जोड़ों में दर्द के लिए दूध और गुड़ का सेवन अत्यधिक फायदेमंद है.

गर्म दूध के साथ गुड का सेवन सेहत के लिए अत्यधिक फायदेमंद होता है। आप यह जानकर बहुत हैरान हो जाएगे कि इन दोनो के मिलाकर पीना सेहत के लिए किसी वरदान से कम नही है। यह गंभीर से गंभीर बीमारियों को पूरी तरह ठीक कर देता है। इस नुस्खे का इस्तेमाल हमारे पूर्वज भी करते थे।

अगर आप दूध और गुड़ को मिलाकर एक साथ इसका सेवन करते हैं, तो इससे आपकी सेहत को दोगुने लाभ हो सकते हैं। इसे नियमित रूप से पीने से मासिकधर्म दर्द, घुटनों के दर्द और अस्‍थमा में बहुत आराम मिलता है। आइये जानते है इसके सेवन से होने वाले अन्य फायदों के बारे में…

जिन लोगों के जोड़ों में दर्द रहता है, उनके लिए भी दूध और गुड़ का सेवन अत्यधिक फायदेमंद होता है। दूध के साथ गुड़ का सेवन करने से जोड़ों का दर्द पूर्ण्तः दूर हो जाता है, और हड्डियां भी मजबूत होती हैं।अगर आप प्रतिदिन गुड़ का एक छोटा पीस अदरक के साथ मिला कर खाते है तो जोड़ों में मजबूती आएगी और दर्द दूर होगा।गुड़ का सेवन करने से बाल बहुत अच्छे होते हैं और त्वचा मुलायम बनती है। अगर आपके चेहरे पर मुंहासे और एक्ने हैं तो इसे खाने से वह भी पूर्ण्तः ठीक हो जाएंगे।अगर आप बहुत अधिक थक गए है तो थोड़ी देर में गर्म दूध और गुड का सेवन करें। इससे आपको तत्काल आराम मिलेगा। इसके अलावा रोजाना 3 चम्‍मच गुड़ लें। इससे आपको कभी थकान नहीं होगी।नियमित रूप से रात में सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में गुड़ मिलाकर पीने से पाचन क्रिया स्वस्थ रहती है, और एसिडिटी की गंभीर समस्या भी नहीं होती है।

फसल बीमा की लिस्ट में नहीं किसानों का नाम, कलेक्टर परिसर में किया हंगामा, लगाया जाम 

खाते में राशि ना आने पर किसान कलेक्टर दफतर पहुंचे और वहां नारेबाजी कर हंगामा कर दिया. वहीं जिले के मक्सी में किसानों ने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम लगा दिया. ये चक्का जाम करीब 1 घंटे तक लगा रहा. जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई.

शाजापुर: शुक्रवार 18 सितंबर को मुख्यमंत्री शिवराज ने वनक्लिक के माध्यम से किसानों को पिछले साल की फसल बीमा राशि बांटी थी. आरोप है कि कई अन्नदाताओं को फसल बीमा राशि नहीं मिली. जिसके कारण शनिवार को शाजापुर जिले में किसानों ने जमकर हंगामा किया. 

शाजापुर जिले में खाते में राशि ना आने पर किसान कलेक्टर दफतर पहुंचे और वहां नारेबाजी कर हंगामा कर दिया. वहीं जिले के मक्सी में किसानों ने नेशनल हाईवे पर चक्का जाम लगा दिया. ये चक्का जाम करीब 1 घंटे तक लगा रहा. जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई.

आरोपा है कि शाजापुर जिले में खरीफ 2019 के लिए फसल बीमा योजना के तहत 410 करोड़ रुपए का आंकलन हुआ था, जिसमें 67112 किसान शामिल थे. जिसमें कल 73 हजार किसानों के खाते में 275 करोड़ 86 लाख 2 हजार 818 रुपए का भुगतान किया गया था. किसानों का आरोप है जो आंकलन हुआ था, उसमें कम किसान शामिल थे. बाद में किसानों की संख्या बढ़ गई और राशि कम दी गई.  

