दक्षिण एशिया में चीन को घेरने के लिए भारत के साथ आया ये देश, बनाई नई रणनीति

नई दिल्ली: दक्षिण एशिया में चीन (China) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भारत (India) एक नई रणनीति पर काम कर रहा है. भारत और जापान (India and Japan) ड्रैगन से मुकाबले के लिए तीसरे देशों को साथ लाने की संभावनाओं को तलाश रहे हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) ने गुरुवार को कहा कि हम तीसरे देशों से साझेदारी के व्यावहारिक पहलुओं पर विचार कर रहे हैं.

इंडस्ट्री चैंबर फिक्की (FICCI) की ओर से आयोजित वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और जापान के पास रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र (Russian far east) एवं प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों (Pacific Island Countries) में साथ काम करने का अवसर है. उन्होंने आगे कहा कि हमें हमें उन क्षेत्रों को देखना होगा जहां हम मिलकर काम कर सकते हैं. पहला विकल्प है: रूस के सुदूर पूर्व में आर्थिक सहयोग की संभावना, क्योंकि भारत ने वहां की आर्थिक परियोजनाओं में भागीदारी को लेकर दिलचस्पी दिखाई है. दूसरा विकल्प है: प्रशांत महासागर के द्वीपीय देश, जहां भारत ने अपनी विकास साझेदारी और राजनीतिक पहुंच को बढ़ाया है.

पहुंच मजबूत कर रहा भारत

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) वार्षिक भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए पिछले साल व्लादिवोस्तोक (Vladivostok) गए थे. इस दौरान उन्होंने रूसी सुदूर पूर्व क्षेत्र में विकास परियोजनाओं के लिए 1 अरब डॉलर डालर के लाइन ऑफ क्रेडिट की घोषणा की थी. नई दिल्ली इंडिया-पैसिफिक आइलैंड कोऑपरेशन या FIPIC जैसे फोरम के माध्यम से प्रशांत द्वीप के देशों तक अपनी पहुंच को मजबूत करने में लगा है. इस फोरम में भारत सहित 14 प्रशांत द्वीप देश हैं.  

श्रीलंका में चल रहीं संयुक्त परियोजनाएं
बुनियादी ढांचे और परियोजना विकास के लिए दोनों देशों की पहले से तीसरे देशों की संभावना पर काम कर रहे हैं. श्रीलंका में संयुक्त परियोजनाएं चल रही हैं, और भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि हम यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या बांग्लादेश और म्यांमार को इसी तरह साथ लाया जा सकता है. भारत और जापान ‘एक्ट ईस्ट फोरम’ के माध्यम से साझेदारी को आगे बढ़ा रहे हैं. जिसकी अध्यक्षता भारत के विदेश सचिव और दिल्ली में जापानी राजदूत करते हैं.  

मजबूत हो रहे संबंध

जयशंकर ने जापान को भारत का सबसे भरोसेमंद साथी और एशिया में आधुनिकीकरण का प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि मारुति क्रांति, मेट्रो क्रांति और बुलेट क्रांति जापान के इतिहास और उसकी क्षमता के चलते ही सफल संभव हो सकी. पूर्व जापानी प्रधानमंत्री आबे शिंजो और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आपसी संवाद और रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिशों के चलते ही दोनों देश इतने करीब आ पाए हैं. विदेशमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के संबंध बेहद मजबूत हैं और लगातार मजबूत होते जा रहे हैं. क्षेत्रीय एवं वैश्विक रणनीतिक मुद्दों के प्रति हमारी सोच बहुत मिलती-जुलती है.

सीएम योगी का बड़ा एलान, कहा- ”हम बनाएंगे देश की सबसे खूबसूरत फिल्म सिटी…”

लखनऊ: बॉलीवुड में ड्रग एंगल पर भारतव्यापी चर्चा और महाराष्ट्र में मचे बवाल के दौरान उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा की है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने बोला है कि यूपी में देश की सबसे खूबसूरत फिल्म सिटी बनेगी. जिसके लिए सीएम ने अधिकारियों को कार्ययोजना शुरू करने के निर्देश भी दे दिए हैं. जानकारी के अनुसार यूपी की नई फिल्म सिटी नोएडा या ग्रेटर नोएडा में बनने वाली है.

