PUBG BAN: पबजी समेत 118 ऐप की ये है पूरी लिस्ट, इस वजह से एक झटके में हुआ बैन

सीमा पर चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच एक बार फिर से भारत सरकार ने कई चीनी मोबाइल ऐप्स (Chinese mobile Apps) को बैन कर दिया है. जानकारी के अनुसार PUBG समेत 118 और चीनी मोबाइल ऐप्स को बैन किया गया है. आई टी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ये फैसला उस दिन लिया है जिस दिन फेसबुक के जरिए नफरत फैलाने वाले मामले में फेसबुक के प्रतिनिधियों को संसद की समिति ने पूछताछ के लिए बुलाया था. एक आरोप ये भी लग सकता है कि मामले से ध्यान बंटाने के लिए ये वक्त चुना गया.

सरकार की तरफ से इससे पहले भी चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाए गए थे. सरकार ने हाल ही में पहले 59 ऐप को बैन किया था जिसमें लोकप्रिय ऐप  TikTok भी शामिल था. बाद में सरकार ने 47 और ऐप को बैन किया था. आज एक बार फिर से सरकार की तरफ से PUBG समेत 118 ऐप को बैन किया गया है.

आईटी मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के अनुसार PUBG के अलावा Baidu,APUS लॉन्चर प्रो जैसे ऐप को सरकार ने प्रतिबंधित किया है. गौरतलब है कि जून के अंत में भारत सरकार ने TikTok के अलावा 58 चीनी ऐप्स को भारत में बैन घोषित कर दिया था, जिसमें ShareIt, UC Browser, Shein, Club Factory, Clash of Kings, Helo, Mi Community, CamScanner, ES File Explorer, VMate जैसे कई ऐप्स शामिल थे. बाद में सरकार की तरफ से जुलाई में 47 और ऐप्स को बैन कर दिया गया.  सरकार का दावा था कि ये सभी ऐप्स कुछ इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे, जिससे देश की संप्रभुता और अखंडता, देश की सुरक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था आदि के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता था.

ये है एप्स की पूरी लिस्ट जो सरकार ने बैन की है.APUS Launcher Pro- Theme, Live Wallpapers, Smart Ban

APUS Launcher -Theme, Call Show, Wallpaper, HideApps Ban

APUS Security -Antivirus, Phone security, Cleaner Ban

APUS Turbo Cleaner 2020- Junk Cleaner, Anti-Virus Ban

APUS Flashlight-Free & Bright Ban

Cut Cut – Cut Out & Photo Background Editor Ban

Baidu Ban

Baidu Express Edition Ban

FaceU – Inspire your Beauty Ban

ShareSave by Xiaomi: Latest gadgets, amazing deals Ban

CamCard – Business Card Reader Ban

CamCard Business Ban

CamCard for Salesforce Ban

CamOCR Ban

InNote Ban

VooV Meeting – Tencent Video Conferencing Ban

Super Clean – Master of Cleaner, Phone Booster Ban

WeChat reading Ban

Government WeChat Ban

Small Q brush Ban

Tencent Weiyun Ban

Pitu Ban

WeChat Work Ban

Cyber Hunter Ban

Cyber Hunter Lite Ban

Knives Out-No rules, just fight! Ban

Super Mecha Champions Ban

LifeAfter Ban

Dawn of Isles Ban

Ludo World-Ludo Superstar Ban

Chess Rush Ban

PUBG MOBILE Nordic Map: Livik Ban

PUBG MOBILE LITE Ban

Rise of Kingdoms: Lost Crusade Ban

Art of Conquest: Dark Horizon Ban

Dank Tanks Ban

Warpath Ban

Game of Sultans Ban

Gallery Vault – Hide Pictures And Videos Ban

Smart AppLock (App Protect) Ban

Message Lock (SMS Lock)-Gallery Vault Developer Team Ban

Hide App-Hide Application Icon Ban

AppLock Ban

AppLock Lite Ban

Dual Space – Multiple Accounts & App Cloner Ban

ZAKZAK Pro – Live chat & video chat online Ban

ZAKZAK LIVE: live-streaming & video chat app Ban

Music – Mp3 Player Ban

Music Player – Audio Player & 10 Bands Equalizer Ban

HD Camera Selfie Beauty Camera Ban

Cleaner – Phone Booster Ban

Web Browser & Fast Explorer Ban

Video Player All Format for Android Ban

Photo Gallery HD & Editor Ban

Photo Gallery & Album Ban

Music Player – Bass Booster – Free Download Ban

HD Camera – Beauty Cam with Filters & Panorama Ban

HD Camera Pro & Selfie Camera Ban

Music Player – MP3 Player & 10 Bands Equalizer Ban

Gallery HD Ban

Web Browser – Fast, Privacy & Light Web Explorer Ban

Web Browser – Secure Explorer Ban

Music player – Audio Player Ban

Video Player – All Format HD Video Player Ban

Lamour Love All Over The World Ban

Amour- video chat & call all over the world. Ban

MV Master – Make Your Status Video & Community Ban

,68. MV Master – Best Video Maker & Photo Video Editor BanAPUS Message Center-Intelligent management Ban

