जेईई मेंस परीक्षा शुरू, कोरोना वायरस की वजह से विशेष इंतजाम

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आज से संयुक्त प्रवेश परीक्षा-मुख्य (JEE Mains) का आयोजन किया जा रहा है। यह परीक्षा शुरू हो गई है। कोरोना वायरस काल और विपक्षी पार्टियों द्वारा किए जा रहे विरोध के बीच होने जा रही परीक्षा के लिए NTA ने शारीरिक दूरी बनाए रखने से लेकर हर तरह के दिशानिर्देशों को अमल में लाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। 6 सितंबर तक होने वाली इस परीक्षा के लिए देश भर के 8.58 लाख परिक्षार्थियों ने पंजीयन कराया है। परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा हॉल में टच फ्री एंट्री रहेगी।

इसके लिए देशभर में परीक्षा केंद्रों की संख्या को 570 से बढ़ाकर 660 किया गया है। कोरोना के खतरे के मद्देनजर सीटिंग व्यवस्था में बदलाव किया गया है और दो परीक्षार्थियों के बीच एक सीट खाली छोड़ी जाएगी। दोनों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी रहेगी। परीक्षा में शिफ्टों की संख्या को 8 से बढ़ाकर 12 किया गया है और हर शिफ्ट में 85 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए दो शिफ्ट (सुबह 9 से 12 और दोपहर में 3 से 6 बजे) तय की गई है। परीक्षार्थियों को सुबह डेढ़ घंटे पहले से प्रवेश मिलना शुरू हो गया। यदि किसी छात्र का तापमान 99.4 डिग्री से अधिक हुआ तो उसे आइसोलेशन रूम में ही परीक्षा देना होगी। स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड बार कोड से चेक होंगे।

लद्दाख : जिस चोटी पर चीन के कब्ज़े की कोशिश भारतीय सेना ने कर दी नाकाम, कितनी अहम है वह चोटी

नई दिल्ली: लद्दाख में 29 और 30 अगस्त की आधी रात को सेना ने चीन की साजिशों को नाकाम  कर दिया. भारतीय सेना ने पैंगोंग झील  के दक्षिणी हिस्से में मौजूद एक अहम चोटी पर कब्जा कर लिया. ये चोटी रणनीतिक रूप से काफी अहम मानी जाती है. यहां से चीनी सैनिक कुछ मीटर की दूरी पर ही हैं. पैंगोंग झील के दक्षिणी हिस्से में स्थित इस चोटी पर चीन कब्जा करना चाहता था, क्योंकि यह रणनीतिक लिहाज से काफी अहम मानी जाती है. यह पहाड़ी भारतीय सीमा में है. रविवार और सोमवार की दरमियानी रात चीनी सैनिकों ने इस पर कब्जे की साजिश रची. लेकिन, भारतीय सेना ने न सिर्फ उन्हें खदेड़ दिया, बल्कि यह पूरी चोटी अपने कब्जे में ले ली. ये पैंगोंग झील के करीब ठाकुंग इलाका है. अब रणनीतिक तौर पर भारतीय फौज यहां फायदे में है.

सूत्रों के मुताबिक, 29 और 30 अगस्त की आधी रात को भारत-चीन की सेना जो आमने आमने आई, उसमें सबसे बड़ा फ्लैश प्वाइंट है ब्लैक टॉप. चीन की पीएलए चुशूल सेक्टर में ब्लैक टॉप पर कब्जा करना चाहता था जिससे भारतीय पोस्ट पर निगरानी रखी जा सके. करीब 500 पीएलए जवान इस मकसद में जुटे थे, लेकिन जैसे ही सेना को ये भनक लगी. बड़ी संख्या में आसपास के पोस्ट से जवानों को जुटाया गया और चीन के मंसूबों को नाकाम कर दिया गया. ब्लैक पोस्ट एलएसी पर भारत के नियंत्रण वाले इलाके में आता है. अब ब्लैक पोस्ट पर भारतीय सेना का कब्जा है.

