कार में 50 लाख 90 हजार रुपए मिले, खुद को बताया सोना-चांदी व्यापारी

मध्य प्रदेश में उपचुनाव के लिए लगी आचार संहिता के साथ सांवेर में पुलिस ने निगरानी तेज कर दी है। यहां पर तैनात स्पेशल टीम ने बुधवार सुबह बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की। दो लोग कार में करीब 51 लाख रुपए नकद लेकर सांवेर की ओर जा रहे थे। पुलिस ने रुपयों के बारे में पूछताछ की तो वे स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद उन्हें बाणगंगा थाना लेकर जाया गया। पुलिस को शक है कि ये रुपए सांवेर चुनाव के लिए उपयोग होने वाले थे।

सुबह करीब 9 बजे अरविंदो अस्पताल के आगे चेक पॉइंट पर चुनाव को लेकर लगी स्पेशल पुलिस ने एक कार को चेकिंग के लिए रोका। पुलिस को देखकर कार सवार थोड़ा झिझका। टीम को शक हुआ और उन्होंने कार की तलाशी ली। कार के भीतर बैग में बड़ी मात्रा में कैश रखा हुआ था। पुलिस ने चेक किया तो राशि 50 लाख 90 हजार रुपए । ये रुपए लेकर वह उज्जैन जा रहा था। जब टीम ने रुपए को लेकर बात की तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया। शुरुआती तौर पर पता चला है कि गिरफ्त में आया व्यक्ति इटारसी का रहने वाला है। वह वहीं से ये रुपए लेकर इंदौर पहुंचा था। इसे इंदौर सराफा जाना था, लेकिन यह सांवेर की ओर जा रहा था। जिस पर पुलिस ने इसे अरविंदो अस्पताल के सामने पकड़ लिया। टीम को शक है कि इन रुपयों का उपयोग सांवेर विधानसभा चुनाव के लिए होने वाला था। युवक को बाणगंगा थाने पहुंचाकर इनकम टैक्स विभाग को भी मामले की सूचना दे दी गई है।

सपना चौधरी ने बेटे को दिया जन्म, पति वीर साहू ने दी जानकारी

हरियाणवी सिंगर और डांसर सपना चौधरी (Sapna Choudhary) के घर नन्हा मेहमान आया है। Sapna Choudhary ने जनवरी में हरियाणवी सिंगर, राइटर और मॉडल वीर साहू से शादी की थी। सपना चौधरी के मां बनने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया।

सपना चौधरी के पति वीर साहू ने खुद फेसबुक लाइव पर इस खबर की जानकारी की। इस खबर पर लोगों द्वारा किए जा रहे कमेंट्स पर वीर साहू ने जमकर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि लोग बहुत अश्लील कमेंट्स कर रहे हैं।

वीर साहू ने कहा, ‘मैंने और सपना ने अपनी मर्जी से शादी की थी, इसमें लोगों को क्या एतराज है। मैं आम आदमी हूं और मुझे किसी तरह का प्रचार नहीं चाहिए। सपना चौधरी को लड़का होने की खबर का लोग मजाक उड़ा रहे हैं, किसी में हिम्मत हो तो मुझे कोई कुछ कहकर बताओ। सब कह रहे हैं कि शादी कर ली बताया नहीं, बिना शादी के बच्चा कैसे हो गया। मैं पूछता हूं कि मैं किसी को क्यों बताऊं।’वीर साहू को बब्बू मान के नाम से भी जाना जाता है। वीर हिसार के जमींदरा परिवार से हैं। सपना का मायका दिल्ली के कस्बे नजफगढ़ में हैं। सपना चौधरी को ‘तेरी आंख्या का यो काजल’ गाने से लोकप्रियता मिली थी। उन्होंने बिग बॉस में भी हिस्सा लिया था। एक समय सपना चौधरी स्टेज शो के 3100 रुपए लेती थी, लेकिन आज वे करोड़ों की मालकिन हैं। सपना के पास आज ऑडी और फॉर्च्यूनर जैसी महंगी गाड़ियां हैं और वे करोड़ों रुपए के बंगले में रहती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे एक शो के 2 से 3 लाख रुपए चार्ज करती हैं और उनके महीने में 20 से ज्यादा दिन शो होते हैं।

मुसलमानों पर अत्याचार को लेकर UN में 39 देशों ने चीन को घेरा, बचाव में उतरा ड्रैगन का कर्जदार पाकिस्तान

