वार्ता के बाद चीन का बयान, ‘भारत सहमति लागू करने के लिए तैयार’

पेइचिंग
चीन ने दावा किया है कि भारत ने 5-पॉइंट सहमति लागू करने पर सहमति जताई है जो मॉस्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच कायम की गई थी। भारत-चीन सीमा के मुद्दों पर वर्किंग मकैनिज्म फॉर कंसल्टेशन ऐंड कोऑर्डिनेशन पर चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर जानकारी दी है।

मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि 30 सितंबर, 2020 को WMCC की 19वीं मीटिंग वीडियो के जरिए की गई। दोनों पक्षों ने खुलकर और गहराई से चीन और भारत के सीमाक्षेत्र में हालात पर विचारों पर चर्चा की। दोनों ने मॉस्को में विदेश मंत्रियों के बीच बनी सहमति को लागू करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही सीमा से जुड़े मुद्दों पर सहमति का पालन करने और बेहतर हालात के लिए कदम उठाने पर सहमति कायम की।

जल्द होगी सातवें राउंड की कमांडर स्तर की बात

हालात को शांत करने और जटिल करने वाले ऐक्शन न करने पर रजामंदी जताई गई। दोनों पक्षों ने छठे राउंड की कमांडर स्तर की बातचीत के नतीजों का आकलन किया और सैन्य-कूटनीतिक स्तर पर बातचीत कायम रखने पर सहमति बनाई। जल्द से जल्द सातवें राउंड की बातचीत करने का फैसला भी किया गया और बेहतर तरीके से जमीनी हालात सुलझाने पर सहमति भी कायम की गई।

भारत ने खारिज किया था चीन का दावा

इससे पहले भारत ने चीन के इस दावे को सिरे के खारिज कर दिया था कि बीजिंग वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की अवधारणा पर 1959 के अपने रुख को ही मानता है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत ने 1959 में ‘एकतरफा रूप से’ परिभाषित तथाकथित वास्तविक नियंत्रण रेखा को कभी स्वीकार नहीं किया है और चीनी पक्ष सहित सभी इस बारे में जानते हैं। मंत्रालय ने उम्मीद व्यक्त की कि पड़ोसी देश तथाकथित सीमा की ‘अपुष्ट एकतरफा’ व्याख्या करने से बचेगा।

राहुल और प्रियंका गांधी के दौरे से पहले हाथरस किया गया सील, प्रशासन ने कोरोना का दिया हवाला

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) गुरुवार को उत्तर प्रदेश में हाथरस गैंगरेप (Hathras Gangrape) की पीड़िता के परिवार से मिलने हाथरस जा रहे हैं. वैसे फिलहाल हाथरस में धारा 144 लागू है. प्रशासन ने बताया है कि कोरोनावायरस के चलते यहां पर 1 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच जिले में धारा 144 लागू है. गैंगरेप और बर्बरता का शिकार हुई 20 साल की पीड़िता की इलाज के दौरान मौत और उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से रात के अंधेरे में परिवार की मौजूदगी के बिना उसका अंतिम संस्कार किए जाने पर पूरे देश में आक्रोश फैला हुआ है.

14 सितंबर को हाथरस के एक गांव में अकल्पनीय दरिंदगी का शिकार हुई पीड़िता की मंगलवार को दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी. उसके शरीर में कई फ्रैक्चर आ गए थे, इतनी गंभीर चोटें लगी थीं कि वो पैरालाइज़ हो गई थी. उसके गले में ऐसी चोट आई थी कि उसे सांस लेने में तकलीफ होरही थी. पुलिस ने बताया है कि उसकी जीभ में गहरा कट था, जो गला दबाने के वजह से जीभ बाहर आने के चलते बना होगा.

अपनी बेटी के साथ दरिंदगी और फिर उसे खोने के गम में डूबे परिवार का दुख तब और बढ़ गया जब यूपी पुलिस पीड़िता का शव लेकर उसके गांव पहुंची और जबरदस्ती परिवार को दरकिनार कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया. इस घटना को लेकर राज्य की योगी सरकार चारों और से निशाने पर आ गई है.

राहुल और प्रियंका का योगी पर हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी लगातार इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमलावर बने हुए हैं. राहुल गांधी ने बुधवार को कहा था कि ‘यूपी पुलिस की यह शर्मनाक हरकत दलितों को दबाने और उनको ‘उनकी जगह’ दिखाने के लिए है. हमारी लड़ाई इसी सोच के खिलाफ है.’

