रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत की बहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, ये है मामला

रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत की बहन प्रियंका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. फर्जी मेडिकल दस्तावेज के मामले में शिकायत दर्ज कराई है.

मुंबई  अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत की बहन प्रियंका सिंह और आरएमएल के डॉक्टर तुण कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. रिया ने सुशांत सिंह राजपूत के लिए फर्जी मेडिकल दस्तावेज के मामले में शिकायत दर्ज कराई है.

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की 14 जून को मौत के बाद से अभिनेता का परिवार रिया चक्रवर्ती पर तरह-तरह का आरोप लगा रहा है. वहीं रिया चक्रवर्ती सुशांत के परिवार पर तरह-तरह के आरोप लगा रही हैं. सुशांत के पिता की शिकायत के बाद सीबीआई, ईडी और एनसीबी मामले की जांच कर रही है.

आज अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती से NCB पूछताछ कर रहा है. इस मामले में रिया से रविवार को एनसीबी ने पहली बार करीब छह घंटे की पूछताछ की थी. इससे पहले रिया से प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई भी पूछताछ कर चुकी है.

ड्रग्स मामला
एनसीबी को मोबाइल फोन चैट रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा हासिल हुआ था जिसमें प्रतिबंधित मादक पदार्थ की खरीद में इन लोगों की संलिप्तता सामने आई थी. एनसीबी ने पिछले कुछ दिनों में मामले की जांच के दौरान रिया के भाई शौविक चक्रवर्ती (24), राजपूत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा (33) और राजपूत के निजी स्टाफ सदस्य दीपेश सावंत को गिरफ्तार किया था.

रिया ने कई समाचार चैनलों को दिए साक्षात्कार में कहा था कि उन्होंने खुद कभी मादक पदार्थ का सेवन नहीं किया है. उन्होंने दावा किया था कि सुशांत सिंह राजपूत मारिजुआना का सेवन करते थे.

मेरा सपना टूटता दिख रहा है: कंगना रनौत

एक्ट्रेस कंगना रनौत ने वीडियो ट्वीट किया है और कहा है कि बीएमसी के लोग उनके दफ्तर पर तोड़फोड़ कर रहे हैं, उन्होंने लिखा कि ऐसा लगता है कि मेरा सपना टूटने का समय आ गया है.

मुंबई एक्ट्रेस कंगना रनौत और महाराष्ट्र की शिवसेना सरकार के बीच विवाद बढ़ता दिख रहा है. जहां कंगना को आज केंद्रीय गृह मंत्रालय से Y+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली तो वहीं आज कंगना के मुंबई स्थित दफ्तर पर बीएमसी का छापा पड़ा. इसके बाद कंगना ने ट्वीट कर कहा कि उन्हें उनका सपना टूटता दिख रहा है.

कंगना ने आज खुद उनके दफ्तर पर डाली गई बीएमसी की रेड का वीडियो ट्विटर पर डाला और कहा कि ‘ये मुंबई में मणिकर्णिका फ़िल्म्ज़ का ऑफ़िस है, जिसे मैंने पंद्रह साल मेहनत कर के कमाया है, मेरा ज़िंदगी में एक ही सपना था मैं जब भी फ़िल्म निर्माता बनूँ मेरा अपना खुद का ऑफ़िस हो, मगर लगता है ये सपना टूटने का वक़्त आ गया है, आज वहाँ अचानक @mybmc के कुछ लोग आए हैं .



कंगना रनौत के मुताबिक बीएमसी की ये रेड उनके खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की बदले की भावना से की गई कार्रवाई है.

कंगना रनौत ने एक और ट्वीट को भी दिखाया है जिसे उनकी टीम ने पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा कि वहां जो ऑफिशियल आए थे वो अभद्र तरह की भाषा इस्तेमाल कर रहे थे और कह रहे थे कि वो जो मैडम है उसकी करतूत का परिणाम सबको भरना होगा, उन्हें सूचना दी गई है कि कल उनकी प्रॉपर्टी गिराई जाएगी.


विवाद की कैसे हुई शुरुआत
दरअसल कंगना ने मुंबई के लिए कहा था कि ये पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) जैसे लगने लगा है और उन्हें मुंबई पुलिस से सुरक्षा नहीं बल्कि डर है. इसके बाद कंगना के खिलाफ महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने कहा कि अगर कंगना को मुंबई में डर लगता है तो वो यहां न आएं. वहीं शिवसेना नेता और सामना के संपादक संजय राउत बोले कि कंगना को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए.

