कृषि कानून का विरोध: शिरोमणि अकाली दल के मार्च पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, सुखबीर सिंह बादल को लिया हिरासत में

कृषि कानून के विरोध में चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल की ओर से निकाले गए मार्च पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया है। चंडीगढ़ के मुल्लापुर बैरियर के पास पुलिस ने मार्च में शामिल लोगों पर लाठीचार्ज किया है। इसके अलावा मार्च में शामिल हुए शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल समेत कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

बता दें कि कृषि विधेयक के विरोध में शिरोमणि अकाली दल की नेता और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे चुकी हैं। यहां तक कि कृषि विधेयक के संसद में पास होने के बाद अकाली दल ने एनडीए से भी अपना नाता तोड़ लिया है। कृषि कानून के विरोध में कई विपक्षी पार्टियां लामबंद है और सरकार से इसे वापस लेने की मांग कर रही है

वहीं, मोहाली में जीरकपुर में भी अकाली दल के विरोध मार्च के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल समते कई पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

नए कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में चल रहे 31 किसान संगठनों के आंदोलन के दौरान आज से अनिश्चितकालीन रेलवे जाम शुरू किया गया और बठिंडा में किसानों ने रेलवे लाईन पर पक्का मोर्चा लगाते हुए रेल यातायात बिलकुल ठप्प कर दिया। वहीं, बठिंडा में रेलवे के अलावा बड़ी प्राइवेट कंपनियों के मॉल व पेट्रोल पम्प के सामने भी किसानों ने धरना लगाया और जमकर नारेबाजी की।

भाकियू एकता उग्राहां की जिला यूनिट ने तीन स्थानों पर निजी कंपनियों के पेट्रोल पंप, एक बड़े माल, दो टोल पलाजा और प्राईवेट थर्मल प्लांट के आगे धरना शुरू किए हैं। इसी प्रकार से भाकियू सिद्धूपुर के नेतृत्व में विभिन्न किसान, मजदूर संगठनों ने मुल्तानिया पुल के नीचे से गुज़रने वाली रेलवे लाइन को जाम करते हुए पक्का मोर्चा लगाया गया।

कोरोना: एक लाख मौतों के करीब पहुंचा भारत, पिछले 24 घंटे में 81484 नए मामले

भारत में गुरुवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 81484 नए मामले सामने आए जिसके बाद देश में वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 63 लाख से ऊपर पहुंच गई है। वहीं, देश में अब तक 53 लाख से ज्यादा लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं। वायरस के कारण अब तक एक लाख के करीब मरीजों की मौत हो गई है। वहीं देश में पहला मामला 30 जानवरी को सामने आया था।

केंदीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 81,484 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के मामले बढ़कर 63,94,069 हो गए हैं। वहीं 1,095 लोगों की मौत होने से मृतकों संख्या 99,773 हो गई है।

आंकड़ों के अनुसार 53,52,078 मरीज या तो ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई या वे देश छोड़कर चले गए है। देश में वर्तमान में कोविड-19 के 9,42,217 सक्रिय मामले हैं।

दुनिया में अब तक करीब 10 लाख की मौत
भारत में पहला कोरोना संक्रमित मरीज 30 जनवरी को सामने आया था। विश्व स्तर पर भारत में कोरोना से मृत्युदर काफी नियंत्रित स्थिति में रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया में अब तक करीब 10 लाख से अधिक लोगों की वायरस से मौत हो चुकी है। जिन तीन देशों में सर्वाधिक मौतें हुई हैं उनमें भारत भी शामिल है। पिछले एक महीने की स्थिति पर गौर करें तो भारत में रोजाना जितने लोगों की मौत हो रही है उतनी किसी देश में नहीं हो रही है। अगर स्थिति में सुधार नहीं आया तो दुनिया में कोरोना से सर्वाधिक मौतें भारत में हो सकती है।

कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं, बच्चे और किशोर: हर्षवर्धन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि देश की स्वास्थ्य प्रणाली पर मौजूदा कोविड-19 महामारी के कारण पड़ रहे भारी दबाव के बावजूद प्रयास किए जा रहे हैं कि महिलाओं, बच्चों और किशारों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जाएं। मेटरनल, न्यूबॉर्न ऐंड चाइल्ड हेल्थ (पीएमएनसीएच) के एक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 का सर्वाधिक प्रभाव महिलाओं, बच्चों और किशोरों को झेलना पड़ा है और इसके लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है। 

