अचानक मुखर्जी भवन पहुंचे सिंधिया

ग्वालियर।
मुखर्जी भवन में संगठन मंत्री से मुलाकात  के लिए पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मैं यहां पार्टी और संगठन के मंदिर में नतमस्तक होने आया हूं और यहां उपस्थित होना मेरा धर्म है एकाएक पार्टी कार्यालय पहुंचने पर उन्होंने कहा कि यहां आने का कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था लेकिन खुद की इच्छा अनुसार मैं यहां आया हूं।

आंगनबाड़ियों में अंडे बांटने के सवाल पर साधी चुप्पी

पत्रकारों ने जब उनसे इमरती देवी द्वारा आंगनबाड़ियों में अंडा वितरण की मांग किए जाने का सवाल किया तो उन्होंने कहा कि इमरती देवी प्रदेश सरकार में मंत्री हैं और मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं इसलिए सरकार से जुड़े कामों का कोई जवाब नहीं दे सकता हूं इतना जरूर कहूंगा की डबरा में काफी विकास कार्य कराए गए हैं और डबरा मेरी अंतरात्मा में बसता है।
कमलनाथ के ग्वालियर दौरे पर बोले उनके पास अब कुछ बचा नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आगामी ग्वालियर दौरे पर उन्होंने कहा कि उन्हें जो करना है वह करें राजनीति में सभी को अपना के अपनी बात कहने का अधिकार है लेकिन 15 महीने में वह जनता के सामने कोई शो नहीं कर पाए तो अब क्या सो करेंगे इसलिए उनके आने ना आने से कोई फर्क नहीं पड़ता है।

लेह-लद्दाख में सैन्य तैयारियों का जायजा लेकर बोले आर्मी चीफ नरवणे- किसी भी हालत से मुकाबले के लिए तैयार है भारत

नई दिल्ली
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव बढ़ने के बीच इंडियन आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने कहा है कि भारत ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीमा पर एहतियातन फौजों की पर्याप्त तैनाती कर दी है। लेह-लद्दाख के दौरे पर गए जनरल नरवणे ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि चीन से सटी सीमा पर तैनात भारतीय जवानों का हौसला सातवें आसमान पर है और वो किसी भी परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह तैयार हैं।

हर हालत से मुकाबले को तैयार है भारत

आर्मी चीफ ने शुक्रवार को कहा, ‘मैंने लेह पहुंचकर कई जगहों का दौरा किया। मैंने अधिकारियों और जेसीओज से बात की और तैयारियों का जायजा लिया। जवानों का हौसला बुलंद है और वो सभी तरह के हालत से मुकाबले को तैयार हैं।’ उन्होंने कहा, ‘एलएसी पर हालात थोड़ा तनावपूर्ण हैं। इन हालात के मद्देनजर हमने अपनी सुरक्षा के लिए एहतियातन तैनाती कर रखी है ताकि हमारी सुरक्षा और अखंडता पर कोई आंच नहीं आए।’

दुनिया में सबसे शानदार भारत के फौजी: आर्मी चीफ

नरवणे ने दोबारा जोर देकर कहा कि एलएसी पर तैनात फौजी जवानों का मनोबल बेहद ऊंचा है। उन्होंने कहा, ‘वो बहुत प्रेरित हैं। उनका मनोबल ऊंचा है और सामने पैदा होने वाली सभी तरह की परिस्थितियों से निपटने को पूरी तरह तैयार हैं। हम दोबारा कहना चाहते हैं कि हमारे अधिकारी और जवान दुनिया में सबसे शानदार हैं और वो न केवल आर्मी बल्कि राष्ट्र को गौरवान्वित करेंगे।’ आर्मी चीफ ने गुरुवार को चुशूल सेक्टर पहुंचकर वहां की रक्षा तैयारियों का जायजा लिया था और वो आज दिल्ली लौटने वाले हैं।