वहीं प्रियंका गांधी ने सीएम योगी का इस्तीफा मांगा है. बुधवार को प्रियंका ने इस मसले पर एक के बाद एक ट्वीट किए. उन्होंने कहा कि ‘यूपी के मुख्यमंत्री जी से कुछ सवाल पूछना चाहती हूं.परिजनों से जबरदस्ती छीन कर पीड़िता के शव को जलवा देने का आदेश किसने दिया था? पिछले 14 दिन से कहां सोए हुए थे आप? क्यों हरकत में नहीं आए? और कब तक चलेगा ये सब? कैसे मुख्यमंत्री हैं आप?’

प्रियंका गांधी ने बुधवार को बताया था कि जब वो पीड़िता के पिता से फोन पर बात कर रही थीं, तभी उसकी मौत की खबर आई. उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘मैं हाथरस पीड़िता के पिता के साथ फोन पर बात कर रही थी, तभी उन्हें बताया कि उनकी बेटी गुजर गई. मैंने उन्हें निराशा में रोते हुए सुना.’ उन्होंने मुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगते हुए आगे लिखा, ‘वो मुझे अभी बता ही रहे थे कि वो बस अपनी बच्ची के लिए इंसाफ चाहते हैं. पिछली रात उनसे उनकी बेटी को आखिरी बार घर ले जाने और उसका अंतिम संस्कार करने का हक भी छीन लिया गया. पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा करने के बजाय आपकी सरकार, यहां तक की उसकी मौत के बाद भी उसके हर मानवाधिकार को छीनने में लगी रही. आपके पास मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.’

GWALIOR DIG के पद पर IPS सचिन अतुलकर की पदस्थापना

भोपाल। भारतीय पुलिस सेवा 2007 बैच के अधिकारी सचिन अतुलकर को ग्वालियर डीआईजी के पद पर पदस्थ किया गया है। इससे पहले श्री अतुलकर SAF की 7वीं बटालियन में पदस्थ थे। अपनी फिटनेस के कारण सचिन अतुलकर युवाओं में काफी लोकप्रिय रहते हैं।

भोपाल, उज्जैन में दे चुके हैं सेवाएं

2007 बैच के IPS सचिन अतुलकर फिटनेस के मामले में पुलिस डिपार्टमेंट के अफसर-कर्मचारियों के आइकॉन हैं। इसके पहले IPS सचिन अतुलकर का ट्रांसफर भोपाल पुलिस हेडक्वार्टर में किया गया था। IPS सचिन अतुलकर एसपी उज्जैन के रूप में भी पदस्थ रहे है। 

महज 22 साल की उम्र में IPS बनने वाले अतुलकर ने अपनी ज्वाइनिंग के बाद से ही युवाओं बीच काफी लोकप्रियता हासिल कर ली थी। सचिन अतुलकर अपनी फिटनेस को लेकर काफी सतर्क रहते हैं, यही वजह है कि उनका अंदाज किसी फिल्मी स्टार की तरह नज़र आता है।

शिवराज के 2 मंत्रियों की कुर्सी पर है खतरा, दोनों ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी

भोपाल
एमपी में उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। उससे पहले ही शिवराज के 2 मंत्रियों की कुर्सी पर खतरा है। ये दोनों मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी हैं। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को उपचुनाव से पहले मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। इस उपचुनाव में कुल 14 मंत्री मैदान में हैं। इनमें से कोई भी अभी विधायक नहीं हैं।

दरअसल, कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सीएम पद की शपथ ली थी। 21 अप्रैल को उन्होंने पहली बार कैबिनेट का विस्तार किया था। इसमें 5 मंत्रियों ने शपथ ली थी। 5 में 2 ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत थे। दोनों अभी विधायक नहीं हैं। नियम के अनुसार बिना विधायक बने कोई भी व्यक्ति 6 महीने तक ही मंत्री पद पर रह सकता है। 6 माह के अंदर उसे विधानसभा की सदस्यता लेनी होती है।