COVID-19 पॉजिटिव निकले डोनाल्ड और मिलेनिया ट्रम्प, हाई रिस्क कैटेगरी में US राष्ट्रपति, मास्क से रहते थे दूर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी (पत्नी) मेलानिया ट्रंप में COVID-19 की पुष्टि हुई है। दरअसल, अपनी एक करीबी सहयोगी के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपना और पत्नी का कोविड-19 टेस्ट कराया था।

उन्होंने इस बाबत ट्वीट किया, “आज रात मेलानिया और मैं कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। हम जल्द ही अपना क्वारंटीन प्रक्रिया शुरू कर रिकवर करेंगे। हम इससे साथ उबरेंगे!”

इससे पहले, ट्रंप ने गुरुवार रात एक ट्वीट किया था। बताया था कि उनकी करीब सहयोगी होम हिक्स में कोरोना की पुष्टि हुई है। इसके बाद उन्होंने (ट्रम्प) खुद को आइसोलेट कर लिया है।

राष्ट्रपति ने बताया कि उन्होंने और प्रथम महिला मेलानिया ने भी कोविड-19 की जांच कराई है। ट्रम्प ने ट्वीट किया था, ‘‘होप हिक्स, जो बड़ी मेहनत से काम कर रही थीं, उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। प्रथम महिला (मेलानिया) और मैं अपनी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, हम क्वारंटीन रहेंगे।’’

होप हिक्स ने इस सप्ताह की शुरुआत में ‘एयर फोर्स वन’ में राष्ट्रपति के साथ यात्रा की थी। ताजा घटनाक्रम के बाद माना जा रहा है कि इससे ट्रंप के चुनावी अभियान में बाधा उत्पन्न हो सकती है। अमेरिका में तीन नवम्बर को राष्ट्रपति चुनाव है।

ट्रंप, 74 साल के हैं और वह फिलहाल कोरोना के सबसे अधिक जोखिम वाली श्रेणी (हाई रिस्क कैटेगरी) में आते हैं। रोचक बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति मास्क से दूर ही रहते थे। हर वक्त वह चेहरे को इससे नहीं ढंकते थे। कहा था, “मुझे जब इसकी जरूरत लगती है, तब इसे लगा लेता हूं।” हालांकि, वह अपने चुनावी प्रतिद्वंदी जो बाइडन का मास्क पहनने को लेकर पूर्व में मजाक भी उड़ा चुके हैं।

बता दें कि अमेरिका में कोरोना वायरस से करीब दो लाख से अधिक मौतें हो चुकी हैं, जबकि दुनिया भर में यह आंकड़ा 10 लाख के पार हो चुका है।

सिंधिया ले रहे हैं हराने वाले से बदला! सांसद के पी यादव की ‘बेइज्जती’ से गुस्साए समर्थकों ने खोला मोर्चा

गुना।
एमपी में गुना जिले की बमोरी विधानसभा क्षेत्र में 3 नवंबर को उपचुनाव होना है जिसकी आचार संहिता भी लागू हो गई है। आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले बमोरी के भदौरा गांव में दो सड़कों का भूमि पूजन हुआ, जो बीजेपी के लिए अब जी का जंजाल बनता दिख रहा है। भूमिपूजन की शिलालेख पट्टिका पर स्थानीय सांसद के पी यादव का नाम नहीं होने से उनके समर्थक यादव समुदाय ने बीजेपी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समुदाय के लोगों का आरोप है कि राजनीति के चलते गुना-शिवपुरी के सांसद का बीजेपी के कार्यक्रमों में ही जानबूझकर अपमान किया जा रहा है। यादव समुदाय ने इसके खिलाफ आगामी विधानसभा चुनावों में बमोरी से बीजेपी उम्मीदवार और प्रदेश के पंचायत मंत्री मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया को हराने के लिए कमर कसने का ऐलान कर दिया है।

बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में गुना से ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के उम्मीदवार थे। बीजेपी उम्मीदवार के रूप में के पी यादव ने उन्हें हराया था, लेकिन सिंधिया अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि सिंधिया के इशारे पर ही सांसद का बार-बार अपमान किया जा रहा है।

