2 करोड़ रुपए या इससे कम है आपका लोन तो नहीं देना होगा ब्याज पर ब्याज, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी

केंद्र सरकार ने लोन लेने वाले इंडिविजुअल और एमएसएमई को बड़ी राहत दी है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर कहा है कि वह मोरेटोरियम अवधि के छह महीनों के ब्याज पर ब्याज की माफी को तैयार है। हालांकि, इस ब्याज माफी का लाभ केवल दो करोड़ रुपए तक के लोन पर मिलेगा। आइए आपको बताते हैं कि केंद्र के इस फैसले के क्या मायने हैं..

किनको मिलेगा लाभ?

एमएसएमई लोनएजुकेशन लोनहाउसिंग लोनकंज्यूमर ड्यूरेबल लोनक्रेडिट कार्ड ड्यूऑटो लोनप्रोफेशनल्स का पर्सनल लोनकंजप्शन लोन

कितनी राशि तक के लोन पर लाभ मिलेगा?

2 करोड़ रुपए या इससे कम। यदि किसी इंडीविजुअल पर दो करोड़ से ज्यादा का लोन हो तो उनको इसका लाभ नहीं मिलेगा।

क्या अगस्त के बाद बकाया लोन का भुगतान करने वालों को भी लाभ मिलेगा?

हां। जिन लोगों ने मार्च से अगस्त तक के बकाया का भुगतान कर दिया है, उन्हें भी ब्याज पर ब्याज की माफी का लाभ मिलेगा।

क्या कॉरपोरेट को भी मिलेगा लाभ?

नहीं। ब्याज पर ब्याज की माफी का लाभ केवल इंडीविजुअल और एमएसएमई लोन को मिलेगा।

कौन उठाएगा ब्याज पर ब्याज की माफी का बोझ?

वित्त मंत्रालय की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एफिडेविट में कहा गया है कि सरकार छोटे कर्जदारों का साथ निभाने की परंपरा जारी रखेगी। एफिडेविट के मुताबिक, ब्याज पर ब्याज या कंपाउंड इंटरेस्ट की माफी से बैंकों पर पड़ने वाला बोझ सरकार उठाएगी। सरकार ने कहा है कि इसके लिए संसद की मंजूरी ली जाएगी।

क्या है याचिकाकर्ताओं की मांग?

मोरेटोरियम अवधि यानी 6 महीने का पूरा ब्याज माफ किया जाए।मोरेटोरियम अवधि के दौरान बैंकों की ओर से वसूला जा रहा ब्याज पर ब्याज माफ किया जाए।कोरोना के कारण बड़ी संख्या में लोगों की कमाई का जरिया खत्म हो गया है। इसलिए मोरेटोरियम अवधि को बढ़ाया जाए।

सभी प्रकार के लोन की कुल ब्याज माफी से कितना बोझ पड़ेगा?

एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मोरेटोरियम अवधि यानी 6 महीने के सारे ब्याज को समाप्त करने की मांग की थी। वित्त मंत्रालय ने एफिडेविट में कहा है कि यदि सभी प्रकार के लोन की मोरेटोरियम अवधि का ब्याज माफ किया जाता है तो इससे छह लाख करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। इससे बैंकों की कुल नेटवर्थ में बड़ी कमी आ जाएगी। यही कारण है कि केवल 2 करोड़ या इससे कम वाले लोन के ब्याज पर ब्याज की माफी का फैसला लिया गया है।

ब्याज पर ब्याज की माफी से कितना बोझ पड़ेगा?

बैंकर्स का कहना है कि केंद्र की योजना के तहत ब्याज पर ब्याज की माफी से पांच से छह हजार रुपए का बोझ पड़ेगा। अगर सभी वर्गों के कर्जदारों को ब्याज पर ब्याज की माफी दी जाती है तो इससे 15 हजार करोड़ रुपए तक का बोझ पड़ेगा। बैंकर्स का कहना है कि केंद्र सरकार इस ब्याज माफी को अपने सोशल वेलफेयर उपायों के तहत कंपनसेट कर सकती है।

मोरेटोरियम में ईएमआई देने वालों को कोई लाभ मिलेगा?

