भारी शोर शराबे के बीच राज्यसभा में हंगामे के बीच कृषि बिल पास

संसद के मानसून सत्र के सातवें दिन रविवार को कृषि बिल को लेकर राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। कई सांसद वेल में पहुंच गए। TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उपसभापति के सामने रूल बुक फाड़ी गई। चेयर के सामने लगा माइक तोड़ा गया। राज्यसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद भारी हंगामे के बीच कृषि से जुड़े दो बिल ध्वनि मत से पास हो गए। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित की गई।

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज राज्यसभा में कृषि से जुड़े विधेयकों को राज्यसभा में पेश किया। उन्होंने कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 प्रस्तुत किया। लोकसभा से दोनों बिल पहले ही पास हो चुके थे। कृषि बिल को लेकर राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। इस दौरान टीएमसी समेत कई विपक्षी पार्टियों के सांसद वेल में पहुंच गए। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने रूल बुक फाड़ी। उपसभापति के सामने का माइक तोड़ दिया गया। मतविभाजन की मांग और सदन की कार्यवाही टालने की मांग को नहीं मानने पर यह हंगामा हुआ। इसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित की गई। इसके बाद ध्वनि मत के जरिए वोटिंग की करवाई गई और कृषि संबंधी विधेयक पारित हो गए।

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कि क्या सरकार देश को आश्वस्त कर सकती है कि कृषि सुधार विधेयकों के पारित होने के बाद, किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी और कोई किसान आत्महत्या नहीं करेगा? उन्होंने कहा कि इन विधेयकों पर चर्चा के लिए एक विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए।

अकाली दल की चेतावनी:

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सांसद नरेश गुजराल ने बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग करते हुए कहा कि सभी हितधारकों की बातों को सुना जाना चाहिए। सरकार को किसानों को कमजोर नहीं समझना चाहिए।

कोरोना के बीच मध्यप्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में 6 महीने बाद स्कूल खुलेंगे, लेकिन 90% पेरेंट्स अब भी बच्चों को नहीं भेजना चाहते

अनलॉक-4 में केंद्र सरकार ने करीब 6 महीने बाद 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के स्कूल खोलने की इजाजत दी है। सरकार ने कहा कि बच्चे गाइडेंस के लिए 21 सितंबर से स्कूल जा सकते हैं। इसके बाद राज्य सरकारों को स्कूल खोलने पर फैसला लेना था, लेकिन अभी तक मध्यप्रदेश, राजस्थान और हरियाणा ही स्कूल खोलने को राजी हुए हैं। लेकिन, सर्वे में पता चला है कि 70% से 90% पैरेंट्स अब भी बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते।

स्कूलों और पैरेंट्स के मन की बात जानने के लिए 9 राज्यों से ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की है-मध्यप्रदेश : सरकारी और प्राइवेट स्कूल 21 सितंबर से आंशिक रूप से खुलेंगे। कक्षाएं नहीं लगाई जाएंगी। 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के पेरेंट्स की परमिशन से थोड़े समय के लिए स्कूल जा सकेंगे।

भोपाल में सागर पब्लिक स्कूल की चेयरमैन जयश्री कंवर ने कहा, “हम स्कूल खोलने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तय नहीं है कि 21 सितंबर से ही खोलेंगे। पहले पेरेंट्स की काउंसलिंग और ओरिएंटेशन करेंगे। इसके बाद उनकी सहमति लेंगे। यह पूरी तरह से पेरेंट्स पर निर्भर करेगा कि वे बच्चों को स्कूल भेजें या नहीं।”भोपाल के आईपीएस की प्रिंसिपल चित्रा अय्यर ने कहा कि हमारे यहां कोरोना से बचाव के अरेंजमेंट हो गए हैं, पूरी तैयारी है। पहले पेरेंट्स से एक सहमति पत्र भरवाया जाएगा। उसके बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाएंगे।इंदौर के एनी बेसेंट स्कूल के संचालक मोहित यादव ने बताया कि स्कूल खोलने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। ऑनलाइन क्लास अच्छी चल रही हैं, ऐसे में जिन बच्चों को कहीं कुछ समझ नहीं आ रहा है वे ही स्कूल आएंगे। यदि पेरेंट्स अपने बच्चों को भेजना चाहते हैं तो ये उनकी जिम्मेदारी होगी। उन्हें पहले हमें लिखित में अपनी सहमति देनी होगी।दो बच्चों की मां प्रेरणा शर्मा कहती हैं कि इतने महीने इंतजार किया है तो अब वैक्सीन लगने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजेंगे।

