वायुसेना में शामिल हुए राफेल विमान, एयर शो में किया दमदार प्रदर्शन

फ्रांस से आए लड़ाकू विमान Rafale आज औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना का हिस्सा बन गए। जुलाई में फ्रांस से भारत आए पांच राफेल विमानों को आज भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया। अंबाला एयरबेस पर भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली की मौजूदगी में सर्वधर्म पूजा के साथ समारोह शुरू हुआ। इसके बार राफेल ने एयर शो में दमदार प्रदर्शन किया।इसके बाद एयर शो हुआ। सबसे पहले सुखाई लड़ाकू विमानों ने एयर शो में हिस्सा लिया। इसके बाद फ्रांसिसी लड़ाकू विमान जैगुआर और फिर राफेल ने इस शो में अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का दिल जीता। इसकी गर्जना से दुश्मन देशों की चिंता बढ़ गई। लैंडिंग के बाद राफेल विमान को वाटर कैनन सैल्युट दिया गया। भारत में निर्मित लड़ाकू विमान तेजस भी इस शो में शामिल हुआ। इसके बाद हेलीकॉप्टर्स के प्रदर्शन ने सभी को रोमांचित किया।

दो राफेल विमानों ने इस एयर शो में हिस्सा लिया। हेलीकॉप्टरों के जरिए राफेल विमानों और इन चारों पायलटों का स्वागत किया गया।

हिंदू, मुस्लिम, सिख और इसाई धर्म के गुरुओं ने पूजा-अर्चना और प्रार्थना की। चारों धर्म के गुरुओं ने राफेल, भारतीय सेना और सरकार के लिए प्रार्थना की।

योग गुरु स्वामी रामदेव ने खारिज कर दिया था कैबिनेट मंत्री का दर्जा, कहा था- बाबा हूं बाबा ही रहने दो

योग गुरु बाबा रामदेव की राजनीतिक महत्वाकांक्षा को लेकर अकसर सवाल पूछा जाता रहा है, लेकिन उन्होंने इसे हमेशा ही खारिज किया है। यहां तक कि वह हरियाणा सरकार की ओर से दिए कैबिनेट मंत्री के दर्जे को भी ठुकरा चुके हैं। दरअसल 2015 में हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने बाबा रामदेव को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने का ऐलान किया था, लेकिन पूरी वाकपटुता के साथ बाबा रामदेव ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। पतंजलि आयुर्वेद कंपनी के संस्थापक रामदेव ने कहा था, ‘बाबा हूं बाबा ही रहने दो, मुझे मंत्री पद नहीं चाहिए।’ यह कहकर बाबा रामदेव ‌ने हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री के दर्जे को ठुकरा दिया था।

इसके बाद हरियाणा सरकार ने दिल्ली से 60 किलोमीटर दूर सोनीपत के राई में बाबा रामदेव के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया था। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर सहित हरियाणा सरकार के कई मंत्री इस कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे। इस कार्यक्रम में बाबा रामदेव उपस्थित जरूर हुए थे, लेकिन उन्होंने कैबिनेट मंत्री का दर्जा लेने के इनकार कर दिया था। इस कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने कहा था, ‘हरियाणा सरकार ने मुझे कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान किया। इसके लिए मैं उनका आभारी हूं। पर मैं एक बाबा और फकीर रहकर ही देश की सेवा करना चाहता हूं। जो आपने मुझे दिया उसके लिए मैं आपका आभारी हूं पर आदरपूर्वक मैं इसे वापस कर रहा हूं।’

यही नहीं 2014 में हरियाणा‌ में सरकार बनने के बाद खट्टर सरकार ने बाबा रामदेव को हरियाणा का ब्रांड अंबेसडर बनाया था। बाबा रामदेव ने इसी कार्यक्रम में यह भी कहा था मैं कैबिनेट मंत्री का दर्जा तो नहीं ले सकता परंतु हरियाणा के ब्रांड एंबेसडर के रूप में योग और आयुर्वेद को जरूर प्रमोट करूंगा। अपने ही अंदाज में बाबा रामदेव ने कहा था हरियाणा चुनाव से पहले लोग कहा करते थे बाबा के पास बहुत सांसद हैं। चुनाव के बाद लोग कह रहे हैं बाबा के पास बहुत सारे मंत्री हैं।

अन्नदाता के खेत पर सिंधिया और शिवराज की सभा के लिए जबरन लगाया पंडाल.