LivU Meet new people & Video chat with strangers Ban

Carrom Friends : Carrom Board & Pool Game- Ban

Ludo All Star- Play Online Ludo Game & Board Games Ban

Bike Racing : Moto Traffic Rider Bike Racing Games Ban

Rangers Of Oblivion : Online Action MMO RPG Game Ban

Z Camera – Photo Editor, Beauty Selfie, Collage Ban

GO SMS Pro – Messenger, Free Themes, Emoji Ban

U-Dictionary: Oxford Dictionary Free Now Translate Ban

Ulike – Define your selfie in trendy style Ban

Tantan – Date For Real Ban

MICO Chat: New Friends Banaen aur Live Chat karen Ban

Kitty Live – Live Streaming & Video Live Chat Ban

Malay Social Dating App to Date & Meet Singles Ban

Alipay Ban

AlipayHK Ban

Mobile Taobao Ban

Youku Ban

Road of Kings- Endless Glory Ban

Sina News Ban

Netease News Ban

Penguin FM Ban

Murderous Pursuits Ban

Tencent Watchlist (Tencent Technology Ban

Learn Chinese AI-Super Chinese Ban

HUYA LIVE – Game Live Stream Ban

Little Q Album Ban

Fighting Landlords – Free and happy Fighting Landlords Ban

Hi Meitu Ban

Mobile Legends: Pocket Ban

VPN for TikTok Ban

VPN for TikTok Ban

Penguin E-sports Live assistant Ban

Buy Cars-offer everything you need, special offers and low prices Ban

iPick Ban

Beauty Camera Plus – Sweet Camera & Face Selfie Ban

Parallel Space Lite – Dual App Ban

“Chief Almighty: First Thunder BC Ban

MARVEL Super War NetEase Games Ban

AFK Arena Ban

Creative Destruction NetEase Games Ban

Crusaders of Light NetEase Games Ban

Mafia City Yotta Games Ban

Onmyoji NetEase Games Ban

Ride Out Heroes NetEase Games Ban

Yimeng Jianghu-Chu Liuxiang has been fully upgraded Ban

Legend: Rising Empire NetEase Games Ban

Arena of Valor: 5v5 Arena Games Ban

Soul Hunters Ban

Rules of Survival Ban

600 करोड़ की जमीन ज्योतिरादित्य सिंधिया की या सरकारी, केंद्र को पक्षकार बनाने पर मांगा जवाब

ग्वालियर, । राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्रस्टों के नाम करीब 600 करोड़ रुपये की 100 बीघा से ज्यादा जमीन किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से केंद्र सरकार व तत्कालीन एसडीएम को भी इस मामले में पक्षकार बनाने का आवेदन दिया। इस पर हाई कोर्ट ने मप्र सरकार से एक हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि सिंधिया के ट्रस्टों के नाम की गई जमीन सरकारी है। 

हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने मांग की कि मामले में केंद्र सरकार का पक्ष सुना जाए, क्योंकि जिन 22 सर्वे नंबरों की 100 बीघा से ज्यादा जमीन सिंधिया के ट्रस्टों के नाम की गई है, उनका केंद्र सरकार व ग्वालियर की पूर्ववर्ती सिंधिया रियासत के बीच हुए प्रतिज्ञा पत्र में उल्लेख है या नहीं, यह केंद्र ही बता सकता है। तभी तय हो सकता है कि वह जमीन किसकी है। इस पर मप्र सरकार की ओर से हाई कोर्ट में मौजूद अतिरिक्त महाधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा। इस बीच हाई कोर्ट ने सवाल किया कि किसी को पक्षकार बनाने के लिए जवाब की क्या जरूरत है? जब रघुवंशी ने दोबारा समय देने की मांग की तो हाई कोर्ट ने एक सप्ताह में जवाब पेश करने का समय दे दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के आवेदन को रिकॉर्ड पर ले लिया है।

