चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंघे को राजनाथ ने सुनाई खरी-खरी, कहा- भारत की प्रतिबद्धता को लेकर भ्रम न पाले चीन

नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को कड़े और स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पूर्वी लद्दाख में तनाव का एकमात्र कारण चीनी सैनिकों का आक्रमक रवैया है और ऐसा चलता रहा तो भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने रूस की राजधानी मॉस्को में चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेइ फेंघे (General Wei Fenghe) से हुई बातचीत के दौरान यह संदेश दे दिया है।

राजनाथ ने चीन की इन हरकतों पर जताई नाराजगी

रक्षा मंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, ‘रक्षा मंत्री ने (बातचीत के दौरान) चीनी सैनिकों की कार्रवाइयों, उनका आक्रामक व्यवहार और द्विपक्षीय संधियों का उल्लंघन करते हुए जमीनी हालात को एकतरफा बदलने की कोशिश के मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने सीमा पर चीन की तरफ से बड़ी संख्या में फौजियों को भेजने का मुद्दा भी उठाया।

हमारे इरादे को लेकर किसी भ्रम में न रहे चीन
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के इतर भारत-चीन के रक्षा मंत्रियों के बीच हुई बातचीत को लेकर ट्विटर पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि भारत सीमा प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है और निभाता रहेगा, लेकिन अपनी संप्रभुता और अखंडता से कभी कोई समझौता नहीं करेगा। एक ट्वीट में कहा गया है, ‘रक्षा मंत्री ने कहा कि बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति भारतीय सैनिकों का रवैया हमेशा से बहुत जिम्मेदाराना रहा है, लेकिन भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।’

आक्रामक व्यवहार छोड़कर ही शांति की ख्वाहिश कर सकता है चीन

रक्षा मंत्री ने चीन को सलाह दी कि अगर चीन सीमा पर शांति और स्थिरता की दरकार महसूस करता है तो उसे ऐसा व्यवहार करना चाहिए जिससे आपस के मतभेद कभी विवाद नहीं का रूप नहीं ले सकें। रक्षा मंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा, ‘रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों पक्षों को (दोनों देशों के) नेताओं के बीच बनी सहमतियों के अनुसार कदम उठाना चाहिए क्योंकि द्विपक्षीय रिश्तों में आगे बढ़ने के लिए भारत-चीन सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है। इसलिए दोनों पक्षों को अपने मतभेदों को विवाद का रूप नहीं देना चाहिए।’

तनाव कम की दिशा में भारत के साथ काम करे चीन

आगे कहा गया है, ‘रक्षा मंत्री ने सलाह दी कि पेंगोंग झील समेत संघर्ष वाले तमाम इलाकों से जल्द-से-जल्द सैनिकों को हटाने की दिशा में चीन को भारत के साथ मिलकर काम करना चाहिए। साथ ही, द्विपक्षीय संधियों और प्रॉटोकॉल्स के मुताबिक सीमा पर तनाव खत्म करना चाहिए।’ रक्षा मंत्री ने कहा कि ताजा हालात को जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से निपटना चाहिए और किसी भी पक्ष को आगे कोई ऐसी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए जिससे स्थिति और पेचीदा हो जाए या सीमाई इलाकों में तनाव और बढ़ जाए।

Deshraj Pateriya : बुंदेलखंडी लोकगीतों के सम्राट देशराज पटेरिया का निधन 

भोपाल बुंदेलखंड की शान बुंदेली लोकगीत गायक देशराज पटेरिया का शानिवार को सुबह 3 बजे दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। वे 67 वर्ष के थे। पटेरिया को बुंदेलखंड सहित लोक गायकी के क्षेत्र में लोकगीत सम्राट के रूप में जाना जाता है। उनके निधन से अंचल ने एक महान लोकगीत गायक खो दिया है। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आज भेसासुर मुक्तिधाम में किया जाएगा।

