बाबरी विध्वंस : फैसला 30 सितंबर को, कोर्ट ने आडवाणी, उमा समेत सभी 32 आरोपियों को मौजूद रहने को कहा 

लखनऊ: बाबरी विध्वंस मामले में लखनऊ में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट 30 सितंबर को फैसला सुनाने वाली है. कोर्ट ने मामले में सभी 32 मुख्य आरोपियों को इस दिन सुनवाई में शामिल होने को कहा है. इनमें भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं जैसे- लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी और कल्याण सिंह भी शामिल हैं.

इसी Bollywood को PM Narendra Modi ने न्योता देकर बुलाया था: उर्मिला मातोंडकर

नई दिल्ली

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से बॉलीवुड और उसके ड्रग्स कनेक्शन सुर्खियों में आ गए हैं. सुशांत केस की जांच में ड्रग्स कनेक्शन का खुलासा हुआ तो धीरे-धीरे रिया से जुड़े तार बॉलीवुड की गलियों तक पहुंच गए. कंगना ने भी बॉलीवुड को ड्रग वाला गटर कह डाला तो बात संसद तक पहुंच गई. घमासान इतना बढ़ गया कि कंगना और बीजेपी सांसद रवि किशन पर जया बच्चन का गुस्सा फूट पड़ा. बॉलिवुड में मचे इस घमासान पर एक टीवी चैनल से खास बीतचीत की उर्मिला मातोंडकर ने. बातचीत के दौरान उर्मिला ने कि मुझे किसी पर टिप्पणी करने में दिलचस्पी नहीं है. लेकिन चीजें अब हद से ज्यादा बाहर निकल चुकी हैं. उन्होंने कहा कि ये स्पष्ट करना बहुत जरूरी है. फिल्म इंडस्ट्री को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है. फिल्म इंडस्ट्री ऐसा प्लैटफॉर्म हैं जहां हर जाति, धर्म, प्रदेश और भाषा के लोग अपने टैलेंट पर आगे आते हैं.

100 कमरों के घर में 39 पत्नियों के साथ रहता है ये शख्स, 1 दिन में 80 किलो दाल-चावल खा जाता है पूरा परिवार

मिजोरम
भारत के मिजोरम में  जिओना चाना दुनिया के सबसे बड़े परिवार को चलाने के लिए जाने जाते हैं। जिओना की 39 पत्नी है। इनसे उनके 94 बच्चे हैं। परिवार में 14 बहु और 33 पोते-पोतियां हैं। कुल मिलाकर इस परिवार में 181 लोग हैं। 

जियोना अपनी जॉइंट फैमिली के साथ मिजोरम के बटवंग गांव में एक बड़े से मकान में रहते हैं। पहाड़ों के बीच अपना परिवार चलाने के लिए वो बेटों  बढ़ई का काम करते हैं। इनके घर में कुल 100 कमरे हैं। 

इतने बड़े परिवार के रहने के लिए बड़े से घर में एक बड़ा किचन भी है। 181 सदस्यों के लिए खाना बनाने के लिए परिवार की महिलाएं सुबह से ही जुट जाती हैं। 

घर के सदस्यों के मुताबिक, उनके बीच छोटी-मोटी समस्याएं आती हैं लेकिन वो सारे काम मिलजुलकर कर लेते हैं। इसमें खाना बनाने से लेकर घर के अन्य काम भी शामिल है। 

घर की महिलाएं भी खेतों में काम करती हैं। घर को चलाने में उनका काफी योगदान रहता है। जियोना की पहली पत्नी सबके बीच काम बांटती है। और सबके काम करने के तरीके पर भी नजर रखती है। 

फैमिली में इतने लोग हैं कि उनके नाम और बर्थडे याद रखना काफी मुश्किल है। लेकिन सदस्यों का कहना है कि किसी ना किसी तरह से उन्हें डेट्स याद रह ही जाते हैं जाते हैं। 

बात अगर खाने की करें, तो किचन में सुबह से ही तैयारी शुरू हो जाती है। परिवार के मुखिया के मुताबिक, जितने राशन में एक परिवार का दो महीना निकलता है उतने में यहां एक दिन का खाना बनता है। 

एक दिन में यहां 45 किलो चावल, 25 किलो दाल, 60 किलो सब्जियां, 30 से 40 मुर्गियां और दर्जनों अंडे बनाए जाते हैं। इसके अलावा पूरा परिवार 20 किलो फल भी खाता है। 