शाजापुर जिले में 333 हल्के में से 116 हल्के के किसानों की राशि अब तक नहीं आई है. कल जिन किसानों ने सूची में अपना नाम नहीं देखा तो वे नाराज हो गए और आज कलेक्टर परिसर में पहुंच कर अपनी नाराजगी जताई. 

कलेक्टर दिनेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के कारण हम एक साथ इतने किसानों से नहीं मिल सकते. इसके लिए एसडीएम ने किसानों को समझाया और कहा कि उनके दो-तीन प्रतिनिधि चर्चा कर लें. बावजूद इसके किसान 1 घंटे तक अपनी जिद पर अड़े रहे और नारेबाजी करते रहे. किसानों ने चैनल गेट से जबरनअंदर घुसने की कोशिश भी की. पुलिस ने इन्हें रोका तब जाकर किसान माने और फिर प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा की. कलेक्टर ने बताया दूसरी किस्त में बाकी किसानों को भी पैसा मिलेगा.

BJP नेता से पंगा लेने वाली महिला सीएसपी का ट्रांसफर, ग्वालियर भेजा

,भोपाल। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पदस्थ सीएसपी ऋतु केवरे को भाजपा नेता से पंगा लेना महंगा पड़ गया। भाजपा नेता ने उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी दी थी और 48 घंटे के भीतर सीएसपी रितु केवरे का ट्रांसफर हो गया। जवाब में ऋतु केवरे ने भाजपा नेता को नेतागिरी भुलाने की धमकी दी थी।

उज्जैन में सीएसपी ऋतु केवरे का किस भाजपा नेता से विवाद हुआ था

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के किसानों के खाते में बीमा राशि ट्रांसफर करने के लिए उज्जैन में एक भव्य सरकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उज्जैन आए थे। विमानतल पर मुख्यमंत्री का स्वागत करने वालों की लिस्ट भारतीय जनता पार्टी की ओर से पुलिस प्रशासन को दी गई थी। इसी दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं उज्जैन विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल अपने साथी ओम अग्रवाल को अंदर ले जाने की कोशिश करने लगे। जब पुलिस ने ओम अग्रवाल को रोका तो विवाद शुरू हो गया।

विवाद टीआई और पूर्व पार्षद के बीच हुआ था। दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई थी।

सीएसपी रितु केवरे मामले को शांत कराने आई। इसी विवाद के दौरान जगदीश अग्रवाल ने सीएसपी रितु हो ट्रांसफर कराने की धमकी दी थी। बात जब बढ़ने लगी तो  एडिशनल एसपी अमरेंद्र सिंह ने मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को अलग किया, जिसके बाद घटना को अभी 48 घंटे भी नहीं बीते थे कि 19 सितंबर की शाम सीएसपी रितू केवरे का ट्रांसफर ग्वालियर कर दिया गया। 

सीएसपी ऋतु केवरे का उज्जैन से ट्रांसफर क्यों किया गया 

दरअसल, ट्रांसफर के पीछे भाजपा नेता से विवाद नहीं बल्कि विवाद के बाद दिया गया बयान है। राजनीति से जुड़े लोग प्रशासनिक अधिकारियों को ट्रांसफर कराने की धमकी आए दिन देते रहते हैं। यह इतना गंभीर मामला नहीं जिसके लिए मीडिया में बयान बाजी की जाए। पुलिस डिपार्टमेंट में अनुशासन अनिवार्य है। शायद यही कारण है कि ट्रांसफर किया गया। सीएसपी ऋतु केवरे ग्वालियर भेजा गया है जहां नेता तो नेता नेताओं के छोटे-छोटे समर्थक भी बात-बात पर धमकी दिया करते हैं।