छत्तीसगढ़ : यहां पर स्कूलों में तैयारियां हो रही थीं, लेकिन इससे पहले ही शनिवार को रायपुर समेत 6 शहरों में लॉकडाउन लग गया। ऐसे में फिलहाल स्कूल खोलने की कोई गुंजाइश नहीं है। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में है।

रायपुर के बड़े स्कूल मौजूदा हालात में बच्चों को बुलाने के विरोध में हैं। ज्यादातर स्कूलों में 28 सितंबर तक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। वहीं स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि एग्जाम ऑनलाइन ही कराएंगे, लेकिन सरकार स्कूल खोल देगी तो परीक्षा के लिए छात्रों को बुला सकते हैं।डीपीएस के प्रिसिंपल रघुनाथ मुखर्जी कहते हैं कि इस बात की कोई गारंटी नहीं कि स्कूल में बच्चों को संक्रमण नहीं होगा। केपीएस की प्रिसिंपल प्रियंका त्रिपाठी का कहना है कि स्कूल खुले तो सरकार की गाइडलाइन के हिसाब से तैयारी की जाएगी।रायपुर में रहने वाली डॉली साहू का बेटा 11वीं में पढ़ता है। डॉली कहती हैं कि बेटे की जान जोखिम में नहीं डाल सकते। दो बेटियां के पिता पीयूष खरे कहते हैं कि वैक्सीन आने के बाद देखेंगे, अभी स्कूल भेजने का सवाल ही नहीं उठता।

राजस्थान: बच्चे सिर्फ पेरेंट्स की लिखित परमिशन से गाइडेंस के लिए स्कूल जा सकेंगे। केंद्र सरकार की एसओपी के बाद राज्य सरकार ने भी साफ निर्देश जारी कर दिए हैं।

जयपुर के सुबोध पब्लिक स्कूल के प्रवक्ता संजय सारस्वत का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षाओं के चलते स्कूल नहीं खोलने का फैसला लिया है। 5 अक्टूबर तक नई गाइडलाइन जारी होंगी। इसके बाद स्कूल खोलने पड़े तो पूरी तैयारी है। बच्चों को रोटेशन के आधार पर बुलाएंगे और एक क्लास में 12 से ज्यादा बच्चों को नहीं बैठाया जाएगा।अमेरिकन इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर अनिल शर्मा ने बताया कि 21 सितंबर से बच्चे स्कूल गाइडेंस के लिए खोले जाएंगे। इसे फिलहाल हम ट्रायल के तौर पर देख रहे हैं। रोजाना पांच सब्जेक्ट के टीचर की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों को सैनिटाइजेशन की ट्रेनिंग दी गई है। स्टूडेंट की थर्मल स्क्रीनिंग करने की ट्रेनिंग क्लास टीचर को दी गई है।निजी स्कूलों की सबसे बड़ी संस्था स्कूल शिक्षा परिवार के प्रदेश अध्यक्ष शर्मा के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में करीब 30 प्रतिशत पेरेंट्स चाहते हैं कि बच्चों को स्कूल भेजना चाहिए। वहीं, ग्रामीणों इलाकों में करीब 70 प्रतिशत पेरेंट्स अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार हैं।गुजरात: राज्य में 16 मार्च से स्कूल बंद है। इस बीच राज्य सरकार ने कहा है कि दिवाली तक स्कूल बंद रखे जाएंगे ​​​और आगे हालात को देखते हुए फैसला लिया जाएगा।

गुजरात में केंद्र की गाइडलाइन के बावजूद 21 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल भी नहीं खुलेंगे। राज्य के शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा ने कहा कि फिलहाल दिवाली तक स्कूल नहीं खुलेंगे, उसके बाद रिव्यू किया जाएगा।स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा स्थिति में स्कूलों पर भी खतरा है, इसलिए राज्य सरकार ने स्कूलों को खोलने का फैसला नहीं किया है। स्थिति में सुधार होने पर फैसला लिया जाएगा। तब तक ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी।