इसके अलावा  इस परिवार को चुनाव के समय भी काफी महत्व दिया जाता है। ये परिवार जिस भी पार्टी को सपोर्ट करता है उनका जितना तय होता है। इतने बड़े परिवार के साथ रहने को लेकर कई लोगों को आश्चर्य है। 

पाक को उल्टी पड़ी नक्शेबाजी, डोभाल ने तो बैठक छोड़ी ही, रूस से भी लगाई फटकार

 नई दिल्ली
चीन का सदाबहार मित्र पाकिस्तान ने SCO देशों की वर्चुअल बैठक में भारत के खिलाफ साजिश की फिर कोशिश की लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की सख्ती और रूस की झाड़ के बाद इस्लामाबाद के होश ठिकाने आ गए। दरअसल, पाकिस्तान ने इस बैठक में एक काल्पनिक नक्शा पेश किया और उसमें भारत की जमीन को भी अपना बता दिया।

डोभाल की सख्ती, मीटिंग छोड़ी
पाकिस्तान के इस नक्शे के बाद NSA डोभाल ने काफी सख्ती दिखाई पड़ोसी देश के इस काल्पनिक नक्शे का विरोध करते हुए मीटिंग छोड़कर चले गए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि NSA डोभाल के नेतृत्व वाला भारतीय प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान के नक्शे का जोरदार विरोध किया।

रूस ने लगाई पाकिस्तान को झाड़
बैठक की अध्यक्षता कर रहे रूस ने पाकिस्तान को झाड़ भी लगाई और उसे यह नक्शा दिखाने से रोकने की पूरी कोशिश की। रूस ने यह भी उम्मीद जताई कि पाकिस्तान की इस उकसावे की कार्रवाई से भारत का SCO में भागीदारी पर असर नहीं पड़ेगा।

पाकिस्तान ने पिछले महीने जारी किया था नक्शा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पिछले महीने एक नया नक्शा जारी किया था। इस नक्शे में पूरा जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताया था। बता दें कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब दो केंद्रशासित प्रदेश हैं। पाकिस्तान ने SCO की बैठक में बैकग्राउंड इमेज के तौर पर इस नक्शे का प्रयोग किया था। बता दें कि रूस ने पिछले सप्ताह SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले ही कहा था कि SCO चार्टर में द्विपक्षीय विवादों को उठाने की मनाही है।

पाक ने जान-बूझकर चली चाल
भारत ने आधिकारिक बयान में कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि मोइद युसूफ ने जान-बूझकर नक्शे को प्रमोट किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘यह मेजबान देश के आग्रह की नाफरमानी थी और इसमें मीटिंग के नियमों की अवहेलना की गई।’ उन्होंने कहा कि मेजबान देश के बात के बाद भारतीय दल ने विरोध जताते हुए बैठक छोड़ दी। बता दें कि युसूफ पाकिस्तानी पीएम इमरान खान के विशेष सहायक हैं।

मीटिंग में पाक ने उगला जहर
श्रीवास्तव ने कहा कि जैसाकि उम्मीद थी इसके बाद पाकिस्तान ने बैठक में भारत के खिलाफ चालें चलीं और भ्रामक विचार रखे। रूसी फेडरेशन के नैशनल सिक्यॉरिटी काउंसिल निकोलई पैट्रूसेव ने बाद में भारतीय दल और NSA डोभाल के मीटिंग में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि वह आने वाले आयोजनों में डोभाल से मिलेंगे।

हेमा मालिनी का जया बच्चन को समर्थन, पूरी इंडस्ट्री को निशाना बनाना गलत.

अब अभिनेत्री हेमा मालिनी ने जया बच्चन के विचारों पर अपनी सहमति दिखाई है. उनकी नजरों में कुछ लोगों की वजह से पूरी इंडस्ट्री को बदनाम करना, या फिर सभी को ड्रग्स से जोड़ना गलत है.

नई दिल्ली

सुशांत सिंह राजपूत मामले में जब से ड्रग एंगल सामने आया है, इसने पूरी इंडस्ट्री में भूचाल ला दिया है. जो विवाद पहले सिर्फ एक केस तक सीमित था, अब वो पूरे बॉलीवुड में अपनी पैठ जमा चुका है. बॉलीवुड और उसका ड्रग कनेक्शन एक ऐसा मुद्दा बन गया है जिस पर सदन तक में जोरदार बहस देखने को मिली है. राज्यसभा में जया बच्चन की तरफ से रवि किशन पर निशाना साधना और कहना कि उन्होंने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया, इस बयान ने काफी बवाल कर दिया है. कई सेलेब्स अगर जया का सपोर्ट कर रहे हैं तो कंगना जैसे सितारे उन्हें आईना दिखाने की भी कोशिश कर रहे हैं.