बुंदेलखंड के लोकगीत सम्राट कहे जाने वाले पंडित देशराज पटेरिया का जन्म 25 जुलाई 1953 में छतरपुर जिले की तिंदनी गांव में हुआ था। चार भाइयों और दो बहनों में वह सबसे छोटे थे। हायर सेकेंडरी पास करने के बाद इन्होंने प्रयाग संगीत समिति से संगीत में प्रभाकर की डिग्री हासिल की। इसी बीच पंडित श्री पटेरिया की नौकरी स्वास्थ्य विभाग में लग गई थी। लेकिन इनका मन बुंदेली लोकगीत गाने में ज्यादा रहता था। इसी कारण वह दिन में नौकरी करते थे और रात में बुंदेली लोकगीतों में भाग लेते थे। वर्ष 1972 में उन्होंने मंचों से लोकगीत गाना शुरू कर दिया। लेकिन उनको असली पहचान वर्ष 1976 में छतरपुर आकाशवाणी ने दी। जब उनके लोकगीत आकाशवाणी से प्रसारित होने लगे, तो बुंदेलखंड में उनकी पहचान धीरे-धीरे बढ़ने लगी।

वर्ष 1980 आते-आते उनके लोकगीतों की कैसेट मार्केट में आ गए। जो बुंदेलखंड में फिल्मी गीतों की जगह बुंदेली गीत बजने लगे या कहें देशराज पटेरिया के लोकगीतों के जादू हर बुंदेलखंड वासी की जुबां दिखने लगा। इसके बाद उन्होंने बुंदेलखंड के आल्हा हरदौल ओरछा इतिहास के साथ-साथ रामायण से जुड़े हास्य, श्रृंगार संवाद से जुड़े संवाद के भी लोकगीत गाए हैं।बुंदेलखंड में आज उनके नाम सबसे ज्यादा लोकगीत गाने कार्यक्रम है। पंडित श्री पटेरिया अभी तक 10000 से ज्यादा लोक गीत गा चुके हैं। बुंदेली फोक के लिए चर्चित पंडित श्री पटेरिया फिल्मी गायक मुकेश को अपना आदर्श मानते थे।

आंवला सेहत के लिए वरदान से कम नहीं आंवला जूस, ये हैं 7 बड़े फायदे


आंवले को पोषक तत्वों का राजा माना जाता है. आंवले में वो सभी जरूरी मिनरल्स और विटामिन्स पाए जाते हैं जो शरीर को ना सिर्फ स्वस्थ रखते हैं बल्कि कई तरह की बीमारियों को भी बचाने का काम करते हैं. आंवले को डाइट में कई तरीके से शामिल किया जा सकता है. आप इसे कच्चा खा सकते हैं, इसका जूस पी सकते हैं या फिर अचार या जैम बनाकर भी खा सकते हैं. आंवला हर रूप में आपको फायदा पहुंचाने वाला है.

आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन C पाया जाता है जो इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म बढ़ाने का काम करता है. आंवला कोल्ड, कफ के अलावा शरीर में वायरल और  बैक्टीरियल इंफेक्शन नहीं होने देता है. आंवले में ऐसे तत्व भी पाए जाते हैं जो कैंसर सेल्स से लड़ने का काम करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, आंवले का जूस शरीर की सभी प्रक्रियाओं को संतुलित करता और त्रिदोष यानी वात, कफ, पित्त को खत्म करता है. आइए जानते हैं आंवला शरीर को और किन तरीकों से फायदा पहुंचाता है.

मुंह के छालों में उपयोगी- हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, आंवले का रस खांसी और फ्लू के साथ-साथ मुंह के छालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है. आंवले को एक कारगर घरेलू उपाय की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. दो चम्मच आंवला जूस में दो चम्मच शहद मिलाकर रोज पीने से सर्दी और खांसी में काफी मदद मिलती है. मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए जो चम्मच आंवले के जूस को पानी में मिलाकर उससे गरारे करें.

कोलेस्ट्रॉल को रखता है सही- नियमित रूप से आंवले का जूस पीने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है और शरीर सेहतमंद रहता है. इसमें पाया जाने वाला एमिनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट की वजह से दिल सुचारू रूप से काम करता है.

अस्थमा में फायदेमंद- आंवला सांस की बीमारियों जैसे अस्थमा को सही रखने के साथ-साथ डायबिटीज को भी कंट्रोल करता है. आंवले से पाचनतंत्र भी बिल्कुल सही रहता है.