LAC पर दोनों देश आमने-सामने

ध्यान रहे कि पूर्वी लद्दाख में चुशूल सेक्टर के सामने चीन की बढ़ती सैन्य तैनातियों के मद्देनजर भारत ने भी भारी संख्या में अपने फौजी अग्रिम मोर्चों पर तैनात कर दिए हैं ताकि भविष्य में चीनी सेना के किसी भी दुस्साहसिक प्रयासों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। इलाके में दोनों देशों ने एक-दूसरे के आमने-सामने भारी संख्या में फौजियों, टैंकों, हथियारयुक्त वाहनों और हॉवित्जर तोपों में तैनात कर रखा है।

एयर चीफ ने भी लिया तैयारियों का जायजा

लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक 3,488 किमी की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चरम पर पहुंचे तनाव के बीच भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर. के. एस. भदौरिया ने बुधवार को हशिमारा (Hashimara) समेत पूरे ईस्टर्न सेक्टर में अग्रणी मोर्चों पर बने सैन्य हवाई अड्डों का निरीक्षण किया।

बातचीत का दरवाजा भी खुला

एलएसी पर बिल्कुल विकट परिस्थितियों के बीच दोनों देशों ने सैन्य बातचीत का रास्ता खोलकर रखा है। चुशूल-मोल्डो बॉर्डर पॉइंट पर गुरुवार को चौथे दौर की ब्रिगेडियर स्तर की बातचीत हुई। हालांकि, इस बार भी बातचीत बेनतीजा रही।

राहत और आफत दोनों….देश में कोरोना ने एक दिन में बनाए तीन-तीन रिकॉर्ड

भारत में कोरोना वायरस हर दिन एक नया रिकॉर्ड बनाते जा रहा है। देश में गुरुवार को कोरोना संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 83,883 नए संक्रमित मिले। इसी के साथ गुरुवार को कुल मामलों की संख्या 38 लाख को पार कर गई। साथ ही देश में बुधवार को एक दिन में रिकॉर्ड 11.70 लाख नमूनों की जांच की गई। वहीं, एक दिन में रिकॉर्ड 68,584 मरीज स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। इस तरह से कोरोना ने एक दिन में तीन-तीन रिकॉर्ड बनाए। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के मामले बढ़कर 38,53,406 हो गए हैं। वहीं, बुधवार को 24 घंटे में 1,043 और लोगों की मौत होने से गुरुवार सुबह मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 67,376 हो गई है। मंत्रालय ने बताया कि कोरोना संक्रमण से मरने वाले 70 प्रतिशत से अधिक लोगों को पहले से भी कोई बीमारी थी। 

आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी 8,15,538 कोरोना मरीजों का इलाज जारी है, जो कुल मामलों का 21.16 प्रतिशत है। देश में सात अगस्त को कोविड-19 के मामले 20 लाख के पार चले गए थे, जबकि 23 अगस्त को 30 लाख का आंकड़ा पार किया था।

स्वस्थ होने की दर बढ़ी, मृत्यु दर घटी
मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 29,70,492 मरीजों के ठीक होने से स्वस्थ होने वाले लोगों की दर 77.09 प्रतिशत हो गई है। बुधवार को 24 घंटे में 68,584 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। जबकि, कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर गिरकर 1.75 प्रतिशत रह गई है।

देश में 24 घंटों में 11.70 लाख जांचें की गईं
आईसीएमआर के अनुसार के अनुसार देश में दो सितंबर तक कुल 4,55,09,380 नमूनों की कोविड-19 की जांच की गई, जिनमें से रिकॉर्ड 11,72,179 नमूनों की जांच बुधवार को ही की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि भारत में जांच में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है। पिछले 24 घंटों में 11.70 लाख से अधिक जांचें की गईं। मंत्रालय ने कहा कि आज की तारीख में 1,623 प्रयोगशालाएं (लैब) हैं, जिनमें 1,022 सरकारी हैं जबकि 601 निजी क्षेत्र के हैं। 

युवती की जिद के आगे झुका रेलवे, इकलौती सवारी के लिए चलाई राजधानी एक्सप्रेस, तय किया 535 किमी का सफर

