राजमाता सिंधिया की प्रदर्शनी के कार्यक्रम में शामिल होने आई सांसद प्रज्ञा की तबीयत बिगड़ी

भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की तबियत अचानक बिगड़ गई। वे यहां सोमवार को भाजपा कार्यालय में राजमाता सिंधिया की प्रदर्शनी के कार्यक्रम में शामिल होने आई थी। कार से उतरने के पहले ही उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। वे कार से उतर ही नहीं पाईं। उन्हें उपचार के लिए वापस ले जाया गया है। इससे पहले भी एक कार्यक्रम के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ चुकी थी।

जानकारी के अनुसार राजमाता विजयाराजे सिंधिया की 100वीं जयंती पर भोपाल के सात नंबर स्थित भाजपा कार्यालय में प्रदर्शनी कार्यक्रम रखा गया था। दोपहर में भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर कार से कार्यालय पहुंची। अंदर जाने के लिए वे गेट पर कार से उतरने लगी। इसी दौरान उन्हें घबराहट हुई और वे कार से नीचे नहीं आ सकीं। उन्होंने एसी का स्विच चालू कर कार का गेट बंद कर दिया। तत्काल ड्राइवर उन्हें कार से लेकर रवाना हो गए।

पहले भी बिगड़ चुकी है तबीयत

पिछली घटना 23 जून की है। वे पार्टी ऑफिस में ही बेहोश होकर गिर गई। इसके बाद उन्हें ऑफिस से बाहर लाया गया और पानी पिलाया गया। वे भाजपा कार्यालय में श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थी। इस मौके पर सीएम शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता भी मौजूद थे। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सांसद प्रज्ञा ठाकुर की तबीयत खराब चल रही है। उससे पहले वे दिल्ली के अस्पताल में भी भर्ती रहीं थी।

PM मोदी ने विजयाराजे सिंधिया की जन्म शताब्दी पर ₹100 का सिक्का जारी किया

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भाजपा की संस्थापक सदस्य रहीं ग्वालियर की राजमाता विजया राजे सिंधिया के जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में 100 रुपये का स्मृति सिक्का जारी किया और कहा कि सुरक्षित, समृद्ध भारत के उनके सपने को केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत की सफलता से पूरा करेगी.

वीडियो कांफ्रेंस से आयोजित इस समारोह में सिंधिया परिवार के सदस्यों के साथ-साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपालों सहित देश के अन्य भागों से कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया.इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए कश्मीर को लेकर या फिर अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए उनके संघर्ष हों, उनकी जन्मशताब्दी के साल में ही उनके ये सपने भी पूरे हुए.राजमाता सिंधिया को त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति बताते हुए मोदी ने कहा कि उनके पास सभी सुख सुविधाएं उपलब्ध थीं, इसके बावजूद उन्होंने आम लोगों और गांव, गरीब के साथ जुड़कर जीवन जिया उनके लिए अपना जीवन समर्पित किया.

उन्होंने कहा, ‘राजमाता ने साबित किया कि जनप्रतिनिधि के लिए राजसत्ता नहीं, जनसेवा सबसे महत्वपूर्ण है. वह एक राज परिवार की महारानी थी लेकिन राष्ट्र के भविष्य के लिए राजमाता ने अपना वर्तमान समर्पित कर दिया था. देश की भावी पीढ़ी के लिए उन्होंने अपना हर सुख त्याग दिया था. राजमाता ने पद और प्रतिष्ठा के लिए न कभी जीवन जिया ना ही कभी राजनीति की.’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राजमाता के आशीर्वाद से देश आज विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है. गांव, गरीब, दलित-पीड़ित-शोषित-वंचित, महिलाएं आज देश की पहली प्राथमिकता में हैं. राजमाता के सपनों को पूरा करने के लिए हम सभी को इसी गति से आगे बढ़ना है. सुरक्षित और समृद्ध भारत उनका सपना था और उनके सपनों को हम आत्मनिर्भर भारत की सफलता से पूरा करेंगे.’