सीएम  ने दावा किया है कि देश की सबसे सुंदर फिल्म सिटी हम बनाएंगे. सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बोला, “वर्तमान परिस्थितियों में देश को एक अच्छी फिल्म सिटी की जरुरत है. उत्तर प्रदेश यह जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार है. हम एक उम्दा फिल्म सिटी तैयार करने वाले है.” सीएम ने आगे बोला, “फिल्म सिटी के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे का क्षेत्र अच्छा बनाया जाएगा. यह फिल्म सिटी फिल्म निर्माताओं को एक बेहतर विकल्प उपलब्ध  कराने वाली है. इसके साथ ही, रोजगार सृजन की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी कोशिश होगी. इस दिशा में भूमि के विकल्पों के साथ यथाशीघ्र कार्ययोजना तैयार की जाने वाली है.”

जिसके दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें. बता दें कि सीएम ने ये बातें उस समय कहीं जब वे मेरठ मंडल (मेरठ, हापुड़, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर जनपद) के विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे.  जंहा इस बात का पता चला है कि यूपी में फिल्म सिटी की मांग बहुत लंबे वक़्त से उठती रही है. यूपी के कई फिल्म कलाकारों से लेकर तमाम लोगों द्वारा वक़्त-वक़्त पर यूपी में फिल्म सिटी बनवाने की बात कही जाती रही है. जिसे अब मूर्तरूप देने का निर्णय योगी आदित्यनाथ ने किया है.

बंगाल-केरल से अलकायदा के 9 आतंकी पकड़ाए, इन्हें पाकिस्तानी दहशतगर्दाें ने बनाया कट्‌टरपंथी; कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल और केरल में छापे मारकर अलकायदा के नौ आतंकियों को गिरफ्तार किया। इनमें से छह आतंकी मुर्शिदाबाद से और तीन एर्नाकुलम से पकड़ाए हैं। इन्हें दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में धमाके करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन लोगों को सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित अलकायदा आतंकवादियों ने कट्टरपंथी बनाया था। गिरफ्तार किए गए आतंकियों में से लियु ईन अहमद, अबु सूफियान, नजमुक शाकिब, मैनुल मंडल, अल मैमुन कमाल और अतीतुर रहमान पश्चिम बंगाल से हैं, जबकि मोसारफ हुसैन, याकूब बिस्वास और मुर्शीद हसन केरल के एर्नाकुलम से हैं।

एनआईए के मुताबिक, उन्हें देश के कई हिस्सों में अलकायदा के मॉड्यूल के एक्टिव होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने 11 सितंबर को केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

हथियार, विस्फोटक और कवच भी मिले

यह गिरोह पैसे जुटाने में लगा था। गिरोह के कुछ सदस्य हथियार और गोला-बारूद खरीदने के लिए दिल्ली जाने वाले थे। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज, जिहादी साहित्य, धारदार हथियार, फायर आर्म्स, घर में ही बने कवच और एक्सप्लोसिव डिवाइस जब्त की गई हैं।

यूएन की रिपोर्ट में भारत को आगाह किया गया था

आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र ने दो महीने पहले एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें आगाह किया गया था कि केरल और कर्नाटक में बड़ी संख्या में आईएस आतंकी हो सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) आतंकवादी संगठन हमले की साजिश रच रहा है। एक्यूआईएस का मौजूदा सरगना ओसामा महमूद है, जिसने मारे गए आसिम उमर की जगह ली है। वह उमर की मौत का बदला लेने के लिए क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की साजिश रच रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया था- अलकायदा के 200 आतंकी हो सकते हैं

रिपोर्ट में आईएस के एक मददगार देश ने बताया था कि भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा के 180 से 200 आतंकी हैं। ये भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार से हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा आईएस का सहयोगी है।

आईएस ने भारत में नया प्रांत बनाने का दावा किया था

आईएस ने 10 मई 2019 को अपनी न्यूज एजेंसी अमाक के हवाले से दावा किया था कि वह भारत में एक नया प्रांत ‘विलायाह ऑफ हिंद’ स्थापित करने में कामयाब हो गया है। यह दावा कश्मीर में एक एनकाउंटर के बाद किया गया था। इस मुठभेड़ में सोफी नाम का आतंकी मारा गया था। जिसका संबंध इसी संगठन से था। वह करीब 10 साल से भी अधिक समय से कश्मीर में कई आतंकी संगठनों के साथ काम कर रहा था। बाद में वह आईएस में शामिल हो गया था।