नई दिल्ली जाऊंगी तो राजधानी एक्सप्रेस से ही। यदि बस से जाना होता तो ट्रेन का टिकट क्यों लेती। बस से सफर कर रांची आती। टिकट राजधानी एक्सप्रेस का है तो इसी से जाऊंगी। टाना भगतों के आंदोलन से डालटनगंज स्टेशन पर फंसी राजधानी एक्सप्रेस में सवार अनन्या ने यह जिद पकड़ ली तो रेलवे अधिकारी भी परेशान हो गए। क्या करें, उन्हें समझ में नहीं आ रहा था। अंत में जिद के आगे उन्हें झुकना पड़ा। राजधानी एक्सप्रेस शाम करीब चार बजे डालटनगंज से वापस गया ले जाकर गोमो और बोकारो होते हुए रांची के लिए रवाना करनी पड़ी। रात करीब 1.45 बजे ट्रेन रांची रेलवे स्टेशन पहुंची।

ट्रेन में अनन्या इकलौती सवारी थी। 930 यात्रियों में 929 को रेलवे डालटनगंज से बसों से गंतव्य की ओर पहले ही रवाना कर चुकी थी। संभवत: रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक सवारी को छोड़ने के लिए राजधानी एक्सप्रेस ने 535 किलोमीटर की दूरी तय की। डालटनगंज रेलवे स्टेशन के प्रबंधक अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि वह मुगलसराय से रांची के लिए नई दिल्ली रांची स्पेशल राजधानी एक्सप्रेस में सवार हुई थी। अनन्या ट्रेन की बी-3 कोच में सवार थी। 51 नंबर सीट पर बैठी थी। अनन्या रांची के एचइसी कालोनी की रहने वाली हैं। वह बीएचयू में एलएलबी की पढ़ाई करती हैं।

अधिकारियों ने पहले सोचा, आंदोलन जल्द खत्म हो जाएगा  

लातेहार जिला स्थित टोरी में टाना भगतों के रेलवे ट्रैक पर चल रहे आंदोलन की वजह से डालटनगंज में ट्रेन रोक दी गई। पहले तो अधिकारियों ने सोचा कि आंदोलन खत्म हो जाएगा तो ट्रेन रांची पहुंचा दी जाएगी। लेकिन आंदोलन खत्म नहीं हुआ तो रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने यात्रियों को बसों से रांची भेजने का आदेश दिया। ट्रेन डालटनगंज में ही खड़ी रखने का निर्देश दिया। सभी यात्री बस से चले गए लेकिन अनन्या अड़ गई। 

कार से भेजने की बात भी नहीं मानी 

रेलवे अधिकारियों ने अनन्या के समक्ष कार से रांची भेजने का प्रस्ताव रखा, लेकिन वह तैयार नहीं हुई। वह जिद पर अड़ी रही कि राजधानी एक्सप्रेस से ही रांची जाएगी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को सारी बात बताई गई। विचार-विमर्श के बाद उन्होंने डीआरएम को निर्देश दिया कि अनन्या को राजधानी एक्सप्रेस से रांची भेजें। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम हों।

ट्रेन में नहीं थी महिला सिपाही अकेले आरपीएफ जवान के साथ पहुंची अनन्या

राजधानी ट्रेन में अनन्या अकेली थी। रेलवे को चाहिए था कि सुरक्षा के लिए महिला सिपाहियों को भी ट्रेन में तैनात किया जाए। धनबाद के डीआरएम ने कहा भी था कि अनन्या की सुरक्षा के लिए महिला सिपाही भेजी जाएगी। लेकिन रांची रेलवे स्टेशन पर जब ट्रेन रुकी तो बी3 कोच में सिर्फ आरपीएफ का एक जवान बाबूलाल कुंवर ही महिला की सुरक्षा में तैनात था।

535 किलोमीटर चली राजधानी एक्सप्रेस 

ट्रेन को डालटनगंज से सीधे रांची आना था। डालटनगंज से रांची की दूरी 308 किलोमीटर है। मगर, ट्रेन को गया से गोमो व बोकारो होकर रांची रवाना करना पड़ा। इस तरह ट्रेन को 535 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी। अनन्या की सुरक्षा के लिए आरपीएफ की कई महिला सिपाही तैनात की गई थीं। रेलवे के एक वरीय अधिकारी के अनुसार, 25 वर्ष से वह रेलवे में कार्यरत हैं, लेकिन याद नहीं कि एक यात्री के लिए राजधानी ने 535 किलोमीटर की दूरी तय की। 