बता दें कि ग्वालियर के सामाजिक कार्यकर्ता ऋषभ भदौरिया ने ज्योतिरादित्य सिंधिया चेरिटेबल और कमलराजा चेरिटेबल ट्रस्ट के नाम की गई जमीन के मामले में जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि शहर के सिटी सेंटर, महलगांव ओहदपुर, सिरोल की सरकारी जमीन को राजस्व अधिकारियों ने उक्त दोनों ट्रस्टों के नाम कर दिया है। 

भदौरिया ने आरोप लगाया है कि उक्त जमीन की बाजार कीमत करीब 600 करोड़ रुपये है, जिसे अधिकारियों ने हेराफेरी करने का षड्यंत्र रचा है। जमीन सरकारी होने के बारे में यह दी दलील याचिकाकर्ता के अधिवक्ता डीपी सिंह व अवधेश सिंह तोमर ने दलील दी कि जब देश आजाद हुआ था, तब तत्कालीन रियासतों का विलय किया गया था। तब रियासतों के राजाओं के साथ एक प्रतिज्ञा पत्र तैयार किया गया था। इसमें कौनसी संपत्तियां राजा के पास रहेंगी और कौनसी सरकारी हो जाएंगी, यह तय किया गया था। इसी सिलसिले में 30 अक्टूबर 1948 को केंद्र सरकार व तत्कालीन सिंधिया राजघराने के बीच एक प्रतिज्ञा पत्र तैयार हुआ था। भदौरिया ने कहा कि उक्त 100 बीघा से ज्यादा जमीन को सिंधिया के दो ट्रस्टों के नाम किया गया है, वह प्रतिज्ञा पत्र में नहीं हैं। ये संपत्तियां शासकीय दर्ज हो गई थीं, इसीलिए केंद्र सरकार का भी पक्ष सुना जाए।

भारतीय सेना ने उखाड़ फेंके चीन के जासूसी उपकरण, चुशूल के ब्लैक टॉप की कहानी, निशाने पर भारत और चीन के सैनिक

पूर्वी लद्दाख चुशूल में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। चीनी सेनाएं भारतीय सेना की फायरिंग रेंज में हैं। दक्षिण पैंगोंग शो इलाके में भारत ने अपनी बढ़त मजबूत कर ली है और कई चोटियों पर कब्जा कर लिया है। भारतीय सेना ने यहां चीनी सैनिकों के जासूसी उपकरण उखाड़कर फेंक दिए हैं।

कई इलाकों में भारत को रणनीतिक बढ़त, उखाड़ फेंके चीनी उपकरण

बातचीत के आड़ में चीन अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा था और ड्रैगन की सेना चुशूल सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश की थी। पहले से ही मुस्तैद भारतीय सेना ने चीनी सेनाओं को करारी चोट दी और उन्हें खदेड़ दिया। भारतीय सेना की ब्लैक टॉप के करीब चीनी सेनाओं के साथ झड़प भी हुई। भारत यहां मजबूत बढ़त बना चुका है और यहां लगे चीनी उपकरणों को उखाड़कर फेंक दिया है। यहां रणनीतिक बढ़त मजबूत करने के बाद दक्षिणी पैंगोंग शो झील से लेकर स्पैंगुर तक भारत ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर हैं दोनों देशों की सेनाएं

भारत और चीन की सेनाएं इस इलाके में महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर खड़ी हैं और तनाव चरम पर है। फारवर्ड लोकेशन पर तैनात दोनों देशों के सैनिक भारी हथियारों की जद में हैं।

चीनी सैनिकों को दी गई कड़ी चेतावनी

एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को चीनी सेना ने भारत चौकियों के करीब पोजिशन लेने की नापाक कोशिश की थी लेकिन उन्हें करीब आने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा, ‘चीनी सेना हमारी पोजिशन के करीब आने कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें दूर रहने की चेतावनी दी गई। बड़े स्पीकर के जरिए उन्हें चेताया गया और वे फिर रुक गए।’

अहम इलाकों में टी 90 टैंक तैनात

भारतीय सेना ने न केवल दक्षिणी पैंगोंग शो झील इलाके में मजबूत स्थिति में पहुंच गई है बल्कि चुशूल इलाके में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि चीन की किसी भी हिमाकत को रोका जा सके। स्पांगुर गैप, रेजांग ला और रेचिन ला के पास सेना के टी 90 टैंक की तैनाती है।

