सलमान खान को जोधपुर अदालत में होना होगा काला हिरण मामला

राजस्थान की जोधपुर की जिला अदालत ने सलमान खान को 28 सितंबर को पेश होने को कहा है. इस मामले में सोमवार को जिला जज की ओर से आदेश जारी किया गया.

नई दिल्ली

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं. कांकाणी हिरण शिकार मामले में सलमान खान को जोधपुर की अदालत में पेश होना होगा. राजस्थान के जोधपुर की जिला अदालत ने सलमान खान को 28 सितंबर को पेश होने को कहा है. इस मामले में सोमवार को जिला जज की ओर से आदेश जारी किया गया. सोमवार को हुई सुनवाई में सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत अदालत में मौजूद रहे.

बता दें कि साल 1998 में फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान सलमान खान और उनके साथ ही फिल्म में काम कर रहे सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेंद्रे और दुष्यंत सिंह पर कांकाणी गांव में एक काले हिरण का शिकार करने का आरोप लगा था, जिस पर कोर्ट में मुकदमा चल रहा है.

इस केस के चलते सलमान को समय-समय पर कोर्ट में हाजिरी लगानी पड़ती है और सुनवाई के लिए भी जाना पड़ता है. साल 2018 में 5 अप्रैल को जोधपुर सेशन कोर्ट के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देवकुमार खत्री ने काला हिरण शिकार मामले में सलमान को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी. सलमान पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा था.

सलमान के अलावा बाकी आरोपी हुए थे रिहा

वहीं बाकी आरोपियों सैफ अली खान, नीलम, सोनाली, तब्बू और दुष्यंत सिंह को बाइज्जत बरी कर दिया गया था. सलमान ने निचली अदालत के फैसले के विरुद्ध जिला एवं सेशन कोर्ट में अपील की थी. 7 अप्रैल को जिला एवं सेशन कोर्ट ने सलमान के खिलाफ सुनाई गई निचली अदालत की सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें सशर्त जमानत दे दी थी. इसके बाद सलमान के वकील ने उनकी जमानत की अर्जी डाली थी, जिस पर अभी भी कार्यवाही हो रही है.वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान अपनी फिल्म राधे: योर मोस्ट वॉन्टेड भाई को लेकर चर्चा में है. इस फिल्म को प्रभुदेवा डायरेक्ट कर रहे हैं. इस फिल्म में सलमान के साथ दिशा पाटनी और रणदीप हुड्डा जैसे सितारे भी नजर आएंगे. 

JNU के पूर्व छात्र नेता Umar Khalid को UAPA के तहत किया गिरफ्तार

दिल्ली
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली दंगों (Delhi Riots) की साजिश के मामले में JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद (Umar Khalid) को गिरफ्तार किया। Umar Khalid की गिरफ्तारी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत की गई है।

इस साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों (North-East Delhi Riots) में कथित भूमिका के चलते पुलिस ने रविवार रात जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को गिरफ्तार किया। स्पेशल सेल ने 11 घंटे चली लंबी पूछताछ के बाद खालिद को गिरफ्तार किया। खालिद को सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल खालिद से इस मामले में दो बार पहले भी पूछताछ कर चुकी है। खालिद से कई महीनों पहले इस बारे में पहली बार पूछताछ की गई थी, जबकि 2 सितंबर को उससे दूसरी बार पूछताछ की गई थी।

फरवरी में हुए थे दंगे:

दिल्ली के उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 23 से 26 फरवरी के बीच दंगे हुए थे। इनमें 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोधियों और समर्थकों के बीच हिंसा के बाद ये दंगे हुए थे।

पहले भी हो चुकी गिरफ्तारी:

उमर खालिद को इससे पहले साल 2016 में जेएनयू में हुई कथित देशविरोधी नारेबाजी के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। वो जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के साथ देशद्रोह मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल हैं।

20 साल बाद सपना साकार! अब सालभर पूरी तरह देश से जुड़ा रहेगा लद्दाख

नई दिल्ली : हिंदुस्तान में 20 साल पहले देखा गया सपना पूरा होने जा रहा है. अब लद्दाख (Ladakh) को साल भर देश से जोड़े रह पाना संभव हो जाएगा. दरअसल रोहतांग पास (Rohtang Pass) के नीचे से निकलने वाली टनल के शुरू होते ही लद्दाख तक पहुंचने का सबसे छोटा और सबसे आसाना रास्ता भी खुल जाएगा. ये रास्ता होगा मनाली से हिमाचल के दार्चा, शिंकुला पास से होते हुए लद्दाख की जांस्कार वैली (Zanskar Valley) के जरिए आगे बढ़ेगा. 