मोदी ने कहा कि राजमाता सिंधिया ने एक पाठ यह भी पढ़ाया कि जन सेवा के लिए किसी ‘खास परिवार’ में जन्म लेना ही जरूरी नहीं होता. उन्होंने कहा, ‘कोई भी साधारण से साधारण व्यक्ति जिसके भीतर योग्यता है, प्रतिभा है, देश सेवा की भावना है, वह इस लोकतंत्र में सत्ता को भी सेवा का माध्यम बना सकता है.’प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान राजमाता के जीवन से जुड़ी अपनी यादें भी साझा की और कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आजादी के इतने दशकों तक, भारतीय राजनीति के हर अहम पड़ाव की वो साक्षी रहीं.उन्होंने कहा, ‘आजादी से पहले विदेशी वस्त्रों की होली जलाने से लेकर आपातकाल और राम मंदिर आंदोलन तक, राजमाता के अनुभवों का व्यापक विस्तार रहा है.’

उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग ही है उनकी जन्म शताब्दी के साल में ही कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने जो संघर्ष किया था, उनका यह सपना भी पूरा हुआ.केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इस मौके पर कहा कि राज परिवार में जन्म लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षण करने वालीं राजमाता विजया राजे सिंधिया एक विरल व्यक्तित्व थीं.उन्होंने कहा, ‘वे वात्सल्य की प्रतिमूर्ति थीं. अपने सार्वजनिक जीवन में उन्होंने गरीबों, वंचितों, पीड़ितों के लिए निरंतर कल्याणकारी कार्य किए.’विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर राजघराने की राजमाता होने के साथ-साथ भाजपा की संस्थापक सदस्यों में से एक रही थीं. वह पांच बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा की सदस्य निर्वाचित हुई थीं.विजया राजे सिंधिया का जन्म 12 अक्टूबर 1919 को मध्य प्रदेश के सागर में हुआ था. उनके बेटे माधव राव सिंधिया कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया उनकी पुत्री हैं. माधव राव के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद अब भाजपा में शामिल हो गए हैं.

चीन की बौखलाहट से बढ़ा जोश, BRO ने लद्दाख में तीन गुना ताकत से बढ़ाया काम

लद्दाख में भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास से चिढ़े चीन की बौखलाहट से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का काम ना तो रुका और ना धीमा पड़ा बल्कि वह हुआ जिसकी ड्रैगन ने कल्पना भी नहीं की होगी। बीआरओ ने सीमा पर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास में तीन गुना अधिक ताकत झोंक दी है। यहां एक तरफ अस्थायी पुलों को स्थायी पुलों में बदला जा रहा है तो अगले छह महीने से डेढ़ साल में 40-50 नए पुल तैयार हो जाएंगे।

बीआरओ के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने कहा, ”हमने अस्थायी पुलों को स्थायी पुलों में बदलने का काम शुरू कर दिया है। इस साल हम तीन गुना अधिक क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। यह आर्थिक विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, पर्यटन और सुरक्षाबलों के तेजी से मूवमेंट में मदद देगा।”

हरपाल सिंह ने बताया, ”लद्दाख में बड़े पुलों का निर्माण किया जा रहा है। 40-50 पुल निर्माणाधीन हैं, जो छह महीने से लेकर डेढ़ साल तक में तैयार हो जाएंगे।” गौरतलब है कि चीन ने पूर्वी लद्दाख में पुलों और सड़कों के निर्माण को रोकने के लिए एलएसी पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी थी।

आज ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बीआरओ की ओर से बनाए गए 44 बड़े स्थायी पुलों को देश को समर्पित किया है। बीआरओ ने कहा, ”रक्षामंत्री ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश में नेछिपू में सुरंग के निर्माण के लिए आधारशिला रखी है। ये पुल रणनीतिक महत्व के हैं और दूर-दराज के इलाकों को जोड़ेंगे।” 

राजनाथ सिंह ने पुलों के उद्घाटन के दौरान कहा कि इन पुलों के निर्माण से उत्तरी और उत्तरपूर्वी इलाकों में सैन्य और सिविल परिवहन में मदद मिलेगी। उन्होंनने कहा, ”इन इलाकों में बड़ी संख्या में हमारे सैनिक तैनात हैं, जहां सालभर परिहवन की सुविधा नहीं रहती है।”

राफेल से जल्‍द हमला कर सकता है भारत, घबराए पाकिस्‍तानी एयरफोर्स चीफ ने दी चेतावनी