संयुक्त राष्ट्र में चीन की भारी बेइज्जती हुई है। करीब 40 देशों ने शिनजियांग और तिब्बत में अल्पसंख्यक समूहों पर अत्याचार को लेकर चीन को घेरा तो हॉन्गकॉन्ग में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के मानवाधिकारों पर पड़ने वाले बुरे असर पर चिंता जाहिर की। अमेरिका, कई यूरोपीय देशों, जापान और अन्य ने चीन से कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बेचलेट और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को शिनजियांग में निर्बाध रूप से जाने दे। साथ ही उइगर मुसलमानों और अल्पसंख्यक समुदाय के अन्य सदस्यों को कैद में डालना बंद करे। 

संयुक्त राष्ट्र महासभा के मानवाधिकार समिति की एक बैठक में 39 देशों ने संयुक्त रूप से जारी बयान में चीन से कहा कि हॉन्गकॉन्ग की स्वायत्तता, आजादी के अधिकार को बहाल किया जाए और वहां की न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाए। संयुक्त राष्ट्र में जर्मनी के राजदूत क्रिसटोफ हेयूसगेन की ओर से यह बयान पढ़े जाने के तुरंत बाद पाकिस्तान ने चीन के कर्ज में फंसे 55 देशों की तरफ से ड्रैगन का बचाव किया और हॉन्गकॉन्ग में दखलअंदाजी का विरोध किया।

इसने कहा कि यह क्षेत्र चीन का हिस्सा है और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून एक देश, दो सिस्टम को सुनिश्चत करेगा। इसके बाद क्यूबा ने 45 देशों के तरफ से बयान पढ़ते हुए चीन के आतंक और कट्टरता के खिलाफ उठाए गए कदमों का समर्थन किया। गौरतलब है कि चीन इसी नाम पर देश में उइगर मुसलमानों का उत्पीड़न कर रहा है। 

एक दूसरे के विरोधी बयान चीन और पश्चिमी देशों के बीच मानवाधिकार को लेकर तनाव को रेखांकित करते हैं। इन मुद्दों को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है, इसके अलावा कोविड-19 महामारी, व्यापार और साउथ चाइना सी में बीजिंग के ऐक्शन को लेकर टकराव चरम पर है।      

39 देशों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस पर हस्ताक्षर करने वाले देश जून में 50 स्वतंत्र यूएन मानवाधिकार एक्सपर्ट्स की ओर से लिखे गए असाधारण लेटर की चिंता को साझा करते हैं, जिसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीन पर नजर रखने के लिए सभी उचित कदम उठाने और यह सुनिश्चित करने को कहा था कि चीन की सरकार मानवाधिकारों का सम्मान करे। उन्होंने तिब्बत और शिनजियांग के जातीय अल्पसंख्यकों को लेकर चिंता जाहिर की थी।

39 देशों ने मंगलवार को शिनजियांग में बड़ी संख्या में मौजूद ‘पॉलिटकल री-एजुकेशन’ कैंपों पर चिंता जताई, जिसको लेकर विश्वसनीय रिपोर्ट है कि इनमें 10 लाख से अधिक मुसलमानों को कैद करके रखा गया है। यहां मानवाधाकिरों को बुरी तरह कुचला जा रहा है। बयान में कहा गया, ”वहां धार्मिक आजादी पर कड़े प्रतिबंध हैं, आने जाने की आजादी नहीं है, संगठन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है। विशेष निगरानी से उइगर मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है। जबरन मजदूरी और नसबंदी की रिपोर्ट है।”

Shaheen Bagh Protest Case: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा गलत, लोगों के अधिकारों का हनन

नई दिल्ली
दिल्ली में CAA के विरोध में शाहीन बाग में हुए प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। शीर्ष अदालत ने आज अपने फैसले में कहा कि कोई भी व्यक्ति या समूह सार्वजिनक स्थानों को ब्लॉक नहीं कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पब्लिक प्लेस पर अनिश्चितकाल के लिए कब्जा नही किया जा सकता। अदालत ने कहा कि धरना-प्रदर्शन का अधिकार अपनी जगह है लेकिन अंग्रेजों के राज वाली हरकत अभी करना सही नहीं है।

सार्वजनिक स्थानों पर अनिश्चित काल के लिए कब्जा नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा CAA के विरोध (Anti CAA Protest in Shaheen Bagh News) में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे, रास्ते को प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट से अलग-अलग फैसला दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर अनिश्चित काल तक कब्जा नहीं किया जा सकता है।