नए रूट की खासियत
इस रास्ते में बर्फबारी कम है और ज्यादातर रास्ता नदी के साथ-साथ चलता है. इसलिए ये इकलौता ऐसा रास्ता होगा जिसके जरिए भारी बर्फबारी में भी लेह और कारगिल का सड़क मार्ग खुला रहेगा. इस रास्ते पर आने वाले इकलौते पास शिंगुला पर टनल बनाने का काम शुरू हो रहा है जिसमें तीन साल का समय लगेगा. लेकिन इस टनल के बनने से पहले ही ये रास्ता लद्दाख के लिए तीसरा रास्ता बनने को तैयार है.

अभी तक कारगिल (Kargil) या लेह (Leh) पहुंचने के लिए दो ही रास्ते थे. एक रास्ता श्रीनगर (Srinagar) से ज़ोज़िला पास पार करके कारगिल और लेह पहुंचने का है और दूसरा रास्ता मनाली से रोहतांग (Manali-Rohtang), लाचुंग ला (Lachung La), बारालाचला और तंगलांग ला होते हुए लेह और उसके बाद कारगिल पहुंचने का. लेकिन दोनों ही रास्ते साल के कुछ ही महीने खुले रहते हैं बाकी समय ऊंचे दर्रों पर भारी बर्फबारी के कारण बंद रहते हैं. 

रणनीतिक अहमियत
कारगिल युद्ध के समय ही एक तीसरे रास्ते की योजना बनाई गई थी जिसके ज़रिए साल भर लद्दाख का सड़क मार्ग खोला जा सके. ये आबादी के लिए भी फायदेमंद था और सेना के लिए भी जिसे गर्मियों के चार महीने में ही पूरे साल की रसद जमा करनी होती थी. अगर दुश्मन एक रास्ता बंद कर दे तो सेना के लिए संकट और बढ़ जाता है जैसा 1999 में कारगिल में हुआ था. रास्ता लंबा भी है. लेह से मनाली की दूरी 475 किमी है लेकिन चार दर्रों को अच्छे मौसम में भी पार करके सफर पूरा करने में दो दिन तक का समय लग जाता है. 

अभी 200 प्वाइंट पर एवलांच का खतरा
मनाली से दार्चा होते हुए 16600 फीट ऊंचे शिंकुला दर्रे को पार करके सड़क लद्दाख की ज़ांस्कार घाटी में उतरती है. यही इस सड़क का सबसे ऊंचा स्थान है. लेकिन यहां बर्फबारी कम होती है केवल एक जगह एवलांच का खतरा है. वहीं पुराने लेह-मनाली हाईवे पर 200 जगहें ऐसी हैं जहां पर एवलांच का खतरा है. इस सड़क को लेह से 100 किमी दूरी खलत्से में लेह-श्रीनगर हाई वे से जोड़ा गया है. यानी मनाली से कारगिल जाने के लिए साल भर खुली रहने वाली इस सड़क से दूरी 485 किमी रह जाएगी जो पहले 700 किमी थी. इस सड़क पर केवल एक पास और पहाड़ों के नीचे से जाने के कारण ये दूरी भी 9-10 घंटे में तय हो जाएगी. 

लेह से मनाली तक इतनी कसर बाकी
16 रोड्स बॉर्डर टास्क फोर्स के कमांडर मनोज कुमार जैन के मुताबिक लेह को इस सड़क से जोड़ने से मनाली की 475 किमी की दूरी घटकर लगभग 400 किमी रह जाएगी लेकिन इसके लिए अभी निम्मू से आगे 30 किमी के रास्ते को जोड़ना है. यहां पहाड़ों को काटकर सड़क बनाने का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है. अगले तीन साल में शिंगुला पर टनल भी बन जाएगी और तब तक हम बचे हुए रास्ते को भी पूरा कर लेंगे. फिर लेह से मनाली जाना कुछ घंटों का सुरक्षित सफर बन जाएगा.