तनाव के बीच चीन पर भारत की पैनी निगाहें, लद्दाख के आसमान में राफेल ने भरी उड़ान

भारत और चीन के बीच लद्दाख सीमा पर तनाव की स्थिति बरकरार है. पांच महीने से चल रही खींचतान के बाद अब एक बार फिर कॉर्प्स कमांडर लेवल की बात हो रही है. चीन लगातार भारत को धमकाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हर बार उसे मात मिल रही है. इस बीच भारतीय वायुसेना की नई ताकत राफेल लड़ाकू विमानों ने भी लद्दाख के आसमान में उड़ान भरना शुरू कर दिया है. रविवार की देर शाम अंबाला एयरबेस से राफेल लड़ाकू विमानों ने लद्दाख के लिए उड़ान भरी और हालात का जायजा लिया.  समाचार एजेंसी के मुताबिक, सोमवार को भी राफेल लड़ाकू विमान लद्दाख और लेह के आसमान में उड़ान भरते दिख सकते हैं. सीमा पर जारी तनाव के बीच भारतीय सेना अलर्ट पर है, साथ ही वायुसेना भी लगातार चीन पर नजरें बनाए हुए हैं. ऐसे में वायुसेना के मिग-29, तेजस पहले से ही चीनी सीमा के पास उड़ान भरते हुए दिखे हैं.  लेकिन इस बार वायुसेना ने राफेल लड़ाकू विमान को भी मैदान में उतार दिया है, जो चीन को चेतावनी देने जैसा है. यानी औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल होने के दस दिन के भीतर ही राफेल लड़ाकू विमान सीमा पर दुश्मन को चेताने लगा है. राफेल विमान दस सितंबर को वायुसेना में शामिल हुआ था.  वायुसेना की ओर से लद्दाख सीमा पर सुखोई 30MKI, जगुआर, मिराज 2000, मिग-29 और अब राफेल लड़ाकू विमान को तैनात किया गया है. जो लगातार उड़ान भरकर चीन पर नजर बनाए हुए हैं. वायुसेना यहां दिन के अलावा रात में भी उड़ान भरकर चीन पर नजर रखती आई है.  लड़ाकू विमानों के अलावा अपाचे हेलिकॉप्टर और चिनूक हेलिकॉप्टर भी सामान पहुंचाने और अन्य सैन्य मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं. आपको बता दें कि चीन की ओर से सीमा पर हर रोज नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, ऐसे में भारत पूरी तरह से सतर्क है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते दिन संसद में बयान दिया था कि भारत बातचीत से मसले को सुलझाना चाहता है, लेकिन भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है और LAC में कोई भी बदलाव नहीं होने देगी. बता दें कि पिछले बीस दिनों में भारत ने लद्दाख सीमा की करीब आधा दर्जन से अधिक पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया है. 

पाकिस्तान में इन दिनों शिया मुसलमानों पर हमले क्यों बढ़ गए हैं?

फ़ारूक़ी की गिरफ़्तारी को लेकर पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर इमरान ख़ान सरकार की तीखी आलोचना होने लगी और उन्हें कुछ घंटों बाद छोड़ दिया गया था.

बिलाल सोशल मीडिया पर पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरता और सरकार की नाकामियों को लेकर मुखर रहते हैं.

18 सितंबर को उन्होंने दो ट्वीट किए और दोनों ट्वीट पाकिस्तान में शिया मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाने वाली रैलियों को लेकर हैं.

बिलाल ने अपने ट्वीट में इस्लामाबाद में शिया विरोधी रैली का एक वीडियो क्लिप पोस्ट करते हुए लिखा है, “जब नफ़रत बेचने वाले ये मुल्ला पाकिस्तान की राजधानी में शिया मुसलमानों के बहिष्कार के लिए रैली कर रहे हों तब मैं चुप नहीं बैठ सकता. इसके पहले एक और शिया विरोधी रैली हुई थी, जिसमें उन्हें काफ़िर कहा गया था. जो भी पाकिस्तानी मुल्क की चिंता करते हैं, उन सभी के लिए यह ख़तरनाक है. ऐसा लग रहा है कि जानबूझकर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है. इन रैलियों में जो संगठन शामिल हो रहे हैं वो गृह मंत्रालय की लिस्ट में प्रतिबंधित हैं. इसके बाद भी इन्हें इतनी छूट कैसे मिल रही है?”