लिवर को रखता है सुरक्षित- आंवला में लिवर को सुरक्षित रखने के सारे तत्व पाए जाते हैं. ये शरीर से सारे विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है.

न्यूट्रिशन ड्रिंक- विटामिन सी के अलावा आंवले में आयरन, कैल्शियम और फास्फोरस भी काफी मात्रा में पाया जाता है और इसे एक न्यूट्रिशन ड्रिंक की तरह भी पिया जा सकता है.

बालों के लिए फायदेमंद- बालों के लिए आंवला एक दवा की तरह काम करता है. हमारे बालों की संरचना 99 फीसदी प्रोटीन का योगदान होता है. आंवले में पाया जाने वाला अमीनो एसिड और प्रोटीन बालों को बढ़ाता है,  झड़ने से रोकता है और जड़ों से मजबूत बनाता है.

दाग-धब्बों को दूर करता है- आंवला जूस स्किन ट्रीटमेंट के काम भी आता है. आंवले के रस को रूई में भिगोकर लगाने से चेहरे के दाग-धब्बे दूर होते हैं और चेहरे पर चमक आती है. 

PM मोदी ने दी ‘सिंघम’ की तरह दिखावा नहीं करने की सलाह, औवेसी ने CM योगी का जिक्र करके किया वार

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में 2018 बैच के परिवीक्षाधीन आईपीएस अधिकारियों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने नए अधिकारियों को सलाह दी “सिंघम” की तरह दिखावा न करें. पीएम मोदी की इस सलाह पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के बहाने तंज कसा है. ओवैसी ने कहा कि आपकी पार्टी से उत्तर प्रदेश के सीएम बोलते हैं ‘ठोक देंगे’. ऐसे में ये युवा अफसर आपकी बात को गंभीरता से कैसे लेंगे? 

ओवैसी ने अपने ट्वीट में लिखा- “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जो आपकी पार्टी से हैं, कहते हैं कि ‘ठोक देंगे’ और ‘बोली नहीं तो गोली’. आपकी सांसद गोडसे को देशभक्त बताती हैं और शहीद हेमंत करकरे की मौत का जश्न मनाती हैं. ऐसे में ये युवा अधिकारी कैसे आपकी बात को गंभीरता से लेंगे?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोबेशनरी आईपीएस अधिकारियों को सलाह दी थी कि “सिंघम” की तरह फिल्मों से प्रभावित न हों. उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मी पहले दिखावा करने में लग जाते हैं और पुलिसिंग के मुख्य पहलू की अनदेखी कर देते हैं. उन्होंने कहा, “कुछ पुलिसकर्मी जो नयी ड्यूटी पर पहुंचते हैं वह ‘सिंघम’ जैसी फिल्मों को देखकर दिखावा चाहते हैं…लोगों को डराना चाहते हैं…. और असामाजिक तत्वों को मेरा नाम सुनकर ही कांपना चाहिए…, यह उनके दिल और दिमाग पर छा जाता है और इसकी वजह से जिन कामों को किया जाना चाहिए वह पीछे छूट जाते हैं.” 

चीनी सेना ने 5 भारतीयों को किया अगवा! कांग्रेस विधायक ने किया दावा, PMO को ट्वीट कर की कार्रवाई की मांग

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पिछले काफी समय से तनाव जारी है। इस बीच अरुणाचल प्रदेश से चीनी सैनिकों द्वारा पांच भारतीयों के कथिततौर पर अगवा किए जाने की खबर है। अरुणाचल प्रदेश के कांग्रेस विधायक निनॉन्ग एरिंग ने दावा किया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके से पांच भारतीयों को कथित रूप से अगवा कर लिया है। बता दें कि पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में चीनी सेना और भारतीय सेना के बीच तकरार जारी है। 

अरुणाचल प्रदेश से कांग्रेस विधायक निनॉन्ग एरिंग पीएमओ को टैग कर अपने ट्वीट में दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी जिले के पांच लोगों का कथित तौर पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जरिए अगवा कर लिया गया है। उन्होंने यह भी लिखा कि कुछ महीने पहले भी इस तरह की घटना हुई थी। 

