रिया चक्रवर्ती को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया……..

रिया चक्रवर्ती को एनसीबी ने आज गिरफ्तार किया. इसके बाद एनसीबी ने कहा कि हम कस्टडी की मांग नहीं करेंगे.

मुंबई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आज अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले से जुड़े ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया. इसके बाद उन्हें सायन अस्पताल ले जाया गया और यहां उनका मेडिकल कराया गया. मेडिकल कराए जाने के बाद उन्हें फिर एनसीबी दफ्तर लाया गया.

एनसीबी दफ्तर से उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया. जहां अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. अब रिया के वकील जमानत के लिए अर्जी दाखिल करेंगे. सुनवाई जारी है.

इससे ठीक पहले एनसीबी के अधिकारी ने बताया कि एजेंसी रिया चक्रवर्ती की रिमांड की मांग नहीं करेगी. एजेंसी न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की मांग करेगी.

रिमांड में एनसीबी ने 21 सितंबर तक न्यायिक हिरासत की मांग की. एनसीबी ने कहा है कि रिया ने पूछताछ में कबूल किया कि ड्रग्स के पैसे की भुगतान रिया चक्रवर्ती करती थी. रिमांड कॉपी के मुताबिक, ड्रग्स रैकेट में रिया चक्रवर्ती शामिल थी. ड्रग्स कौन सा आएगा ये भी रिया बताती थी.

अधिकारी ने कहा कि उनके वकील जमानत का विरोध करेंगे. रिया चक्रवर्ती के वकील ने कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी. आज गिरफ्तारी के बाद रिया ने एनसीबी अधिकारियों के साथ वाहन में प्रवेश करने से पहले मादक पदार्थ रोधी एजेंसी के दक्षिण मुंबई स्थिति कार्यालय के बाहर खड़े मीडियाकर्मियों की ओर अपने हाथ लहराये.

काले लिबास में रिया बलार्ड एस्टेट स्थित एनसीबी के कार्यालय में आज सुबह करीब साढ़े 10 बजे पहुंची. रिया (28) ने हाल ही में टीवी चैनलों को दिये इंटरव्यू में इस बात से इनकार कर किया था उन्होंने ड्रग्स का सेवन किया था. एनसीबी ने रिया चक्रवर्ती से रविवार को छह घंटे और सोमवार को आठ घंटे पूछताछ की थी.

अदाकारा से सीबीआई की जांच टीम ने हाल ही में पूछताछ की थी, जो मुंबई के पश्चिमी उपनगर सांताक्रूज स्थित डीआरडीओ अतिथि गृह में डेरा डाले हुए है. उनसे धन शोधन के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी पूछताछ की थी.

एनसीबी ने मादक पदार्थों की आपूर्ति करने के आरोप में हाल ही में उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के मैनेजर सैमुअल मिरांडा को गिरफ्तार किया था.

सुशांत के पिता ने पटना में रिया के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने अदाकारा पर उनके बेटे को आत्महत्या के लिये उकसाने और उसके धन का गबन करने का आरोप लगाया था. रिया ने कई मौकों पर इन आरोपों से इनकार किया है.

आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीएमडी चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को ईडी ने किया गिरफ्तार

आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज को एक कर्ज दिया था.

नई दिल्ली

आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीएमडी चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है. वास्तव में आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज को एक कर्ज दिया था. उसके बाद दीपक कोचर की कंपनी में वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज ने एक निवेश किया था.

इसे लेकर ईडी की जांच चल रही थी. इस मामले में ईडी के अधिकारी दीपक कोचर से कई राउंड की पूछताछ कर चुके थे. इसके बाद दीपक को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है.

चंदा के पति दीपक कोचर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज को दिए गए लोन का दुरुपयोग करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है. सूत्रों ने बताया, “आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व सीएमडी चंदा के पति दीपक कोचर के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद जांच एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था. जब वह कई ट्रांजेक्शन के बारे में ठीक से नहीं बता पाए तो अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला किया.”

आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व सीएमडी चंदा के पति दीपक कोचर की फर्म न्यूपावर रिन्यूएबल्स में साल 2010 में 64 करोड़ रुपये का निवेश वीडियोकॉन ग्रुप ने किया था. इसके साथ ही 325 करोड़ रुपये का निवेश मैटिक्स फर्टिलाइजर के द्वारा किया गया था.

यह निवेश आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन को लोन मिलने के तुरंत बाद किया गया था. आने वाले समय में चंदा कोचर के लिए भी मुश्किल बढ़ सकती है क्योंकि जांच एजेंसी वीडियोकॉन और मैटिक्स के अलावा अन्य कंपनियों को लोन देने की भी जांच कर रही है.

सूत्रों ने बताया है कि जांच एजेंसी उन सभी लोन की जांच कर सकती है जो चंदा कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक प्रमुख रहते हुए कंपनियों को दिए थे. इससे पहले ईडी ने चंदा कोचर से संबंधित संपत्ति भी अटैच की थी.

शक के घेरे में आये वीडियोकॉन लोन केस से संबंधित सभी चीजों को ईडी ने अटैच कर लिया था. इसके अलावा ईडी ने कोचर की करीब 78 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी भी अटैच की है. चंदा कोचर और बैंक के अन्य आठ लोगों पर वीडियोकॉन ग्रुप को लोन देने में लापरवाही बरतने का आरोपी बनाया गया है.

वीडियोकॉन उद्योगों को वेणुगोपाल धूत ने दीपक कोचर द्वारा प्रवर्तित एक फर्म को करोड़ों रुपये निवेश के रूप में मुहैया कराए थे, जबकि वीडियोकॉन समूह को साल 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से ऋण के रूप में 3,250 करोड़ रुपये मिले थे. यह राशि 40,000 करोड़ रुपये के ऋण का हिस्सा थी. वीडियोकॉन समूह ने एसबीआई के नेतृत्व में 20 बैंकों के एक कंसोर्शियम से हासिल किया था.

एनसीबी ने रिया चक्रबर्ती को किया गिरफ्तार, अब होगा मेडिकल टेस्ट.

मुंबई सुशांत सिंह राजपूत केस में रिया और उनके भाई शोविक पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का शिकंजा कसता जा रहा है। शोविक जहां ड्रग्स मामले में पहले से एनसीबी की हिरासत में है। रिया चक्रबर्ती को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं दूसरी तरफ सोमवार को रिया ने सुशांत सिंह की बहन प्रियंका के खिलाफ बांद्रा थाने शिकायत दर्ज कराई है। बताया जा रहा है आज रिया गिरफ्तार हो सकती हैं। गिरफ्तारी के बाद रिया को मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाया जाएगा। फिलहाल रिया से एनसीबी दफ्तर में तीसरे दिन की पूछताछ जारी है।

बताया जा रहा है कि रिया चक्रवर्ती के घर से जो इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस एनसीबी ने बरामद किए थे उन्होंने कई बड़े राज खोले हैं। जांच के मुताबिक, साल 2017-2018-2019 में रिया की ड्रग्स मंडली काफी ज्यादा एक्टिव थी।जांच एजेंसियों के हाथ रिया के घर से बरामद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में ड्रग्स मंडली से जुड़े फोटो, वीडियो, व्हाट्सएप चैट्स, एसएमएस बरामद हुए हैं। 