शिया मुसलमानों के बहिष्कार की अपील

बिलाल ने ट्विटर पर जो वीडियो क्लिप पोस्ट किया है उसमें दिख रहा है एक बड़ी रैली है जिसमें मंच से शिया मुसलमानों के बहिष्कार की अपील की जा रही है.

वीडियो में धमकी भी दी जा रही है कि जो लोग शिया मुसलमानों के साथ मेलजोल रखेंगे उन्हें भुगतना होगा.

बिलाल के इस ट्वीट पर पाकिस्तान की नारीवादी एक्टिविस्ट इस्मत राज़ा शाहजहां ने लिखा है, “मेरा अनुमान है कि चीन-ईरान में 400 अरब डॉलर की डील और ईरान की पोर्ट सिटी बन्दार अब्बास को अहमियत देने से अमरीका-सऊदी के साथ खाड़ी के अन्य देश चिढ़े हुए हैं. पाकिस्तान में शियाओं के ख़िलाफ़ हालिया नफ़रत सेना प्रमुख जनरल बाजवा और आईएसआई प्रमुख के रियाद दौरे और विेदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के सऊदी को लेकर बयान के बाद शुरू हुआ है.”

इस्मत के अनुमान की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान की जानी-मानी राजनीति विज्ञानी आयशा सिद्दिक़ा ने लिखा है, “कई कारण हैं लेकिन 400 अरब डॉलर का समझौता एक छोटी वजह हो सकती है.”

ईशनिंदा का आरोप

शियाओं के ख़िलाफ़ ये रैलियां मुहर्रम के जुलूस के बाद से निकाली जा रही है. कट्टरपंथी सुन्नी संगठनों ने शियाओं पर ईशनिंदा का आरोप लगाया है और तब से उन्हें निशाने पर लिया जा रहा है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार 11 फ़रवरी को कराची की शिया विरोधी रैली में इस्लामिक जमिअत उलेमा-ए-इस्लाम के क़ारी उस्मान ने कहा था कि अब और ईशनिंदा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

इस रैली में शिया विरोधी समूह सिपाह-ए-सहाबा के लोग बैनर लिए खड़े थे. इस संगठन पर पिछले कई सालों में शियाओं के हत्या के आरोप हैं.

शिया मुसलमानों के ख़िलाफ़ नफ़रत और हिंसा को लेकर शुक्रवार की पाकिस्तान की सीनेट में भी आवाज़ उठी.

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) ने सरकार से आग्रह किया कि शियाओं के ख़िलाफ़ खुलेआम नफ़रत को बढ़ावा देने का चलन बहुत ही ख़तरनाक है और इसे रोका जाए.

सीनेट में पीपीपी की संसदीय नेता और सीनेटर शेरी रहमान ने कहा, “पाकिस्तान की कुल मुस्लिम आबादी में 20 फ़ीसदी शिया हैं. शियाओं पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं और यह मुल्क की स्थिरता के लिए ख़तरा है. ऐसे 20 मामले सामने आए हैं जिनमें शिया मुसलमानों को उनकी आस्था के कारण निशाना बनाया गया. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सरकार इसे लेकर चिंतित नहीं है.”

जिन्ना का पाकिस्तान’

शेरी रहमान ने सीनेट में कहा, “शिया मुसलानों के ख़िलाफ़ रैलियां की जा रही हैं. नफ़रत भरे नारे लगाए जा रहे हैं. यह बहुत ही संवेदनशील मामला है और इस पर तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत है. हमारे लोगों ने आतंकवाद को ख़त्म करने में बहुत कुर्बानियां दी हैं. यह जिन्ना का पाकिस्तान है. जिन्ना कहते थे कि आप मंदिर भी जा सकते और मस्जिद भी जा सकते हैं. आप चाहे किसी भी मज़हब के हों, सरकार इसके आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती है. सरकार को चाहिए कि शियाओं के बुनियादी हक़ों की रक्षा करे. शिया भी इसी मुल्क के नागरिक हैं.”

साउथ एशिया टेररिजम पोर्टल के अनुसार पाकिस्तान में 2001 से 2018 के बीच 4847 शिया मुसलमानों को मार दिया गया. कुछ रिपोर्ट में यह तादाद 10 हज़ार भी बताई जाती है.