जया के सपोर्ट में हेमा मालिनी

अब अभिनेत्री हेमा मालिनी ने जया बच्चन के विचारों पर अपनी सहमति दिखाई है. उनकी नजरों में कुछ लोगों की वजह से पूरी इंडस्ट्री को बदनाम करना, या फिर सभी को ड्रग्स से जोड़ना गलत है. एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू के दौरान हेमा ने कहा है- सिर्फ बॉलीवुड की ही बात क्यों हो रही है. कई इंडस्ट्री में ऐसा होता है. हमारी इंडस्ट्री में भी हो रहा होगा. लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं कि पूरी इंडस्ट्री खराब है. जिस तरह बॉलीवुड को निशाना बनाया जा रहा है, वो गलत है. ऐसा बिल्कुल भी नहीं है.

कंगना का जया बच्चन पर निशाना

हेमा मालिनी से पहले सोनम कपूर, अनुभव सिन्हा, फरहान अख्तर, तापसी पन्नू जैसे सेलेब्स भी जया का सपोर्ट कर चुके हैं. बॉलीवुड का एक तबका उनके बयान का दिल खोलकर स्वागत कर रहा है. उनकी नजरों में इंडस्ट्री के लिए इस अंदाज में खड़ा होना काबिले तारीफ है. लेकिन एक्ट्रेस कंगना रनौत ने इस मुद्दे पर जया बच्चन को घेरा है. अभिषेक को इस विवाद में घसीटते हुए उन्होंने ट्वीट किया है- जया जी, आप तब भी वही बात कहेंगी, अगर मेरी जगह आपकी बेटी श्वेता को टीनएज में पीटा जाता, ड्रग दिया जाता और छेड़छाड़ की जाती. क्या आप तब भी ये ही कहती अगर अभिषेक लगातार बुलिंग और उत्पीड़न की शिकायत करता और एक दिन फांसी पर लटका मिले? हमारे लिए भी करुणा से हाथ जोड़कर दिखाएं.

10 हजार या इससे ज्यादा ​रकम एटीएम से निकालने के लिए SBI ने बदले नियम.

SBI new ATM withdrawal rules: 24×7 ओटीपी-आधारित नकदी निकासी सुविधा की शुरुआत के साथ, एसबीआई ने एटीएम नकदी निकासी में सुरक्षा स्तर को और मजबूत कर दिया है। दिन भर इस सुविधा को लागू करने से एसबीआई डेबिट कार्डधारक धोखेबाजों, अनधिकृत निकासी, कार्ड स्किमिंग, कार्ड क्लोनिंग और इसी तरह के जोखिम से बच सकेंगे।

नई दिल्ली
डेबिट या एटीएम कार्ड (Debit or ATM Card) से पैसे निकालने में बढ़ रही धोखाधड़ी की घटना पर लगाम लगाने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक, sbi (State Bank of India) ने एक बड़ा फैसला किया है। अब इसके एटीएम ( sbi atm)  से 10 हजार रुपये या इससे अधिक राशि निकालने पर दिन में भी ओटीपी (OTP) की आवश्यकता होगी। अभी तक रात में आठ बजे से सुबह आठ बजे इतनी रकम निकालने पर ही ओटीपी की जरूरत होती थी। यह व्यवस्था आगामी 18 सितंबर से देश भर में लागू हो रही है। इसके साथ ही बैंक ने अपने सभी ग्राहकों से मोबाइल नंबर अपडेट (Update your Mobile number) करवाने को कहा है।

एटीएम सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए हो रहा है ऐसा
एसबीआई (SBI) से मिली सूचना के अुनसार बैंक ने अपने एटीएम की सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए ऐसा किया है। देश के सबसे बड़े ऋणदाता, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 1 जनवरी, 2020 से SBI एटीएम के माध्यम से रात 8 बजे से सुबह 8 बजे के बीच 10,000 रुपए और उससे ऊपर के OTP आधारित नकद निकासी की शुरुआत की थी। अब देश के सभी sbi atm में ओटीपी आधारित एटीएम निकासी की व्यवस्था पूरे दिन और रात के लिए लागू कर दी है। मतबल अब 24 घंटे इसकी जरूरत होगी। यह व्यवस्था 18 सितंबर, 2020 से लागू होगी। 10,000 रुपए और इससे अधिक की निकासी पर अपने डेबिट कार्ड पिन के साथ अपने पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर भेजे गए ओटीपी को दर्ज करना होगा।