किसान  ने बताया कि सभा स्थल के लिए खेत की मेढ़ को भी मिटाया गया और इस पूरे मामले में आपत्ति जताने पर किसान पर पुलिस से झूठे केस लगवाने की धमकी भी दी गयी.

मुरैना  मध्य प्रदेश (MP) में 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी कमर कस ली है. ऐसे में पार्टी के सभी नेता जोर शोर से मेहनत करने में जुटे हैं. वहीं सीएम शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया की दिमनी विधान सभा का एक जनसभा कार्यक्रम विवादों के घेरे में आ गया है. कार्यक्रम स्थल वाले खेत मालिक किसान रामकिशोर सिंह तोमर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जानकारी के मुताबिक किसान ने आरोप लगाया है कि सीएम का सभा स्थल उसकी सहमति के बिना ही उसके खेत पर बना दिया गया है.

किसान का कहना है कि उसने सरसों के लिए हाल ही में खेत जुतवाया था. उसने बताया कि सभा स्थल के लिए खेत की मेढ़ को भी मिटाया गया और इस पूरे मामले में आपत्ति जताने पर किसान पर पुलिस से झूठे केस लगवाने की धमकी भी दी गयी. मामले के चलते किसान पिछले दो दिन से घर नहीं गया है. वह वहीं उसी खेत पर डेरा डाल कर बैठा है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा वह वहां से नहीं जाएगा.

Covid-19:WHO ने बताया भूलकर भी मास्क पहनते समय न करें ये गलतियां, पछताना पड़ेगा

कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचने के लिए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड सैनिटाइजर का नियमित प्रयोग जैसे उपाय सुझाए गए हैं। लेकिन अब जब खराब अर्थव्यवस्था को बल देने के लिए देश को अनलॉक किया जा रहा है तो लोग कोरोना के खतरे से बचे रहने के लिए मास्क को अपने लिए सबसे जरूरी हथियार मान रहे हैं। लेकिन गलत तरीके से पहना गया मास्क वायरस की चपेट में आने की संभावना और व्यक्ति में झूठी सुरक्षा का भ्रम पैदा करता है। यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने एक वीडियो जारी कर लोगों को बताया है कि मास्क पहनते समय वो कौन सी गलतियां कर रहे हैं। आइए जानते हैं।

ढीला मास्क-
मास्क पहनते समय ध्यान रखें कि मास्क व्यक्ति के चेहरे से चिपका हुआ होना चाहिए, ताकि ऊपर, नीचे या किसी भी दिशा से वायरस आपकी नाक और मुंह में प्रवेश न कर सकें। लेकिन कई लोग ढीला मास्क पहन रहे हैं।

नाक के नीचे मास्क पहनना-

व्यक्ति नाक से ही सांस खींचता और छोड़ता है। इसलिए मास्क पहनते समय ध्यान रखें कि आपका नाक और मुंह दोनों ढके होने चाहिए। लेकिन कई लोग सुविधा को देखते हुए मास्क को पहनते समय अपनी नाक बाहर निकाल लेते हैं, जो गलत है। 

बात करने के लिए मास्क उतारना-
देखा जा रहा है कि लोग एक दूसरे से बात करते समय मास्क को चेहरे से हटा देते हैं। जो कोरोना के संक्रमण को फैलने में मदद कर सकता है। ऐसा करने से भी बचें। 

मास्क को बार-बार छूना-
यह गलती 99 प्रतिशत लोगों को करते हुए देखा गया है। लोग मास्क पहनने के बाद थोड़ी-थोड़ी देर में उसे उतारते और पहनते रहते हैं, जो गलत आदतें हैं। ऐसा करने से आप मास्क पहनने का मकसद पूरा नहीं करते। 

मास्क की अदला-बदली
ये गलती एक परिवार में रहने वाले सदस्यों को करते देखा जा रहा है। एक ही परिवार में रहने वाले सदस्य बाहर जाते समय एक-दूसरे से मास्क भी शेयर कर रहे हैं। जो कि गलत आदत है। याद रखें कोरोना वायरस के 50 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, वो बाहर से स्वस्थ नजर आता है। ऐसे में मास्क की अदला-बदली वायरस के फैलने का कारण बन सकती है। 

उपचुनाव: ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ से अचानक क्यों दूर हो गए बीजेपी के ‘संकटमोचक’!

