अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया से सुरक्षा संवाद करने के लिए 6 अक्टूबर को टोक्यो जाएंगे एस जयशंकर, बौखलाया चीन

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर प्रसाद ने अपने टोक्यो दौरे से पहले कहा कि वो लोकतांत्रिक देशों से अपने सम्बन्ध मज़बूत करने से नहीं झिझकेंगे। बता दें कि जयशंकर 6 अक्टूबर को जापान की दो दिवसीय यात्रा के लिए रवाना होंगे। जय शंकर ‘चतुर्भुज सुरक्षा संवाद’ (Quadrilateral Security Dialogue) में शामिल होने के लिए जापान की राजधानी टोक्यो जा रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पिओ भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के समूह ‘क्वाड’ की दूसरी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए टोक्यो की यात्रा करेंगे, लेकिन पहले से निर्धारित योजना के अनुसार मंगोलिया और दक्षिण कोरिया नहीं जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।

क्वाड भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच अनौपचारिक रणनीतिक वार्ता का मंच है। इस मुद्दे पर सरकार के विचारों के बार में जानकारी रखने वाले एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “भारत को अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड संवाद को औपचारिक रूप से लागू करने में कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि 2019 में UNGA के किनारे होने वाले विदेश मंत्रियों की बैठक के साथ 2017 से पहले से ही बातचीत हो रही है। यदि अन्य तीन सदस्य चाहते हैं बातचीत को संस्थागत बनाने के लिए, भारत भाग लेने के लिए तैयार है।”

खफा है चीन

 चीन इस वार्ता से इतना खफा है कि उसने इन चार देशों के समूह के बार में कहा है कि ये एक तरह की गुटबाजी है। चीन इन देशओं पर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश भा कर सकता है। पूर्व एशियाई और प्रशांत मामलों के अमेरिकी सहायक सचिव डेविड स्टिलवेल ने पिछले शुक्रवार को कहा, “क्वाड इंडो-पैसिफिक सिद्धांतों को स्थापित करने, उन्हें बढ़ावा देने और सुरक्षित करने का प्रयास करता है, विशेष रूप से तब जब पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की रणनीति, आक्रामकता, और क्षेत्र में जबरदस्ती बढ़ जाती है।”

बना सकता है कूटनीतिक दबाव

ऐसा माना जा रहा है कि चीन इस समूह पर कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर सकता है, इसके बाद भी अमेरिकी विदेश मंत्री ने टोक्यो जाने से पहले  ट्विट करते हुए कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की लापरवाह आर्थिक नीतियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के बेरहमी से दमन के परिणामस्वरूप चीन की पर्यावरणीय आपदाएं हुईं। दुनिया आर्थिक विकास के सीसीपी मॉडल को बर्दाश्त नहीं कर सकती। 3 अक्टूबर को ट्वीट्स की एक सीरीज में, पोम्पेओ ने कहा कि चीन दुनिया भर में प्राकृतिक संसाधनों का गैर-कानूनी रूप से शोषण करता है, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था को खतरा है। 

क्वाड देशों के साथ चीन के संबंध

जापान के नए प्रधान मंत्री योशीहिदे सुगा ने भी अपने पहले कॉल में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और भारतीय नेतृत्व से बात करने के बाद चीनी सर्वोपरि नेता शी जिनपिंग से बात की। क्वाड के सभी देशों के चीन के साथ अलग-अलग तरह के गंभीर मुद्दे चल रहे हैं। भारत और जापान सीमा विवादों में उलझे हैं तो अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ट्रेड वॉर के अंत में हैं। यह समझा जाता है कि क्वाड क्रिटिकल टेक्नोलॉजी रूब्रिक के तहत, चार मंत्री 5 जी और 5 जी प्लस प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर चर्चा करेंगे और साथ ही इंडो-पैसिफिक में सैन्य अभ्यास के दौरान अंतर को बढ़ाएंगे। एक अधिकारी ने कहा कि भारत इस महीने के अंत में बंगाल की खाड़ी में मालाबार नौसैनिक अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी पर भी विचार करेगा।

हाथरस केस: CBI दिलाएगी पीड़ित परिवार को इंसाफ, ऐसे आगे जांच

लखनऊ: देश में पक्ष-विपक्ष के बीच राजनीति का सबब बने चर्चित हाथरस केस की जांच अब CBI करेगी. सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने उच्चस्तरीय बैठक के बाद फैसला लिया. 

