्जुन भाटी (Arjun Bhati) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई में खुले दिल से योगदान दिया है. नोएडा के निवासी अर्जुन ने ट्रॉफी बेचकर और अपनी कुल कमाई को मिलाकर 4,30,000 रुपये जुटाए हैं, ये रकम उन्होंने पीएम केयर्स फंड में दान कर दी है. अर्जुन ने अपने ट्वविटर पर पीएम मोदी को टैग करते हुए लिखा है कि , “8 साल में जो देश,विदेश से जीतकर कमाई हुई 102 ट्रॉफी देश संकट के समय मैंने 102 लोगों को दे दी, उनसे आए हुए कुल-4,30,000 रुपये आज पीएम-केयर्स फंड में देश की मदद को दिए, ये सुनकर दादी रोई फिर बोली तू सच में अर्जुन है, आज देश के लोग बचने चाहिए ट्रोफ़ी तोफिर आ जाएंगी.”

ऐसे आए सुर्खियों में
कोविड-19 महामारी के कारण देश में लगे लॉकडाउन के दौरान युवा गोल्फ खिलाड़ी अर्जुन भाटी ने भी मदद के हाथ बढ़ाए थे। नोएडा के रहने वाले गोल्फर अर्जुन ने अपनी ट्रोफी और कमाई 102 लोगों को दे दी थीं। अर्जुन ने ट्वीट कर कहा था’जो देश-विदेश से जीतकर कमाई हुई 102 ट्रोफी संकट के समय मैंने 102 लोगों को दे दीं। उनसे आए हुए कुल 4,30,000 रुपये पीएम-केयर्स फंड में देश की मदद को दिए। यह सुनकर दादी रोईं, फिर बोलीं कि तुम सच में अर्जुन हो। आज देश के लोग बचने चाहिएं, ट्रोफी तो फिर आ जाएंगी।’ उन्होंने पीएम मोदी को भी टैग किया था। पीएम मोदी ने भी इसकी सराहना की थी।