मैंने साफ कह दिया था, गंतव्य तक तो छोडऩा होगा 

तापस बनर्जी/मनोज स्वर्णकार, गोमो बाजार : गोमो स्टेशन पर अनन्या ने कहा कि डालटनगंज में पहले तो ट्रेन घंटों खड़ी रही। फिर रेलवे ने कुछ खटारा टाइप की बस दिखाकर इससे जाने को कहा। सभी यात्री उतरने लगे। कोच अटेंडेंट भी उतरने लगे। मैंने कहा कि यात्री को रांची तक पहुंचाना आप लोगों की जिम्मेदारी है, अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते हैं। बावजूद वे सुनने को तैयार नहीं थी। मैं अंदर बैठी रही। कभी रेलवे के लोग तो कभी कुछ यात्री अंदर आ कर मुझे उतारने की कोशिश करने लगे। कहा गया, जिद छोडि़ए। सिर्फ आपके लिए ट्रेन नहीं चलेगी, लेकिन मैंने हार नहीं मानी और साफ कह दिया कि रेलवे मुझे गंतव्य तक पहुंचाए। इसके बाद शाम में ट्रेन खुली। अनन्या का कहना था कि पूरा मामला मिस मैनेजमेंट का है। रात में एनाउंस किया गया था कि ट्रेन डालटनगंज होकर नहीं जाएगी। ट्रेन की रफ्तार, सफाई बंदोबस्त और खानपान पर भी सवाल उठाए।

पाकिस्‍तान: अरबों रुपये के घोटाले में फंसे इमरान खान के लाडले जनरल असीम बाजवा ने दिया इस्‍तीफा

इस्‍लामाबाद
पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के लाडले जनरल असीम सलीम बाजवा ने अरबों रुपये के भ्रष्‍टाचार के खुलासे के बाद अंतत: पीएम के सलाहकार पद से इस्‍तीफा दे दिया है। पाकिस्‍तानी सेना और चीन-पाकिस्‍तान इकनॉमिक कॉरिडोर के अध्‍यक्ष पद पर रहते हुए जनरल बाजवा पर अरबों रुपये की दौलत बनाने का आरोप लगा है। बाजवा ने अभी करीब 60 अरब डॉलर के CPEC परियोजना के चेयरमैन पद से इस्‍तीफा नहीं दिया है। जनरल बाजवा पर चार देशों में 99 कंपनियां और 133 पापा जॉन पिज्‍जा के रेस्‍त्रां बनाने का आरोप है।

बाजवा ने पहले इस भ्रष्‍टाचार का खुलासा करने वाले पाकिस्‍तानी पत्रकार को धमकाने की कोशिश की थी लेकिन अंतत: चौतरफा दबाव के बाद उन्‍हें इस्‍तीफा देना पड़ा है। पाकिस्‍तानी सेना के प्रवक्‍ता रह चुके असीम बाजवा ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि वह आज प्रधानमंत्री इमरान खान को अपना इस्‍तीफा सौंप देंगे। इससे पहले बाजवा ने एक बयान जारी करके अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया था। बाजवा ने कहा, ‘मैं आशा करता हूं कि प्रधानमंत्री मुझे अपना पूरा फोकस सीपीईसी पर करने की अनुमति देंगे।’

संपत्ति का खुलासा करने वाले पत्रकार को जान से मारने की धमकी

इससे पहले मीडिया में बाजवा के भ्रष्‍टाचार के खुलासे के बाद पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज ने इमरान खान से अपने पिता की तरह से असीम बाजवा के खिलाफ ऐक्‍शन की मांग की थी। माना जा रहा है कि मीडिया में खुलासे और मरियम के जोरदार दबाव के बाद इमरान खान को मजबूरन पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के बेहद करीबी असीम बाजवा को इस्‍तीफा देने के लिए कहना पड़ा है।