कांग्रेस विधायक ने भारत सरकार से कार्रवाई की मांग की है और चीन की सेना को जवाब देने की मांग की है। इन्होंने अपने ट्वीट में दो स्क्रीनशॉट भी लगाए हैं, जिसमें एक यूजर अपने भाई के अगवा होने की बात कह रहा है, वहीं दूसरे में पांचों के नाम हैं। 

बता दें कि चीन और भारत के सैनिकों के बीच गत 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी जिसमें भारत के एक कर्नल सहित 20 सैनिक शहीद हो गये थे। चीन के भी बड़ी संख्या में सैनिक मारे गये थे हालांकि चीन ने कभी आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया। इसके बाद फिर से 29-30 अगस्त की रात चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया।

मध्य प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने दो सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सोंपा

शिवपुरी म.प्र.डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के आव्हान पर , प्रातांध्यक्ष इंजी.राजेन्द्र सिंह भदौरिया के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन मैं आज समूचे मध्य प्रदेश मै जिला कलेक्टरों के माध्यम से मुख्य मंत्री एवं मुख्य सचिव म.प्र.शासन को संघ की लंबित दो सूत्रीय मांगों (1-संविदा उपयंत्रीयों के के नियमितिकरण,2-28बर्ष सेवावधि पूर्ण उपयंत्रियों का पदनाम सहायक यंत्री करने बिषयक)के निराकरण हेतु ज्ञापन सोंपे गये है,इसी क्रम मै आज जिला समिति शिवपुरी ने मांगों के समर्थन मे ज्ञापन सोंपा ,इस अवसर पर इंजी.प्रकाश सिंह रघुवंशी,इंजी.हरिवल्लभ वर्मा,इंजी राजीव पाण्डे,इंजी.मुकेश जैन, इंजी.शिवशंकर गुप्ता ,इंजी.एन.के.पाराशर,इंजी.अशोक शर्मा,इंजी.आर.पी.एस.राजपूत.इंजी.माधवेन्द्र सिंह चौहान, इंजी.रजनीश श्रीवास्तव,इंजी.अभय सक्सैना,इंजी.नीरज खरे,इत्यादि उपस्थित रहे

मध्य प्रदेश में बच्चों पर कोरोना साया भारत में कोरोना की रफ्तार ने दूसरे देशों को भी छोड़ा पीछे, मात्र 13 दिन में हुए 30 से 40 लाख केस

* मध्यप्रदेश में 1 सितंबर तक 1,158 बच्चे कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।

India Corona Updates: भारत में कोरोना की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। पहले केस से 10 लाख का आंकड़ा पार होने में 168 दिन लगे लेकिन इसके बाद 20, 30 और फिर 40 लाख का आंकड़ा पार करने में मात्र 50 दिन लगे।

नई दिल्ली
भारत में शुक्रवार को कोरोना के केस 40 लाख के पार हो चुके हैं। चिंताजनक यह है कि 30 लाख से 40 लाख का आंकड़ा होने में महज 13 दिन का वक्त लगा। वहीं पिछले 24 घंटे में 87,800 से ज्यादा नए केस सामने आए जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। लगातार तीन दिन से कोरोना के नए मामलों में जबरदस्त उछाल आ रहा है।

अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत 40 लाख कोरोना केस वाला तीसरा देश है। कोरोना की रफ्तार की बात करें तो भारत में कोरोना के पहले केस से 10 लाख का आंकड़ा पार होने में 168 दिन लगे लेकिन इसके बाद 20, 30 और फिर 40 लाख का आंकड़ा पार करने में मात्र 50 दिन लगे। दूसरे देशों की तुलना करें तो ब्राजील में 75 दिनों में 40 लाख मरीज हुए थे जबकि अमेरिका में 86 दिन लगे थे।

13 दिन में बढ़ गए 10 लाख मरीज
भारत में कोरोना की रफ्तार लगातार बढ़ती जा रही है। 30 लाख से 40 लाख यानी 10 लाख मरीजों की बढ़ोतरी होने में 13 दिन का ही वक्त लगा। इससे पहले 10 लाख का इजाफा होने में 16 दिन का वक्त लगा था।