इस पर कंगना ने एलान किया कि वो 9 सितंबर को मुंबई आ रही हैं और किसी के बाप में हिम्मत है तो उन्हें रोक के दिखाए. वहीं संजय राउत ने भी उनके लिए बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें हरामखोर लड़की तक कह डाला.

रिया चक्रवर्ती ने कहा, मैंने कभी ड्रग्स नहीं ली, सुशांत के लिए मंगवाती थी

रिया चक्रवर्ती ने कहा कि उन्होंने कभी ड्रग्स या buds नहीं लिया. उन्होंने कबूल किया की जब भी दीपेश को ड्रग्स के लिए फोन किया, वो सुशांत के लिए किया था.

मुंबई  सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में ड्रग्स कनेक्शन की जांच कर रही एनसीबी आज लगातार दूसरे दिन भी रिया चक्रवर्ती से पूछताछ कर रही है. इस मामले में एनसीबी ने रविवार को रिया से 15 से 20 सवाल किए, हालांकि रिया के बार-बार रोने और भाई शौविक चक्रवर्ती से मिलने पर भी रोने की वजह से एनसीबी ज्यादा पूछताछ नहीं कर सकी थी. यही वजह है कि आज फिर कई घंटों से रिया एनसीबी के सवालों के जवाब दे रही हैं.

अब तक के जवाबों के आधार पर मुख्य बातें:-

सुशांत के लिए था ड्रग्स
रिया ने कहा कि उन्होंने कभी ड्रग्स या buds नहीं लिया. उन्होंने कबूल किया की जब भी दीपेश को ड्रग्स के लिए फोन किया, वो सुशांत के लिए किया था. सुशांत को buds की जरूरत होती थी और वो ड्रग्स सुशांत और उसके दोस्तों के लिए था. रिया ने कहा कि सुशांत और सुशांत के बेस्ट फ्रेंड्स के लिए ड्रग्स आता था.

खुद पर लगे आरोपों से किया इंकार
एनसीबी के सामने रिया ने कहा है कि वो केवल सिगरेट और ड्रिंक का सेवन करती हैं. रिया ने बताया की शौविक के जरिए बासित परिहार 5
बार मिला था. बासित, शौविक से मिलने घर आया करता था. सैमुअल मिरांडा से आमना-सामना करा कर सवाल पूछे जाने पर रिया ने खुद के ड्रग लेने से इनकार किया. रिया ने बताया कि सैमुअल जो भी buds लाया था, वो सुशांत के लिए थे.

सीज़ का ब्यौरा
एनसीबी, मुंबई पुलिस और सीबीआई को पत्र लिखकर उन सामानों का ब्योरा मांगेगी, जिसे सीज़र मेमो में दिखाया गया है. एनसीबी यह जानना चाहती है कि क्या CBD Oil सीज किया गया या बरामद किया गया.

डंपर की टक्कर से बाइक सवार की मौत

भिंड! सिटी कोतवाली अंतर्गत डायवर्सन रोड पर, गिरगिट पुलिया के पास रविवार रात 8:00 बजे पीछे से आते हुए एक डंपर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना कारक डंपर पुलिस ने पकड़ लिया है। हालांकि चालक फरार हो गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 36 वर्षीय जितेंद्र उर्फ बाबू जाटव पुत्र संतोष कुमार जाटव निवासी भदवासरबन कुसना जिला इटावा यूपी का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार वह भिंड स्थित जामना रोड पर अपने किसी रिश्तेदार के श्राद्ध में शामिल होकर भिंड से बाइक दुआरा इटावा जा रहा था। तभी यह घटना घटित हुई। पुलिस ने पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप, मर्ग कायम कर चालक की तलाश शुरू की।

BSF चीफ ने किया LoC का दौरा, जवानों से बोले- भारत के खिलाफ योजना बना रहे पाकिस्तान और चीन

,सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक राकेश अस्थाना जम्मू-कश्मीर की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में ने राजौरी और पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पहुंचे। यहां सीमा पर रक्षा में पहली पंक्ति में तौनात बलों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान हमारे खिलाफ योजना बना रहे हैं।

हालांकि सेना के पास 744 किलोमीटर लंबी एलओसी का परिचालन कमान है, लेकिन बीएसएफ को भी सहायता के लिए तैनात किया गया है।