बातचीत से नहीं निकल रहा कोई हल

दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की बातचीत तो चल रही है लेकिन सूत्रों का कहना है कि इससे कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है और इसके लिए कूटनीतिक प्रयास करने की जरूरत है। स्थिति पर विचार के लिए सोमवार और मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के चीफ के साथ साउथ ब्लॉक में कई दौर की मीटिंग हुई हैं।

धोखेबाज चीन से भारतीय सेना सतर्क

भारतीय सेना चुशूल में हाई अलर्ट पर है। सेना ड्रैगन के LAC में यथास्थिति बदलने की किसी भी हिमाकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सूत्रों ने यह भी बताया कि कुछ ऊंचाई वाले इलाके में चीन के लगाए गए सर्विलांस उपकरणों को भी भारतीय सेना ने हटा दिया है। चुशूल के अलावा मई के शुरू से ही दौलत बेग ओल्डी के करीब डेस्पांग घाटी में भी सेना हाई अलर्ट पर है। इन इलाकों में चीनी सेना भारतीय पेट्रोलिंग को रोकने की कोशिश की थी।

भारत से अलग कशमीर का कोई भविष्य नहीं अपनी किताब में लिखा उमर अब्दुल्ला ने

नई दिल्ली  उमरअब्दुल्ला  (Omar Abdullah) ने एक नई किताब में कहा है कि वह ‘न तो धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी नेताओं के नजरिए वाला भारतीय बन सकते हैं’ और ‘न ही ऐसे लोगों के नजरिए वाला कश्मीरी बन सकते हैं, जो भारत के एक हिस्से के तौर पर कश्मीर का कोई भविष्य नहीं देखते.’ अब्दुल्ला ने एक किताब ‘India Tomorrow: Conversation with the Next Generation of Political Leaders’ में कहा कि ऐसे में सबसे अच्छा यही है कि आप दूसरों के हिसाब से खुद को नहीं ढालें और आप जो हैं, वही बने रहें. इस किताब का हाल में विमोचन हुआ है.

पिछले साल पांच अगस्त को अनच्छेद 370 से जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष दर्जा खत्म करने और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद उमर अब्दुल्ला को हिरासत में ले लिया गया था. अब्दुल्ला ने कहा कि 232 दिन की हिरासत ने उन्हें ‘चिड़चिड़ा’ और ‘गुस्सैल’ बना दिया था, फिर भी जम्मू-कश्मीर को भारत का एक अभिन्न अंग मानने के उनके जांचे-परखे रुख में कोई बदलाव नहीं आया.

अब्दुल्ला ने किताब के लेखकों प्रदीप छिब्बर और हर्ष शाह के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न हिस्सा है. मेरी हिरासत और पांच अगस्त के बाद के हालात ने भी मेरे ये विचार बदलने के लिये मजबूर नही कर पाए.’ उन्होंने कहा, ‘क्योंकि मैंने यह सोच सभी तरह की चीजों को जोड़ते हुए बनाई है. मुझे नहीं लगता कि भारत से अलग जम्मू-कश्मीर का कोई भविष्य हो सकता है.’

यह किताब पाठकों को देश की अगली पीढ़ी के 20 सबसे प्रभावशाली नेताओं के साक्षात्कारों के जरिए भारत की समकालीन राजनीति की दिशा जानने का मौका देती है. अब्दुल्ला ने किताब में कहा, ‘मैंने यह हकीकत कबूल कर ली है कि मैं कभी धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी नेताओं के नजरिए वाला भारतीय नहीं बन सकता हूं. लेकिन, तब मैं कभी ऐसे लोगों के नजरिए वाला कश्मीरी भी नहीं बन सकता हूं, जो भारत के एक हिस्से के तौर पर कश्मीर का कोई भविष्य नहीं देखते. लिहाजा, सबसे अच्छा यही है कि आप दूसरों के हिसाब से खुद को नहीं ढालें और आप जो हैं, वही बने रहें.’

उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘भारत ने पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर के साथ’ जो किया उसे किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता. अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें लगता है कि जम्मू-कश्मीर के साथ ‘बहुत, बहुत बुरा’ सलूक किया गया और ‘उससे किया गया हर एक वादा तोड़ दिया गया.’ उन्होंने कहा, ‘मेरे जैसे लोगों के लिये यह समझाना मुश्किल हो गया है कि मुझे क्यों लगता है कि जम्मू-कश्मीर भारत का ही अंग रहना चाहिए. दिल्ली ने हमें इस मुद्दे पर और बात करने लायक नहीं छोड़ा.’ हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वो पीएम मोदी से कभी भी जम्मू-कश्मीर में जो किया गया है, उसे वापस लेने को नहीं कहेंगे.