इससे पहले असीम सलीम बाजवा की अरबों की संपत्ति का खुलासा करने वाले पत्रकार को जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। इस भ्रष्‍टाचार का खुलासा करने वाले पाकिस्‍तानी पत्रकार अहमद नूरानी ने पिछले दिनों ट्वीट कर कहा था कि पिछले कुछ घंटों में मुझे 100 से ज्यादा मैसेज आए हैं जिसमें मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। बता दें कि अहमद नूरानी ने ही पाकिस्‍तान की चर्चित वेबसाइट फैक्‍ट फोकस पर पाकिस्तानी जनरल असीम बाजवा की संपत्ति को लेकर खुलासा किया था।

बाजवा के पास अब तक 99 कंपनियां और 133 रेस्टोरेंट

पाकिस्‍तानी सेना के जनरल किस तरह से अपने देश को बेच खाने में लगे हैं, इसका एक ताजा उदाहरण असीम सलीम बाजवा हैं। बाजवा पाकिस्‍तानी सेना के प्रवक्‍ता थे और बाद में रिटायर होने पर चीन से करीबी को देखते हुए सीपीईसी के चेयरमैन बना दिए गए। बाजवा के परिवार ने उनके सेना में रहने के दौरान और उसके बाद अब तक 99 कंपनियां और 133 रेस्टोरेंट बना लिए हैं। फैक्‍ट फोकस की रिपोर्ट के मुताबिक बाजवा और उनके परिवार का यह आर्थिक साम्राज्‍य 4 देशों में फैला हुआ है। फैक्‍ट फोकस वेबसाइट ने जब यह बड़ा खुलासा किया तो कुछ देर के लिए उनकी वेबसाइट ही हैक हो गई। हालांकि बाद में उसे ठीक कर‍ लिया गया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे सेना में असीम बाजवा का कद बढ़ता गया, उनके परिवार का बिजनस बढ़ता गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनरल असीम ने अपनी शपथ में कहा था कि उनकी पत्‍नी का पाकिस्‍तान के बाहर को कोई बिजनस नहीं है लेकिन असलियत ठीक इसके उलट है। बाजवा इस समय सीपीईसी के चेयरमैन है जिसके तहत चीन अरबों डॉलर का निवेश पाकिस्‍तान में कर रहा है। यही नहीं जनरल असीम पाक पीएम इमरान खान के विशेष सहायक हैं। असीम बाजवा के छोटे भाइयों ने वर्ष 2002 में पहली बार पापा जॉन पिज्‍जा रेस्‍त्रा खोला था। इसी साल जनरल असीम तत्‍कालीन सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ के पास लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में तैनात थे।

असीम बाजवा के भाई नदीम बाजवा ने पिज्‍जा रेस्‍त्रां में डिल‍िवरी ड्राइवर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। आज के समय में उनके भाईयों तथा असीम बाजवा की पत्‍नी 99 कंपनियों के मालिक हैं। इनके पास पिज्‍जा कंपनी के 133 रेस्‍त्रां हैं जिनकी कीमत करीब 4 करोड़ डॉलर है। इन 99 कंपनियों में 66 मुख्‍य कंपनियां हैं और 33 ब्रांच कंपनी। बाजवा के परिवार ने 5 करोड़ 22 लाख डॉलर अपने बिजनस को विकसित करने में खर्च किया और एक करोड़ 45 लाख डॉलर अमेरिका में संपत्ति खरीदने में।

असीम बाजवा के खुलासे के बाद पाकिस्‍तान में हड़कंप मचा

यह स्थिति तब है जब खुद बाजवा अपने देश में निवेश करने के लिए विदेशों में बसे पाकिस्‍तानियों से अपील कर रहे हैं। बाजवा की कंपनी का नाम बाज्‍को ग्रुप कंपनीज है। असीम बाजवा के बेटे ने वर्ष 2015 में इस कंपनी को जॉइन किया और अपने पिता के पाकिस्‍तानी सेना के प्रवक्‍ता रहने के दौरान देश और अमेरिका के अंदर नई कंपनियां बनानी शुरू कर दीं। अब इन कंपनियां अमेरिका के अलावा, यूएई और कनाडा में भी मौजूद हैं। इनकी कीमत अरबों पाकिस्‍तानी रुपये है।