सीबीआई जांच की सिफारिश से पहले उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी और डीजीपी हितेष चंद्र अवस्थी ने हाथरस में पीड़ित परिवार से मुलाकात की. जिसके बाद ये फैसला लिया गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर ट्वीट भी किया. 

अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि ‘हाथरस की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और जुड़े सभी बिंदुओं की गहन पड़ताल के उद्देश्य से इस प्रकरण की विवेचना CBI के माध्यम से कराने की संस्तुति कर रही है. इस घटना के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं

सिंधिया परिवार ने 360 करोड़ के बाड़े पर कब्जा कर लिया: कांग्रेस का आरोप

ग्वालियर। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मुरारीलाल दुबे एवं मीडिया प्रमुख (ग्वालियर-चम्बल संभाग) केके मिश्रा ने सिंधिया परिवार पर तीसरा बड़ा हमला बोलते हुये आरोप लगाया है कि सिंधिया परिवार ने ग्वालियर के जयेन्द्रगंज स्थित माहोरकर का बाड़ा की 8 बीघा 2 बिस्वा भूमि जिसकी कीमत 360 करोड़ रूपयों के लगभग है, जो ग्वालियर के पूर्व राजघराने की व्यक्तिगत सम्पत्ति की सूची में शामिल भी नहीं है, फिर भी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उस पर अवैध कब्जा जमा लिया, अवैध निर्माण कर आज भी वहां से किराया वसूली हो रही है और उसके कुछ हिस्से को अपंजीकृत सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के माध्यम से बेचकर करोड़ों रूपयों की अवैध वसूली भी कर डाली है। 

सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के चेयरमैन और ट्रस्टियों के नाम, जिन पर कांग्रेस ने आरोप लगाया

कांग्रेस नेता केके शर्मा ने बताया कि सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी मां माधवीराजे सिंधिया, पत्नी प्रियदर्शनीराजे सिंधिया, नेपाल राजपरिवार की ऊषाराजे राणा, सुषमा सिंह व ब्रिगेडियर नरसिंहराव पवार ट्रस्टी है। कांग्रेस ने मांग की है कि कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से राजनैतिक प्रश्रय के बाद घटित इस आपराधिक कृत्य में शासकीय अधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। लिहाजा, उनके विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1998 की धारा-13(1).(डी) धारा-467,468,471 और 420 के तहत प्रकरण दर्ज किया जाये। 

जय विलास पैलेस की बाउंड्री में माहोरकर का बाड़ा शामिल नहीं: मिश्रा

दुबे-मिश्रा ने कहा कि इनवेन्टरी की सूची क्र.-1 में जयविलास पैलेस की जो बाउन्ड्री स्पष्ट की गई है उसमें माहोरकर का बाड़ा शामिल नहीं है। पैलेस के बाहर भवन क्र. 642 बाडे के नम्बर के रूप में अंकित है। नेता दवे ने दावा किया कि उपलब्ध रिकाॅर्ड के अनुसार ग्वालियर गर्वमेंट ने 76,000 रूपये में सरकारी खजाने से भुगतान कर लिखतम (लिखापढ़ी) क्र.-715/1918 को करवाई थी। जिसका कब्जा पी.डब्ल्यू.डी. के प्रशासनिक अधिकारी द्वारा लिया गया और ग्वालियर गर्वमेंट के जानवरी कारखाने के रूप में इसे शामिल कर लिया गया था। 