भोपाल. मध्य प्रदेश में जल्द ही उपचुनाव होने वाले हैं। बीजेपी और कॉंग्रेस पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई हैं। सरकार बदलने के बाद सबसे ज्यादा सिंधिया समर्थकों की सीटों पर उपचुनाव होना है। प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर संगठन के पदाधिकारी पूरी ताकत के साथ मैदान में आ गये है तो पूर्व सीएम कमलनाथ सहित कांग्रेस की एक टीम ग्वालियर चंबल में केम्प किये हुए है। पर इस पूरी कवायद में ग्वालियर क्षेत्र से आने वाले और बीजेपी का संकटमोचक नरोत्तम मिश्रा कही गायब दिखाई दे रहे हैं। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा सत्ता परिवर्तन े समय भी बहुत सक्रिय थे पर आजकल वह ग्वालियर-चंबल से दूर दूर नजर आ रहे हैं।

नरोत्तम मिश्रा ने ग्वालियर अंचल में सत्त बदलने के साथ ही सबसे पहले बीजेपी के नाराज नेताओं को मनाने की शुरुआत की थी वह सबसे पहले पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा से मिलने पहुंचे थे इसके साथ ही कई बड़े नेताओं की नाराजगी को लेकर मनाने का दौर चला पर अब नरोत्तम दूर हैं और बीजेपी के दूसरे दिग्गजों ने उपचुनाव के लिए ग्वालियर चंबल में मोर्चा संभाल लिया है। अब राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट है कि नरोत्तम मिश्रा उप चुनाव से खुद दूर हो गए हैं, या जान बूझकर उन्हें वहां दूर कर दिया गया है। फिलहाल ग्वालियर-चंबल में 16 सीटों पर उपचुनाव हैं। ऐसे में उनका दूर होना कई सवाल भी खड़ा कर रहा है। हालांकि पार्टी के दिग्गज नेता और खुद नरोत्तम मिश्रा इन खबरों का खंडन कर देते हैं।

सिंधिया की बगावत में सक्रिय

कांग्रेस में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बगावत के दौरान दिल्ली से लेकर भोपाल तक शिवराज सिंह चौहान के साथ सबसे ज्यादा एक्टिव नरोत्तम मिश्रा ही थे। सरकार बनने के बाद ग्वालियर-चंबल के कुछ दिग्गज नेता नाराज चल रहे थे। नरोत्तम लगातार उनके दरवाजे पर दस्तक दे रहे थे। गृह मंत्री बनने के बाद वह हर सप्ताह ग्वालियर-चंबल संभाग के दौरे पर जाते थे। ग्वालियर में जयभान सिंह पवैयर, अनूप मिश्रा, लाल सिंह आर्य, माया सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं से मुलाकात की थी। ये सारी कवायदें उपचुनाव के लिए ही थी।

सिंधिया के दौरे से गायब

बीजेपी में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया पहली बार ग्वालियर पहुंचे थे। बीजेपी ने वहां मेगा शो का आयोजन किया। सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत बीजेपी के सभी बड़े नेता सिंधिया की बीजेपी नेता के रूप में लॉन्चिंग के लिए ग्वालियर पहुंचे। लेकिन नरोत्तम मिश्रा कहीं नहीं दिखे, वो भी तब जब वह इसी क्षेत्र से आते हैं। इसी के बाद से सवाल खड़े होने लगे हैं।

नरेंद्र तोमर आगे आये

बीजेपी के पूरे घटनाक्रम में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर आगे आ गये और नरोत्तम मिश्रा गायब हो गए हैं। ग्वालियर-चंबल से जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र से नरोत्तम का दूर रहना किसी को पच नहीं रहा है। अब इस इलाके में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एक्टिव हुए हैं। दोनों नेता लगातार हर विधानसभा क्षेत्रों में जाकर नेताओं से मिल रहे हैं। साथ ही रूठे लोगों को मनाने की कोशिश भी कर रहे हैं। क्योंकि यहां ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ बीजेपी की प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई है।