धोखेबाजों से होगा बचाव

एसबीआई के एमडी (रिटेल और डिजिटल बैंकिंग), सी एस सेट्टी का कहना है कि 24×7 ओटीपी-आधारित नकदी निकासी सुविधा की शुरुआत के साथ, एसबीआई ने एटीएम नकदी निकासी में सुरक्षा स्तर को और मजबूत कर दिया है। दिन भर इस सुविधा को लागू करने से एसबीआई डेबिट कार्डधारक धोखेबाजों, अनधिकृत निकासी, कार्ड स्किमिंग, कार्ड क्लोनिंग और इसी तरह के जोखिम से बच सकेंगे।

मोबाइल नंबर अपडेट करायें
एसबीआई का कहना है कि जो ग्राहक अक्सर 10 हजार रुपये या इससे ज्यादा रकम की निकासी करते हों, वे बैंक में अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराएं। अक्सर देखा गया है कि पहले ग्राहक खाता खुलवाते समय मोबाइल नंबर नहीं देते थे। किसी ने कोई नंबर दिया भी है तो वह इन दिनों काम नहीं करता। इसलिए ग्राहकों से निवेदन किया गया है कि जो नंबर चल रहा हो, उसे बैंक खाता से जोड़ें।

क्या है ओटीपी
ओटीपी दरअसल एक सिस्टम-जनरेटेड न्यूमेरिक स्ट्रिंग है, जो यूजर के लिए एकल लेन-देन को प्रमाणित करता है। ग्राहक जब एटीएम के माध्यम से रकम को निकालना चाहेगा, तो एटीएम स्क्रीन ओटीपी मांगेगी। वहां उन्हें अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त किए गए ओटीपी को दर्ज करना होगा। यदि स्क्रीन पर सही ओटीपी दिया जाएगा, तभी एटीएम पिन दर्ज करेगा। ओटीपी आधारित नकद निकासी की सुविधा केवल एसबीआई एटीएम में उपलब्ध है। एसबीआई का कहना है कि दूसरे बैंकों के एटीएम में यह कार्यक्षमता नेशनल फाइनेंशियल स्विच (NFS) में विकसित नहीं की गई है।

नेपाल में 6 तीव्रता का भूकंप, 2015 में यहीं पर हुई थी तबाही, 10 हजार लोगों की गई थी जान

नेपाल में बुधवार सुबह भूकंप का तगड़ा झटका महसूस किया गया है. काठमांडू से सटे सिन्धुपालचोक जिले के राम्चे में भूकंप का केंद्र था. भू-गर्भ मापन केन्द्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 थी.

नई दिल्ली

सिन्धुपालचोक जिले के राम्चे में था केंद्रबिहार बॉर्डर पर भी महसूस किया गया झटकाकिसी भी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं

नेपाल में बुधवार सुबह भूकंप का तगड़ा झटका महसूस किया गया है. स्थानीय समयानुसार, सुबह 5:19 मिनट पर भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया. काठमांडू से सटे सिन्धुपालचोक जिले के राम्चे में भूकंप का केंद्र था. भू-गर्भ मापन केन्द्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 थी. 

सिन्धुपालचोक जिला के भोटेकोशी गाउंपालिका अध्यक्ष राजकुमार पौडेल ने बताया कि जिले में तीन बार भूकम्प के झटके महसूस किए गए. उन्होंने कहा कि भूकंप का झटका तेज था, लेकिन अब तक किसी भी नुकसान की खबर नहीं आई है. भूकंप यह झटका नेपाल के काठमांडू, सिन्धुपालचोक, पोखरा, चितवन, वीरगंज, जनकपुर तक महसूस किया गया.

इसके अलावा भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के जिलों में भी झटके महसूस किए गए. हालांकि, गनीमत की बात है कि यहां पर भी किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.