इसके चलते पैंगोंग त्सो के दक्षिणी किनारे पर अब भारत रणनीतिक तौर पर एडवांटेज में है. चुशुल के रेजांग ला और रिकिन ला में सेना ने अतिरिक्त जवान तैनात किए है जिससे चीन कोई दुस्साहस ना करे. भारत ने चुशुल के spanggur pass में T90 टैंक के रेजिमेंट की तैनाती की है, जिससे चीन के किसी भी नापाक मंसूबे को विफल किया जा सके. मौजूदा घटना में यह भी देखा जा सकता है कि अब तक चीन के साथ पैंगोंग सो झील के उत्तरी किनारे पर दिक्कतें थीं. तो फिर अब पीएलए ने पैंगोंग सो में दक्षिणी छोर में यह हरकत क्यों की है? ज़ाहिर तौर पर यह घटना पीएलए की मंशा पर बड़े सवाल खड़े करती है. पांच दौर की लेफ्टिनेंट जनरल जनरल स्तर की बातचीत अब तक हो चुकी है. बावजूद इसके चीन यथास्थिति में बदलाव करना चाहता है. भारत की ज़मीन कब्जा करना चाहता है. यह सीधे-सीधे तनाव का एस्केलेशन है.

मध्यप्रदेश उपचुनाव: कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए तय किए 15 संभावित प्रत्‍याशी, यहां देखें पूरी लिस्‍ट 

MP By Election 2020: मध्य प्रदेश में 27 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए बसपा के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करने के बाद अब कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों के नाम जारी कर दिए हैं.

मध्य प्रदेश उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने 15 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की.

भोपाल. मध्‍य प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों (MP By Election 2020) पर होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस (Congress)  ने प्रत्‍याशियों की पहली सूची जारी कर दी है. इसमें पार्टी के 15 नेताओं को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया गया है. जानकारी के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख और पूर्व सीएम कमलनाथ इन नामों की सूची एआईसीसी को भेजेंगे, जहां से औपचारिक ऐलान किया जाएगा.

इन सीटों पर नाम तय

भांडेर फूल सिंह बरैया

गोहद राम नारायण सिंह

अंबाह सत्य प्रकाश सखवार

मेहगांव राकेश सिंह चतुर्वेदी

मुरैना राकेश मावई

दिमनी रविंद्र सिंह तोमर

ग्वालियर सुनील शर्मा

जौरा भानु प्रताप सिंह

आगर विपिन वानखेड़े

बमोरी के एल अग्रवाल

पोहरी हरीवल्लभ शुक्ला

सांवेर प्रेमचंद गुड्डू

सुवासरा राकेश पाटीदार

हाटपिपलिया राजेंद्र सिंह बघेल

बदनावर राजेश अग्रवाल

इन सीटों पर दो से तीन नाम

करेरा से प्रागी लाल जाटव और शकुंतला खटीक

सुमावली से अजब सिंह कुशवाह और बलवीर सिंह दंडोतिया

सांची से संदीप मालवीय, मदन लाल चौधरी

मुंगावली से प्रदुम सिंह दांगी, विजय सिंह

डबरा से सत्य प्रकाश परसेडिया, वृंदावन कोरी, कमल सिंह राजे

सुरखी से अरुणोदय चौबे, नरेश जैन, सुनीता पटेल

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया डॉ कफील खान की तुरंत रिहाई का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NSA के तहत डॉक्टर कफील को हिरासत में लेने उसे बढ़ाए जाने को गैरकानूनी करार दिया.

लखनऊ: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डॉ. कफील खान को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए हैं. गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता और बालरोग विशेषज्ञ डॉक्टर कफील खान को CAA, NRC और NPA के विरोध के दौरान अलीगढ़ विश्वविद्यालय में 13 दिसंबर 2019 को कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने के आरोप में यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने NSA के तहत डॉक्टर कफील को हिरासत में लेने उसे बढ़ाए जाने को गैरकानूनी करार दिया. 

हाईकोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा कि NSA के तहत डॉक्टर कफील को हिरासत में लेना और हिरासत की अवधि को बढ़ाना गैरकानूनी है. कफील खान को तुरंत रिहा किया जाए. 