बैलेंस बनाने की कोशिश

गलियारों में चर्चा यह भी है कि उस ग्वालियर चंबल में पावर बैलेंस की कवायद की जा रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी पूरे एमपी में सबसे ज्यादा प्रभाव ग्वालियर-चंबल में ही हैं। वहीं, नरेंद्र सिंह तोमर का भी क्षेत्र ग्वालियर चंबल ही है और नरोत्तम मिश्रा का भी दबदबा इसी इलाके में है। एसे में नरोत्तम मिश्रा को इस अंचल से दूर रखा जा रहा है। और इसको लेकर कांग्रेस के एक नेता का बयान भी सामने आ चुका है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इन सारे आरोपों को खारिज करते हैं। उन्होंने कहा है कि पार्टी जिसे जो काम सौंपती है, वह काम वो करता है।

नरोत्तम की सफाई

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की ग्वालियर चंबल से दूरी की चर्चा लगातार सुर्खियों में है। और प्रदेश अध्यक्ष की सफाई के बाद आखिरकार नरोत्तम मिश्रा ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि मैं तभी सक्रिय था और आज भी सक्रिय हूं। उन्होंने कहा है कि मैं उस कार्यक्रम में भी हजारों-हजार कार्यकर्ताओं के बीच में था। पार्टी जहां भेजती है, वहां मैं जाता हूं। दतिया भी मैं पार्टी से पूछ कर गया हूं और पार्टी को बता कर गया हूं। कार्यकर्ताओं के बीच में ही दिन भर रहा हूं। इसे किसी और चीज से नहीं जोड़े, पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं।

अभिनेत्री ने फिल्मों के माध्यय से मराठा गौरव को बढ़ाया लेकिन शिवसेना मराठा के नाम पर सिर्फ…

भोपाल। मध्यप्रदेश में कई बीजेपी नेता अभिनेत्री कंगना राणावत के समर्थन में उतर गए है। मंत्री चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि एक्ट्रेस कंगना राणावत पर जिस तरह सेकंगना पर अत्याचार हो रहा है उसे देखकर बाला साहब ठाकरे दुखी होंगे। वहीं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने भी फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के मुंबई में घर तोड़े जाने की निंदा की है।

जयभान सिंह पवैया ने कहा कि जिस मराठा गौरव की शिवसेना बात करती थी, उसे बढ़ाने का काम कंगना रनौत ने अपनी फिल्मों के माध्यम से किया है, शिवसेना के इस कृत्य की पूरे देश में घोर निंदा हो रही है। कंगना रनौत ने करके दिखाया है और शिवसेना ने इस पर सिर्फ खाया है।

वहीं जयभान सिंह पवैया ने उप चुनाव में शिवराज-महाराज की जोड़ी पर कांग्रेस द्वारा उठाये जा रहे सवाल पर कहा कि जोड़ी तिकड़ी और चौकड़ी कांग्रेस में होती है, बीजेपी में सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लडा जाता है। हम ढंके की चोट पर 27 विधानसभा सीटों पर फतह पायेंगे और इसका एहसास कांग्रेस को हो रहा है।

अच्छी खबर : यात्रीगण कृपया ध्यान दें…GRP MP Help App डाउनलोड कर सुरक्षित यात्रा करें

मध्य प्रदेश पुलिस ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और उनकी सुविधा के लिए GRP MP Help App ऐप बनाया है.इससे रेल में यात्रा करने वाले और रेलवे स्टेशन पर जो यात्री हैं वो किसी भी अपराध की सूचना जीआरपी तक पहुंचा सकते हैं.

मध्य प्रदेश पुलिस ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और उनकी सुविधा के लिए GRP MP Help App ऐप बनाया है.इससे रेल में यात्रा करने वाले और रेलवे स्टेशन पर जो यात्री हैं वो किसी भी अपराध की सूचना जीआरपी तक पहुंचा सकते हैं.