इस्‍लामाबाद
पाकिस्‍तान के एयरफोर्स चीफ ने चेतावनी दी है कि भारत अगले कुछ महीने के अंदर फ्रांस से लिए अपने नए राफेल फाइटर जेट से देश पर हमले की साजिश रच रहा है। पाकिस्‍तानी एयर फोर्स चीफ मुजाहिद अनवर खान ने दावा किया कि भारत टकराव को बढ़ाने के लिए एक आक्रामक सैन्‍य कार्रवाई की योजना बना रहा है। उन्‍होंने कहा कि भारतीय फाइटर जेट 5 किलोमीटर के दायरे में आएंगे ताकि हवा में अपने प्रभुत्‍व का प्रदर्शन कर सकें।

मार्शल खान ने पाकिस्‍तान में एक कार्यक्रम में यह दावा किया। उन्‍होंने यह भी दावा किया कि भारत कश्‍मीर और अंतरराष्‍ट्रीय सीमा से परे जाकर टकराव को बढ़ाना चाहता है। उन्‍होंने कहा, ‘मेरा अनुमान है कि भारत 18 से 24 महीने के अंदर आक्रामक कार्रवाई कर सकता है क्‍योंकि उस समय वह पर्याप्‍त संख्‍या में मेटेओर मिसाइल से लैस फाइटर जेट फ्रांस से हासिल कर लेगा।’

उन्‍होंने कहा, ‘केवल उस समय भारत 5 किमी के दायरे में आएगा और हवा में अपनी बादशाहत को दिखाने के लिए कई ठिकानों पर एकसाथ हमले करेगा। मेरा अनुमान है कि भारत टकराव को कश्‍मीर से बाहर बढ़ाना चाहता है।’ मार्शल खान का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब कुछ समय पहले राफेल फाइटर जेट भारतीय वायुसेना में शामिल हुए हैं।

पहाड़ी इलाकों में उड़ने के लिए आदर्श एयरक्राफ्ट

पिछले दिनों अंबाला एयरफोर्स स्‍टेशन पर इंडक्‍शन सेरेमनी में राफेल को औपचारिक रूप से IAF में शामिल किया गया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ले के सामने 17 स्कवॉड्रन ‘गोल्डन ऐरोज़’ के पायलट्स ने जौहर दिखाए। अंबाला के आसमान पर बड़ी आसानी से मैनूवर्स करते राफेल लड़ाकू विमानों को देखकर चीन और पाकिस्‍तान की धड़कनें तेज हो गई हैं। राफेल आ जाने से भारतीय वायुसेना की ताकत में जो इजाफा हुआ है, उससे दोनों पड़ोसी देशों की नींद उड़ चुकी है।

राफेल को भारत की जरूरतों के हिसाब से मॉडिफाई किया गया है। राफेल की रेंज 3,700 किलोमीटर है, यह अपने साथ चार मिसाइल ले जा सकता है। राफेल की लंबाई 15.30 मीटर और ऊंचाई 5.30 मीटर है। राफेल का विंगस्‍पैन सिर्फ 10.90 मीटर है जो इसे पहाड़ी इलाकों में उड़ने के लिए आदर्श एयरक्राफ्ट बनाता है। विमान छोटा होने से उसकी मैनुवरिंग में आसानी होती है।

एक राफेल जेट को रोकने क‍ि लिए दो एफ-16 की जरूरत

यही नहीं पाकिस्‍तानी एयरफोर्स को अब एक राफेल फाइटर जेट को रोकने क‍ि लिए अपने दो एफ-16 लड़ाकू विमान लगाने पड़ेंगे। अभी तक स्थिति यह है कि भारत को एक एफ-16 रोकने के लिए दो सुखोई-30एमकेआई विमान तैनात करने पड़ते हैं। इंडियन एयरफोर्स के पूर्व चीफ एवाई टिपणिस का मानना है कि यदि एयरफोर्स के पास फरवरी में बालाकोट हमले के दौरान राफेल होता तो भारत पाकिस्‍तान के कम से कम 12 एफ-16 विमानों को मार गिराता। यही नहीं भारत को बालाकोट में एयर स्‍ट्राइक करने के लिए पाकिस्‍तानी हवाई क्षेत्र में नहीं घुसना पड़ता।

कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़ित परिवार सुबह लखनऊ पहुंचा सीबीआई आज बुलगढ़ी गांव जाएगी

उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित युवती से कथित बलात्कार व उसकी मौत मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में अहम सुनवाई होनी है। यह मामला गरिमापूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार टाइटल के तहत सूचीबद्ध है। पीड़ित परिवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच लखनऊ रवाना हो गया है। एक अक्टूबर को कोर्ट ने मामले को खुद नोटिस में लिया था।

कोर्ट ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, डीजीपी एचसी अवस्थी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के अलावा हाथरस के डीएम और एसपी को तलब किया है। पीड़ित परिवार को भी कोर्ट में गवाही के लिए हाजिर रहना है। हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से विनोद शाही पैरवी करेंगे, जबकि कोर्ट ने वरिष्ठ वकील जेएन माथुर को एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) बनाया है।

पीड़ित परिवार सुबह 5 बजे हाथरस से निकला। पीड़ित के माता-पिता, दो भाई और एक भाभी लखनऊ जा रहे हैं। एसडीएम अंजलि गंगवार और सीओ शैलेंद्र बाजपेयी ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी है। दो गाड़ियों में पीड़ित परिवार है, जबकि छह गाड़ियां उनके एस्कॉर्ट के लिए हैं। भाई ने कहा कि जो भी घटना हुई है, उसके बारे में कोर्ट को बताएंगे। जो घटना के वक्त मौजूद था, वह अपनी बात कोर्ट में रखेगा। इससे पहले उन्होंने रविवार रात लखनऊ जाने से मना कर दिया था। परिजन आज सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना होकर लखनऊ पहुंचे।

इजरायल में पुरातत्‍वविदों को मिला 6500 साल पुराना ‘खजाना’, बदलेगा दुनिया का इतिहास

‌तेल अवीव
इजरायल के पुरातत्‍वविदों के हाथ 6500 साल पुराना इंसान का अनमोल ‘खजाना’ हाथ लगा है। इस ‘खजाने’ से पूरी दुनिया का इतिहास बदलना पड़ सकता है। दरअसल, इजरायल के पुरातत्‍वविदों को दुनिया की पहली भट्ठी के साक्ष्‍य मिले हैं। उन्‍होंने दावा किया है कि इस भट्ठी में इस्‍तेमाल की गई तकनीक इतनी परिष्‍कृत थी जितना कि प्राचीन काल में पूरी दुनिया में कहीं नहीं था।

यह भट्ठी इजरालय के नेगेव रेगिस्‍तान के दक्षिण में स्थित बीर शेवा में तीन साल तक चले अध्‍ययन के बाद मिली है। वर्ष 2017 में से चल रही खुदाई में यह भट्ठी म‍िली। माना जा रहा है कि इस भट्ठी में तांबे को गलाया जाता था। तेल अवीव यूनिवर्सिटी और इजरायल के पुरातत्‍व विभाग के शोधकर्ताओं के मुताबिक यह स्‍थल दुनिया की पहली भट्ठी के लिए इस्‍तेमाल किया जाता था।

ताम्र पाषाणकालीन कालीन उपकरण उत्‍पादन स्‍थल
इजरायली अधिकारी तलिया अबूलफिया ने कहा, ‘खुदाई से मिले सबूतों से खुलासा हुआ है कि यह ताम्र पाषाणकालीन कालीन (6500 साल पहले) उत्‍पादन स्‍थल था। आश्‍चर्यजनक खोजों में एक छोटी वर्कशॉप मिली है जिसमें भट्ठी के अंदर तांबे को गलाए जाने के सबूत मिले हैं। इसके अलावा तांबे के बडे़ पैमाने पर तलछट (कॉपर स्‍लैग) मिले हैं।’ ताम्रपाषाणिक या कॉपर एज को चौथी से तीसरी शताब्‍दी ईसापूर्व के बीच माना जाता है।

ताम्रपाषाणिक काल में कॉपर के उपकरणों के निर्माण के साक्ष्‍य मिले हैं लेकिन इसे अभी भी नियोलिथिक‍ या स्‍टोन एज का माना जा रहा है। इस काल के दौरान बनाए गए ज्‍यादातर उपकरण पत्‍थर से बने हैं। कॉपर के आइसोटोप के विश्‍लेषण से पता चला है कि उसे वादी फयनान जिसे आज जॉर्डन के नाम से जाना जाता है, से लाया गया था। यह इजरायली पुरास्‍थल से करीब 100 किमी दूर है।