सुन्नी व्याख्या वाला इस्लाम

द एक्सप्रेस ट्रिब्युन की रिपोर्ट के अनुसार इस साल मुहर्रम के बाद से शियाओं पर हमले बढ़ हैं. पिछले कुछ हफ़्तों में कराची में शियाओं को सबसे ज़्यादा निशाने पर लिया गया है.

13 फ़रवरी को कराची में दसियों हज़ार लोग कराची में शिया विरोधी रैली में शामिल हुए. समाचार एजेंसी एएफ़पी की तस्वीरों में भारी भीड़ दिख रही है और लोग मोहम्मद अली जिन्ना रोड के साथ सईद मंज़िल रोड पर शिया विरोधी नारे लगा रहे हैं. जो इस प्रदर्शन की अगुआई कर रहे थे उनमें सरकार से संबंधित रुयते हिलाल कमिटी के चेयरमैन मुनीब-उर-रहमान भी हैं. यही कमिटी ईद के चाँद की घोषणा करती है.

इसी साल जुलाई महीने में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की असेंबली ने तहफ़ुज़-ए-बुनियाद-ए-इस्लाम बिल पास किया था. इस बिल के अनुसार पाकिस्तान में सुन्नी व्याख्या वाला ही इस्लाम स्वीकार्य होगा. ज़ाहिर है शिया मुसलमानों से इस बिल का विरोध किया.

पंजाब असेंबली में इस बिल के ड्राफ़्ट को ज़्यादातर सदस्यों ने पढ़ा भी नहीं और पक्ष में वोट किया. केवल अगस्त महीने में ईशनिंदा के 42 मामले दर्ज हुए और ये ज़्यादातर शियाओं के ख़िलाफ़ थे. इसी महीने 3 साल के शिया बच्चे के ख़िलाफ़ ईशनिंदा का मामला दर्ज हुआ था.

ग्वालियर हाई कोर्ट की फटकार : आप कितने भी बड़े हों, पर कानून आपसे बड़ा है, जानिये किसे और क्यों कहा

ग्वालियर। । राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर दिया है। जिसमें रैलियों में कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन पर नेताओं को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि आप कितने भी बड़े हों, मगर कानून आपसे बड़ा है। हाई कोर्ट ने तीन वकीलों को न्याय मित्र भी बनाया है। जिनका काम राजनीतिक गतिविधि या अन्य किसी आयोजन में कोरोना गाइड लाइन की अवहेलना होने पर प्रिंसीपल रजिस्ट्रार के माध्यम से हाई कोर्ट को अवगत कराना है।

साथ ही कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को नोटिस भी जारी किए हैं। इसका जवाब 28 सितंबर तक प्रस्तुत करना है।

हाई कोर्ट की युगल पीठ ने शुक्रवार को राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की थी। इस मामले में अंतरिम आदेश जारी कर दिए गए हैं।

इसमें कोर्ट ने कहा है कि इसमें कोई विवाद नहीं है कि कोरोना की महामारी तेजी से फैल रही है। केन्द्र या राज्य ने कोरोना को लेकर गाइड लाइन भी जारी की है। याचिकाकर्ता के वकील ने कई फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए हैं। बिना समुचित साक्ष्य के इन फोटोग्राफ को कनेक्ट नहीं किया जा सकता है। यदि यह फोटोग्राफ अभी की राजनीतिक गतिविधियों के हैं तो राजनेता व प्रशासनिक अफसर जो भी हैं, वह गैर जिम्मेदाराना तरीके से काम कर रहे हैं। आम आदमी, राजनेता एवं राज्य के मुखिया को भी कानून का सम्मान करना आवश्यक है।

हाई कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि आगामी सुनवाई की दिनांक तक राजनीतिक व्यक्ति और प्रशासनिक अधिकारी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूर्ण रूप से पालन करेंगे। जिले के कलेक्टर इसका पालन सुनिश्चित कराएंगे।