बिहार : स्कूल खोले जाने पर अभी न तो स्कूलों ने सहमति दी है और न ही पेरेंट्स तैयार हैं। कहा जा रहा है कि चुनाव और छठ पूजा के बाद सोचा जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से भी कोई साफ निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में सोमवार से स्कूल नहीं खुल रहे हैं।

पटना हाई स्कूल के प्रिंसिपल रवि रंजन ने कहा कि स्कूल खोलने को लेकर कोई निर्देश नहीं मिला है। ऑनलाइन क्लास के साथ एग्जाम भी ऑनलाइन हो रही हैं।कृष्णा निकेतन स्कूल के सचिव डॉ. कुमार अरुणोदय का कहना है कि प्रशासन को पहले स्कूलों और पेरेंट्स के साथ बैठक कर स्ट्रैटजी बनानी चाहिए, क्योंकि मामला बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है।9वीं क्लास की छात्रा सृष्टि के पिता विकास मेजरवार ने कहा कि जब हम ऑफिस में ही डरकर काम कर रहे हैं तो बच्चों को स्कूल कैसे भेज सकते हैं?झारखंड : यहां राज्य सरकार ने 30 सितंबर तक स्कूल नहीं खोलने का निर्देश दिया है। पैरेंट्स के साथ टीचर्स इस बात के पक्ष में नहीं हैं कि बच्चों को अभी स्कूल बुलाया जाए।

रांची के दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल राम सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। स्कूल में सैनिटाइजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड वॉश की व्यवस्था हो चुकी है। बहुत ज्यादा बच्चों के आने की संभावना नहीं है। फिर भी जो भी बच्चे डाउट क्लीयरिंग के लिए आएंगे उनके लिए सेपरेट क्लास रखी जाएगी।एक बच्चे की मां ने कहा कि अभी बच्चे को स्कूल नहीं भेजेंगी, क्योंकि ऑनलाइन स्टडी का सिस्टम इम्प्रूव हो गया है। जो समस्याएं थीं, वे दूर कर ली गई हैं।

हरियाणा: यहां 21 सिंतबर से स्कूल आंशिक तौर पर केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक खोले जाएंगे।

पानीपत के एसडी विद्या मंदिर की प्रिंसिपल सविता चौधरी ने बताया कि फिलहाल 22 सितंबर से 30 सितंबर तक उनके स्कूल में कंपार्टमेंट के एग्जाम हैं। हर दिन स्कूल सैनिटाइज हो रहा है। थर्मल स्कैनर से जांच हो रही है। अभी हाफ ईयरली एग्जाम भी बाकी हैं। इसके बाद हालात को देखते हुए स्कूल खोले जाएंगे।यहां के सरकारी और प्राइवेट विद्यालयों के टीचर्स के लिए आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना और कोविड टेस्ट करवाना भी जरूरी है।चंडीगढ़ : प्रशासन की तरफ से कराए गए सर्वे में सामने आया है कि 75% से ज्यादा पेरेंट्स बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। यहां स्कूल खोलने को लेकर कोई साफ निर्देश प्रशासन की तरफ से नहीं दिया गया है। ऐसे में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल सेक्टर-26 के डायरेक्टर अतुल खन्ना का कहना है कि सभी तैयारियां कर ली हैं। 75% पेरेंट्स बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते, इसलिए बाकी 25% के लिए प्लान तैयार कर रहे हैं। टीचर्स को भी सिर्फ तभी बुलाएंगे अगर उनकी जरूरत है। हाफ ईयरली एग्जाम नहीं ले रहे।विवेक हाई स्कूल सेक्टर-38 की प्रिंसिपल रेनु पुरी कहती हैं कि स्कूल खोलने को लेकर एक सर्वे किया था, जिसमें सामने आया कि 90% पैरेंट्स बच्चों नहीं भेजना चाहते। स्कूल में रोज सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। टीचर्स और स्टाफ तो ऑनलाइन सिस्टम से कंफर्टेबल हैं, हम अभी उन्हें नहीं बुलाएंगे।

उत्तर प्रदेश : केंद्र सरकार की गाइडलाइन पर योगी सरकार ने अभी तक कोई भी फैसला नहीं लिया। 15 सितंबर को बैठक होनी थी, वह भी नहीं हुई। राज्य के बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा है कि अभी कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, इसलिए स्कूल 21 सिंतबर से नहीं खोले जाएंगे।

लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के प्रबंधक जगदीश गांधी का कहना है कि अभी तक तो स्कूल में सभी क्लासेस ऑनलाइन चल रही हैं। हमारे सभी स्कूल की ब्रांच में कोविड-19 को लेकर तैयारियां पूरी की गई हैं। ऑनलाइन टेस्ट और पढ़ाई जारी है।पेरेंट्स से अभी कोई बातचीत नहीं हुई है। ऑनलाइन ही क्लास और टेस्ट लिए जा रहे हैं। हाफ ईयरली एग्जाम भी ऑनलाइन ही कराए जाएंगे।सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के प्रवक्ता ऋषि कपूर बताते हैं कि फिलहाल स्कूल खोलने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। सभी टीचर्स को ऑनलाइन पढ़ाई कराने के संबंध में गाइडलाइन और मोबाइल ऐप्स की जानकारियां दी गई हैं। टीचर और बाकी स्टाफ वर्क फ्रॉम होम हैं।महाराष्ट्र: राज्य में 30 सितंबर तक सभी स्कूल बंद रहेंगे। अनलॉक-5 यानी 1 अक्टूबर के बाद राज्य सरकार तय करेगी। पैरेंट्स के रिएक्शन जानने के लिए सर्वे भी कराए जा रहे हैं।

मुंबई, पुणे समेत देश के 14 शहरों में चलने वाले ‘विबग्योर ग्रुप ऑफ स्कूल्स’ के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर पेशवा आचार्य ने बताया कि स्कूलों को फिर से खोलने का रोडमैप और एसओपी तैयारी कर ली गई है। हालांकि, ज्यादातर पेरेंट्स चाहते हैं कि जब तक कोरोना की दवा बाजार में नहीं आ जाती तब तक पढ़ाई ऑनलाइन ही होनी चाहिए।आचार्य ने बताया कि ज्यादातर पेरेंट्स स्कूल की तरफ से शुरू किए गए ‘वर्चुअल लर्निंग सिस्टम’ से संतुष्ट हैं। हम कक्षा 1 से 8वीं तक का इन्फॉर्मल रिव्यू कर रहे हैं। 9 से 12वीं तक ऑनलाइन एग्जाम करवा रहे हैं। ( सौजन्य से एजेंसी)

लद्दाख में बीमार पड़ने लगे चीनी सैनिक, अस्पताल में कराए जा रहे भर्ती

नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को लेकर भारत और चीन में तनाव बरकार है। ऐसे में मौसम बदल रहा है। इसी बीच में खबर आई है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) यानी चीनी सेना के जवानों की तबीयत वहां बिगड़ने लगी है। बता दें कि दोनों देशों के जवान जहां तैनात हैं वहां अभी से मौसम सर्द होने लगा है और यहां तापमान माइनस 50 डिग्री तक चला जाता है।

मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि, इस पूरे मामले से वाकिफ़ एक सैन्य अफसर ने बताया कि चीनी मेडिकल टीम ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के कुछ सैनिकों को पैंगोंग त्सो (Pangong Tso) झील के उत्तरी तट पर फिंगर एरिया के पास ऊंचे मैदान में बने अस्पताल में भर्ती कराया। नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि चीनी सेना के जवानों को हाई ऐल्टिट्यूड (ज्यादा ऊंचाई वाली जगह) से जुड़ी स्वास्थ्य दिक्कतों के कारण तीन दिनों के दौरान फिंगर 4 से फिंगर 6 पर मौजूद एक अस्पताल ले गए।

फिंगर एरिया, पैंगोंग झील को देखने वाली सिरिजाप रेंज के बाहर आठ चट्टानों का एक समूह है। यह जगह दोनों देशों की सेनाओं के गतिरोध की जगह में से एक है। यहां दोनों सेनाओं ने अपने फॉरवर्ड पोस्ट्स पर लगभग 1 लाख सैनिकों को तैनात किया है. चीनी सैनिकों से भारतीय सैनिक बमुश्किल कुछ सौ मीटर की दूरी पर हैं, जो फ़िंगर 4 की रिगलाइन पर स्थित हैं।

गौरतलब है कि पूर्वी लद्दाख में कड़ाके की सर्दी का मौसम आ रहा हैय़ जहां भारतीय और चीनी सैनिक हाई ऐल्टिटूड पर हैं। दोनों सेनाओं को इस चुनौती का सामना करना पड़ेगा, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हाई ऐल्टिटूड वाली बीमारियों के चलते कैजुअलिटी कम रहे।