वित्त मंत्रालय के एफिडेविट में मोरेटोरियम अवधि के दौरान ईएमआई या क्रेडिट कार्ड के ड्यू का भुगतान करने वालों के लिए किसी लाभ को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।

क्या थी एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश?

केंद्र सरकार ने ब्याज पर ब्याज की माफी को लेकर पूर्व कैग राजीव महर्षि की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने ब्याज पर ब्याज को माफ नहीं करने की सिफारिश की थी।

कब से कब तक लागू था मोरेटोरियम?

कोरोना संक्रमण के आर्थिक असर को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मार्च में तीन महीने के लिए मोरेटोरियम (लोन के भुगतान में मोहलत) की सुविधा दी थी। शुरुआत में इसे 1 मार्च से 31 मई तक तीन महीने के लिए लागू किया गया था। बाद में आरबीआई ने इसे तीन महीनों के लिए और बढ़ाते हुए 31 अगस्त तक के लिए लागू कर दिया था। यानी कुल छह महीने की मोरेटोरियम सुविधा दी गई थी।

क्या है मोरेटोरियम?

जब किसी प्राकृतिक या अन्य आपदा की वजह से कर्ज लेने वालों की वित्तीय हालत खराब हो जाती है, तो कर्ज देने वालों की ओर से भुगतान में कुछ समय के लिए मोहलत दी जाती है। कोरोना संकट के कारण देश में भी लॉकडाउन लगाया गया था। इस कारण बड़ी संख्या में लोगों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया था। इस संकट से निपटने के लिए आरबीआई ने छह महीने के मोरेटोरियम की सुविधा दी थी। इस अवधि के दौरान सभी तरह के लोन लेने वालों को किश्त का भुगतान करने की मोहलत मिल गई थी।

सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई कब?

मोरेटोरियम की अवधि बढ़ाने और ब्याज पर ब्याज की माफी को लेकर कई लोगों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। 28 सितंबर को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने ब्याज पर ब्याज माफी पर फैसला करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था। केंद्र सरकार ने कहा था कि वह अपने फैसले को लेकर दो-तीन दिन में एफिडेविट दाखिल कर देगी। अब इस मामले में 5 अक्टूबर सोमवार को सुनवाई होगी। इसी दिन कोर्ट ब्याज पर ब्याज की माफी को लेकर फैसला दे सकता है।

क्या बैंक खातों के एनपीए होने पर रोक जारी रहेगी?

हां। सुप्रीम कोर्ट ने 3 सितंबर को कहा था कि लोन का भुगतान नहीं करने वाले बैंक खातों को दो महीने या अगले आदेश तक एनपीए घोषित नहीं किया जाए। 28 सितंबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बैंक खातों को दो महीने तक एनपीए घोषित नहीं करने का आदेश जारी रहेगा। यानी बैंक 3 नवंबर तक भुगतान नहीं करने वाले खातों को एनपीए घोषित नहीं कर सकेंगे।

अब आगे क्या?

केंद्र सरकार ने ब्याज पर ब्याज की माफी को लेकर सुप्रीम कोर्ट को अपने फैसले से अवगत करा दिया है। अब इस पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को ही लेना है। यदि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार के एफिडेविट को स्वीकार कर लेती है तो 2 करोड़ या इससे कम लोन वालों को ब्याज पर ब्याज या कंपाउंड इंटरेस्ट का भुगतान नहीं करना होगा।

बिहार NDA में फूट ! लोक जनशक्ति पार्टी अलग चुनाव लड़ने का कर सकती है ऐलान

नई दिल्ली: बिहार में एनडीए में टूट करीब करीब तय मानी जा रही है. आज लोक जनशक्ति पार्टी अलग चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकती है. लोजपा के संसदीय बोर्ड की बैठक आज शाम को होनी है. पार्टी 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर सकती है. इसी के साथ 56 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी हो सकती है. इस मामले में लोजपा की बीजेपी से बात बन नहीं सकी है. बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा से चिराग पासवान पांच बार मिल चुके हैं.