मध्यप्रदेश में 10+2 स्कूल खुलेंगे, प्राइमरी और मिडिल बंद रहेंगे, आदेश जारी

भोपाल। भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश द्वारा 30 सितंबर 2020 तक प्राइमरी एवं मिडिल स्कूल टोटल लॉकडाउन के आदेश जारी कर दिए गए हैं लेकिन कक्षा 9 से 12 तक के लिए नियम-शर्ते तय की गई है। स्कूल मैनेजमेंट, पेरेंट्स की परमिशन लेकर स्कूल कैंपस में एकेडमिक एक्टिविटी शुरू कर सकते हैं।
क्रमांक एफ 44-04/2018/20-22 नोवेल कोरोना वायरस (कोविड 19) व उससे जनित बीमारी के संक्रमण से बचाव हेतु विभागीय समसंख्यक आदेश दिनांक 30.07 2020 द्वारा प्रदेश के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय दिनांक 31 अगस्त 2020 तक बंद रखे जाने संबंधी निर्देश प्रसारित किये गये थे। गृह सचिव, भारत सरकार के अशा. पत्र दिनांक 29.8.20 द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के परिपालन में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि लोक स्वास्थ्य एवं लोक हित में प्रदेश की समस्त शासकीय/अशासकीय विद्यालय दिनांक 30 सितम्बर 2020 तक बंद रहेंगे। दिनांक 21 सितम्बर 2020 से ऑनलाईन अध्यापन एवं उससे संबंधित अन्य कार्य संपादन हेतु 50 प्रतिशत शिक्षकीय/गैर शिक्षकीय स्टॉफ को शाला में उपस्थिति हेतु अनुमति प्रदान की जाती है।कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थी दिनांक 21 सितम्बर 2020 से पालक/अभिभावकों की लिखित में सहमति के आधार पर शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु अपने विद्यालयों में उपस्थित हो सकेंगे। उक्त छूट कन्टेनमेंट क्षेत्र हेतु लागू नहीं होगी। पैरा 3 एवं 4 के संबंध में Standard Operating Procedure (SOP) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पृथक से जारी की जावेगी। 6/ समय-समय पर जारी विभागीय आदेश अनुसार ऑनलाईन अध्यापन की गतिविधियाँ जारी रखी जा सकेगी। आदेश; प्रमोद सिंह, उप सचिव म.प्र.शासन,स्कूल शिक्षा विभाग भोपाल के हस्ताक्षर से दिनांक 31/8/20 को जारी किया गया।

भारतीय सेना ने दिखाया पराक्रम, तो अपने सैनिकों से नाराज हो गए चीनी राष्ट्रपति

बीजिंग: भारतीय सेना के हाथों मुंह की खाने वाले चीनी सैनिक अब अपनी सरकार की आलोचना झेल रहे हैं. राष्ट्रपति शी जिनपिंग पीपल्स लिबरेशन आर्मी के उस कमांडर से खासे नाराज बताये जा रहे हैं, जिसने पैंगोंग के दक्षिणी इलाके में सेना के अभियान का नेतृत्व किया था.

खबर तो यहां तक है कि जिनपिंग जल्द ही सेना में बड़े बदलाव को अंजाम दे सकते हैं. लद्दाख के पैंगोंग इलाके में 29-30 अगस्त की रात को भारतीय सेना ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे चीनी फौजियों को करारा जवाब दिया था. अपने सैनिकों के इस तरह मैदान छोड़ने की बात जब जिनपिंग तक पहुंची, तो वह नाराज हो गए. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने भी खुलकर सेना से अपनी नाराजगी व्यक्त की. 

जन्मदिन पर लगा था झटका  

वैसे, ये पहला मौका नहीं है जब भारतीय सेना ने चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया है. 15 जून को गलवान घाटी हिंसा में भी चीनी सेना को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था. खास बात यह है कि उस दिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपना 67वें जन्मदिन मना रहे थे और उन्हें बड़ी संख्या में अपने सैनिकों के मारे जाने की खबर मिली थी. हालांकि, यह बात अलग है कि चीन ने अब तक यह स्वीकार नहीं किया है. उसकी तरफ से मृतकों का आंकड़ा भी जारी नहीं किया गया है.   

पीछे हटने पर आपत्ति

जिनपिंग गलवान की घटना को लेकर भी सेना से खफा थे और जब 29-30 अगस्त को भारतीय सेना ने एक बार फिर अपना पराक्रम दिखाया तो उनकी नाराजगी बढ़ गई. कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कम्युनिस्ट पार्टी PLA कमांडर से इस बात को लेकर भी खफा है कि उसने स्पंगगुर इलाके में आमने-सामने के संघर्ष से बचने के लिए सेना को पीछे हटा लिया. हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर अपर अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