इससे पहले भी जमरा गांव में शिलान्यास के दौरान सांसद का नाम शिलालेख पट्टिका पर नहीं था। समर्थकों के विरोध के बाद उनका नाम जोड़ा गया। लेकिन अब एक बार फिर से उनका नाम शिलालेख पट्टिका से गायब कर दिया गया। पट्टिका पर पंचायत मंत्री सिसोदिया के अलावा जिला अध्यक्ष गजेंद्र सिंह सिकरवार, गुना के विधायक गोपीलाल जाटव सहित सरपंच सचिव के नाम तक दर्ज थे। सांसद के समर्थकों का आरोप है कि अपमान करने के इरादे से जानबूझकर सिंधिया समर्थकों ने यादव का नाम कटवाया।

सांसद के अपमान से आहत समर्थक व यादव समुदाय अब खुलकर बीजेपी के विरोध में स्वर उठाने लगा है। समर्थकों व समाज बंधुओं का कहना है कि बमोरी विधानसभा उपचुनाव में सिंधिया-समर्थक महेंद्र सिंह सिसोदिया को शिकस्त देने के लिए उन्होंने रणनीति बनाई है। यादव समुदाय के अलावा मिलने-जुलने वालों से भी मंत्री को वोट न देने की अपील वे गांव-गांव जाकर करेंगे। साथ ही, सिसोदिया द्वारा वन भूमि पर कराए जा रहे अवैध अतिक्रमण, गुंडागर्दी, जनपद के कार्यों में गोलमाल, घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग आदि मुद्दों के निष्पक्ष जांच की मांग भी वे करेंगे।

पूरे विधानसभा क्षेत्र में मंत्री का खुलकर विरोध शुरू हो गया है। थोड़े दिन पहले सिसोदिया ने यादव समुदाय के कद्दावर नेताओं को इकट्ठा कर समाज को संतुष्ट करने का प्रयास किया था, लेकिन अब एक बार फिर से सांसद का अपमान होने के बाद समर्थकों ने बीजेपी और खासकर सिंधिया के खिलाफ लामबंदी शुरू कर दी है।

रिपोर्ट निगेटिव पर सीटी स्कैन में कोरोना संक्रमण, मरीज परेशान

ग्वालियर । शरीर में कोरोना संक्रमण है या नहीं, इस बात का पता आरटीपीसीआर, रैपिड एंटीजन व ट्रूनेट की जाचं रिपोर्ट में पता चलता है। अब देखने में आ रहा है कि इन जांचों में कई मरीजों की रिपोर्ट तो निगेटिव आ रही है, लेकिन सीटी स्कैन में लंग्स में संक्रमण मिल रहा है। विशेषज्ञ के अनुसार इस तरह के मामले कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों में अधिक बताए जा रहे हैं।

जिन लोगों को लक्षण आए पर रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। साथ ही सांस, दर्द या अन्य कोई समस्या आ रही है तो वह अपनी सीटी स्कैन जरूर करवाएं। इससे लंग्स में होने वाले संक्रमण को समय रहते रोका जा सके, क्योंकि शुरुआत के पांच दिन में लक्षण आने पर जांच में पॉजिटिव आने की गुंजाइश होती है। इसके बाद यह कम होती जाती है।

जिस मरीज की रिपोर्ट निगेटिव है पर सीटी स्कैन जांच में संक्रमण का पता चलता है, उसे गाइडलाइन के अनुसार कोरोना मरीजों के साथ इलाज देना चाहिए। डॉक्टर ऐसे मरीज को कोरोना मरीजों के साथ इलाज देने से कतराते हैं और सामान्य मरीज के साथ रखकर इलाज दे नहीं सकते। ऐसे में मरीज भटकता है और परेशान होकर शहर से बाहर इलाज लेने निकल जाता है या फिर घर पर ही इलाज लेता है। हाल ही में सिटी सेंटर निवासी 60 वर्षीय उदय की रिपोर्ट निगेटव थी, पर सीटी स्कैन में लंग्स में संक्रमण बताया गया। वह जेएएच के मेडिसिन वार्ड में भर्ती हुए पर उनका कोरोना का इलाज नहीं हो सका और उनकी मौत हो गई।