Madhya Pradesh Byelection : कांग्रेस की दूसरी सूची में भी बाहरी नेताओं के नाम आने के संकेत

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के 27 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पहली बार बिना किसी शोर-शराबे के 15 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। सूत्रों ने बताया कि अब बाकी 12 उम्‍मीदवारों के चयन पर मंथन चल रहा है। दूसरी पार्टी से आए कुछ और नेताओं को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से मौका दिए जाने की संभावना है। कुछ सीटों पर पार्टी अपने पुराने नेता या उनके पारिवारिक सदस्यों को भी चुनाव मैदान में उतार सकती है।

सूत्रों ने बताया कि प्रत्याशियों की दूसरी सूची के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के 18-19 सितंबर को ग्वालियर दौरे के बाद आने की संभावना है। मध्‍य प्रदेश कांग्रेस में पहला मौका है जब बिना हंगामें के प्रत्याशियों की सूची जारी हो गई। इस सूची पर न प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन के नारे सुनाई दिए, न ही जिलों में विरोध देखने को मिला है।

अब पार्टी के सामने 12 बची हुई सीटों जौरा, सुमावली, मुरैना, मेहगांव, ग्वालियर पूर्व, पोहरी, मुंगावली, सुरखी, बदनावर, मांधाता, सुवासरा और बड़ा मलहरा पर प्रत्याशियों के नामों को तय करना है। मांधाता विधानसभा सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और उनके धुर विरोधी राजनारायण पुरनी के नाम चर्चा में हैं। कांग्रेस के सामने सबसे ज्यादा कश्मकश ग्वालियर पूर्व सीट को लेकर है। यहां मुख्य रूप से सतीश सिकरवार, राकेश चौहान, संत कृपाल सिंह, देवेंद्र शर्मा की दावेदारी बताई जा रही है।

सतीश सिकरवार को कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी की सदस्यता दिलाई है। उनके चचेरे भाई की दावेदारी भी दूसरी विधानसभा सीट से है। ऐसे में एक ही परिवार से दो लोगों को उपचुनाव में टिकट मिलने की संभावना कम है। बदनावर में धार के गौतम या बुंदेला के परिवारों के साथ स्थानीय व्यक्ति की मांग पर आशीषष धाकड़ और ध्रुवनारायण सिंह के नाम चर्चा में हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस जो दूसरी सूची लाएगी उसमें भी बाहरी नेताओं को मौका दिया जाएगा।

इन बाहरी नेताओं में सुमावली से बहुजन समाज पार्टी से आए अजय सिंह कुशवाह या बलवीर सिंह डंडौतिया में से किसी एक को टिकट मिलना तय है। वहीं ग्वालियर से सतीश सिकरवार तो मेहगांव से संभावित प्रत्याशियों में शामिल भाजपा के पूर्व नेता चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को टिकट दिए जाने की चर्चा है। हालांकि ग्वालियर-मेहगांव दोनों सीटों पर बाहरी नेताओं के लिए टिकट आसान भी दिखाई नहीं दे रहा है।

राकेश सिंह चतुर्वेदी के विरोध में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी हैं जिन्होंने अपने विरोधी रहे स्व सत्यदेव कटारे के परिवार से उनकी पत्नी या बेटे पूर्व विधायक हेमंत कटारे का नाम आगे कर दिया है। सुरखी में भी दूसरी पार्टी के नेता राजेंद्र सिंह मोकनपुर का नाम चला लेकिन कुछ समय से उन पर स्थानीय नेता नरेश जैन, अरणोदय चौबे, प्रभु सिंह ठाकुर एवं कमलेश साहू भारी साबित हुए हैं।

कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा के निधन से रिक्त हुई विधानसभा सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस के सामने मानवेंद्र गांधी और पंकज उपाध्याय जैसे नाम हैं। गांधी कांग्रेस में हाल ही में आए सतीश सिकरवार के चचेरे भाई हैं। पंकज पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के विश्वस्त बताए जाते हैं। यहां कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के पास बिकाऊ का नारा नहीं है। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के भूपेंद्र गुप्ता का कहना है कि बाकी बची हुई विधानसभा सीटों के सर्वे के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उन पर विचार-विमर्श चल रहा है। शीघ्र ही प्रत्याशियों का एलान कर दिया जाएगा।  