दूसरे देशों की तुलना में मृत्युदर कम

राहत की बात यह है कि भारत में कोरोना से मृत्युदर बाकी देशों की तुलना में काफी कम है। 40 लाख कोरोना केस के साथ भारत में महामारी से अब तक 69,552 मरीजों की मौत हो चुकी है। 40 लाख मरीजों की संख्या के साथ अमेरिका में 1.4 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी थी जबकि ब्राजील में 1.2 लाख से ज्यादा लोग जान गंवा चुके थे।

महाराष्ट्र में एक दिन में सबसे अधिक केस
शुक्रवार को भारत में रेकॉर्ड 87,852 नए केस दर्ज किए। इनमें सबसे अधिक संक्रमण के केस 19,218 महाराष्ट्र से आए। वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना से भारत में 1,062 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार चौथे दिन भारत में 1,000 से अधिक लोग कोरोना से दम तोड़ चुके हैं।

महाराष्ट्र में शुक्रवार को 19,218 नए मामले आए जो एक दिन में सबसे अधिक केस हैं। यहां तक कि मुंबई में भी पिछले एक हफ्ते से हर रोज रेकॉर्ड केस सामने आए रहे हैं। मुंबई में शुक्रवार को 1,929 केस आए। इससे पहले मुंबई में 27 जून को सबसे अधिक 2,077 केस सामने आए थे।

आंध्र प्रदेश में 10,000 से ज्यादा केस

आंध्र प्रदेश में शुक्रवार को 10,776 नए कोरोना केस सामने आए जबकि 76 लोगों की मौत हो गई। अब तक यहां कुल 4,276 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कुल केस 4,76,506 पास कर चुके हैं।

मध्य प्रदेश में बच्चों पर कोरोना साया
मध्य प्रदेश के इंदौर में खतरनाक ट्रेंड देखने को मिल रहाहै। यहां 12 साल के कम उम्र के बच्चों में कोरोना इंफेक्शन तेजी से फैल रहा है। 20 जुलाई को 398 बच्चे संक्रमित थे और 1 सितंबर को 1,158 बच्चे कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।

MP में आज से सड़कों पर दौड़ेंगी प्राइवेट बसें, ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म 

बस संचालकों का कहना है कि सरकार से बातचीत में यह सहमति बनी है कि लॉकडाउन से लेकर अगस्त माह तक का टैक्स (Tax) सरकार माफ करेगी.

ग्वालियर  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बस यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है. प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर एसोसिएशन (Bus Operator Association) ने लॉकडाउन के बाद से चल रही हड़ताल को खत्म (Strike End) कर दिया है. जबलपुर में बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि आज से प्रदेश भर में बसें संचालित की जाएंगी. बस संचालकों का कहना है कि सरकार से बातचीत में यह सहमति बनी है कि लॉकडाउन से लेकर अगस्त माह तक का टैक्स (Tax) सरकार माफ करेगी. सरकार से मिले आश्वासन के बाद बस संचालकों में खुशी की लहर है और उन्होंने अपनी हड़ताल को खत्म कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, सरकार ने 5 महीने का टैक्स माफ करने और 1 महीने का टैक्स आधा करने का फैसला किया है. साथ ही टैक्स जमा करने की तारीख भी बढ़ा दी गई है. इसके बाद बस संचालकों ने बसें चालू करने का ऐलान कर दिया.

दरअसल, बस चालकों की हड़ताल से प्रदेशभर के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब अनलॉक शुरू हुआ तो सरकार ने बस संचालकों को 50 प्रतिशत यात्रियों के साथ बस चलाने का आदेश जारी कर दिया. लेकिन बस संचालकों की मांग थी कि लॉकडाउन के दौरान जब बसें नहीं चली हैं तो सरकार उसका टैक्स माफ करें. लेकिन सरकार टैक्स माफ करने के मूड में नहीं थी. लिहाजा संचालकों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया और बसों को संचालित नहीं किया.

कब से कब तक टैक्स माफ?