16,000 से 17,000 फीट की ऊंचाई पर मौसम भारतीय और चीनी सैनिकों में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें पैदा कर सकती है। अभी तो कड़ाके की ठंड नहीं आई। आने वाले हफ्ते और महीनों में परिस्थितियां केवल बदतर होंगी। रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पूर्वी लद्दाख सेक्टर में काबिज भारतीय सैनिकों को हाई ऐल्टिट्यूड पर तैनात किए जाने के लिए आवश्यक एक्लाइमेटाइजेशन यानी तैयारी से गुजरना पड़ता है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।

भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के पिता का कोरोना से निधन

ग्वालियर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा के पिता अमर सिंह का शनिवार देर रात ग्वालियर में कोरोना से निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे। संक्रमण के चलते उनका जयारोग्य के कोविड हॉस्पिटल सुपर स्पेशियलिटी में इलाज चल रहा था। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने ट्वीट कर प्रदेश अध्यक्ष के पिता के निधन की सूचना दी है। उन्होंने बताया कि वीडी शर्मा रात में ही भोपाल से ग्वालियर के लिए रवाना हो गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने ट्वीट कर शोक संवेदनाएं जताई हैं। अंतिम संस्कार रविवार को ग्वालियर में ही होगा। वे मूलत: मुरैना के सुरजनपुर के रहने वाले थे। मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ने लोगों से अपील की है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए अंत्येष्टि में शामिल न हो। सभी की शोक- संवेदनाएं सहज स्वीकार हैं। उल्लेखनीय है कि वीडी शर्मा 4 दिन पूर्व पिता के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए ग्वालियर आए थे।

अपना अकेलापन ऑनलाइन डेटिंग वाली साइट से गर्लफ्रैंड ढूंढ कर दूर करोगे तो ऐसे फंसोगे

*लेेख

अगर आप डेटिंग ऐप टिंडर पर चैट करके किसी युवती से दोस्ती करना चाहते हैं, तो सावधान रहें। आप किसी भी समय एक बड़े जाल में फंस सकते हैं। युवा महिलाओं के साथ दोस्ती की लालसा रखने वाले युवा पुरुषों के लिए चेतावनी जैसा एक मामला सामने आया है। दरअसल मनी एक्सचेंज के मालिक को एक हनीट्रैप में फंसाकर उससे 20 लाख रुपए लूट लिए गए। 10 दिन पहले ही टिंडर ऐप के संपर्क में आई लड़की से मिलने गए मनी एक्सचेंज के मालिक को लड़की गोटा के एक फ्लैट में ले जाकर उसे फंसा लिया।

सैटेलाइट के अंबली बोपल रोड पर रहने वाले और सीजी रोड पर एक मुद्रा विनिमय कार्यालय के मालिक मयूर (नाम बदल दिया गया है), अपने तलाक के बाद पत्नी के बिना जीवन जी रहा था। फिर उसने किसी के साथ रहने के लिए टिंडर ऐप डाउनलोड किया। मयूर का परिचय जाह्नवी नामक एक युवती से हुआ। सैटेलाइट क्षेत्र में SG हाइवे पर जाह्नवी और मयूर 9 तारीख की रात को मिले और दोनों अगले दिन फिर से मिले, जहाँ उसे एकांत जगह पर जाने के लिए कहा फिर जहाँ जाह्नवी मयूर को गोटा के एक फ्लैट में ले गई।

मयूर को फ्लैट में ले जाने के बाद जाह्नवी ने अचानक अपने कपड़े उतार दिए। इस बीच अचानक तीन युवकों ने फ्लैट में आकर तोडफ़ोड़ शुरू कर दी  और पुलिस को बुलाने की बात कहते हुए उसके साथ मारपीट की। तीन में से दो युवकों ने जाह्नवी को बाहर निकाल लिया, जबकि एक युवक ने मयूर को खुद की पहचान युवराज सिंह के रूप में देते हुए और कहा कि वह गोटा थाने में एक पुलिसकर्मी के रूप में काम करता है। इसी बीच पुलिस की वर्दी पहने एक युवक आया और उसके पैरों के तलवों में चाकू घोंप दिया।