2015 में इसी इलाके में आया था भूकंप नेपाल मे 25 अप्रैल 2015 की सुबह 11 बजकर 56 मिनट पर भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया था. भूकंप की तीव्रता 7.8 थी. भूकंप का केंद्र लामजुंग से 38 किलोमीटर दूर था और 15 किलोमीटर नीचे था. इस भूकंप ने राजधानी काठमांडु समेत कई शहरों को तबाह कर दिया था.

1934 के बाद पहली बार नेपाल में इतना प्रचंड तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. 18वीं सदी में निर्मित धरहरा मीनार पूरी तरह से नष्ट हो गई ती, अकेले इस मीनार के मलबे से 200 से ज्यादा शव निकाले गए थे. भूकंप के कारण एवरेस्ट पर हिमस्खलन भी हुआ था.

Bihar Election: चुनाव आयोग ने कई पार्टियों के बदले सिंबल, मांझी ‘कड़ाही’ तो पप्पू यादव ‘कैंची’ के भरोसे

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कई राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह बदल दिए हैं। चुनाव आयोग ने पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी को अब कैची चुनाव चिन्ह जारी किया है। वहीं, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को कड़ाही का सिंबल दिया गया है।

    
नईदिल्ली
बिहार विधानसभा चुनाव के ठीक पहले चुनाव आयोग ने कई राजनीतिक दलों का सिंबल बदल दिया है। चुनाव आयोग ने पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी को अब कैची चुनाव चिन्ह जारी किया है। वहीं, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को कड़ाही का सिंबल दिया गया है। बता दें कि पहले जन अधिकार पार्टी का चुनावी सिंबल हॉकी था और जीतन राम मांझी की पार्टी का सिंबल टेलीफोन था।

12 पार्टियों को जारी किए गए हैं चुनाव चिन्ह
इन दोनों दलों के साथ-साथ 12 पार्टियों को आयोग ने सिंबल जारी किया है। राष्ट्रीय जन पार्टी को बेड का सिंबल दिया गया है। राजनीतिक पार्टी बनाने वाले भूमिहार ब्राहमण एकता मंच के आशुतोष कुमार की जन अधिकार पार्टी को अब मान्यता मिल गई है। इसके अलावा जनतांत्रिक लोकहित पार्टी को टेलीविजन, छाप जनता दल राष्ट्रवादी को डोली का सिंबल, आम जनता पार्टी राष्ट्रीय को चप्पल छाप का चुनाव चिन्ह मिला है।

जानें क्या-क्या मिले हैं चुनाव चिन्ह
लोकतांत्रिक के जन स्वराज पार्टी को कैरम बोर्ड, भारतीय लोक नायक पार्टी को रोड रोलर, राष्ट्रीय जन विकास पार्टी को बेबी वॉकर, हिंदुस्तानी संपूर्ण आजाद पार्टी को बैलून, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया राष्ट्रीय को दूरबीन, मजदूर एकता पार्टी को हैंड कार्ड का सिंबल दिया गया है। जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने बताया कि 2015 से चला आ रहा हाकी चुनाव चिन्ह अब आज की तारीख से खत्म हो गया। अब जाप पार्टी का नया चुनाव चिन्ह कैंची छाप है। पार्टी सभी 243 विधानसभा सीटों पर कैंची छाप चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में अपने उम्मीदवार उतारेगी।

नए चुनाव चिन्ह पर पप्पू यादव ने जाहिर की खुशी
पप्पू यादव ने कैंची चुनाव चिन्ह मिलने पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ‘ कैंची के सहारे बिहार की जनता भ्रष्ट्राचारियों और लुटेरों के पर कतरेगी। हमारा प्रयास होगा कि कैंची बिहार की जनता का अपना चुनाव चिन्ह हो। कैंची इस बार जनता के सामने एक विकल्प के रूप में होगी।। आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत तय है, जाप के एक-एक कार्यकर्ता बिहार में बदलाव के वाहक बनेंगे। उन्होंने कहा कि नया चुनाव चिन्ह मिलने से लोंगों को हमे समझने में सहूलियत होगी।कैंची चुनाव चिन्ह मिलने पर जाप के सभी शीर्ष नेताओं ने ख़ुशी व्यक्त किया।

एमपी उपचुनाव: कमलनाथ को भा रहा भगवा, कांग्रेस पर चढ़ा केसरिया रंग , सांवेर का माहौल गर्म …

कमलनाथ मध्य प्रदेश में बीजेपी के हार्ड हिंदुत्व के जवाब में कांग्रेस को सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर लेकर पहले से ही चल रहे थे, लेकिन अब तो दो कदम आगे बढ़ते हुए भगवा का भी सहारा लेना शुरू कर दिया है. कमलनाथ इंदौर पहुंचे तो पूरी तरह से भगवा रंग में रचे-बसे नजर आए. 

इंदौर

मध्य प्रदेश की 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में जीत का परचम फहराने के लिए कमलनाथ हरसंभव कोशिश में जुटे हैं. कमलनाथ सूबे में बीजेपी के हार्ड हिंदुत्व के जवाब में कांग्रेस को सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर लेकर पहले से ही चल रहे थे, लेकिन अब तो दो कदम आगे बढ़ते हुए भगवा का भी सहारा लेना शुरू कर दिया है. कमलनाथ इंदौर पहुंचे तो पूरी तरह से भगवा रंग में रचे-बसे नजर आए. 

कमलनाथ रविवार को इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा क्षेत्र में प्रेमचंद गुड्डू के प्रचार के लिए पहुंचे थे. सांवेर में कमलनाथ की सभा हुई, जिसमें बीजेपी के महंत संदीप शर्मा सैंकड़ो कार्यकर्ताओ के साथ कांग्रेस में शामिल हुए. जनसभा से ठीक पहले इंदौर से सांवेर तक कांग्रेस ने एक रैली निकली. यह रैली पूरी तरह से भगवा रंग में रंगी रही. हरेक मोटर साइकिल पर भगवा लहराता रहा. भगवाधारी दोपहिया वाहनों के पीछे कांग्रेस के झंडे लगे अन्य दो-पहिया और चार पहिया वाहन दौड़ते रहे. 

दरअसल, पिछले दिनों बीजेपी नेता तुलसी सिलावट के सहयोगियों ने सांवेर को भगवा रंग में रंगा था. नर्मदा कलश यात्रा के नाम पर सिलावट और बीजेपी ने सैकड़ों भगवाधारी महिलाओं का जुलूस निकाला था. ऐसे में कांग्रेस ने कमलनाथ के स्वागत में इंदौर से सांवेर तक भगवा का रंग चढ़ा दिया. बीजेपी की नर्मदा कलश यात्रा का जवाब कांग्रेस की भगवा यात्रा मानी जा रही है. 

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में फिलहाल हिंदुत्व दिखाई दे रहा है वो सॉफ्ट हिंदुत्व नहीं है बल्कि पार्ट टाइम हिंदुत्व है. यह सिर्फ उपचुनाव के चलते सामने आया है, जो अवसरवादी लक्षण है. कांग्रेस हिंदुत्व के मामले में दोहरे मापदंड अपनाती है. सोनिया गांधी, राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह का हिंदुत्व अलग है और कमलनाथ का हिंदुत्व अलग है. बीजेपी नेता ने कांग्रेस और कमलनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि सांवेर में भगवा लहराने से बीजेपी खुश है और उम्मीद करती है कि कांग्रेस पार्टी सदैव हिंदू धर्म और सनातन धर्म के प्रति आस्था का भाव रखे. 

वहीं, कांग्रेस नेता सदाशिव यादव ने कहा कि बीजेपी अभी तक आरोप लगाती रही है कि स्वर्ण वोटर्स कांग्रेस के साथ नहीं है, लेकिन जल्द ही सभी वर्गो के लोग धीरे धीरे कर कांग्रेस से जुड़ रहे हैं. इसे धर्म से जोड़कर नहीं देखते हैं बल्कि व्यक्तिगत मामला होता है. कांग्रेस धर्म की राजनीति नहीं करती है. पूर्व सीएम कमलनाथ की अटूट आस्था भगवान हनुमान पर है ऐसे में बीजेपी को इससे क्यो परेशानी हो रही है? 

बता दें कि 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने रणनीति बदली थी. कमलनाथ ने पार्टी की बागडोर संभालते हुए सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर कदम बढ़ाया था. कांग्रेस के 2018 के संकल्प पत्र में सॉफ्ट हिंदुत्व की छाप नजर आई थी. संकल्प पत्र में मध्य प्रदेश का राम वन गमन पथ से लेकर गौशाला और मंदिर के रख रखाव तक शामिल थी. हाल ही में राम मंदिर के भूमि पूजन के दौरान भी कमलनाथ ने स्वागत ही नहीं बल्कि 11 चांदी की ईट भेजना का ऐलान किया था.