बीजेपी लोजपा को केवल 15 सीटें देना चाहती है जबकि लोजपा 42 सीटें मांग रही है. जेडीयू कह चुकी है कि उसका लोजपा से गठबंधन नहीं, बीजेपी अपने हिस्से से लोजपा को सीट दे सकती है. उधर जेडीयू और बीजेपी के बीच भी खटपट जारी है. जेडीयू बीजेपी से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहती है. दोनों दलों में अभी तक सहमति नहीं बन सकी है.

माना जा रहा है कि गठबंधन टूटने पर लोजपा बीजेपी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी. लोजपा-बीजेपी के गठबंधन के साथ चुनावी मैदान में उतरने की पार्टी की योजना है. लोजपा मोदी, रामविलास और चिराग के नाम पर चुनाव लड़ेगी. साथ ही पार्टी जेडीयू के खिलाफ उम्मीदवार उतारेगी . इस चलते जेडीयू बीजेपी के बीच इसे लेकर विवाद हो सकता है. वहीं केंद्र में लोजपा बीजेपी गठबंधन जारी रहेगा. पासवान मंत्री बने रहेंगे.  गठबंधन टूटा तो अंदरखाने लोजपा का नारा होगा – मोदी से कोई बैर नहीं, नीतीश तेरी ख़ैर नही

कैबिनेट मंत्री के घर राजस्थान पुलिस की दबिश,मध्यप्रदेश पुलिस को भनक तक नहीं

मुरैना मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश राज्य के कैबिनेट मंत्री एदल सिंह कंसाना के पुत्र कप्तान सिंह उर्फ बंकू पर हत्या का प्रयास और अपहरण करने का मामला राजस्थान में दर्ज है।

जानकारी नुसार मामले में गिरफ्तार करने राजस्थान पुलिस मंत्री के घर पर दबिश दी है,लेकिन राजस्थान पुलिस को बंकू को गिरफ्तार करने में असफल रही।

मुरैना पुलिस कि माने तो राजस्थान पुलिस ने इस संबंध में मुरैना पुलिस से कोई संपर्क नहीं किया है। कांग्रेस का आरोप है कि मुरैना पुलिस मध्य प्रदेश सरकार के दबाव में मंत्री के पुत्र को बचाने के लिए राजस्थान पुलिस की सहायता नहीं कर रही।

मालूम हो कि एदल सिंह कंसाना के बेटे कप्तान ने अवैध रेत के ट्रैक्टर रोकने वाले पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट कर अपहरण का आरोप लगा है। राजस्थान पुलिस कप्तान कंसाना के विरुद्ध धारा 307, 353 और अपहरण की धारा में अपराध दर्ज किया गया था।

कसाना की गिरफ्तारी नही होने से राजस्थान राज्य कि न्यायालय ने कंसाना की गिरफ्तारी के वारंट जारी किया हैं,जिनकी तामील में राजस्थान पुलिस ने कैबिनेट मंत्री एदल सिंह कंसाना के निवास और गांव सराय छोला में दबिश देकर बंकू कंसाना की तलाश की,लेकिन राजस्थान पुलिस को कप्तान सिंह उर्फ बंकू कसाना की गिरफ्तार करने में सफलता मिलती उससे पहले ही वह मौके से फरार हो चुके थे।

अव्यवस्था:ढाई बजे रात को सरकारी अस्पताल स्कूटी से पहुंचे मंत्री गोपाल भार्गव; कमरे-कमरे घूमे, आवाज लगाई, लेकिन ड्यूटी पर कोई नहीं मिला

शिवराज सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वे गुरुवार आधी रात को स्कूटी चलाकर गढ़ाकोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच गए। उन्होंने रात को 2.30 बजे औचक निरीक्षण किया। वे उस समय हैरान रह गए जब वहां न तो कोई डाक्टर ड्यूटी पर था, न नर्स और न ही कोई स्वास्थ्य कर्मचारी था। गोपाल भार्गव पूरे अस्पताल के सभी कमरों का भ्रमण करके आ गए। वे आवाज लगाते रहे, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं नजर आया।

मंत्री के दौरे के बाद शुक्रवार की दोपहर सागर सीएमएचओ एमएस सागर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गढ़ाकोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची कर वहां का निरीक्षण किया। जहां 3 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया और 3 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