माहोरकर का बाड़ा ग्वालियर नगर निगम की संपत्ति है

इस लिहाज से यह बाड़ा मध्य-भारत, उसके बाद मध्य-प्रदेश और बाद में नगर निगम की संपत्ति में शामिल हो गया। ग्वालियर राजघराने ने कूटरचित दस्तावेज बनाकर अपने अपंजीकृत देवस्थान ट्रस्ट में 10 मार्च, 1969 को इसे रजिस्टर्ड भी करवा लिया, यह कैसे संभव हुआ? यहीं नहीं 22 दिसम्बर, 1964 से अवैध रूप से अधिपत्य में ली इस संपत्ति से किराया वसूली भी प्रारम्भ कर दी गई, जो पूर्णतः अवैधानिक थी।

ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर में नामांतरण निरस्त कर दिया था

नेताओं ने कहा कि यह अपराध यहीं नहीं थमा, देवस्थान ट्रस्ट ने नगर निगम अधिकारियों की मिलीभगत से इसका नामांतरण भी करवा लिया, जिसे 6 दिसम्बर, 1975 को तत्कालीन नगर निगम आयुक्त ने निरस्त कर दिया। यहां यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि जब मानचित्र 813/51 में बना, इनवेन्टरी में इसका कोई हवाला नहीं है, तो नक्शा इनवेन्टरी का पार्ट कैसे हो गया? 

राजमाता विजयराजे सिंधिया के पत्र पर जांच हुई थी

नेताओं ने कहा कि 20 अगस्त, 1964 को राजमाता स्व. विजयाराजे सिंधिया ने भारत सरकार के सचिव गृह मंत्रालय श्री वी. विश्वनाथन को लिखे एक शिकायती पत्र में कहा कि हमारे आधिपत्य की जमीनों पर प्रशासन रोक लगा रहा है। इस शिकायत के पश्चात महल के अधिकारियों और राजस्व विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई संयुक्त जांच में माहोरकर का बाड़ा सर्वे क्र. 576-577 न केवल नगर निगम के आधिपत्य में होना पाया गया बल्कि प्रकरण क्र- 10/69::13/11 आदेश दिनांक 15 अक्टूबर, 1969 द्वारा आयुक्त, नगर निगम ने नामांतरण करने से भी इंकार कर दिया।

कलेक्टर कोर्ट ने 1975 में जमीन को सरकारी घोषित कर दिया था

ट्रस्ट के मैनेजर द्वारा राजस्व अधिकारी के समक्ष प्रार्थना-पत्र देने पर प्रकरण पुनः प्रारम्भ हुआ और राजस्व अधिकारी द्वारा पारित आदेश 03 मार्च, 1972 द्वारा नामांकन स्वीकार कर लिया गया जिस पर म.प्र. शासन द्वारा कलेक्टर अपील की गई जिसके अंतर्गत अपील आदेश 02 जून, 1975 के द्वारा दोनो पक्षकारों को पुनः सुनवाई हेतु 05 जून, 1975 को उपस्थित होने को कहा गया। देवस्थान ट्रस्ट विरूद्ध म.प्र. शासन द्वारा कलेक्टर ग्वालियर प्रकरण क्र 10/69::13/11 आदेश क्र. 06 दिसम्बर, 1975 द्वारा ट्रस्ट का नाम हटाकर जानवरी कारखाना मिल्कियत सरकार लिखने का आदेश पारित किया गया और अनुविभागीय अधिकारी सक्षम प्राधिकारी ग्वालियर ने दिनांक 22 दिसम्बर, 1964 से किराया भी ट्रस्ट से वसूलने का आदेश जारी किया। 