भोपाल.ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रीगण (Passengers) कृपया ध्यान दें. आपको यदि सुरक्षित यात्रा करना है तो सिर्फ एक ऐप डाउनलोड करना पड़ेगा. इस ऐप के बारे में जानकारी देने के लिए जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारी रेलवे प्लेटफार्म पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं. पंपलेट बांटे जा रहे हैं. ये है ‘जीआरपी एमपी हेल्प ऐप'(GRP MP Help App). इसे यात्रियों के मोबाइल फोन में डाउनलोड कराया जा रहा है.

एक साल पहले जीआरपी ने इस GRP एमपी हेल्प ऐप को री-लांच किया था. इसमें समय-समय पर कई नये फीचर जोड़े गए. अब इसे पूरी तरह से हाईटेक बनाया गया है. ताकि यात्री किसी भी समय और बिना इंटरनेट सुविधा के इसकी मदद ले सकें. अभी तक इस ऐप का प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया था. इसलिए यात्री इसके बारे में नहीं जानते थे. इस ऐप को यात्रियों की सुविधा के अनुसार ही अपडेट किया गया है.इसमें एक क्लिक पर रेल यात्रियों को सुरक्षा और सुविधा उपलब्ध होगी.

मैदान में उतरे आईपीएस अफसर

भोपाल रेल एसपी आईपीएस अफसर हितेश चौधरी ने डीएसपी रेल नंद किशोर रजक और थाना प्रभारी हबीबगंज बीएल सेन के साथ जीआरपी एमपी हेल्प की जानकारी यात्रियों को दी. हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर उपस्थित सभी यात्रियों को जीआरपी पुलिस ने पंपलेट बांटे और ऐप की सुविधाओं के बारे में बताया. साथ ही उन्होंने यात्रियों से इस ऐप को डाउनलोड करने की अपील भी की. जीआरपी की कोशिश है कि इस ऐप का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा यात्री करें.

ऐसे काम करेगा ऐप

ऐप को सीधे जीआरपी कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है. मध्य प्रदेश के अलावा भी दूसरे राज्यों में इस ऐप के जरिए मदद ली जा सकती है. कंट्रोल रूम इस सूचना को संबंधित जीआरपी को तत्काल ट्रांसफर कर देता है और जीआरपी मौके पर तत्काल पहुंचकर चलती ट्रेन में भी यात्रियों की मदद करती है.

इमरजेंसी में दबाएं SOS बटन 

मध्य प्रदेश पुलिस ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और उनकी सुविधा के लिए GRP MP Help App  ऐप बनाया है.इससे रेल में यात्रा करने वाले और रेलवे स्टेशन पर जो यात्री हैं वो किसी भी अपराध की सूचना जीआरपी तक पहुंचा सकते हैं. साथ ही पुलिस से संबंधित कोई भी जानकारी लेने या देने में इसका उपयोग किया जा सकता है. इसमें आपातकाल बटन एसओएस दिया गया है. इसमें अपराध की जानकारी, सामग्री की जानकारी के साथ फोटो और वीडियो अपलोड करने की सुविधा भी है. जीआरपी के जरिए यात्री जो भी सूचना देता है उस पर तत्काल जीआरपी कंट्रोल रूम कार्रवाई कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है

Health Tips: घर में ‘गिलोय का काढ़ा’ बनाने का सही तरीका, जानिए कितनी मात्रा में पीना चाहिए?

Health Tips: इम्यूनिटी बढ़ाने वाला गिलोय का काढ़ा सेहत के लिए कितना फायदेमंद है. क्या है गिलोय का काढ़ा बनाने का सही तरीका और कितनी मात्रा में इसे पीना चाहिए, जानिए पूरी जानकारी.

Health Tips: बदलते मौसम में हमारी इम्यूनिटी यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. ऐसे में लोग जल्दी बीमार पड़ते हैं. वहीं दूसरी ओर कोरोना महामारी ने भी लोगों को डरा रखा है. ऐसे में हर कोई संक्रमण से बचने के लिए अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. सरकार की ओर से भी लोगों से स्वस्थ रहने की अपील की जा रही है. ताकि कोविड-19 के प्रकोप से बचा जा सके.