रात को 2:30 बजे गढ़ाकोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंत्री गोपाल भार्गव के औचक निरीक्षण के दौरान कोई भी डॉक्टर, कंपाउंडर, नर्स अस्पताल में उपस्थित नहीं मिले थे। निलंबित होने वाले कर्मचारियों में प्रीती मिश्रा एएनएम, लक्ष्मी सेन एलएचबी व नरेश बार्ड वॉय को निलंबित किया गया है। वहीं 3 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। जिसमें गीता प्रजापति स्टोर कीपर, रजनी प्रजापति एनआरसी व संध्या दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

कमलनाथ ने तंज कसा- कभी-कभी गलती से सही बोल देते हैं

इधर, शिवराज सरकार के मंत्री की तरफ से ही स्वास्थ्य विभाग का स्टिंग आपरेशन करने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा है कि कभी-कभी गलती से यह लोग सही बात बोल देते हैं। शिवराज सिंह कब तक झूठ बोलते रहेंगे। पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव ने सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण का वीडियो शेयर किया है। उन्होंने वीडियो के साथ लिखा है कि पिछले कुछ दिनों से मुझे शिकायत मिल रही थी कि गढ़ाकोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है, लेकिन कोई भी डाक्टर कर्मचारी उन्हें नहीं मिलता है। गुरुवार को फिर से ये शिकायत मिलने के बाद उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। इस अस्पताल में दवाइयां, एक्स-रे आदि की व्यवस्था भी नहीं है।

कमरा खोलकर मंत्री भार्गव ने जोर-जोर से आवाज लगाई

गोपाल भार्गव ने फेसबुक पर जारी किए गए वीडियो के साथ लिखा है कि मेरे साथ गढ़ाकोटा नगर के कुछ आमजन भी मौजूद थे। मैंने पूरे अस्पताल का भ्रमण किया। जोर-जोर से आवाज भी लगाई, लेकिन कोई भी डाक्टर, कंपाउंडर, नर्स या पैरामेडिकल स्टाफ यहां तक कि चौकीदार भी अस्पताल में उपस्थित नहीं था। भार्गव कहते हैं कि पूरे अस्पताल की परिक्रमा करने के बाद मैं अपनी स्कूटी से अपने घर आ गया, सोच रहा हूं, कैसे गैर जिम्मेदार लोग हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री के गृह नगर के स्वास्थ्य केंद्र के यह हाल हैं। मंत्री ढाई बजे रात को जाग रहा है और कर्मचारी दिन में भी नहीं मिल रहे हैं।

यही हाल मेरे विधानसभा क्षेत्र के रहली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा शाहपुर स्वास्थ्य केंद्र का भी है। मैंने आज यह तय किया है कि जब भी मैं अपने क्षेत्र में रहूंगा दिन और रात में कम से कम दो बार इन अस्पतालों का औचक निरीक्षण अवश्य करूंगा न ही खुद सोऊंगा और न ही सोने दूंगा। लापरवाही में लिप्त पाए जाने पर इनके विरुद्ध विधि सम्मत जो भी सख्त कार्यवाही की जा सकती है उसे करूंगा।

मध्यप्रदेश उपचुनाव: अंबाह से फिर किस्मत आजमाने को तैयार नेहा किन्नर, दे चुकी हैं कड़ी टक्कर

मध्यप्रदेश में तीन नवंबर को 28 विधानसभा सीटों पर होने जा रहे उपचुनाव में 29 वर्षीय किन्नर नेहा एक बार फिर मुरैना जिले की अंबाह विधानसभा सीट से किस्मत आजमाने जा रही हैं। इस बार भी वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में होंगी। उन्होंने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट के लिए शुक्रवार से अपना चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है।

नेहा के मैदान में उतरने से इस बार भी पिछले चुनाव की तरह मुकाबला रोचक हो सकता है, क्योंकि वह भाजपा, कांग्रेस एवं बसपा को इस सीट पर कड़ी टक्कर दे सकती हैं। 