Paytm, गूगल प्ले स्टोर पर वापिस लौटा

पॉप्युलर पेमेंट ऐप्स में शामिल Paytm को गूगल ने प्ले स्टोर से हटा दिया था, जिसके बाद कंपनी ने खुद ट्वीट कर यूजर्स के कहा कि उनके पैसे सुरक्षित हैं और जल्द ही ऐप प्ले स्टोर पर लौट आएगा। अच्छी खबर है कि हटाए जाने के कुछ घंटे बाद ही Paytm प्ले स्टोर पर वापस भी आ गया। माना जा रहा है कि ऐप को नियमों का उल्लंघन करने के चलते हटाया गया था।

नई दिल्ली
पॉप्युलर पेमेंट ऐप Paytm गूगल प्ले स्टोर पर वापस लौट आया है और यूजर्स इसे डाउनलोड कर सकते हैं। बीते शुक्रवार को गूगल ने यह ऐप प्ले स्टोर से हटा दिया था, हालांकि इसकी वजह तब सामने नहीं आई थी। Techcrunch की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल प्ले स्टोर से Paytm ऐप को हटाने का फैसला सर्च इंजन कंपनी ने ‘बार-बार नियमों का उल्लंघन किए जाने’ के चलते लिया। अच्छी बात यह है कि ऐप अब स्टोर पर वापस लौट आया है।

गूगल ने Paytm ऐप के बारे में कुछ नहीं कहा लेकिन कंपनी की ओर से हाल ही में सट्टेबाजी (गैंबलिंग) से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने से पर एक अपडेटेड ब्लॉग पोस्ट शेयर किया गया है। ऐंड्रॉयड सिक्यॉरिटी और प्रिवेसी, प्रॉडक्ट के वाइस प्रेजिडेंट सुजेन फ्रे ने इस बारे में लिखा, ‘हम ऑनलाइन कसीनो की अनुमति नहीं देते या किसी भी ऐसे ऐप को सपॉर्ट नहीं करते जो सट्टेबाजी से जुड़ा हो और स्पोर्ट्स पर तुक्का लगाने पर गेम्स ऑफर करता हो। इसमें वे ऐप्स भी शामिल हैं, जो पैसे या प्राइज जितवाने का लालच देकर यूजर्स को किसी सट्टेबाजी की वेबसाइट पर भेजते हैं।’

IPL को दौरान हिट होते हैं ऐप्स
पेमेंट ऐप Paytm की ओर से ऑफर किए जा रहे Paytm Gaming ऐप को भी प्ले स्टोर से हटा दिया गया, जिसके बाद कंपनी ने ट्वीट कर यूजर्स को भरोसा दिलाया कि उनके पैसे पूरी तरह सेफ हैं और ऐप जल्द ही प्ले स्टोर पर लौट आएगा। भारत में पॉप्युलर क्रिकेट टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) शुरू होने जा रहा है और इसके साथ ही ढेरों ऐसे ऐप्स खूब डाउनलोड होने लगते हैं, जिनपर गेसवर्क करके और तुक्का लगाकर यूजर्स पैसे जीत सकते हैं। गूगल ऐसे ऐप्स को सपॉर्ट नहीं करता और इसी वजह से Paytm First Games को भी हटाया गया है।

हेल्थ: नीबू में है विटामिन “सी ” का भंडार और विटामिन सी से बढती है इम्युनिटी ……

धूम्रपान, खराब लाइफस्टाइल और पर्याप्त पोषक तत्व नहीं लेने से आबादी का बड़ा हिस्सा विटामिन सी की कमी से जूझता है.

धूम्रपान, खराब लाइफस्टाइल और पर्याप्त पोषक तत्व नहीं लेने से आबादी का बड़ा हिस्सा विटामिन सी की कमी से जूझता है.

हर साल फ्लू से 10 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित होते हैं और 1 लाख लोगों की मौत होती है. इसी तरह कोविड-19 जो SARS-CoV 2 की वजह से होता है, यह एक गंभीर फ्लू के समान है. केवल अंतर यह है कि फ्लू के इलाज की गाइडलाइंस स्थापित की गई हैं जबकि कोविड-19 की स्थिति में इसे लेकर बहस है. यह वायरस हवा में तीन घंटे के लिए मौजूद रह सकता है और हवा में रहता है. यह संक्रमित व्यक्ति के सांस छोड़ने, छींकने या खांसने पर बाहर आता है.