21 अक्टूबर को समय सीमा समाप्त

वहीं, इस हिसाब से 21 अक्टूबर को दोनों मंत्रियों की समयसीमा समाप्त हो रही है। इस समयसीमा तक एमपी में उपचुनाव की प्रकिया पूरी नहीं होगी। ऐसे में दोनों को इस्तीफा देना पड़ सकता है। क्योंकि एमपी में उपचुनाव के लिए वोटिंग 3 नवंबर को है। 10 नवंबर को मतगणना होगी। सांवेर से तुलसी सिलावट और सुरखी से गोविंद सिंह राजपूत चुनाव लड़ रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि अगर कोई भी व्यक्ति 6 महीने के अंदर विधानसभा की सदस्या नहीं लेता है, तो वह स्वमेव मंत्री पद पर नहीं रहता है। वहीं, चुनाव को लेकर प्रदेश में आचार संहिता भी लागू है। ऐसे में फिर से मंत्रिमंडल का विस्तार भी नहीं हो सकता है।

कोरोना की वजह से यह पहली बार हो रहा है कि एमपी विधानसभा की सीट 6 महीने से अधिक वक्त तक रिक्त रही है। वहीं, कांग्रेस ने मांग की है कि अब मंत्रियों के सभी अधिकार छिन लिए जाएं।

सुरखी और सांवेर पर है जोर

दरअसल, तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी है। सबसे पहले सिंधिया ने कैबिनेट विस्तार में इन्हीं 2 नेताओं को जगह दिलाई थी। वहीं, कांग्रेस भी इन 3 सीटों पर पूरा जोर लगा रही है। दोनों ही सीटों पर कांग्रेस ने मजबूत उम्मीदवार दिए हैं। सांवेर से कांग्रेस ने प्रेमचंद गुड्डू को उम्मीदवार बनाया है। गुड्डू वहां से पूर्व में विधायक रह चुके हैं। इसके साथ ही सुरखी से कांग्रेस ने पारुल साहू को मैदान में उतारा है। पारुल भी सुरखी से विधायक रह चुकी हैं।

मथुरा: अदालत ने खारिज की ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ की याचिका, वादी अब हाईकोर्ट में करेंगे अपील

मथुरा की स्थानीय अदालत में भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका बुधवार को खारिज कर दी गई। मामले की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में हुई। इस दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने 30 मिनट तक बहस की। स्थानीय अदालत में याचिका खारिज होने के बाद वादी पक्ष ने हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है।  

सिविल जज सीनियर डिवीजन छाया शर्मा की अदालत में शुक्रवार को याचिका दाखिल की गई थी। इसमें 13.37 एकड़ जमीन पर 1973 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ट्रस्ट शाही ईदगाह मस्जिद के साथ हुए समझौते और उसके बाद की गई डिक्री (न्यायिक निर्णय) को रद्द करने की मांग की थी। याचिका पर सोमवार को निर्णय होना था, लेकिन अदालत ने सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तिथि तय की थी।
 

बुधवार को वादी रंजना अग्निहोत्री, करुणेश शुक्ला, अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और पंकज कुमार वर्मा न्यायालय पहुंचे। न्यायालय के समक्ष हरिशंकर जैन ने अपना पक्ष रखा। 30 मिनट की बहस के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। एडीजीसी भगत सिंह आर्य ने बताया कि याचिका खारिज कर दी गई है। 

याचिका खारिज होने के बाद वादी करुणेश शुक्ला ने कहा कि अब इस मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे। इससे पहले अदालत के समक्ष श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से हरीशंकर जैन ने अपना पक्ष रखा। 30 मिनट की बहस के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। 

जिले में सख्त रही चौकसी, आईजी ने डेरा डाला

छह दिसंबर और श्रीकृष्ण विराजमान की याचिका पर बुधवार को फैसले के दिन जिलेभर में पुलिस अलर्ट रही। न्यायालय परिसर में भी कड़ी सुरक्षा रही। कानून-व्यवस्था की देखरेख को आईजी ए.सतीश गणेश दोपहर को मथुरा पहुंच गए। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। आईजी ने जन्मभूमि पर तैनात फोर्स की जानकारी ली। 

वहां लगे सीसीटीवी तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को चेताया कि किसी भी बिंदु पर लापरवाही न होने पाए। अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी डॉ.गौरव ग्रोवर, एसपी सुरक्षा रोहित मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार तथा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक की। 

शिवपुरी जिला चिकित्सालय के कारनामे अब सीमायें लांघ रहे हैं, मंत्री, सांसद, विधायक सभी बेखबर हैं और जनता परेशान…..