दोनों नेताओं ने बताया कि डीओ लेटर 6589/1022/1 म.प्र. शासन ने सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल द्वारा 28 सितम्बर 1975 रिमूब्हल ऑफ अनलाॅफुल पजेशन ऑफ देवस्थान ट्रस्ट का पत्र तत्कालीन कलेक्टर श्री आर.के. गुप्ता को भेजा गया। म.प्र. विधानसभा ने पूरक प्रश्न क्र. 4060 में भी राज्य सरकार ने भूतपूर्व महाराजा ग्वालियर द्वारा अवैध रूप से किये गये कब्जे और उसे न हटाये जाने की बात उल्लेखित की है। सक्षम प्राधिकारी, म.प्र. लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974, कलेक्ट्रेट, गोरखी, भवन ग्वालियर ने भी अपने पत्र में इस बाड़े में रह रहे किरायेदारों से दिनांक 01 सितम्बर 1948 से स्व. जीवाजी राव सिंधिया व श्रीमति विजयाराजे सिंधिया द्वारा अनाधिकृत रूप से किराया वसूल किये जाने तथा दिनांक 22 दिसम्बर, 1964 से किराया सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट द्वारा वसूल किये जाने की जानकारी की स्वीकारोक्ति देते हुये यह भी कहा कि यह बाड़ा माधौराव सिंधिया व श्रीमति विजयाराजे सिंधिया द्वारा वर्ष 1969 में सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट को दानपत्र के द्वारा दिया गया है व इस पर वर्तमान में सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट का अवैध आधिपत्य है लिहाजा, कारण दर्शायें कि दिनांक 09 फरवरी 1976 को या उसके पूर्व बेदखली के आदेश क्यों नहीं दिये जाये? तत्कालीन कलेक्टर ने इसे शासकीय संपत्ति बताते हुये सिंधिया परिवार के किसी भी सदस्य को किसी भी प्रकार का किराया नहीं देने हेतु निर्देशित किया था इसके बावजूद ट्रस्ट द्वारा आज भी अवैध कब्जा कायम है और किराया वसूली भी जारी है, जिस पर रोक लगाई जाये।

1988 में तहसीलदार ने बिना आवेदन के सरकारी जमीन सिंधिया के नाम नामांतरण कर दी

नेताओं ने यह भी कहा है कि उक्त सभी शासकीय आदेशों के उपरान्त भी तत्कालीन तहसीलदार ग्वालियर ने अपने प्रकरण क्र. 16/87-अ.6 आदेश दिनांक 03.08.1988 द्वारा सिंधिया परिवार के आवेदन के बिना ही इसका नामांतरण कर दिया जो घोर अनियमितता, घपले, घोटाले और आर्थिक भ्रष्टाचार का सबसे बडा प्रमाणिक उदाहरण है।

छिंदवाड़ा जिले में पुलिस टीम पर हमला, मोहगांव थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मी घायल

छिंदवाड़ा, । सौंसर थाना अंतर्गत ग्राम जामलापानी में ग्रामीणों ने पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया। मोहगांव थाना पुलिस मारपीट की सूचना पर जामलापानी पहुंची थी पर ग्रामीणों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया। जिसमें मोहगांव थाना प्रभारी टीआई गोपाल घासले सहित दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमला करने वाले कच्ची शराब का व्यवसाय करने वाले लोग हैं। घायल थाना प्रभारी व पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए सौंसर अस्पताल लाया गया जहां थाना प्रभारी को नागपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद आसपास के थानों का भारी पुलिस बल मौके के लिए रवाना किया गया इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला कायम किया हैं।

अब सभी वाहनों के लिए जरूरी हो गया हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, यहां जानें कैसे कराएं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