आखिर में, किसी भी वायरल इंफेक्शन की तरह हमारे इम्यून सिस्टम को इससे छुटकारा पाना होता है. इस तथ्य की पुष्टि दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने कही है जहां हजारों टेस्ट हुए और यह पाया गया कि आधे लोगों को संक्रमण हुआ और वे बिना कोई लक्षण दिखाए इससे बाहर आ गए. इसकी वजह उनका इम्यून सिस्टम मजबूत होना था जिसने वायरस के कोई बुरा असर करने से पहले ही उसे ठीक कर दिया.

भारत में भी बहुत लोगों को पॉजिटिव टेस्ट किया गया है लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं दिखे. लोगों का केवल छोटा भाग है (औसतन लगभग 5 फीसदी) जिसमें पहले से को-मोरबिडिटी मौजूद थी जिससे उन्हें परेशानी होती है और यह गंभीर परेशानी और आईसीयू केयर की जरूरत होती है.

कोविड-19 में विटामिन सी का रोल

विटामिन सी को 20वीं सदी की शुरुआत में Albert Szent-Gyorgi ने पहचाना था, जिसकी कमी से स्कर्वी होता है. स्कर्वी को शुरुआत में निमोनिया से जोड़ा गया था जिससे यह पता चलता है कि स्कर्वी का निमोनिया पर भी असर हो सकता है.

1970 के दशक में नोबेल विजेता Linus Pauling ने सर्दी जुखाम के इलाज में विटामिन सी के डोज को इस्तेमाल करने को लोकप्रिय बनाया था. इसके पीछे कारण है कि जब कोई जानवर किसी बीमारी से गुजरता है, तो वह अपने अंदर विटामिन सी का उत्पादन करते हैं. मनुष्यों ने इसकी क्षमता को खो दिया है. इसलिए हम इस जरूरी पोषक तत्व को खो देते हैं. इसे शरीर में स्टोर नहीं किया जा सकता और इसके लिए रोजाना लेने की जरूरत होती है जिससे पर्याप्त स्तर बना रहे. इसके साथ धूम्रपान, खराब लाइफस्टाइल और पर्याप्त पोषक तत्व नहीं लेने से आबादी का बड़ा हिस्सा विटामिन सी की कमी से जूझता है.

1950 और 1960 के दशक में विटामिन सी की कमी को लेकर बहुत स्टडी हुई जिनमें पाया गया कि कम विटामिन सी लेने से ज्यादा लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है. इसलिए प्रति दिन 4 से 6 ग्राम विटामिन सी लेने का सुझाव दिया जाता है. एक स्टडी से पता चला है कि इतना विटामिन लेने से कोल्ड और फ्लू के लक्षणों में 85 फीसदी की कमी आती है. जिन लोगों को यह लगता है कि वह फलों से विटामिन सी हासिल कर सकते हैं, उनके लिए यह समझना जरूरी है कि 20 संतरों से 1 ग्राम विटामिन सी मिलता है और यह लेना असंभव है.

विटामिन सी कैसे काम करता है ?

कोविड-19 की स्थिति में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने का मुख्य कारण ज्यादा मुफ्त रैडिकल और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होता है जो इम्यून सिस्टम के सही काम न करने की वजह से होता है. यह वायरस को खत्म करने की कोशिश में होता है. विटामिन सी एक पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट है जो इन फ्री रैडिकल को बेअसर करके फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. जब ऑक्सीडेंट और एंटी-ऑक्सीडेंट के बीच बैलेंस नहीं रहता, तो नुसान होता है और मरीजों की बीमारी बिगड़ जाती है. पर्याप्त विटामिन सी लेकर हम अपने शरीर के एंटी ऑक्सीडेंट स्टेटस को बढ़ा सकते हैं.

ग्वालियर चंबल बहुत पिछड़ गया है आज का जनता ने बता दिया है: कमलनाथ


दुख है कि यह क्षेत्र बेहद पिछड़ गया, अब मेरा पूरा ध्यान यहीं रहेगा


ग्वालियर  पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने ग्वालियर प्रवास के दौरान शुक्रवार को यह खुलासा किया कि पिछले 50 साल से वे ग्वालियर जरूर आते रहे, किंतु यहां की राजनीति और अन्य विषयों पर इसलिए कभी दखल नहीं दिया, क्योंकि पहले स्वर्गीय माधवराव सिंधिया और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया इस क्षेत्र को देखते रहे हैं। यदि मैं इस क्षेत्र में दखल देता तो ज्योतिरादित्य सिंधिया परेशान हो जाते थे। किंतु जिस तरह से ग्वालियर चंबल बुरी तरह पिछड़ गया है तो अब मेरा पूरा ध्यान इसी क्षेत्र की ओर रहेगा।