मजेदार बात यह है कि जब इमरान खान खान ने उन्‍हें अपना विशेष सहायक बनाया था तब असीम बाजवा ने अपनी पत्‍नी के नाम पर 18,468 डॉलर निवेश घोषित किया था। उन्‍होंने यह भी कहा था कि पाकिस्‍तान के बाहर उनकी पत्‍नी की कोई अचल संपत्ति नहीं है। असीम बाजवा कुल 6 भाई हैं और तीन बहने हैं। इस खुलासे के बाद पाकिस्‍तान में हड़कंप मच गया है। यही नहीं मरियम नवाज ने प्रधानमंत्री इमरान खान पर जनरल असीम बाजवा को लेकर निशाना साधा था।

भारत-चीन सीमा विवादः चीन ने मॉस्को में भारत से बातचीत की पेशकश की – प्रेस रिव्यू

पूर्वी-लद्दाख में जारी सैन्य तनाव के बीच चीन के रक्षा मंत्री वेई फ़ेंघे ने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत का समय माँगा है.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेता इस समय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के लिए मॉस्को में हैं और चीनी रक्षा मंत्री ने शुक्रवार को बैठक करने की पेशकश की है.

चीन की ओर से भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ से बैठक करने का अनुरोध ऐसे समय में आया है, जब भारतीय और चीनी सैनिक पूर्वी-लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैन्य गतिरोध में लगे हैं.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि गुरुवार रात को भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस बैठक को मंज़ूरी दे दी है क्योंकि भारत को उम्मीद है कि बातचीत के ज़रिये ही वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बनी तनावपूर्ण स्थिति को सामान्य किया जा सकता है.

मॉस्को में मौजूद भारतीय और चीनी दूतावास ने भी इस बात की पुष्टि की है कि दोनों देश शुक्रवार को अपने रक्षा मंत्रियों की एक औपचारिक बैठक के लिए आपसी संपर्क में हैं.

इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के सवाल पर कहा था कि दोनों देशों के बीच तनाव बातचीत से ही हल हो सकता है और उन्हें इस बात पर पूरा विश्वास है.

अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि एस जयशंकर जिन्होंने गुरुवार को जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया, वे शुक्रवार को ब्रिक्स की एक बैठक में भी शिरकत करने वाले हैं. इसके बाद जयशंकर मॉस्को की यात्रा पर होंगे जहाँ 9 सितंबर को उन्हें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में शामिल होना है. बताया गया है कि इन दोनों ही बैठकों में चीन के विदेश मंत्री वांग यी भी मौजूद होंगे.

ज्योतिरादित्य सिंधिया का राहुल गांधी एवं कमलनाथ पर तंज, कहा – उनकी सोच बस…

ग्वालियर : भाजपा नेता एवं राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए बुधवार को कहा कि उनकी (राहुल) सोच टिप्पणियों तक सीमित है, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के विकास और सुरक्षा वाली सोच रखते हैं. गांधी द्वारा प्रधानमंत्री पर नोटबंदी कर अर्थव्यवस्था को तबाह करने के लगाये गये आरोप के बारे में प्रतिक्रिया करते हुए सिंधिया ने ग्वालियर में मीडिया से कहा कि महामारी के वक्त देश की जनता के बीच प्रधानमंत्री ने सुरक्षा का वातावरण बनाया है, अस्पतालों में मरीजों के लिए बिस्तर से लेकर प्लाज्मा एवं आधुनिक दवाईयों की उपलब्धता कराई है, जिससे लोगों की जान बच सके.

उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, ‘‘एक तरफ (मोदी की) विकास और सुरक्षा वाली सोच है, वहीं दूसरी तरफ (राहुल की) यह केवल टिप्पणी करने तक सीमित रहने वाली सोच है.” सिंधिया ने कहा कि देश की जनता जागरुक है और सकारात्मक सोच के साथ जुड़ी हुई है और जुड़ी रहेगी. मध्य प्रदेश के बालाघाट एवं मंडला जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों से उपभोक्ताओं को खराब गुणवत्ता वाला चावल देने के बारे में सिंधिया ने कहा,‘‘ मीडिया ने जिम्मेदारी से कमियां उजागर कीं और हमारी जिम्मेदारी है कि सिस्टम को सही करके दोषिय़ों पर कार्रवाई करें. दोनों मिलकर लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं.” 

कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की 15 महीने सरकार रही. जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे, तब वह और कांग्रेस के दूसरे नेता ग्वालियर-चंबल अंचल में आए ही नहीं. सिंधिया ने कहा कि अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना वायरस और बाढ़ जैसी आपदाओं का सामना करते हुए काम कर रहे हैं. इसके बावजूद हर विधानसभा सीट पर 200 से 300 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं.

आने वाले समय में कमलनाथ के ग्वालियर आने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कमलनाथ ग्वालियर आ रहे हैं तो हम अतिथि देवो भव: की परंपरा का पालन करेंगे, किसी को निपटाने का काम हमारा नहीं है। हम तो विकास के लिए काम करेगें, जैसा अब तक करते आ रहे हैं। हम तो अपने राष्ट्रीय नेता और प्रदेश के मुख्यमंत्री की तरह कोरोना महामारी, बाढ़ और दूसरी आपदाओं से निपट रहे हैं, और सभी बाधाओं के बावज़ूद जनता की सहूलियत और देश के विकास के लिए काम कर रहे हैं।

रिया चक्रवर्ती और सैम्युएल मिरांडा के घर NCB टीम का छापा, खंगाले जा रहे मोबाइल, लैपटॉप 

एनसीबी की एक टीम मुंबई स्थित रिया चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा के घर पहुंची। एनसीबी ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत शॉविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा के घर पर सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है।

मुंबई

सुशांत सिंह राजपूत केस में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। सीबीआई और ईडी से लेकर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) तक सभी एजेंसियां जांच में जुटी हैं। इस सिलसिले में शुक्रवार सुबह एनसीबी की एक टीम मुंबई स्थित रिया चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा के घर पहुंची। एनसीबी की एक टीम के साथ मुंबई पुलिस भी सैमुअल मिरांडा के आवास पर पहुँची है.

एनसीबी ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत शॉविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा के घर पर सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है। एक अधिकारी ने बताया, “यह सिर्फ एक प्रक्रियात्मक मामला है। जो हम फॉलो कर रहे हैं। ये रिया और सैमुअल मिरांडा के घर पर किया जा रहा है।” एनसीबी की टीम सुबह करीब 6.30 रिया चकवर्ती के घर पहुंची। इस टीम में तकरीबन 5 सदस्य शामिल हैं। रिया के घर पर एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर भी मौजूद हैं। एनसीबी की टीम मोबाइल, हार्ड डिस्क और लैपटॉप खंगाल रही है। इस टीम में महीला अफसर भी हैं। इसके अलावा मुंबई पुलिस और सीबीआई टीम भी वहां मौजूद है।




रिया के घर पर जहां तीन घंटे से छापेमारी जारी है, वहीं छापेमारी के बाद एनसीबी की टीम सैमुअल मिरांडा को NDPS ऐक्ट के तहत हिरासत में ले लिया है। सैमुअल के घर पर 2 घंटे तक छापेमारी चली। रिया और उनके भाई शौविक की चैट सामने आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने रिया के घर छापेमारी कर रही है।

वहीं गुरूवार को इस मामले में ड्रग्स कनेक्शन में गिरफ्तार जैद विलात्रा को कोर्ट में पेश किया गया। एनसीबी ने कोर्ट से 10 दिन की रिमांड मांगी। जिसे बाद कोर्ट ने जैद को नौ सितंबर तक रिमांड में भेज दिया।

इसके अलावा रिया के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती से लगातार तीसरे दिन सीबीआइ ने करीब पांच घंटे पूछताछ की। आखिर के दो दिन उनसे करीब 18 घंटे पूछताछ हुई है। रिया और उनके परिजन सुशांत सिंह राजपूत को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी हैं।

देखते हैं नहले पे देहला कौन मारता है कमलनाथ या शिवराज……?