आधिकारि प्रवक्ता ने बताया, “रविवार को अपनी यात्रा के तीसरे दिन सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक राकेश अस्थाना ने पुंछ और राजौरी सेक्टर में विभिन्न जगहों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उनके साथ एडीजी (डब्ल्यूसी) एसएस पंवार और आईजी बीएसएफ एनएस जामवाल भी थे।

डीजी को रजौरी के डीआईजी आईडी सिंह और एलओसी पर तैनात फील्ड कमांडरों ने एलओसी पर ऑपरेशन की तैयारियों और ताजा हालात की जानकारी दी। वर्चस्व बनाए रखते हुए सैनिकों द्वारा अपनाए गए उपायों की सराहना करते हुए महानिदेशक ने सुरक्षा चुनौतियों को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा करने पर जोर दिया।

सभी सुरक्षा बलों के बीच उत्कृष्ट तालमेल को देखते हुए महानिदेशक ने अनुशासन और व्यावसायिकता के उच्च स्तर को बनाए रखने के लिए सभी से अपील की। उन्होंने बीएसएफ पलौरा कैंप जम्मू में सैनिक सम्मेलन को भी संबोधित किया और कहा कि चूंकि पाकिस्तान और चीन भारत के खिलाफ योजना बना रहे थे, इसलिए सीमाओं की रक्षा में बीएसएफ की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण हो गई।

प्रवक्ता ने महानिदेशक के हवाले से कहा, “यह सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण समय है, क्योंकि हमारे दोनों पड़ोसी देश हमारे खिलाफ योजना बना रहे हैं। इसलिए, हमारी भूमिका अब और महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि हम भारतीय रक्षा की पहली पंक्ति हैं।” उन्होंने बीएसएफ जवानों की सतर्कता की सराहना कि, जो सदैव देश की रक्षा में तैनात रहते हैं।

बेटी ने हिंदू धर्म अपनाया इसलिए पिता को नहीं दी दो गज जमीन, जानें क्‍या है पूरा मामला

श्योपुर, । मध्य प्रदेश के श्योपुर शहर के सलापुरा स्थित आबू सैयद वाले कब्रिस्तान में रविवार को एक बुजुर्ग के शव को दफनाने को लेकर विवाद ऐसा गहराया कि पुलिस को मध्यस्थता करनी पड़ी। मुस्लिम समाज के एक बुजुर्ग के शव को कुछ लोगों ने इसलिए कब्रिस्तान में दफन नहीं करने दिया क्योंकि उनकी बेटी ने हिंदू धर्म अपना लिया। विवाद बढ़ने के बाद शहर काजी की समझाइश व पुलिस के दखल के बाद शव को दूसरे कब्रिस्तान में दफनाया गया।

बुजुर्ग के शव को लेकर गहराया विवाद

श्योपुर के सलापुरा कब्रिस्तान के पास पुराने बने मकानों में रह रहे ईदा खां की रविवार को मौत हो गई। इस कब्रिस्तान की जमीन पर वक्फ कमेटी और ईदा खां के विरद्ध केस चल रहा है। विगत दिनों कब्रिस्तान की जमीन पर मकान बनाने को लेकर हुए विवाद में करीब 30 लोगों पर बलवा की एफआइआर भी ईदा खां की बेटी की रिपोर्ट पर दर्ज हुई थी। ईदा खां की बेटी ने मुस्लिम धर्म त्याग कर हिंदू धर्म अपना लिया है। वक्फ कमेटी के लोगों का कहना था कि ईदा खां ने मुस्लिम धर्म त्याग दिया है इसलिए, उन्हें कब्रिस्तान में दफन नहीं किया जा सकता। 

बैठक के बाद लिया निर्णय

कुछ देर बाद टीआइ रमेश डांडे, शहर काजी अतीक उल्लाह कुरेशी, अंजुमन सदर शब्बीर नागौरी के साथ मुस्लिम समाज के लोगों ने बैठक कर बुजुर्ग के शव को हजीरे वाले कब्रिस्तान में दफनाने का निर्णय लिया। कब्रिस्तान विकास समिति के अध्यक्ष असलम बेग ने ईदा खां की मय्यत को मुस्लिम समाज के लोगों की मदद से सलापुरा से हजीरा वाले कब्रिस्तान तक पहुंचाया और वहां पर कब्र खुदवाकर ईदा खां को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

रुतबा जलवा तभी तक है जब तक सरकार है, शिवराज की मंत्रियों को नसीहत.