Madhya Pradesh Byelection : कांग्रेस की दूसरी सूची में भी बाहरी नेताओं के नाम आने के संकेत

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के 27 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने पहली बार बिना किसी शोर-शराबे के 15 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। सूत्रों ने बताया कि अब बाकी 12 उम्‍मीदवारों के चयन पर मंथन चल रहा है। दूसरी पार्टी से आए कुछ और नेताओं को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से मौका दिए जाने की संभावना है। कुछ सीटों पर पार्टी अपने पुराने नेता या उनके पारिवारिक सदस्यों को भी चुनाव मैदान में उतार सकती है।

सूत्रों ने बताया कि प्रत्याशियों की दूसरी सूची के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के 18-19 सितंबर को ग्वालियर दौरे के बाद आने की संभावना है। मध्‍य प्रदेश कांग्रेस में पहला मौका है जब बिना हंगामें के प्रत्याशियों की सूची जारी हो गई। इस सूची पर न प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर विरोध-प्रदर्शन के नारे सुनाई दिए, न ही जिलों में विरोध देखने को मिला है।

अब पार्टी के सामने 12 बची हुई सीटों जौरा, सुमावली, मुरैना, मेहगांव, ग्वालियर पूर्व, पोहरी, मुंगावली, सुरखी, बदनावर, मांधाता, सुवासरा और बड़ा मलहरा पर प्रत्याशियों के नामों को तय करना है। मांधाता विधानसभा सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और उनके धुर विरोधी राजनारायण पुरनी के नाम चर्चा में हैं। कांग्रेस के सामने सबसे ज्यादा कश्मकश ग्वालियर पूर्व सीट को लेकर है। यहां मुख्य रूप से सतीश सिकरवार, राकेश चौहान, संत कृपाल सिंह, देवेंद्र शर्मा की दावेदारी बताई जा रही है।

सतीश सिकरवार को कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी की सदस्यता दिलाई है। उनके चचेरे भाई की दावेदारी भी दूसरी विधानसभा सीट से है। ऐसे में एक ही परिवार से दो लोगों को उपचुनाव में टिकट मिलने की संभावना कम है। बदनावर में धार के गौतम या बुंदेला के परिवारों के साथ स्थानीय व्यक्ति की मांग पर आशीषष धाकड़ और ध्रुवनारायण सिंह के नाम चर्चा में हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस जो दूसरी सूची लाएगी उसमें भी बाहरी नेताओं को मौका दिया जाएगा।

इन बाहरी नेताओं में सुमावली से बहुजन समाज पार्टी से आए अजय सिंह कुशवाह या बलवीर सिंह डंडौतिया में से किसी एक को टिकट मिलना तय है। वहीं ग्वालियर से सतीश सिकरवार तो मेहगांव से संभावित प्रत्याशियों में शामिल भाजपा के पूर्व नेता चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को टिकट दिए जाने की चर्चा है। हालांकि ग्वालियर-मेहगांव दोनों सीटों पर बाहरी नेताओं के लिए टिकट आसान भी दिखाई नहीं दे रहा है।

राकेश सिंह चतुर्वेदी के विरोध में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी हैं जिन्होंने अपने विरोधी रहे स्व सत्यदेव कटारे के परिवार से उनकी पत्नी या बेटे पूर्व विधायक हेमंत कटारे का नाम आगे कर दिया है। सुरखी में भी दूसरी पार्टी के नेता राजेंद्र सिंह मोकनपुर का नाम चला लेकिन कुछ समय से उन पर स्थानीय नेता नरेश जैन, अरणोदय चौबे, प्रभु सिंह ठाकुर एवं कमलेश साहू भारी साबित हुए हैं।

कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा के निधन से रिक्त हुई विधानसभा सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस के सामने मानवेंद्र गांधी और पंकज उपाध्याय जैसे नाम हैं। गांधी कांग्रेस में हाल ही में आए सतीश सिकरवार के चचेरे भाई हैं। पंकज पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के विश्वस्त बताए जाते हैं। यहां कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के पास बिकाऊ का नारा नहीं है। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के भूपेंद्र गुप्ता का कहना है कि बाकी बची हुई विधानसभा सीटों के सर्वे के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उन पर विचार-विमर्श चल रहा है। शीघ्र ही प्रत्याशियों का एलान कर दिया जाएगा।  

कोरोना से बचने के लिये स्वास्थ्य मंत्रालय के नए प्रोटोकॉल की ये 10 बातें खास कैसे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ायें.