100 किमी दूर गलाने के लिए ले जाया जाता था कॉपर
इस पूरे शोध से यह चौंका देने वाला खुलासा यह हुआ है कि कॉपर को जहां से निकाला जाता था, उसे वहां से 100 किमी दूर गलाकर उपकरण बनाए जाते थे। आमतौर पर भट्ठियों को खान के पास ही बनाया जाता था लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं है। शोधकर्ताओं का कहना है कि कॉपर को इतनी दूर गलाए जाने का मकसद अपनी तकनीक को छिपाना हो सकता है।

तेलअवीव यूनिवर्सिटी के प्रफेसर बेन योसेफ ने कहा कि कॉपर को निकालना उस समय एक अनमोल तकनीक थी। इस तरह की उन्‍नत तकनीक प्राचीन काल में पूरी दुनिया में कहीं नहीं थी। उन्‍होंने कहा क‍ि इससे यह भी संकेत मिलता है कि संभवत: भट्ठी का आविष्‍कार इसी इलाके में हुआ हो। यह भी संभव है कि इस इलाके कुछ खास लोगों को ही धातुओं को पिघलाकर उपकरण बनाने की जानकारी हो। उन्‍होंने कहा कि इस इलाके ने दुनिया में मेटल क्रांति लाने में बड़ी भूमिका निभाई होगी।

GST क्षतिपूर्ति से जुड़े विकल्प का जिन CM ने किया समर्थन, राहुल का उन पर कटाक्ष- जनता का भविष्य PM के पास क्यों ‘गिरवी रख रहे?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए कर्ज लेने संबंधी केंद्र सरकार के प्रस्ताव को कई राज्य सरकारों द्वारा स्वीकार किए जाने को लेकर सोमवार को उन पर कटाक्ष किया और सवाल किया कि कई मुख्यमंत्री लोगों का भविष्य प्रधानमंत्री के पास क्यों ‘गिरवी रख रहे हैं।’

उन्होंने ट्वीट कर दावा किया, ‘‘केंद्र सरकार ने राज्यों से जीएसटी के राजस्व का वादा किया। प्रधानमंत्री और कोविड से अर्थव्यवस्था नष्ट हो गई। प्रधानमंत्री ने कारपोरेट को 1.4 लाख करोड़ रुपये की कर रियायत दी और अपने लिए 8400 करोड़ रुपये के दो विमान खरीदे।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘केंद्र के पास राज्यों को देने के लिए पैसा नहीं है। वित्त मंत्री कहती हैं, कर्ज लो। आप लोगों (जनता) के मुख्यमंत्री आपके भविष्य को प्रधानमंत्री के पास गिरवी क्यों रख रहे हैं?’’

गौरतलब है कि जीएसटी संग्रह में कमी की क्षतिपूर्ति के लिये कुल 21 राज्यों ने 97,000 करोड़ रुपये कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प का समर्थन किया है। ये राज्य मुख्य रूप से भाजपा शासित और उन दलों की सरकार वाले हैं जो विभिन्न मुद्दों पर केंद्र की नीतियों का समर्थन करते रहे हैं।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए कर्ज लेने संबंधी केंद्र सरकार के प्रस्ताव को कई राज्य सरकारों द्वारा स्वीकार किए जाने को लेकर सोमवार को उन पर कटाक्ष किया और सवाल किया कि कई मुख्यमंत्री लोगों का भविष्य प्रधानमंत्री के पास क्यों ‘गिरवी रख रहे हैं।’

उन्होंने ट्वीट कर दावा किया, ‘‘केंद्र सरकार ने राज्यों से जीएसटी के राजस्व का वादा किया। प्रधानमंत्री और कोविड से अर्थव्यवस्था नष्ट हो गई। प्रधानमंत्री ने कारपोरेट को 1.4 लाख करोड़ रुपये की कर रियायत दी और अपने लिए 8400 करोड़ रुपये के दो विमान खरीदे।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘केंद्र के पास राज्यों को देने के लिए पैसा नहीं है। वित्त मंत्री कहती हैं, कर्ज लो। आप लोगों (जनता) के मुख्यमंत्री आपके भविष्य को प्रधानमंत्री के पास गिरवी क्यों रख रहे हैं?’’

