MP: उपचुनाव से पहले BJP के लिए मुसीबत बन सकते हैं अतिथि विद्वान, दी चेतावनी

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण को लेकर सरकार औऱ विपक्ष आमने सामने हैं.


भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण को लेकर सरकार औऱ विपक्ष आमने सामने हैं. विपक्ष का आरोप है कि अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के आंदोलन में भाजपा (BJP) के बड़े नेताओं ने सत्ता में वापिस आने पर नियमितीकरण के सपने दिखाए और सत्ता में वापिस आते ही वादा पूरा करना ही भूल गए. सत्ता से जाते जाते पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की नोटशीट तैयार की थी, जिससे अतिथि शिक्षक नियमित हो सके पर अब भाजपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव नोटशीट को ही बेवकूफ बनाने का कागज बता रहे हैं.

अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण की नोटशीट पर विवाद बढ़ता जा रहा है. उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का कहना है कि ऐसे कई कागज बेवकूफ बनाने के लिए होते हैं. अगर पूर्व कांग्रेस सरकार कर सकती थी तो डेढ़ साल में क्यों नहीं किया. बोलने की बात अलग है, मैदान में करने की बात अलग है. हम लोग ठोस काम करने वाले लोग हैं. मेरी पूरी सद्भावना अतिथि विद्वानों के साथ है. नए सिरे से पॉलिसी बनानी होगी. नियमितीकरण को लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा. पूर्व सरकार की तरफ से कोई नोटशीट नहीं मिली है. सिर्फ ज़ुबानी जमा पूंजी खर्च की है.

पटवारी बोले फ़ाइल को करें सार्वजनिक

अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के नोटशीट पर पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी का कहना है कि परिपत्र की आमंत्रण निमंत्रण की प्रक्रिया पूरी करनी थी. उच्च शिक्षा मंत्री से आग्रह है कि गुमराह ना करें. उच्च शिक्षा मंत्री से आग्रह करता हूं कि आप फाइल को सार्वजनिक करें. नियमितीकरण के नोटिफिकेशन का हमारे पास रिकॉर्ड है..जब भी जरूरत होगी सारी चीजें सार्वजनिक करेंगे.

अतिथि विद्वानो के पास नोटशीट की कॉपी

अतिथि विद्वान संघ के देवराज सिंह  का कहना है कि शाहजहांनी पार्क में नियमितीकरण के आंदोलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, नरोत्तम मिश्रा और गोपाल भार्गव  सहित तमाम विधायक पहुचे थे. नियमित करने का वादा किया था अब सत्ता में आते ही अपना वादा भूल गए है. भाजपा के नेता अपने वादे से पलट गए है वही पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने सरकार के जाते जाते अतिथि विद्वानों को नियमित करने नोटशीट तैयार की है जो हम सबको भी सार्वजनिक की थी. अब सरकार नोटशीट को भी कागज बता रही है. कम से कम सरकार अपना वादा पूरा करें नही तो उपचुनाव में 27 सीटों पर अतिथि विद्वानों सरकार पर वादाखिलाफी को लेकर मोर्चा खोलेंगे.

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