वकीलों को बनाया न्याय मित्र

हाई कोर्ट ने तीन वकीलों को न्याय मित्र नियुक्त किया है। इसमें एड. संजय द्विवेदी, राजू शर्मा, वीडी शर्मा शामिल हैं। कोर्ट ने आदेश में कहा है कि न्याय मित्रों से अपेक्षा की जाती है कि वह किसी के भी द्वारा कोरोना गाइड लाइन की अवहेलना किए जाने पर प्रिंसीपल रजिस्ट्रार के माध्यम से हाई कोर्ट को अवगत कराएंगे। जिससे केस पर जल्दी सुनवाई हो सके।

सौंफ की चाय पीने के हैं हैरतअंगेज फायदे, घर पर आसानी से की जा सकती है तैयार

सौंफ की चाय पाचन तंत्र को ठीक रखने में मदद पहुंचाती है.

पाचन तंत्र ठीक रहने से सेहत को कई अन्य फायदे मिलते हैं.


आम तौर पर मुंह की बदबू खत्म करने के लिए सौंफ को चबाया जाता है. सौंफ को ब्लड प्रेशर काबू करने, आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने, वजन में कमी को बढ़ाने के अलावा भी इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं सौंफ से चाय भी तैयार होती है.

सौंफ से बनी चाय सेहत को हैरतअंगेज फायदे पहुंचाती है. ये पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मददगार होती है. सौंफ की चाय पीने से शरीर में मौजूद गैस भी बाहर निकलती है. पाचन को बढ़ाने के लिए सौंफ की चाय आसानी से घर पर तैयार की जा सकती है. इसके अलावा सौंफ की चाय पेट फूलने की समस्या भी हल कर सकती है. अगर आपका पाचन तंत्र कमजोर है तो सौंफ की चाय को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.

सौंफ की चाय पीने के अन्य फायदे

सौंफ की चाय वजन कम करने में मददगार साबित हो सकती है.

सांस की समस्या वाले लोगों को सौंफ की चाय मुफीद मानी जाती है.

गर्म सौंफ वाली चाय पीने से माहवारी की तकलीफ दूर होती है.

सौंफ की चाय पीकर ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है.

सौंफ की चाय कैसे तैयार की जाए?

दो कप पानी में एक या दो चम्मच सौंफ डाल कर उबालें. फिर उसमें पुदीने की चंद पत्तियों को शामिल करें. पुदीना युक्त पानी को दो-तीन मिनट तक आग पर गर्म करें. जब पानी में अच्छी तरह उबाल आ जाए तो स्वाद के लिए शहद मिला दें. आपकी गर्मागर्म सौंफ की चाय तैयार हो जाएगी.

मानसून सत्र का आठवां दिन: सभापति की कर्रवाई, हंगामा करने वाले सांसदों को एक हफ्ते के लिए किया निलंबित


संसद में मानसून सत्र का आज आठवां दिन है। राज्यसभा में आज विपक्षी सांसदों के हंगामे का मुद्दा उठा। सभापति ने हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की। उन्होंने हंगामा करने वाले सांसदों को एक हफ्ते के लिए सदन से निलंबित कर दिया है.

नई दिल्ली. संसद में मानसून सत्र का आज आठवां दिन है। राज्यसभा सभापति उप राष्ट्रपति वैकेया नायडू ने सदन की कार्यवाही हंगामा करने वाले 8 सांसदों को निलंबित कर दिया है। इन सांसदों में डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजू साटव, केके रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, सयद नाजिर हुसैन और इलामरन करीम के नाम शामिल हैं। इन्हें सदन की कार्यवाही से एक हफ्ते के लिए निलंबित किया गया है। इसके साथ ही उप-सभापति के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया था, जिसे अब खारिज कर दिया गया है। 

बता दें कि राज्यसभा में बीते दिन रविवार को कृषि से जुड़े दो विधेयकों के पास होने के दौरान विपक्ष के सांसदों ने हंगामा किया था। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने रूल बुक फाड़ दी थी। इतना ही नहीं विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी की और उपसभापति हरिवंश का माइक निकालने की कोशिश की थी।