श्री कमलनाथ ने यह बात अपना रोड शो समाप्त होने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 50 साल पहले और जवानी में मैं अक्सर यहां आता रहा हूं। किंतु माधवराव सिंधिया और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया इस क्षेत्र को देखते हैं, इसलिए मैंने यहां कभी दखल नहीं दिया। किंतु आज जिस तरह से ग्वालियर चंबल बुरी तरह पिछड़ गया है, इसका बेहद दुख है। कभी मध्यप्रदेश को ग्वालियर और ग्वालियर को मध्यप्रदेश के रूप में जाना पहचाना जाता था। अब स्थिति यह है कि इंदौर और भोपाल तो छोड़िए जबलपुर के बाद ग्वालियर का नाम लिया जाता है। यह ठीक नहीं है। उनके द्वारा सारा पैसा छिंदवाड़ा ले जाने और ग्वालियर को एक रुपए की राशि नहीं दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह एकदम गलत है, क्योंकि मैं यहां दखल देता तो ज्योतिरादित्य परेशान हो जाते थे। अब यहां आकर मुझे जनता की भावना और असलियत पता लग गई है कि यहां के लोग किस तरह पीड़ित हैं, इसलिए अब मेरा पूरा ध्यान ग्वालियर चंबल संभाग की ओर रहेगा। उनके ग्वालियर आगमन को लेकर हुए विरोध पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने उन्हें ग्वालियर न आने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी, किंतु वे आकर ही रहे, उन्हें कोई नहीं रोक पाया।

मध्यप्रदेश: दारुवाली लड़ेगी सुरखी से चुनाव कभी मंत्री ने कहा था “दारुवाली “

भाजपा को झटका, पूर्व विधायक पारुल साहू ने थामा कांग्रेस का दामन

सागर  सुरखी उपचुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को उसी के अंदाज में पटखनी देने का फैसला कर लिया है। बड़े घटनाक्रम के बीच सुरखी से भाजपा की पूर्व विधायक पारुल साहू ने शुक्रवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। वे पहले परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत को शिकस्त दे चुकी हैं। शुक्रवार को भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के सामने उन्होंने कांग्रेस का हाथ थामा। इसके पूर्व गुरुवार शाम उनकी कमलनाथ से मुलाकात हुई थी। पारुल बीते विधानसभा चुनाव के समय से टिकट काटे जाने और उपेक्षा से आहत थीं। उनके कांग्रेस में जाने के साथ ही कांग्रेस की तरफ से उनका सुरखी से प्रत्याशी होना तय हो गया है। जाहिर है उनका चुनावी मैदान में उतरना भाजपा के गोविंद राजपूत की मुसीबतें बढ़ाएगा।

जाने-माने शराब ठेकेदार और पूर्व विधायक संतोष साहू की बेटी और सुरखी विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक पारुल साहू ने हाथ का दामन थामकर भाजपा का करारा झटका दिया है। पारुल ने 2013 में सुरखी से कांग्रेस के गोविंद सिंह राजपूत को हराया था। पहली दफा लड़ी पारुल ने गोविंद राजपूत को 141 वोट से पराजित किया था। पिछले चुनाव में उनको पार्टी ने टिकट नहीं दिया था। गोविंद सिंह राजपूत के भाजपा में शामिल होने के बाद से उनकी नाराजगी और बढ़ गई थी। अंदरखाने की खबरों पर यकीन करें तो भाजपा ने पारुल को मनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब एक बार फिर सुरखी में राजस्व मंत्री राजपूत का मुकाबला पारुल से होगा। फर्क इतना है कि पार्टी बदली हुई है। पिछले कई दिनों से पारुल के कांग्रेस में जाने की चर्चाएं थीं। गुरुवार को नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने यह कहकर इस चर्चा को हवा दे दी थी कि वे अभी तक तो भाजपा में हैं, भविष्य का कहा नहीं जा सकता है।

कोरोना के खिलाफ बढ़ानी है इम्यूनिटी, तो इन दो चीजों का जमकर करें सेवन

नई दिल्ली 

इस कोरोना काल में संक्रमण से बचने के लिए हर किसी को अत्यधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि संक्रमितों का आंकड़ा दिनोंदिनों बढ़ता ही जा रहा है। भारत में अब तक इस वायरस से 51 लाख 18 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि मरने वालों की संख्या भी 83 हजार के पार पहुंच गई है। इससे बचने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी का भी मजबूत होना बहुत जरूरी है। आयुष मंत्रालय ने तो पहले ही इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कई चीजों के सेवन की सलाह दी है। आज हम आपको दो ऐसी खास चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका सेवन हर किसी को जरूर करना चाहिए और खासकर पुरुषों को। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है और पौरुष क्षमता में भी सुधार होता है। 