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं. जिसमें से एक है गिलोय का काढ़ा. वैसे तो हर कोई अपने अपने तरीके से गिलोय का काढ़ा बनाता है, लेकिन इसे बनाने का सही तरीका बहुत कम लोगों को पता है. आज हम आपको गिलोय का काढ़ा बनाने का सही तरीका बताएंगे. गिलोय  का काढ़ा कैसे बनाएं और इसे बनाते वक्त कौन सी औषधियों का इस्तेमाल करें. साथ ही आपको बताएंगे कि आपको एक दिन में कितना काढ़ा पीना चाहिए.

कितना फायदेमंद है गिलोय? 
गिलोय काफी सस्ती आयुर्वेदिक औषधि है और ये हर किसी की पहुंच में है. गिलोय को गुडूची या अमृता के नाम से भी जाना जाता है. आयुर्वेद में कई रोगों के इलाज में गिलोय का इस्तेमाल किया जाता है. गिलोग का रस, और काढ़ा डेंगू, चिकनगुनिया, बुखार जैसी गंभीर बीमारियों में दिया जाता है. इसके अलावा बदलते मौसम में गिलोय कई तरह के वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी बचाता है. कोरोना वायरस से बचाव करने और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी गिलोय का इस्तेमाल किया जा रहा है. आप गिलोय की काढ़ा या गोली भी खा सकते हैं. कुछ लोग नियमित रुप से गिलोय का जूस भी पीते हैं.

गिलोय का काढ़ा बनाने के लिए सामग्री 
दो कप पानी
गिलाय के एक-एक इंच के 5 टुकड़े
एक चम्मच हल्दी
2 इंच अदरक का टुकड़ा
6-7 तुलसी के पत्ते
स्वादानुसार गुड़

बनाने का तरीका
1 सबसे पहले एक पैन में 2 कप पानी को मीडियम आंच पर उबलने के लिए रख दें.
2 अब इसमें बाकी सभी सामग्री को डालें और गिलोय भी डाल दें. अब धीमी आंच पर इसे पकने दें.
3 जब पानी आधा रह जाए और सभी चीजें अच्छे से पक जाएं तो गैस बंद कर दें.
4 किसी कपड़े या छन्नी से इसे छानकर कप में डालें और चाय की तरह पीएं.

कितनी मात्रा में पीएं गिलोय का काढ़ा? 
गिलोय का काढ़ा आपको प्रतिदिन एक कप से ज्यादा नहीं पीना चाहिए. एक कप से ज्यादा मात्रा में काढ़ा पीने से आपको नुकसान भी हो सकते हैं. वहीं अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो आपको डॉक्टर की परामर्श के बाद ही इसे पीना चाहिए. गर्भवती महिलाएं, नवजात बच्चों को काढ़ा देने से पहले भी चिकित्सक की सलाह लें. ऐसे लोगों को ये काढ़ा पीने से लो ब्लड प्रेशर और ऑटो इम्यून बीमारियों का खतरा हो सकता है.

गिलोय का काढ़ा पीने के फायदे?
1 गिलोय का काढ़ा पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इसमें मौजूद अदरक और हल्दी मिलकर इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करते हैं.
2 रोजाना गिलोय का काढ़ा पीने से शरीर कई तरह के संक्रमण और संक्रामक तत्वों से बच सकता है.
3 डेंगू में प्लेटलेट्स कम होने पर भी गिलोय का सेवन किया जाता है जिससे काफी तेजी प्लेटलेट्स बढ़ती हैं.
4 गठिया रोग में भी गिलोय बहुत फायदेमंद होता है.
5 ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए भी फायदेमंद है गिलोय. आयुर्वेद में डायबिटीज के मरीजों को गिलोय खाने की सलाह दी जाती है.

इसे नीम और आंवला के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी रोग जैसे एग्जिमा और सोराइसिस दूर किए जा सकते हैं। इसे खून की कमी, पीलिया और कुष्ठ रोगों के इलाज में भी कारगर माना जाता है। 

सूजन कम करने के गुण के कारण, यह  गठिया और आर्थेराइटिस से बचाव में अत्यधिक लाभकारी है। गिलोय के पाउडर को सौंठ की समान मात्रा और गुगुल के साथ मिलाकर दिन में दो बार लेने से इन बीमारियों में काफी  लाभ मिलता है। इसी प्रकार अगर ताजी पत्तियां या तना उपलब्ध हों तो इनका ज्यूस पीने से भी आराम होता है।

भारतीय वायुसेना में आज शामिल होंगे राफेल विमान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री रहेंगी मौजूद

भारत ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया था. इनमें से पहली खेप में पांच विमान 29 जुलाई को अंबाला एयरबेस पर पहुंच गए हैं. अगले पांच विमान अक्टूबर में भारत पहुंच जाएंगे.