जानिए कौन हैं नेहा किन्नर
नेहा का संबंध बेड़िया समाज से है। यहां इस वर्ग के मतदाता ज्यादा संख्या में हैं।  वह इलाके में ‘नेहा किन्नर’ के नाम से मशहूर हैं। नवंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अंबाह विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और दूसरे स्थान पर रही थीं। तब वह कांग्रेस के उम्मीदवार कमलेश जाटव से मात्र 7,547 मतों से पराजित हुई थीं।

गरीबों को सशक्त बनाएंगी नेहा 
उन्होंने कहा कि जीतने के बाद मैं अपने इलाके में सामाजिक समरसता का माहौल बनाना चाहती हूं। मैं गरीबों को सशक्त बनाना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि सरकार द्वारा गरीबों के लिए शुरू की गईं सभी योजनाओं का लाभ उनको मिले। जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना मेरी पहली प्राथमिकता होगी।

नेहा ने आगे कहा कि पूरे मुरैना जिले में कमजोर और गरीबों का शोषण होता है। मैं चुनाव जीतने के बाद अंबाह में इसे खत्म करना चाहती हूं।

कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश जाटव को पिछली बार दी थी कड़ी टक्कर  
पिछली बार मैंने कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश जाटव को कड़ी टक्कर दी थी। मैं उनसे केवल 7,547 वोटों से चुनाव हार गई थी। नेहा ने कहा कि इस बार मैं पक्का उपचुनाव जीतूंगी। गौरतलब है कि देश की पहली किन्नर विधायक शबनम मौसी मध्य प्रदेश से ही बनी थीं। इसके अलावा, देश में मध्य प्रदेश से ही पहली किन्नर कमला जान महापौर बनी थीं।

पीएम मोदी आज करेंगे दुनिया की सबसे लंबी हाईवे सुरंग का उदघाटन, जानिए इस टनल की खास बातें

शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शनिवार) सुबह 10 बजे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण सभी मौसम में खुली रहने वाली अटल सुरंग का हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में उद्घाटन करेंगे। इस सुरंग के कारण मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय भी चार से पांच घंटे कम हो जाएगा। पीएम मोदी लाहौल स्पीति के सीसू में इस टनल के उद्घाटन समारोह के बाद मोदी सोलांग घाटी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद होंगे।

बताया जा रहा है कि इस टनल के बनने से सबसे ज्यादा फायदा लद्दाख में तैनात फौजियों को मिलेगा इससे सर्दियों में भी हथियार और रसद की आपूर्ती आसानी से हो सकेगी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस टनल के अंदर कोई गाड़ी ज्यादा से ज्यादा 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकेगा। इसे बनाने की शुरुआत 28 जून 2010 को हुई थी। जानकारी के मुताबिक ये टनल इस तरह बनाई गई हैं कि इसके अंदर से एक बार में 3 हजार कारें और 1500 ट्रक एक साथ निकल सकते हैं।

हाथरस घटना में पुलिस की कार्रवाई से छवि खराब हुई, मीडिया और नेताओं को परिवार से मिलने दिया जाए: उमा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को साफ-सुथरी छवि वाला शासक बताते हुए भारती ने कहा, “मैं आपसे वरिष्ठ एवं आपकी बड़ी बहन हूं।” हालांकि उन्होंने यह भी जताया कि पुलिस द्वारा गांव और पीड़ित परिवार की घेराबंदी करने से वह बोलने के लिए मजबूर हुई हैं।

नई दिल्ली

भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने शुक्रवार को कहा कि हाथरस की घटना में उत्तर प्रदेश पुलिस की “संदिग्ध” कार्रवाई के कारण भाजपा, राज्य सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने योगी से अनुरोध किया कि मीडियार्किमयों तथा नेताओं को पीड़िता के परिवार से मिलने दिया जाए।

कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद उमा भारती को ऋषिकेश के एम्स में भर्ती करवाया गया है। भारती ने कहा कि अगर उनका स्वास्थ्य ठीक होता तो वह खुद भी पीड़िता के परिवार से मिलने हाथरस जातीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह निश्चित ही परिवार से मिलने जाएंगी।