सरकार ने बस संचालकों का 1 अप्रैल 2020 से 31 अगस्त 2020 तक की 5 महीने की अवधि का पूरा टैक्स माफ करने का फैसला किया है. इसके साथ ही सितंबर 2020 के महीने का 50 प्रतिशत टैक्स माफ करने का फैसला किया गया. सरकार ने टैक्स में छूट देने के साथ ही वाहनकर जमा करने की तारीख भी बढ़ा दी है. अब वाहनकर 30 सितंबर 2020 तक जमा किया जा सकेगा.

India-China के बीच सीमा विवाद पर मॉस्को में हुई बैठक, भारत ने कहा- चीन छोड़े अपनी विस्तारवादी नीति

भारत-चीन के बीच सीमा पर तनाव जारी है. इस बीच मॉस्को में राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेइ फेंगहे से मुलाकात की है.सीमा विवाद शुरू होने के बाद ये पहली बार है कि भारत और चीन की इतने बड़े स्तर की मीटिंग हुई है.

नई दिल्ली  एलएसी पर जबरदस्त तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगही से रूस की राजधानी मास्को में एक लंबी मुलाकात की. माना जा रहा है कि इस मीटिंग में भारत ने दो टूक कह दिया है कि चीन अपनी विस्तारवादी नीति छोड़ देगा तो एलएसी पर शांति कायम हो सकती है. चीन के आग्रह पर ये मीटिंग हुई थी.

एससीओ देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीनी समकक्ष जनरल वेई फेंगही से मास्को में मुलाकात की. भारतीय समयनुसार मीटिंग रात 9.30 बजे शुरू हुई और पूरे दो घंटे बीस मिनट चली. भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा मंत्री के अलावा रक्षा सचिव अजय कुमार, चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड स्टाफ कमेटी वाइस एडमिरल आर हरि कुमार और रूस में भारत के राजदूत शामिल थे. चीनी रक्षा मंत्री के साथ प्रतिनिधीमंडल में सभी पीएलए कए सैन्य अफसर थे. रक्षा मंत्री बनने से पहले वेई फेंगही भी पीएलए सेना की रॉकेट फोर्स के कमांडर थे.

मीटिंग की जो तस्वीरें सामने आई उनमे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने चिर-परिचित अंदाज में उंगलियों और हाथ को हवा में लहराकर चीनी रक्षा मंत्री से मुखातिब होते हुए दिखाई पड़े.

सीमा विवाद शुरू होने के बाद पहली बार भारत और चीन की इतने बड़े स्तर की मीटिंग हुई
आपको बता दें कि सीमा विवाद शुरू होने के बाद ये पहली बार है कि भारत और चीन की इतने बड़े स्तर की मीटिंग हुई है ताकि एलएसी पर चल रही तनातनी को खत्म किया जा सके. हालांकि, दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच पहले से कोई द्विपक्षीय मीटिंग तय नहीं थी लेकिन चीन ने इस बैठक के लिए पहल की और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को मास्को में ही संदेश भिजवाया गया. यहां तक की मीटिंग के लिए चीनी रक्षा मंत्री अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ उसी मास्को के मैट्रोपोलिस होटल पहुंचे जहां राजनाथ सिंह रूके हैं.

थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने कही थी ये बात

हालांकि देर रात खबर लिखे जाने तक भारत की तरफ से इस मीटिंग को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है कि बैठक का क्या नतीजा निकला. लेकिन माना यही जा रहा है कि दोनों देशों ने एलएसी पर शांति बनाए रखने का मुद्दा उठाया. लेकिन भारत ने साफ कर दिया कि एलएसी पर शांति तभी कायम की जा सके जब चीन अपनी विस्तारवादी नीति को छोड़ दे. अगर चीन ऐसा करता है तो दोनों देशों के बीच शांति कायम हो सकती है. क्योंकि शुक्रवार को लेह-लद्दाख के दौरान थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने भी कहा था कि बातचीत के जरिए एलएसी पर शांति कायम की जा सकती है.

इससे पहलो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई कॉपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) कांफ्रेंस में हिस्सा लेते हुए भी चीन का नाम लिया बगैर गैर-विस्तारवाद, अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का सम्मान, एक दूसरे पर भरोसा करना और आपसी सहयोग को एससीओ-क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बताया था.