RTI में लापरवाही करने पर अफसरों का खराब होगा CR, अब हर हाल में देनी होगी जानकारी


भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में आरटीआई (RTI) के तहत जानकारी मांगने वाले लोगों के लिए यह अच्छी खबर है. अभी तक सूचना के अधिकार के तहत मांगी जाने वाली जानकारी को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी आनाकानी करते थे. कई जानकारियों को छुपाया जाता था. ऐसे में मूल जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता तक नहीं पहुंच पाती थी. हालांकि अब ऐसा होने पर अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. अब किसी भी हाल में सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी को देना होगा.

आरटीआई प्रकरणों का किसी भी हालत में निराकरण करना होगा. ऐसा इसलिए संभव हो गया है. क्योंकि अब आरटीआई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारियों का सर्विस रिकॉर्ड खराब होगा. इसके लिए राज्य सूचना आयोग ने निर्देश भी जारी कर दिए हैं. यानी सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने में आनाकानी करने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर अब राज्य सूचना आयोग जुर्माना को उनकी सर्विस बुक में दर्ज करवा रहा है. आयोग के इस फरमान से प्रशासनिक खेमे में हड़कंप मच गया है. आयोग ने यह सब इसलिए किया ताकि सूचना के अधिकार के तहत प्रकिया से जानकारी आसानी से मिल सके.

यहां लिखी जाएगी जानकारी

हाल ही में मुख्य सूचना आयुक्त एके शुक्ला ने चार प्रकरणों में कुल एक लाख का जुर्माना करने के आदेश के साथ ही दोषी अधिकारियों की सेवा पुस्तिका में उनके जुर्माने की एंट्री करने का आदेश भी जारी किया था. डॉ. आरएल ओसारी सचिव मध्य प्रदेश बीज एवं फार्म विकास निगम तीन अलग अलग प्रकरणों में कुल 75 हज़ार का जुर्माना लगाया गया. वहीं एक और प्रकरण में नवनीत सक्सेना दूध संघ जबलपुर के ऊपर 25 हजार का जुर्माना लगाया गया है. इन सभी प्रकरणों में खास बात ये है कि सभी अधिकारियों की सेवा पुस्तिका में जुर्माने की टिप की एंट्री की जाएगी.

रिटायरमेंट पर वसूला जाएगा जुर्माना

अगर जुर्माना अधिकारी जमा नही करते हैं, तो मुख्य सूचना आयुक्त ने आदेश दिया है कि जुर्माना रिटायरमेंट में समय वसूला जाएगा. साथ ही जुर्माना नही जमा करने के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी. अब आरटीआई जानकारी अब आरटीआई के तहत जानकारी देने के साथ अधिकारियों को जुर्माना भी जमा करना पड़ेगा. जुर्माने में किसी तरीके की रियायत नहीं दी जाएगी. आयोग आयोग ने यह सख्त आदेश निकाले हैं कि जुर्माना किसी भी कंडीशन में वसूला जाएगा. इतना ही नहीं उनकी सर्विस बुक में भी इसे दर्ज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आयोग कार्यवाही के लिए अनुशंसा भी करेगा.

भारतीय सेना ने उखाड़ फेंके चीन के जासूसी उपकरण, चुशूल के ब्लैक टॉप की कहानी, निशाने पर भारत और चीन के सैनिक. 

India-China News Today: भारत और चीन के बीच पूर्व लद्दाख में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। दोनों देशों की सेनाएं महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर तैनात हैं। भारतीय सेना की फायरिंग के जद में चीनी सैनिक हैं। भारत ने चुशूल के कई ऊंचाई वाले इलाके में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

हाइलाइट्स:

भारत और चीन के बीच तनाव फिर से पहुंचा चरम परपूर्वी लद्दाख के कई ऊंचाई वाले इलाकों में भारतीय सेना ने बनाई मजबूत पैठब्लैक टॉप इलाके भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों के जासूसी उपकरण उखाड़कर फेंक दिए.