एक्सपर्टः सीटी रिपोर्ट संक्रमण का सही डायग्नोस करता है

रेडियोलॉजिस्टि डॉ. पंकज यादव का कहना है कि सीटी स्कैन में 99.9 प्रतिशत तक लंग्स में संक्रमण के प्रभाव का पता चल जाता है। असामान्य वायरल निमोनिया से लंग्स प्रभावित होता है। शरीर में कोरोना के लक्षण आने के 5 दिन के भीतर यादि स्वाब लिया जाता है तो आरटीपीसीआर या रैपिड एंटीजन टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव आने के आसार अधिक होते हैं।

लंग्स संक्रमण के 6 वर्ग

जीआरएमसी के चेस्ट विभागाअध्यक्ष डॉ. केके तिवारी का कहना है कि लंग्स में संक्रमण को 6 वर्ग में बांटा गया है। यदि लंग्स में संक्रमण 1 से 2 वर्ग में आता है तो उन मरीजों को कोरोना हो सकता है, चाहे लक्षण आए ही न हों। ऐसे मरीजों को सावधानी रखने की अधिक आवश्यकता होती है। जैस मास्क व सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन करना। वर्ग 3 में मामूली लक्षण वाले मरीज आते हैं। इसके बाद वहीं 4 से 5 वर्ग में लंग्स में संक्रमण गंभीर माना गया है। ऐसे मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाता है। छठे वर्ग वाले मरीज अति गंभीर श्रेणी में आते हैं।

मरीज पर रेमडेसिवल का उपयोग

कोरोना में रेमडेसिवल का उपयोग अच्छे परिणाम दे रहा है। मरीज पर शुरू के 5 से 12 दिन के बीच इसके उपयोग के सकारात्मक परिणाम आते हैं। इसके बाद उसका उपयोग बेकार है। 12 दिन के बाद मरीज को एजोथ्रोमाइसिन, विटामिन सी आदि दवा ही कारगार है। 12 दिन के बाद भी संक्रमण बढ़ रहा है तो अन्य आर्गन को सपोर्ट देने के लिए मल्टी आर्गन डिस्फेंक्शन दवाओं का उपयोग किया जाता है। रेमडेसिवल का उपयोग पहले एंटी वायरल के तौर पर एड्स व हैपिटाइटिस के मरीजों पर किया जाता था।

एमपी: 4 महीने की मासूम को लगा गलत इंजेक्शन, कमर से नीचे और हाथ पड़ गया काला

4 महीने की मासूम को बुखार आने पर गलत इंजेक्शन लगा तो बच्ची का शरीर ही काला पड़ गया. अब उन अंगों को काटने की बात हो रही है. यह मामला मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का है.

भोपाल

मासूम को झोलाछाप डॉक्टर ने लगाया गलत इंजेक्शन,इंजेक्शन के इन्फेक्शन से काला पड़ा शरीर,मध्य प्रदेश के विदिशा की घटना.

4 महीने की मासूम बच्ची को बुखार आने पर झोलाछाप डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया. इस वजह से संक्रमण फैलने से कमर से नीचे और पिछले हिस्से के हाथ-पैर की उंगलियां काली पड़ गईं. विदिशा जिले में 1 महीने में यह दूसरा मामला सामने आया है.

यह मामला है विदिशा जिले कि शमशाबाद तहसील के ग्राम गोलोना का है. डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की उंगलियां काटना पड़ेगी. 4 महीने की बच्ची भोपाल के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है.

इससे पहले विदिशा जिले में ही जन्म के बाद एक नवजात बच्चे को इंजेक्शन लगाया तो उसे बुखार आ गया. जब कुछ दिनों बाद परिजनों ने बच्चे को देखा तो उसका हाथ काला पड़ा हुआ था. इस बारे में कहा जा रहा है कि उसे एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाया गया था जिससे हाथ में जहर फैल गया था. 

विदिशा के जिला हॉस्पिटल में उस बच्चे का जन्म 24 अगस्त को हुआ था. जन्म के बाद इस बच्चे को इलाज के दौरान हाथ में कोई इंजेक्शन लगने के बाद हाथ काला पड़ने लगा. हॉस्पिटल के स्टाफ ने इसको एनआईसीयू में भर्ती कर दिया.

डॉक्टरों ने परिजनों को बताया था कि उसके हाथ में गंभीर संक्रमण हुआ है और अब इस हाथ का ऑपरेशन करके काटा जाएगा. बताया जा रहा था कि बच्चे को एक्सपायर्ड इंजेक्शन लगाया गया था जिसके कारण बच्चे के हाथ में जहर फैल गया. 