कोरोना वायरस (Corona virus) के मामले भारत में बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं. कोविड-19 से होने वाले बदतर हालात को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने ‘पोस्ट कोविड-19 मैनेजमेंट प्रोटोकॉल’ जारी किया है. संबंधित प्रोटोकॉल (Protocol) में मरीज की रिकवरी और कॉम्यूनिटी लेवल पर वायरस की रफ्तार को कम करने के तरीके बताए गए हैं. इसमें इम्यूनिटी (Immunity) बढ़ाने के भी कई खास नुस्खों के बारे में जानकारी दी गई है.

घर में क्वारनटीन रहकर रिकवर होने वाले मरीजों के लिए प्रोटोकॉल में कई अहम बातें शामिल हैं. प्रोटोकॉल के मुताबिक, ऐसे मरीज मास्क, हाथों की सफाई (Hand wash) और रेस्पिरेटरी हाइजीन (Respiratory hygiene) का खास ख्याल रखें. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) के नियम का गंभीरता से पालन करें और पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी पीएं.

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय की दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है. यदि स्वास्थ्य अनुमति देता है तो नियमित रूप से घरेलू काम किया जाना चाहिए. ऑफिस का काम धीरे-धीरे शुरू करें. इस दौरान लोगों को हल्का-फुल्का व्यायाम (एक्सरसाइज) करने की भी सलाह दी गई है.

इसके अलावा सेहत का ख्याल रखते हुए रोजाना योगासन, प्राणायाम और मेडिटेशन करें. फिजिशियन इसमें ब्रीदिंग एक्सरसाइज (श्वसन व्यायाम) की भी सलाह देते हैं. शारीरिक क्षमता के अनुसार रोजाना मॉर्निंग वॉक और इवनिंग वॉक पर जाएं.

अपने पौष्टिक आहार को बैलेंस करें. ताजा पका हुआ और नरम खाना आसानी से पचाया जा सकता है. पर्याप्त नींद और आराम का भी विशेष ध्यान रखें. एल्कोहल या धूम्रपान का सेवन ना करें. घर में रहते हुए अपनी हेल्थ को अच्छे से मॉनिटर करें. खासतौर से शरीर का तापमान, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर (अगर डायबिटीज हो तो) और पल्स ऑक्सीमेट्री की जानकारी रखें.

यदि सूखी खांसी और गले में खराश है तो नमक के पानी से गरारे करें और स्टीम लें. स्टीम लेने के लिए पानी में जड़ी बूटियों का भी इस्तेमाल करें. खांसी में डॉक्यर या आयुष मंत्रालय के क्वालीफाइड प्रैक्टिशनर की सलाह पर ही दवा लें. तेज बुखार, सांस में तकलीफ, छाती में दर्द और कमजोरी जैसे कोरोना के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें.

नए प्रोटोकॉल में इम्यूनिटी बढ़ाने के नुस्खे भी बताए गए हैं. इसके लिए आयुष मंत्रालय की दवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं. एक कप में रोजोना आयुष क्वाथ मिलाकर पीएं. दिन में दो बार 1-1 ग्राम संशमनी वटी ले सकते हैं. 1-3 ग्राम गिलोय पाउडर निवाय पानी में मिलाकर 15 दिन पीएं. दिन में 1 ग्राम अश्वगंधा या 1-3 ग्राम अश्वगंधा पाउडर दिन में दो बार 15 दिन तक ले सकते हैं.

सूखी खांसी होने पर 1-3 ग्राम मुलेठी पाउडर निवाय पानी के साथ दिन में दो बार लें. सुबह-शाम गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीएं. खांसी में आराम के लिए पानी में हल्दी और नमक मिलाएं. रोजाना सुबह एक चम्मच (5 मिलीग्राम) च्यवनप्राश का सेवन करें.