अंबाला: भारतीय वायु सेना आज अंबाला वायुसैनिक अड्डे में विधिवत रूप से राफेल विमानों को अपने बेड़े में शामिल करेगी. ये विमान वायु सेना के 17 वें स्क्वाड्रन, “गोल्डन एरो” का हिस्सा होंगे. पांच राफेल विमानों का पहला जत्था 27 जुलाई को फ्रांस से अंबाला के वायुसैनिक अड्डे पर पहुंचा था. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगें.

जनरल बिपिन रावत, वायु सेना प्रमुख सहित ये मेहमान कार्यक्रम में होंगे शामिल
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया, रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, रक्षा विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी के साथ रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के कई वरिष्ठ अधिकारी भारतीय वायुसेना के इतिहास में दर्ज होने वाली इस बड़ी घटना के अवसर पर उपस्थित रहेंगे.

इस अवसर पर फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल का प्रतिनिधित्व भारत में फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन, वायु सेना प्रमुख एरिक ऑटेलेट, फ्रांसीसी वायु सेना के उप प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया जाएगा.

फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली को दी जाएगी सलामी
दसाल्ट एविएशन के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक ट्रैपीयर और एमबीडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक बेरांगर समेत फ्रांसीसी रक्षा उद्योग के कई अधिकारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी इस आयोजन के अवसर पर मौजूद रहेगा. फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ली को दिल्ली आगमन पर सम्मान स्वरूप सलामी दी जाएगी.

राफेल विमान हवा में दिखाएंगे दम, विमानों को दी जाएगी वाटर कैनन की सलामी
अंबाला नौसैनिक अड्डे में राफेल विमान का औपचारिक अनावरण पारंपरिक रूप से आयोजित सर्व धर्म पूजा के साथ किया जाएगा. इस मौके पर राफेल विमान हवाई करतब दिखाएंगे जिसमें तेजस विमान के साथ सारंग एयरोबेटिक टीम भी शामिल होगी. इसके बाद में, राफेल विमान को पारंपरिक तरीके से वाटर कैनन की सलामी दी जाएगी. समारोह का समापन वायुसेना के 17वें स्क्वाड्रन में राफेल विमान को विधिवत शामिल किए जाने के साथ होगा. आयोजन के बाद भारतीय और फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल की द्विपक्षीय बैठक होगी.

2021 तक भारत को मिल जाएंगे सभी 36 राफेल विमान

भारत और फ्रांस के बीच 36 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिये 59,000 करोड़ रुपये की लागत से हुए समझौते के करीब चार साल बाद 29 जुलाई को पांच राफेल लड़ाकू विमानों का पहला जत्था भारत पहुंचा था. फ्रांसीसी विमानन कंपनी दसाल्ट एविएशन द्वारा उत्पादित इन विमानों को अभी औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल नहीं किया गया है. अब तक भारत को 10 राफेल विमानों की आपूर्ति की जा चुकी है जिनमें से पांच अभी फ्रांस में ही हैं जिन पर भारतीय वायुसेना के पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं. सभी 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक पूरी हो जाने की उम्मीद है.

अत्याधुनिक हथियारों और उन्नत प्रणाली से लैस हैं राफेल विमान
चार राफेल लड़ाकू विमानों के एक अन्य जत्थे के नवंबर तक भारत पहुंच जाने की उम्मीद है. सूत्रों ने कहा कि भारत द्वारा फ्रांस से 36 और लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर सिंह और पार्ली की बातचीत के दौरान शुरुआती चर्चा हो सकती है. रूस से सुखोई विमानों की खरीद के बाद अपनी सटीक मारक क्षमता और वायु श्रेष्ठता के लिये चर्चित राफेल विमानों की करीब 23 साल बाद खरीद हुई है. राफेल विमान अत्याधुनिक हथियारों और उन्नत प्रणाली से लैस हैं.