युवराज सिंह ने पुलिस की वर्दी में आएयु वक को बाहर भेजा और मयूर से कहा कि अगर उसे इस मामले से बचना हो तो उसे 50 लाख रुपये देने होंगे वरना एक तो लड़की वाले उसे मार देंगे और पुलिस भी उसे ही अंदर करेगी। आखिरकार मयूर ने 20 लाख में बात तय की और फिर अपने दोस्त को फोन किया और 20 लाख रुपये मंगाए। पैसे मिलने के बाद आरोपी ने कार की चाबी और मोबाइल सौंप दिया और मयूर को जाने दिया। इस घटना के बाद मयूर मानसिक रूप से परेशान हो गया और उसे हाइपोग्लाइसीमिया का हमला हुआऔर उसके दोस्त उससे मिलने के लिए शुक्रवार सुबह घर पहुंचे। मयूर ने अपने साथ हुई घटना के बारे में दोस्तों को बताया तो दोस्तों ने मामले की जांच शुरू की।

मयूर और उसके दोस्तों को सूचित किया गया था कि नकली पुलिस को आनंदनगर में दबोचा गया था। जब वे वहां पहुंचे तो मयूर ने युवक की पहचान नकली पुलिस वाले के रूप में की। आनंदनगर पुलिस ने एक टिप्पर में समीर नूरुद्दीन चारणिया को पुलिस की पोशाक पहने हुए कार में बैठाया। जिसने मयूर को अपनी पहचान युवराज सिंह के रूप में दी। मयूर ने पुलिस को इस घटना के बारे में बताने के बाद, उपग्रह पुलिस ने आरोपी समीर, जाह्नवी और आशिक देसाई के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि समीर सागरत ही वह गिरोह है, जिसने व्यापारियों को हनीट्रैप में फंसाकर लूटा था। मयूर की तरह, गिरोह को पुलिस द्वारा कई लोगों को हनीट्रैप में फंसाने का संदेह है।

28 सितंबर से शुरू होगा कौन बनेगा करोड़पति

कौन बनेगा करोड़पति का प्रीमियर 28 सितंबर को होने जा रहा है. शो का प्रोमो रिलीज कर दिया गया है. शो सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे आएगा. शो का प्रोमो सोनी टीवी ने शेयर किया है.

नई दिल्ली

मेगास्टार अमिताभ बच्चन दो दशक से शो कौन बनेगा करोड़पति का हिस्सा हैं. हर बार शो को फैंस का खूब प्यार मिलता है. शो टीआरपी लिस्ट में भी टॉप पर रहता है. अब शो का 12 वां सीजन जल्द ही आने वाला है. शो कब से टेलीकास्ट होगा इसकी ऑफिशियल अनाउंसमेंट कर दी गई है. 

28 सितंबर से शुरू होगा कौन बनेगा करोड़पति

कौन बनेगा करोड़पति का प्रीमियर 28 सितंबर को होने जा रहा है. शो का प्रोमो रिलीज कर दिया गया है. शो सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे आएगा. शो का प्रोमो सोनी टीवी ने शेयर किया है. प्रोमो शेयर करते हुए लिखा- आदर, आदाब, अभिनंदन, आभार, केबीसी 12 शुरू हो रहा 28 सितंबर से सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे.  प्रोमो वीडियो में अमिताभ बच्चन जोश से भरपूर नजर आ रहे हैं.  

बता दें कि अमिताभ बच्चन इन दिनों शो की शूटिंग में बिजी हैं. वो सेट से लगातार फोटोज शेयर कर रहे हैं. साथ ही बता रहे हैं कि सेट पर किस तरह से काम किया जा रहा है. सेफ्टी प्रीकॉशन्स लिए जा रहे हैं. 

मालूम हो कि कौन बनेगा करोड़पति का रजिस्ट्रेशन और ऑड‍िशन लॉकडाउन के दौरान ही हो गया था. कोरोना वायरस के कारण इस बार सब कुछ ऑनलाइन हुआ.  