बड़े बदलाव की तैयारी

खबरों की मानें तो राष्ट्रपति जिनपिंग जल्द ही सेना में बड़े बदलाव कर सकते हैं. सेना के साथ ही अन्य कानून प्रवर्तक एजेंसियों भी उनके निशाने पर हैं. वैसे भी सत्ता संभालने के बाद से शी जिनपिंग ऐसे अधिकारियों को अपने रास्ते से हटाते आये हैं जो उनके लिए खतरा बन सकते हैं या जो उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते. भारतीय सेना से मिले मुंहतोड़ जवाब को कम्युनिस्ट पार्टी शर्मिंदगी के रूप में देख रही है, इसलिए जल्द ही सेना में बदलाव के कुछ फैसले लिए जा सकते हैं.

कंगना रनौत से विवाद के बीच संजय राउत का प्रमोशन, शिवसेना ने मुख्य प्रवक्ता बनाया

बॉलिवुड ऐक्ट्रेस कंगना रनौत से विवाद के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत को पार्टी ने मुख्य प्रवक्ता घोषित किया है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से कंगना रनौत और संजय राउत के बीच मुंहजुबानी जंग देखने को मिल रही है। संजय राउत ने कंगना के लिए एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान अपशब्द का इस्तेमाल कर दिया था। इस पर उनकी सफाई भी आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना ने संजय राउत के अलावा 10 अन्य सदस्यों को प्रवक्ता के रूप में नियुक्त किया है। इसमें शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत, प्रियंका चतुर्वेदी और धीरशिल माने, महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब, उदय सामंत और गुलाबराव पाटिल, विधायक नीलम गोरे, प्रताप सरनाईक और सुनील प्रभु आदि शामिल हैं।

कहां से शुरू किया विवाद?

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स ऐंगल सामने आने के बाद कंगना रनौत ने इंडस्ट्री में ड्रग्स को लेकर साठगांठ का दावा किया। कंगना ने कहा कि वह इस पर बयान देना चाहती हैं लेकिन उन्हें मुंबई पुलिस पर भरोसा नहीं है। उन्हें मुंबई पुलिस से डर लगता है। यही नहीं कंगना ने मुंबई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से कर दी।

कंगना के इस बयान के बाद से ही दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। संजय राउत ने बयान दिया कि उन्हें मुंबई में डर लगता है तो उनसे गुजारिश है कि वह यहां न आएं। इस पर कंगना ने चेतावनी देते हुए बयानबाजी की कि वह मुंबई आएंगी किसी के बाप में दम हो तो रोककर दिखाए।

संजय राउत की गाली और फिर सफाई

इसके बाद से दोनों के बीच वाद-विवाद और तेज हो गई और संजय राउत ने कंगना के लिए गाली तक का इस्तेमाल कर दिया। आलोचना होने के बाद संजय राउत ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, ‘मेरे कहने का गलत मतलब निकाला गया। कंगना नॉटी है थोड़ी, मैंने देखे हैं उसके बयान वगैरह। अक्सर ऐसे बोलती रहती है। कंगना नॉटी गर्ल है। मेरी भाषा में मैं उसे बेईमान कहना चाह रहा था और ऐसा कहने के लिए हम उस शब्द (हरामखोर) का इस्तेमाल करते हैं।’

कंगना को Y सुरक्षा मिलने पर राउत का बयान

उधर, मुंबई पुलिस पर की गई टिप्पणी और इस पर शुरू हुई राजनीति के बीच कंगना रनौत की सुरक्षा बढ़ाई गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से उन्हें Y सिक्यॉरिटी की सुरक्षा दी गई है। संजय राउत ने इस पर केंद्र सरकार पक हमला बोलते हुए कहा कि महाराष्ट्र की छवि बिगाड़ने की कोशिश की गई है।

मुंबई से आते समय ढाई लाख का इनामी आशु जाट पिस्टल छीनकर फरार, घेराबंदी कर पुलिस ने दोबारा पकड़ा

दो भाजपा नेताओं और नोएडा के गौरव चंदेल मर्डर केस में फरार चल रहा ढाई लाख का इनामी आशु जाट मुंबई से आते समय पेशाब करने का बहाना कर गाड़ी से उतर कर फरार हो गया। सिपाही की पिस्टल छीन कर भाग रहे आंसू को घेराबंदी के बाद दोबारा से पकड़ा गया।