दिन प्रतिदिन जिला अस्पताल की अमानवीयता की घटनाएं सामने आती रही हैं उन पर भी सांसद, विधायक और मंत्रियों को ध्यान देना चाहिए न केवल चुनावी चौपालों में केवल घोषणाये करना उनका काम नहीं होना चाहिये,रोज निजी अस्पतालों में मरीज लूट का शिकार हो रहे,सरकारी अस्पताल के डॉक्टर रोज देर रात निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहे, मृतको के परिजन खुद अपने परिजनों के शव उठा रहे आप फिर भी चुप,दोनो हाथों पर प्लास्टर के बाबजूद चींटे तक नही भगा पा रहा मरीज आप तब भी जनप्रतिनिधि चुप हैं,
आईसोलेशन बीके प्रभारी कल आगजनी की घटना के बाद भी गायब हैं.

हकीकत जानिए,कोरोना वार्ड में देखिए….

1.कोविड वार्ड में निगेटिव और पॉजिटिव को साथ रखना क्या सही है?
2.कोविड के मौत के आंकड़ो को छुपाना क्या सही है?
3.जिला चिकित्सालय में पदस्थ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों का निजी चिकित्सालयों में काम करना वो भी ड्यूटी टाइम में क्या सही है?
4.जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए जाने बाले मरीजों को अपनी क्लीनिक पर बुलाना अथवा निजी चिकित्सालय में भर्ती होने की सलाह देना क्या सही है?
5.जिला चिकित्सालय के नाम पर चल रहे एसआर और जेआर को 50-50 पर अस्पताल न आने की छूट देना क्या सही है?
6.जिला चिकित्सालय के प्रसूती वार्ड में इलाज के लिए किसी के सर सवारी बुलाकर भभूती देना क्या सही है?
यदि ये सब सही है तो निश्चित रूप से मैं गलत हूँ और जिला चिकित्सालय को लेकर गलत खबरें उठाता हूँ।

क्या हमारे जनप्रतिनिध इधर भी ध्यान देंगे. चारों तरफ अव्यवस्थाओं का अंबार है, जनता परेशान है लेकिन कोई सुनवाई नहीं.

कांग्रेस ने खोला वादों का पिटारा मिनी वचन पत्र के जरिये चुनाव फतह की तैयारी में कमलनाथकमलनाथ.


मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले उपचुनाव (By-Election) को लेकर कमलनाथ (Kamal Nath) एक बार फिर 2018 का फार्मूला अपनाने की तैयारी में है.

भोपाल मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले उपचुनाव (By-Election) को लेकर कमलनाथ (Kamal Nath) एक बार फिर 2018 का फार्मूला अपनाने की तैयारी में है.  2018 के चुनाव में कांग्रेस (Congress) के घोषणा पत्र की जगह वचन पत्र जारी किया था और प्रदेश की सत्ता हासिल की थी. प्रदेश कांग्रेस अब मिनी वचन पत्र के सहारे 28 सीटों को जीतने की कोशिश में जुटी है. कांग्रेस पार्टी ने 28 मिनी वचन पत्र तैयार कर स्थानीय मुद्दों के जरिए लोगों को लुभाने की कोशिश की है. चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद अब जीत के लिए रणनीति अपनाने की कवायद की जा रही है.

कांग्रेस पार्टी उपचुनाव में वचन गान के जरिए लोगों को लुभाने की कोशिश करेगी. कांग्रेस ने विधानसभा वार वचन पत्र का तैयार किया है, जिसमें कृषि और किसान, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद, पेयजल, सड़क पुल, उद्योग, रोजगार, पर्यटन, संस्कृति, प्रशासनिक से लेकर नए वचन का सारांश भी पेश किया जा रहा है. कुल मिलाकर कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए अपने वादों का पिटारा खोल दिया है.