रिकवर होने के बाद सोशल मीडिया, धार्मिक गुरुओं, समुदाय के नेताओं द्वारा अपना सकारात्मक अनुभव दोस्तों और रिश्तेदारों संग साझा करें और अफवाहों को दूर कर लोगों को जागरुक बनाएं. सेल्फ हेल्प ग्रुप्स, सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशन और क्वालीफाइड प्रोफेशनल्स की मदद को आगे आएं. योग और मेडिटेशन के ग्रुप सेशन में हिस्सा लें. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का ख्याल रखें.

आज पुख्य नक्षत्र में 6 ग्रह अपनी स्व राशि में शुभ स्थिति में, संकल्प सिद्धि योग…250 साल बाद ऐसा योग…

गोचर में इन दिनों ग्रहों की शुभ स्थिति बनी हुई है. ऐसा माना जा रहा है, ग्रहों की अपने अपने घरों में यह स्थिति 250 साल

बाद आई है. आज पुख्य नक्षत्र भी है.  6 राषियों में जो योग बन रहा है, वह कई सदियों में नहीं बना था और अगली कई सदियों में भी नहीं बनेगा. राहु, केतु और शुक्र को छोड़कर शेष सभी 6 ग्रह अपनी स्वयं की राशि में रहेंगे. आज एक सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है.
सूर्य       सिंह राशि में
चंद्र       कर्क राशि में
मंगल    मेष राशि में
बुध      कन्या राशि में
गुरु      धनु राशि में
शनि     मकर राशि में

इन ग्रहों की शुभ स्थिति में कोई भी शुभ काम शुरु करना शुभ होता है.
सिद्धि प्राप्ति, मंत्र जाप, दान दक्षिणा ऐसे ग्रह स्थिति में फल दायक होते हैं.
मंत्रों का जाप, दान दक्षिणा देकर किसी रुके काम के लिये इन शुभ महुर्त में संकल्प लेकर सुपाड़ी या नारियल किसी मंदिर में भेंट कर दें आपका काम जरुर पूरा होगा.

Helth:  सिर्फ 21 दिन लगातार खाली पेट आंवला जूस पिए और फिर देखें आपके साथ क्या हो होगा ?

आंवला एक बेहतरीन औषधि है यह सेहत व स्वास्थ्य के लिए लाभदायक फलों में से एक माना जाता है | आंवले का इस्तेमाल अनेक रूपों में किया जाता है कई लोग इसका अचार बनाकर खाना पसंद करते हैं तो कई लोग इसका मुरब्बा खाना पसंद करते हैं | कई लोग इसे कच्चा खाते हैं तो कई लोग इसका रस निकाल कर पीते हैं |

आंवले के सेवन से शरीर की अनेक बीमारियों का नाश होता है यह कुदरत का एक नायाब तोहफा है जो कि हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद है अगर सुबह खाली पेट आंवला खाया जाए या फिर इस के जूस को पिया जाए तो पूरा दिन अच्छा बन जाता है आंवले के जूस में विटामिन सी और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है |हमारे शरीर में हर रोज विटामिन सी की जरूरत 50 मिलीलीटर ग्राम होती है इस जरूरत को हम आंवला जूस के द्वारा पूरा कर सकते हैं तो आइए दोस्तों जानते हैं आंवला जूस पीकर हम किन- किन बीमारियों को अपने शरीर से दूर रख सकते हैं |

आंवला जूस पीने के फायदे:-

1 . कब्ज –

आंवला जूस पीने से पाचन शक्ति अच्छी बनी रहती है जिससे कब्ज नहीं होती और पेट खुलकर साफ होता है|

2 . सर्दी- जुखाम –

आंवले में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो कि शरीर की इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखता है इसलिए इस जूस को पीने से आप सर्दी जुखाम से दूर रह सकते हैं |

3 . कोलेस्ट्रॉल कम करें –

आंवले का जूस पीने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है अगर कोई व्यक्ति हाई कोलेस्ट्रॉल का मरीज है तो सिर्फ एक गिलास जूस उसके लिए वरदान साबित हो सकता है इसे हर रोज पीने से शरीर के खराब कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम होने लगती है और शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है |

4 . खून को साफ करता है आंवला

अगर प्रतिदिन आंवले का सेवन किया जाए तो शरीर का गंदा खून साफ होता है अगर आंवले के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर इसका सेवन किया जाए तो खून साफ करने में यह और भी बेहतर रिजल्ट देता है |