Madhya Pradesh MPPEB Recruitment 2020 : मध्य प्रदेश में 2100 से ज्यादा पदों पर भर्तियां 

नई दिल्ली

Madhya Pradesh MPPEB Recruitment 2020 : मध्यप्रदेश प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल ने कई तरह के पदों पर कुल 2150 वैकेंसी निकाली हैं। इन पदों के लिए 10 अक्टूबर से 24 अक्टूबर के बीच http://peb.mp.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। 29 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन में संशोधन किया जा सकेगा। परीक्षा की संभावित तिथि 16 दिसंबर से 27 दिसंबर 2020 तय की गई है। 

पदों का विवरण
स्टाफ नर्स – 525
स्टाफ नर्स पुरुष – 222
ईसीजी टेक्नीशियन – 05
रेडियोलॉजी टेक्नीशियन – 233
लैब अटेंडेंट – 155
रेडियो थेरेपी टेक्नीशियन – 48
लैब टेक्नीशियन – 347
ओटी टेक्नीशियन – 20
टेक्निकल असिस्टेंट – 38
ओक्यूपेशनल थेरेपिस्ट – 06
ऑर्थो टेक्निशियन – 01
ओटी असिस्टेंट – 01
ओटी अटेंडेंट – 16
रिसेप्शनिस्ट – 04
डायलेसिस टेक्निशियन – 04
प्रोसथेटिक एंड ऑर्थोटिक टेक्निशियन – 06
फॉर्मासिस्ट ग्रेड II – 67
डार्क रूम असिस्टेंट – 14
एनेस्थेसिया टेक्निशियन – 02
कार्डियो थोरेसिक टेक्निशियन – 02
डेंटल हेमनिस्ट – 03
डेंटल मैकेनिक – 03
डेंटल टेक्निशियन – 12
ई असिस्टेंट – 67
स्पीच थेरेपिस्ट – 06
फिजियोथेरेपिस्ट – 06
ड्रेसर – 03
ड्रेसर II – 47 
टीबी एंड चेस्ट डायसिस हेल्थ विजिटर – 06
असिस्टेंट एनिमल मेडिकल एरिया ऑफिसर – 215
नर्सिंग सिस्टर – 06
डायसेक्शन हाल – 12
मिडवाइफ (एएनएम) – 03
लेबोरेट्री असिस्टेंट – 01
फार्मासिस्ट ग्रेड I – 02

आयु सीमा 

18 वर्ष से 40 वर्ष। मध्यप्रदेश के एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग वर्ग व सभी महिलाओं को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जाएगी। आयु की गणना 1 जनवरी 2020 से की जाएगी। 

चयन – लिखित परीक्षा के आधार पर।

आवेदन शुल्क
अनारक्षित वर्ग – 500 रुपये

मध्यप्रदेश के एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग वर्ग के लिए – 250 रुपये 

कियोस्क के माध्यम से ऑनलाइन भरने वाले अभ्यर्थियों के लिए एमपी ऑनलाइन का पोर्टल शुल्क 60 रुपये होगा। इसके अतिरिक्त सिटीजन यूजर के माध्यम से लॉग इन कर फॉर्म भरने पर पोर्टल शुल्क 20 रुपये देय होगा। 

पूरा नोटिफिकेशन पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें 

Agriculture Funds : सस्ते में सोलर पंप खरीद सकेंगे किसान, RBI के नए नियम से लोन लेना होगा आसान 

Easy Loan On Solar Pump : सरकार ने साल 2022 तक 17.50 लाख सोलर पंप लगाने का रखा है लक्ष्यसरकार सोलर प्लांट्स के अलावा कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स लगाने पर भी दे रही है जोर

नई दिल्ली। सोलर पंप (Solar Pump) और कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार खास प्लान लेकर आई है। इसके तहत अब किसानों को सस्ते दरों पर सोलर पंप मिल सकेंगे। इसके लिए उन्हें आसानी से लोन भी मिल जाएगा। रिजर्व बैंक (RBI-Reserve Bank Of India) के नए नियमों के तहत छोटे किसानों को फायदा मिलेगा। इतना ही नहीं सरकार की ओर से भी इसमें कुछ छूट दी जाएगी। इसके लिए सेंट्रल गवर्नमेंट की ओर से एग्री इंफ्रा फंड (Agri Infra Funds) का इस्तेमाल किया जाएगा।