मध्यप्रदेश में विधान सभा के उपचुनाव नजदीक हैं, इसका अंदाजा नेताओं की सक्रियता और बयानबाजी से लगाया जा सकता है. हां जनता क्या चाहती है, उसकी क्या समस्यायें हैं इससे इनको कोई लेना देना नहीं. येनकेन प्रकरेन चुनाव जीतना है.
विधान सभा की 27 सीटों के लिये उपचुनाव होना है , और शिवराज सिंह को यदि मुख्यमंत्री पद को बचाना है तब भाजपा को 9 सीटों पर विजय प्राप्त करना अनिवार्य है. इससे कम में सिंहासन डोलने लगेगा. और सत्ता की चाबी बिचौलियों और सौदागरों के हाथ चली जायेगी.
कमलनाथ भी मध्यप्रदेश में सत्ता पर फिर से वापिसी के लिये पूरी मशक्कत कर रहे हैं. किस जमीनी और ताकतवर व्यक्ति को उम्मीदवार बनाना है , इसके लिये पूरी कसरत कर रहे हैं.
यह तो तय है दोनों तरफ से साम दाम दण्ड भेद के पैंतरे अजमायें जायेंगे ही. दोनों तरफ से करो या मरो वाली स्थिति पैदा होनी हैं.
अभी सोशल मीडिया पर कांग्रेस के कथित उम्मीदवारों की एक सूची जारी हुई थी, जिसका खंडन अधिकारिक तौर पर कांग्रेस द्वारा किया जा चुका है.
लेकिन यदि उस सूची पर ही गौर किया जाये तो सारे नाम जमीनी धरातल रखते हैं और विपक्षी भाजपा के पूर्व बागी कांग्रेसी उम्मीदवारों को छटी का दूध याद दिलाने की काबलियत रखते हैं. ग्वालियर चंबल संभाग में भाजपा के लिये यह महाभारत जीतना उतना आसान नहीं है जितना वो समझ रहे हैं. यहां भीतरघात होना भी तय है उसका कारण कुछ निष्ठावान भाजपा नेताओं की असमय बलि दी जा रही है. उपचुनाव में हारजीत बहुत ही कम अंतर से होने वाली है, इतना तो तय है. अंचल की जनता में सत्तापक्ष के उम्मीदवारों की छवि ठीक नहीं है. जनता सब समझ चुकी है कि उसका केवल चुनाव के समय स्तेमाल किया जाता है.
रही सिंधिया जी की बात उनकी कथनी पर अब शायद ही कोई विश्वास करे. उनकी आवाज मेे भी अब पहले जैसा करेंट नहीं है. सिंधिया जी कितना ही पिछली सरकार को कोस लें लेकिन ये तो सच है कमलनाथ चरणवद्ध तरीके से किसानों का कर्ज माफ कर तो रहे थे, और लाखों किसानों को इसका फायदा भी हुआ है. दो लाख का कर्ज माफ न सही लेकिन पचास हजार तक का कर्ज माफ तो हुआ ही है. इसका प्रमाण भी बैंक और सरकारी कागजों में है. दूसरे कमलनाथ के समय बिजली के बिल बहुत कम हो गये थे. लेकिन वर्तमान भाजपा की सरकार केवल झूठी घोषनायें कर जनता को चुनाव तक झांसा देना चाहती है. कोरोना की वजह से जनता के पास आमदनी शून्य है. किसान अतिवर्षा से परेशान है, व्यापारी का व्यापार चौपट है.
जनता अभी किसी तरह का निर्णय कि किसको जिताना है लेने के मूड़ में दिखाई नहीं देती है. और वह किसी भी तरह के प्रभाव से मुक्त है. उसको न उधौ कांग्रेस से मोह है न माधौ शिवराज से, कोई नृप होय वह समझ गई है उसका हित कोई नहीं साधता है. सब पैसे का खेल चल रहा है. बिन पैसा सब शून्य और जनता में तो अफवाह ये भी है सरकारें बदलने में करोडों का गेम हो गया, और जनता फटेहाल फुटपाथ पर खड़ी है.