5 . बालों के लिए उपयोगी –

आंवला रस पीने से बाल लंबे घने चमकदार और काले होते हैं यह बालों को तेजी से बढ़ने में मदद करता है इससे बाल मजबूत बनते हैं और असमय सफेद होते बालों को भी यह जूस काला कर देता है |

6 .शक्ति बढ़ाएं –

आंवले के सेवन से शरीर की शक्ति बढ़ती है शरीर शक्ति वर्धक बन जाता है |

7 .पेशाब की जलन दूर करता है –

आंवले के सेवन से पेशाब में हुई जलन खत्म हो जाती है पेशाब की जलन होने पर 30 MM आंवले के रस को हर रोज दिन में दो बार पीना चाहिए |

8 . गैस दूर करें-

अक्सर तीखा, चटपटा खाने से पेट में गैस बन जाती है | आंवले में एंटीआक्सीडेंट एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जिसके कारण आंवला पेट में गैस नहीं बनने देता |

9 .आंखों के लिए फायदेमंद आंवला का जूस –

आंवले का जूस सेवन करने से आंखों से संबंधित प्रॉब्लम दूर हो जाती है इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती
है |

10 .बवासीर में फायदेमंद –

कब्ज होने से बवासीर रोग हो जाता है आंवला जूस पीने से एक तो कब्ज दूर होती है और दूसरी तरफ यह बवासीर को भी खत्म कर देता है |

11 . मुंह के छालों का इलाज –

अगर आंवला रस से कुल्ला करते हैं तो मुंह के छालों से राहत मिलती है |

12 .औरतों के लिए फायदेमंद –

अगर दिन में दो से तीन बार आंवले का रस हर रोज पिया जाता है तो औरतों की पीरियड से संबंधित प्रॉब्लम दूर हो जाती है |

13 .डायबिटीज में फायदेमंद –

आंवले में गैलिक एसिड,गेलौटेनिन, एलेजिक एसिड और कोरिलेंगिन होते हैं जो ब्लड ग्लूकोस लेवल को कम करने में मदद करते हैं इसलिए सुबह खाली पेट आंवले का रस जरूर पीना चाहिए |

14 . मुंहासे दूर करता है आंवला –

आंवला जूस के सेवन से चेहरे के मुहासे और पिंपल से निजात मिलती है यदि चेहरे पर दाग धब्बे हैं तो कॉटन की सहायता से आंवला रस चेहरे पर लगाएं इससे चेहरे के दाग धब्बे गायब होने लगते हैं चेहरा निखरने लगता है और चेहरा सुंदर व दाग रहित हो जाता है |

15 .अस्थमा में फायदेमंद-

आंवले के सेवन से अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी फेफड़ों की बीमारी में फायदा मिलता है |

16 कैंसर से बचाव –

इसमें एंटी इंफ्लेमेंटरी , विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं यह सभी तत्व कैंसर जैसी बीमारी से बचाए रखने में मदद करते हैं इसलिए हर रोज एक गिलास आंवला जूस पीने से कैंसर जैसी समस्याओं से निजात पाई जा सकती है |

17 .दिल के लिए फायदेमंद –

आंवला दिल को स्वस्थ रखने का काम करता है इसमें एमिनो एसिड और एंटी आक्सीडेंट पाए जाते हैं जो हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है |

18 त्वचा के लिए फायदेमंद –

आंवले के रस में एंटीआक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो बढ़ती उम्र का असर चेहरे पर नहीं पढ़ने देते इसलिए नियमित रूप से आंवला जूस पीते रहने से त्वचा लंबे समय तक जवाँ दिखाई देती है अब हम आपको बताते हैं आंवला जूस बनाने की विधि –