सरकार ने साल 2022 तक 17.50 लाख सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा है। मौजूदा समय में गवर्नमेंट के पास 1 लाख करोड़ रुपए का एग्री इंफ्रा फंड है। इसी के जरिए किसानों को सोलर प्लांट्स और कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट्स लगाने में आर्थिक मदद दी जाएगी। सरकार के नए नियम के तहत अब जिन जिलों में बैंक प्राथमिकता श्रेणी के कर्ज़ों को कम बांट रहे थे, उन जिलों के बैंकों को अब ज्यादा तरज़ीह देनी होगी। इससे किसानों को आसानी से लोन मिल सकेगा।

नए नियम से छोटे किसानों को होगा लाभ
आरबीआई ने प्रायोरिटी सेक्टर के तहत दिए जाने वाले लोन में क्षेत्रीय असमानताओं को खत्म कर दिया है। इससे छोटे, सीमांत किसानों और समाज के कमजोर वर्गों को अधिक कर्ज उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसमें ऐसे किसान भी आसानी से लोन ले सकेंगे जिनके पास सीमित संसाधन है। बैंक उनकी जरूरत को ध्यान में रखते हुए लोन मुहैया कराएगी। अच्छी बात यह है कि कर्ज चुकाने के लिए भी उन्हें पर्याप्त समय मिलेगा।

सोलर प्लांट्स के लिए ये योजनाएं भी कारगर
एग्री फंड के अलावा मोदी सरकार की ओर से पीएम कुसुम योजना (PM Kusum Scheme) भी चलाई जाती है। इससे गरीब कल्याण योजना के तहत शामिल किया गया है। इस योजना के तहत किसानों को सोलर पैनल स्थापित करने के लिए महज 10 फीसदी रकम का भुगतान करना होता है। बाकी रकम केंद्र सरकार किसानों के बैंक खाते में सब्सिडी के तौर पर भेजती है। इतना ही नहीं वे सोलर पैनल के जरिए बिजली पैदा कर इसे बेचकर अपनी कमाई को दोगुना भी कर सकते हैं।

चाहते है अगर घर में लक्ष्मी का स्थाई वास तो करें यह उपाय


दूध को चंद्रमा और शांति का प्रतीक माना गया है। प्राचीन तांत्रिक ग्रंथों में बताए गए दूध के ऐसे ही टोने-टोटकों के बारे में जिन्हें करते ही असर दिखता है और आपकी समस्या तुंरत दूर होने लगती हैं।

नजर दूर करने तथा अमीर बनने के लिए रविवार की रात सोते समय 1 गिलास में दूध भरकर अपने सिर के पास रखकर सो जाएं। ध्यान रखें, यह दूध फैलना नहीं चाहिए। अगले दिन सुबह उठने के बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर इस दूध को किसी बबूल के पेड की जड़ में डाल दें। ऐसा हर रविवार रात करें। जिस आदमी पर इस उपाय को करेंगे, उसकी नजर दूर होगी और उसके सारे काम बनते चले जाएंगे।

अगर कुंडली में कोई भी ग्रह बुरा असर दे रहा है तो सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठें। उसके बाद नित्य कर्मों से निवृत्त होकर स्नान आदि कर अपने आसपास के शिव मंदिर में जाएं तथा वहां शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं। लगातार सात सोमवार तक इस उपाय को करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही कुंडली में कोई भी ग्रह बुरा असर दे रहा होता है, वो भी टल जाता है।

घर में लक्ष्मी के स्थाई वास के लिए एक लोहे के बर्तन में जल, चीनी, दूध तथा घी मिला लें। इसे पीपल के पेड़ की छाया के नीचे खड़े होकर पीपल की जड़ में डाले। इससे घर में लक्ष्मी का वास होता है।

अगर कुंडली में गुरु ग्रह अपना बुरा असर दे रहा हो तो वक्री हो तो दूध में चीनी तथा केसर या हल्दी मिला कर शाम के समय शिवलिंग पर ऊँ नमः शिवायः का जाप करते हुए चढ़ाएं। गुरु अपना अशुभ असर त्याग कर शुभ फल देने लगेगा।