अब हर राज्य के सभी वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (High Security Number Plate) जरूरी हो गई है। भले ही आपके पास दोपहिया वाहन हो या फिर चारपहिया वाहन, लेकिन आपको हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवानी होगी। साथ ही कलर कोड स्टिकर्स भी इस्तेमाल करने होंगे, जो सरकार ने निर्धारित किए हैं। ये नंबर प्लेट हर राज्य में ऑटोमोबाइल डीलर्स द्वारा ही लगाए जाएंगे। ग्राहक अपनी नंबर प्लेट के लिए अपने राज्य के हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट यानी एचएसआरपी (HSRP) के पोर्टल पर रजिस्टर (Online registration for High Security Number Plate) करना शुरू कर सकते हैं। साथ ही वह रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन प्रक्रिया में अपना स्टेटस भी चेक कर सकते हैं। लेकिन सवाल ये है कि रजिस्ट्रेशन कराएं कहां (Where to get high security number plate) और कितने पैसे खर्च (Charges to get high security number plate) होंगे। आइए जानते हैं इन सबके बारे में।

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए कैसे करें आवेदन

वैसे तो इसके ऑनलाइन रसिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अलग-अलग राज्य के लिए अलग-अलग हो सकती है, लेकिन इस एक उदाहरण से आपको एक अंदाजा लग जाएगा कि ऑनलाइन आवेदन करना कैसे है। इसके लिए सबसे पहले अपने राज्य की आधिकारिक एचएसआरपी वेबसाइट पर जाएं। वहां आपको अपनी गाड़ी से चुनी तमाम जानकारियां देनी होंगी, जैसे आपकी गाड़ी प्राइवेट है या कमर्शियल है, दोपहिया है या चारपहिया, किस कंपनी की है, गाड़ी का नंबर क्या है और ऐसी ही अन्य कई जानकारियां। वहां आपको अपने डीलर को भी चुनना होगा, जिससे आपने गाड़ी ली है, जो आपकी गाड़ी पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाएगा।

ऐसे जानें अपने राज्य की एचएसआरपी वेबसाइट

सबसे पहले ये पता होना जरूरी है कि आखिर आवेदन करना कहां है। अलग-अलग राज्य के लिए एचआरएसपी वेबसाइट अलग-अलग है। आपके राज्य की एचएसआरपी वेबसाइट क्या है, इसके बारे में अपने राज्य की वेबसाइट पर आपको अपने राज्य की एचएसआरपी वेबसाइट का लिंक मिल जाएगा। या फिर आप हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट्स कस्टमर केयर नंबर 011-47504750 पर फोन कर के भी इसकी जानकारी ले सकते हैं। आप चाहे तो hsrp.customercare@gmail.com,jdadmntpt@hub.nic.in या protpt@hub.nic.in पर ईमेल कर के भी पता कर सकते हैं आपके राज्य की एचएसआरपी वेबसाइट का लिंक क्या है।

कितना लगेगा चार्ज

चारपहिया वाहन के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 600 रुपये से लेकर 1100 रुपये तक है, जबकि अगर आप दोपहिया वाहन के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो आपको 300-400 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट के लिए आवेदन करना है तो देखना होगा उसके वाहन का कोई चालान तो लंबित नहीं है। वाहन का रजिस्ट्रेशन निलंबित और निरस्त तो नहीं किया गया है।

GWALIOR से उज्जैन महाकाल के लिए ट्रेन

ग्वालियर। कोरोना काल में उज्जैन स्थित महाकाल के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब साबरमती एक्सप्रेस के बाद दूसरी ट्रेन झांसी-बांद्रा एक्सप्रेस मिलेगी। इस ट्रेन के चलने से अब यात्रियों को उज्जैन जाने के लिए आसानी से कंफर्म बर्थ मिल सकेगी। ग्वालियर से हर महीने सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु महाकाल के दर्शन करने उज्जैन जाते हैं। 

झांसी बांद्रा एक्सप्रेस के चार अक्तूबर से चलने से उज्जैन जाना आसान हो गया है। चूंकि, ये ट्रेन झांसी से ही बनती है। इसलिए यात्रियों के लिए अब झांसी से उज्जैन के लिए कंफर्म सीट मिलना मुश्किल नहीं होगा। इसमें ट्रेन नंबर 01103 झांसी बांद्रा स्पेशल एक्सप्रेस का संचालन प्रत्येक रविवार व सोमवार को होगा। यह ट्रेन झांसी से शाम 4.50 बजे चलेगी। ग्वालियर में यह शाम को 6:25 पर आएगी। 