पिंपल की तरह चेहरे पर पड़े ब्लैकहैड्स भी खराब लगते हैं। बंद पोर्स और गदंगी जमा होने के कारण इस समस्या का सामना करना पड़ता है। जानिए कैसे पाएं इस समस्या से छुटकारा।

पिंपल की तरह चेहरे पर पड़े ब्लैकहैड्स भी खराब लगते हैं। बंद पोर्स और गदंगी जमा होने के कारण इस समस्या का सामना करना पड़ता है। ब्लैक हैड्स आमतौर पर नाक और  उनके आसपास की जगहों पर हो जाते हैं। छोटे-छोटे काले मार्क्स की तरह नजर आने वाले यह ब्लैकहैड्स आपकी खूबसूरती को भी खराब कर देते हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप कई तरह के केमिकल युक्त  प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार यह पूरी तरह से नहीं जाते हैं। ऐसे में अपनी जेब ढीली करने के बजाय घर पर मौजूद कुछ चीजों का इस्तेमाल कर इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। जानिए इनके बारे में विस्तार से। 

बेकिंग सोड़ा
ब्लैक हैड्स से छुटकारा दिलाने में बेकिंग सोडा काफी कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए एक बाउल में एक छोटा चम्मच बेकिंग सोड़ा में थोड़ा सा गुलाब जल या पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसके बाद इसे नाक के चारों ओर लगा लें। जब यह अच्छी चरह से सुख जाए तो इसे हल्के हाथों से रगड़कर निकाल लें और साफ पानी से धो लें। 

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टूथपेस्ट
 टूथपेस्ट से भी आसानी से ब्लैक हैड्स से छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए एक टूथब्रश में थोड़ा सा टूथपेस्ट लगाकर नाक के चारों ओर हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन नें रगड़े। 3-4 मिनट ऐसा करने के बाद साफ पानी से धो लें।

शहद और चीनी
शहद और चीनी की मदद से भी आप ब्लैकहैड्स हटा सकती हैं। इसके लिए एक 1 चम्मच चीनी में 1 चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। इसके बाद इसे ब्लैकहैड्स में लगा लें। 2-3 मिनट लगा रहने के बाद हल्के हाथों से साफ करते हुए हटा दें। 

ओटमील
ओटमील से बना स्क्रब भी ब्लैकहै़ड्स हटाने में मदद कर सकता है। इसके लिए 2 बड़े चम्मच ओटमील को दरदरा पीस लें। इसके बाद इसमें दही और शहद मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसके बाद इसे ब्लैकहैड्स में लगा लें। 3-4 मिनट लगा रहने के बाद हल्के हाथों से रगड़कर पानी से धो लें। 

छत पर लहराया पाकिस्तानी झंडा, मकान मालिक के खिलाफ मामला दर्ज

देवास। जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. दावा किया जा रहा है कि शिप्रा गांव के एक घर पर पाकिस्तान का झंडा लहराया गया है. जिसके बाद मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में मकान मालिक पर केस भी दर्ज किया गया है.

जानकारी के मुताबिक शिप्रा गांव में एक मकान की छत पर पाकिस्तान का झंडा लहराए जाने का मामला सामने आया है. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासन में भी हड़कंप मच गया. मामले की जानकारी मिलते ही तत्काल राजस्व अमला मौके पर पहुंचा. इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र पुलिस थाने की टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया.

आरोपी मकान मालिक का नाम फारुख खां है. आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धारा 153(क) और धारा 153(ख) के तहत केस दर्ज किया है. लोक शांति में विघ्न डालने या ऐसी संभावना होने को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है. बताया जा रहा है कि झंडा आरोपी फारुख खां के बेटे ने लगाया था. पहले आरोपी ने कहा कि उसने झंडा नष्ट कर दिया है. लेकिन बाद में पुलिस ने आरोपी के घर से झंडा बरामद कर लिया है. जिसे जांच के लिए भेज दिया है. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि यह झंडा कैसे और कहां से आया और कौन लाया.

मीडियाकर्मियों को लेकर रिया चक्रवर्ती ने पुलिस को दर्ज करवाई शिकायत

सुशांत सिंह राजपूत केस में मुख्य आरोपी और एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने मीडियाकर्मियों के खिलाफ मुंबई पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है. उन्होंने शिकायत में कहा कि मीडिया उनके रास्ते में बाधा पहुंचा रहा है.
मुंबई

सुशांत सिंह राजपूत केस में मुख्य आरोपी रिया चक्रवर्ती ने मीडियाकर्मियों के खिलाफ उनके आवासीय परिसर के अंदर इकट्ठा होने के लिए पुलिस शिकायत दर्ज की है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक रिया ने मुंबई पुलिस को दी शिकायत डमें कहा है कि पुलिस मीडिया कहे कि उनके(रिया) रास्ते में बाधा न डालें और उसके संवैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए काम करें.