शिवराज ने बीजेपी की बैठक में एक बार फिर एकजुटता और समन्वय का संदेश दिया गया है. साथ ही निर्देशित करते हुए कहा कि, कार्यकर्ताओं से पूरा संवाद बना रहे, जनहित से जुड़े मुद्दे हर हाल में पूरे किए जाएं.

भोपाल कोरोना महामारी के बीच भोपाल में रविवार को बीजेपी की विशेष बैठक आयोजित हुई, जहां उपचुनाव को लेकर मंत्रियों और विधायकों के बीच बातचीत हुई. बैठक में आए विधायक, सांसद मंत्रियों को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने असंतुष्ट और नाराज नेताओं से कहा, “रुतबा तभी तक है जब तक सरकार है. सब नाराजगी भूलकर उप चुनाव में मैदान में उतरना है, जनता के बीच जाना है. कार्यकर्ताओं से पूरा संवाद बना रहे, जनहित से जुड़े मुद्दे हर हाल में पूरे किए जाएं. आने वाले उपचुनाव में किसी भी कीमत में सभी 27 सीट जीतना है, 100 प्रतिशत रिजल्ट आना चाहिए.”

बीजेपी की बैठक में विधायकों और मंत्रियों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हमें लोगों के बीच कल्याण के काम लेकर जाना है, चौपाल लगाना है, हमारे पास अभी हर गांव में चौपाल लगाने का समय है.

मुख्यमंत्री शिवराज ने साफ-साफ कहा, ये समझ लो ये रुतबा जलवा तभी तक है जब तक सरकार है, इसलिए सब भूलभाल कर मैदान में उतरना होगा. केवल लेटर हेड पर नाम लिखवा कर नामधारी होकर माला पहने से काम नहीं चलेगा. हर विधायक, सांसद मंत्री काम करे. हर मोर्चे का उपयोग करें. हम आपको सभी संगठनों की लिस्ट भी देंगे. उनसे संपर्क साधिए. सोशल मीडिया का उपयोग अच्छे से करना है. कांग्रेस के घोटाले गिनाने हैं. जितनी युक्ति बुद्धि लगाते बनती है वो लगा कर हमे ये चुनाव हर हाल में जीतना है. 27 सीटें जीतने का संकल्प लेना है एक भी सीट जाने नहीं देना है.

LAC विवाद: दुनिया ने भी माना- बैकफुट पर चीन, पढ़ें यूरोपियन थिंक टैंक की रिपोर्ट

नई दिल्ली: चीन (China) की कारगुजारियों के जवाब में भारत (India) द्वारा उठाए गए कदमों से ड्रैगन पूरी तरह बैकफुट पर आ गया है. चीन को समझ नहीं आ रहा है कि अब इस स्थिति से कैसे बाहर निकला जाए. यूरोपीय थिंक टैंक यूरोपियन फाउंडेशन फॉर साउथ एशियन स्टडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना ने जिस चतुराई से चीन को जवाब दिया और जिस तरह से जवाबी कार्रवाई की, उससे चीन असमंजस की स्थिति में आ गया है. ना ही वह इस मसले को हल करने की स्थिति में है और ना ही लंबे समय तक इसमें फंसा रह सकता है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत से बेवजह विवाद मोल लेकर चीन तिब्बत और ताइवान जैसे गंभीर मुद्दों पर घिर सकता है. दरअसल, हाल ही में चीनी सरकार ने तिब्बत पर नियंत्रण को विस्तार देने की अपनी योजनाओं की घोषणा की थी. इसे तिब्बत के लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन और उनकी धार्मिक स्वंतत्रता को छीनने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है. अमेरिका सहित कई देश तिब्बत को लेकर चीन को निशाना बनाते रहे हैं. लिहाजा यूरोपीय थिंक टैंक का मानना है कि यदि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत के साथ विवाद को लगातार बढ़ाता है, तो उसे इस मोर्चे पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

इन मुद्दों पर घेर सकता है भारत

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए नई दिल्ली तिब्बत विवाद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पुरजोर तरीके से उठा सकता है. यह मुद्दा वैसे भी कई देशों की सूची में शामिल है, इसलिए भारत के प्रयास को पर्याप्त समर्थन मिलने की उम्मीद हमेशा बनी रहेगी. इसके अलावा, ताइवान, हांगकांग और दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर भी भारत बीजिंग के विरुद्ध पश्चिमी देशों का साथ दे सकता है.  