उमा भारती ने हिंदी में कई ट्वीट किए। इनमें उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश पुलिस की संदिग्ध कार्रवाई के कारण भाजपा, उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि को नुकसान पहुंचा है।” भारती ने कहा कि वह हाथरस प्रकरण पर करीब से नजर रखे हुए हैं। साथ ही उन्होंने योगी आदित्यनाथ से अनुरोध किया कि मीडियार्किमयों एवं राजनीतिक दलों के लोगों को पीड़ित परिवार से मिलने दिया जाए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को साफ-सुथरी छवि वाला शासक बताते हुए भारती ने कहा, “मैं आपसे वरिष्ठ एवं आपकी बड़ी बहन हूं।” हालांकि उन्होंने यह भी जताया कि पुलिस द्वारा गांव और पीड़ित परिवार की घेराबंदी करने से वह बोलने के लिए मजबूर हुई हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, “मैंने हाथरस की घटना के बारे में देखा। पहले तो मुझे लगा कि मैं ना बोलूँ क्योंकि आप इस संबंध में ठीक ही कार्रवाई कर रहे होंगे। किन्तु जिस प्रकार से पुलिस ने गांव की एवं पीड़ित परिवार की घेराबंदी की है, उसके कितने भी तर्क हों, लेकिन इससे विभिन्न आशंकायें जन्मती हैं।”

भारती ने ट्वीट में लिखा, “मेरी जानकारी में ऐसा कोई नियम नहीं है कि एसआईटी जांच में परिवार को किसी से मिलने की अनुमति नहीं होती। इससे तो एसआईटी की जांच ही संदेह के दायरे में आ जायेगी।”

हाथरस के एक गांव में 14 सितंबर को चार लोगों ने 19 वर्षीय दलित लड़की का कथित तौर पर बलात्कार किया था। मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई।

बांद्रा से झांसी और कानपुर, अहमदाबाद से आगरा और ग्वालियर तथा रतलाम से ग्वालियर और भिंड के लिए 6 स्पेशल ट्रेन

रेलवे ने बांद्रा टर्मिनल से झांसी, बांद्रा टर्मिनल से कानपुर सेंट्रल, अहमदाबाद से आगरा कैंट, अहमदाबाद से ग्वालियर, रतलाम से ग्वालियर और रतलाम से भिंड के लिए 6 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाईं.

वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए 6 और अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। रेलवे ने बांद्रा टर्मिनल से झांसी, बांद्रा टर्मिनल से कानपुर सेंट्रल, अहमदाबाद से आगरा कैंट, अहमदाबाद से ग्वालियर, रतलाम से ग्वालियर और रतलाम से भिंड के लिए 6 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने जा रहा है। रेलवे की ओर से चलाई जा रही ये सभी ट्रेनें रोजाना, सप्ताह में 2 दिन, 3 दिन, 4 दिन चलाई जाएंगी। 

बात करें बांद्रा टर्मिनल से झांसी सप्ताह में 2 बार चलने वाली स्पेशल ट्रेन की बात करें तो ट्रेन संख्या 01104 (मंगलवार, बुधवार) 6 अक्टूबर से 5.10 बजे चलेगी जो अगले दिन 6 बजकर 45 मिनट पर झांसी पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 01103 (रविवार, सोमवार) 4 अक्टूबर से झांसी से 16.50 बजे चलेगी और अगले दिन 16.45 बजे बांद्रा टर्मिनल पर पहुंचेगी।  

इसी तरह  9 अक्टूबर से बांद्रा टर्मिनल से कानपुर सेंट्रल के लिए चलने वाली साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन संख्या 02244 बांद्रा टर्मिनल से 5.10 बजे प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी जो अगले दिन 8.35 बजे कानपुर पहुंचेगी। वहीं 7 अक्टूबर से चलने वाली स्पेशल ट्रेन संख्या 02243 कानपुर सेंट्रल से प्रत्येक बुधवार को 18.20 बजे चलेगी जो अगले दिन 23.05 बजे बांद्रा टर्मिनल पर पहुंचेगी। 