नई दिल्ली
पूर्वी लद्दाख (Ladakh Standoff) चुशूल में भारत और चीन (India-China Tension) के सैनिक आमने-सामने हैं और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। चीनी सेनाएं भारतीय सेना  के फायरिंग रेंज में हैं। दक्षिण पैंगोंग शो इलाके में भारत ने अपनी बढ़त मजबूत कर ली है और कई चोटियों पर कब्जा कर लिया है। भारतीय सेना ने यहां चीनी सैनिकों के जासूसी उपकरण उखाड़कर फेंक दिए हैं और ब्लैक टॉप में तो सेना निशाने पर चीनी सैनिक हैं।

ब्लैक टॉप में भारत को रणनीतिक बढ़त, उखाड़ फेंके चीनी उपकरण
बातचीत के आड़ में चीन अपनी चालबाजी से बाज नहीं आ रहा था और ड्रैगन की सेना चुशूल सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश की थी। पहले से ही मुस्तैद भारतीय सेना ने चीनी सेनाओं को करारी चोट दी और उन्हें खदेड़ दिया। भारतीय सेना की ब्लैक टॉप चीनी सेनाओं के साथ झड़प भी हुई। भारत यहां मजबूत बढ़त बना चुका है और यहां लगे चीनी उपकरणों को उखाड़कर फेंक दिया है। इस चोटी पर कब्जा करने के बाद दक्षिणी पेगोंग झील से (Pangong Lake Dispute) लेकर स्पैंगुर तक भारत ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।

महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर हैं दोनों देशों की सेनाएं

भारत और चीन की सेनाएं इस इलाके में महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर खड़ी हैं और तनाव चरम पर है। फारवर्ड लोकेशन पर तैनात दोनों देशों के सैनिक भारी हथियारों की जद में हैं।

चीनी सैनिकों को दी गई कड़ी चेतावनी
एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार को चीनी सेना ने भारत चौकियों के करीब पोजिशन लेने की नापाक कोशिश की थी लेकिन उन्हें करीब आने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा, ‘चीनी सेना हमारी पोजिशन के करीब आने कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें दूर रहने की चेतावनी दी गई। बड़े स्पीकर के जरिए उन्हें चेताया गया और वे फिर रुक गए।’

हम इलाकों में टी 90 टैंक तैनात
भारतीय सेना ने न केवल दक्षिणी पैंगोंग शो झील इलाके में मजबूत स्थिति में पहुंच गई है बल्कि चुशूल इलाके में सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि चीन की किसी भी हिमाकत को रोका जा सके। स्पांगुर गैप, रेजांग ला और रेचिन ला के पास सेना के टी 90 टैंक की तैनाती है।

बातचीत से नहीं निकल रहा कोई हल
दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर की बातचीत तो चल रही है लेकिन सूत्रों का कहना है कि इससे कोई हल निकलता नहीं दिख रहा है और इसके लिए कूटनीतिक प्रयास करने की जरूरत है। स्थिति पर विचार के लिए सोमवार और मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के चीफ के साथ साउथ ब्लॉक में कई दौर की मीटिंग हुई हैं।

भारतीय सेना चुशूल में हाई अलर्ट पर है। सेना ड्रैगन के LAC में यथास्थिति बदलने की किसी भी हिमाकत का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सूत्रों ने यह भी बताया कि कुछ ऊंचाई वाले इलाके में चीन के लगाए गए सर्विलांस उपकरणों को भी भारतीय सेना ने हटा दिया है। चुशूल के अलावा मई के शुरू से ही दौलत बेग ओल्डी के करीब डेस्पांग घाटी में भी सेना हाई अलर्ट पर है। इन इलाकों में चीनी सेना भारतीय पेट्रोलिंग को रोकने की कोशिश की थी।

Pitru Paksha 2020: आज से पितृ पक्ष शुरू, पहले दिन इस विधि से करें पूर्णिमा श्राद्ध

पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2020) में किया गया श्राद्ध कर्म सांसारिक जीवन को सुखमय बनाते हुए वंश की वृद्धि भी करता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा (Purnima) को पूर्णिमा श्राद्ध होता है.

जो लोग पूर्णिमा के दिन व्रत करते हैं, उनके घर में सभी प्रकार से सुख-समृद्धि का वास होता है.

पूर्णिमा (Purnima) श्राद्ध आज यानी बुधवार को है. आज से ही पितृ पक्ष की शुरुआत हो रही है. पितृ पक्ष (Pitru Paksha) 17 सितंबर को समाप्त होगा. श्राद्ध पक्ष को पितृ पक्ष के नाम से जाना जाता है. इस पक्ष में पितरों के निमित्त दान, तर्पण, श्राद्ध के रूप में श्रद्धापूर्वक जरूर करना चाहिए. पितृपक्ष में किया गया श्राद्ध-कर्म सांसारिक जीवन को सुखमय बनाते हुए वंश की वृद्धि भी करता है. हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा को पूर्णिमा श्राद्ध होता है. पूर्णिमा के बाद एकादशी, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्टी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी और अमावस्या श्राद्ध आता है. इन तिथियों में पूर्णिमा श्राद्ध, पंचमी, एकादशी और सर्वपितृ अमावस्या का श्राद्ध प्रमुख माना जाता है.