Derek O Brien, Sanjay Singh, Raju Satav, KK Ragesh, Ripun Bora, Dola Sen, Syed Nazir Hussain and Elamaran Karim suspended for one week for unruly behaviour with the Chair: Rajya Sabha Chairman M Venkaiah Naidu pic.twitter.com/JUs9pjOXNu

— ANI (@ANI)

लोकसभा में बना नया रिकॉर्ड

संसद में रविवार को एक और नया रिकॉर्ड बना। लोकसभा में जनहित से जुड़े जरूरी मामलों पर बहस (मैटर्स ऑफ अर्जेंट पब्लिक इंपोर्टेंस) या जीरो आवर पहली बार आधी रात तक चली। कई सांसदों और लोकसभा सचिवालय से अधिकारियों ने बताया कि ’17 अप्रैल 1952 में लोकसभा के गठन के बाद पहली बार ऐसा हुआ है।’

लोकसभा की कार्यवाही रविवार को दोपहर बाद 3 बजे शुरू हुई थी। प्रश्नकाल (क्वेश्चन आवर) के बाद रात 10.30 बजे जीरो आवर शुरू हुआ, जो रात 12.34 बजे तक चला। जीरो आवर में बहस के लिए सांसदों को पहले से प्रश्न बताने की जरूरत नहीं होती।

सदन में हंगामा करने वाली घटना से खफा सभापति वैकेया नायडू

राज्यसभा के सभापति ने सदन में रविवार को हुई घटना पर कहा कि ‘राज्यसभा के लिए सबसे खराब दिन था। कुछ सांसदों ने पेपर को फेंका। माइक को तोड़ दिया। रूल बुक को फेंका गया। इस घटना से मैं बेहद दुखी हूं। उप-सभापति को धमकी दी गई। उनपर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।’

अनलॉक- 4 में आज से मिलेंगी ये रियायतें, पर्यटकों के लिए खुल जाएगा ताजमहल

अनलॉक- 4 में 7 सितंबर से जहां मेट्रो सेवा शुरू होने की छूट मिली थी तो वहीं अब आज से कुछ और रियायतें मिलने जा रही हैं. देश के कुछ राज्यों में जहां आज से स्कुल-कॉलेज खुलने जा रहे हैं तो वहीं 20 जोड़ी क्लोन ट्रेनें भी रेल यात्रियों की सुविधा के लिए पटरियों पर दौड़ना शुरू करने जा रही हैं.

नई दिल्ली

आज से अनलॉक- 4 में आपको मिलने लगेंगी कुछ और रियायतेंआज से तमाम तरह के कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे 100 लोगअब रेल यात्रियों की सुविधा के लिए पटरी पर उतरेंगी क्लोन ट्रेनें

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच देश तेजी से अनलॉक मोड में जा रहा है. फिलहाल अनलॉक- 4 चल रहा है. जिसके तहत तमाम तरह की गतिविधियों की छूट दे दी गई है. अनलॉक- 4 भी कई चरणों का रहा. एक सितंबर से लागू हुए अनलॉक- 4 में 7 सितंबर से जहां मेट्रो सेवा शुरू होने की छूट मिली थी तो वहीं अब आज से कुछ और रियायतें मिलने जा रही हैं.

देश के कुछ राज्यों में जहां आज से स्कुल-कॉलेज खुलने जा रहे हैं तो वहीं 20 जोड़ी क्लोन ट्रेनें भी रेल यात्रियों की सुविधा के लिए पटरियों पर दौड़ना शुरू करने जा रही हैं. इसी के साथ ही सबसे बड़ी राहत उन लोगों को मिलने वाली है जिसके यहां कोई कार्यक्रम आयोजित होने वाला होगा क्योंकि आज से तमाम तरह के कार्यक्रमों में लोगों के शामिल होने की सीमा बढ़ाकर 100 कर दी गई है.

अब इन कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे 100 लोग

केंद्र सरकार की तरफ से जारी की गई गाइडलाइन में कहा गया था कि सामाजिक/शैक्षणिक/खेल/मनोरंजन/सांस्कृतिक/धार्मिक/राजनीतिक समारोह और अन्य मंडली को 100 व्यक्तियों की अधिकतम क्षमता के साथ 21 सितंबर से अनुमति दी जाएगी. यानी अब किसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ज्यादा लोगों को अनुमति होगी. अभी तक यह अनुमति महज 50 लोगों की थी जिस वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा था.