बताया जा रहा है कि रात 12:00 बजे जैसे ही आशु जाट की कार हापुड़ में पहुंची तो उसने पेशाब करने के लिए कहा। जिस पर पुलिस ने गाड़ी रोक कर आशु को नीचे उतार दिया। इसी दौरान अंधेरे में आशु एक सिपाही से पिस्टल छीन कर भाग निकला। आशु के बाद से ही पुलिस के होश उड़ गए। और पूरे जिले में सूचना प्रसारित कर दी गई कांबिंग करते हुए पुलिस ने आंसू को दोबारा से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी सुबोध सक्सेना ने बताया  कि आशु के खिलाफ कोतवाली में 307 का मुकदमा दर्ज किया गया है।

मुंबई में फल बेचते समय किया था गिरफ्तार : 

धौलाना क्षेत्र में भाजपा नेता चंद्रपाल, राकेश शर्मा और नोएडा के गौरव चंदेल हत्याकांड का मुख्य आरोपित आशू जाट को हापुड़ पुलिस काफी समय से तलाश कर रही थी। पुलिस के मुखबिर तंत्र के अलावा सर्विलांस टीम लगी थी। हापुड़  पुलिस के इनपुट पर मुंबई पुलिस ने शनिवार को मुंबई के विले पार्ले इलाके से उस समय गिरफ्तार  किया था। जब वह रूप बदलकर फल बेच रहा था। आशू की गिरफ्तारी के बाद हापुड़ व मुम्बई पुलिस की टीम ने संयुक्त रुप से उसे स्थानीय न्यायालय में पेश किया था। एसपी संजीव सुमन ने बताया कि मुम्बई के न्यायालय से आशू जाट को हापुड़ पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर ले लिया है। पुलिस कुख्यात ढाई लाख के इनामी बदमाश को लेकर  हापुड़ आए और सोमवार की दोपहर तक आशू को लेकर हापुड़ आने की संभवना थी। एसपी संजीव सुमन ने बताया था कि पूछताछ के बाद पुलिस बड़ा खुलासा कर सकती है। डी 112 या मिर्ची गैंग में करीब 88 बदमाश हैं, जबकि आशू जाट का भाई भोलू समेत कई बदमाश जेल में हैं तो कई बाहर हैं। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में भी पुलिस की टीम जुट गई है।  ताकि गिरोह  के सदस्यों का भंडाफोड़ किया जा सके। 

चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात से पहले सीमा विवाद को लेकर एस जयशंकर का आया बयान

नई दिल्ली: चीन के साथ विवाद को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘बेहद गंभीर’ स्थिति करार दिया है. मॉस्को रवाना होने से पहले सोमवार को विदेश मंत्री ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति  काफी गंभीर है और मामले के समाधान के लिए राजनीतिक स्तर पर गहराई से बातचीत की जरूरत है.

जयशंकर मॉस्को में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात करेंगे. ऐसे में उन्होंने पहले ही चीन को भारत के स्टैंड से अवगत करा दिया है. विदेश मंत्री रूस में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेंगे.  

अभी नहीं बता सकता

विदेश मंत्री जयशंकर ने आगे कहा कि सीमा पर शांति के बिना दोनों देशों के रिश्ते सौहार्दपूर्ण नहीं रह सकते. इस सवाल के जवाब में कि वह अपने चीनी समकक्ष को क्या संदेश देंगे? विदेश मंत्री ने कहा कि मैं उनसे क्या कहूंगा यह मैं अभी नहीं बता सकता, लेकिन मेरा जोर शांति के रास्ते समाधान निकालने पर रहेगा. 

पिछले समझौतों पर ध्यान दे चीन

एस जयशंकर ने 1993 के बाद से सीमा प्रबंधन पर दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि चीन को पिछले सभी समझौतों को ध्यान में रखना चाहिए. मौजूदा वक्त में जो हालात पैदा हुए हैं, वो बेहद गंभीर हैं. खासकर मई से LAC पर स्थिति  काफी गंभीर है और मामले के समाधान के लिए राजनीतिक स्तर पर गहराई से बातचीत की जरूरत है.