पूर्णिमा तिथि और श्राद्ध का समय

पितृपक्ष का आगमन राहु के नक्षत्र शतभिषा में हो रहा है और राहु के नक्षत्र में इस पक्ष का आरम्भ होना ज्योतिष शास्त्र की नजर में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. पूर्णिमा तिथि 1 सितंबर 2020 को सुबह 09:38 बजे से शुरू होगी जो 2 सितंबर 2020 को सुबह 10:53 बजे तक रहेगी.

जानें पूर्णिमा श्राद्ध विधि
शास्त्रों के अनुसार हमारे पूर्वज पूर्णिमा के दिन चले गए हैं उनके पूर्णिमा श्राद्ध ऋषियों को समर्पित होता है. हमारे पूर्वज जिनकी वजह से हमारा गोत्र है. उनके निमित तर्पण करवाएं. अपने दिवंगत की तस्वीर को सामने रखें. उन्हें चन्दन की माला अर्पित करें और सफेद चन्दन का तिलक करें. इस दिन पितरों को खीर अर्पित करें. खीर में इलायची, केसर, शक्कर, शहद मिलाकर बनाएं और गाय के गोबर के उपले में अग्नि प्रज्वलित कर अपने पितरों के निमित तीन पिंड बना कर आहुति दें. इसके पश्चात, कौआ, गाय और कुत्तों के लिए प्रसाद खिलाएं, इसके पश्चात ब्राह्मणों को भोजन करवाएं और स्वयं भी भोजन करें.

खुद को बार-बार बदल रहा है कोरोना वायरस, ऐसे में कैसे बन पाएगी वैक्सीन, टेंशन में एक्सपर्ट

इस अध्यनन में कई रिसर्च इंसीट्यूट ने भाग लिया था जिसमें संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रतिरक्षा, मैकगिल विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के अनुसंधान संस्थान और मैकगिल इंटरनेशनल टीबी सेंटर, कनाडा के विशेषज्ञ शामिल.

हाइलाइट्स:

एक रिसर्च में कोरोना वायरस के बदलते स्वभाव को पाया गयाये वायरस हर स्थिति के अनरुप अपने स्वरुप को बदल लेता हैअब तक 6 बार अपने आपको इस वायरस ने बदला हैबार-बार इसके बदलाव से वैक्सीन बनाने वाले विशेषज्ञों के सामने नई चुनौती.

नई दिल्ली
भारत में कोरोना वायरस  का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। इस बीच अब सबकी निगाहें हैं कोरोना वेक्सीन(Corona vaccine latest update) पर। वैक्सीन के ही आने से लोगों की जिंदगी वापिस से पटरी पर दौड़ेगी। लेकिन एक नई स्टडी में विशेषज्ञों ने इस वायरस के बदलते स्वरुप ( multiple mutations in Covid 19) को पाया है। ये बहुत ही चिंता का विषय है। अगर ये वायरस बार-बार अपना स्वभाव बदलता रहा तो वैक्सीन ( Corona Vaccine) के असर में भी फर्क आ जाएगा और संभव तो ये भी है कि वैक्सीन भी इसके संक्रमण को रोक न सके।

कई बार इसके प्रोटीन में बदलाव
एक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि SARS-CoV-2 वायरस जोकि Covid-19 का कारण बनता है। इसके “स्पाइक प्रोटीन” में कई परिवर्तन हुए हैं। यही प्रोटीन हैं जो वायरस को मानव कोशिकाओं में घुसपैठ करने की क्षमता देता है। एकबार जब यह शरीर के अंदर प्रवेश कर लेता है तो ये वहां संक्रमण फैलना शुरू कर देता है, जिससे तमाम तरह की दिक्कतें पैदा होने लगती हैं।

रिसर्च में हुआ खुलासा
जर्नल ऑफ लेबोरेटरी फिजिशियन की इस रिपोर्ट में 1,325 जीनोम, 1,604 स्पाइक प्रोटीन और 279 आंशिक स्पाइक प्रोटीन के विश्लेषण पर आधारित था। इन जांच नमूनों को 1 मई तक अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) में रखा गया और वहीं पर इसपर रिसर्च किया गया। अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ सरमन सिंह ने कहा कि उन्हें स्पाइक प्रोटीन (SARS-COV-2) में 12 म्यूटेशन मिले। जिनमें से छह नॉवेल म्यूटेशन थे। Indian strain (MT012098.1) वायरस के संक्रमण में भी आनुवांशिक परिवर्तन पाया गया है। उन्होंने कहा कि हम नहीं जानते कि यह रोग के विषाणु को कैसे प्रभावित करेगा।