अंतरराष्ट्रीय मीडिया का हवाला

रिपोर्ट में भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की खबरों का हवाला भी दिया गया है. उदाहरण के तौर पर, ब्रिटिश दैनिक ‘द टेलीग्राफ’ ने दावा किया कि भारतीय सैनिकों ने न केवल घुसपैठ की चीनी सेना की साजिश को नाकाम किया, बल्कि उसने जवाबी कार्रवाई में कुछ चीनी शिविरों पर भी कब्जा किया. इसी तरह ‘द टेलीग्राफ’ ने दावा किया कि लगभग 500 चीनी सैनिकों ने चुशूल गांव के नजदीक संकीर्ण घाटी स्पंगगुर को पार करने का प्रयास किया और कम से कम तीन घंटों तक दोनों पक्षों में संघर्ष चला. भारत और चीनी सैनिकों में हाथापाई भी हुई.

कंगना रनौत Y श्रेणी सुरक्षा के साथ जाएंगी मुंबई…

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली है. सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने कंगना को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी.

नई दिल्ली

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली है. सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने कंगना को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी है. दरअसल, कंगना रनौत और शिवसेना नेता संजय राउत के बीच जुबानी जंग तेज हो गई थी. संजय राउत ने कंगना को मुंबई न आने की नसीहत दी थी. इस पर कंगना ने मुंबई आने का चैंलेंज किया था.

अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कंगना रनौत को वाई श्रेणी की सुरक्षा देने का फैसला किया है. उनकी सुरक्षा में 11 जवान तैनात रहेंगे. इसमें एक या दो कमांडो और बाकी पुलिसकर्मी होंगे. इसका नोटिफिकेशन थोड़ी देर में जारी हो सकता है. बताया जा रहा है कि 9 सितंबर को जब कंगना मुंबई पहुंचेंगी, उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा मिल जाएगी.

वाई श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद कंगना रनौत ने कहा कि ये प्रमाण है की अब किसी देशभक्त आवाज़ को कोई फ़ांसीवादी नहीं कुचल सकेगा, मैं अमित शाह जी की आभारी हूं. वो चाहते तो हालातों के चलते मुझे कुछ दिन बाद मुंबई जाने की सलाह देते मगर उन्होंने भारत की एक बेटी के वचनों का मान रखा, हमारे स्वाभिमान और आत्मसम्मान की लाज रखी, जय हिंद.

दरअसल, बहुचर्चित सुशांत सिंह राजपूत के मामले में कंगना रनौत ने शुरू से अपनी आवाज बुलंद रखी है. उन्होंने बॉलीवुड माफ‍िया, नेपोट‍िज्म और अब ड्रग्स के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है. कंगना के इन बयानों के चलते वे सेलेब्स के निशाने पर तो आईं ही लेक‍िन कुछ राजनैतिक पार्ट‍ियों से भी उन्होंने झगड़ा मोल ले लिया. 

इसी सिलसिले में कंगना रनौत और शिवसेना नेता संजय राउत के बीच जुबानी जंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. संजय राउत ने कंगना को मुंबई न आने की नसीहत दी थी. इस पर कंगना ने मुंबई आने का चैंलेंज किया था. इसके बाद कंगना ने एक वीडियो भी शेयर किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि संजय राउत का मतलब महाराष्ट्र नहीं है.

इसी वीडियो में कंगना रनौत कहती हैं कि देश में महिलाओं के साथ रेप होता है, उन पर एसिड फेंका जाता है, ये सब इसलिए हो पाता है क्योंकि समाज की सोच घटिया है. कंगना ने संजय राउत को भी इसी सोच से प्रभावित बताया.  कंगना ने संजय राउत पर आरोप लगा दिया है कि उन्होंने हर महिला का अपमान किया है, उन्होंने देश की बेटी को गाली दी है. 

कंगना रनौत ने तो अब उस समय को भी याद कर लिया है जब आमिर खान और नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि देश में रहने से डर लगता है. उन बयानों को याद करते हुए कंगना कहती हैं- जब आमिर खान और नसीरुद्दीन शाह ने देश के खिलाफ कहा था, तब तो किसी ने उन्हें गाली नहीं दी थी. फिर जब मैंने अपनी अभिव्यक्ति की आजादी का पालन किया तो मुझे गाली क्यों दी गई.