इसी तरह 01104 बांद्रा झांसी स्पेशल ट्रेन का संचालन प्रत्येक मंगलवार व बुधवार को होगा। यह ट्रेन बांद्रा स्टेशन से सुबह 5.10 बजे चलेगी। इस ट्रेन को दतिया, डबरा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, रुठियाई, बियावरा राजगढ़, मसी, उज्जैन, नागदा, रतलाम, दौड़, गोधरा, बड़ोदरा, भरुच, सूरत, वापी व बोरीवली स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है।

देश में 24 घंटे में कोरोना के 75,829 नए केस, 940 मरीजों की गई जान

नई दिल्ली:  भारत समेत दुनियाभर के 180 से ज्यादा देशों में कोरोनावायरस का खौफ देखने को मिल रहा है. अभी तक 3.48 करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. यह वायरस 10.32 लाख से ज्यादा संक्रमितों की जिंदगी छीन चुका है. भारत (Coronavirus India Report) में भी हर रोज COVID-19 के मामले बढ़ रहे हैं. संक्रमितों की संख्या 64 लाख पार हो गई है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 65,49,373 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 75,829 नए मामले सामने आए हैं. बीते 24 घंटों में 82,260 मरीज ठीक हुए हैं. इस दौरान देश में 940 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है. अब तक कुल 55,09,966 मरीज ठीक हो चुके हैं. 1,01,782 लोगों की जान गई है. 9,37,625 एक्टिव केस हैं. रिकवरी रेट की बात करें तो यह मामूली बढ़ोतरी के बाद 84.12 प्रतिशत पर पहुंच गया है. पॉजिटिविटी रेट 6.63 प्रतिशत है. 3 अक्टूबर को 11,42,131 कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए. अभी तक कुल 7,89,92,534 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं. यह भी गौर करने वाली बात है कि दुनिया में अमेरिका (Coronavirus in America) के बाद भारत दूसरा सबसे ज्यादा टेस्ट करने वाला देश बन गया है, हालांकि भारत की आबादी को देखते हुए प्रति 10 लाख टेस्ट के हिसाब से टेस्ट की संख्या अभी भी बहुत कम है.

जानिए नकली घी की पहचान और उसके नुकसान के बारें में


आजकल हर जगह बहुत ज्यादा मिलावटी चीजें ही मिलती हैं। जिससे कुछ भी खरीदते वक्त मन में यह डर लगा रहता है कि खरीदी हुई चीज असली है या नकली। खासतौर पर देसी घी उनमे से एक है। देसी घी तो हड्डियों का चूरा, पशुओं की चर्बी, पाम तेल, और कुछ अन्य खतरनाक केमिकल्स को मिलाकर नकली घी तैयार किया जाता है। जिसके हमें न जाने कितने भयानक परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। लेकिन आपकी इस बड़ी परेशानी को आज हम कुछ आसान तरीकों से अवश्य सुलझा देगें।

मिलावटी घी जानने के तरीके-
1. एक चम्मच घी में 5 ml हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालें। अगर घी लाल हो जाता है तो समझ जाए कि घी में कोलतार डाई अवश्य मिलाई गई है।

2. एक चम्मच घी में चार-पांच ड्रॉप्स आयोडीन मिलाने पर इसका रंग नीला हो जाए तो समझ जाएं कि इसमें उबला हुआ आलू मिलाया गया है।

3. बाउल में एक-एक चम्मच घी,हाइड्रोक्लोरिक एसिड और एक चुटकी चीनी मिलाएं। अगर घी का रंग बदलकर लाल दिखाई दें तो समझ जाएं कि इसमें डालडा जरूर मिला है।