हाल ही में अमिताभ ने केबीसी के स्पेशल ‘करमवीर’ एप‍िसोड की शूट‍िंग से तस्वीर शेयर की थी. अमिताभ ने इस स्पेशल एपिसोड को शूट करने के साथ-साथ अपने अनुभव भी साझा किए. उन्होंने लिखा- ‘विचार करने के लिए…रात के अंधेरे में…वे जो सह रहे हैं…सफलता हास‍िल करते हैं और देखभाल चाहते हैं…मानवता उद्धार करती है’. वहीं उन्होंने अपने ब्लॉग में इस एपिसोड के बारे में भी विचार साझा किए हैं. वे लिखते हैं- ‘केबीसी करमवीर सेट पर भावनाएं बहुत तेज होती हैं. नागरिकों की परवाह, उनके लिए मेहनत…सच्चाई…वो नाजुक और हिला देने वाला…दुर्दशा की दृष्ट‍ि…लोगों तक पहुंचने के लिए…उनकी श‍िक्षा सीमित और संकटपूर्ण पर‍िस्थ‍ितियों में मौजूद है’. 

उम्र थी 72 साल महिला के साथ बनाता था हाथ बांधकर अवैध संबंध हो गई मौत.

देहरादून में 72 साल के एक बुजुर्ग की महिला के साथ संबंध बनाने के दौरान मौत हो गई. बढ़ती उम्र के बावजूद बुजुर्ग के कई महिलाओं से अनैतिक संबंध (Illicit Relation) थे.

पुलिस ने बुजुर्ग की देखभाल करने वाली महिला को गिरफ्तार कर मामले से पर्दा हटाया

देहरादून. उत्तराखंड के देहरादून के कोतवाली क्षेत्र में हुई बुजुर्ग व्यक्ति की हत्या (Murder) का पुलिस (Police) ने खुलासा करने का दावा किया. लेकिन इस खुलासे में जो तथ्य सामने आए हैं वो हैरान करने वाले हैं. पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग की मौत महिला के साथ संबंध बनाने के दौरान ही हो गई. मृतक बढ़ती उम्र के बावजूद रंगीन मिजाज का था.

दरअसल पुलिस को गत शुक्रवार को सूचना मिली थी कि देहरादून के सहारनपुर चौक के पास 72 साल का बुजुर्ग अपने घर में मृत अवस्था में पड़ा है. इस सूचना पर पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ घटना पर पहुंची. और मामले की छानबीन की. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ नहीं हो पाया कि मौत कैसे हुई.

ऐसे हुआ खुलासा 

लेकिन पुलिस ने घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मृतक  की परिचित महिला से पूछताछ की, तो चौंकाने वाले राज सामने आ गये. यह महिला बुजुर्ग की कई सालों से देखभाल करती आ रही थी.

महिला ने पुलिस को जानकारी दी कि मृतक के साथ उसके अनैतिक संबंध थे. मृतक संभोग का आदी था. महिला ने बताया कि मौत से ठीक एक दिन पहले दोनों ने संबंध बनाये. इस दौरान मृतक ने महिला का हाथ बांधकर संबंध बनाने की इच्छा जताई. लेकिन संबध बनाने के दौरान ही वह बेहोश हो गया.

महिला के मुताबिक मृतक अक्सर संबंध बनाने के दौरान उसका हाथ बंधवाता था. लेकिन वह यह नहीं जानती था कि मृतक का यह अजीब शौक उसकी जान पर भारी पड़ जाएगा.

पुलिस की अबतक जांच में यह साफ हुआ है कि महिला से संबंध बनाने के दौरान ही बुजुर्ग की मौत हो गई. हालांकि पुलिस अन्य बिन्दुओं पर भी बारीकी से जांच कर रही है.

वधु ने बताया कि बजुर्ग की कई महिलाओं के साथ अनैतिक संबंध थे. इसी के चलते उनकी हत्या हुई है. पुलिस की जांच में संबंध बनाने के दौरान हार्टअटैक होने से मौत का खुलासा हुआ है.

नाथ की ग्वालियर एंट्री से सिंधिया समर्थक हुये मायुस.