पब्लिक प्लेस को ब्लॉक नहीं कर सकते
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विरोध जताने के लिए पब्लिक प्लेस या रास्ते को ब्लॉक नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिकारियों को इस तरह के अवरोध को हटाना चाहिए। विरोध प्रदर्शन तय जगहों पर ही होना चाहिए। अदालत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के सार्वजनिक जगहों पर प्रदर्शन लोगों के अधिकारों का हनन है। कानून में इसकी इजाजत नहीं है।

विरोध के साथ कर्तव्य भी- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवागमन का अधिकार अनिश्चित काल तक रोका नहीं जा सकता। शाहीन बाग में मध्यस्थता के प्रयास सफल नहीं हुए, लेकिन हमें कोई पछतावा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा सार्वजनिक बैठकों पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है लेकिन उन्हें निर्दिष्ट क्षेत्रों में होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा संविधान विरोध करने का अधिकार देता है लेकिन इसे समान कर्तव्यों के साथ जोड़ा जाना चाहिएट

100 दिनों से ज्यादा दिन तक चला था धरना
बता दें कि नागरिकता कानून के विरोध में शाहीन बाग में 100 दिनों से ज्यादा दिन तक लोग धरने पर बैठे थे। लेकिन कोरोना वायरस के कारण दिल्ली में धारा 144 लागू होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया था। शाहीन बाग प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए शीर्ष अदालत में भी अपील की गई थी। बता दें कि धरना के कारण कई सड़कों को बंद कर दिया गया था और लोगों को आवाजाही में दिक्कतें होती थीं।

Hathras Case: मृत युवती के भाई और आरोपित की कॉल डिटेल से आया नया मोड़, दोनों में हुई 104 बार बातचीत

लखनऊ, । हाथरस कांड में मंगलवार को सबसे बड़ा मोड़ सामने आया है। मृत युवती के भाई और घटना के मुख्य आरोपित संदीप सिंह की कॉल डिटेल से पता चला है कि दोनों नंबरों पर लंबी बातचीत हुई है। 13 अक्टूबर 2019 से मार्च 2020 के बीच इन नंबरों पर 104 से अधिक कॉल हैं। कुल कॉल अवधि पांच घंटे से अधिक हैं। कॉल डिटेल से साफ है कि दोनों नंबरों पर लगातार बातचीत की गई है।

मृत युवती के भाई और घटना के मुख्य आरोपित संदीप सिंह की कॉल डिटेल सामने आने के बाद इसे लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब युवती और आरोपित संदीप सिंह के घरों का फासला ज्यादा नहीं है तो मोबाइल के जरिये दोनों नंबरों पर इतनी बातचीत की वजह आखिर क्या है। कॉल डिटेल से यह भी स्पष्ट हुआ है कि युवती के भाई के नंबर से आरोपित संदीप सिंह के नंबर पर 62 बार और संदीप के नंबर से युवती के भाई के मोबाइल पर 42 बार काल की गई।

दोनों नंबरों की लोकेशन चंदपा थाना क्षेत्र :

 कॉल डिटेल की समीक्षा में यह भी सामने आया है कि अधिकतर कॉल के दौरान दोनों नंबरों की लोकेशन चंदपा थाना क्षेत्र की ही है। एक मोबाइल युवती के भाई की आइडी पर और दूसरा संदीप सिंह की आइडी पर है। कॉल डिटेल से अब यह स्पष्ट हो रहा है कि युवती के भाई व मुख्य आरोपित के बीच पुरानी जान-पहचान है। पुलिस कॉल डिटेल के आधार पर भी अपनी छानबीन करने के साथ ही इसे लेकर मुख्य आरोपित से पूछताछ की तैयारी भी कर रही है। हालांकि पुलिस अधिकारी इसे लेकर कुछ बोलने से इनकार कर रहे हैं।

मोबाइल कॉल की सीडीआर से खुलेगा राज :

 हाथरस केस में आरोपितों और पीड़ित पक्ष के मोबाइल नंबरों की कॉल डीटेल अहम भूमिका अदा कर सकती है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी इसका जल्द राजफाश करेगी। बताया जा रहा है कि जांच एजेसियों ने चारों आरोपितों के मोबाइल फोन की कॉल डीटेल निकलवाई है। साथ ही पीड़ित के परिवारीजन के नंबरों की भी सीडीआर निकलवाई है। पुलिस जांच रही है कि वारदात वाले दिन आरोपितों और पीड़ितों के परिवारीजन की लोकेशन कहां-कहां थी। आरोपित का परिवार लगातार कहा रहा है कि घटना के वक्त वे वहां मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपित और पीड़ित पक्ष के बीच फोन पर बात होती थी या नहीं। इस बीच यह भी कॉल डीटेल में सामने आई है कि आरोपी संदीप और पीड़िता के भाई के बीच 104 बार और करीब पांच घंटे बात हुई है।