सीबीआई ने सोमवार को रिया से करीब नौ घंटे पूछताछ की. पूछताछ के बाद जब रिया बाहर निकलीं तो उनकी गाड़ी के सामने कई मीडियाकर्मी उनसे पूछने के लिए आए. ऐसा ही कुछ उनके घर के पास के नजारा था. उनके घर के बाहर कई मीडियाकर्मी उनके पहुंचने से पहले ही पहुंचे हुए थे. ये सब देखकर वह पुलिस स्टेशन गई और मीडियाकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस स्टेशन के सामने भी मीडियाकर्मी उनसे पूछने के लिए इकट्ठा थे, जिन्हें पुलिस पीछे किया.

शिकायत दर्ज करवाने के बाद रिया अपने घर के लिए रवाना हुईं. बता दें कि रिया चक्रवर्ती ने कुछ दिन पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया था. यह वीडियो उन्होंने अपनी घर की खिड़की से बनाया था. इसमें उनके घर के बाहर कई सारे मीडियाकर्मी उनका बयान लेने के लिए खड़े दिए. इस वीडियो में उनके पापा इंद्रजीत मुखर्जी भी दिखाई दे रहे हैं, जो घर में घुसने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मीडियाकर्मी उनसे भी सवाल पूछ रहे हैं.


परिवार की लाइफ को बताया खतरा

रिया ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा था,”यह मेरी बिल्डिंग का कंपाउंड है. इस वीडियो में मेरे पापा इंद्राजीत चक्रवर्ती (रिटायर आर्मी ऑफिसर) है. हम ईडी, सीबीआई और विभिन्न जांच अधिकारियों के साथ सहयोग करने के लिए अपने घर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं. मेरे और मेरे परिवार के जीवन पर खतरा है. हमने स्थानीय पुलिस स्टेशन को सूचित किया है. मैं मुंबई पुलिस से अनुरोध करती हूं कि कृपया सुरक्षा प्रदान करें ताकि हम जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर सकें.”

पार्टी को नजरअंदाज कर जब संघ कार्यालय पहुंचे थे प्रणब मुखर्जी, पढ़ाया था धर्मनिपेक्षता का पाठ

यूं ही नहीं दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है हिंदुस्तान. इसको बड़ा बनाता है हमारे बड़े नेताओं का बड़प्पन जिसमें वैचारिक मतभेद कभी संवैधानिक और मानवीय मर्यादाओं के आड़े नहीं आते. ऐसी ही महानता पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कदमों से मिलान करके चलती थी. तभी तो उनकी बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हो जाते हैं और उनका गला रुंध जाता है.

राष्ट्रपति बनने से पहले प्रणब मुखर्जी ने 5 दशक तक कांग्रेस में रहकर राजनीति की और सरकार से लेकर संगठन में बड़े पदों पर रहे. लेकिन 2014 में जब केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनी तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी थे. तब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के रूप में दोनों नेताओं ने अपना जो रिश्ता जोड़ा उसको बेहद मजबूती से निभाया.  

2017 में प्रणब दा राष्ट्रपति भवन से बाहर निकले तो भी उनके सम्मान में प्रधानमंत्री मोदी के हाथ हमेशा जुड़े रहे और लोग उस समय दंग रह गए जब पिछले साल मोदी सरकार ने प्रणब दा को सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न देने का ऐलान किया. प्रणब दा राजनीति की उस जमात से आते थे जहां राजनीतिक छुआछूत के लिए कोई जगह नहीं थी. इसलिए जिस अटल बिहारी वाजपेयी से संसद में तीखी बहस होती थी, उनसे भी प्रणब दा के बहुत मधुर संबंध रहे. उन संबंधों की भावुक झलक तब दिखी जब वाजपेयी को भारत रत्न से नवाजने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उनके घर पहुंचे थे.