गौरतलब है कि जीएसटी संग्रह में कमी की क्षतिपूर्ति के लिये कुल 21 राज्यों ने 97,000 करोड़ रुपये कर्ज लेने के केंद्र के विकल्प का समर्थन किया है। ये राज्य मुख्य रूप से भाजपा शासित और उन दलों की सरकार वाले हैं जो विभिन्न मुद्दों पर केंद्र की नीतियों का समर्थन करते रहे हैं।

लगातार 10वें दिन 80 हजार से कम केस आए, एक्टिव केस 26 दिन में 15% कम हुए

देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 71 लाख के पार हो गया है। रविवार को 67 हजार 789 केस आए। यह लगातार 10वां दिन था जब नए केस 80 हजार से कम रहे। यह भी राहत की बात है कि संक्रमितों से ज्यादा 71 हजार 564 मरीज ठीक हो गए। रिकवरी का आंकड़ा बढ़ने से एक्टिव केस लगातार कम हो रहे हैं। बीते 26 दिनों में इसमें 15% की गिरावट आई है। ये 16 सितंबर को 10.17 लाख के पीक पर थे, जो अब 8.61 लाख पर पहुंच गए

दिल्ली सरकार ने 31 अक्टूबर तक राज्य में मेला, समारोह, फूड स्टॉल, झूला, रैली और प्रदर्शनी करने पर रोक लगा दी है। सरकार ने यह फैसला संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया है।उत्तरप्रदेश सरकार ने त्योहार सीजन के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। त्योहार से जुड़ा कोई भी कार्यक्रम कंटेनमेंट जोन में नहीं होगा। कंटेनमेंट जोन के लोग न तो कोई कार्यक्रम कर सकेंगे और न ही किसी कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे।

बत्ती गुल होने से परेशान मुंबई, अमिताभ बच्चन बोले- धैर्य रखें, सब ठीक हो जाएगा

मुंबई की बत्ती गुल हो जाने से तमाम लोगों समेत सेलेब्स भी परेशान हो गए हैं. सभी सोशल मीडिया पर ग्रिड फेल होने की जानकारी दे रहे हैं. इस बीच अमिताभ बच्चन ने किसी तरह से फैंस को मैसेज करना मैनेज किया है. अमिताभ का कहना है कि उनका डोंगल काम कर रहा है.

ग्रिड फेल पर अमिताभ बच्चन का रिएक्शन मुंबई में ग्रिड फेल हो जाने के बाद अमिताभ बच्चन ने दो ट्वीट किए हैं. पहले ट्वीट में लिखा- पूरे शहर में बिजली का संकट है. लेकिन मैं किसी तरह से इस मैसेज को कर पाया हूं. शांत रहें सब कुछ ठीक हो जाएगा. दूसरे ट्वीट में अमिताभ बच्चन ने लिखा- डोंगल काम कर रहा है. मेरे लिए वोडाफान काम कर रहा है. अमिताभ बच्चन के इस मैसेज पर फैंस के ढेरों रिएक्शन आ रहे हैं. कुछ लोगों ने अपने यहां बिजली ना होने की जानकारी दी है. वहीं कुछ लोगों ने जल्द बिजली के आने की उम्मीद जताई है.

मुंबई की बत्ती गुल होना सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहा है. इस पर ढेरों मीम्स भी बन चुके हैं. वहीं सेलेब्स के भी रिएक्शन सामने आ रहे हैं. इनमें से कंगना रनौत के रिएक्शन की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. कंगना ने ट्वीट में महाराष्ट्र सरकार पर तंज कसते हुए लिखा- मुंबई में #Powercut, ऐसे में महाराष्ट्र की सरकार क-क-क…….कंगना.’

मुंबई में बिजली का संकट पूरे मुंबई शहर में 10.15 बजे पर बिजली गुल गई थी. खबरों के मुताबिक, कलवा स्थित टाटा पावर के सेंट्रल ग्रिड के फेल होने के कारण बिजली आपूर्ति पर संकट मंडराया है. ग्रिड फेल होने के कारण मुंबई सिटी और उसके उपनगर में बिजली नहीं है. सेंट्रल, ईस्टर्न और वेस्टर्न लाइन पर ट्रेन सेवा बाधित है. अभी बिजली की बहाली में समय लग सकता है. ग्रिड फेल होने की वजह से मुंबई लोकल जहां-तहां खड़ी है. ऐसे में कुछ लोग पैदल ही निकल रहे हैं.