आंवला जूस कैसे बनाएं – आंवला जूस बनाने के लिए आपको ताजे आंवले का प्रयोग करना है ताजे आंवले को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें इसकी गुठली को अलग कर लें अब इस कटे हुए आंवले को मिक्सी में थोड़ा सा पानी डालकर पीस लें फिर पिसे हुए आंवले को साफ कपड़े में डाल कर इसे कपड़छान कर ले किसी बर्तन में जूस को इकट्ठा कर ले | अब आपका जूस तैयार है |अगर आप हर रोज ताजा जूस बनाते हैं तो यह और भी फायदेमंद है | आंवले का जूस बनाने के लिए आप ताजे आंवले को कद्दूकस भी कर सकते हैं और इस कद्दूकस किए हुए आंवले को अच्छी तरह से निचोड़ ले तब भी आप आंवले का रस प्राप्त कर सकते हैं अब आप का जूस तैयार हैं आप चाहे तो इसमें थोड़ा सा पानी भी मिला सकते हैं |

संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से, कोरोना महामारी के कारण कई बदलाव

संसद का मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है.

नईदिल्ली

कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद ये पहला मौका होगा जब संसद बैठेगी, इसलिए कई बदलाव किए गए हैं.

एक अक्तूबर तक चलने वाले इस सत्र में सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोरोना से जुड़े अन्य नियमों का पालन करने के इंतज़ाम किए गए हैं.

मॉनसून सत्र में हर दिन लोकसभा और राज्यसभा के चार-चार घंटों के सेशन होंगे.

राज्यसभा सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी. लोकसभा दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी.

हालांकि, पहले दिन यानी सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही पहले सेशन में होगी.

23 नए बिल लाने की योजना

न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सरकार इस सत्र में 23 नए बिल लेकर आएगी, इनमें से 11 पुराने अध्यादेश हैं जो बिल के रूप में आएंगे.

इनमें से एक स्वास्थ्य कर्मियों पर होने वाली हिंसा की रोकथाम के लिए है. अभी लागू अध्यादेश के मुताबिक कोविड -19 के दौरान स्वास्थ्यकर्मी के साथ हिंसा करना एक ग़ैर ज़मानती अपराध है और इसके लिए सात साल तक की सज़ा और 5 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है. इसके तहत डॉक्टर, स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोग और आशा कार्यकर्ता भी आती हैं.

सांसदों का वेतन कम करने के प्रावधान वाला बिल भी संसद में पेश किया जाएगा. इसे लेकर भी सरकार पहले ही अध्यादेश ला चुकी है. इसके मुताबिक एक अप्रैल 2020 से एक साल तक के लिए सांसदों का वेतन 30 प्रतिशत कम कर दिया गया है. बची हुई रकम का इस्तेमाल कोरोना महामारी से लड़ने के लिए किया जाएगा.

नए बिलों में जम्मू और कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक 2020 शामिल है. विधेयक में उर्दू और अंग्रेज़ी के अलावा कश्मीरी, डोगरी और हिंदी को जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषा बनाना का प्रावधान है. इसके अलावा हाथ से मैला ढोने वालों, कृषि, कोऑपरेटिव और आर्थिक बदलावों से जुड़े बिल भी संसद में पेश किए जाएंगे.

नए बिलों को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, “पहले तो मैं कह दूँ कि तीन अध्यादेशों का हम बिल्कुल स्पष्ट तरीके से विरोध कर रहे हैं, इसमें कोई किंतु नहीं है, परंतु नहीं है, स्पष्ट तरीके से, 100 प्रतिशत कृषि संबंधित तीन अध्यादेश, जो जारी किए गए थे, हम इसके ख़िलाफ़ हैं. जैसा कि आप लोग जानते होंगे ये दो अध्यादेश एग्री मार्केटिंग पर हैं और तीसरा वाला एसेंशियल कमोडिटी कानून पर है.”

उन्होंने कहा, “दो अध्यादेश ऐसे हैं, जो सांसद और मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती की बात करते हैं. हम उसका पूरा समर्थन कर रहे हैं, पर हम इस संदर्भ में सवाल उठा रहे हैं. एक, यहां सांसदों का वेतन कटा जा रहा है और साथ-साथ आप 20,000-25,000 करोड़ लेकर सेंट्रल विस्टा रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की शुरुआत कर रहे हैं. तो एक तरफ आप कह रहे हैं कि सरकार की तिजोरी में पैसा नहीं है और दूसरी तरफ राजपथ की ओर से सरकारी दफ्तरों, कार्यालयों का 20-25 हजार करोड़ का पुनर्विकास हो रहा है, ऐसा क्यों हो रहा है?”