रक्षामंत्री ने चेताया था 

जयशंकर 10 सितंबर को मॉस्को में एससीओ के विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर चीनी विदेश मंत्री से मिलने वाले हैं. इससे पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी चीनी समकक्ष से मुलाकात की थी. रक्षामंत्री ने चीन को स्पष्ट शब्दों में बता दिया था कि भारत उसकी हर नापाक हरकत का बखूबी जवाब देना जानता है. उन्होंने कहा था कि भारत सभी देशों से मधुर संबंधों का पक्षधर है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए. वह किसी भी कीमत पर अपनी अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है. 

चीन ने ग्लोबल टाइम्स के जरिये भारत को दी धमकी, जानिए क्या कहा

नई दिल्ली: भारत के हाथों चीन ने 83 दिन में तीसरी बार शिकस्त खाई है. सूत्रों के मुताबिक, पैंगोग झील के दक्षिणी छोर पर शेनपाओ पहाड़ी के पास सोमवार की शाम 5:30 से शाम 6:30 के बीच चीन ने घुसपैठ की कोशिश की लेकिन मुस्तैद भारतीय सेना ने उसे नाकाम कर दिया. भारतीय सेना ने वॉर्निंग शॉट फायर करके चीन के सैनिकों को खदेड़ दिया.  

अब चीन ने ग्लोबल टाइम्स के जरिये धमकी दी है. चीन ने धमकी देते हुए कहा है कि भारत को एक बार फिर PLA की ताकत का दिखानी होगी. इतना ही नहीं, चीन ने भारत के मीडिया की रिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाए. अखबार ने लिखा कि भारत का मीडिया वही दिखता है जो उसकी जनता को अच्छा लगता है और चीन की सेना हर तरह से भारत की सेना से बेहतर है. 

कागज पर दिखा चीन का डर 

अपनी गलती मानने की बजाय चीन इसी घटना को उल्टा भारत पर उकसावे की कार्रवाई का आरोप लगा रहा है. चीन के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता कर्नल झांग शुलई ने बयान जारी करते हुए आरोप लगाया. ऐसा पहली बार हुआ जब कागज पर चीन का डर दिखाई दिया. चीन की सेना के वेस्टर्न थियेटर कमांड की प्रेस रिलीज़ का एक-एक शब्द संदेश दे रहा है कि चीन को आक्रामक भारत से घबराहट होने लगी है. चीन को भारत की ताकत का अंदाजा हो गया है. जरा गौर कीजिए चीन सेना के प्रेस रिलीज के शब्दों पर चीन कहता है:  

भारतीय सेना ने चीन के बॉर्डर गार्ड्स पर फायरिंग की. भारत ने समझौतों का गंभीर उल्लंघन किया. हम भारतीय पक्ष से अनुरोध करते हैं. भारत खतरनाक कार्रवाइयों को तुरंत रोके. भारत अपने सैनिकों को तुरंत वापस बुलाए. भारत जांच के बाद अपने सैनिकों को दंडित करे.’  

ये सभी शब्द और वाक्य उस चीन की सेना के हैं जो हमेशा घमंड में चूर रहती है जो हर नियम और समझौतों से खुद को ऊपर समझती है. जो बात-बात पर भारतीय सेना को धमकी देती है. आज चीन की उसी सेना का गुरूर चूर-चूर हो चुका है. लद्दाख में एक नहीं तीन-तीन पराजय के बाद अब वो धमकियों और हेकड़ी से अनुरोध के स्वर पर आ गई है. साथ ही चीन अब झूठ और फरेब का सहारा लेने लगा है. भारत पर LAC पार करने के झूठे बयानों और आरोपों से अब वो छल वाली कूटनीतिक चाल चल रहा है. ये हारे और कमजोर की निशानी है. जाहिर है चीन ने अपनी शक्ति का जो भ्रमजाल अब तक दुनिया को दिखाया था उसे हिंद की सेना ने खंड-खंड कर दिया है.