ग्वालियर ग्वालियर में कमलनाथ के भारीभरकम स्वागत से जहां कांग्रेस के कार्यकर्तीओं में जोश है वहीं महाराज के समर्थक फिलहाल तो रेस में पीछे खिसक गये हैं वहीं सूत्रों से खबर मिली है नाथ के इस प्रदर्शन से भाजपा के पूर्व कद्दावर नेताओं के खेमे में संतोष की लहर है क्योंकि सिंधिया भाजपा ने तो उनके अस्तित्व पर ही ग्रहण लगा दिया है. मध्यप्रदेश में उपचुनाव को लेकर राजनीतिक जंग जारी है.कल पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीसीसी चीफ कमलनाथ ग्वालियर पहुंचे. ग्वालियर वह क्षेत्र है जहां पर पूर्व से ही सिंधिया परिवार का कब्जा रहा है. पर अब ज्योतिरादित्य सिंधिया के मैदान में कमलनाथ ने एंट्री ले ली है. ग्वालियर चंबल ज्योतिरादित्य सिंधिया का गृह क्षेत्र है. और इस उपचुनाव में सबसे ज्यादा सीट ग्वालियर चंबल क्षेत्र से हैं. यहां पर 16 सीटें है जिस पर उपचुनाव होने हैं. दोनों ही पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत चुनाव प्रचार प्रसार के दौरान छूट दी है.

 इसी बीच कमलनाथ ने अपना मास्टर स्ट्रोक दिखाया है. कमलनाथ में राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से आग्रह किया है कि वह चुनाव के दौरान मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रचार प्रसार करें

 जिसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने सहमति जता दी है. सचिन पायलट ने कहा है कि कांग्रेस का सिपाही होने के नाते पार्टी के लिए जो भी बन पड़ेगा वह सब कुछ करेंगे.. अब सचिन पायलट के चुनावी जंग में उतरने के बाद सिंधिया समर्थक लोगों को भारी मुश्किलों का सामना उठाना पड़ सकता है. कांग्रेस ने अपने 15 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है जल्द ही दूसरी सूची भी जारी की जाएगी.  वहीं इस कोरोना महामारी के बीच दोनों ही पार्टी अपने अपने राजनैतिक कार्यक्रम में व्यस्त हैं.

ग्वालियर में दौरे ना करने को लेकर पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि  मैंने कभी ग्वालियर-चम्बल के विकास और राजनीति में दखल नहीं दिया.पहले माधवराव और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया यहां राजनीति कर रहे हैं, अगर मैं यहां आता तो उन्हें दिक्कत होती. इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ने यह बात भी कही की मुझे दुख है कि ग्वालियर की जनता ने उन्हें नहीं पहचाना, अन्य शहरों की तुलना में ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र का विकास नहीं हो सका, अब यहां के विकास पर मेरा फोकस है… 

जनता भी अब ऐसे फैंसले लेने लगी है परिणाम चमत्कारिक आते हैं जिसके बारे में कोई सोच नहीं सकता है.

अभी तो शिवराज का सिंहासन हिलता नजर आ रहा है.  हां हो सकता है वह चुनाव में वही हथकंडे आजमायें जो उनकी मंत्री इमरती देवी ने सार्वजनिक मंच से बोला है.
अगर सचिन पॉयलट मोर्चा संभालते हैं तो निश्चित ही महाराज खेमे की मुशकिलें बढ़ेंगी.

मूंगफली है सेहत के लिये लाभदायक देशी बादाम मिनरल्स का खजाना.

आजकल, जहां देखो वहां की दुकानों और दुकानों पर मूंगफली बहुत हैं। और सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है और इस मौसम में मूंगफली खाने का अपना अलग ही मजा है। और साथ बैठकर खाना बहुत ही आनंददायक है। मूंगफली स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसे सस्ता बादाम भी कहा जाता है। क्योंकि इसमें लगभग सभी सामग्रियां होती हैं जो बादाम में होती हैं लेकिन सस्ती कीमत पर।

मूंगफली में स्वस्थ खजाना छिपा होता है, इसके नियमित सेवन से कब्ज दूर होती है। यह पाचन तंत्र को बेहतर रखने में भी सहायक है, साथ ही इसके सेवन से गैस और एसिडिटी की समस्या से राहत मिलती है, और पेट के कैंसर की संभावना को भी कम करता है।

मूंगफली खांसी को रोकने में भी उपयोगी है। इसके नियमित सेवन से फेफड़े मजबूत होते हैं। पाचन शक्ति बढ़ाता है और भूख न लगने की समस्या को भी कम करता है। इसलिए ध्यान रखें कि मूंगफली के दाने पर लाल झिल्ली नहीं खानी चाहिए और मूंगफली खाने के आधे घंटे बाद पानी नहीं पीना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार मूंगफली फेफड़ों के कैंसर को रोकने में भी मदद करती है।