मिनी वचन पत्र के बिंदु

कमलनाथ ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को सौ यूनिट ₹100 बिल देने का वादा किया है. कर्मचारियों के बकाया डीए और वेतन वृद्धि जारी करने से लेकर अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की बात भी कही गई है. गौशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की तर्ज पर गौ धन सेवा योजना शुरू करने और गौ सेवकों की सेवाएं लेने का भी वादा किया है. कोरोना संक्रमण को राजकीय आपदा घोषित करने का भी ऐलान कांग्रेस ने किया है. कांग्रेस ने वचन पत्र में पिछली कांग्रेस सरकार के हुए फैसलों के साथी बीजेपी पर निशाना साधने के काम किया है. कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कांग्रेस के सवा साल जनता खुशहाल का स्लोगन दिया है. साथ ही कांग्रेस पार्टी इस बात का दावा करती हुई नजर आ रही है कि आपके सपने होंगे साकार फिर बनेगी कमलनाथ सरकार.

2018 में साबित हुआ था मास्टर स्ट्रोक

दरअसल 2018 के चुनाव में कांग्रेस का वचन पत्र मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ था और यही कारण है उसी फार्मूले को अपनाते हुए कांग्रेस मिनी वचन पत्र के सहारे बीजेपी को टक्कर देने की तैयारी में है. स्थानीय स्तर पर तैयार मिनी वचन पत्र कांग्रेस के लिए कितना कारगर साबित होता है, यह देखना दिलचस्प होगा.

कल से रसोई गैस, ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्यूरेंस आदि नियमों में बदलाव, जानिए क्या होगा आप पर इसका असर?

देश में जारी कोरोना संकट के बीच अगले महीने यानी 1 अक्टूबर से रोजमर्रा की कई चीजें बदलने वाली है. इनमें से कई नियम ऐसे हैं जिनका सीधा असर आप पर पड़ने वाला है. देश में 1 अक्टूबर से अनलॉक-5 की भी शुरुआत हो रही है. 1 अक्टूबर से मोटर वाहन नियम, रसोई गैस, उज्जवला योजना, बैंकिंग समेत कई नियम बदल रहे है. ऐसे में जरूरी है कि आप इनके बारे में पहले से ही जान लें. आइए जानते हैं कि 1 अक्टूबर से क्या-क्या बदलने वाला है…

ड्राइविंग लाइसेंस या RC रखने के नियम में बदलाव 

गाड़ी चलाते समय साथ में RC और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे डॉक्‍युमेंट की हार्ड कॉपी रखने की टेंशन अब खत्‍म होने वाली है. अब आप वीइकल से जुड़े इन डॉक्‍युमेंट्स की सिर्फ वैलिड सॉफ्ट कॉपी लेकर गाड़ी चला सकते हैं. जांच के दौरान ये पूरी तरह मान्‍य होंगे. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन नियम 1989 में किए गए ऐसे विभिन्न संशोधनों की अधिसूचना जारी कर दी है, जो 1 अक्‍टूबर से लागू हो जाएंगे. सरकार ने कहा है कि 1 अक्टूबर 2020 से ड्राइविंग लाइसेंस और ई-चालान सहित वाहन से जुड़े तमाम दस्तावेज का रखरखाव एक आईटी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा.

ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन नियम 1989 में किए गए संशोधनों के अनुसार, ड्राइविंग के दौरान रूट देखने के लिए अब आप मोबाइल का भी इस्‍तेमाल कर सकेंगे. 1 अक्‍टूबर से ये नियम लागू हो जाएंगे. हालांकि मोबाइल या अन्य हैंड हेल्ड डिवाइस का इस्तेमाल सिर्फ रूट देखने के लिए किया जाएगा. इस दौरान अगर आप मोबाइल से बात करते पाए गए तो आप के ऊपर 1 हजार से 5 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

मिठाईयों की समय सीमा

1 अक्टूबर से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों के इस्तेमाल की समय सीमा अब कारोबारियों को बतानी होगी. कितने समय तक उसका इस्तेमाल ठीक रहेगा उसकी समयसीमा की जानकारी उपभोक्ताओं को देनी होगी. खाद्य नियामक ने इसे अनिवार्य किया है. खाद्य नियामक एफएसएसएआई (Food Safety and Standards Authority of India-FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने प्रयासों के तहत खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए 1 अक्टूबर से खुली मिठाइयों पर इस्तेमाल करने की उचित समय सीमा प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है. FSSAI ने इसके लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पत्र लिखा है.

रसोई गैस की कीमतों में हो सकती है कमी

हर महीने की शुरुआत में सरकारी कंपनियां रसोई गैस और प्राकृतिक गैस के दाम को रिवाइज करती है. पिछले महीने यानी सितंबर में 14.2 किलोग्राम और 19 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर के दाम में कमी की गई थी. उम्मीद है कि अक्टूबर में भी रसोई गैस के दाम घट सकते हैं.