संघ कार्यालय पहुंचे थे प्रणब मुखर्जी

2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी को प्रचंड बहुमत मिला. उस बहुमत की जिम्मेदारी निभाने से पहले वो प्रणब दा से मिलने उनके घर पहुंचे थे. तब प्रणब मुखर्जी ने अपने हाथों से उनको मिठाई खिलाई थी. लेकिन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के संबंधों से आगे सियासी हंगामा तब मचा जब 2018 में आरएसएस ने प्रणब मुखर्जी को अपने कार्यक्रम में आने का न्योता दिया. तब कांग्रेस ने ही नहीं बल्कि उनकी बेटी ने भी अपने पिता से अपील की कि वो संघ के कार्यक्रम में न जाएं.

लेकिन प्रणब दा आरएसएस के कार्यक्रम में नागपुर पहुंचे. वहां उन्होंने आरएसएस के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार को बड़ी शिद्दत से याद किया, जो हिंदुओं का सबसे बड़ा सगठन खड़ा करने से पहले कांग्रेस के नेता थे. संघ के कार्यक्रम में प्रणब दा गए तो जरूर लेकिन संघ की एक परंपरा भी उनकी वजह से टूटी. संघ में किसी मुख्य अतिथि के बोलने के बाद सरसंघचालक का भाषण होता है लेकिन प्रणब मुखर्जी के मामले में वो परंपरा टूट गई. वहां भी प्रणब दा ने धर्मनिरपेक्षता के अपने मूल्यों की अलख जगा दी. प्रणब दा ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में संवाद की भूमिका को हमेशा तवज्जो दी. वही भूमिका उनको अपने समकालीन नेताओं से अलग करती थी.

International Overdose Awareness Day: ओवरडोज के शिकार व्यक्ति की ऐसे करें मदद

डॉक्टरों की सलाह के बिना दवाइयों के सेवन से ओवरडोज हो सकता है.

ओवरडोज के प्रति आगाह करने के लिए हर साल दिवस मनाया जाता है.

नई दिल्ली

उल्टी, बेहोशी और शरीर का लंगड़ापन ओवरडोज के कुछ लक्षण होते हैं. इसके प्रति जागरुकता फैलाने के लिए 31 अगस्त को विश्व ओवरडोज दिवस मनाया जाता है. कोविड महामारी ने न सिर्फ बेचैनी और डर बढ़ाया है बल्कि खुद से दवा लेने को भी मजबूर किया है. डॉक्टरों से मुलाकात नहीं होने पर लोग तनाव, अनिश्चितता, जीवन शैली में बदलाव और नींद की समस्या के लिए खुद से दवाई लेने लगे हैं. आम तौर पर लोग अनिद्रा के लिए वही दवाई इस्तेमाल कर रहे हैं जिसका डॉक्टरों ने उनके परिचितों को बताया है. हालांकि दवाई के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर को बताया जाना जरूरी है. लेकिन डॉक्टर को बिना बताए खुद से दवा लेने पर मात्रा का ध्यान नहीं रह पाता. मानसिक परेशानी से गुजरनेवाले भी तनाव और दर्द को कम करने की खातिर ओवरडोज की तरफ चले जाते हैं. अनिद्रा की समस्या पर जीवन शैली में बदलाव से काबू पाया जा सकता है.

हिप्नोटिक्स की अधिकता सेंट्रल नर्वस सिस्टम को धीमा कर देता है. प्रभावकारी होने के बजाए इसके हानिकारक लक्षण हो सकते हैं. प्रमुख लक्षणों में जागते हुए बेखबर होना, उल्टी, शरीर का लंगड़ापन, चेहरे का पीला होना, नाखुनों का नीला होना, अनियमित दिल की धड़कन, सांस लेने में तकलीफ, खर्राटा इत्यादी हैं.

मेडिकल ओवरडोज के संदिग्ध के साथ ये न करें

खर्राटा, गड़गड़ाना के लक्षणों को नजरअंदाज करें. ये सांस लेने में तकलीफ का लक्षण भी हो सकता है. बेहतर है ऐसे शख्स को अकेला छोड़ दें. उल्टी आने पर पीड़ित को खाना या पीना न दें.

ज्यादा दवा इस्तेमाल करनेवाले की ऐसे मदद करें

एंबुलेंस को बुलाएं

सांस लेने में अगर शख्स को दुश्वारी आ रही है तो तो CPR मुहैया कराने की तैयारी करें

अगर शख्स बेहोश हो गया है तो उसे ठीक होनेवाली स्थिति में रखें

डॉक्टर को मरीज के सेहत और ओवरडोज दवाइयों की जानकारी दें