आज से चलेंगी 20 जोड़ी क्लोन ट्रेनें

इंडियन रेलवे आज से कुछ खास रूट्स पर 20 जोड़ी क्लोन ट्रेनें चलाने जा रही है. रेल मंत्रालय के मुताबिक ये ट्रेनें श्रमिक स्पेशल और स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त होंगी. क्लोन ट्रेनें यूपी, बिहार, दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों के बीच चलेंगी. जिन स्टेशनों के लिए ज्यादा यात्री हैं, वहां ट्रेनों के फेरे बढ़ाने के लिए ये क्लोन ट्रेनें चलेंगी.

कुछ राज्यों स्कूल खुलने जा रहे हैं

21 सितंबर से देश के कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज खुलने जा रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्कूलों में बच्चों की हेल्थ को लेकर गाइडलाइंस की घोषणा कर दी है. केंद्र सरकार ने 9वीं से 12वीं क्लास तक के बच्चों के लिए 21 सितंबर से स्कूल-कॉलेज खोलने की अनुमति दी थी, लेकिन यूपी में कोरोना के हालात को देखते हुए फिलहाल ऐसा करने से रोक लगा दी गई है. लेकिन कुछ राज्यों में स्कूलों को खोलने की अनुमति शासन की तरफ से दी जा चुकी है.

बता दें कि केंद्र सरकार ने अनलॉक- 4 की गाइडलाइंस में कहा था कि कंटेनमेंट जोन को छोड़कर 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को स्कूल विजिट की अनुमति होगी. राज्य चाहें तो 50 प्रतिशत टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को स्कूल आने के लिए कह सकते हैं. अनलॉक- 4 की गाइडलाइन में यह भी कहा गया था कि अभिभावकों से लिखित अनुमति के बाद ही नौवीं से लेकर बारहवीं कक्षा तक के छात्र स्कूल जा सकेंगे.

आगरा किला और ताजमहल पर्यटकों के लिए खुलेंगे

आगरा का किला और ताजमहल सोमवार से पर्यटकों के लिए फिर से खुल जाएंगे. हालांकि एंट्री के दौरान पर्यटकों को मास्क के साथ सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य नियमों का पालन करना होगा. बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने ताजमहल को 17 मार्च से बंद कर दिया था. अब 21 सितंबर, सोमवार से ताजमहल को खोलने का निर्णय लिया गया है. यानी कुल 188 दिन बाद ताजमहल फिर से खोला जा रहा है.

छत्तीसगढ़ में एक हफ्ते का लॉकडाउन

छत्तीसगढ़ में लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है. सबसे अधिक मामले रायपुर से आ रहे हैं. इसी वजह से वहां एक बार फिर लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया गया है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई प्रमुख शहरों में एक बार फिर 21 सितंबर की रात 9:00 बजे से 28 सितंबर की रात 12:00 बजे तक पूर्ण लॉकडाउन रहेगा.

जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन ने रायपुर को पूर्ण कंटेंटमेंट जोन घोषित कर दिया है. लॉकडाउन के दौरान सिर्फ दूध, मेडिकल और पेट्रोल पंप को निर्धारित समय तक खोलने की अनुमति होगी.

अनलॉक- 4 में मिली थीं ये रियायतें

यहां आपको बता दें कि सरकार द्वारा अनलॉक- 4 को लेकर जो आदेश जारी हुआ था उसमें कहा गया था कि कंटेनमेंट जोने के बाहर सभी गतिविधियों की अनुमति होगी, लेकिन अभी सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थेयटर, इंटरनेशनल हवाई यात्रा पर पाबंदी रहेगी. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि व्यक्तियों और वस्तुओं के इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट मूवमेंट पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा. इस तरह के मूवमेंट के लिए कोई अलग से अनुमति/अनुमोदन/ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी.