कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी के प्रयास रंग लाये कैबिनेट में शिवपुरी को मिली 1100 करोड रूपए की मडीखेड़ा बांध समूह योजना को हरीझंडी 

शिवपुरी  मप्र की राजधानी भोपाल की आज की हुई कैबिनेट मीटिंग में शिवपुरी जिले के लिए 1100 करोड रूपए की योजना पर मुहर लगी है। इस भारी भरकम बजट वाली मडीखेडा बांध समूह योजना को आज स्वीकृति मिल गई हैं। इस योजना में शिवपुरी जिले पांचो विधानसभा के 842 गांवो के घरो में नलो से पानी पहुचेंगा।

जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुए मंत्री परिषद की बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा मध्यप्रदेश जल निगम के माध्यम से क्रियान्वित समूह जल प्रदाय योजना को स्वीकृति दी गई है।

कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने अपनी विधानसभा के कोलारस व बदरवास तहसील के गांवों में पीने का पानी पहुंचाने के लिए समूह पेयजल योजना बनवाई हैं। काफी समय से विधायक वीरेंद्र रघुवंशी इस योजना के क्रियान्वन के लिये प्रयत्नशील थे।

जिससे कोलारस सहित करैरा-नरवर,पोहरी, पिछोर और शिवपुरी विधानसभा के सैकड़ों गांव के लोगों को भी पीने का पानी मिलेगा। कुछ दिन पूर्व कोलारस विधायक रघुवंशी ने तीन-चार दिनों से भोपाल रुककर जल निगम से समूह पेयजल योजना को फाइनल प्रस्ताव तैयार कराया,ताकि कैबिनेट से जल्द मंजूरी मिले और आगे की कार्रवाई शुरू हो सके। 

कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने बताया कि विधानसभा के गांवों में पीने के पानी की गंभीर समस्या रहती थी। जल निगम द्वारा सर्वे कराया था सर्वे धीमा चलने पर 30 मई 2020 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखा और सर्वे में तेजी आ गई। आज प्रस्ताव कैबिनेट में पहुंच गया ओर उसे कैबिनेट ने मंजूदी भी दे दी हैं।

कोलारस के साथ करैरा,नरवर,पोहरी,शिवपुरी और पिछोर गांवों में मड़ीखेड़ा बांध से पानी मिल सकेगा। कैबिनेट में मंजूरी मिलने के बाद फायनल डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया की कार्यवाही भी अब शुरू होगी। 



पूर्व छात्र नेता एवं बीजेपी के कद्दावर नेता डॉ शिवेंद्र सिंह राठौर बने E.C.मेंबर जीवाजी यूनिवर्सिटी

*भाजपा के कद्दावर नेता डॉ.शिवेंद्र सिंह जीवाजी विश्विद्यालय में कार्यपरिषद सदस्य बने.

ग्वालियर पूर्व छात्र नेता एवं भाजपा राष्ट्रीय किसान संगठन के कद्दावर नेता शिवेंद्र सिंह राठौर को राज्यपाल द्वारा जीवाजी यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद में सदस्य के बतौर आगामी तीन साल के लिये सदस्य मनोनीत किया गया है.
श्री शिवेंद्र राठौर को सदस्य मनोनीत किये जाने पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल इकाई के चुनाव प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने
खुशी जाहिर करते हुये फोन कर बधाई देकर शिवेंद्र राठौर के उज्जवल भविष्य की कामना की है.
शिवेंद्र सिंह राठौर मेला विकास प्राधिकरण में भी सदस्य बतौर अपनी सेवायें दे चुके हैं.
शिवेंद्र सिंह राठौर के जीवाजी यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद में सदस्य चुने जाने पर उनके चाहने वालों में खुशी की लहर दौड़ गई है. मित्र मंडली और शुभचिंतकों को जैसे ही राठौर के जीवाजी यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद में सदस्य के रुप में मनोनयन की खबर लगी उनके निज निवास पर पहुंच राठौर को फूल मालाओं से लाद दिया. सभी चाहने वाले शुभकामना संदेश प्रेषित कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर रहे हैं.
शिवेंद्र राठौर के निज निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.और वह जहां निवास करते हैं वहां आस पड़ोस के लोगों में खुशी का माहौल है.

School Reopen: ना मॉर्निंग असेंबली, ना होंगी चीजें शेयर, 9वीं से 12वीं का वैकल्पिक कैलेंडर लॉन्च

शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए वैकल्पिक कैलेंडर लॉन्च किया है. इस कैलेंडर में हफ्तेवार आठ हफ्ते का शेड्यूल दिया गया

नई द‍िल्ली

शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए वैकल्पिक कैलेंडर लॉन्च कर दिया है. इस कैलेंडर में हफ्तेवार आठ हफ्ते का शेड्यूल दिया गया है. 

केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को 8 हफ्ते का वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है. इस कैलेंडर को सीनियर सेकेंडरी स्टूडेंट्स के लिए एनसीईआरटी (NCERT) द्वारा बनाया गया है. 

केद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सभी टीचर्स से अपील की है कि वे घर पर सुरक्षित रहें और अपने छात्रों को घर से सीखने में मदद करें. शिक्षा मंत्री ने कहा कि इसके लिए वे अपने मोबाइल फोन, एसएमएस, टेलीविजन, रेडियो और तमाम सोशल मीडिया टूल्स का इस्तेमाल करें. 

एनसीईआरटी का सिलेबस फॉलो करने वाले 9वीं से 12वीं के बीच के सभी छात्रों के लिए ये कैलेंडर लागू होगा. इस कैलेंडर का उद्देश्य घर से पढ़ाई करने वाले छात्रों को टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया का प्रयोग करके शिक्षा देना है. शिक्षा मंत्रालय की ओर से ये अल्टरनेटिव कैलेंडर साझा किया गया है.

क्या होगा मोड ऑफ एजुकेशन 

अभी फिजिकल टीचिंग को लेकर न तो स्कूलों और न ही कॉलेजों को अनुमत‍ि दी गई है. दोनों की अभी ऑनलाइन शिक्षा जारी रखनी होगी और उन्हें एक हाइब्रिड मॉडल का पालन करना होगा. आधिकारिक नोटिस में, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कैंपसों में भीड़भाड़ से बचने के लिए स्कूलों और कॉलेजों दोनों को अपने एकेडमिक कैलेंडर को संशोधित करने के लिए कहा है.

खोले जाएंगे लैब 

कॉलेजों में प्रयोगशालाएं खुली होंगी. प्रशिक्षु छह फीट की दूरी से उपकरण इस्तेमाल करेंगे. इसके अलावा जिमनैजियम सीमित क्षमताओं के साथ खुले रहेंगे और कॉलेजों और स्कूलों में स्विमिंग पूल बंद रहेंगे. स्कूलों के लिए, सुबह की असेंबली की अनुमति नहीं दी जाएगी. छात्र आपस में कोई चीज शेयर नहीं कर पाएंगे. 

कौन से कॉलेज और स्कूल खुलेंगे

जो स्कूल और कॉलेज कंटेनमेंट जोन से बाहर हैं, वही सरकारी नियमों के अनुसार खुलेंगे. परिसरों के अंदर छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को रहने की अनुमति नहीं होगी. बुजुर्ग, गर्भवती माताएं, ज्यादा बीमारियों वाले लोग जो हाई रिस्क में हैं, उन्हें परिसर में नहीं बुलाया जाएगा. 

कैसे फिर से खुलेंगे स्कूल 

सभी परिसरों को फिर से खोलने से पहले पूरी तरह से सैनिटाइजेशन करना होगा. खासकर ज‍िन परिसरों को COVID केंद्र बनाया गया था. उन परिसरों को एक प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट सॉल्यूशन वाले पदार्थों से साफ करना होगा.

सैंडलवुड ड्रग रैकेट केस: पुलिस की गिरफ्त में सेलिब्रिटी कपल, कन्नड़ फिल्मों के हैं टॉप एक्टर

सैंडलवुड ड्रग रैकेट मामले में अब तक कई सितारों के नाम सामने आ चुके हैं. इसी कड़ी में बेंगलुरु पुलिस ने कन्नड़ फिल्मों के टॉप एक्टर दिगनाथ मन्छले और उनकी पत्नी एंद्र‍िता रे को हिरासत में ले लिया है.

नई दिल्ली

सैंडलवुड ड्रग रैकेट मामले में सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) द्वारा आरोपितयों की धर-पकड़ जारी है. इसी कड़ी में अब एक सेलिब्रिटी कपल को गिरफ्तार किया गया है. कन्नड़ फिल्मों के टॉप एक्टर दिगनाथ मन्छले और उनकी पत्नी एंद्र‍िता रे को बेंगलुरु पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. दोनों ही फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर चेहरे हैं. 

36 वर्षीय दिगनाथ मन्छले पिछले 15 सालों से फिल्म इंडस्ट्री में हैं. वे कन्नड़ फिल्मों के टॉप एक्ट्रेसेज में गिने जाते हैं. उन्होंने अब तक 25-30 फिल्मों में काम किया है. ड्रग रैकेट में उनका नाम सामने आना चौंकाने वाली खबर है. उनके अलावा उनकी पत्नी एंद्र‍िता रे को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 30 वर्षीय एंद्र‍िता भी कन्नड़ सिनेमा की जानी-मानी हस्ती हैं. उन्होंने अब तक लगभग 30 फिल्मों में काम किया हुआ है. 

ड्रग मामले में विवेक ओबेरॉय के साले का भी नाम

सैंडलवुड ड्रग रैकेट मामले में अब तक कई सितारों के नाम सामने आ चुके हैं. इसी कड़ी में बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय के साले आद‍ित्य अल्वा भी बेंगलुरु पुलिस के श‍िकंजे में फंस गए हैं. बेंगलुरु जॉइंट कमिशनर क्राइम संदीप पाट‍िल ने बताया कि हेब्बल के नजदीक स्थ‍ित आद‍ित्य अल्वा के घर ‘हाउस ऑफ लाइव्स’ का सर्च वारंट जारी किया गया है और वहां की तलाशी ली जा रही है. आद‍ित्य अल्वा विवेक ओबेरॉय के साले और पूर्व मंत्री जीवराज अल्वा के बेटे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक आद‍ित्य अल्वा को कस्टडी में नहीं लिया गया है. सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) उनकी तलाश कर रही है. 

बता दें इस मामले में एक्ट्रेस रागिनी द्विवेदी समेत ड्रग पैडलर्स रव‍ि शंकर, श‍िव प्रकाश, राहुल शेट्टी, विरेन खन्ना को गिरफ्तार किया जा चुका है. रागिनी को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था. क्राइम ब्रांच मामले की महनता से जांच कर रही है. 

शिवसेना नेता संजय राउत बोले- आरोप लगाने वालों का डोप टेस्ट हो

संसद में लगातार दूसरे दिन फिल्म इंडस्ट्री के ड्रग्स कनेक्शन का मसला गूंजा. जया बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री का नाम खराब करने का आरोप लगाया, अब उनके समर्थन में शिवसेना भी आ गई है.

नईदिल्ली

जया बच्चन के समर्थन में आई शिवसेनाजया ने बिल्कुल ठीक बात कही: संजय राउतसवाल उठाने वालों का टेस्ट हो: शिवसेना

बॉलीवुड में ड्रग्स कार्टेल के मसले पर देश की संसद में हंगामा हो गया है. समाजवादी पार्टी की सांसद और अभिनेत्री जया बच्चन ने मंगलवार को राज्यसभा में इस मसले को उठाया और बॉलीवुड का नाम खराब करने की साजिश करार दिया. अब जया बच्चन के समर्थन में कई बयान आ रहे हैं, शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि जया बच्चन का बयान बिल्कुल सही है. संजय राउत बोले कि कंगना रनौत ने जो बयान दिया है, उसपर बच्चन परिवार जवाब दे सकता है. शिवसेना नेता ने कहा कि कंगना रनौत शिवसेना के आदित्य ठाकरे के बारे में जो भी आरोप लगा रही हैं, उन्हें गृह मंत्रालय, गृह सचिव और एजेंसियों को सबूत देने चाहिए. शिवसेना नेता ने कहा कि जो लोग भी सवाल खड़े कर रहे हैं, पहले उनका ही डोप टेस्ट होना चाहिए. अगर अंतरराष्ट्रीय रास्तों से ड्रग्स आ रहा है तो ये केंद्र और केंद्रीय एजेंसियों की जिम्मेदारी है. अगर किसी इंडस्ट्री में कुछ बुरे लोग हैं, तो इसका मतलब ये नहीं कि पूरी इंडस्ट्री को ही बदनाम कर दो. संजय राउत के अलावा शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी जया बच्चन का समर्थन किया. प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट में लिखा कि जया जी ने बिल्कुल शानदार बोला. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है, यही वजह से ही वो उनके समर्थन में आई हैं. फिल्म इंडस्ट्री देश की शक्ति है, ऐसे में उसे बदनाम करना ठीक नहीं है.

जया बच्चन ने राज्यसभा में दिया था बयान आपको बता दें कि जया बच्चन में राज्यसभा में कहा कि कुछ लोगों के द्वारा फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने बीजेपी सांसद रवि किशन पर भी निशाना साधा था. इसी पर टिप्पणी करते हुए कंगना रनौत ने कहा था कि जया जी, आप तब भी वही बात कहेंगी, अगर मेरी जगह आपकी बेटी श्वेता को टीनएज में पीटा जाता, ड्रग दिया जाता और छेड़छाड़ की जाती. क्या आप तब भी ये ही कहती अगर अभिषेक लगातार बुलिंग और उत्पीड़न की शिकायत करता और एक दिन फांसी पर लटका मिले? हमारे लिए भी करुणा से हाथ जोड़कर दिखाएं.

MP: उपचुनाव से पहले BJP के लिए मुसीबत बन सकते हैं अतिथि विद्वान, दी चेतावनी

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण को लेकर सरकार औऱ विपक्ष आमने सामने हैं.


भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण को लेकर सरकार औऱ विपक्ष आमने सामने हैं. विपक्ष का आरोप है कि अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के आंदोलन में भाजपा (BJP) के बड़े नेताओं ने सत्ता में वापिस आने पर नियमितीकरण के सपने दिखाए और सत्ता में वापिस आते ही वादा पूरा करना ही भूल गए. सत्ता से जाते जाते पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की नोटशीट तैयार की थी, जिससे अतिथि शिक्षक नियमित हो सके पर अब भाजपा सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव नोटशीट को ही बेवकूफ बनाने का कागज बता रहे हैं.

अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण की नोटशीट पर विवाद बढ़ता जा रहा है. उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव का कहना है कि ऐसे कई कागज बेवकूफ बनाने के लिए होते हैं. अगर पूर्व कांग्रेस सरकार कर सकती थी तो डेढ़ साल में क्यों नहीं किया. बोलने की बात अलग है, मैदान में करने की बात अलग है. हम लोग ठोस काम करने वाले लोग हैं. मेरी पूरी सद्भावना अतिथि विद्वानों के साथ है. नए सिरे से पॉलिसी बनानी होगी. नियमितीकरण को लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा. पूर्व सरकार की तरफ से कोई नोटशीट नहीं मिली है. सिर्फ ज़ुबानी जमा पूंजी खर्च की है.

पटवारी बोले फ़ाइल को करें सार्वजनिक

अतिथि विद्वानों के नियमितीकरण के नोटशीट पर पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी का कहना है कि परिपत्र की आमंत्रण निमंत्रण की प्रक्रिया पूरी करनी थी. उच्च शिक्षा मंत्री से आग्रह है कि गुमराह ना करें. उच्च शिक्षा मंत्री से आग्रह करता हूं कि आप फाइल को सार्वजनिक करें. नियमितीकरण के नोटिफिकेशन का हमारे पास रिकॉर्ड है..जब भी जरूरत होगी सारी चीजें सार्वजनिक करेंगे.

अतिथि विद्वानो के पास नोटशीट की कॉपी

अतिथि विद्वान संघ के देवराज सिंह  का कहना है कि शाहजहांनी पार्क में नियमितीकरण के आंदोलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, नरोत्तम मिश्रा और गोपाल भार्गव  सहित तमाम विधायक पहुचे थे. नियमित करने का वादा किया था अब सत्ता में आते ही अपना वादा भूल गए है. भाजपा के नेता अपने वादे से पलट गए है वही पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने सरकार के जाते जाते अतिथि विद्वानों को नियमित करने नोटशीट तैयार की है जो हम सबको भी सार्वजनिक की थी. अब सरकार नोटशीट को भी कागज बता रही है. कम से कम सरकार अपना वादा पूरा करें नही तो उपचुनाव में 27 सीटों पर अतिथि विद्वानों सरकार पर वादाखिलाफी को लेकर मोर्चा खोलेंगे.

Sarv Pitru Amavasya 2020: इस तारीख को है सर्व पितृ अमावस्या, पितरों को दी जाती है विदाई

नई दिल्ली

आश्विन माह की अमावस्या को पितृ विसर्जन अमावस्या कहा जाता है। इस दिन से श्राद्ध समाप्त होते हैं। एक तरह से इस दिन पितृों को विदा कर दिया जाता है। इस साल सर्व पितृअमावस्या 17 सिंतबर गुरुवार की है।

दरअसल 16 सितंबर को शाम 7 बजे से अमावस्या लगेगी और 17 सितंबर को शाम चार बजे तक रहेगी। इसलिए 17 सितंबर को ही सर्व पितृ अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मुत्यु की तिथि याद ना हो। एक तरह से सभी भूले बिसरों को इस याद कर उनका तर्पण किया जाता है। ब्रह्म पुराण के अनुसार जो वस्तु उचित काल या स्थान पर पितरों के नाम पर उचित विधि से दिया जाता है, वह श्राद्ध कहलाता है। 

सर्व पितृ अमावस्या के दिन  भी भोजन बनाकर इसे कौवे, गाय और कुत्ते के लिए निकाला जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पितर देव ब्राह्राण और पशु पक्षियों के रूप में अपने परिवार वालों दिया गया तर्पण स्वीकार कर उन्हें खूब आशीरर्वाद देते हैं। इस दिन अपने पूर्वजों के न‍िम‍ित्‍त के योग्‍य व‍िद्वान ब्राह्मण को आमंत्र‍ित कर भोजन कराना चाह‍िए। इसके अलावा आप गरीबों को भी अन्‍न का दान कर सकते हैं। पितरों के न‍िम‍ित्‍त श्राद्ध 11:36 बजे से 12:24 बजे में ही करना चाहि‍ए।

अमावस्या समय
अमावस्या तिथि शुरू: 19:58:17 बजे से (सितंबर 16, 2020) 
अमावस्या तिथि समाप्त: 16:31:32 बजे (सितंबर 17, 2020)

महज कुछ साल पहले बने थे c.m.o. छापेमारी में निकला धनकुबेर

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील के नगर पालिका के सीएमओ कुलदीप किशुक के जहां लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की। लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार तड़के सीएमओ के ठिकानों पर छापेमारी की। जहां सीएमओ की करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त ने यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की है। इसमें और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

दरअसल, उज्जैन लोकायुक्त पुलिस को कई दिनों से कुलदीप के मामले में शिकायत मिल रही थी कि उन्होंने भ्रष्टाचार करके तमाम संपत्ति जुटाई है। कुछ वर्षों पहले ही नौकरी में आए कुलदीप का रहन सहन करोड़पति की तरह दिखाई दे रहा था। कई जगहों पर मकान दुकान और बैंकों में नगद खाते की जानकारी भी लोकायुक्त को मिली है। उज्जैन लोकायुक्त ने मंगलवार को कुलदीप किंशुक के घर पर कार्रवाई की है। जिसमें बड़नगर, उज्जैन और माकड़ोन में एक साथ कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही काली कमाई का आंकड़ा सामने आएगा।

आपको बता दें कि उज्जैन पुलिस ने हाल ही में माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए बयान जारी किया था। तब से ही यह माना जा रहा था कि अब उज्जैन जिले में भ्रष्टाचार करने वालों की खैर नहीं है। तमाम तरह के माफियाओं और संगठित गिरोह चलाकर राजस्व की हानि पहुंचाने वाले और आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

शरद ऋतु -बदलती ऋतु के साथ स्वास्थय सम्बन्धी प्रबंधन 

मौसम में बदलाव वातावरण के विभिन्न तत्वों में बदलाव लाता है | जहाँ वर्षा ऋतु में हर तरफ हरियाली छा जाती है, वसंत में पेड़ों पर नयी कोपलें आती हैं, वहीँ, शरद और ग्रीष्म ऋतु में धीरे-धीरे पेड़ अपना हरा आवरण उतार देते हैं | मौसमी बदलाव पशुओं पर भी असर करता है | शीतनिद्रा या शीतस्वाप इसका प्रमुख उदाहरण है | क्योंकि मानव जाति इस पारितंत्र का हिस्सा है, मौसम में बदलाव का प्रभाव मनुष्य पर भी पड़ता है |

मानव शरीर में स्वयं को वातावरण के अनुकूल बनाने की अद्भुत क्षमता है | किन्तु, कुछ परिस्थितयों में हमारा शरीर मौसमी बदलाव के अनुरूप स्वयं को ढाल नहीं पाता है | जिसके परिणाम स्वरुप शारीरिक दोष में असंतुलन हो जाता है | इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियां होने की सम्भावना बढ़ जाती है |

त्तश्यशीताध्यादाहरद बलं वर्णाश्च वर्धते ।

यस्यऋतुसात्मयम विदितं चेष्टाहारव्यापाश्रयं ।।


जिस व्यक्ति को मौसम के अनुकूल आहार नियम का ज्ञान होता है और जो उसे अमल में लाता है, उसकी शक्ति में वृद्धि होती है और वर्ण तेजस्वी होता है |

जलवायु में परिवर्तन को अनुकूल बनाने के लिए जीवनशैली में कई बदलाव लाने पड़ते हैं | यही वह समय है जब फ्लू, सर्दी-ज़ुकाम, खांसी और साइनोसाइटिस जैसी समस्याएं उन्पन्न होती हैं |

हम अपने शरीर को इस बदलाव के अनुकूल बनाने के लिए निम्नलिखित तरीके अपना सकते हैं :

पालन करें :

नियमित व्यायाम : अध्ययन से ज्ञात होता है कि शरद ऋतु में लिपिड प्रोफाइल में असंतुलन  ज़्यादा समभावना रहती है | ह्रदय तथा रक्तवाहिकाओं सम्बन्धी बीमारियों का भी खतरा रहता है | इसलिए मौसम अनुरूप वस्त्र धारण कर शारीरिक गतिविधियों में भाग लें जैसे, चलना, जॉगिंग, योग इत्यादि |मौसमी खाद्य पदार्थ और मेवे आहार में शामिल करें – आयुर्वेद के अनुसार आंवला, नारंगी, मोसम्बी जैसे फल, शकरकंद, सूखे बीन्स, मटर जैसी सब्ज़ियां और बादाम, अखरोट, खुमानी, अंजीर, खजूर जैसे मेवे, खाएं | इनमें विटामिन स प्रचुर मात्रा में होता है | ये खाद्य पदार्थ इस मौसम में होने वाले संक्रमण से शरीर की रक्षा करते हैं | इनमें  मौजूद अच्छा वसा ठण्ड से राहत देता है और बी-विटामिन और खनिज पदार्थ शरीर को चुस्त और तरोताज़ा रखते हैं |अन्य खाद्य पदार्थ और मसाले – तिल और उसने बानी खाद्य सामग्री, गन्ना और गुड़, वसा युक्त मछली, घी, दूध और दुग्ध पदार्थ, काली मिर्च, अदरक, जीरा, हल्दी इत्यादि कैल्शियम, आयरन और अच्छे वसा के स्त्रोत हैं | उक्त मसाले पाचन में सहायक होते हैं | इनमें सूजन अवरोधक और जीवाणुरोधी क्षमता भी होती है |शुष्कता से बचने के लिए तिल के तेल की मालिश और गुनगुने पानी से स्नान का सुझाव दिया जाता है |ताज़ा, गर्म भोजन ही ग्रहण करें |विटामिन डी के लिए हर रोज़ काम से काम ३० मिनट तक धूप में रहें |

बचें :

अत्यधिक ठण्ड से बचें; ज़्यादा देर तक बाहर न रहें |ठण्डा भोजन और पेय पदार्थ ग्रहण न करें |संसाधित खाद्य पदार्थ न लें, ताज़े खाद्य पदार्थ भोजन में शामिल करें |रात को देर से न सोएं |आयरूवेद के अनुसार कसैले खाद्य पदार्थों से बचें | ये वात दोष उत्प्रेरक हैं |

शरद ऋतु में होने वाली स्वास्थय सम्बन्धी समस्याएं और उनका निवारण

सर्दी-ज़ुकाम : एक चौथाई सोंठ का चूर्ण, एक चौथाई काली मिर्च का चूर्ण, ४-५ तुलसी के पत्ते, १ लौंग, दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा, आधा चम्मच अजवाइन के दाने – दो कप पानी में ये सभी उबालें। मिश्रण आधा होने पर गुड़ मिलाएं | दिन में दो बार आधा-आधा कप सेवन करें |शुष्करूखी त्वचा – गुनगुने धन्वंतरि तेल की नियमित मालिश करें, चेहरे पर इलादि तेल लगाएं |ठण्ड और बंद नाक की वजह से होने वाला सर दर्द – नासिका छिद्र में सोने से पहले षड्बिन्दु/अनुतैल की २ गुनगुनी बूदें डालें |ठण्ड से बचने के लिए – रात को सोने से पहले यूकेलिप्टस तेल की बूदें की भाप लें |कब्ज – रात को गन्धर्व हरितकी चूर्ण की गुनगुने पानी के साथ माध्यम खुराक लें |फटे  हुए होंठ और एड़ियाँ – कैलाश जीवन का उपयोग दोनों के लिए सहायक है | खाली पेट गाय के घी का सेवन भी निवारण में मदद करता है |फुलाव/सूजन – एक चम्मच हिंग्वाष्टक चूर्ण गुनगुने पानी के साथ भोजन के आधा घंटा बाद लें |

मौसमी बदलाव के प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए आहार , व्यायाम और नींद में मौसम अनुकूल परिवर्तन लाना हितकर होता है | इससे हमारे शरीर को  जलवायु परिवर्तन का कुशलता पूर्वक सामना करने में मदद मिलती है