एसआइटी बुधवार को सौंप सकती है जांच रिपोर्ट :

 हाथरस कांड की जांच करने के लिए गठित गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) बुधवार को योगी सरकार को जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में गठित एसआइटी ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। सूत्रों का कहना है कि एसआइटी ने पुलिसकर्मियों समेत करीब 100 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। कई अन्य पुलिसकर्मियों की लापरवाही भी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 30 सितंबर को गृह सचिव की अध्यक्षता में एसआइटी गठित की गई थी। एसआइटी में डीआइजी चंद्र प्रकाश व एसपी पूनम बतौर सदस्य शामिल हैं। एसआइटी ने हाथरस में युवती के परिवार से मुलाकत करने के साथ ही कई बिंदुओं पर सिलसिलेवार जांच की है। सरकार हाथरस कांड की सीबीआइ जांच कराने की सिफारिश भी कर चुकी है।

सोफे वाले ट्रैक्टर पर हो रहे विवादों के बीच राहुल गांधी ने कहा- PM के हजारों करोड़ के प्लेन पर क्यों नहीं उठते सवाल

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी केंद्र सरकार पर इन दिनों लगातार हमलावर हैं. राहुल गांधी ने पंजाब में खेती बचाओ यात्रा को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उनसे जब यात्रा के दौरान ट्रैक्टर पर कुशन वाला सोफा लगाए जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कोई पीएम मोदी के महंगे प्लेन पर सवाल क्यों नहीं उठाता? उसमें तो एक नहीं कई पलंग होंगे मोदी ने हजारों करोड़ में वो प्लेन खरीदा है.

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि जब चीन हमारी सीमाओं पर है तब खर्च करने की क्या जरूरत थी? वो भी ऐसे समय में जब  सरकार पूर्वी लद्दाख में हथियारों, गोला-बारूद, ईंधन, भोजन और सर्दियों के लिए आवश्यक सामान पहुंचाने में लगी है. लेकिन उन्होंने नया विमान अपने लिए खरीद लिया क्योंकि “उनके दोस्त डोनाल्ड ट्रम्प के पास एक (एयर फोर्स वन)है. ” राहुल गांधी ने पंजाब के पटियाला में संवाददाताओं से कहा, “आप इस बारे में उनसे सवाल क्यों नहीं करते? यह विचित्र है कि बोइंग 777 के बारे में कोई नहीं पूछ रहा है.”

बताते चले कि हाल ही में सरकार ने VVIP लोगों की यात्रा के लिए 8 हजार करोड़ में नया विमान खरीदा है. जिसे अमेरिका से खरीदा गया है. बताते चले कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चीन के साथ सीमा पर चल रहे गतिरोध को लेकर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपने हमले तेज करते हुए कहा कि अगर संप्रग सत्ता में होता तो पड़ोसी देश की हमारे देश की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं होती. उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘‘चीन के हमारे देश में घुसकर हमारे सैनिकों को मारने की हिम्मत इसलिए हुई” क्योंकि मोदी ने देश को ‘‘कमजोर बना दिया है.

बॉम्बे हाई कोर्ट से रिया चक्रवर्ती को मिली जमानत, अभी जेल में ही रहेगा शोविक

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के दौरान सामने आए ड्रग्स मामले में गिरफ्तार अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) को आज यानी बुधवार को बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने अपना फैसला सुनाते हुए जमानत दे दी है. हालांकि उनका भाई शोविक चक्रवर्ती अभी जेल में ही रहेगा, क्योंकि कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है.

रिया चक्रवर्ती समेत पांच लोगों की जमानत याचिका को लेकर आज बॉम्बे होई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. रिया के अलावा सैमुअल मिरांडा और दीपेश सावंत को भी कोर्ट ने बेल दी है. वहीं शोविक और अब्दुल परिहार की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. फिलहाल, इन दोनों को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा.

देश से बाहर नहीं जा सकती रिया

रिया चक्रवर्ती को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी गई है. इतना ही नहीं उन्हें देश से बाहर जाने की भी इजाजत नहीं है. उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराना होगा. इसके अलावा एनसीबी जब भी रिया को पूछताछ के लिए बुलाएगी, उन्हें हाजिर होना पड़ेगा.

अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर रिया, मुंबई से बाहर जाती हैं तो उन्हें जांच अधिकारियों को पहले सूचित करना होगा. साथ ही रिया को जमानत देने से पहले कोर्ट ने यह भी कहा कि रिया को रिहाई के बाद दस दिनों तक अपने पास के पुलिस स्टेशन में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी. कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना रिया देश के बाहर यात्रा नहीं करेंगी.

रिया के वकील का बयान

रिया को जमानत मिलने के बाद उनके वकील सतीश मानशिंदे ने कहा कि हम माननीय बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा रिया को बेल दिए जाने के आदेश खुश हैं. सत्य और न्याय की जीत हुई है. जस्टिस सारंग वी कोतवाल ने उन तथ्यों और कानून को स्वीकार किया जो कि उनके सामने प्रस्तुत किए गए. रिया की गिरफ्तारी और हिरासत पूरी तरह से अनुचित और कानून की पहुंच से परे थी. तीन केंद्रीय एजेंसियों द्वारा हाउंडिंग और विच हंट किया गया. हम सत्य के लिए प्रतिबद्ध हैं. सत्यमेव जयते.

कोर्ट ने 29 सिंतबर को सुरक्षित रख लिया था फैसला

इस मामले में 29 सितंबर को जस्टिस सारंग वी कोतवाल की सिंगल जज बेंच ने सुनवाई की थी. सुनवाई पूरी होने के बाद जस्टिस सारंग ने रिया समेत अन्य लोगों की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. दरअसल, इस सुनवाई के दौरान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका का कोर्ट में विरोध किया था. एनसीबी की तरफ से दलील दी गई थी कि यह अपराध हत्या या गैर इरादतन हत्या से भी बदतर है.

रिया और शोविक पर ड्रग्स सिंडिकेट चलाने का आरोप है. एनसीबी ने जांच में पाया कि रिया और शोविक मुंबई के कई बड़े ड्रग्स पैडलर के संपर्क में थे. यह दोनों सैमुअल मिरांडा के जरिए इन पैडलर से ड्रग्स खरीदकर सुशांत को देते थे. ड्रग्स मामले में एनसीबी ने अभी तक करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया है.

ताजमहल के बंद दरवाजे का राज..

दुनिया आज भी कई रहस्यों से भरी पड़ी है। कुछ रहस्यों को सिर्फ एक conspiracy theory कह कर छोड़ दिया जाता है और कुछ को उन देशों की सरकारी संस्थाएं आज भी छिपाने की कोशिश कर रही हैं। भारत में भी ऐसे कई रहस्य हैं, जिसने दुनिया को चकरा कर रख दिया है। कई रहस्य हैं जो दुनिया के सामने आ चुके हैं, लेकिन अभी भी कई ऐसे रहस्य हैं जो आज भी सबसे छिपा कर रखे जा रहे हैं। ऐसा ही रहस्य है ताजमहल के तहखाने का रहस्य। ये एक ऐसा रहस्य है, जिसे सबको बताने से हर सरकार डरती है।

तो आज हम बात करने वाले हैं ताजमहल के उस दरवाजे के बारे में जिसे खोलने से सरकारें भी डरती हैं। दरअसल ऐसा माना जाता है कि ताजमहल का निर्माण साल 1631 में शुरू करवाया गया था और साल 1653 में ये बनकर तैयार हुआ। और आज भी इसे निर्माण कुशलता का एक बेमिसाल उदाहरण कहा जाता है। शोधकर्ताओं ने इस पर कई शोध किए और उनका आज भी मानना है कि ताजमहल के नीचे हजार से भी ज्यादा कमरें हैं। उनका मानना है कि ताजमहल जितना ऊंचा है, ये धरती के अंदर भी उतनी ही गहराई तक बनवाया गया है।

उस जमाने में जब कोई भी किला बनवाया जाता था, तो उसमें बाहर निकलने का रास्ता भी बनवाया जाता था। और ऐसा ही ताजमहल के अंदर भी है। इसके नीचे से एक रास्ता भी है। जो कहीं दूर बाहर निकलता है। लेकिन उन तहखानों की तरह ही उसे भी शाहजहां के समय में ही बंद करवा दिया गया। ताजमहल के नीचे के इन कमरों को ईंटों से ही बंद करवाया गया। लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है कि जिन ईंटों से इन कमरों को बंद किया गया है। इन ईंटों का निर्माण इन कमरों के बाद किया गया। लेकिन आखिर क्या वजह थी जो इन कमरों को बनवाने के बाद इन्हें बंद करना पड़ा। कुछ पुरातत्व वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं की इसपर अलग- अलग राय है। कुछ का मानना है कि इन तहखाऩों में मुमताज महल के कब्र को रखा गया है। और इन कमरों को सरकारी तौर पर बंद किया गया है। लेकिन ऐसा क्यों किया गया है इसकी पूरी जानकारी किसी के भी पास नहीं है। कुछ पुरातत्व शास्त्रों और लेखकों का ये कहना है कि इस जगह पर पहले एक शिव मंदिर था और उसे ताजु महालया कहा जाता था।