ये वायरस खुद को बदल सकता है
विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिका से SARS-CoV-2 के जीनोम से निकाले गए स्पाइक प्रोटीन में अधिकतम आनुवंशिक परिवर्तन देखा गया। सिंह ने कहा, ‘वायरस अलग-अलग वातावरण के संपर्क में आने पर अपनी आनुवंशिक संरचना को बदलने या बदलने के लिए जाना जाता है। लेकिन इस मामले में, परिवर्तन काफी तेजी से हो रहा है। हमें यकीन नहीं है कि यह बीमारी फैलने पर कैसे असर डालेगा’

कई रिसर्च संस्थानों ने लिया हिस्सा
इस अध्यनन में कई रिसर्च इंसीट्यूट ने भाग लिया था जिसमें संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रम में प्रतिरक्षा, मैकगिल विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के अनुसंधान संस्थान और मैकगिल इंटरनेशनल टीबी सेंटर, कनाडा के विशेषज्ञ शामिल थे। अध्ययन में कहा गया कि स्पाइक प्रोटीन वैक्सीन के विकास का प्रमुख लक्ष्य था लेकिन वैश्विक स्तर पर उपलब्ध सभी जीनोमों में एंटीजेनिक एपिटोप में कई परिवर्तन पाए गए।

अध्ययन में कहा गया है कि छोटी अवधि के भीतर Covid 19 वायरस के स्वभाव में परिवर्तन हो सकता है। जोकि ये बताता है कि एक इसके लिए टीका विकसित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है। म्यूटेशन एक बड़ा कारण हो सकता है जोकि आपके शरीर में एंटीबॉडी बनने ही न दे। यह दर्शाता है कि म्यूटेंट से संक्रमित रोगियों में बहुत कम या शून्य एंटीबॉडी होंगे।

देर रात जेल से रिहा हुए डॉक्टर कफील खान, कहा- लोगों की सेवा के लिए यूपी सरकार वापस दे नौकरी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कल डॉ कफील खान पर लगाए गए एनएसए को अवैध करार देते हुए उसे रद्द कर दिया है.

हाईकोर्ट ने उन्हें फ़ौरन जेल से रिहा किये जाने के आदेश दिया. कोर्ट ने यूपी सरकार के कामकाज पर सवाल भी उठाए.

लखनउ इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर देर रात गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कफील खान को मथुरा जेल से रिहा कर दिया गया. जेल से रिहा होने के बाद डॉक्टर कफील ने हाईकोर्ट को शुक्रिया अदा करते हुए सरकार से उन्हें दोबारा नौकरी देने की मांग की है जिससे वो संकट के इस दौर में लोगों की मदद कर सकें.

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉक्टर कफील को सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर भड़काऊ बयान देने के मामले में एनएसए के तहत जेल भेजा गया था. कल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डा० कफील खान पर लगाए गए एनएसए को अवैध करार देते हुए उसे रद्द कर दिया है और उन्हें फ़ौरन जेल से रिहा किये जाने के आदेश दिया था.

अदालत ने इस मामले में तल्ख़ टिप्पणी करते हुए यूपी के सरकारी अमले के कामकाज और फैसले पर सवाल उठाए हैं. डा० कफील को मिली राहत की दो सबसे बड़ी वजह एनएसए के लिए पर्याप्त आधार का न होना और एनएसए लगने के बाद जेल में आरोपी को सभी दस्तावेज मुहैया न कराना रहा है.

हाईकोर्ट के आदेश से रिहा होने के बाद डॉक्टर कफील अहमद ने सरकार से मांग की है कि उन्हें उनकी नौकरी वापस दी जाए जिससे वो लोगों की इलाज से मदद कर सकें . डॉक्टर कफील का कहना है कि वो बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की मदद करना चाहते हैं, क्योकि बाढ़ के दौरान इन इलाकों में बीमारियां ज्यादा फैलती हैं .

कफील की रासुका अवधि गत छह मई को तीन माह के लिये बढ़ाया गया था। गत 16 अगस्त को अलीगढ़ जिला प्रशासन की सिफारिश पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गत 15 अगस्त को उनकी रासुका की अवधि तीन माह के लिये और बढ़ा दी थी।