ये दो चीजें हैं पिस्ता और लहसुन। इनका नियमित रूप से सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। ऐसा माना जाता है कि जो लोग सही तरीके से और उचित मात्रा में इनका सेवन करते हैं, उनके शरीर पर वायरल, बैक्टीरियल और फंगल किसी भी तरह के संक्रमण का असर आसानी से नहीं होता है। 

अगर इम्यूनिटी मजबूत होगी तो कोरोना वायरस का असर भी शरीर पर कम ही होगा या शायद हो ही ना। इसलिए आपको हर दिन उचित मात्रा में लहसुन का सेवन करना चाहिए। आप कच्चा लहसुन भी खा सकते हैं या फिर उसकी चटनी भी बनाकर खा सकते हैं। 

लहसुन हमारे शरीर में कई प्रकार के हानिकारक तत्वों को दूर करने का काम करता है और साथ ही यह ब्लड प्रेशर को भी कम करने में सहायक है। जिन लोगों को हाई बीपी की समस्या है, उनके लिए लहसुन बहुत ही लाभकारी है, लेकिन लो बीपी की समस्या से जूझ रहे लोगों को कभी-कभी और सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए या फिर इस बारे में डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।  

लहसुन की तरह ही पिस्ता के भी कई सारे फायदे हैं। सुबह के समय इसका सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है। हालांकि अगर आप शाम में इसे खाना चाहते हैं तो कसरत करने के बाद खा सकते हैं, इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। चूंकि पिस्ता में विटामिन बी6 अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो स्वस्थ इम्यून सेल्स को बढ़ाकर आपका इम्यून सिस्टम मजबूत बनाता है। 

MP : सरकार ने दी हेल्थ सेक्टर को सौगात, कोरोना संकट काल में मानी 25 साल पुरानी मांग

फार्मासिस्टों को भी सरकार (Government) ने बड़ी राहत दी है. अब उन्हें अपने रजिस्ट्रेशन (registration ) का हर साल रिन्युअल नहीं कराना पड़ेगा, बल्कि अब 5 साल में रिन्यु कराना होगा.

इस मामले की सूचना गजट में प्रकाशित हो गई है.

भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) सरकार ने आखिरकार जूनियर डॉक्टर्स (JUDA)और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन की मांग मान ली है. अब इन लोगों को मेडिकल रिएंबर्समेंट की सुविधा मिलेगी. डॉक्टर्स 25 साल से सरकार से इसकी मांग कर रहे थे. जूडा और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर कोरोना संकटकाल में रिम्बर्समेंट की सुविधा देने की मांग की थी. इसे शासन ने शुक्रवार को मान लिया.

  पांच साल में होगा रिन्यूअल

प्रदेश भर में मेडिकल स्टोर और ड्रग सेक्टर में नौकरी कर रहे लगभग 60 हजार फार्मासिस्टों को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है. अब उन्हें अपने रजिस्ट्रेशन का हर साल रिन्युअल नहीं कराना पड़ेगा, बल्कि अब 5 साल में रिन्यु कराना होगा. अब तक चली आ रही कार्यप्रणाली के अनुसार फार्मासिस्टों को हर साल अपना रजिस्ट्रेशन रिन्यु कराना पड़ता था. कोरोना संकटकाल के बीच ये आदेश जारी किए गए हैं कि अब फार्मासिस्ट को अपने रजिस्ट्रेशन को हर पांच साल में रिन्यु कराना होगा.ड्रग लायसेंस के लिए फार्मासिस्ट की डिग्री होना जरूरी होगी. नई व्यवस्था लागू होने से प्रदेश के 60 हजार लोगों को लाभ मिलेगा.

सीएम ने दिया ध्यान

मप्र फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष और फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी लंबे समय से पांच साल में रिन्युअल की व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे थे.इस संबंध में काउंसिल के अध्यक्ष ओमप्रकाश जैन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हाल ही में पत्र लिखा था. मामले पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने अब इनकी मांगों को पूरा कर लिया है. इस मामले की सूचना गजट में प्रकाशित हो गई है.