4.थोड़ा सा घी लेकर हाथ में रगडें, फिर इसे सूंघकर देखें। अगर कुछ ही देर में इसकी खुशबू आनी बंद हो जाए तो समझ जाएं की यह अवश्य मिलावटी है।

नकली घी खाने के नुक्सान ही नुक्सान-
1. नकली घी खाने से कभी भी हार्टअटैक भी आ सकता है। आपका बी.पी बढ़ सकता है और आपकी मृत्यु तक हो सकती है।

2. यदि आप ऐसा घी खाते हैं जिसमें हड्डियों का चूरा मिला हो। इसके कारण स्ट्रोक भी हो सकता है।इससे आपका लिवर भी बहुत खराब हो सकता है।

3. इसके कारण कई तरह के कैंसर हो सकते हैं। यदि नियमित तौर पर इसका सेवन किया गया तो ये मूत्रमार्ग और किडनी को अवश्य खराब कर सकते हैं।

4. यदि घी में लेड जैसे पदार्थ मिले हो तो इसके कारण एनीमिया और ब्रेन से संबंधित समस्याएं भी अवश्य हो सकती हैं।

5. मिलावट युक्त घी से प्रेगनेंट औरत का गर्भपात होने का खतरा रहता है। इसलिए प्रेगनेंट औरत को हमेशा घर पर ही बनाया हुआ घी अवश्य खाना चाहिए।

नर्स ने पहले बेटा सौंपा, 20 मिनट बाद कहा बेटी पैदा हुई है.


भोपाल, जेपी अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। यहां प्रसूति ओटी में तैनात नर्स ने प्रसूता पिंकी पटेल के परिजन को बेटा लाकर दिया। परिजन ने नवजात को नए कपड़े पहनाए। अपने रिश्तेदारों को सूचना दी। फोटो खींचे। 20 मिनट बाद उसी नर्स ने कहा गलती से प्राची नामक दूसरी प्रसूता का नवजात आप लोगों को दे दिया था। पिंकी को बेटी पैदा हुई है। यह सुनते ही पिंकी के परिजन के होश उड़ गए। उन्होंने बच्चा बदलने का नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर आरोप लगाया। हबीबगंज पुलिस में शिकायत की। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने तीन डॉक्टरों की कमेटी से जांच कराने के बाद कहा है कि नर्स से भूल हुई थी। उसने एक प्रसूता का बच्चा दूसरे के परिजन को सौंप दिया। हालांकि, पिंकी के परिजन पुलिस से डीएनए जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

दोनों प्रसूताएं भोपाल की हैं। पिंकी के पिता केएस चंदवंशी ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को प्रसव के लिए बेटी को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार सुबह सीजर करने के लिए ऑपरेशन थियेटर में लेकर गए थे। सुरेखा विल्सन नामक नर्स ने गुरुवार सुबह 10:45 बजे बेटा सौंपा। 11:05 बजे उन्होंने कहा कि बेटी पैदा हुई थी। गलती से दूसरा बच्चा दे दिया था। इसके बाद हमने बच्चे को नर्स के हवाले कर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की यह बड़ी लापरवाही है। डीएनए जांच कराई जानी चाहिए। इस संबंध में अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि नर्स की भूल से यह घटना हुई थी। अब ऐसी व्यवस्था करेंगे दोबारा इस तरह की नौबत न आए।

जांच में यह आया सामने

सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने डॉ. आभा जेसानी, डॉ. प्रीति देवपुजारी व एक नर्स को मिलाकर जांच कमेटी बनाई थी। जांच में सामने आया है कि पिंकी को ऑपरेशन के लिए पहले लेकर गए थे, लेकिन ऑपरेशन पहले प्राची का हुआ। नर्स को लगा पिंकी पहले गई थी इसलिए पहले उसका ऑपरेशन हुआ होगा। नर्स की लापरवाही मानते हुए उसे नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई से हटाकर कोविड वार्ड में पदस्थ किया गया है।