बाद में उसके ऊपर ताजमहल का निर्माण करवाया गया। इसलिए ये तहखाने ताजमहल से भी पुराने हैं। लेकिन अब एक नई conspiracy theory सामने आ रही है, जिसके अनुसार ताजमहल के नीचे इन तहखानों में कीमती खजाने भी हो सकते हैं। मेटल डिटेकटर से इनके नीचे कई तरह की धातु होने की पुष्टि हुई है। लेकिन पुरातत्व शास्त्रियों का ये भी मानना है कि इसके अंदर कई ऐसे ऐतिहासिक दस्तावेज भी हो सकते हैं, जो हमारे इतिहास तक को बदल सकते हैं। इन तहखानों की खोजबीन की खबरें तो काफी आईं, लेकिन इन्हें कभी भी अमली जामा नहीं पहनाया जा सका। इनमें से कई दरवाजे तो खोले गए, लेकिन बाद में बंद करवा दिए गए। जिससे ये रहस्य और भी गहरा जाता है कि न दीवारों के पीछे क्या है। जिसे जानने से सरकारें भी डरती हैं।

अंत में हमारे मन में भी यही सवाल उठता है कि आखिर इन दरवाजों के पीछे क्या है, जिसे सरकारें भी हमसे छिपाए रखना चाहती है। और क्या सच में इसमें कुछ ऐसा है, जो हमारा इतिहास बदल सकता है। एक ना एक दिन तो सच्चाई सामने आएगी ही क्योंकि कहा जाता है कि सच्चाई को छिपाया जा सकता है, लेकिन दबाया नहीं जा सकता। और हर सच एक ना एक दिन सामने आ ही जाता है।

सीएम ने कहा- सर्वे का काम पूरा, बाढ़ और कीट से खराब हुई फसल का मिलेगा मुआवजा




भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में बाढ़ एवं कीट-व्याधि से प्रभावित हुए किसानों को हर हालत में पूरी सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों को उनकी खराब हुई पूरी फसल का मुआवजा दिलाया जाएगा। यद्यपि प्रदेश में कोविड संकट के चलते अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब है, परंतु किसानों की मदद में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। किसानों को यथाशीघ्र पर्याप्त सहायता राशि मिलेगी। किसान बिल्कुल चिंता न करें, मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से उनके साथ है।

40 लाख हेक्टेयर में क्षति, 4000 करोड़ रुपए संभावित मुआवजा
प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा फसलों की 33 प्रतिशत या अधिक क्षति होने पर मुआवजा दिया जाता है, जबकि राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत या अधिक क्षति पर ही किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाता है। प्रदेश में बाढ़ एवं कीट व्याधि से लगभग 40 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं, जिनके लिए लगभग 4000 करोड़ रुपए का मुआवजा संभावित है। गत वर्ष प्रदेश में लगभग 60 लाख हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें खराब हुईं थी तथा किसानों को 2000 करोड़ रुपए का मुआवजा वितरित किया गया था।

फसलों की क्षति का सर्वे कार्य पूर्ण
प्रदेश में फसलों को हुई क्षति का सर्वे कार्य पूर्ण हो गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार का दल भी प्रदेश आया था, जो सर्वे कर वापस चला गया है। मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि केंद्रीय सर्वे दल ने फसलों की क्षति के सर्वे के दौरान प्रदेश में रिकॉर्ड कीपिंग के कार्य को परफेक्ट माना।

केंद्र सरकार से 2487 करोड़ रुपए की मांग
प्रदेश में बाढ़ एवं कीट से फसलों का 39 लाख 95 हजार हेक्टेयर रकबा प्रभावित हुआ है। इसमें से 37 लाख हेक्टेयर रकबे में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार से 34 लाख 87 हजार हेक्टेयर रकबे में फसलों को हुए नुकसान के लिए 2487 करोड़ 21 लाख रुपए की सहायता राशि की मांग की गई है।