अहमदाबाद और आगरा कैंट के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन की बात करें तो 4 अक्टूबर से सप्ताह में 4 दिन चलने वाली सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन संख्या 02548 (सोमवार, बुधवार, गुरुवार और रविवार) अहमदाबाद से 16.55 पर चलेगी जो अगले दिन 8.20 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी। वहीं सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन संख्या 02547 (सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार) आगरा कैंट से 22.10 बजे चलेगी जो अगले दिन 13.40 बजे पहुंचेगी। 

सप्ताह में तीन दिन ट्रेन नंबर 02248 कल यानि 3 अक्टूबर से अहमदाबाद से ग्वालियर के बीच चलेगी। ट्रेन नंबर 02247 ग्वालियर से अहमदाबाद के बीच 3 अक्टूबर से चलेगी। सप्ताह में 4 दिन सुपरफास्ट ट्रेन  नंबर 01125  रतलाम से ग्वालियर के बीच 4 अक्टूबर से चलेगी, वहीं ट्रेन नंबर 01126 ग्वालियर से रतलाम 2 अक्टूबर से चल रही है। सप्ताह में 3 दिन सुपरफास्ट ट्रेन नंबर 02125 रतलाम से भिंड के बीच 3 अक्टूबर से चलेगी। वहीं भिंड से रतलाम के बीच ट्रेन नंबर 02126 कल यानि 3 अक्टूबर से चलेगी। 

स्पेशल ट्रेन संख्या 01104, 01125 और 02548 के लिए बुकिंग 3 अक्टूबर 2020 (शनिवार) से शुरू हो जाएगी वहीं स्पेशल ट्रेन संख्या 02244 के लिए टिकटों की बुकिंग 4 अक्टूबर (रविवार) से शुरू होगी। वहीं ट्रेन संख्या 02125 और 02248 के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। इन स्पेशल ट्रेनों में टिकट की बुकिंग पीआरएस काउंटर और आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिए की जा सकती है। चूंकि ये सभी ट्रेनें पूरी तरह रिजर्व्ड होंगी और इनमें बिना कन्फर्म टिकट के यात्री सफर नहीं कर सकेंगे, ऐसे में यात्रियों को इन ट्रेनों में सफर करने के लिए रिजर्वेशन कराना ही होगा।

ऐसे बुक करें स्पेशल ट्रेन में यात्रा करने का टिकटसबसे पहले आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट irctc.co.in पर जाएं या उसका एप डाउनलोड करें।IRCTC की वेबसाइट पर जाने के बाद IRCTC अकाउंट बनाने के लिए वेबसाइट के ऊपरी दाएं कोने पर ‘रजिस्टर’ बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपको कुछ जानकारी देनी होगी जैसे नाम, पासवर्ड, पसंदीदा भाषा, नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल पता, पता आदि दर्ज करना होगा। इसके बाद सब्मिट पर क्लिक कर दें। इससे आपका IRCTC अकाउंट बन जाएगा। इसके बाद आप होमपेज पर लॉगिन बटन पर क्लिक करें। आप बुक योर टिकट पेज पर आप पहुंच जाएंगे, वहां आप कहां से कहां तक की यात्रा करना चाहते हैं। किस दिन यात्रा करना चाहते हैं। और किस क्लास में यात्रा करना चाहते हैं इसे चुनकर आप टिकट बुकिंग के लिए आगे बढ़ सकते हैं।इसके बाद आपको उस क्लास में सीट है या नहीं, देख सकते हैं। यदि सीटें उपलब्ध हैं तो आप टिकट बुक कर सकते हैं।इसके लिए आपको बुक नाउ बटन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद यात्रियों के नाम देने होंगे, जिनके लिए टिकट बुक कर रहे हैं। नीचे स्क्रॉल करें और मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालें।इसके बाद बुकिंग पर क्लिक करें। फिर आपको भुगतान करना होगा, इसके लिए क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई कोई भी चुन सकते हैं। पेमेंट हो जाने के बाद आप टिकट डाउनलोड कर पाएंगे। आपको अपने फ़ोन नंबर पर एक एसएमएस भी प्राप्त होगा।

अकेला नींबू दूर कर सकता है शरीर की ये 5 दिक्कतें, बस ऐसे करें सेवन

हर सुबह दिन की शुरुआत नींबू पानी (Lemon Water) के साथ करने से पेट संबंधी परेशानियों से छुटकारा मिलता है. साथ ही यह पानी वजन (Weight) को भी कंट्रोल में रखता है.