फ्री नहीं रसोई गैस का कनेक्शन

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत मुफ्त में गैस कनेक्शन लेने की प्रक्रिया 30 सितंबर 2020 को खत्म हो रही है. कोरोना संक्रमण की वजह से पहले ही केंद्र सरकार ने पीएम उज्जवला योजना की तारीख को अप्रैल से सितंबर तक बढ़ा दिया था.

भरना होगा ज़्यादा टैक्स

केंद्र सरकार ने विदेश पैसे भेजने पर टैक्‍स वसूलने से जुड़ा नया नियम बना दिया है. ऐसे में अगर आप विदेश में पढ़ रहे अपने बच्‍चे के पास पैसे भेजते हैं या किसी रिश्‍तेदार की आर्थिक मदद करते हैं तो रकम पर 5 फीसदी टैक्‍स कलेक्‍टेड एट सोर्स (टीसीएस) का अतिरिक्‍त भुगतान करना होगा. फाइनेंस एक्ट, 2020 के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की लिबरलाइज्‍ड रेमिटेंस स्‍कीम (एलआरएस) के तहत विदेश पैसे भेजने वाले व्‍यक्ति को टीसीएस देना होगा. एलआरएस के तहत 2.5 लाख डॉलर सालाना तक भेज सकते हैं, जिस पर कोई टैक्‍स नहीं लगता. इसी को टैक्‍स के दायरे में लाने के लिए टीसीएस देना होगा.

स्वास्थ्य बीमा में बदलाव

बीमा नियामक आईआरडीएआई के नियमों के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव होने वाला है. 1 अक्टूबर से सभी मौजूदा और नए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसीज के तहत किफायती दर पर अधिक बीमारियों का कवर उपलब्ध होगा. यह बदलाव हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी को स्टैंडर्डाइज्ड और कस्टमर सेंट्रिक बनाने के लिए किया जा रहा है. इसमें कई अन्य बदलाव भी शामिल हैं. बीमा नियामक प्राधिकरण इरडा (IRDAI) ने उन नियमों में बदलाव किया, जिससे लोगों को फायदा होगा. इसके अलावा कंपनियां अपनी मनमर्जी से क्लेम को रिजेक्ट नहीं कर पाएंगी.

टीवी महंगा

1 अक्टूबर से टीवी खरीदना भी महंगा हो जाएगा. सरकार ने टीवी के विनिर्माण में उपयोग होने वाले ओपन सेल के आयात पर 5 फीसदी सीमा शुल्क बहाल करने का फैसला किया है. इसके लिए सरकार ने एक साल की छूट दी थी, जो 30 सितंबर को खत्म हो जाएगी. इससे 32 इंच के टीवी का दाम 600 रुपये और 42 इंच का दाम 1,200 से 1,500 रुपये तक बढ़ जाएंगे. इसलिए 1 अक्टूबर से टीवी खरीदना महंगा होना तय है.

घर पर वित्तीय सेवाएं

बैंक ग्राहकों को अभी घर बैठे-बैठे चेक, डिमांड ड्राफ्ट, पे ऑर्डर पिक करने जैसी गैर-वित्‍तीय सेवाएं ही मिलती हैं. इसके अलावा एफडी के ब्‍याज पर लगने वाला टैक्‍स बचाने के लिए जमा किए जाने वाले फॉर्म-15जी व 15एच, आयकर या जीएसटी चालान पिक करने के साथ ही अकाउंट स्टेटमेंट रिक्वेस्ट, टर्म डिपॉजिट रसीद की डिलीवरी की सुविधा भी ग्राहकों को घर पर ही उपलब्‍ध कराई जाती है. डोरस्‍टेप बैंकिंग सर्विस लॉन्‍च होने के बाद अब वित्तीय सेवाएं अक्टूबर 2020 से घर पर ही उपलब्ध होंगी.

सरसो तेल में मिलावट पर रोक

उपभोक्ताओं को 1 अक्टूबर से अब सरसों का शुद्ध तेल मिलेगा. सरकार ने सरसों तेल में किसी अन्य तेल की मिलावट पर रोक लगा दी है. भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा सरसों तेल में मिलावट पर लगाई गई रोक 1अक्टूबर से लागू होगी. विशेषज्ञ बताते हैं कि सरकार के इस फैसले से उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरसों उत्पादक किसानों को भी फायदा होगा. बता दें कि सरसों तेल में चावल की भूसी यानी राइस ब्रान तेल, पाम तेल या अन्य किसी सस्ते खाद्य तेल की मिलावट की जाती है.