हल्के गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर नियमित रूप से सेवन करने से कॉमन कोल्ड, सर्दी, खांसी और गले से संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं.

नींबू (Lemon) का सेवन लोग सिर्फ हेल्थ (Health) को दुरुस्त रखने के लिए ही नहीं करते बल्कि लोगों को इसका खट्टा स्वाद भी बहुत पसंद होता है. अलग-अलग तरीकों से नींबू का सेवन किया जा सकता है. नींबू पानी (Lime Water) तो हर दिल अजीज होता ही है वहीं इसके साथ ही नींबू के बिना सलाद, सांभर, खिचड़ी तक का स्वाद भी अधूरा लगता है. वहीं बहुत सारे लोग हैं जो काला नमक (Black Salt) और जीरा पाउडर लगाकर नींबू चाटना पसंद करते हैं. आइए आपको बताते हैं कि कैसे सिर्फ एक नींबू आपको कई तरह की गंभीर बीमारियों से बचा सकता है.

पाचन की समस्या से मिलता है छुटकारा

आज की इस बिजी लाइफ में अधिकतर लोगों को पाचन से जुड़ी दिक्कतें होती रहती हैं. लेकिन जो लोग हल्के गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर पीते हैं उन्हें इस तरह की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है. हर सुबह दिन की शुरुआत इस पानी के साथ करने से पेट संबंधी परेशानियों से छुटकारा मिलता है. साथ ही यह पानी वजन को भी कंट्रोल में रखता है. यह ड्रिंक शरीर से सभी टॉक्सिन्स बाहर निकालने का काम करती है. अगर आपको सिर्फ पानी और नींबू पीने में दिक्कत होती है तो आप इसमें स्वाद के अनुसार काला नमक मिला सकते हैं. इससे इस ड्रिंक का स्वाद भी बढ़ेगा और आपका पाचनतंत्र भी सही तरीके से काम करने लगेगा.


सर्दी-जुकाम से बचाता है

आपको जानकर हैरानी हो सकती है लेकिन कहते हैं कि हल्के गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर नियमित रूप से सेवन करने से कॉमन कोल्ड, सर्दी, खांसी और गले से संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड गले में किसी तरह के संक्रमण को पनपने नहीं देता है.

किडनी को रखता है स्वस्थ
डॉक्टरों की मानें तो हर दिन सुबह के समय दो नींबू के रस का सेवन हल्के गुनगुने पानी में मिलाकर करने से किडनी स्टोन्स की समस्या नहीं होती है क्योंकि साइट्रिक एसिड शरीर में स्टोन्स को पनपने नहीं देता है. पथरी रोकने में नींबू का रस इसलिए इतना कारगर है क्योंकि यह स्टोन बनानेवाली कोशिकाओं को बढ़ने का अवसर ही नहीं देता है.

डिहाइड्रेशन से बचाता है
शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर बार-बार मुंह सूखने, बार-बार प्यास लगने और पानी पीते ही यूरिन आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इन सभी स्थितियों से बचाने में नींबू एक प्रभावी तरीका साबित हो सकता है. इसके लिए आप फलों की चाट, सब्जियों की चाट तैयार करके उसमें नींबू निचोड़कर खा सकते हैं. नियमित रूप से सुबह के समय नींबू का सेवन करना शरीर के लिए अच्छा होता है. स्प्राउट्स में नींबू निचोड़कर खाने से उसका स्वाद और अच्छा लगने लगता है. इससे डिहाइड्रेशन और मुंह में सूखेपन की समस्याओं से निजात मिलती है.

बढ़ते वजन को नियंत्रित करे
मोटापा कई तरह की बीमारियों का शिकार बना देता है. इनमें हाइपरटेंशन, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य कार्डियोवस्कुलर डिजीज भी शामिल हैं लेकिन आपको बता दें कि डॉक्टरों की मानें तो नियमित रूप से नींबू का सेवन करने से वजन कंट्रोल में रहता है और मोटापा भी नहीं होता