Unlock-5.0 Guidelines: अनलॉक-5 की गाइडलाइन जारी, सिनेमाघर खुलेंगे, स्कूल-कॉलेज पर राज्य लेंगे फैसला

Unlock 5 Guidelines: केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने अनलॉक 5 (Unlock 5) के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. अनलॉक-5 में 15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल और मल्टीप्लेक्स खोलने की मंजूरी दे दी गई.

केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर से आधी सीटों के साथ सिनेमा हॉल खोलने की इजाजत दे दी है.

नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने अनलॉक 5 (Unlock 5) के लिए गाइडलाइंस (Unlock 5.0 Guidelines) जारी कर दी हैं. गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक अनलॉक-5 में सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स (Cinema Halls & Multiplexes) 50 प्रतिशत सीटों के साथ खोले जाएंगे. 15 अक्टूबर से सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, एंटरटेनमेंट पार्कों को खोला जाएगा. स्वीमिंग पूल्स को खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए खोला जाएगा. सिनेमा हॉल, थियेटर्स, मल्टीप्लेक्स को लेकर जल्द ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय गाइडलाइंस जारी करेगा.

15 अक्टूबर के बाद अनलॉक 5 में स्कूल और कोचिंग संस्थान खोलने का फैसला राज्य सरकारों को दिया गया है. इसके लिए अभिभावकों की रजामंदी भी जरूरी होगी. स्कूल या शैक्षणिक संस्थान खोलने का फैसला संबंधित संस्था, मैनेजमेंट का होगा. ये फैसला तत्कालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा. जो स्कूल ऑनलाइन क्लास ले रहे हैं वहां यदि छात्र स्कूल न पहुंचकर ऑनलाइन क्लास करना चाहें तो उन्हें इसकी पूरी छूट होगी.



समारोह में रखना होगा इस बात का ध्यान

सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनैतिक और अन्य कार्यक्रमों में सिर्फ 100 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी. ऐसे कार्यक्रमों में कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों के शामिल होने पर सख्त पाबंदी रहेगी. बंद जगहों पर 200 लोगों की क्षमता वाले हॉल में आधे लोगों को जाने की इजाजत होगी. ऐसी जगहों पर फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा और सोशल डिस्टेंसिंग करना, थर्मल स्कैनिंग और हैंड वॉश और सैनिटाइजर का इस्तेमाल जरूरी होगा.

भारत सरकार ने कंटेनमेंट जोन में जारी सख्त लॉकडाउन को 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है. व्यवसाय से व्यवसाय (बी 2 बी) प्रदर्शनियों को 15 अक्टूबर से खोलने की अनुमति होगी, जिसके लिए वाणिज्य विभाग द्वारा एसओपी जारी की जाएगी.

ऐसे लोगों को घर में रहने की सलाह
इसके अलावा गृह मंत्रालय द्वारा स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के अलावा सभी प्रकार की अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर फिलहाल पाबंदी रहेगी. राज्य और राज्य के बाहर किसी सामान या व्यक्ति की किसी भी प्रकार की आवाजाही पर रोक नहीं होगी न ही किसी प्रकार की अनुमति या पास की जरूरत होगी. 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, दूसरी बीमारियों से पीड़ित लोग, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को बहुत जरूरी काम के अलावा घर में रहने की सलाह दी गई है.

अनलॉक के इस चरण में दुर्गा पूजा, नवरात्रि, दशहरा जैसे कई बड़े त्योहार होने वाले हैं ऐसे में सरकार की एसओपी में इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि लोग कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों के साथ त्योहारों को भी हर्षोल्लास से मना सकें. वहीं महाराष्ट्र सरकार ने कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है.

अनलॉक 4 (Unlock 4 Guideliens) में केंद्र सरकार ने स्कूल खोलने को लेकर आंशिक रियायत दी थी. 21 सितंबर से देशभर में आंशिक तौर पर स्कूल खोले जा रहे हैं हालांकि अभी भी ज्यादातर राज्यों में स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद हैं.